View Full Version : मेला मित्रां दा
amol05
23-12-2011, 12:20 PM
जैसा की आप सभी जानते है हम सब माया जाल में हैं
जिसमे धोके ज्यादा होते है
परन्तु बहुत सारी सचाई भी होती है
:bell:उन्ही सचे मित्रों के लिए ये सूत्र शुरू कर रहा हूँ:bell:
:group-dance:central 14
amol05
23-12-2011, 12:22 PM
जैसा की आप सभी जानते है की
दिसंम्बर २५ २०११
को हमारी फोरम के बहुत सारे मित्र
मिलने वाले है दिल्ली में
“मेला मित्रां दा”
में
Badtameez
23-12-2011, 12:23 PM
बहुत ही बढिया।आगे चलिए।
Chandrshekhar
23-12-2011, 12:23 PM
वाह अच्छी बात है ....इस तरह के आयोजन होने ही चाहिये, मित्रो के मेले मेरी जानकारी अनुसार दो बार पहले भी लग चुके है ....
amol05
23-12-2011, 12:29 PM
में चाहता हूँ की जो भी मित्र उस मेले में आ रहे है
वो मेले के बाद के अनुभव इस सूत्र के माध्यम से सभी मित्रों/सदस्यों से बांटे
इससे हम सबके बिच आपसी प्यार और विश्वास और जायदा सदृढ़ होगा :group-dance:
amol05
23-12-2011, 12:30 PM
वाह अच्छी बात है ....इस तरह के आयोजन होने ही चाहिये, मित्रो के मेले मेरी जानकारी अनुसार दो बार पहले भी लग चुके है ....
हाँ जी मित्र में भी येही छठा हूँ की जब भी एशे आयोजन हो तो इस सूत्र की सहयता से सभी सदस्यों को इसकी जानकारी हो
amol05
23-12-2011, 12:32 PM
और मेले के बाद के अनुभव हम सब आपस में बांटे अगर प्रभंदन को कोई एतराज न हो तो
King_khan
23-12-2011, 12:33 PM
मेले मे आने वाले सभी मित्रोँ से मेरा अनुरोध है कि इस पल को ऐसे जियेँ की ये लम्हा आपके जीवन का यादगार लम्हा बन जाए
यदि सम्भव हो तो उन यादगार लम्होँ की तस्वीरेँ फोरम पर अवश्य चिपकाएं |
amol05
23-12-2011, 12:33 PM
और मेले से पूर्व/पश्चात कोई सुझाव हो तो वो भी बताये जिससे आगे भविष्य में सुधार किया जा सके
amol05
23-12-2011, 12:34 PM
मेले मे आने वाले सभी मित्रोँ से मेरा अनुरोध है कि इस पल को ऐसे जियेँ की ये लम्हा आपके जीवन का यादगार लम्हा बन जाए
यदि सम्भव हो तो उन यादगार लम्होँ की तस्वीरेँ फोरम पर अवश्य चिपकाएं |
आपका स्वागत है
अगर प्रभंदन से इसकी अनुमति मिल जाये तो फिर तो आनंद ही आनंद हो जायेगा
amol05
23-12-2011, 12:35 PM
में तो यह कहता हूँ की साल में १ बार तो कम से कम यह आयोजन होना ही चैये जिसमें सभी सदस्य आपस में मिल सके
Chandrshekhar
23-12-2011, 12:37 PM
आपका स्वागत है
अगर प्रभंदन से इसकी अनुमति मिल जाये तो फिर तो आनंद ही आनंद हो जायेगा
किस चीज की अनुमति भाई, सब मिल के मजे लो कोई रोक नहीं है ......
King_khan
23-12-2011, 12:40 PM
मुझे नही लगता है कि इससे प्रबंधन को कोई आपत्ति होगी |
love birds
23-12-2011, 12:41 PM
achhi baat hai dost aise mele hone cahiye main bhi mele mein ata magar meri gudiya bimar hai islie nahi a sakta baki meri taraf se sabhi dosto ko subhkamnaye
english ke lie mafi dosto
amol05
23-12-2011, 12:49 PM
दोस्तों इस सूत्र के माध्यम से मैं ये भी चाहता हूँ की अगर कोई भी सदस्य किसी दूसरे सदस्य से मिलता है तो वो भी यहा बताये की वे कब कहा मिले
amol05
23-12-2011, 12:51 PM
achhi baat hai dost aise mele hone cahiye main bhi mele mein ata magar meri gudiya bimar hai islie nahi a sakta baki meri taraf se sabhi dosto ko subhkamnaye
english ke lie mafi dosto
आपकी गुडिया जल्दी से ठीक हो जाएतो ये ही भगवानसे पार्थना है
आप आए जरोर्र चाहे थोड़ी देर के लियेही सही दोस्त आप आएंगे तो अच लगेगा
amol05
23-12-2011, 12:52 PM
जैसा की चाँद जी ने बताया की पहले भी २ बार इस तरह का आयोजन हो चूका है तो मं चाँद जी से अनुरोध करूँगा की वो उस बारे सभी को कुछ बताये..........
Chandrshekhar
23-12-2011, 12:53 PM
आपका स्वागत है
अगर प्रभंदन से इसकी अनुमति मिल जाये तो फिर तो आनंद ही आनंद हो जायेगा
भाई जेसे की आपको पता है मंच किसी सदस्य की पहचान के लिये अभी तक तो गंभीर नहीं है, अत: वो सीधे तोर पे समर्थन नहीं करेगा, मुझे मेरे पार्टी वाले सूत्र से ये पता है, हाँ शायद ऐसा करने से रोकेगा भी नहीं, आप लोग मस्ती करे , शुभकामनाए .........
amol05
23-12-2011, 12:54 PM
किस चीज की अनुमति भाई, सब मिल के मजे लो कोई रोक नहीं है ......
मेले कि फोटो सूत्र में लगाने की मित्र
amol05
23-12-2011, 12:56 PM
भाई जेसे की आपको पता है मंच किसी सदस्य की पहचान के लिये अभी तक तो गंभीर नहीं है, अत: वो सीधे तोर पे समर्थन नहीं करेगा, मुझे मेरे पार्टी वाले सूत्र से ये पता है, हाँ शायद ऐसा करने से रोकेगा भी नहीं, आप लोग मस्ती करे , शुभकामनाए .........
अगर आपसी संबंद बढेगे तो तो फोरम भी मजबूत होगा यह मेरा मानना है
Chandrshekhar
23-12-2011, 12:56 PM
मेले कि फोटो सूत्र में लगाने की मित्र
फोरम के प्रशासक जी से ही संपर्क करे, सीधे इस विषय पे ...वे ही राह दिखायेंगे
amol05
23-12-2011, 12:56 PM
जैसा की चाँद जी ने बताया की पहले भी २ बार इस तरह का आयोजन हो चूका है तो मं चाँद जी से अनुरोध करूँगा की वो उस बारे सभी को कुछ बताये..........
जैसा कि कौन- कौन मिला और क्या क्या किया
amol05
23-12-2011, 12:57 PM
फोरम के प्रशासक जी से ही संपर्क करे, सीधे इस विषय पे ...वे ही राह दिखायेंगे
यह जिम्मेवारी आपकी आप आ नहीं रहे पर यह काम आप कर दीजिए
Chandrshekhar
23-12-2011, 12:57 PM
जैसा की चाँद जी ने बताया की पहले भी २ बार इस तरह का आयोजन हो चूका है तो मं चाँद जी से अनुरोध करूँगा की वो उस बारे सभी को कुछ बताये..........
एक बार की जानकारी मुझे फूल मून भाई ने दी है, दूसरी बार मैं भी था, कुछ देर मैं डीटेल डालूँगा जो मुझे पता है ।
Chandrshekhar
23-12-2011, 12:58 PM
यह जिम्मेवारी आपकी आप आ नहीं रहे पर यह काम आप कर दीजिए
शायद आप बोले तो ज्यादा उचित होगा भाई .........
amol05
23-12-2011, 01:00 PM
सीसवाल जी से कहूँगा की वो इस सूत्र पर इस मेले में आने वाले सभी सदस्यों की सूचि और मेला कहाँ हो रहा है ..का विवरण देने का करे प्रभंद करे
amol05
23-12-2011, 01:01 PM
एक बार की जानकारी मुझे फूल मून भाई ने दी है, दूसरी बार मैं भी था, कुछ देर मैं डीटेल डालूँगा जो मुझे पता है ।
बिल्कुल् डालिए आपका स्वागत है मित्र
amol05
23-12-2011, 01:02 PM
शायद आप बोले तो ज्यादा उचित होगा भाई .........
ये काम आपकी जिम्मेदारी है मित्र आब आपको ही करना है
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 01:09 PM
सीसवाल जी से कहूँगा की वो इस सूत्र पर इस मेले में आने वाले सभी सदस्यों की सूचि और मेला कहाँ हो रहा है ..का विवरण देने का करे प्रभंद करे
ये कोन है भाई .......मुझे से भी मिलवाना ...........:) :)
amol05
23-12-2011, 01:14 PM
ये कोन है भाई .......मुझे से भी मिलवाना ...........:) :)
Triple-S HARYANVI जी है हमारे
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 01:17 PM
प्रणाम मित्रों ......
पार्टी का दिन ......25 दिसम्बर 2011, वार , रविवार
स्थान .......लक्ष्मी नगर, दिल्ली
समय .....सुबह 10 बजे से उपस्थित मित्रों की इच्छा तक
और सम्मलित मित्रों की सूचि मैं यहाँ नहीं डालूँगा जी जो सदस्य आ रहे है उनको पता है
और यदि कोई और आना चाहता है तो मुझसे, य सुशिल जी से प म के माध्यम से संपर्क कर सकता है
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 01:18 PM
Triple-S HARYANVI जी है हमारे
हा हा हा हा हा ........
आपका सौपा गया काम पूर्ण कर दिया गया है
amol05
23-12-2011, 01:29 PM
प्रणाम मित्रों ......
पार्टी का दिन ......25 दिसम्बर 2011, वार , रविवार
स्थान .......लक्ष्मी नगर, दिल्ली
समय .....सुबह 10 बजे से उपस्थित मित्रों की इच्छा तक
और सम्मलित मित्रों की सूचि मैं यहाँ नहीं डालूँगा जी जो सदस्य आ रहे है उनको पता है
और यदि कोई और आना चाहता है तो मुझसे, य सुशिल जी से प म के माध्यम से संपर्क कर सकता है
प्रबंदन से पूछ कर डाल दो मित्र
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 01:45 PM
प्रबंदन से पूछ कर डाल दो मित्र
देखते है ??????
Chandrshekhar
23-12-2011, 02:19 PM
जैसा की चाँद जी ने बताया की पहले भी २ बार इस तरह का आयोजन हो चूका है तो मं चाँद जी से अनुरोध करूँगा की वो उस बारे सभी को कुछ बताये..........
एक बार की जानकारी मुझे फूल मून भाई ने दी है, दूसरी बार मैं भी था, कुछ देर मैं डीटेल डालूँगा जो मुझे पता है ।
तो लो मित्रो , फोरम के मित्रो के पहले मेले की कहानी फोरम के सबसे अच्छे लेखक फूलमून साहब की जुबानी, ये मेरा गिफ्ट आप सब के लिये
चाँद जी,
क्या अप जानते हैं की अन्तर्वासना फोरम के सदस्य ऐसी ही एक पार्टी पहले कर चुके हैं.
वो भी जयपुर में ही.
इसका जिक्र मैंने अभी अन्तर्वासना का इतिहास में नहीं किया है.
हुआ यूँ था की फोरम के कई वरिष्ठ सदस्यों ने मिलकर जयपुर में मिलने का प्रोग्राम बनाया था,१५ अगस्त या २६ जनवरी के दिन .
मुझे ठीक से याद नहीं है.
इसकी setting चौपाल वाले सूत्र में की गयी थी.
सभी सदस्यों को निश्चित तिथि पर मिलने को कहा गया था.
उस दिन naman .a,tigerlove ,विडियो मास्टर,मलेठिया जी,ndhebar ,मुन्नेराजा जी और कुछ और सदस्य सभी जयपुर में एक साथ एकत्र हुए थे.
और फिर उन्होंने कैसे पार्टी मनाई,
ये तो नहीं बता सकता,
क्योंकि मैं तो पार्टी में था ही नहीं.
इसलिए अगर आपको सच में ऐसी ही पार्टी करनी है तो ऐसी पार्टी हो सकती है, इसके लिए गुरु जी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है.
इसके लिए आपको सिर्फ अपने सूत्र में घोषणा करनी है की जो सदस्य सच में पार्टी में आना चाहें,वो
अपना नाम इस सूत्र में लिख दें.
फिर कोई सरकारी छुट्टी वाला दिन तय कर लीजिये.
जिससे सबको आने में सुविधा हो.
इसके बाद ही लोकेशन का चुनाव किया जाए की अधिकतर सदस्य कौन सी स्टेट से आने की इच्छुक हैं.
वहीँ पर इंतजाम किया जाए.
इसके बाद बजट ,
वो तो सारे सदस्यों को सामान रूप से शेयर करना होगा.
वो बाद का मसला है.
इसलिए reality की दुनिया में आकर इस पार्टी को साकार कराइए.
मेरा दावा है ,पार्टी में भरी संख्या में सदस्य आयेंगे.
मित्रो दूसरी पार्टी के सूत्रधार शुसिल जी थे, मैं भी शामिल था, सारी जानकारी शुशील जी से बोले वो आपको देगे , उचित रहेगा
amol05
23-12-2011, 02:39 PM
तो लो मित्रो , फोरम के मित्रो के पहले मेले की कहानी फोरम के सबसे अच्छे लेखक फूलमून साहब की जुबानी, ये मेरा गिफ्ट आप सब के लिये
मित्रो दूसरी पार्टी के सूत्रधार शुसिल जी थे, मैं भी शामिल था, सारी जानकारी शुशील जी से बोले वो आपको देगे , उचित रहेगा
स्वागत है मित्र अपने बहुत अची जानकारी दी है
आगे की जानकारी की उम्मीद सुशिल जी से करते है .............
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 02:41 PM
तो लो मित्रो , फोरम के मित्रो के पहले मेले की कहानी फोरम के सबसे अच्छे लेखक फूलमून साहब की जुबानी, ये मेरा गिफ्ट आप सब के लिये
मित्रो दूसरी पार्टी के सूत्रधार शुसिल जी थे, मैं भी शामिल था, सारी जानकारी शुशील जी से बोले वो आपको देगे , उचित रहेगा
अर्थात अब जो पार्टी होने जा रही है वो तीसरी पार्टी है
Chandrshekhar
23-12-2011, 02:43 PM
स्वागत है मित्र अपने बहुत अची जानकारी दी है
आगे की जानकारी की उम्मीद सुशिल जी से करते है .............
शुशील जी की अनुमति अगर हो तो मैं भी दे सकता हूँ .........
Chandrshekhar
23-12-2011, 02:44 PM
[/COLOR][/SIZE]अर्थात अब जो पार्टी होने जा रही है वो तीसरी पार्टी है
जी हाँ दोस्त ........
sushilnkt
23-12-2011, 03:09 PM
आप सब को राम राम सा
और रही बात जानकरी की तो
आप सब जानते होगे
वो पार्टी नहीं हो सकी ..
जिसका जिमा मेरे चाँद जी और मनोज जी ने लिया था
क्यों की .. जब पेसे की बात आई तो कोई सामने नहीं आया ..
हा फिर भी हम कुछ लोगो ने वो पार्टी की ..
कम से कम १० लोग तो थे
sushilnkt
23-12-2011, 03:10 PM
[/COLOR][/SIZE]अर्थात अब जो पार्टी होने जा रही है वो तीसरी पार्टी है
हा ये तीसरी पार्टी हे
जो अब होने जा रही हे
पहली में तो में भी नहीं था
लेकिन दूसरी और तीसरी का में सदस्य अवस्य रहुगा
amol05
23-12-2011, 03:11 PM
हा ये तीसरी पार्टी हे
जो अब होने जा रही हे
पहली में तो में भी नहीं था
लेकिन दूसरी और तीसरी का में सदस्य अवस्य रहुगा
दूसरी पार्टी में क्य हुआ येबताओ जी याचांड जी सेबोलो सविस्तार वर्णन करने के लिए
sushilnkt
23-12-2011, 03:12 PM
दूसरी पार्टी में क्य हुआ येबताओ जी याचांड जी सेबोलो सविस्तार वर्णन करने के लिए
वो विस्तार हम
२५ को आप सब के सामने कर
देगे ..
क्यों की कुछ बाते यहाँ नहीं बोले तो सही रहेगी
amol05
23-12-2011, 03:14 PM
वो विस्तार हम
२५ को आप सब के सामने कर
देगे ..
क्यों की कुछ बाते यहाँ नहीं बोले तो सही रहेगी
नहीं जी जो बताने वाली है वो तो बता ही दो
sushilnkt
23-12-2011, 03:15 PM
नहीं जी जो बताने वाली है वो तो बता ही दो
तो चाँद जी आप मेरा
साथ दे कुछ इनको को बताने के लिए
sushilnkt
23-12-2011, 03:18 PM
सलोन जी आप भी
अपने विचार दे सकती हे
Chandrshekhar
23-12-2011, 03:27 PM
तो चाँद जी आप मेरा
साथ दे कुछ इनको को बताने के लिए
मजेदार घटनाओ से भरा लहमा था, पहला
मैं मनोज भाई, सुशील जी दिल्ली रेल्वे स्टेसन पे मिले, हमे मेट्रो से एक जलवा भाई के यहा जाना था, मेट्रो की जानकारी नहीं थी, एक सुरक्षा मैं लगे जवान से ही पुछ बेठा, मनोज भाई ने दिखाया की जहां वो जवान तेनात था, उसके नीचे बोर्ड लगा था,
सुरक्षा जवान से किसी तरह की पुछ-ताछ करना सख्त मना है, आप पे कानूनी कारवाही हो सकती है ....मगर मैंने पुछ ही लिया, ओर उसने मदद की ...धन्यवाद
sushilnkt
23-12-2011, 03:30 PM
वहा से मेट्रो पकड कर हम .. गए .. लेकिन जाने से पहले
कुछ खाया गया .. में चावल नहीं खाता हु .. और ये दोनों ने चावल खाए
और मेने रोटी संग दाल .. जब हम मेट्रो से उतरे हम रिसीव किया अभय भाई ने ...
वे हमे जलवा जी के ऑफिस में लेकर गए ...
sushilnkt
23-12-2011, 03:32 PM
हमारे चाँद भाई ने तो मेट्रो में
हसीन हसीन .. बालिको की तरफ डोरे भी डाले .. लेकिन किसी ने घास नहीं डाली
इसका मुझे बहुत खेद हे .. चाँद भाई को रिसीव करा बहुत महगा पड़ा ..
