View Full Version : सामान्य मंच के ओरिजिनल (जो कि पहले से नेट पे नहीं है ) सूत्र
sultania
19-12-2011, 10:14 PM
भाइयो मैंने देखा है की इस फोरम पे हमेशा कॉपी पेस्ट सूत्रो पे हो हल्ला होता रहता है, इसके बीच समान्य मंच के ओरिजनल सूत्रो की चर्चा दब जाती है, या होती ही नहीं है ,
सच तो ये है की अपने फोरम मैं अनेक सूत्र ओरिजनल है ,
जिसकी वजह से ही ये आप सब का फोरम तरक्की कर रहा है ,
आइये उन्हे देखे ॥
माननीय सदस्य गण भी ऐसे सूत्रो को बताये ॥
sultania
19-12-2011, 10:15 PM
सभी से निवेदन है की इस सूत्र मैं मोलिक रचना करने वालो को सम्मान दे, उनका उत्साहवर्धन करे ॥
Badtameez
19-12-2011, 10:20 PM
आपको शत-शत नमन सुल्तानिया जी। क्या खूब सूत्र निर्माण किया है! रेपो कल अवश्य दूँगा।
sultania
19-12-2011, 10:30 PM
अपनी कल्पना,अपना काव्य
मित्र आपका ये ओरिजनल सूत्र है , शानदार कार्य
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=10324
कृपया कुछ बताये इसके बारे मैं
Badtameez
19-12-2011, 11:08 PM
अपनी कल्पना,अपना काव्य
मित्र आपका ये ओरिजनल सूत्र है , शानदार कार्य
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=10324
कृपया कुछ बताये इसके बारे मैं
आपका आभार मित्र!!!!!!!!!!!!
sultania
19-12-2011, 11:08 PM
मंच- सामान्य मंच - मेराभारत - उपभोक्ता जागरुकता , - सूत्र का नाम निवेश का ककहारा
इस मोलिक सूत्र को देखे, मोलिकता का मतलब ये है की ये लेख अनतर्जाल (net) पे केवल इस फोरम avf पे ही है, या सबसे पहले अपने फोरम avf पे आया है
छोटी लिंक 1 पेज
http://antarvasna.com/forum/archive/index.php/t-1682.html
ओरिजनल लिंक
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=1682
sultania
19-12-2011, 11:09 PM
आपका आभार मित्र!!!!!!!!!!!!
मित्र अपने सूत्र की कुछ जानकारी दे
Badtameez
19-12-2011, 11:12 PM
मित्र अपने सूत्र की कुछ जानकारी दे
जैसे में आप क्या जानना चाहते हैं मित्र?
sultania
19-12-2011, 11:16 PM
जैसे में आप क्या जानना चाहते हैं मित्र?
क्या आप खुद कवि है मित्र कई तरह के विषयो पे आपकी रचनाये है
sultania
19-12-2011, 11:25 PM
मंच- सामान्य मंच - मेराभारत - उपभोक्ता जागरुकता , - सूत्र का नाम निवेश का ककहारा
इस मोलिक सूत्र को देखे, मोलिकता का मतलब ये है की ये लेख नेट पे केवल इस फोरम पर या सबसे पहले अपने फोरम पे है
छोटी लिंक 1 पेज
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ओरिजनल लिंक
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=1682
anoopverma, अनूप वर्मा जी ने इस सूत्र को बनाया है, अपडेट का इंतजार रहेगा
Badtameez
19-12-2011, 11:27 PM
क्या आप खुद कवि है मित्र कई तरह के विषयो पे आपकी रचनाये हैदेखिए मित्र! मैं अपने मुँह से तो नहीं कह सकता हूँ कि मैं कवि हूँ। हाँ, मैं लिखता अवश्य हूँ। पता नहीं कैसा लिखता हूँ मुझे ज्ञात नहीं।जब मैं 15 साल का था तभी कुछ कुछ लिखने लगा। पहले बच्चों की कविताएं लिखता था फिर धीरे-धीरे अनुभव बढने लगा तो दूसरे विषयों पर लिखने लगा। पिछले दो साल से मैं भोजपुरी गीत खूब लिख रहा हूँ।
sultania
19-12-2011, 11:30 PM
देखिए मित्र! मैं अपने मुँह से तो नहीं कह सकता हूँ कि मैं कवि हूँ। हाँ, मैं लिखता अवश्य हूँ। पता नहीं कैसा लिखता हूँ मुझे ज्ञात नहीं।जब मैं 15 साल का था तभी कुछ कुछ लिखने लगा। पहले बच्चों की कविताएं लिखता था फिर धीरे-धीरे अनुभव बढने लगा तो दूसरे विषयों पर लिखने लगा। पिछले दो साल से मैं भोजपुरी गीत खूब लिख रहा हूँ।
मित्र एक भोजपुरी गीत जो की आपने खुद से लिखा है , यहा दे
फोरम पे आपकी रंगीन ओर सार्थक दोनों तरह की रचनाये पूरा रंग जमा रही है ।
Badtameez
19-12-2011, 11:34 PM
मित्र एक भोजपुरी गीत जो की आपने खुद से लिखा है , यहा दे
फोरम पे आपकी रंगीन ओर सार्थक दोनों तरह की रचनाये पूरा रंग जमा रही है ।
किन्तु मित्र क्या सबको समझ में आएगा भोजपुरी गीत?
