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View Full Version : भारत के दस दर्शनीय स्थल जहाँ आप जाना चाहेंगे ?



mantu007
04-12-2011, 07:46 PM
मित्रो यहाँ आप सभी अपने अपने पसंद के दस जगहों के नाम बताइए जहाँ आप बार बार जाना चाहेंगे ...
अगर हो सके तो ये भी लिखे की वहां देखने लायक क्या क्या है ?
भारत के दस दर्शनीय स्थल जहाँ आप जाना चाहेंगे ?
अवस्य लिखे .........सिर्फ यहाँ घूमना मना है .

mantu007
04-12-2011, 08:48 PM
1. श्री वृन्दावन धाम
वृन्दावन का नाम आते ही मन पुलकित हो उठता है । योगेश्वर श्री कृष्ण की मनभावन मूर्ति आँखों के सामने आ जाती है । उनकी दिव्य आलौकिक लीलाओं की कल्पना से ही मन भक्ति और श्रद्धा से नतमस्तक हो जाता है । वृन्दावन को ब्रज का हृदय कहते है जहाँ श्री राधाकृष्ण ने अपनी दिव्य लीलाएँ की हैं । इस पावन भूमि को पृथ्वी का अति उत्तम तथा परम गुप्त भाग कहा गया है । पद्म पुराण में इसे भगवान का साक्षात शरीर, पूर्ण ब्रह्म से सम्पर्क का स्थान तथा सुख का आश्रय बताया गया है । इसी कारण से यह अनादि काल से भक्तों की श्रद्धा का केन्द्र बना हुआ है ।

2. मां भगवती कामाख्या मंदिर

देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि मेंशक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है.गुवाहाटी से 7 कि.मी की दूरी पर स्थित नीलांचल अथवा नीलशैल पर्वतमालाओं पर समुद्र तल से ८०० फीट ऊँचाई पर स्थित मां भगवती कामाख्या का सिद्ध शक्तिपीठ सती के इक्यावन शक्तिपीठों में सर्वोच्च स्थान रखता है.

3. नागालैंड
कोहिमा के सब्जी बाज़ार में आप को रंग बिरंगे कीडे मकोडे ,घोंघा आदि बिकते मिल जायेंगे..और तो और पानी की थैलियों में भरे जिंदा मेंढक बिकते दिखेंगे.
कुत्ते का मांस बड़े शोक से यहाँ के लोग खाते हैं.इस के अलावा सुअर, गाय, मुर्गा, बकरा, मछली भी इन्हें बहुत प्रिय है.सब्जियों में साग, पत्ते, नागा बैगन, बीन, पत्ता गोभी आदि खाते हैं.
पेयजल की बहुत दिक्कत है.पीने का पानी सरकार देती तो है मगर फिर भी कमी ही है.यहाँ तक कि ये लोग बरसात में छत से टपकने वाले पानी तक को एकत्र कर के रखते हैं.
पान और कच्ची सुपारी यहाँ के लोग बड़े शौक से खाते हैं वह चाहे महिला हो या पुरुष .हाँ..एक और ज़रूरी बात...नागालैंड dry area है!मतलब यहाँ मद्यपान निषेध है.