रोमिग में होने के कारण मेरे को ..
व्ही खड़े खड़े १०० की चपत लग गयी
sushilnkt
23-12-2011, 03:36 PM
साथ दो यार्र चाँद बिच में छोड़ कर मत भाग
मेरी भाभी का नम्बर और बैंक नम्बर दोनों आज भी हे
जो मेने आप से जलवा जी के ऑफिस में लिए थे
Chandrshekhar
23-12-2011, 03:38 PM
हमारे चाँद भाई ने तो मेट्रो में
हसीन हसीन .. बालिको की तरफ डोरे भी डाले .. लेकिन किसी ने घास नहीं डाली
इसका मुझे बहुत खेद हे .. चाँद भाई को रिसीव करा बहुत महगा पड़ा ..
रोमिग में होने के कारण मेरे को ..
व्ही खड़े खड़े १०० की चपत लग गयी
अरे मेरे भी रोमिंग के पेसे लगे भाई ........
shaktiman96
23-12-2011, 03:39 PM
हमारे चाँद भाई ने तो मेट्रो में
हसीन हसीन .. बालिको की तरफ डोरे भी डाले .. लेकिन किसी ने घास नहीं डाली
इसका मुझे बहुत खेद हे .. चाँद भाई को रिसीव करा बहुत महगा पड़ा ..
रोमिग में होने के कारण मेरे को ..
व्ही खड़े खड़े १०० की चपत लग गयी
फिर क्या हुआ आगे तो बताओ भाई / आप के १०० रूपये मिला की नही ......हा हा
Chandrshekhar
23-12-2011, 03:40 PM
मनोज भाई ओर शुशील भाई को देख के दंग रह गया मैं 20 साल के छोकरे ...स्मार्ट मासूम, मेरी पूर्व धारणा गलत साबित हो गयी
sushilnkt
23-12-2011, 03:42 PM
अरे मेरे भी रोमिंग के पेसे लगे भाई ........
भाई वो तो लगे हमे कब कहा की आप के नहीं लगे
हा हा हा हा
फिर क्या हुआ आगे तो बताओ भाई / आप के १०० रूपये मिला की नही ......हा हा
भाई ये तो मजाक हे पैसा तो हाथ का मेल हे
मनोज भाई ओर शुशील भाई को देख के दंग रह गया मैं 20 साल के छोकरे ...स्मार्ट मासूम, मेरी पूर्व धारणा गलत साबित हो गयी
ये मेरे को और मनोज की बुढा समज रहे थे
इनको पहले ही मेने बोला था ..
sushilnkt
23-12-2011, 03:45 PM
कम से कम १ घंटे की परेड थी वो इनका रिसीव करना ..
वो ही तपती धुप .. रात को सो भी नहीं पाए थे .. सो अलग बात
अब गेट गेट खेल रहे थे हम लोग .. इनकी तो परेड करवा ही दी हमने
पुल की दो बार
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 03:47 PM
मनोज भाई ओर शुशील भाई को देख के दंग रह गया मैं 20 साल के छोकरे ...स्मार्ट मासूम, मेरी पूर्व धारणा गलत साबित हो गयी
तो हमें कब दग कर रहे है आप ??
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 03:47 PM
अरे मेरे भी रोमिंग के पेसे लगे भाई ........
इस बार रोमिंग की इन्कोमिंग आप सब की फ्री रहेगी .............
Chandrshekhar
23-12-2011, 03:49 PM
तो हमें कब दग कर रहे है आप ??
मित्र मैं झूठ नहीं बोलता जो बात नहीं आने की बताई है शायद ही कोई बताएगा , ये तो आप मानते हो ना भाई
Chandrshekhar
23-12-2011, 03:51 PM
कम से कम १ घंटे की परेड थी वो इनका रिसीव करना ..
वो ही तपती धुप .. रात को सो भी नहीं पाए थे .. सो अलग बात
अब गेट गेट खेल रहे थे हम लोग .. इनकी तो परेड करवा ही दी हमने
पुल की दो बार
+अरे अरे आप ही कारण सब हुआ, आप अजमेरी गेट पे थे, मुझे कही ओर बता रहे थे, वहाँ मैं कई बार गया , आप तो खरे थे, नयी दिल्ली से अजमेरी गेट बार बार अप डाउन मैं ही कर रहा था ना
sushilnkt
23-12-2011, 03:51 PM
मित्र मैं झूठ नहीं बोलता जो बात नहीं आने की बताई है शायद ही कोई बताएगा , ये तो आप मानते हो ना भाई
centralcentralcentralcentral
sushilnkt
23-12-2011, 03:54 PM
+अरे अरे आप ही कारण सब हुआ, आप अजमेरी गेट पे थे, मुझे कही ओर बता रहे थे, वहाँ मैं कई बार गया , आप तो खरे थे, नयी दिल्ली से अजमेरी गेट बार बार अप डाउन मैं ही कर रहा था ना
वो मेने नहीं किया मेरे को भोच्का करने वाले मनोज जी थे
पानी पानी करने लगे अब मेरी गलती हे क्या जो उनके लिए पहले
पानी की व्यवस्था की .. . वो भी रेलवे .. की इलेक्ट्रिकल सप्लाई होती हे उस रूम में से गुजर कर
उनके लिए पानी लेकर आया ..
Chandrshekhar
23-12-2011, 03:55 PM
वो मेने नहीं किया मेरे को भोच्का करने वाले मनोज जी थे
पानी पानी करने लगे अब मेरी गलती हे क्या जो उनके लिए पहले
पानी की व्यवस्था की .. . वो भी रेलवे .. की इलेक्ट्रिकल सप्लाई होती हे उस रूम में से गुजर कर
उनके लिए पानी लेकर आया ..
जी पानी पिलाने मैं आप माहिर जो हो ,अच्छे अच्छों को .....
sushilnkt
23-12-2011, 03:59 PM
जी पानी पिलाने मैं आप माहिर जो हो ,अच्छे अच्छों को .....
अब क्या करे ....
भगवान् ने बनाया ही ऐसा हे ...
बस दुःख तो इस बात का हे ..
जिस आदमी की खोज हम दोनों ने
पुरे फॉर्म पर की वो ही दोखे बाज निकला
अब नाम लेना बेकार होगा
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 04:20 PM
जी पानी पिलाने मैं आप माहिर जो हो ,अच्छे अच्छों को .....
चाँद जी , आ जाओ , इस बार आपके इनकमिंग फ्री रहेगी ..रोमिंग के पैसे नहीं लगेंगे ...:):)
Chandrshekhar
23-12-2011, 04:22 PM
अब क्या करे ....
भगवान् ने बनाया ही ऐसा हे ...
बस दुःख तो इस बात का हे ..
जिस आदमी की खोज हम दोनों ने
पुरे फॉर्म पर की वो ही दोखे बाज निकला
अब नाम लेना बेकार होगा
समय बलवान है, सब गल्त्फहमी दूर होगी भाई, यूं ना बोलो ,,॥दिल का हीरा है वो
sushilnkt
23-12-2011, 04:27 PM
समय बलवान है, सब गल्त्फहमी दूर होगी भाई, यूं ना बोलो ,,॥दिल का हीरा है वो
उस हीरे की तो
एक दिन लगा दुगा ..
जब भी वो बात याद आती हे ना
मेरा दिल कहता हे .. मार दू .. लेकिन ये गलती भी मेने की
इस लिए सोच कर चुप हो जाता हु .. की आप के लाख मना करने के
बावजूद मेने उसको चुना
Chandrshekhar
23-12-2011, 04:29 PM
उस हीरे की तो
एक दिन लगा दुगा ..
जब भी वो बात याद आती हे ना
मेरा दिल कहता हे .. मार दू .. लेकिन ये गलती भी मेने की
इस लिए सोच कर चुप हो जाता हु .. की आप के लाख मना करने के
बावजूद मेने उसको चुना
मेरी सच्ची बाते सभी को खारी लगती है भाई, पर मैं सच बोलने से ना भी बाज आया हूँ ओर ना ही आऊँगा
sushilnkt
23-12-2011, 04:31 PM
मेरी सच्ची बाते सभी को खारी लगती है भाई, पर मैं सच बोलने से ना भी बाज आया हूँ ओर ना ही आऊँगा
वेसे आप क्यों नहीं आ रहे हे
इसका क्या कारण हे ...
सह विस्तार से बताये ....
यार्र आप आये पेसे की क्यों टेंसन लेते हो
Chandrshekhar
23-12-2011, 04:34 PM
वेसे आप क्यों नहीं आ रहे हे
इसका क्या कारण हे ...
सह विस्तार से बताये ....
यार्र आप आये पेसे की क्यों टेंसन लेते हो
भाई वाकयी मैं बिलकुल भी 1000-2000 Rs भी नहीं है, ओर ट्रेन से आना मेरे लिये संभव नहीं, छमा करे मुझे
sushilnkt
23-12-2011, 04:36 PM
भाई वाकयी मैं बिलकुल भी 1000-2000 Rs भी नहीं है, ओर ट्रेन से आना मेरे लिये संभव नहीं, छमा करे मुझे
भाई १००० /- की सुविदा कर के आजा
बाकी हम सब देख लेगे
आगे की टेंसन आप की नहीं होगी
जाने का भी ले जाना चाहे
amol05
23-12-2011, 05:28 PM
आनंद आ रहा है कृपया जारी रखे ...............
Triple-S HARYANVI
23-12-2011, 08:10 PM
सभी को जानकार खुशी होगी की पाथ जी ने इस सूत्र पर पार्टी के चित्र लगाने कीअनुमति दे दी है
amol05
24-12-2011, 10:54 AM
ये तो बहुत अची खबर है
अब सभी मित्र होंगे फोरम और सूत्र पर
:clap::baby::group-dance:central 14
Triple-S HARYANVI
24-12-2011, 10:59 AM
ये तो बहुत अची खबर है
अब सभी मित्र होंगे फोरम और सूत्र पर
:clap::baby::group-dance:central 14
परन्तु किसी भी चित्र में किसी का नाम नहीं होगा , की कोन से चित्र में कोन कोन है l
sushilnkt
24-12-2011, 11:00 AM
और तुम सब मरवाने की फिराके में
क्यों लगे रहते हो ..
अगर चहरे लगा दिए तो
कल सब के कपडे शारीर पर नहीं मिलेगे
Triple-S HARYANVI
24-12-2011, 11:18 AM
और तुम सब मरवाने की फिराके में
क्यों लगे रहते हो ..
अगर चहरे लगा दिए तो
कल सब के कपडे शारीर पर नहीं मिलेगे
कैसे ????????????????
amol05
24-12-2011, 11:29 AM
परन्तु किसी भी चित्र में किसी का नाम नहीं होगा , की कोन से चित्र में कोन कोन है l
ये तो हमने पहले कहा था बिना नाम के चित्र होंगे मित्र
चिंता मत करो
बिनाकिसी नियम के उलघ्नान के
amol05
24-12-2011, 11:30 AM
और तुम सब मरवाने की फिराके में
क्यों लगे रहते हो ..
अगर चहरे लगा दिए तो
कल सब के कपडे शारीर पर नहीं मिलेगे
एषा कैसे होगा जरा विस्तार पूर्वक बताओ
अगर आपको डर लगता है तो आपके फोटो नहीं लगाएंगे
Triple-S HARYANVI
24-12-2011, 04:35 PM
584, 2nd Floor
Guru Ravi/Ram Dass Nagar
Laxmi Nagar
Delhi
सभी मित्रों से मिलकर बहुत मजा आया......
jalwa
25-12-2011, 06:04 PM
बहुत खुशी हुई सभी मित्रों से मिलकर. आगे भी ऐसी मुलाकातें होती रहनी चाहिए.
Dark Rider
25-12-2011, 06:16 PM
बहुत खुशी हुई सभी मित्रों से मिलकर. आगे भी ऐसी मुलाकातें होती रहनी चाहिए.
Chandrshekhar
25-12-2011, 06:17 PM
वाह भाई सुनके ही आनंद आ गया
NaKShtR
25-12-2011, 06:17 PM
बहुत खुशी हुई सभी मित्रों से मिलकर. आगे भी ऐसी मुलाकातें होती रहनी चाहिए.
groopji
25-12-2011, 06:20 PM
बहुत ही आनंद और उर्जा से भरपूर पार्टी थी ऐसा लग रहा है २०१२ अभी से शरू हो गया
sushilnkt
25-12-2011, 06:21 PM
बहुत ही सुन्दर अहसास हुआ हे
इस पार्टी में आकर
gulluu
25-12-2011, 06:39 PM
अफ़सोस है की बहुत इच्छा होने के बाद भी जा नहीं पाया , लेकिन पार्टी के चित्रों और विवरण का इन्तजार है .
सॉरी दोस्तों ना आने के लिए .
Chandrshekhar
25-12-2011, 06:41 PM
अफ़सोस है की बहुत इच्छा होने के बाद भी जा नहीं पाया , लेकिन पार्टी के चित्रों और विवरण का इन्तजार है .
सॉरी दोस्तों ना आने के लिए .
मेरा भी यही हाल है गुललु भाई जी .....
shakti36
25-12-2011, 08:57 PM
धन्यवाद आप सभी मित्रों का जिन्होंने इस सुखद पार्टी में सम्मिलित हो कर असीम आनंद प्राप्त किये / अगली पार्टी कब और कहाँ हो रही है बताना मत भूल जाईएगा अपने इस मित्र को ?
रमण भाई को तो आज मैं अच्छी तरह से खबर लेता हूँ / मैं जब भी कहता हूँ की आइये मेरे पास कुछ देर के लिए तो उनका जबाब होता है यार आज नही किसी और दिन / मगर आज मुझे वगैर सूचित किये श्री मान मजा ले लिए पार्टी का / कोई बात नही यारों ,ये हमारा रमण भाई के साथ आपसी मामला है ,किसी दिन मुर समेत वसूल लूँगा / मैं भी उनका ही दोस्त हूँ / शिकायत है रमण भाई से यैसा क्यों हुआ मुझे बिना बताये / अगर रमण भाई इस प्रविष्टि को देख रहे है तो मुझे इसका जबाब चाहिए रमण भाई / धन्यवाद
shakti36
25-12-2011, 09:15 PM
रमण भाई कहाँ है आप / इंतजार में हूँ आप के जबाब के ?
Triple-S HARYANVI
25-12-2011, 11:49 PM
मैं तो इसके बारे में कल विस्तार पूर्वक लिखूंगा इस पर l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 12:07 AM
इसमें सम्मलित सदस्य इस प्रकार थे l
रमण जी, संत जी, ग्रुप जी, अक्श जी, जलवा जी, सुशिल जी, मनोज जी, अजय जी, कमल जी, अमोल जी, लोटस जी, र्रनोल्ड जी और विपुल जी के कार्यालय में तो ये सब हुआ ही था l
और मैं ये सब लिख रहा हूँ और इतना सब मालूम है तो मैं भी ज़रूर था l :) :)
mantu007
26-12-2011, 12:07 AM
जल्दी जल्दी लिखो ....प्रतिदिन की बातें लिखना ........ देखना सब के दरवाजे खुले रखने के लिए बोलना .......
देखना कुछ सदस्यों को कपडे ज्यादा पहनकर सोने की बीमारी है
badboy123455
26-12-2011, 12:10 AM
इसमें सम्मलित सदस्य इस प्रकार थे l
रमण जी, संत जी, ग्रुप जी, अक्श जी, जलवा जी, सुशिल जी, मनोज जी, अजय जी, कमल जी, अमोल जी, लोटस जी, र्रनोल्ड जी और विपुल जी के कार्यालय में तो ये सब हुआ ही था l
और मैं ये सब लिख रहा हूँ और इतना सब मालूम है तो मैं भी ज़रूर था l :) :)
संत जी भी थे क्या और विपुल जी कोन हे
mantu007
26-12-2011, 12:12 AM
अगली बार हम और badboy और मास्टर और कृष जी के साथ fullmoon जी भी आयेंगे
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 12:12 AM
जल्दी जल्दी लिखो ....प्रतिदिन की बातें लिखना ........ देखना सब के दरवाजे खुले रखने के लिए बोलना .......
देखना कुछ सदस्यों को कपडे ज्यादा पहनकर सोने की बीमारी है
थोडा सब्र करो सब लिक्खूँगा l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 12:13 AM
संत जी भी थे क्या और विपुल जी कोन हे
कतिल्य जी के नाम से चोपाल पर आते है l
mantu007
26-12-2011, 12:14 AM
थोडा सब्र करो सब लिक्खूँगा l
बोल देना एक एक घंटे पर खबर वहां की मिलती रहनी चाहिए ........अभी सबसे ज्यादा इसी सूत्र की रेटिंग है
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 12:14 AM
अगली बार हम और badboy और मास्टर और कृष जी के साथ fullmoon जी भी आयेंगे
अरे छोडो महामुनि ...आपको आना होता तो आप इस बार भी आ सकते थे , और हमारे राकेश जी के तो क्या कहने ....central
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 12:15 AM
तो सुनो ....मेले की कहानी हरयाणवी की ज़ुबानी .....
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 12:18 AM
मुझे आज सुबह लगभग छे बजे सुशिल जी ने फोन करके जगाया और मुझे बताया की, सुशिल, मोंज और अजय
दिल्ली सारे रोहिल्ल्ला स्टेसन पर है अब कैसे करे ?
फिर मैंने इन्हें वहाँ से नरेला बुलाया और मैं जल्दी से तैयार हो कर अपनी बाइक ले कर नरेला पहुंचा l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 12:23 AM
मैं नरेला स्टेसन पर जाकर देखता हूँ तो ये तीनों भाई बाहर खड़े मेरा इंतज़ार कर रहे थे l फिर मैं इन तीनों को लेकर अपने घर गया
और फिर वहाँ से हमारे आयोज़न स्थल, अर्थात लक्ष्मी नगर ,
रास्ते में ही मुझे हमारे मित्र लोटस जी का फोन आया और कहा की वो भी आ रहे है l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 12:27 AM
परन्तु यहाँ मैं बताना चाहूँगा की मेरे घर से अयोजन स्थल तक मैं और सुशिल जी मेरी बाइक पर और मनोज जी और अजय जी बस/ मेट्रो का इस्तेमाल करके अलग पहुंचे l
तभी हमरे संत जी का फोन आया क वो भी पहुँच चुके है और पहुँचने वाले ही है l
और यहाँ तक पहुँचते पहुँचते अजय जी, मोज जी, संत जी, और ग्रुप जी ये चारो अयोजन स्थल से कुछ दूर पहले
ही एक दूसरे से मिल लिए और विपुल जी के कार्यालय अर्थात हमारे पार्टी के अयोज़ं स्थल पर एक साथ पहुचे l
mantu007
26-12-2011, 12:38 AM
उसके बाद क्या हुआ ........नाश्ता कहाँ किया सब मित्रगण लोग ?