sultania
19-12-2011, 11:36 PM
किन्तु मित्र क्या सबको समझ में आएगा भोजपुरी गीत?
हाँ हाँ क्यों नहीं , हिन्दी मैं भावार्थ भी बता देना ॥
Badtameez
19-12-2011, 11:41 PM
हाँ हाँ क्यों नहीं , हिन्दी मैं भावार्थ भी बता देना ॥
अच्छा ठीक है।तब अपनी कल्पना अपना काव्य पर चलता हूँ मित्र। वो भी आपके द्वारा दिये गये लिंक के सहारे।
sultania
19-12-2011, 11:48 PM
Antarvasna Forum > सामान्य मंच > मेरा भारत > छोटा पर्दा >
सूत्र का नाम - क्या MTV रोडीज और Bindaas दादागिरी जैसे शोज़ में प्रतिभागियों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार सही है?
ये भी बिलकुल चर्चा करने हेतु बना मोलिक सूत्र है
चर्चा आरंभ कर्ता/ सूत्र धारक Prince of India जी है ...
छोटी लिंक 1 पेज
http://antarvasna.com/forum/archive/index.php/t-2751.html
ओरिजनल लिंक
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=2751
sultania
19-12-2011, 11:49 PM
अच्छा ठीक है।तब अपनी कल्पना अपना काव्य पर चलता हूँ मित्र। वो भी आपके द्वारा दिये गये लिंक के सहारे।
यही लिख दो मित्र , अच्छा लगेगा , हाथ कंगन को आरसी क्या वाली बात हो जायेगी
sultania
20-12-2011, 12:04 AM
Antarvasna Forum > सामान्य मंच > मेरा भारत > *** सत्ता के पुजारी : भारत के लिए अभिशाप ***
इस सूत्र पे मोलिक चर्चा हो रही थी 15 रिपलाय के बाद बंद हो गयी , आज भी चर्चा की प्रांगसिकता है, चर्चा आरंभ कर्ता
Pooja1990 QUEEN जी से निवेदन है की मोलिक चर्चा फिर से शुरू करे
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=159
Badtameez
20-12-2011, 01:12 AM
यही लिख दो मित्र , अच्छा लगेगा , हाथ कंगन को आरसी क्या वाली बात हो जायेगी
माफ करें मित्र! जब आप ये पोस्ट कर रहें थें तो मैं अपनी कल्पना अपना काव्य पर आपकी फरमाईश पूरी करनें में लगा था । कृपया वहीं जाकर पढ लीजिए। मैंने टाइपिंग बहुत मेहनत से की है क्योंकि मैं मोबाइल से हूँ।
sultania
20-12-2011, 01:28 AM
माफ करें मित्र! जब आप ये पोस्ट कर रहें थें तो मैं अपनी कल्पना अपना काव्य पर आपकी फरमाईश पूरी करनें में लगा था । कृपया वहीं जाकर पढ लीजिए। मैंने टाइपिंग बहुत मेहनत से की है क्योंकि मैं मोबाइल से हूँ।
वाह वाह क्या शानदार मोलिक गीत है, हिन्दी से पूरा समझ आता है, शुक्रिया मित्र आपका काम काबिले तारीफ है
मित्रों अब मैं अपने परम मित्र सुल्तानिया जी की फरमाईश पर एक भोजपुरी गीत प्रस्तुत करने जा रहा हूँ।
दोस्तों समय आज कुछ ऐसा आ गया है कि हम देख रहे है कि जो सच्चाई पर चल रहा है, जो सीधा सादा है उसे बहुत कठिनाईयां झेलनी पङ रही है। सच्चाई पर चलने वाले व्यक्ति की हार हो रही है। इस गीत में एक लङका माँ दुर्गा के मंदिर में जाकर, उनकी प्रतिमा के समक्ष खङा होकर, माँ से इसी सामाजिक विषमता की शिकायत कर रहा है।कह रहा है कि हे माता ! आज सच्चाई पर जो चल रहा उसकी हार हो जा रही है देखिए ये कैसा संसार हो गया है। शेष गीत में प्रस्तुत है -
.