4. कान्*हा नेशनल पार्क
कान्*हा टाइगर रिजर्व के मध्*य प्रदेश में भाग मध्*य प्रदेश के मंडला और बालाघाट जिलों में है और ये सतपुड़ा की मयकल पहाडियों में स्थित है। यह स्*थान अपनी समृद्ध वनस्*पति और जीव जंतु के कारण अंतरराष्*ट्रीय ख्*याति प्राप्*त कर चुका है। कान्*हा के साल वृक्ष और बांस के जंगल, लंबे लंबे घास के मैदान और लहराती नदियां लगभग 940 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली हैं जो प्रोजेक्*ट टाइगर के तहत 1974 में बनाए गए कान्*हा टाइगर रिजर्व का केन्*द्र बनाती है और यह एक मनमोहक प्राकृतिक दृश्*य है। यह पार्क दुर्लभ बारा सींघा (सर्वस डूआसेली ब्रेंडेरी) का एक मात्र अधिवास है।
कान्*हा में स्*तनधारियों की लगभग 22 प्रजातियां पाई जाती है। इन्*हें बड़ी आसानी से देखा जा सकता है और ये हैं पट्टीदार पाम गिलहरी, आम लंगूर, भेडिए, जंगली सुअर, चीतल या चित्तीदार हिरण, बारासिंघा या स्*वाम्*प बीयर, सांभर और ब्*लैक बक। यहां कुछ कम सामान्*य प्रजातियां हैं बाघ, भारतीय खरगोश, ढोल, या भारतीय जंगली कुत्ता, बार्किंग डीयर, भारतीय भैंसा या गौर। यहां आने वाले दर्शक धैर्य रख कर इन जंतुओं का नजारा भी ले सकते हैं : भारतीय लोमड़ी, स्*लॉथ बीयर, पट्टीदार हाइना, जंगली बिल्*ली, चीता, माउस डीयर, चौसिंघा या चार सींग वाला एंटीलॉप, नील गाय, रेटल और साही। यह आरक्षित वन गोंडवाना वाले भाग पर बनाया गया है जहां पारम्*परिक रूप से और मुख्*यत: गोंड तथा बैगा जनजातियां निवास करती हैं। बैगा जनजातियां आम तौर पर ऊपरी घाटी में सीमित रहती हैं और मुख्*य माइकल श्रृंखला के पास दादर पाए जाते हैं।


5.गोवा
इसे ''पर्ल ऑफ ओरिएंट'' तथा ''पर्यटकों का स्*वर्ग'' कहते हैं। गोवा राज्*य भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है और इस तटीय पट्टी को कोंकण कहते हैं। यहां की मनमोहक सुंदरता और यहां के मंदिरों, गिरजाघरों और पुराने निवास स्*थानों की वास्*तुकलात्*मक भव्*यता गोवा को दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों का एक आकर्षण केन्*द्र बनाती है। उत्तर दिशा में गोवा की सीमा महाराष्*ट्र राज्*य से जोड़ती है और कर्नाटक राज्*य यहां के दक्षिण और पूर्व दिशा में है। पश्चिम की ओर अरब सागर का विशाल विस्*तार यहां की भव्*य तटीय रेखा बनाता है, जिसके लिए गोवा दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

यहां के प्रमुख पर्यटन केन्*द्र हैं कोलवा, कालंगुट, वेगाटोर, बागा, हर्मल, अंजना और मीरामार तट; पुराने गोवा में बेसिलिका ऑफ बोम जिसिस तथा संत केथेड्रल गिरजाघर; कावलेन, मारडोल, मंगुएशी, बंदोरा मंदिर; अगुवाडा, तेरेखोल, चपोरा, काबो डी रामा किलो; दुध सागर और हरवालेम जन प्रपात और मायेम लेक रिजॉर्ट। राज्*य में समृ*द्ध वन्*य जीवन अभयारण्*य जो हैं बोंदला, कोटीगोआ, मोलेम और डॉक्*टर सलीम अली पक्षी अभयारण्*य जो चौराओ क्षेत्र में है और 354 वर्ग किलो मीटर के क्षेत्र फल में फैला है।
इसकी प्राकृतिक सुंदरता के अलावा यहां के प्रसिद्ध तट और सूर्य की धूप पर्यटकों को गोवा की ओर खींचती है जो यहां के शांति प्रिय, अतिथि सत्*कार करने वाले और दोस्*ताना व्*यवहार रखने वाले लोगों के कारण अधिक आकर्षक है। कुल मिलाकर यहां वे सब बातें हैं जो पृथ्*वी अन्*य किसी स्*थान पर नहीं है, यह एक ऐसा स्*थान है जहां आकर लोग वास्*तव में मन को शांत कर सकते हैं।

Badtameez
04-12-2011, 08:48 PM
मित्र क्या जगह के नाम के अतिरिक्त उनकी जानकारी भी देनी है?