Badtameez
26-12-2011, 12:53 AM
बहुत रोचक है।...........
ragini sangwan
26-12-2011, 01:04 AM
kya hai ye sab ?
swami ji
26-12-2011, 10:43 AM
हम नहीं आपये वहा पर मजे तो करे आपकी बात सुनकर मित्र ,,,
Chandrshekhar
26-12-2011, 11:13 AM
kya hai ye sab ?
मित्र फोरम के मित्रो की पार्टी थी कल, उसी का रोचक वर्णन है, धन्यवाद
amol05
26-12-2011, 11:30 AM
मेले में उपस्थित सभी मित्रों का हार्दिक आभार
यह मेला मुख्यत: हरियाणवी जी, सुशिल जी और कत्याल जी की वजह से ही संभव ही पाया
बहुत ही आनंद आया इसमे और
बहुत ही वरिष्ठ सदस्यों से मिलकर बहुत ही अछा लगा
amol05
26-12-2011, 11:31 AM
इस मेले में खाली मस्ती ही नहीं हुए वरन मनोज जी ने सबको बहत साडी तकनिकी बाते भी बताई
Chandrshekhar
26-12-2011, 11:42 AM
इधर मनोज भाई आप सबको तकिनीकी ज्ञान दे रहे थे, उधर मोके का फायदा उठा के हेकरो ने उनकी नयी दुकान का सारा समान गायब कर दिया, खेर मनोज भाई जल्द ही इस से निजात पा जाएगे
Rajeev
26-12-2011, 11:53 AM
सभी को जानकार खुशी होगी की पाथ जी ने इस सूत्र पर पार्टी के चित्र लगाने कीअनुमति दे दी है
तो फिर पार्टी के चित्र कहाँ है जी .......
Chandrshekhar
26-12-2011, 11:55 AM
अपडेट करो मित्रो , इस सूत्र को पार्टी की फूल डीटेल दो मित्रो ,,,,,,
adityaa
26-12-2011, 11:56 AM
अरे भाई फिर तो कल आपने बहुत मजे किये
amol05
26-12-2011, 11:56 AM
तो फिर पार्टी के चित्र कहाँ है जी .......
चित्र नहीं डाले जा रहे है ...............और मेले में उपस्थित सभी सदस्यों से अनुरोध है की मेले से सम्बंदित कोई चित्र यहा ना डाले :nono:
amol05
26-12-2011, 11:57 AM
अपडेट करो मित्रो , इस सूत्र को पार्टी की फूल डीटेल दो मित्रो ,,,,,,
मिलेगी थोरा सा इन्तजार करो पूरी जानकारी दी जायेगी इस सूत्र में अपने मेले की मित्र
adityaa
26-12-2011, 11:57 AM
चित्र नहीं डाले जा रहे है ...............और मेले में उपस्थित सभी सदस्यों से अनुरोध है की मेले से सम्बंदित कोई चित्र यहा ना डाले :nono:
अरे भाई डाल दो हम भी जाने क्या क्या मस्ती कियी आप ने
Rajeev
26-12-2011, 11:59 AM
चित्र नहीं डाले जा रहे है ...............और मेले में उपस्थित सभी सदस्यों से अनुरोध है की मेले से सम्बंदित कोई चित्र यहा ना डाले :nono:
क्यों जी.... पाथ जी ने तो पार्टी के चित्र लगाने की अनुमति भी दे दी है |
amol05
26-12-2011, 12:12 PM
अरे भाई डाल दो हम भी जाने क्या क्या मस्ती कियी आप ने
गर इस बारे में जानना कहते हो तो अगले मेरे में खुद आना तभी जान पाओगे यहाँ पर तो केवल शब्दों से काम चलो
amol05
26-12-2011, 12:13 PM
क्यों जी.... पाथ जी ने तो पार्टी के चित्र लगाने की अनुमति भी दे दी है,
फिर आप क्यों रास्ते का रोड़ा बन रहे हो !!
आपसे अनुरोध है की अपनी भाषा सयंत रखे
पाथ जी ने तो और भी बहुत कहा है क्या आप वो सब मानते है
Chandrshekhar
26-12-2011, 12:14 PM
मिलेगी थोरा सा इन्तजार करो पूरी जानकारी दी जायेगी इस सूत्र में अपने मेले की मित्र
अब ओर इंतजार नहीं कराओ भाई .....
Raman46
26-12-2011, 12:15 PM
"रोमांच से भरा पल"
कैसे भूल पाउँगा उस रोमांच भरा पल को / वर्षों से मन में रचा वसा चेहरा / कई तरह के ख्यालात कौन कैसा होंगें / हर पल हर घडी मन में एक ही कौतुहल, कैसे होंगे हमारे दोस्त जिन्हें वर्षों से एक मुखौटे में देखता आ रहा हूँ जो आज प्रतक्ष्य होने बाले है / जैसे जैसे मिलन स्थल के करीब आता गया दिल की धड़कने भी उसी रफ़्तार से बढती गयी / आखिर वो पल आ ही गया जब हम अपने गंतव्य के पास थे हलाकि मैं सबसे आखरी में पहुंचा तकरीवन २.४५ पर सीसवाल भाई के अगुआनी में / सभी मित्र वहां पहले से ही मौजूद थे / सारे अनजान सभ्य चेहरे हर किसी के मन में एक मधुर मुस्कान और कौतुहल भरा / बड़े भैया को मैं सबसे पहले पहजान गया बिना किसी के बताये / उन्होंने मुझे गले लगा कर अपने गोद में उठा लिए / मन बाग़ बाग़ हो उठा / फिर शुरू हुई एक दुसरे की परिचय / हर वो चेहरा आज सामने था / हम एक दुसरे से गले मिल रहे थे और आनन्द की लहरे चरम पर था / परिचय के बाद शुरू हुई हंसी ठिठोली / मौज मस्ती और जलवे ,अपने चरम सीमा को पार कर रहा था / हम सब एक दुसरे में खोते चले जा रहे थे / हर दोस्त अपने आप में एक विशेष वक्तित्व के नजर आये / कोई किसी से कम नही / बाह क्या हसीन पल था / हरयाणवी जी ने उन मित्रों के नाम गिना चुके है / कुल मिला कर कहना चाहूँगा एक आनंदमयी शाम थी / मैं तक़रीबन ७ बजे उन सबसे बिदा लिया हर किसी के चेहरे पर एक दुसरे से बिछड़ने का दृश्य उनके आँखों में साफ साफ दिखाई दे रही थी / क्या वो पल थी एक अमिटछाप जो हर पल हर घडी मुझे आद रहेगी / शुक्रिया तथा धन्यवाद कहना चाहूँगा अपने अजीज मित्रों को / धन्यवाद .......रमण
amol05
26-12-2011, 12:18 PM
इस मेले में मनोरंजन के अलावा सिखने को भी बहुत कुछ मिला जिसमे तकनकी, ज्योतिष, आयुर्वेद और मनोविज्ञान से सम्बंधित बातें हुए और बहुत सी नयी चीजों के बारे में पता चला
Rajeev
26-12-2011, 12:26 PM
आपसे अनुरोध है की अपनी भाषा सयंत रखे
पाथ जी ने तो और भी बहुत कहा है क्या आप वो सब मानते है
क्षमा चाहुगा अमोल जी अभ्रद्र भाषा में बात करने के लिए,
मैंने अपनी प्रविष्टि भी संपादित कर दी है,
कृपया क्षमा कर दे,
धन्यवाद |
Raman46
26-12-2011, 12:28 PM
क्यों जी.... पाथ जी ने तो पार्टी के चित्र लगाने की अनुमति भी दे दी है |
मित्र फोटो डालना उचित नही होगा अतः माफ़ कीजियेगा भाई अमोल भाई ठीक कह रहे है
amol05
26-12-2011, 12:34 PM
"रोमांच से भरा पल"
कैसे भूल पाउँगा उस रोमांच भरा पल को / वर्षों से मन में रचा वसा चेहरा / कई तरह के ख्यालात कौन कैसा होंगें / हर पल हर घडी मन में एक ही कौतुहल, कैसे होंगे हमारे दोस्त जिन्हें वर्षों से एक मुखौटे में देखता आ रहा हूँ जो आज प्रतक्ष्य होने बाले है / जैसे जैसे मिलन स्थल के करीब आता गया दिल की धड़कने भी उसी रफ़्तार से बढती गयी / आखिर वो पल आ ही गया जब हम अपने गंतव्य के पास थे हलाकि मैं सबसे आखरी में पहुंचा तकरीवन २.४५ पर सीसवाल भाई के अगुआनी में / सभी मित्र वहां पहले से ही मौजूद थे / सारे अनजान सभ्य चेहरे हर किसी के मन में एक मधुर मुस्कान और कौतुहल भरा / बड़े भैया को मैं सबसे पहले पहजान गया बिना किसी के बताये / उन्होंने मुझे गले लगा कर अपने गोद में उठा लिए / मन बाग़ बाग़ हो उठा / फिर शुरू हुई एक दुसरे की परिचय / हर वो चेहरा आज सामने था / हम एक दुसरे से गले मिल रहे थे और आनन्द की लहरे चरम पर था / परिचय के बाद शुरू हुई हंसी ठिठोली / मौज मस्ती और जलवे ,अपने चरम सीमा को पार कर रहा था / हम सब एक दुसरे में खोते चले जा रहे थे / हर दोस्त अपने आप में एक विशेष वक्तित्व के नजर आये / कोई किसी से कम नही / बाह क्या हसीन पल था / हरयाणवी जी ने उन मित्रों के नाम गिना चुके है / कुल मिला कर कहना चाहूँगा एक आनंदमयी शाम थी / मैं तक़रीबन ७ बजे उन सबसे बिदा लिया हर किसी के चेहरे पर एक दुसरे से बिछड़ने का दृश्य उनके आँखों में साफ साफ दिखाई दे रही थी / क्या वो पल थी एक अमिटछाप जो हर पल हर घडी मुझे आद रहेगी / शुक्रिया तथा धन्यवाद कहना चाहूँगा अपने अजीज मित्रों को / धन्यवाद .......रमण
बहुत सुंदर प्रस्तुति है मित्र है
Raman46
26-12-2011, 12:43 PM
बहुत सुंदर प्रस्तुति है मित्र है
अमोल भाई जय श्री राम / बहुत ख़ुशी हुई मित्र आप सब से मिल कर / हर पल हर घडी याद रहेगी वो खुशनुमा आनंदमयी आदें / शुक्रिया ज्ञान मुनि /
amol05
26-12-2011, 12:58 PM
अमोल भाई जय श्री राम / बहुत ख़ुशी हुई मित्र आप सब से मिल कर / हर पल हर घडी याद रहेगी वो खुशनुमा आनंदमयी आदें / शुक्रिया ज्ञान मुनि /
आप नहीं जानते आप से मिल्क और मुन्ना रजा से मिलकर बहुत ही बदिया लगा बाकि मित्र भी बदिया थे पर बहुत अच अन्हुभाव अविस्मार्निये
RAM GAUTAM
26-12-2011, 01:21 PM
आप नहीं जानते आप से मिल्क और मुन्ना रजा से मिलकर बहुत ही बदिया लगा बाकि मित्र भी बदिया थे पर बहुत अच अन्हुभाव अविस्मार्निये
मुझे अफशोस है मैं वहां नहीं था. अगली बार जरूर कोशिश करूंगा अगर ये ३-४ महीने बाद होगा तो. क्योंकि चुनाव की रनभेदी बज चुकी है उत्तर प्रदेश में
Raman46
26-12-2011, 01:31 PM
आप नहीं जानते आप से मिल्क और मुन्ना रजा से मिलकर बहुत ही बदिया लगा बाकि मित्र भी बदिया थे पर बहुत अच अन्हुभाव अविस्मार्निये
जी हाँ ज्ञान मुनि / कैसे भुला जा सकता है वो पल वो लम्हें जो हमने साथ -साथ बिताया मित्र / आशा करूँगा हम सब इसी तरह एक दुसरे से मिलते रहेंगे /
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 01:40 PM
अब आगे ....
कुछ देर बाद हमारे मित्र लोटस जी उर्फ पंकज भी आन पधारे और अभी बातो का दौर चला ही था ,
की तभी एंट्री होती है कमल जी की और कमल जी के आने के बाद यहाँ जो परिचय का दौर चला l
उसने तो मुझे सब से ज्यादा रोनाचित किया , क्योंकि उस परिचय के अनुसार, वहाँ गुरु जी और पाठ जी मुझय अतिथि थे (मजाक में )
फिर कुछ देर बाद संत जी ने पुनः वास्तविक परिचय दिया कमल जी को सभी का तब कमल जी को पता लगा की कोन कोन आया है l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 01:42 PM
तभी मैंने अपने ह्याँ मुनि को फोन किया और पपूछा की वो अब तक क्यों नहीं आये तो पता लगा की उनके घर में रात को चोर आ गए थे l
इस कारण से वो थोडा सा विलब से आयेगे और यहाँ खुशी इस बात की थी चोर कुछ नुकसान नहीं कर पाए l
फिर इनसब बातो के चलते वह अक्श जी जो हमारे हास्य सेनापति है वो भी आन पहुंचे और फिर दौर चला हास्य रस का l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 01:46 PM
फिर आते है हमारे अमोल जी अर्थात ज्ञान मुनि जी और इस महफ़िल में और रंगीनिया आ जाती है l
परन्तु इस सब के बिच लोटस जी अपनी व्यावसायिक मजबूरिया बता कर जाने की की बात कहते है l और उपस्थित मित्रों से अलविदा कहते है
परन्तु इनके जाए से पहले अजय जी सब की एक एक -दो दो चित्र ले चुके थे l
और इन सब के बिच बिच में चाय और नास्ते का दौर बिना रुके ही चलता रहा l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 01:46 PM
बाकि कहानी अब एक अल्प विराम के बाद l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 02:07 PM
और इसी बिच मुझे रमण जी एयर र्रनोल्ड जी का दोनों का एक साथ फोन आता है और मैं रमण जी को रिसीव करने के लिए निचे चला जाता हूँ l
परन्तु मुझे वहाँ र्रनोल्ड नज़र नहीं आता तो मैं विपुल जी के स्टाफ के लड़के को र्र्नोल को लेने के लिए भेज कर रमण जी को लेकर
विपुल जी के कार्यालय बाकि सदस्यों के पास ले आकार चला जाता हूँ , यहाँ एक और मज़ेदार बात होती है l यहाँ रमण जी
संत जी और अजय जी को बिना परिचय दिए पहचान लेते है l और बाकि सब को अपना अपना परिचय देना पड़ता है l
Raman46
26-12-2011, 03:19 PM
अगली बरात निकालो तो मुझे भी बता देना
कोई गान्धारी मिल जाने दीजिये युवराज भाई आप को दूल्हा बना कर बरात भी निकालेंगें/ (मजाक )
swami ji
26-12-2011, 03:37 PM
कोई गान्धारी मिल जाने दीजिये युवराज भाई आप को दूल्हा बना कर बरात भी निकालेंगें/ (मजाक )
हमारी भी नजरे हे दोस्त ,,, यहाँ पर ...
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 04:59 PM
फिर लगभग तीन बजे अक्श जी , विपुल जी के साथ मिलकर लंच का इंतजाम कर देते है l
फिर सभी सदस्य मिलकर लंच करते है l
लंच के बाद फिर मोर्चा सम्हाला मनोज जी ने ,
उन्होंने उपस्थित सभी सदस्यों की फौरम सम्बंधित तकनिकी और गैरतकनीकी समस्यायों का निवारण किया l
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 05:19 PM
और फिर लगभग सार बजे रमण जी पार्टी से विदा लेकर इस अयोज़न की समाप्ति की घोसना की l
और उनके जाते ही लगभग सभी सस्द्स्य एक एक करके जाना शुरू हो गए l
Nisha.Patel
26-12-2011, 05:21 PM
अच्छा वर्णन हे हरयाणवी जी और आगे भी इन्तजार रहेगा
Chandrshekhar
26-12-2011, 05:29 PM
हरियाणवी जी नहीं आने का मलाल रह गया , यहा आपसे सुनके कुछ सांत्वना मिल गयी, धन्यवाद
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 05:30 PM
अच्छा वर्णन हे हरयाणवी जी और आगे भी इन्तजार रहेगा
और फिर सुबह की तरह मई और सुशिल बाइक पर और अजय और मनोज बस/ मेट्रो से नरेला के लिए निकले ,
एक बार तो ये तीनों मेरे यहाँ से विदा लेकर चले गए, परन्तु लगभग एक घंटे बाद दोबारा आ गए l
फिर इनको लेकर मैं रात को 11:30 के लगभग अपने घर सोनीपत ले कर पहुंचा l
फिर हमने रात का खाना खाया l
badboy123455
26-12-2011, 05:33 PM
कुछ गला तर नही किया..............
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 05:34 PM
कुछ गला तर नही किया..............
इस बारे में किसी की कोई फरमाइश नहीं आई l
amol05
26-12-2011, 05:50 PM
कुछ गला तर नही किया..............
चाय कोल्ड ड्रिंक और सभी ने हास्य ठहाको और अभिनन्दन से गला तार किया मित्र जिसका आनंद जिंदगी भर याद रहेगा
Raman46
26-12-2011, 06:04 PM
यार राकेश भाई / आप आते तो शायद अपना भी गला तर हो जाता / आप को काफी ढूंढा पार्टी में /
Raman46
26-12-2011, 06:06 PM
चाय कोल्ड ड्रिंक और सभी ने हास्य ठहाको और अभिनन्दन से गला तार किया मित्र जिसका आनंद जिंदगी भर याद रहेगा
ज्ञान मुनि जी ,ये अपना राकेश भाई रहते तो मैं तो तैयार था साथ में चार बोतले रख्खी ही रह गयी गाडी में ही /
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 06:08 PM
और हम चारो आज दस बजे सो कर उठे और एक साथ सोनीपत से दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़ी
और मैं नरेला अपनी शॉप के लिए ट्रेन से उतर गया और वो तीनों दिल्ली के लिए निकल गए और अब वे तीनों अपनी अपनी ट्रेनों में अपनी अपनी मंजिलो के पास होंगे
swami ji
26-12-2011, 07:03 PM
चाय कोल्ड ड्रिंक और सभी ने हास्य ठहाको और अभिनन्दन से गला तार किया मित्र जिसका आनंद जिंदगी भर याद रहेगा
आप सभी को बधाई हो मित्र मेला की दोस्तों ....हम आ न सके पर एस विशाशन से हम आपके साथ थे ऐसा लगा हमें दोस्तों ....
आभार ,,,राजवीर ..
jalwa
26-12-2011, 10:10 PM
मित्रों, वैसे तो हरियाणवी जी इस भेंट मुलाक़ात का बहुत अच्छा वर्णन कर रहे हैं. अमोल जी और रमण जी ने भी बहुत सुन्दर वर्णन किया है. मुझ से रुका नहीं गया सोचा की मैं भी कुछ अपने अनुभव आपके साथ शेयर करूँ.