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साच पर जे चलल ओकर हार हो गईल ।
मईया देखा ना इ कईसन संसार हो गईल।
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--------------------1------------------
चोरी करे केहू अऊरी केहू पकङाता
जेकर नईखे दोष ओके सजा मिल जाता
ईमानदार क अब जीयल दुसवार हो गईल।
मईया देखा न इ कईसन संसार हो गईल।
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--------------------2------------------
आदमी के आदमी अब देखल नईखे चाहत
बेबस आ गरीब के बा सब केहू डाहत
इंसानियत से सबकर बिगार हो गईल ।
मईया देखा न इ कईसन संसार हो गईल।
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------------------3--------------------
बाप माँ के अब संताने गरियावे
धन-दौलत खातिर भाई-भाई लङ जावे
नफरत लालच से सबके प्यार हो गईल ।
मईया देखा न इ कईसन संसार हो गईल।
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-------------------4----------------
करे बस देखावा खातिर लोग पूजा जाप हो
दुनिया में देखा नित बढ़ल जाता पाप हो
पाप पापियन के भरमार हो गईल ।
मईया देखा न इ कईसन संसार हो गईल ।
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----------------5------------------
कुल तोहार अँखिया के आगे होखल जाता
समय से पहीलहीं प्रलय होजी माता
'सौरभ' कहे ना तोहार अवतार हो गईल।
मईया देखा न इ कईसन संसार हो गईल।
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शब्दार्थ-
साच- सच्चाई
हो गईल - हो गया
केहू- कोई
पकङाता- पकङा रहा
मिल जाता- मिल जा रहा
क- का
जीयल- जीना
गरियावे- गाली देती है
जावें- जाते हैं
देखावा- दिखाने के लिए
बढ़ल जाता- बढते ही जा रहा है
होखल जाता- हो रहा है
पहीलहीं- पहले ही
होजी- हो जाएगा
ना- नहीं
तोहार- तुम्हारा
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गीत का भावार्थ-
सच्चाई पर जो चला उसकी हार हो गयी। हे माता! देखिए न ये कैसा संसार हो गया है?
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-------------------1----------------
चोरी कोई और करता है, पकङाता है कोई और। ईमानदार का अब जीना दुसवार हो गया है। हे माता! देखिए न ये कैसा संसार हो गया है ?
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------------------2-------------------
आदमी को आदमी अब देखना नहीं चाहता अर्थात ईर्ष्या कर रहा है। बेबस और गरीब को हर कोई सता रहा है । इंसानियत से सबका बिगाङ हो गया है, झगङा हो गया है। हे माता! देखिए न ये कैसा संसार हो गया है ?
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-----------------3------------------
माता पिता को अब संतान ही गाली दे रही है । धन-दौलत के लिए भाई-भाई लङ जा रहे हैं। नफरत और लालच से सबको प्यार हो गया है। हे माता ! देखिए न ये कैसा संसार हो गया है ।
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------------------4-----------------
अब लोग केवल दिखाने के लिए जप-तप, पूजा कर रहें हैं । दुनिया में तो पाप नित बढता ही जा रहा है। हे मात! देखिए न ये कैसा संसार हो गया है?