mantu007
04-12-2011, 08:53 PM
6. पहलगाम

पहलगाम समुद्र तल से लगभग 2130 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। पहलगाम श्रीनगर जम्*मू और कश्*मीर से 95 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। पहलगाम खेल प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्*थल है। यहां आश्*चर्य जनक ट्रेकिंग, स्*काइंग, पर्वतों पर चढ़ाई और कैम्पिंग के स्*थान हैं। पहलगाम में फर से ढके हुए पर्वत, बर्फ से ढकी हुई चोटियां दिखाई देती है। अरु नदी कोला होई ग्*लेशियर से लिडर वॉट के आगे बहती है और शेष नाग हिमालय पर्वत के साथ बहता है।

7. लद्दाख

लद्दाख सुंदर भौतिक विशेषताओं वाली एक आकर्षक भूमि है जहां सुंदर और मनोहारी परिवेश है। यह दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा हुआ स्*थान है जो उत्तर में करकोराम तथा दक्षिण में हिमालय पर्वत। इसमें दो समानांतर पर्वत श्रृंखलाएं चलती हैं, लद्दाख श्रृंखला और जनस्*कार श्रृंखला। लद्दाख में विहंगम और अद्भुत सुंदरता की दृश्*यावली के साथ रोमांचकारी खेलों का भी विकल्*प उपलब्*ध है। इसमें मुख्*य रूप से रिवर राफ्टिंग, पहाड़ पर चढ़ाई और ट्रेकिंग शामिल है। पश्मीना के लिए प्रसिद्ध उत्तरी लद्दाख के ऊंचे स्*थान से और पश्चिमी तिब्*बत से लेह के रास्*ते श्री नगर आने वाले रास्*ते पर कुशल दस्*तकार इन शौलों को बनाते हैं, जो दुनिया भर में अपने कोमल स्*वरूप और गर्मी के लिए मशहूर हैं।

mantu007
04-12-2011, 08:54 PM
मित्र क्या जगह के नाम के अतिरिक्त उनकी जानकारी भी देनी है?
नहीं मित्र .ये जरुरी नहीं है .सिर्फ आप जगह का नाम लिख सकते हैं

Badtameez
04-12-2011, 08:54 PM
1. श्री वृन्दावन धाम
वृन्दावन का नाम आते ही मन पुलकित हो उठता है । योगेश्वर श्री कृष्ण की मनभावन मूर्ति आँखों के सामने आ जाती है । उनकी दिव्य आलौकिक लीलाओं की कल्पना से ही मन भक्ति और श्रद्धा से नतमस्तक हो जाता है । वृन्दावन को ब्रज का हृदय कहते है जहाँ श्री राधाकृष्ण ने अपनी दिव्य लीलाएँ की हैं । इस पावन भूमि को पृथ्वी का अति उत्तम तथा परम गुप्त भाग कहा गया है । पद्म पुराण में इसे भगवान का साक्षात शरीर, पूर्ण ब्रह्म से सम्पर्क का स्थान तथा सुख का आश्रय बताया गया है । इसी कारण से यह अनादि काल से भक्तों की श्रद्धा का केन्द्र बना हुआ है ।

2. मां भगवती कामाख्या मंदिर

देवी भागवत पुराण में 108, कालिकापुराण में छब्बीस, शिवचरित्र में इक्यावन, दुर्गा शप्तसती और तंत्रचूड़ामणि मेंशक्ति पीठों की संख्या 52 बताई गई है.गुवाहाटी से 7 कि.मी की दूरी पर स्थित नीलांचल अथवा नीलशैल पर्वतमालाओं पर समुद्र तल से ८०० फीट ऊँचाई पर स्थित मां भगवती कामाख्या का सिद्ध शक्तिपीठ सती के इक्यावन शक्तिपीठों में सर्वोच्च स्थान रखता है.