मित्रों, मनोज जी और अजय जी के दिल्ली आने के विषय में मुझे कई दिनों से पता था और मैं इनका बेसब्री से इन्तेजार भी कर रहा था. दो दिनों से मनोज जी के लगातार संपर्क में था. कल सुबह भी उनसे तीन चार बार बात हुई. लेकिन उन्होंने मुझे इस पार्टी के बारे में कुछ नहीं बताया. (फिर भी मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है क्यूंकि अचानक हुई इस भेंट से मजा कई गुना हो गया.) मेरे विचार से मनोज जी सीधे मेरे पास आने वाले थे और मैं उनके फोन आने के इन्तेजार में था की कब वे शाहदरा मैट्रो स्टेशन पहुंचेंगे.और छुट्टी का दिन होने के कारण मैं सुबह से क्रिकेट खेलने भी गया हुआ था. मैं इस इन्तेजार में था की मनोज जी का फोन आए और मैं उन्हें लेने स्टेशन जाऊं. परन्तु उस समय मेरे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब मेरे पास अक्ष जी का फोन आया और उन्होंने बताया की यहाँ पर अन्तर्वासना के बहुत से मित्र आए हुए हैं और विशेष तौर पर मुन्ना भैया भी आए हुए हैं. बस फिर क्या था मैं फ़ौरन आयोजन स्थल पर पहुँच गया. अक्ष जी, अजय जी, मनोज जी, और सुशील जी को तो मैं पहले से पहचानता था क्यूंकि कई बार भेंट कर चुका था . लेकिन अन्य मित्रों को देख कर उन्हें पहचानना मेरे लिए बहुत मुश्किल था. वहां सभी ने मुझे मुन्ना भैया को पाथ जी बताकर भेंट कराई और रमण जी को मुन्ना भैया बताकर. लेकिन जब बात खुली तब मुझे और अन्य मित्रों को भी बहुत मजा आया. बस ठहाके गूंज रहे थे. और तभी पी के सिन्हा (skp) की भी वहां आ गए. हंसी ठहाकों और फोरम की चर्चा के बीच सभी ने भोजन किया. और बहुत एन्जॉय किया.
इस बीच बहुत से मित्रों की चर्चा हुई. गुल्लू जी का बहुत इन्तेजार किया गया और उन्हें बहुत याद किया गया. चंद्रशेखर जी , खालिद जी, सिकंदर जी,जेठा लाल जी, युवराज जी, हमसफ़र जी, मिस दबंग जी, रज्जी कौर आदि की बहुत चर्चा हुई.और स्लिम सीमा जी तथा दिया मिश्रा जी को भी बहुत याद किया गया. इसी बीच कई सूत्रों का भी बहुत जिक्र चला मुख्य रूप से "आवश्यकता है बीच मसाज " वाले सूत्र की ठहाकों के बीच बहुत चर्चा हुई. जानकार ताज्जुब हुआ की मुन्ना भैया ने यह सूत्र नहीं देखा. बाकि मुन्ना भैया ने बहुत सुन्दर वृतांत और चुटकुले भी सुनाए. अक्ष जी ने भी समां बाँधने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस सबके चलते अजय जी दबादब फोटो खींचे जा रहे थे. सबसे बड़ा लाभ मुझे यह हुआ की पिछले कई दिनों से मुझे फोरम में लोगिन करने में कुछ समस्या आ रही थी. मुझे लग रहा था की मुझे बैन किया गया हो सकता है. जब मुन्ना भैया को मैंने लोगिन के पश्चात आने वाला मैसेज दिखाया तो उन्होंने उस समस्या का भी समाधान कर दिया और मनोज जी ने कई सोफ्टवेयर मेरे लैपटॉप में डाल दिए. अब मुझे कोई समस्या नहीं आ रही है.
लोटस जी से मेरी भेंट नहीं हो सकी इस बात का मुझे मलाल रहा. बाकि मुन्ना भैया, ग्रुप जी, कात्याल जी, अमोल जी, विपुल जी, आर्नोल्ड जी,पी के सिन्हा जी, देव भारद्वाज और हरियाणवी जी से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा. और अक्ष जी, सुशील जी, अजय जी , मनोज जी से मैं पहले मिल चुका था फिर से मिल कर और हर्ष हुआ.सबसे बड़ी बात संत्यें भैया के साथ मुझे बहुत समय बिताने का अवसर मिला और उनसे सभी विषयों पर काफी चर्चा हुई. रात्रि में उन्हें सराय काले खाँ बस अड्डे पर छोड़ते समय मुझे कुछ दुःख भी हो रहा था परन्तु उन्होंने फिर से मिलने के लिए जब हम सभी को जयपुर आमंत्रित किया तो बहुत ख़ुशी भी हुई.
सभी मित्र बहुत अच्छे हैं. (मित्रों, मैं इस पार्टी में बहुत देर से पहुंचा था इसीलिए पूरा विवरण नहीं लिख पाया हूँ. पूरा विवरण मनोज जी, अजय जी, सुशील जी, हरियाणवी जी ही अच्छे से दे सकते हैं सबसे अधिक समय यही लोग थे.)
ईश्वर करे ये मुलाकातें ऐसे ही होती रहें.
dineshsaini1982
26-12-2011, 10:12 PM
अरे वाह ये तो दोस्तो का एक और ठिकाना क्या बात है मित्रो
Kamal Ji
26-12-2011, 10:19 PM
सब से पहले इस सूत्र के रचयिता को धन्यवाद
और इसके उपरान्त सुमेर भाई जी उर्फ Triple-S HARYANVI जी को और इनके साथ
इस पार्टी का आयोजन मे जिन जिन का सहयोग था
उन सब को बहुत बहुत धन्यवाद और शुभाशीर्वाद.
जिन्होंने इस पार्टी को सफल बनाने मे अथक प्रयास किया विपुल जी ने .
और इस पार्टी पर आकर इस पार्टी को चार चाँद लगाने वाले संत जी का मैं विशेष रूप से आभारी हूँ .
जिन्होंने आकर न केवल हम सब का हौसला बढ़ाया अपितु इस फोरम को और कैसे ऊंचा उठाया जाए यह भी मार्गदर्शन किया .
अब अक्ष जी,अमोल जी और जलवा जी का नाम न आये तो यह कैसे सम्भव होगा
जिन्होंने अपने अपने चुटकुलों द्वारा हमारा वहाँ भी मनोरंजन किया.
देव बी जी ग्रुप जी, सुशील जी अजय जी, रमण जी और नन्हे नन्हें मनोज जी ( दिखने मे बालक जैसे ) जिनका कद तो ऊंचा ही है और इस फोरम मे तो वैसे भी बुलंदियों को छू रहे हैं.
अब कौन भाई रह गया है ?..............
हाँ इस सब पर सीसवाल भाई जी और बहुत कुछ लिख सकते थे पता नही कियों नही लिखा
शायद सर्दी के कारण उनके हाथ काँप रहे होंगे.इतने दुबले पतले जो हैं
शेष फिर लिखूंगा.
अभी यादें ताजा हैं और बनी भी रहेंगी.
धन्यवाद सबका.
Triple-S HARYANVI
26-12-2011, 10:24 PM
आदरणीय जलवा जी जिन्हें आप रमण जी कह रहे हो वो कमल जी थे और जिन्हें आप सिन्हा जी कह रहे है वो रमण जी ही है l
वैसे आपका वो दांतों वाला गुप्ता जी वाला किस्सा मुझे अभी भी गुद गुदा रहा है l
Kamal Ji
26-12-2011, 10:24 PM
मित्रों, वैसे तो हरियाणवी जी इस भेंट मुलाक़ात का बहुत अच्छा वर्णन कर रहे हैं. अमोल जी और रमण जी ने भी बहुत सुन्दर वर्णन किया है. मुझ से रुका नहीं गया सोचा की मैं भी कुछ अपने अनुभव आपके साथ शेयर करूँ.
मित्रों, मनोज जी और अजय जी के दिल्ली आने के विषय में मुझे कई दिनों से पता था और मैं इनका बेसब्री से इन्तेजार भी कर रहा था. दो दिनों से मनोज जी के लगातार संपर्क में था. कल सुबह भी उनसे तीन चार बार बात हुई. लेकिन उन्होंने मुझे इस पार्टी के बारे में कुछ नहीं बताया. (फिर भी मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है क्यूंकि अचानक हुई इस भेंट से मजा कई गुना हो गया.) मेरे विचार से मनोज जी सीधे मेरे पास आने वाले थे और मैं उनके फोन आने के इन्तेजार में था की कब वे शाहदरा मैट्रो स्टेशन पहुंचेंगे.और छुट्टी का दिन होने के कारण मैं सुबह से क्रिकेट खेलने भी गया हुआ था. मैं इस इन्तेजार में था की मनोज जी का फोन आए और मैं उन्हें लेने स्टेशन जाऊं. परन्तु उस समय मेरे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब मेरे पास अक्ष जी का फोन आया और उन्होंने बताया की यहाँ पर अन्तर्वासना के बहुत से मित्र आए हुए हैं और विशेष तौर पर मुन्ना भैया भी आए हुए हैं. बस फिर क्या था मैं फ़ौरन आयोजन स्थल पर पहुँच गया. अक्ष जी, अजय जी, मनोज जी, और सुशील जी को तो मैं पहले से पहचानता था क्यूंकि कई बार भेंट कर चुका था . लेकिन अन्य मित्रों को देख कर उन्हें पहचानना मेरे लिए बहुत मुश्किल था. वहां सभी ने मुझे मुन्ना भैया को पाथ जी बताकर भेंट कराई और रमण जी को मुन्ना भैया बताकर. लेकिन जब बात खुली तब मुझे और अन्य मित्रों को भी बहुत मजा आया. बस ठहाके गूंज रहे थे. और तभी पी के सिन्हा (skp) की भी वहां आ गए. हंसी ठहाकों और फोरम की चर्चा के बीच सभी ने भोजन किया. और बहुत एन्जॉय किया.
इस बीच बहुत से मित्रों की चर्चा हुई. गुल्लू जी का बहुत इन्तेजार किया गया और उन्हें बहुत याद किया गया. चंद्रशेखर जी , खालिद जी, सिकंदर जी,जेठा लाल जी, युवराज जी, हमसफ़र जी, मिस दबंग जी, रज्जी कौर आदि की बहुत चर्चा हुई.और स्लिम सीमा जी तथा दिया मिश्रा जी को भी बहुत याद किया गया. इसी बीच कई सूत्रों का भी बहुत जिक्र चला मुख्य रूप से "आवश्यकता है बीच मसाज " वाले सूत्र की ठहाकों के बीच बहुत चर्चा हुई. जानकार ताज्जुब हुआ की मुन्ना भैया ने यह सूत्र नहीं देखा. बाकि मुन्ना भैया ने बहुत सुन्दर वृतांत और चुटकुले भी सुनाए. अक्ष जी ने भी समां बाँधने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस सबके चलते अजय जी दबादब फोटो खींचे जा रहे थे. सबसे बड़ा लाभ मुझे यह हुआ की पिछले कई दिनों से मुझे फोरम में लोगिन करने में कुछ समस्या आ रही थी. मुझे लग रहा था की मुझे बैन किया गया हो सकता है. जब मुन्ना भैया को मैंने लोगिन के पश्चात आने वाला मैसेज दिखाया तो उन्होंने उस समस्या का भी समाधान कर दिया और मनोज जी ने कई सोफ्टवेयर मेरे लैपटॉप में डाल दिए. अब मुझे कोई समस्या नहीं आ रही है.
लोटस जी से मेरी भेंट नहीं हो सकी इस बात का मुझे मलाल रहा. बाकि मुन्ना भैया, ग्रुप जी, कात्याल जी, अमोल जी, विपुल जी, आर्नोल्ड जी,पी के सिन्हा जी, देव भारद्वाज और हरियाणवी जी से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा. और अक्ष जी, सुशील जी, अजय जी , मनोज जी से मैं पहले मिल चुका था फिर से मिल कर और हर्ष हुआ.सबसे बड़ी बात संत्यें भैया के साथ मुझे बहुत समय बिताने का अवसर मिला और उनसे सभी विषयों पर काफी चर्चा हुई. रात्रि में उन्हें सराय काले खाँ बस अड्डे पर छोड़ते समय मुझे कुछ दुःख भी हो रहा था परन्तु उन्होंने फिर से मिलने के लिए जब हम सभी को जयपुर आमंत्रित किया तो बहुत ख़ुशी भी हुई.
सभी मित्र बहुत अच्छे हैं. (मित्रों, मैं इस पार्टी में बहुत देर से पहुंचा था इसीलिए पूरा विवरण नहीं लिख पाया हूँ. पूरा विवरण मनोज जी, अजय जी, सुशील जी, हरियाणवी जी ही अच्छे से दे सकते हैं सबसे अधिक समय यही लोग थे.)
ईश्वर करे ये मुलाकातें ऐसे ही होती रहें.
रमण जी को मुन्ना भैया बताकर नही मुझे मुन्ना जी ने मुन्ना जी कह कर आपसे भेंट करवाई थी .
और इन सब मे मेरा नाम नही
कोई अफ़सोस नही है.
छोटों को तो नज़रंदाज़ क्र ही देते हैं.
हा हा हा हा हा
ajaythegoodguy
26-12-2011, 10:30 PM
अगली बार हम और badboy और मास्टर और कृष जी के साथ fullmoon जी भी आयेंगे
देखेगे मन्टु दादा वो दिन अब दुर नही बस जल्दी ही हम यहा जयपुर मे भी मिलन समाहरोह कर रहे हे
वेसे मजा आ गया
कभी सोचा नही था की एसा भी दिन आयेगा जब इतने सारे avf के मित्र एक साथ
बस जो भी हुआ बिलकुल एक सपना था
एक सपना था जो सच बन कर सामने आया ओर सभी मित्रो का एक साथ मिलना सम्भव हुआ
Raman46
26-12-2011, 10:31 PM
मित्रों, वैसे तो हरियाणवी जी इस भेंट मुलाक़ात का बहुत अच्छा वर्णन कर रहे हैं. अमोल जी और रमण जी ने भी बहुत सुन्दर वर्णन किया है. मुझ से रुका नहीं गया सोचा की मैं भी कुछ अपने अनुभव आपके साथ शेयर करूँ.
मित्रों, मनोज जी और अजय जी के दिल्ली आने के विषय में मुझे कई दिनों से पता था और मैं इनका बेसब्री से इन्तेजार भी कर रहा था. दो दिनों से मनोज जी के लगातार संपर्क में था. कल सुबह भी उनसे तीन चार बार बात हुई. लेकिन उन्होंने मुझे इस पार्टी के बारे में कुछ नहीं बताया. (फिर भी मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है क्यूंकि अचानक हुई इस भेंट से मजा कई गुना हो गया.) मेरे विचार से मनोज जी सीधे मेरे पास आने वाले थे और मैं उनके फोन आने के इन्तेजार में था की कब वे शाहदरा मैट्रो स्टेशन पहुंचेंगे.और छुट्टी का दिन होने के कारण मैं सुबह से क्रिकेट खेलने भी गया हुआ था. मैं इस इन्तेजार में था की मनोज जी का फोन आए और मैं उन्हें लेने स्टेशन जाऊं. परन्तु उस समय मेरे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब मेरे पास अक्ष जी का फोन आया और उन्होंने बताया की यहाँ पर अन्तर्वासना के बहुत से मित्र आए हुए हैं और विशेष तौर पर मुन्ना भैया भी आए हुए हैं. बस फिर क्या था मैं फ़ौरन आयोजन स्थल पर पहुँच गया. अक्ष जी, अजय जी, मनोज जी, और सुशील जी को तो मैं पहले से पहचानता था क्यूंकि कई बार भेंट कर चुका था . लेकिन अन्य मित्रों को देख कर उन्हें पहचानना मेरे लिए बहुत मुश्किल था. वहां सभी ने मुझे मुन्ना भैया को पाथ जी बताकर भेंट कराई और रमण जी को मुन्ना भैया बताकर. लेकिन जब बात खुली तब मुझे और अन्य मित्रों को भी बहुत मजा आया. बस ठहाके गूंज रहे थे. और तभी पी के सिन्हा (skp) की भी वहां आ गए. हंसी ठहाकों और फोरम की चर्चा के बीच सभी ने भोजन किया. और बहुत एन्जॉय किया.
इस बीच बहुत से मित्रों की चर्चा हुई. गुल्लू जी का बहुत इन्तेजार किया गया और उन्हें बहुत याद किया गया. चंद्रशेखर जी , खालिद जी, सिकंदर जी,जेठा लाल जी, युवराज जी, हमसफ़र जी, मिस दबंग जी, रज्जी कौर आदि की बहुत चर्चा हुई.और स्लिम सीमा जी तथा दिया मिश्रा जी को भी बहुत याद किया गया. इसी बीच कई सूत्रों का भी बहुत जिक्र चला मुख्य रूप से "आवश्यकता है बीच मसाज " वाले सूत्र की ठहाकों के बीच बहुत चर्चा हुई. जानकार ताज्जुब हुआ की मुन्ना भैया ने यह सूत्र नहीं देखा. बाकि मुन्ना भैया ने बहुत सुन्दर वृतांत और चुटकुले भी सुनाए. अक्ष जी ने भी समां बाँधने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस सबके चलते अजय जी दबादब फोटो खींचे जा रहे थे. सबसे बड़ा लाभ मुझे यह हुआ की पिछले कई दिनों से मुझे फोरम में लोगिन करने में कुछ समस्या आ रही थी. मुझे लग रहा था की मुझे बैन किया गया हो सकता है. जब मुन्ना भैया को मैंने लोगिन के पश्चात आने वाला मैसेज दिखाया तो उन्होंने उस समस्या का भी समाधान कर दिया और मनोज जी ने कई सोफ्टवेयर मेरे लैपटॉप में डाल दिए. अब मुझे कोई समस्या नहीं आ रही है.
लोटस जी से मेरी भेंट नहीं हो सकी इस बात का मुझे मलाल रहा. बाकि मुन्ना भैया, ग्रुप जी, कात्याल जी, अमोल जी, विपुल जी, आर्नोल्ड जी,पी के सिन्हा जी, देव भारद्वाज और हरियाणवी जी से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा. और अक्ष जी, सुशील जी, अजय जी , मनोज जी से मैं पहले मिल चुका था फिर से मिल कर और हर्ष हुआ.सबसे बड़ी बात संत्यें भैया के साथ मुझे बहुत समय बिताने का अवसर मिला और उनसे सभी विषयों पर काफी चर्चा हुई. रात्रि में उन्हें सराय काले खाँ बस अड्डे पर छोड़ते समय मुझे कुछ दुःख भी हो रहा था परन्तु उन्होंने फिर से मिलने के लिए जब हम सभी को जयपुर आमंत्रित किया तो बहुत ख़ुशी भी हुई.