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-----------------5-------------------
हे माँ ! सब तो आपके आँखो के सामने ही हो रहा ( और आप कुछ नहीं कर रहीं है ) । सौरभ कहता है कि हे माता अगर आपका अवतार नहीं हुआ तो ( पाप बढ जाने के कारण ) समय से पहले ही प्रलय (कयामत) हो जाएगा । हे माता! देखिए न ये कैसा संसार हो गया है ?
sultania
20-12-2011, 01:50 AM
इस सूत्र मैं दिये गये सभी सूत्र की जानकारी पूरी तकनीकी जांच के बाद ही की गयी है, किसी को गलत लगे तो साक्ष्य के साथ रखे ,
sultania
20-12-2011, 02:03 AM
Antarvasna Forum के सामान्य मंच के सभी विभागो मैं क्रमश जा के आपको बताऊंगा की कोन कोन से ऐसे सूत्र है, जिसमे सूत्रधारक ने केवल इसी फोरम हेतु सूत्र का निर्माण किया ...ऐसे सूत्रधारको की मेहनत को इस फोरम का सलाम है ।
Badtameez
20-12-2011, 09:07 AM
वाह वाह क्या शानदार मोलिक गीत है, हिन्दी से पूरा समझ आता है, शुक्रिया मित्र आपका काम काबिले तारीफ है
धन्यवाद मित्र जी !आपने इस गीत को यहाँ भी ला दिया। मजा आ गया ।
Chandrshekhar
20-12-2011, 09:35 AM
सभी से निवेदन है की इस सूत्र मैं मोलिक रचना करने वालो को सम्मान दे, उनका उत्साहवर्धन करे ॥
जी जरूर मित्र, मोलिक सूत्र बनाने मैं काफी मेहनत ओर समय लगता है, पूरा खुद से लिखना होता है, जब भी किसी फोरम के सार्थक रिज़ल्ट की चर्चा होती है तो मोलिक रचनाओ को ही उसमे शामिल किया जाता है ॥
ऐसे सूत्र की प्रबंधन क्षेत्र मैं बहुत आवश्यकता थी ॥
इस सूत्र मैं जो भी सूत्र पोस्ट होंगे , उत्साह वर्धन के लिये मैं सभी सूत्र धारको को रेपो दूंगा , सभी मोलिक रचनाकर्ताओ को सलाम , उनका आभार ॥
Rated R
20-12-2011, 09:41 AM
http://antarvasna.com/forum/search.php?searchid=1332308
उनके द्वारा प्रराम्भित हर सूत्र
इस फोरम पर अगर किसी मौलिक रचनाकार को देखा है , तो वो है जेठालाल उर्फ़ केवड़ा..
उन्ही के द्वारा हिंदी रूपांतरित कॉमिक्स इस फोरम पर अन्य सदस्यों द्वारा पोस्ट की जाती रही है.....और अपने सारे सूत्रों के कंटेंट भी वो स्वयं लिखते है..वो एक साथ कई रचनाएं लेकर फोरम पर आते है और उन्हें पोस्ट कर चले जात है..उनका मुख्या कार्यक्षेत्र FSI है........ :)
Rated R
20-12-2011, 09:42 AM
अब अगर आप किसी भी कॉमिक्स पर केवड़ा का वाटरमार्क देखे तो समझ जाए की ये उन्ही के द्वारा रूपांतरित किया गया है........
Chandrshekhar
20-12-2011, 09:46 AM
धन्यवाद मित्र जी !आपने इस गीत को यहाँ भी ला दिया। मजा आ गया ।
सुरेश जी आपकी मोलिक प्रतिभा की पहचान हो चुकी है, किसी भी फोरम को आप जेसे सदस्यो की आवश्यकता/खोज रहती है, आपने अपनी मोलिक रचनाये इस फोरम पे प्रकाशित की, काफी अच्छा लगा ॥
Rated R
20-12-2011, 09:48 AM
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=6873
मौलिकता के परिक्षण के लिए आप इस सूत्र में दिए गए निर्देशों का पालन कर सकते है...!!