3. नागालैंड
कोहिमा के सब्जी बाज़ार में आप को रंग बिरंगे कीडे मकोडे ,घोंघा आदि बिकते मिल जायेंगे..और तो और पानी की थैलियों में भरे जिंदा मेंढक बिकते दिखेंगे.
कुत्ते का मांस बड़े शोक से यहाँ के लोग खाते हैं.इस के अलावा सुअर, गाय, मुर्गा, बकरा, मछली भी इन्हें बहुत प्रिय है.सब्जियों में साग, पत्ते, नागा बैगन, बीन, पत्ता गोभी आदि खाते हैं.
पेयजल की बहुत दिक्कत है.पीने का पानी सरकार देती तो है मगर फिर भी कमी ही है.यहाँ तक कि ये लोग बरसात में छत से टपकने वाले पानी तक को एकत्र कर के रखते हैं.
पान और कच्ची सुपारी यहाँ के लोग बड़े शौक से खाते हैं वह चाहे महिला हो या पुरुष .हाँ..एक और ज़रूरी बात...नागालैंड dry area है!मतलब यहाँ मद्यपान निषेध है.

4. कान्*हा नेशनल पार्क
कान्*हा टाइगर रिजर्व के मध्*य प्रदेश में भाग मध्*य प्रदेश के मंडला और बालाघाट जिलों में है और ये सतपुड़ा की मयकल पहाडियों में स्थित है। यह स्*थान अपनी समृद्ध वनस्*पति और जीव जंतु के कारण अंतरराष्*ट्रीय ख्*याति प्राप्*त कर चुका है। कान्*हा के साल वृक्ष और बांस के जंगल, लंबे लंबे घास के मैदान और लहराती नदियां लगभग 940 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली हैं जो प्रोजेक्*ट टाइगर के तहत 1974 में बनाए गए कान्*हा टाइगर रिजर्व का केन्*द्र बनाती है और यह एक मनमोहक प्राकृतिक दृश्*य है। यह पार्क दुर्लभ बारा सींघा (सर्वस डूआसेली ब्रेंडेरी) का एक मात्र अधिवास है।
कान्*हा में स्*तनधारियों की लगभग 22 प्रजातियां पाई जाती है। इन्*हें बड़ी आसानी से देखा जा सकता है और ये हैं पट्टीदार पाम गिलहरी, आम लंगूर, भेडिए, जंगली सुअर, चीतल या चित्तीदार हिरण, बारासिंघा या स्*वाम्*प बीयर, सांभर और ब्*लैक बक। यहां कुछ कम सामान्*य प्रजातियां हैं बाघ, भारतीय खरगोश, ढोल, या भारतीय जंगली कुत्ता, बार्किंग डीयर, भारतीय भैंसा या गौर। यहां आने वाले दर्शक धैर्य रख कर इन जंतुओं का नजारा भी ले सकते हैं : भारतीय लोमड़ी, स्*लॉथ बीयर, पट्टीदार हाइना, जंगली बिल्*ली, चीता, माउस डीयर, चौसिंघा या चार सींग वाला एंटीलॉप, नील गाय, रेटल और साही। यह आरक्षित वन गोंडवाना वाले भाग पर बनाया गया है जहां पारम्*परिक रूप से और मुख्*यत: गोंड तथा बैगा जनजातियां निवास करती हैं। बैगा जनजातियां आम तौर पर ऊपरी घाटी में सीमित रहती हैं और मुख्*य माइकल श्रृंखला के पास दादर पाए जाते हैं।


5.गोवा
इसे ''पर्ल ऑफ ओरिएंट'' तथा ''पर्यटकों का स्*वर्ग'' कहते हैं। गोवा राज्*य भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है और इस तटीय पट्टी को कोंकण कहते हैं। यहां की मनमोहक सुंदरता और यहां के मंदिरों, गिरजाघरों और पुराने निवास स्*थानों की वास्*तुकलात्*मक भव्*यता गोवा को दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों का एक आकर्षण केन्*द्र बनाती है। उत्तर दिशा में गोवा की सीमा महाराष्*ट्र राज्*य से जोड़ती है और कर्नाटक राज्*य यहां के दक्षिण और पूर्व दिशा में है। पश्चिम की ओर अरब सागर का विशाल विस्*तार यहां की भव्*य तटीय रेखा बनाता है, जिसके लिए गोवा दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