सभी मित्र बहुत अच्छे हैं. (मित्रों, मैं इस पार्टी में बहुत देर से पहुंचा था इसीलिए पूरा विवरण नहीं लिख पाया हूँ. पूरा विवरण मनोज जी, अजय जी, सुशील जी, हरियाणवी जी ही अच्छे से दे सकते हैं सबसे अधिक समय यही लोग थे.)
ईश्वर करे ये मुलाकातें ऐसे ही होती रहें.
जलवा जी भाई आज बड़े दिनों के बाद मिस दबंग से चौपाल पर मुलाकात हुई / आप को मैंने रिसोर्ट्स के नाम से ही पहचान गया / बड़े भैया का चेहरा मेरे रग रग में वसा था इस लिए उन्हें बिना किसी के बताये ही पहचान लिया / मेरा ख़ुशी का कोई अंदाजा नही लगा सकता की मैं कितना खुस था / आप के वो कथन मुझे सदा याद रहेगा की .ये २०० रुपए नही ये तो १०० रूपये बाली है / बाँकी सभी मित्र एक से बढ़ कर एक मिले पार्टी में / वो आदगार लम्हें शायद ही कभी भूल पाऊं जीवन में / जलवा जी आप के हंसी ठिठोले मुझे हमेशा आप की यादों की याद दिला दिया करेगी /
jalwa
26-12-2011, 10:31 PM
रमण जी को मुन्ना भैया बताकर नही मुझे मुना जी ने मुना जी कह कर.
और इन सब मे मेरा नाम नही
कोई अफ़सोस नही है.
छोटों को तो नज़रंदाज़ क्र ही देते हैं.
हा हा हा हा हा
कमल जी, क्षमा करना जल्दबाजी में आपका नाम लिखना ध्यान नहीं रहा मुझे लग रहा था की शायद कुछ छुट ना जाए, शायद अब भी किसी मित्र का नाम छुट गया हो तो क्षमा करें. वैसे आपके, लोटस जी के और मेरे नामों का अर्थ एक ही होता है.
बाकि गलती तो छोटों से ही होती है. एक दफा फिर से क्षमाप्रार्थी हूँ. आपसे जब दोबारा भेंट होगी तब
swami ji
26-12-2011, 10:32 PM
सभी मित्रो के विवरण से ऐसा लगा जेसे हम वहा मजूद थे ,,,,सभी आची रही हे सब की जन पहेचन दोस्तों ,,,
jalwa
26-12-2011, 10:35 PM
रमण जी को मुन्ना भैया बताकर नही मुझे मुन्ना जी ने मुन्ना जी कह कर आपसे भेंट करवाई थी .
और इन सब मे मेरा नाम नही
कोई अफ़सोस नही है.
छोटों को तो नज़रंदाज़ क्र ही देते हैं.
हा हा हा हा हा
कमल जी, अब मुझे आपका चेहरा भी ध्यान आ गया. भूल के लिए एक दफा फिर से क्षमा प्रार्थी हूँ. वास्तव में मैं थोडा भुलक्कड़ भी हूँ.
ajaythegoodguy
26-12-2011, 10:39 PM
कमल जी, अब मुझे आपका चेहरा भी ध्यान आ गया. भूल के लिए एक दफा फिर से क्षमा प्रार्थी हूँ. वास्तव में मैं थोडा भुलक्कड़ भी हूँ.
हा जी बहुत ज्यादा भुलक्कड हो ...... एक ओवर मे आठ आठ बोल्स डाल देते हो ,,,,,,सोरी मजाक था
jalwa
26-12-2011, 10:40 PM
आदरणीय जलवा जी जिन्हें आप रमण जी कह रहे हो वो कमल जी थे और जिन्हें आप सिन्हा जी कह रहे है वो रमण जी ही है l
वैसे आपका वो दांतों वाला गुप्ता जी वाला किस्सा मुझे अभी भी गुद गुदा रहा है l
हरियाणवी भाई, वास्तव में दिल्ली-6 वालों की आम बोलचाल की भाषा भी ऐसी है की आप सुन लोगे तो किसी किसी बात को याद कर कर के बहुत दिनों तक हंसी आती रहेगी. गालियाँ भी यहाँ ऐतिहासिक और कलात्मकता का पुट लिए होती हैं. अगर कोई फिल्मकार मुझ से मिलने के बाद पुरानी दिल्ली पर फिल्म बनाए तो देखने वालों के पेट में बल पड़ जाएंगे ये मेरी गारंटी है.
बाकि आप को दांतों वाला किस्सा अच्छा लगा जानकार मुझे हर्ष हुआ. आशा है की आप यह किसी पर आजमा कर नहीं देखेंगे.
jalwa
26-12-2011, 10:41 PM
जलवा जी भाई आज बड़े दिनों के बाद मिस दबंग से चौपाल पर मुलाकात हुई / आप को मैंने रिसोर्ट्स के नाम से ही पहचान गया / बड़े भैया का चेहरा मेरे रग रग में वसा था इस लिए उन्हें बिना किसी के बताये ही पहचान लिया / मेरा ख़ुशी का कोई अंदाजा नही लगा सकता की मैं कितना खुस था / आप के वो कथन मुझे सदा याद रहेगा की .ये २०० रुपए नही ये तो १०० रूपये बाली है / बाँकी सभी मित्र एक से बढ़ कर एक मिले पार्टी में / वो आदगार लम्हें शायद ही कभी भूल पाऊं जीवन में / जलवा जी आप के हंसी ठिठोले मुझे हमेशा आप की यादों की याद दिला दिया करेगी /
मित्र, उस दिन यदि मैं सौ और दो सौ रुपये के फेर में पड़ जाता तो शायद कपडे भी उतरवा कर घर लौटता.
बाकि आपको किस्सा अच्छा लगा जान कर ख़ुशी हुई.
jalwa
26-12-2011, 10:42 PM
हा जी बहुत ज्यादा भुलक्कड हो ...... एक ओवर मे आठ आठ बोल्स डाल देते हो ,,,,,,सोरी मजाक था
मजाक नहीं सच है भाई, दो नो बाल भी डल जाती हैं ना......
Raman46
26-12-2011, 10:43 PM
रमण जी को मुन्ना भैया बताकर नही मुझे मुन्ना जी ने मुन्ना जी कह कर आपसे भेंट करवाई थी .
और इन सब मे मेरा नाम नही
कोई अफ़सोस नही है.
छोटों को तो नज़रंदाज़ क्र ही देते हैं.
हा हा हा हा हा
कमल जी भाई जैसा ही आप जानते ही है फोरम पर मैं आप के कितना करीब हूँ ये तो मेरा दिल ही जानता है मित्र / आप की परिचय एक बार भी दो दो बार कराया गया पर हम हमेशा आप को पाथ जी ही समझते रहे / खुलासा तब हुआ जब आप मेरा फोटो खीचने लगे तो बड़े भैया ने धीरे से मेरे कान के पास बोले जानते है ये है आप के कमल जी / मित्र शायद आप को याद होगा मैंने एक बार फिर से आप के गले लगा / दोस्त आप को मैं भला कैसे भूल पाऊंगा अपने प्यारे मित्र को / प्यार के साथ आप का प्यारा दोस्त .....रमण
jalwa
26-12-2011, 10:46 PM
आदरणीय जलवा जी जिन्हें आप रमण जी कह रहे हो वो कमल जी थे और जिन्हें आप सिन्हा जी कह रहे है वो रमण जी ही है l
l
मित्र, रमण जी और कमल जी में कन्फ्यूजन तो मैंने स्वीकार कर लिया है परन्तु सिन्हा साहब को पहचानने में मैं भूल नहीं कर सकता. वे जो बाद में आए थे. काला सूट पहन कर . और जो साकेत में रहते हैं. छतरपुर मंदिर के बारे में जिनसे विस्तार से चर्चा हुई थी.
ajaythegoodguy
26-12-2011, 10:47 PM
मजाक नहीं सच है भाई, दो नो बाल भी डल जाती हैं ना......
यानी आप हर ओवर मे दो बाल्स नो बोल डालते हो
Kamal Ji
26-12-2011, 10:49 PM
कमल जी, क्षमा करना जल्दबाजी में आपका नाम लिखना ध्यान नहीं रहा मुझे लग रहा था की शायद कुछ छुट ना जाए, शायद अब भी किसी मित्र का नाम छुट गया हो तो क्षमा करें. वैसे आपके, लोटस जी के और मेरे नामों का अर्थ एक ही होता है.
बाकि गलती तो छोटों से ही होती है. एक दफा फिर से क्षमाप्रार्थी हूँ. आपसे जब दोबारा भेंट होगी तब
लो जी हमारा भी दिल देखो
चलो मुआफ किया
अब चलो चौपाल पर
बाकी बातें वहीँ.
Raman46
26-12-2011, 10:49 PM
मित्र, उस दिन यदि मैं सौ और दो सौ रुपये के फेर में पड़ जाता तो शायद कपडे भी उतरवा कर घर लौटता.
बाकि आपको किस्सा अच्छा लगा जान कर ख़ुशी हुई.
जलवा जी यार अब अगर कोई येसा मौका आये तो अपने इस भाई को याद कर लीजियेगा / आप के पास ही नजर आऊंगा उस वक्त / यैसे ही मौके की तलाश रहती है मुझे मेरे भाई जलवा जी /
jalwa
26-12-2011, 10:51 PM
यानी आप हर ओवर मे दो बाल्स नो बोल डालते हो
अब उम्र भी तो हो चली है .. वो तो सचिन जी को आदर्श मान कर कुछेक रन बना लेता हूँ और दो एक ओवर बोलिंग कर देता हूँ. बाकि मैं तो बच्चों का दिल बहलाने के लिए और कुछ एक्सरसाइज हो जाएगी इस लिए कभी कभी खेल लेता हूँ बस.
और नो बोल तो कभी कभी एक ओवर में चार भी डल जाती हैं. हा हा हा .
Raman46
26-12-2011, 10:55 PM
आदरणीय जलवा जी जिन्हें आप रमण जी कह रहे हो वो कमल जी थे और जिन्हें आप सिन्हा जी कह रहे है वो रमण जी ही है l
वैसे आपका वो दांतों वाला गुप्ता जी वाला किस्सा मुझे अभी भी गुद गुदा रहा है l
बाह भाई सिसवाल जी क्या चौका छक्का मारा यार / लगता है जलवा जी मिस दबंग को भी भूल ही जायेंगे ..हा हा हा / आप का जबाब नही लस्सी बाले भाई
ajaythegoodguy
26-12-2011, 10:57 PM
अब उम्र भी तो हो चली है .. वो तो सचिन जी को आदर्श मान कर कुछेक रन बना लेता हूँ और दो एक ओवर बोलिंग कर देता हूँ. बाकि मैं तो बच्चों का दिल बहलाने के लिए और कुछ एक्सरसाइज हो जाएगी इस लिए कभी कभी खेल लेता हूँ बस.
और नो बोल तो कभी कभी एक ओवर में चार भी डल जाती हैं. हा हा हा .
आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा ओर मेरी तरफ़ से आप उन्हे कह देना की कोई कारण की वजय से मिल नही पाया उनसे .......ता जी से
ajaythegoodguy
26-12-2011, 10:59 PM
बाह भाई सिसवाल जी क्या चौका छक्का मारा यार / लगता है जलवा जी मिस दबंग को भी भूल ही जायेंगे ..हा हा हा / आप का जबाब नही लस्सी बाले भाई
होस्पीटल वाले भाई साहब नमस्कार आपसे मिलना बहुत अच्छा लगा आशा करता हु फ़िर से मुलाकात होगी
Raman46
26-12-2011, 10:59 PM
यानी आप हर ओवर मे दो बाल्स नो बोल डालते हो
अजय भाई आप निश्चिन्त रहे /जलवा जी के साथ मिस दबंग की लाइव तेले कास्ट की ओरिजनल कॉपी आज भी मेरे पास सुरक्षित है ......हा हा / यार मैं भी ठोस थोडा थोडा फोटो ग्राफी सिख रहा हूँ /
NaKShtR
26-12-2011, 11:01 PM
अजय भाई आप निश्चिन्त रहे /जलवा जी के साथ मिस दबंग की लाइव तेले कास्ट की ओरिजनल कॉपी आज भी मेरे पास सुरक्षित है ......हा हा / यार मैं भी ठोस थोडा थोडा फोटो ग्राफी सिख रहा हूँ /
तो कब दिखा रहे है जी , लाइव टेलीकास्ट को |
Raman46
26-12-2011, 11:02 PM
होस्पीटल वाले भाई साहब नमस्कार आपसे मिलना बहुत अच्छा लगा आशा करता हु फ़िर से मुलाकात होगी
हाँ अजय भाई जरुर मिलूँगा / आप को शायद याद होगी मैंने आप को बिना किसी परिचय के ही कैसे पहचान लिया /
Raman46
26-12-2011, 11:05 PM
तो कब दिखा रहे है जी , लाइव टेलीकास्ट को |
मित्र इसके लिए उन दोनों से पहले इजाजत लेनी होगी / अभी मैं किसी तरह की ब्लेक मेल नही करना चाह रहा हूँ दोस्त /
NaKShtR
26-12-2011, 11:08 PM
मित्र इसके लिए उन दोनों से पहले इजाजत लेनी होगी / अभी मैं किसी तरह की ब्लेक मेल नही करना चाह रहा हूँ दोस्त /
न जी मुझे तो नही लगता उन्हें कोई परेशानी होगी , क्यों जलवा जी , क्या कहना है आपका |
ajaythegoodguy
26-12-2011, 11:09 PM
तो कब दिखा रहे है जी , लाइव टेलीकास्ट को |
बहुत जल्दी आप टिवी ओन कर के बेठे रहो
ajaythegoodguy
26-12-2011, 11:12 PM
हाँ अजय भाई जरुर मिलूँगा / आप को शायद याद होगी मैंने आप को बिना किसी परिचय के ही कैसे पहचान लिया /
हा जी बिलकुल पहचाल लिया था वेसे केसे पहचाना
NaKShtR
26-12-2011, 11:12 PM
बहुत जल्दी आप टिवी ओन कर के बेठे रहो
अच्छा चेनल कौनसा जी |
ajaythegoodguy
26-12-2011, 11:18 PM
अच्छा चेनल कौनसा जी |
चेनल तो यार वही बतायेगे ना जो इसे शुरु कर रहे हे
jalwa
26-12-2011, 11:34 PM
न जी मुझे तो नही लगता उन्हें कोई परेशानी होगी , क्यों जलवा जी , क्या कहना है आपका |
जब शूटिंग करने मे मुझे कोई एतराज नहीं हुआ तो अब लाइव टेलिकास्ट करने मे क्यूँ होगा भला? बस मेरी रॉयल्टी मुझे मिलती रहनी चाहिए।
मित्रों, वैसे तो हरियाणवी जी इस भेंट मुलाक़ात का बहुत अच्छा वर्णन कर रहे हैं. अमोल जी और रमण जी ने भी बहुत सुन्दर वर्णन किया है. मुझ से रुका नहीं गया सोचा की मैं भी कुछ अपने अनुभव आपके साथ शेयर करूँ.
मित्रों, मनोज जी और अजय जी के दिल्ली आने के विषय में मुझे कई दिनों से पता था और मैं इनका बेसब्री से इन्तेजार भी कर रहा था. दो दिनों से मनोज जी के लगातार संपर्क में था. कल सुबह भी उनसे तीन चार बार बात हुई. लेकिन उन्होंने मुझे इस पार्टी के बारे में कुछ नहीं बताया. (फिर भी मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है क्यूंकि अचानक हुई इस भेंट से मजा कई गुना हो गया.) मेरे विचार से मनोज जी सीधे मेरे पास आने वाले थे और मैं उनके फोन आने के इन्तेजार में था की कब वे शाहदरा मैट्रो स्टेशन पहुंचेंगे.और छुट्टी का दिन होने के कारण मैं सुबह से क्रिकेट खेलने भी गया हुआ था. मैं इस इन्तेजार में था की मनोज जी का फोन आए और मैं उन्हें लेने स्टेशन जाऊं. परन्तु उस समय मेरे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब मेरे पास अक्ष जी का फोन आया और उन्होंने बताया की यहाँ पर अन्तर्वासना के बहुत से मित्र आए हुए हैं और विशेष तौर पर मुन्ना भैया भी आए हुए हैं. बस फिर क्या था मैं फ़ौरन आयोजन स्थल पर पहुँच गया. अक्ष जी, अजय जी, मनोज जी, और सुशील जी को तो मैं पहले से पहचानता था क्यूंकि कई बार भेंट कर चुका था . लेकिन अन्य मित्रों को देख कर उन्हें पहचानना मेरे लिए बहुत मुश्किल था. वहां सभी ने मुझे मुन्ना भैया को पाथ जी बताकर भेंट कराई और रमण जी को मुन्ना भैया बताकर. लेकिन जब बात खुली तब मुझे और अन्य मित्रों को भी बहुत मजा आया. बस ठहाके गूंज रहे थे. और तभी पी के सिन्हा (skp) की भी वहां आ गए. हंसी ठहाकों और फोरम की चर्चा के बीच सभी ने भोजन किया. और बहुत एन्जॉय किया.
इस बीच बहुत से मित्रों की चर्चा हुई. गुल्लू जी का बहुत इन्तेजार किया गया और उन्हें बहुत याद किया गया. चंद्रशेखर जी , खालिद जी, सिकंदर जी,जेठा लाल जी, युवराज जी, हमसफ़र जी, मिस दबंग जी, रज्जी कौर आदि की बहुत चर्चा हुई.और स्लिम सीमा जी तथा दिया मिश्रा जी को भी बहुत याद किया गया. इसी बीच कई सूत्रों का भी बहुत जिक्र चला मुख्य रूप से "आवश्यकता है बीच मसाज " वाले सूत्र की ठहाकों के बीच बहुत चर्चा हुई. जानकार ताज्जुब हुआ की मुन्ना भैया ने यह सूत्र नहीं देखा. बाकि मुन्ना भैया ने बहुत सुन्दर वृतांत और चुटकुले भी सुनाए. अक्ष जी ने भी समां बाँधने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस सबके चलते अजय जी दबादब फोटो खींचे जा रहे थे. सबसे बड़ा लाभ मुझे यह हुआ की पिछले कई दिनों से मुझे फोरम में लोगिन करने में कुछ समस्या आ रही थी. मुझे लग रहा था की मुझे बैन किया गया हो सकता है. जब मुन्ना भैया को मैंने लोगिन के पश्चात आने वाला मैसेज दिखाया तो उन्होंने उस समस्या का भी समाधान कर दिया और मनोज जी ने कई सोफ्टवेयर मेरे लैपटॉप में डाल दिए. अब मुझे कोई समस्या नहीं आ रही है.