Chandrshekhar
20-12-2011, 09:51 AM
अरे अरे मित्र रुकिये सूत्र तो पूरा देख ले, ये सूत्र समान्य मंच के सूत्रो की चर्चा के लिये है, आप + 18 सूत्रो की बात पे विचार देने लगे , ये प्रबंधन का क्षेत्र है , यहा पे सूत्र से बाहर की पोस्ट ना करे , कुछ फोरम की इज्ज़त का भी ख्याल करे , इस क्षेत्र मैं भी स्पेम पोस्ट अच्छी बात नहीं , आशा है आप बात को स्वस्थ तरीके से समझ चुके होंगे , धन्यवाद ॥
Rated R
20-12-2011, 09:54 AM
अरे अरे मित्र रुकिये सूत्र तो पूरा देख ले, ये सूत्र समान्य मंच के सूत्रो की चर्चा के लिये है, आप + 18 सूत्रो की बात पे विचार देने लगे , ये प्रबंधन का क्षेत्र है , यहा पे सूत्र से बाहर की पोस्ट ना करे , कुछ फोरम की इज्ज़त का भी ख्याल करे , इस क्षेत्र मैं भी स्पेम पोस्ट अच्छी बात नहीं , आशा है आप बात को स्वस्थ तरीके से समझ चुके होंगे , धन्यवाद ॥
मैंने तो बस सदस्य की प्रशंशा की है.,.
और कुछ भी नहीं....
वैसे मैंने ध्यान नहीं दिया की ये सामान्य विभाग के लिए है..... :)
Rated R
20-12-2011, 09:54 AM
Teach Guru
http://www.copyscape.com/
ये एक तरह का "चुराई हुई सामग्री को सर्च करने वाला सर्च इंजन" है| यहाँ आप अपनी साईट का एड्रेस भरिये और ये आपको कुछ परिणाम (प्रीमियम अकाउंट में पुरे रिजल्ट्स) देगा ,जहाँ आपकी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है | साथ ही इसका एक टूल भी है, जिसे आप अपने ब्लॉग पर लगा लेंगे तो आपके ब्लॉग को कोई कॉपी नहीं कर सकेगा |
Chandrshekhar
20-12-2011, 09:58 AM
मैंने तो बस सदस्य की प्रशंशा की है.,.
और कुछ भी नहीं....
वैसे मैंने ध्यान नहीं दिया की ये सामान्य विभाग के लिए है..... :)
आश्चर्य लगा आपकी बात जान के , ........ध्यान दो यार ....फिर लिखो
Badtameez
20-12-2011, 10:08 AM
सुरेश जी आपकी मोलिक प्रतिभा की पहचान हो चुकी है, किसी भी फोरम को आप जेसे सदस्यो की आवश्यकता/खोज रहती है, आपने अपनी मोलिक रचनाये इस फोरम पे प्रकाशित की, काफी अच्छा लगा ॥
आदरणीय शेखर जी को प्रणाम! आपने मेरं बारे में सुन्दर विचार रखें आपका आभार!धन्यवाद!
sultania
20-12-2011, 11:03 AM
सभी सदस्यो का स्वागत ......
Badtameez
20-12-2011, 11:06 AM
सभी सदस्यो का स्वागत ......
धन्यवाद!.......................
sultania
21-12-2011, 05:30 PM
धन्यवाद!.......................
मित्र एक ओर मोलिक रचना इस सूत्र मैं दो ना
Badtameez
22-12-2011, 12:09 AM
आप किस तरह की मौलिक रचना चाहतें है मित्र?
Chandrshekhar
22-12-2011, 12:18 AM
आप किस तरह की मौलिक रचना चाहतें है मित्र?
गीत से संबन्धित मित्र कोई है तो दो ना .....
Badtameez
22-12-2011, 01:17 AM
गीत से संबन्धित मित्र कोई है तो दो ना .....
मित्रों (सुल्तानिया और शेखर जी) !
मैं अपनी कल्पना अपना काव्य पर लिखूंगा तो वहीं आपलोग पढ लीजिएगा।और चाहें तो वहाँ से कापी करके यहाँ पर ला दीजिएगा। इससे मेरा सूत्र भी गतिशील रहेगा।
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