यहां के प्रमुख पर्यटन केन्*द्र हैं कोलवा, कालंगुट, वेगाटोर, बागा, हर्मल, अंजना और मीरामार तट; पुराने गोवा में बेसिलिका ऑफ बोम जिसिस तथा संत केथेड्रल गिरजाघर; कावलेन, मारडोल, मंगुएशी, बंदोरा मंदिर; अगुवाडा, तेरेखोल, चपोरा, काबो डी रामा किलो; दुध सागर और हरवालेम जन प्रपात और मायेम लेक रिजॉर्ट। राज्*य में समृ*द्ध वन्*य जीवन अभयारण्*य जो हैं बोंदला, कोटीगोआ, मोलेम और डॉक्*टर सलीम अली पक्षी अभयारण्*य जो चौराओ क्षेत्र में है और 354 वर्ग किलो मीटर के क्षेत्र फल में फैला है।
इसकी प्राकृतिक सुंदरता के अलावा यहां के प्रसिद्ध तट और सूर्य की धूप पर्यटकों को गोवा की ओर खींचती है जो यहां के शांति प्रिय, अतिथि सत्*कार करने वाले और दोस्*ताना व्*यवहार रखने वाले लोगों के कारण अधिक आकर्षक है। कुल मिलाकर यहां वे सब बातें हैं जो पृथ्*वी अन्*य किसी स्*थान पर नहीं है, यह एक ऐसा स्*थान है जहां आकर लोग वास्*तव में मन को शांत कर सकते हैं।

मित्र !क्या नागालैंड के लोग आज भी नग्न रहते है।

Badtameez
04-12-2011, 08:59 PM
मैहर देवी (माँ शारदा मंदिर, म0प्र0)

mantu007
04-12-2011, 09:01 PM
8. केरल

पश्चिम में अरब सागर के साथ पूर्व में 500-2700 मीटर ऊंचे पश्चिमी घाट और 44 नदियों से घिरा हुआ केरल राज्*य एक अनोखी भौगोलिक विशेषता रखता है जहां एशिया के सबसे अधिक पर्यटक आते है। यहां का अच्*छा मौसम, लंबी तटीय रेखा के साथ शांत तट, पन्*ने के समान हरे पानी के लंबे दौर, हरे भरे पर्वतीय स्*थल, विशिष्*ट वन्*य जीवन और जल प्रपात केरल का दूसरा नाम है। आकर्षक हरे भरे बागान और धान के खेत के साथ आयुर्वेदिक स्*वास्*थ्*य अवकाश इस राज्*य का प्रमुख फोकस हैं और इसके अलावा सभी पर्यटक यहां आने के लिए केवल दो घण्*टे की दूरी तय करके एक स्*थान से दूसरे स्*थान पहुंच सकते हैं। यह एक ऐसा लाभ है जो अन्*य किसी पर्यटक स्*थल पर नहीं है।

केरल भारत का सबसे उन्*नत समाज में है। यहां के शत प्रतिशत लोग साक्षर हैं और यहां विश्*व स्*तरीय स्*वास्*थ्*य परिचर्या प्रणालियां उपलब्*ध हैं। यहां भारत में सबसे कम शिशु मृत्*यु दर और सबसे अधिक जीवन अपेक्षा दर दर्ज की गई है। केरल भारत का सबसे अधिक साफ सुथरा राज्*य होने के अलावा यहां जीवन की गुणवत्ता अच्*छी, शांत और पवित्र है।


9. मनाली
कुल्*लू से उत्तर दिशा में केवल 40 किलो मीटर की दूरी पर लेह की ओर जाने वाले राष्*ट्रीय राजमार्ग पर घाटी के सिरे के पास मनाली स्थित है। यहां का परिदृश्*य आपकी सांसें रोक लेता है। सबसे पहले आपको बर्फ से ढकी हुई पहाडियां, साफ पानी वाली व्*यास नदी दिखाई देती है। दूसरी ओर देवदार और पाइन के पेड़, छोटे छोटे खेत और फलों के बागान दिखाई देते हैं। यह छुट्टियां बिताने के लिए आदर्श स्*थान है और लाहुल, स्*पीति, बारा भंगल (कांगड़ा) और जनस्*कर पर्वत श्रृंखला पर चढ़ाई करने वालों के लिए यह एक मनपसंद स्*थान है। मंदिरों से अनोखी चीजों तक, यहां से मनोरम दृश्*य और रोमांचकारी गतिविधियां मनाली को हर मौसम और सभी प्रकार के यात्रियों के बीच लोकप्रिय बनाती हैं।