लोटस जी से मेरी भेंट नहीं हो सकी इस बात का मुझे मलाल रहा. बाकि मुन्ना भैया, ग्रुप जी, कात्याल जी, अमोल जी, विपुल जी, आर्नोल्ड जी,पी के सिन्हा जी, देव भारद्वाज और हरियाणवी जी से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा. और अक्ष जी, सुशील जी, अजय जी , मनोज जी से मैं पहले मिल चुका था फिर से मिल कर और हर्ष हुआ.सबसे बड़ी बात संत्यें भैया के साथ मुझे बहुत समय बिताने का अवसर मिला और उनसे सभी विषयों पर काफी चर्चा हुई. रात्रि में उन्हें सराय काले खाँ बस अड्डे पर छोड़ते समय मुझे कुछ दुःख भी हो रहा था परन्तु उन्होंने फिर से मिलने के लिए जब हम सभी को जयपुर आमंत्रित किया तो बहुत ख़ुशी भी हुई.
सभी मित्र बहुत अच्छे हैं. (मित्रों, मैं इस पार्टी में बहुत देर से पहुंचा था इसीलिए पूरा विवरण नहीं लिख पाया हूँ. पूरा विवरण मनोज जी, अजय जी, सुशील जी, हरियाणवी जी ही अच्छे से दे सकते हैं सबसे अधिक समय यही लोग थे.)
ईश्वर करे ये मुलाकातें ऐसे ही होती रहें.
पता नहीं मनोज जी से ऐसा क्या डलवा लिया आपने कि अब आपको कोई समस्या ही नहीं रही....???? ज़रा खुल कर बताएं...जलवा जी..!
monieda
27-12-2011, 12:35 AM
वाह ! बहुत ही रोमांचक बैठक रही यह तो | शायद कभी हम भी ऐसे मेलों का हिस्सा बन सकें |
बहुत बढ़िया , बहुत खूब , मजेदार |
दोस्तों....इस मिलन समारोह में जो सदस्य मौजूद थे उनमें से सभी ऐसे थे...जो इससे पहले भी किसी ना किसी सदस्य से मिल चुके थे....जैसे कि मैं मुन्ना भैया और जलवा जी से बहुत बार मिल चुका हूँ और इनके अलावा हरयाणवी जी और सुशील जी और मनोज जी से पहले एक बार मिल चुका हूँ...विपुल जी से इस पार्टी के आयोजन के सम्बन्ध में दो बार पहले मिल चुका था...जिन लोगों से पहली बार मिला उनमें अजय जी, सिन्हा जी, अमोल जी और कमल जी और देव भरद्वाज जी, ग्रुप जी और लोटस जी के नाम हैं.......
कुल मिला कर सभी मित्र एक अलग शख्सियत के मालिक हैं....और सभी ने जो छवि एक दुसरे के बारे में जो बना रखी थी.....उससे कहीं ना कहीं सभी अलग थे....मुझे याद है कि जब में पहली बार मुन्ना भैया और जलवा जी से मिला था तो मन में जो छवि थी वो मिलने के बाद कहाँ गायब हो गयी...पता भी नहीं चला....आज मैं जब भी इन लोगों के बारे में सोचता हूँ तो जो अनजाना सा चेहरा दिखाई देता था... वो अब चाह कर भी सामने नहीं आ पाता क्योंकि इन से मेरी व्यक्ति गत मुलाक़ात हो चुकी है....
इसी प्रकार का अनुभव कमल जी, विपुल जी, अमोल जी और अजय जी के साथ हुआ.....देव भरद्वाज और लोटस जी से ज्यादा फोरम पर कभी बातचीत नहीं हुयी इसलिए उनकी कोई छवि पहले से मन में नहीं थी...पर कुल मिला कर इन अनजान चेहरों के पीछे के चेहरे जो कल हम सभी ने देखे हैं उसने आनंद का जो प्रवाह मिलन स्थल पर बहाया है...वो कई महीनों तक मन को आनंदित करने के लिए काफी है....अजय जी और कमल जी जो दोनों ही पेशेवर फोटोग्राफर हैं....उन्होंने सभी के चित्र खींचे......कमल जी ने अपनी बाहें ऊपर चढ़ा कर रायता बनाने में सहयोग देते देते...पूरी तरह से खाने पीने की व्यवस्था को जिस तरह संभाला है...वो वाकई में लाजबाव है....और सभी को खिलाने के चक्कर में उनके लिए परांठा भी कम पड़ गया था पर उन्होंने सब कुछ सहजता से लिया जो मेरे दिल को वाकई छू गया.....
सिन्हा जी का व्यक्तित्व एक अलग ही रूप में सामने आया....मैंने उनको फोरम पर हमेशा ही छेड़ छाड़ में ही लिप्त पाया पर असल जिंदगी में वो बहुत ही मिलनसार और मृदभाषी हैं.......
मनोज ने तकनीकी ज्ञान मित्रों के साथ बांटा तो विपुल जी और उनके स्टाफ के एक सदस्य ने मीटिंग स्थल को जीवंत और चाय नाश्ते से भरा पूरा रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी.....ग्रुप जी ने भी बीच बीच में फुलझडियाँ छोड़ी....और माहौल को जीवंत और हल्का फुल्का बनाये रखने में बहुत मदद की.....
अमोल जी के बुटीक के किस्से.....मुन्ना भैया की ज्ञान भरी और मजाक भरी दुधारी बातें....जलवा जी का देर से प्रकट हुआ जलवा.....और मनोज, सुशील, अजय और हरयाणवी जी का जीवट और उत्साह कुल मिला कर ये मीटिंग बहुत दिनों तक याद रहने वाली है....और मुझे उम्मीद है कि ये चित्र जो मन में इस मीटिंग से उभरे हैं ये धुंधले होने से पहले जल्द ही हम सभी एक बार फिर से मिलेंगे....
सभी मित्रों का इस मीटिंग के लिए समय निकालने के लिए मैं उनका बहुत बहुत आभारी हूँ......
रात के एक से भी ज्यादा का समय हो रहा है और कोई सदस्य इस मीटिंग के बारे में लिख रहा है....तो इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मीटिंग कितनी मजेदार थी....और सबसे बड़ी और अहम बात ये थी इस मीटिंग में कोई शराब, मांस का सेवन नहीं किया गया.......... साधारण चाय नाश्ते को इस मिलन ने इतना खास और मजेदार बना दिया कि उस मजे का वर्णन करना शब्दों में बहुत ही मुश्किल है.....
dev b
27-12-2011, 01:12 AM
पार्टी में आने का मेरा प्रोग्राम था ...परन्तु मेरी साईट पर चीफ़ इंजिनियर की visit थी .इस लिए नहीं आ पाया .. आप का आयोजन बहुत बेहतरीन था ...मुझे संत जी ने बताया .. ....पार्टी में ना आने का खेद मुझे हमेशा रहेगा दोस्तों...आप मेरी जगह किन देव बी से मिल लिए ....????
सब से पहले इस सूत्र के रचयिता को धन्यवाद
और इसके उपरान्त सुमेर भाई जी उर्फ Triple-S HARYANVI जी को और इनके साथ
इस पार्टी का आयोजन मे जिन जिन का सहयोग था
उन सब को बहुत बहुत धन्यवाद और शुभाशीर्वाद.
जिन्होंने इस पार्टी को सफल बनाने मे अथक प्रयास किया विपुल जी ने .
और इस पार्टी पर आकर इस पार्टी को चार चाँद लगाने वाले संत जी का मैं विशेष रूप से आभारी हूँ .
जिन्होंने आकर न केवल हम सब का हौसला बढ़ाया अपितु इस फोरम को और कैसे ऊंचा उठाया जाए यह भी मार्गदर्शन किया .
अब अक्ष जी,अमोल जी और जलवा जी का नाम न आये तो यह कैसे सम्भव होगा
जिन्होंने अपने अपने चुटकुलों द्वारा हमारा वहाँ भी मनोरंजन किया.
देव बी जी ग्रुप जी, सुशील जी अजय जी, रमण जी और नन्हे नन्हें मनोज जी ( दिखने मे बालक जैसे ) जिनका कद तो ऊंचा ही है और इस फोरम मे तो वैसे भी बुलंदियों को छू रहे हैं.
अब कौन भाई रह गया है ?..............
हाँ इस सब पर सीसवाल भाई जी और बहुत कुछ लिख सकते थे पता नही कियों नही लिखा
शायद सर्दी के कारण उनके हाथ काँप रहे होंगे.इतने दुबले पतले जो हैं
शेष फिर लिखूंगा.
अभी यादें ताजा हैं और बनी भी रहेंगी.
धन्यवाद सबका.
dev b
27-12-2011, 01:18 AM
मित्र आप से तो मेरी फोन पर बात हुई थी ना की मै नहीं आ पा रहा हु क्यों की मेरी साईट पर चीफ इंजिनियर का दौरा है ...फिर आप से मेरी मुलाक़ात कान्हा हो गयी मित्र ......वैसे मुझे खेद रहेगा की मै पार्टी में नहीं पहुच पाया ...आप का देव भारद्वाज
दोस्तों....इस मिलन समारोह में जो सदस्य मौजूद थे उनमें से सभी ऐसे थे...जो इससे पहले भी किसी ना किसी सदस्य से मिल चुके थे....जैसे कि मैं मुन्ना भैया और जलवा जी से बहुत बार मिल चुका हूँ और इनके अलावा हरयाणवी जी और सुशील जी और मनोज जी से पहले एक बार मिल चुका हूँ...विपुल जी से इस पार्टी के आयोजन के सम्बन्ध में दो बार पहले मिल चुका था...जिन लोगों से पहली बार मिला उनमें अजय जी, सिन्हा जी, अमोल जी और कमल जी और देव भरद्वाज जी, ग्रुप जी और लोटस जी के नाम हैं.......
कुल मिला कर सभी मित्र एक अलग शख्सियत के मालिक हैं....और सभी ने जो छवि एक दुसरे के बारे में जो बना रखी थी.....उससे कहीं ना कहीं सभी अलग थे....मुझे याद है कि जब में पहली बार मुन्ना भैया और जलवा जी से मिला था तो मन में जो छवि थी वो मिलने के बाद कहाँ गायब हो गयी...पता भी नहीं चला....आज मैं जब भी इन लोगों के बारे में सोचता हूँ तो जो अनजाना सा चेहरा दिखाई देता था... वो अब चाह कर भी सामने नहीं आ पाता क्योंकि इन से मेरी व्यक्ति गत मुलाक़ात हो चुकी है....
इसी प्रकार का अनुभव कमल जी, विपुल जी, अमोल जी और अजय जी के साथ हुआ.....देव भरद्वाज और लोटस जी से ज्यादा फोरम पर कभी बातचीत नहीं हुयी इसलिए उनकी कोई छवि पहले से मन में नहीं थी...पर कुल मिला कर इन अनजान चेहरों के पीछे के चेहरे जो कल हम सभी ने देखे हैं उसने आनंद का जो प्रवाह मिलन स्थल पर बहाया है...वो कई महीनों तक मन को आनंदित करने के लिए काफी है....अजय जी और कमल जी जो दोनों ही पेशेवर फोटोग्राफर हैं....उन्होंने सभी के चित्र खींचे......कमल जी ने अपनी बाहें ऊपर चढ़ा कर रायता बनाने में सहयोग देते देते...पूरी तरह से खाने पीने की व्यवस्था को जिस तरह संभाला है...वो वाकई में लाजबाव है....और सभी को खिलाने के चक्कर में उनके लिए परांठा भी कम पड़ गया था पर उन्होंने सब कुछ सहजता से लिया जो मेरे दिल को वाकई छू गया.....
सिन्हा जी का व्यक्तित्व एक अलग ही रूप में सामने आया....मैंने उनको फोरम पर हमेशा ही छेड़ छाड़ में ही लिप्त पाया पर असल जिंदगी में वो बहुत ही मिलनसार और मृदभाषी हैं.......
मनोज ने तकनीकी ज्ञान मित्रों के साथ बांटा तो विपुल जी और उनके स्टाफ के एक सदस्य ने मीटिंग स्थल को जीवंत और चाय नाश्ते से भरा पूरा रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी.....ग्रुप जी ने भी बीच बीच में फुलझडियाँ छोड़ी....और माहौल को जीवंत और हल्का फुल्का बनाये रखने में बहुत मदद की.....
अमोल जी के बुटीक के किस्से.....मुन्ना भैया की ज्ञान भरी और मजाक भरी दुधारी बातें....जलवा जी का देर से प्रकट हुआ जलवा.....और मनोज, सुशील, अजय और हरयाणवी जी का जीवट और उत्साह कुल मिला कर ये मीटिंग बहुत दिनों तक याद रहने वाली है....और मुझे उम्मीद है कि ये चित्र जो मन में इस मीटिंग से उभरे हैं ये धुंधले होने से पहले जल्द ही हम सभी एक बार फिर से मिलेंगे....
सभी मित्रों का इस मीटिंग के लिए समय निकालने के लिए मैं उनका बहुत बहुत आभारी हूँ......
jalwa
27-12-2011, 01:55 AM
पता नहीं मनोज जी से ऐसा क्या डलवा लिया आपने कि अब आपको कोई समस्या ही नहीं रही....???? ज़रा खुल कर बताएं...जलवा जी..!
भाई जान , ये सामान्य विभाग है अन्यथा मैं इस बात का भी जवाब दे देता। वैसे एस वैसा कुछ नहीं आपने तो देखा ही था की मेरा लैपटॉप बहुत धीमा चल रहा था मनोज जी ने पता नहीं उसमें क्या किया की वो बिलकुल सही हो गया। और अब दिल्ली मैट्रो से भी तेज चल रहा है।
Chandrshekhar
27-12-2011, 01:55 AM
मित्रों, वैसे तो हरियाणवी जी इस भेंट मुलाक़ात का बहुत अच्छा वर्णन कर रहे हैं. अमोल जी और रमण जी ने भी बहुत सुन्दर वर्णन किया है. मुझ से रुका नहीं गया सोचा की मैं भी कुछ अपने अनुभव आपके साथ शेयर करूँ.
मित्रों, मनोज जी और अजय जी के दिल्ली आने के विषय में मुझे कई दिनों से पता था और मैं इनका बेसब्री से इन्तेजार भी कर रहा था. दो दिनों से मनोज जी के लगातार संपर्क में था. कल सुबह भी उनसे तीन चार बार बात हुई. लेकिन उन्होंने मुझे इस पार्टी के बारे में कुछ नहीं बताया. (फिर भी मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है क्यूंकि अचानक हुई इस भेंट से मजा कई गुना हो गया.) मेरे विचार से मनोज जी सीधे मेरे पास आने वाले थे और मैं उनके फोन आने के इन्तेजार में था की कब वे शाहदरा मैट्रो स्टेशन पहुंचेंगे.और छुट्टी का दिन होने के कारण मैं सुबह से क्रिकेट खेलने भी गया हुआ था. मैं इस इन्तेजार में था की मनोज जी का फोन आए और मैं उन्हें लेने स्टेशन जाऊं. परन्तु उस समय मेरे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब मेरे पास अक्ष जी का फोन आया और उन्होंने बताया की यहाँ पर अन्तर्वासना के बहुत से मित्र आए हुए हैं और विशेष तौर पर मुन्ना भैया भी आए हुए हैं. बस फिर क्या था मैं फ़ौरन आयोजन स्थल पर पहुँच गया. अक्ष जी, अजय जी, मनोज जी, और सुशील जी को तो मैं पहले से पहचानता था क्यूंकि कई बार भेंट कर चुका था . लेकिन अन्य मित्रों को देख कर उन्हें पहचानना मेरे लिए बहुत मुश्किल था. वहां सभी ने मुझे मुन्ना भैया को पाथ जी बताकर भेंट कराई और रमण जी को मुन्ना भैया बताकर. लेकिन जब बात खुली तब मुझे और अन्य मित्रों को भी बहुत मजा आया. बस ठहाके गूंज रहे थे. और तभी पी के सिन्हा (skp) की भी वहां आ गए. हंसी ठहाकों और फोरम की चर्चा के बीच सभी ने भोजन किया. और बहुत एन्जॉय किया.
इस बीच बहुत से मित्रों की चर्चा हुई. गुल्लू जी का बहुत इन्तेजार किया गया और उन्हें बहुत याद किया गया. चंद्रशेखर जी , खालिद जी, सिकंदर जी,जेठा लाल जी, युवराज जी, हमसफ़र जी, मिस दबंग जी, रज्जी कौर आदि की बहुत चर्चा हुई.और स्लिम सीमा जी तथा दिया मिश्रा जी को भी बहुत याद किया गया. इसी बीच कई सूत्रों का भी बहुत जिक्र चला मुख्य रूप से "आवश्यकता है बीच मसाज " वाले सूत्र की ठहाकों के बीच बहुत चर्चा हुई. जानकार ताज्जुब हुआ की मुन्ना भैया ने यह सूत्र नहीं देखा. बाकि मुन्ना भैया ने बहुत सुन्दर वृतांत और चुटकुले भी सुनाए. अक्ष जी ने भी समां बाँधने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस सबके चलते अजय जी दबादब फोटो खींचे जा रहे थे. सबसे बड़ा लाभ मुझे यह हुआ की पिछले कई दिनों से मुझे फोरम में लोगिन करने में कुछ समस्या आ रही थी. मुझे लग रहा था की मुझे बैन किया गया हो सकता है. जब मुन्ना भैया को मैंने लोगिन के पश्चात आने वाला मैसेज दिखाया तो उन्होंने उस समस्या का भी समाधान कर दिया और मनोज जी ने कई सोफ्टवेयर मेरे लैपटॉप में डाल दिए. अब मुझे कोई समस्या नहीं आ रही है.
लोटस जी से मेरी भेंट नहीं हो सकी इस बात का मुझे मलाल रहा. बाकि मुन्ना भैया, ग्रुप जी, कात्याल जी, अमोल जी, विपुल जी, आर्नोल्ड जी,पी के सिन्हा जी, देव भारद्वाज और हरियाणवी जी से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा. और अक्ष जी, सुशील जी, अजय जी , मनोज जी से मैं पहले मिल चुका था फिर से मिल कर और हर्ष हुआ.सबसे बड़ी बात संत्यें भैया के साथ मुझे बहुत समय बिताने का अवसर मिला और उनसे सभी विषयों पर काफी चर्चा हुई. रात्रि में उन्हें सराय काले खाँ बस अड्डे पर छोड़ते समय मुझे कुछ दुःख भी हो रहा था परन्तु उन्होंने फिर से मिलने के लिए जब हम सभी को जयपुर आमंत्रित किया तो बहुत ख़ुशी भी हुई.
सभी मित्र बहुत अच्छे हैं. (मित्रों, मैं इस पार्टी में बहुत देर से पहुंचा था इसीलिए पूरा विवरण नहीं लिख पाया हूँ. पूरा विवरण मनोज जी, अजय जी, सुशील जी, हरियाणवी जी ही अच्छे से दे सकते हैं सबसे अधिक समय यही लोग थे.)
ईश्वर करे ये मुलाकातें ऐसे ही होती रहें.
भाई आपकी मेहमाननवाजी मैं कभी नहीं भूल सकता, कुछ निजी कारणो से इस बार नहीं आ सका, विक्की भाई नहीं आए क्या ?
jalwa
27-12-2011, 01:58 AM
मित्र आप से तो मेरी फोन पर बात हुई थी ना की मै नहीं आ पा रहा हु क्यों की मेरी साईट पर चीफ इंजिनियर का दौरा है ...फिर आप से मेरी मुलाक़ात कान्हा हो गयी मित्र ......वैसे मुझे खेद रहेगा की मै पार्टी में नहीं पहुच पाया ...आप का देव भारद्वाज
देव भाई, क्यूँ सफ़ेद झूठ बोल रहे हो... आप ही तो आए थे पार्टी मे और आपने यह भी कहा था की मेरे सुझाव देने पर आपने अपना प्रयोक्ता नाम देवb किया है।
और यदि वे आप नहीं थे तो वे कौन थे जो कल पार्टी मे स्वयं को देव भारद्वाज बता रहे थे?
कृपया जांच की जाए और इसके लिए एक आयोग बैठाया जाए।
jalwa
27-12-2011, 01:59 AM
भाई आपकी मेहमाननवाजी मैं कभी नहीं भूल सकता, कुछ निजी कारणो से इस बार नहीं आ सका, विक्की भाई नहीं आए क्या ?
आपका स्वागत है मित्र, और विक्की जी कल नजर नहीं आए।
Chandrshekhar
27-12-2011, 02:00 AM
आपका स्वागत है मित्र, और विक्की जी कल नजर नहीं आए।
उनकी कोई खबर है क्या, फोरम पे भी नहीं दिखते ,
jalwa
27-12-2011, 02:02 AM
उनकी कोई खबर है क्या, फोरम पे भी नहीं दिखते ,
मेरे पास तो उनका नंबर भी नहीं है।
Chandrshekhar
27-12-2011, 02:04 AM
मेरे पास तो उनका नंबर भी नहीं है।
शुसिल जी के पास होगा , उनको शायद कुछ पता हो, शुभ रात्रि भाई जी आपको ॥
dineshsaini1982
27-12-2011, 09:40 AM
सोरी मित्रो मेरे पास भी निमंत्रण था ! मै आज तक किसी भी मित्र से सीधे व्यक्तिगत रूप से मिला भी नही था जो कि मेरे पास सुनहरा मौका था सभी मित्रो से एक साथ मिलने का जो कि मैने गंवा दिया ! अब आप लोगो की बाते सुनकर बडा अफ़सोस हो रहा है कि मै जा नही पाया इसके लिये शायद जिन्दगी भर मुझे मलाल रहेगा पर थोडी खुशी इस बात की है कि तीन महीने पहले अपने यहां हुई चोरी को मैने बिना पुलिस की मदद लिये ही सुलझा लिया ! क्योकि कल अपना सामान तो मै ले आया पर दोस्तो से न मिल पाने की वजह से ना जाने क्यो दिल मे एक हलचल से मची है ! सभी मित्रो से गुजारिश है कि मित्रो मुझे माफ़ करे ! आपका मित्र दिनेश सैनी
King_khan
27-12-2011, 10:29 AM
मित्रों, वैसे तो हरियाणवी जी इस भेंट मुलाक़ात का बहुत अच्छा वर्णन कर रहे हैं. अमोल जी और रमण जी ने भी बहुत सुन्दर वर्णन किया है. मुझ से रुका नहीं गया सोचा की मैं भी कुछ अपने अनुभव आपके साथ शेयर करूँ.
मित्रों, मनोज जी और अजय जी के दिल्ली आने के विषय में मुझे कई दिनों से पता था और मैं इनका बेसब्री से इन्तेजार भी कर रहा था. दो दिनों से मनोज जी के लगातार संपर्क में था. कल सुबह भी उनसे तीन चार बार बात हुई. लेकिन उन्होंने मुझे इस पार्टी के बारे में कुछ नहीं बताया. (फिर भी मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है क्यूंकि अचानक हुई इस भेंट से मजा कई गुना हो गया.) मेरे विचार से मनोज जी सीधे मेरे पास आने वाले थे और मैं उनके फोन आने के इन्तेजार में था की कब वे शाहदरा मैट्रो स्टेशन पहुंचेंगे.और छुट्टी का दिन होने के कारण मैं सुबह से क्रिकेट खेलने भी गया हुआ था. मैं इस इन्तेजार में था की मनोज जी का फोन आए और मैं उन्हें लेने स्टेशन जाऊं. परन्तु उस समय मेरे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा जब मेरे पास अक्ष जी का फोन आया और उन्होंने बताया की यहाँ पर अन्तर्वासना के बहुत से मित्र आए हुए हैं और विशेष तौर पर मुन्ना भैया भी आए हुए हैं. बस फिर क्या था मैं फ़ौरन आयोजन स्थल पर पहुँच गया. अक्ष जी, अजय जी, मनोज जी, और सुशील जी को तो मैं पहले से पहचानता था क्यूंकि कई बार भेंट कर चुका था . लेकिन अन्य मित्रों को देख कर उन्हें पहचानना मेरे लिए बहुत मुश्किल था. वहां सभी ने मुझे मुन्ना भैया को पाथ जी बताकर भेंट कराई और रमण जी को मुन्ना भैया बताकर. लेकिन जब बात खुली तब मुझे और अन्य मित्रों को भी बहुत मजा आया. बस ठहाके गूंज रहे थे. और तभी पी के सिन्हा (skp) की भी वहां आ गए. हंसी ठहाकों और फोरम की चर्चा के बीच सभी ने भोजन किया. और बहुत एन्जॉय किया.
इस बीच बहुत से मित्रों की चर्चा हुई. गुल्लू जी का बहुत इन्तेजार किया गया और उन्हें बहुत याद किया गया. चंद्रशेखर जी , खालिद जी, सिकंदर जी,जेठा लाल जी, युवराज जी, हमसफ़र जी, मिस दबंग जी, रज्जी कौर आदि की बहुत चर्चा हुई.और स्लिम सीमा जी तथा दिया मिश्रा जी को भी बहुत याद किया गया. इसी बीच कई सूत्रों का भी बहुत जिक्र चला मुख्य रूप से "आवश्यकता है बीच मसाज " वाले सूत्र की ठहाकों के बीच बहुत चर्चा हुई. जानकार ताज्जुब हुआ की मुन्ना भैया ने यह सूत्र नहीं देखा. बाकि मुन्ना भैया ने बहुत सुन्दर वृतांत और चुटकुले भी सुनाए. अक्ष जी ने भी समां बाँधने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इस सबके चलते अजय जी दबादब फोटो खींचे जा रहे थे. सबसे बड़ा लाभ मुझे यह हुआ की पिछले कई दिनों से मुझे फोरम में लोगिन करने में कुछ समस्या आ रही थी. मुझे लग रहा था की मुझे बैन किया गया हो सकता है. जब मुन्ना भैया को मैंने लोगिन के पश्चात आने वाला मैसेज दिखाया तो उन्होंने उस समस्या का भी समाधान कर दिया और मनोज जी ने कई सोफ्टवेयर मेरे लैपटॉप में डाल दिए. अब मुझे कोई समस्या नहीं आ रही है.
लोटस जी से मेरी भेंट नहीं हो सकी इस बात का मुझे मलाल रहा. बाकि मुन्ना भैया, ग्रुप जी, कात्याल जी, अमोल जी, विपुल जी, आर्नोल्ड जी,पी के सिन्हा जी, देव भारद्वाज और हरियाणवी जी से मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा. और अक्ष जी, सुशील जी, अजय जी , मनोज जी से मैं पहले मिल चुका था फिर से मिल कर और हर्ष हुआ.सबसे बड़ी बात संत्यें भैया के साथ मुझे बहुत समय बिताने का अवसर मिला और उनसे सभी विषयों पर काफी चर्चा हुई. रात्रि में उन्हें सराय काले खाँ बस अड्डे पर छोड़ते समय मुझे कुछ दुःख भी हो रहा था परन्तु उन्होंने फिर से मिलने के लिए जब हम सभी को जयपुर आमंत्रित किया तो बहुत ख़ुशी भी हुई.
सभी मित्र बहुत अच्छे हैं. (मित्रों, मैं इस पार्टी में बहुत देर से पहुंचा था इसीलिए पूरा विवरण नहीं लिख पाया हूँ. पूरा विवरण मनोज जी, अजय जी, सुशील जी, हरियाणवी जी ही अच्छे से दे सकते हैं सबसे अधिक समय यही लोग थे.)
ईश्वर करे ये मुलाकातें ऐसे ही होती रहें.
जलवा जी नमस्कार
आप मित्रोँ के बाते सुनकर मन बहुत हर्षित हो रहा है
कुछ व्यक्तिगत कारणोँ से आना सम्भव नही हो सका परन्तु अगली बार अवश्य आऊँगा |
badboy123455
27-12-2011, 11:23 AM
गजब की पार्टी रही मनोज जी और अजय जी से तो में मिला हुआ हू मिलने के बाद पता चला अजय जी मेरे बचपन के मित्र भी रहे हे और मनोज जी से तो कई बार मिला हू यहाँ तक की उनसे तो फेमिली रिलेशन जेसा हो गया हे
अब बस बाकि मित्रों से मिलने का इंतजार रहेगा अगली बार अवस्य आऊंगा
badboy123455
27-12-2011, 11:25 AM
देखेगे मन्टु दादा वो दिन अब दुर नही बस जल्दी ही हम यहा जयपुर मे भी मिलन समाहरोह कर रहे हे
वेसे मजा आ गया
कभी सोचा नही था की एसा भी दिन आयेगा जब इतने सारे avf के मित्र एक साथ
बस जो भी हुआ बिलकुल एक सपना था
एक सपना था जो सच बन कर सामने आया ओर सभी मित्रो का एक साथ मिलना सम्भव हुआ
जयपुर वाले आयोजन का इन्तजार रहेगा मित्र
sushilnkt
27-12-2011, 12:52 PM
कुछ हमने कहा, कुछ उन्होंने कहा/
बाद में पता चला वो हम से रिश्ता बना गए//
कुछ यादे ऐसी होती हे. जो दिलो में घर बना जाती हे. बार-बार उन यादो में जाने का मन करता हे/ कुछ ऐसी ही यादे मेरे को इस मेले में मिली / जितना मेरे को उनसब से मिलता था उतना ही मेरा उनको इन्तजार था // कल्पना जब साकार होती हे .. तो हर मनुष्य का मन सातवे आसमान पर होता हे// कुछ कुछ मेरे मन का भी यही हाल था/ जो मेने सोच था /. उसे अधिक प्यार मिला .. जो वहा आया तो वो अपने को खुल कर सामने रख रहा था .. जेसे हम आईने हे और वो हमारा प्रतिबिम्भ .. एक ऐसा अहसास था . जेसे में सब को कई जन्मो से जानता हु .. कुछ बड़े भाइयो से में पहले मिल चूका हु .. और जिन से भी मिला वो मुझे अपना मानते हे .. मेरे से सब पूजनीय थे .. सबने मेरे को एक नाम दे दिया .. अनुज, छोटे, लाला , और कई नाम जो मेरे को यादो में सजोने के लिए मिल गए// हर पल को सजोने में मदद की हे अजय और कमल जी ने और अमोल जी ने जिन्होंने अपने अपने केमरो में हम सब की यादो को कद कर लिया हे// सब अधिक सुकर गुजार हु में अनिल (अक्स) भाई जी का जिन्होंने मेरी हर बात रख ली .. या कहू मेने कुछ नहीं किया पार्टी के लिए जो किया वो इन्होने किया हे .. बस में एक माध्यम था .. सीसवाल जी मेरे को फ़ोन कर के बोला .. भाई आप की आवश्यकता हे .. अब मेरे जरुरी काय के कारण में पहले नहीं जा सका .. तब ही मुझे याद आये मेरे बड़े भाई .. या कहू उनको में अपना बहुत कुछ मानता हु ..
अगर पूरी यात्रा के बारे में कहू तो इतना रोमांच था .. हर पल कुछ नया देखने को मिला ..
(मजाक) बस गम हे तो ये सीसवाल जी
मेरी यादो को चोरी कर लिया ..
जो रात को सोने से पहले . अपने बरमूडे रखी थी ..
अब मेरी यादे तो उनके पास हे .. जो मेरी भाभी और वो आपस में शेयर कर रहे हे ..:bloom::bloom:
groopji
27-12-2011, 01:15 PM
अफ़सोस है की बहुत इच्छा होने के बाद भी जा नहीं पाया , लेकिन पार्टी के चित्रों और विवरण का इन्तजार है .
सॉरी दोस्तों ना आने के लिए .
वाकई आपको बहुत मिस किया आपसे मिलने की बहुत इच्छा थी
groopji
27-12-2011, 01:42 PM
कमल जी, अब मुझे आपका चेहरा भी ध्यान आ गया. भूल के लिए एक दफा फिर से क्षमा प्रार्थी हूँ. वास्तव में मैं थोडा भुलक्कड़ भी हूँ.
कमल जी ने सब को खाना सर्व किया था सबसे अंत में वो ही खाने बैठे थे
खाया हुआ तो मत भूलो यार (हा हा हा हा हा )
groopji
27-12-2011, 01:48 PM
हरियाणवी भाई, वास्तव में दिल्ली-6 वालों की आम बोलचाल की भाषा भी ऐसी है की आप सुन लोगे तो किसी किसी बात को याद कर कर के बहुत दिनों तक हंसी आती रहेगी. गालियाँ भी यहाँ ऐतिहासिक और कलात्मकता का पुट लिए होती हैं. अगर कोई फिल्मकार मुझ से मिलने के बाद पुरानी दिल्ली पर फिल्म बनाए तो देखने वालों के पेट में बल पड़ जाएंगे ये मेरी गारंटी है.
बाकि आप को दांतों वाला किस्सा अच्छा लगा जानकार मुझे हर्ष हुआ. आशा है की आप यह किसी पर आजमा कर नहीं देखेंगे.
आपने बहुत स्टायलिश और आधुनिकतम, तकनिकी रूप से सुगठित, अव्वल दर्जे की कुछ गालियों से भी परिचय कराया जिन्हें याद करके अभी भी हंसी आ रही है
Raman46
27-12-2011, 02:20 PM
आपने बहुत स्टायलिश और आधुनिकतम, तकनिकी रूप से सुगठित, अव्वल दर्जे की कुछ गालियों से भी परिचय कराया जिन्हें याद करके अभी भी हंसी आ रही है
जय श्री राम ग्रुप जी
मित्र आप सब से मिलकर जो खुसी मिली है मेरे दिल पर एक अमीट छाप कैसे भुला जा सकता है वो जीवन की अतुलित आनन्द /
अक्षजी (सेनापति ) को मैं अक्सर सेना के पति कहा करता था वास्तव में सेनानायक है हाजिर जवाबी में माहिर / शुशील जिन्हें मैं लाला कहता हूँ ठीक वैसा ही पाया जैसा मेरे दिल में उनका चेहरा वसा था / हाँ मनोज भाई का वो दुबला पतला चेहरा मेरे धारणा से कुछ हट कर था / मगर उनका तकनिकी ज्ञान काबिले तारीफ है / विपुल जी बिलकुल वैसा ही दिखे जैसा सोचा था गंभीर और ज्ञानी / कमल भाई जी का कैमरा का कमाल जौहर दिखाई दिया / जलवा जी अपने जलवा दिखने में कोई कसर नही छोड़े / अजय जी की फोटो ग्राफी का कमाल देखने को मिला / ज्ञान मुनि सही मायने में ज्ञानी नजर आये /अनोल्ड भाई जो आते वक्त मेरे साथ आये बड़ा ही शौक़ीन मिजाज के लगे / गुल्लू जी से नही मिल पाया इस का मलोल रहेगा /पंकज जी तथा लोटस जी से भी नही मिल सका क्यों की मैं ही देर से पंहुचा था / मेरे पड़ोसी भाई सीसवाल जी को कैसे भूल पाऊंगा जिनकी कोशिस से आप सब से मिलने का सुनहरा मौका मिला / बड़े भैया के कुछ दार्शनिक बातें हमेशा मेरे कानो में गुंजायमान रहेगा / पार्टी के दौरान बहुत सारे दोस्तों का भी जिक्र आया ,मजा आता अगर बेसब भी मौजूद होते / कुल मिला कर कहना चाहूँगा साधारण सी पार्टी एक यादगार पार्टी बन गयी जो हमेशा जिंदगी भर याद रहेगी / धन्यवाद आप सभी को एकवार फिर से .............रमण
groopji
27-12-2011, 02:52 PM
जय श्री राम ग्रुप जी
मित्र आप सब से मिलकर जो खुसी मिली है मेरे दिल पर एक अमीट छाप कैसे भुला जा सकता है वो जीवन की अतुलित आनन्द /
अक्षजी (सेनापति ) को मैं अक्सर सेना के पति कहा करता था वास्तव में सेनानायक है हाजिर जवाबी में माहिर / शुशील जिन्हें मैं लाला कहता हूँ ठीक वैसा ही पाया जैसा मेरे दिल में उनका चेहरा वसा था / हाँ मनोज भाई का वो दुबला पतला चेहरा मेरे धारणा से कुछ हट कर था .............रमण
मित्र रमण जी,
जय सियाराम, आपके बारे में मैंने जो छवि बना रखी थी वो एक खिलंदड लड़के की थी जो बे फ़िक्र और बेबाक होता है
पर आपसे मिलने के बाद मैंने जाना की आप कितने मृदभाषी, मिलनसार और गंभीर है, आपकी उम्र का भी मैंने गलत अंदाजा लगाया था
आपके बोलने का तरीका ..... आपके फोरम में लिखने से एकदम भिन्न है, वैसे फोरम पर भी आप गंभीर बातों की जगह गंभीर और वाचाल की जगह वाचाल है
आपका सबसे उठ कर मिलना, हाथ मिलाना और दोनों हाथों को जोड़ कर नमश्कार मै कैसे भुला सकता हूँ
एक बार फिर आदर सहित .....
sushilnkt
27-12-2011, 02:56 PM
मेरे को भूल गए ...