10. कुल्*लू
कुल्*लू घाटी को पहले कुलंथपीठ कहा जाता था। कुलंथपीठ का शाब्दिक अर्थ है रहने योग्*य दुनिया का अंत। कुल्*लू घाटी भारत में देवताओं की घाटी रही है। कुल्*लू गर्मी के मौसम में लोगों का एक मनपसंद गंतव्*य है। मैदानों में तपती धूप से बच कर लोग हिमाचल प्रदेश की कुल्*लू घाटी में शरण लेते हैं। यहां के मंदिर, सेब के बागान और दशहरा हजारों पर्यटकों को कुल्*लू की ओर आकर्षित करते हैं। यहां के स्*थानीय हस्*तशिल्*प कुल्*लू की सबसे बड़ी विशेषता है। कुल्*लू में सुंदर पहाडियों और व्*यास नदी के आस पास बनी हिल रिजॉर्ट में अवश्*य जाएं।

mantu007
04-12-2011, 09:02 PM
मित्र !क्या नागालैंड के लोग आज भी नग्न रहते है।हाँ मित्र .वहां आज भी लोग नग्न रहते हैं .बहरी लोगों को जाने के लिए वहां एक अलग से प्रवेश पत्र लेनी पड़ती है

Badtameez
04-12-2011, 09:04 PM
मित्रो यहाँ आप सभी अपने अपने पसंद के दस जगहों के नाम बताइए जहाँ आप बार बार जाना चाहेंगे ...अगर हो सके तो ये भी लिखे की वहां देखने लायक क्या क्या है ?भारत के दस दर्शनीय स्थल जहाँ आप जाना चाहेंगे ?अवस्य लिखे .........सिर्फ यहाँ घूमना मना है . अच्छे सूत्र के लिए++++++++++

mantu007
04-12-2011, 09:07 PM
अच्छे सूत्र के लिए++++++++++धन्यवाद मित्र ..........आप भी सूत्रों में योगदान करते रहे ........धन्यवाद

Badtameez
04-12-2011, 09:07 PM
हाँ मित्र .वहां आज भी लोग नग्न रहते हैं .बहरी लोगों को जाने के लिए वहां एक अलग से प्रवेश पत्र लेनी पड़ती हैतो ठण्डे में क्या करते होंगे?कैसे जीते होगें?

Badtameez
04-12-2011, 09:11 PM
मुम्बई (महाराष्ट्र)

mantu007
04-12-2011, 09:11 PM
तो ठण्डे में क्या करते होंगे?कैसे जीते होगें?उन लोगों की आदत है भाई .........वे लोग उस ठन्डे को सह लेते हैं .उनका शरीर भी वैसा हो गया है की किसी भी प्राकृतिक आपदा को झेल सकें

Badtameez
04-12-2011, 09:15 PM
उन लोगों की आदत है भाई .........वे लोग उस ठन्डे को सह लेते हैं .उनका शरीर भी वैसा हो गया है की किसी भी प्राकृतिक आपदा को झेल सकेंशायद जानबरों की खाल तो नहीं न पहनते होगे?

mantu007
04-12-2011, 09:18 PM
शायद जानबरों की खाल तो नहीं न पहनते होगे?नहीं भाई कुछ ही लोग पूर्ण नग्न रहते हैं

mantu007
04-12-2011, 09:20 PM
http://mountainparadisetour.com/siteimages/nagaland-people.jpg

Badtameez
04-12-2011, 09:27 PM
नहीं भाई कुछ ही लोग पूर्ण नग्न रहते हैंएक बार मैं आपके बिहार में जो माता मुंडेश्वरी का धाम है,वहीं जा रहा था तो रास्ते में मैंने पूर्ण नग्न आदिवासियो को देखा ।ये आठ दस थे।महिलाएँ भी थी किन्तु वो पूर्ण नग्न नहीं थीं।

mantu007
04-12-2011, 09:29 PM
एक बार मैं आपके बिहार में जो माता मुंडेश्वरी का धाम है,वहीं जा रहा था तो रास्ते में मैंने पूर्ण नग्न आदिवासियो को देखा ।ये आठ दस थे।महिलाएँ भी थी किन्तु वो पूर्ण नग्न नहीं थीं।

अरे यार मेरा घर तो उधर ही है ....मैंने तो यार नहीं देखि कभी ....हो सकता है भाई

deep deep
05-12-2011, 03:52 AM
अच्छे सूत्र के लिए++++++++++ ,,,,,,,,,,,

mantu007
05-12-2011, 08:48 AM
इस सुत्र की बधाई हो आपको ...........धन्यवाद मित्र .....अगर आप भी अपने कुछ मनपसंद जगहों के नाम लिखते तो हम लोगो को भी अच्छा लगता ,,,,,,,,,,

prince of meerut
05-12-2011, 10:41 AM
१. गोवा
२. केरल
३. कश्मीर
४. हिमाचल प्रदेश
५. हेदराबाद
६. बंगलुरु
७. राजस्थान
८. लखनऊ
९. मुंबई
१०. दार्जलिंग

mantu007
05-12-2011, 11:15 AM
१. गोवा
२. केरल
३. कश्मीर
४. हिमाचल प्रदेश
५. हेदराबाद
६. बंगलुरु
७. राजस्थान
८. लखनऊ
९. मुंबई
१०. दार्जलिंगधन्यवाद मित्र .अपनी पसंद की जगह बताने के लिए ...........

lotus1782
07-12-2011, 07:01 PM
बढ़िया सूत्र है ...............लगे रहो

mantu007
07-12-2011, 07:09 PM
बढ़िया सूत्र है ...............लगे रहोअपना भी दस पसंदीदा जगह के नाम दे डालो ...........

dineshsaini1982
07-12-2011, 07:18 PM
सूत्र के लिये बधाई मित्र

mantu007
07-12-2011, 07:29 PM
सूत्र के लिये बधाई मित्रक्या भाई आपका कोई भी पसंद का जगह नहीं है क्या भारत में ?

Lovely.indian
07-12-2011, 07:36 PM
उत्तम सूत्र .......

mantu007
07-12-2011, 07:39 PM
उत्तम सूत्र .......
लगता है आपलोग मेरे सूत्र को बंद करवा के ही रहोगे .........

nitin9935
07-12-2011, 09:22 PM
मेरी पसंद कि जगह इस प्रकार हैं
१. वृन्दावन
२. झुंझनू (रानी सती का मंदिर)
३. महाबलेश्वर
४. कसौली (H.P.)
५. चम्बा
६. कौसानी (उत्तराखंड )
७. कान्हा टाइगर रिजर्व
८. नैनीताल
९. पूरी
१०. चैल (H.P.)

अगर किसी के बारे में जानकारी चाहिए तो बताएं

badboy123455
07-12-2011, 10:23 PM
अच्छा सूत्र हे........

mantu007
08-12-2011, 02:30 AM
अच्छा सूत्र हे........कम से कम आप तो दस अपने पसंदीदा जगह का नाम लिख देते ..........

Badtameez
08-12-2011, 08:33 AM
ये लीजिए मंटू जी.
.
.
1-अर्वालम की मानव निर्मित गुफाएँ-गोवा
2-एलीफैंटा की गुफा-महाराष्ट्र
3-जयपुर की वेधशाला-(जंतर-मंतर)
4-खजुराहो-मध्यप्रदेश
5-स्वर्ण मंदिर-पंजाब
6-कन्याकुमारी
7-ताजमहल-आगरा
8-लालकिला-दिल्ली
9-अजन्ता एलोरा की गुफाएँ
10-कोलकाता

Lovely.indian
08-12-2011, 08:43 AM
अल्मोड़ा और खंडाला के बारे में जानकारी देने का कष्ट करें मित्र

badboy123455
08-12-2011, 04:58 PM
कम से कम आप तो दस अपने पसंदीदा जगह का नाम लिख देते ..........


देखि हुई या बिना देखि.......

badboy123455
08-12-2011, 04:59 PM
आती क्या खंडाला...........