आखिर कार हम भी आप के छोटे भाई हे ग्रुप जी ............
sushilnkt
27-12-2011, 02:57 PM
जय श्री राम ग्रुप जी
मित्र आप सब से मिलकर जो खुसी मिली है मेरे दिल पर एक अमीट छाप कैसे भुला जा सकता है वो जीवन की अतुलित आनन्द /
अक्षजी (सेनापति ) को मैं अक्सर सेना के पति कहा करता था वास्तव में सेनानायक है हाजिर जवाबी में माहिर / शुशील जिन्हें मैं लाला कहता हूँ ठीक वैसा ही पाया जैसा मेरे दिल में उनका चेहरा वसा था / हाँ मनोज भाई का वो दुबला पतला चेहरा मेरे धारणा से कुछ हट कर था / मगर उनका तकनिकी ज्ञान काबिले तारीफ है / विपुल जी बिलकुल वैसा ही दिखे जैसा सोचा था गंभीर और ज्ञानी / कमल भाई जी का कैमरा का कमाल जौहर दिखाई दिया / जलवा जी अपने जलवा दिखने में कोई कसर नही छोड़े / अजय जी की फोटो ग्राफी का कमाल देखने को मिला / ज्ञान मुनि सही मायने में ज्ञानी नजर आये /अनोल्ड भाई जो आते वक्त मेरे साथ आये बड़ा ही शौक़ीन मिजाज के लगे / गुल्लू जी से नही मिल पाया इस का मलोल रहेगा /पंकज जी तथा लोटस जी से भी नही मिल सका क्यों की मैं ही देर से पंहुचा था / मेरे पड़ोसी भाई सीसवाल जी को कैसे भूल पाऊंगा जिनकी कोशिस से आप सब से मिलने का सुनहरा मौका मिला / बड़े भैया के कुछ दार्शनिक बातें हमेशा मेरे कानो में गुंजायमान रहेगा / पार्टी के दौरान बहुत सारे दोस्तों का भी जिक्र आया ,मजा आता अगर बेसब भी मौजूद होते / कुल मिला कर कहना चाहूँगा साधारण सी पार्टी एक यादगार पार्टी बन गयी जो हमेशा जिंदगी भर याद रहेगी / धन्यवाद आप सभी को एकवार फिर से .............रमण
वो ही नटखट पण .. वो ही आदते ..
क्यों भाई सा वेसा ही लगा ना में
Raman46
27-12-2011, 03:08 PM
वो ही नटखट पण .. वो ही आदते ..
क्यों भाई सा वेसा ही लगा ना में
हाँ मेरे लाला बिलकुल येसा ही बल्कि इससे भी कही ज्यादा नटखट ,वाचाल , हंसमुख ,और तेज तर्रार /
लाला आप को कैसे भूल सकता हूँ मेरे भाई / इसी बहाने एक छोटा भाई मिल गया फोरम से / मस्त रहो भाई मस्त मस्त
sushilnkt
27-12-2011, 03:10 PM
हाँ मेरे लाला बिलकुल येसा ही बल्कि इससे भी कही ज्यादा नटखट ,वाचाल , हंसमुख ,और तेज तर्रार /
लाला आप को कैसे भूल सकता हूँ मेरे भाई / इसी बहाने एक छोटा भाई मिल गया फोरम से / मस्त रहो भाई मस्त मस्त
नहीं भाई तेज तरार .. हो सकता हु .. वाचाल भी हु
लेकिन मेरे में एक सब से बड़ी खुभी हे .. समुख सच बोलने की
कोई अपने पेट में पाप नहीं रखने की ..
मेरे को भी तो एक और बड़ा भी मिल गया हे ..
Raman46
27-12-2011, 03:15 PM
मित्र रमण जी,
जय सियाराम, आपके बारे में मैंने जो छवि बना रखी थी वो एक खिलंदड लड़के की थी जो बे फ़िक्र और बेबाक होता है
पर आपसे मिलने के बाद मैंने जाना की आप कितने मृदभाषी, मिलनसार और गंभीर है, आपकी उम्र का भी मैंने गलत अंदाजा लगाया था
आपके बोलने का तरीका ..... आपके फोरम में लिखने से एकदम भिन्न है, वैसे फोरम पर भी आप गंभीर बातों की जगह गंभीर और वाचाल की जगह वाचाल है
आपका सबसे उठ कर मिलना, हाथ मिलाना और दोनों हाथों को जोड़ कर नमश्कार मै कैसे भुला सकता हूँ
एक बार फिर आदर सहित .....
शुक्रिया ग्रुप जी
मित्र सच कह रहा हूँ बार -बार आप सब की चेहरा नजरों के सामने आ जाता है और मन बेचैन हो उठता है दोस्त लगता है कितना जल्दी पुनः आप सब से मिलूं / क्या शानदार मिलन थी भाई / वो चेहरा जिसे वर्षों से अनजाने में अपने जेहन में पाल रखा था कितना फर्क थी वास्तविक चेहरे से / हर कोई अपने अलग अंदाज में / दोस्त ग्रुप जी आप से मिलकर जो आनन्द आया, कभी भूल नही पाऊंगा दोस्त / आप का रमण
groopji
27-12-2011, 03:41 PM
मेरे को भूल गए ...
आखिर कार हम भी आप के छोटे भाई हे ग्रुप जी ............
मित्र आपको कैसे भूल सकता हूँ मै एक - एक करके सबको देख लूँगा (चूका हूँ मजाक) आपने तो मुझे अपने बचपन की याद दिला दी
हमेशा मुस्कुराते रहने वाला मेरा एक मित्र था आपकी तरह,
मै उसे कहता था की तेरा दिमाग तेरे सिर में नहीं तेरे जीभ और दांतों में है क्योकि वो कभी भी अपने मन में किसी भी तरह का द्वेष नहीं रखता था
और यही गुण मुझे आपमें दिखाई दिया .......
आपकी सदाबहार मुस्कुराहट मुझे ............... सदा याद रहेगी
King_khan
27-12-2011, 03:42 PM
ख्यालोँ की दुनियाँ से आज वो मेहमान बनकर आज मेरे सामने आए |
लाखो चराग किसी ने खुशियोँ के कुछ यूँ जलाए |
हम तो महफिल से आए लेकिन वो चटपटी बातेँ आपने साथ लाए |
आप सबसे मिलने की तमन्ना फिर से सर उठाए |
groopji
27-12-2011, 03:47 PM
और मुझे बड़े भाई और पितातुल्य कमल जी का भी रह रह के स्मरण हो आता है
खाने के समय उनका बनाया हुआ रायता और सभी को खाना खिला कर ही उन्होंने
अपना खाना शुरू किया ..... और ..........
हाँ अंत में मै उन्ही के साथ विपुल जी के आफिस से निकला वह मेट्रो स्टेशन पर मेरी मनोज और अजय से भी मुलाकात हो गई
तब लगा की जब मन मिलते है तो इतने बड़े शहर में भी एक बार फिर से मुलाक़ात हो ही जाती है
संत जी ने तो अपना क्लब पेज भी बनाया मुझे उन्होंने पहुचने के बाद मोबाईल पर संदेश भी भेजा जिसे मैंने देर से पढ़ा
jalwa
27-12-2011, 03:47 PM
कमल जी ने सब को खाना सर्व किया था सबसे अंत में वो ही खाने बैठे थे
खाया हुआ तो मत भूलो यार (हा हा हा हा हा )
हा हा हा बिलकुल नहीं भुला सकता कभी भी नहीं. और कमल जी द्वारा तैयार किया रायता तो इतना स्वादिष्ट था की उसे तो बिलकुल नहीं भूल सकता. और दादा ने तो विशेष रूप से भोजन के दौरान पूछा था की रायता किसने टेस्ट किया था? उस समय मुझे लगा था कि क्या बात हो गई? रायता तो इतना अच्छा है फिर दादा ने यह क्यूँ पूछा? पर जब उन्होंने भी रायते की तारीफ़ की तब सभी को बहुत आनंद आया.
मित्र, एक एक बात याद है.
jalwa
27-12-2011, 03:53 PM
आपने बहुत स्टायलिश और आधुनिकतम, तकनिकी रूप से सुगठित, अव्वल दर्जे की कुछ गालियों से भी परिचय कराया जिन्हें याद करके अभी भी हंसी आ रही है
धन्यवाद मित्र, परन्तु आपसे निवेदन है कि उन गालियों का प्रयोग अपने किसी जानकार व्यक्ति पर कतई ना करें क्योंकि यह सभी गालियाँ कोपी राईट के तहत आती है (मजाक)
सबसे बड़ी बात कि आप सभी का कुछ मनोरंजन मेरे द्वारा हो सका यह मेरा सौभाग्य है.
inder123in
27-12-2011, 08:19 PM
तो सुनो ....मेले की कहानी हरयाणवी की ज़ुबानी .....
अगली बार मे भी आओंगा पर मे तो ज्यादा किसी को नही जनता
love birds
27-12-2011, 08:32 PM
दोस्तो ये मेरी बदकिस्मती मानो या मेरी गलती माफ करना दोस्तो मगर क्या कोई मुझे पार्टी के बारे में बताएगा की वह कोण कोण दोस्त थे जो पार्टी में थे ओर अगर कोई सम्र्निनय यानि कोई यादगार चीज हो तो प्ल्ज़ पीएम करे
आपका दोस्त लव
dineshsaini1982
27-12-2011, 09:31 PM
ठीक है मित्रो शायद मित्रो के बीच मे मै ही पराया हूं ! जो माफ़ी मांगने के बाद भी किसी भी मित्र का कोई एक शब्द भी नही है कि आप लोगो ने मुझे माफ़ किया कि नही
मित्र आप से तो मेरी फोन पर बात हुई थी ना की मै नहीं आ पा रहा हु क्यों की मेरी साईट पर चीफ इंजिनियर का दौरा है ...फिर आप से मेरी मुलाक़ात कान्हा हो गयी मित्र ......वैसे मुझे खेद रहेगा की मै पार्टी में नहीं पहुच पाया ...आप का देव भारद्वाज
मित्र आपके अलावा एक और सदस्य हैं जिनकी आई डी श्याद देव डी है....और उनका नाम भी देव भारद्वाज है....और वो फरीदाबाद से हैं......
आपसे तो बात हुयी थी और आपने दौरे पर होने की वजह से आने में असमर्थता जताई थी......
ठीक है मित्रो शायद मित्रो के बीच मे मै ही पराया हूं ! जो माफ़ी मांगने के बाद भी किसी भी मित्र का कोई एक शब्द भी नही है कि आप लोगो ने मुझे माफ़ किया कि नही
कुछ नहीं कह रहे हैं इसका मतलब है कि अभी झूठ मूठ की नाराजगी दिखा रहे हैं फिर माफ कर ही देंगे......और क्या....??? सभी लोगों को एक साथ एक ही जगह होना असंभव है दोस्तों....किसी ना किसी को कोई ना कोई आकस्मिक कार्य या व्यस्तता घेर ही लेती है.....???
अफ़सोस है की बहुत इच्छा होने के बाद भी जा नहीं पाया , लेकिन पार्टी के चित्रों और विवरण का इन्तजार है .
सॉरी दोस्तों ना आने के लिए .
अब पछताए क्या होत है जब चिड़िया चुग गयी खेत.....???
gulluu
28-12-2011, 09:24 AM
अब पछताए क्या होत है जब चिड़िया चुग गयी खेत.....???
पछता नहीं रहा ,अफ़सोस जाहिर कर रहा हूँ और सोरी बोल रहा हूँ . :nasrudin:
Noctis Lucis
28-12-2011, 10:48 AM
पछता नहीं रहा ,अफ़सोस जाहिर कर रहा हूँ और सोरी बोल रहा हूँ . :nasrudin:
अक्ष भइया गुल्लू जी की आदत है ये वादा कर के नही आते और व्यस्तता का बहाना बना देते हैं central 41
जयपुर में देख भी लीजियेगा :speaker:
sushilnkt
28-12-2011, 11:23 AM
अक्ष भइया गुल्लू जी की आदत है ये वादा कर के नही आते और व्यस्तता का बहाना बना देते हैं central 41
जयपुर में देख भी लीजियेगा :speaker:
आप ने भी तो वादा किया हुआ हे
आप जयपुर आने का अभी तक आप भी नहीं आये हे
sushilnkt
28-12-2011, 11:30 AM
मित्र आपको कैसे भूल सकता हूँ मै एक - एक करके सबको देख लूँगा (चूका हूँ मजाक) आपने तो मुझे अपने बचपन की याद दिला दी
हमेशा मुस्कुराते रहने वाला मेरा एक मित्र था आपकी तरह,
मै उसे कहता था की तेरा दिमाग तेरे सिर में नहीं तेरे जीभ और दांतों में है क्योकि वो कभी भी अपने मन में किसी भी तरह का द्वेष नहीं रखता था
और यही गुण मुझे आपमें दिखाई दिया .......
आपकी सदाबहार मुस्कुराहट मुझे ............... सदा याद रहेगी
आप का बचपन भी मेरे से जुडा था .. क्यों की आप मेरे शहर में रह चुके हे // ये आप का भी था ...
मुझे आप के मन में घर करने का सोभाग्य मिला ये मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात हे ...
मुझे आप का छोटा भाई बने का बहुत ही फक्र हे ..
Triple-S HARYANVI
28-12-2011, 11:53 AM
अगली बार मे भी आओंगा पर मे तो ज्यादा किसी को नही जनता
आप निश्चिंत हो कर आये , आपको हरयाणवी मिलेगा आपकी मदद के लिए l
sushilnkt
28-12-2011, 11:56 AM
आप निश्चिंत हो कर आये , आपको हरयाणवी मिलेगा आपकी मदद के लिए l
अब आप को राजस्थान की सेवा मिलेगी ..
पधारो म्हारा देश .............. रगिलो राजस्थान आप का स्वागत करता हे ..
होली मिलन समारोह .. चाँद चड्यो गिगनार ...
amol05
28-12-2011, 12:25 PM
सभी मत्रो का स्वागत है सूत्र पर बहुत बदिया वर्णन चल रहा है अपने मेले का एशे ही चलता रहे और ये मेला भि एशे ही चलता रहे
Raman46
28-12-2011, 01:03 PM
"रायता और कमल जी "
साथियों !
पार्टी की एक मजेदार बात का खुलासा करने जा रहा हूँ जो हमेशा आद रहेगी / खाना खाने के वक्त की बात है कमल जी मोर्चा सम्भाल रखे थे हर किसी को ख़ास ध्यान दे रहे थे कमल जी / मैं हाथ में प्लेट लिए खड़ा था ठीक मेरे पीछे अक्ष जी (सेनापति जी )थे / मेज पर रखे पतीले से खाना उठा उठा कर अपने प्लेट में लिया जा रहा था / रायता कमल जी खुद परोश रहे थे / पतीले से रायता निकलने के लिए कमल जी चाय बाला ग्लास का इस्टे माल कर रहे थे / मगर देखा गया की ग्लास कमल जी का साथ नही दे रहा है / एक और बात था खाने के पतीले में बड़े चमच के बजाय छोटा चमच रखा गया था और यही थी उस पार्टी की हसने हँसाने की सबसे बड़ी मनोरंजन / मुझे एक मजाक सुझा और मैंने अपना खाना चम्मच से उठा कर धीरे -धीरे अपने प्लेट में रख रहा था /चालाकी ये थी की खाना लेते वक्त उस चम्मच हो प्लेट में ही थोड टेढ़ा कर देता था फलतः चम्मच में खाना बिलकुल थोडा ही आ पाता था जिससे समय अधिक लगती थी / बांकी सदस्य जो हाथ में प्लेट उठाये थे उन्हें और अधिक देर लग रही थी /मैं यही चाहता था /मगर मेरे चालाकी को अक्ष जी ने पकड लिए और धीरे से मेरे कान में बोले रमण जी आप भी सेना में है /दोस्त मैं इनका आशय समझ गया / क्यों की मैं इन्हें सेनापति जो कहता हूँ / हम दोनों ने एक दुसरे को देखे और दोनों एक साथ ही मुश्कुरा दिए और मैं आगे बढ़ गया / अब कमल जी के पास था जो रायता बाँट रहे थे / कमल जी का मुझ पे नजर पड़ी .वो मुझे अधिक रायता देना चाह रहे थे /मगर उनका चाय बाला प्लास्टिक का ग्लास उनका साथ नही दिया और ग्लास फट गयी /रायता हमारे कमल जी प्यारे के कोट पर जा उछला / कमल जी का बुरा हाल था मैं अपने मुस्कराहट को रोक नही पाया / सामने खड़े बड़े भैया भी यह सब देख रहे थे वो भी मुस्कुराये / कमल जी ने बिना परबाह किये दुसरे ग्लास उठाये और रायता मेरे प्लेट में दे दिए / एक बार हम दोनों की फिर से नजरे मिली और हम दोनों मुस्कुराये बगैर रह नही पाए / दोस्त ये घटना मुझे बार -बार याद आती है और अक्ष जी था कमल जी का चेहरा सामने नजर आने लगता है / बाह क्या मौज मस्ती थी उस पार्टी में / अपने जीवन की एक यादगार लम्हें जो हमेशा याद बनी रहेगी / .....रमण
groopji
28-12-2011, 01:26 PM
पार्टी आयोजित करने वाले मित्र हरियाणवी और मित्र कतिल्या जी तो पार्टी को अच्छे से अच्छा बनाने में लगे हुए थे सो उनसे ज्यादा बातें नहीं हो पाई मनोज, अजय और हरियाणवी जी में खूब घुटाइ चल रही थी (शायद पुरानि जान पहचान का नतीजा) कतिल्य्य जी भी मृदभाषी और मितभाषी स्वभाव के लगे, हरियाणवी जी हर किसी की सहायता में आगे कतिल्या जी ने भरी सर्दी में पहुचते ही गरमा गर्म चाय मंगवाई साथ ही नमकीन और तिल के लड्डू जिन्हें सबसे ज्यादा मैंने ही खाया अक्ष जी मुझे घूर घूर कर देख रहे थे तो मैंने उन्हें भी चुपचाप एक नमकीन की कटोरी उनकी तरफ सरका दी तब उनका घूरना कुछ कम हुआ ....... नमकीन के दो चार चम्मच गटकने के बाद ही उनके गले से दो चार चुटकुले जैसे तैसे बाहर निकल पाए ( अक्ष जी माफ करना आपकी पोल खोलनी पड़ी ) ..........
groopji
28-12-2011, 01:34 PM
जलवा जी भी देरी से आए और देरी से आने का कारण उन्होंने बताया की वो बच्चो के साथ क्रिकेट खेल रहे थे ये जानकार बहुत प्रसन्नता हुई की देहली की व्यस्त लाइफ में भी वो बच्चो के साथ खेलने का समय निकाल लेते है ....... बाकी बाद में ....
sushilnkt
28-12-2011, 02:37 PM
गुप भाई जी ने तिल के लड्डू लास्ट तक नहीं छोड़े ... जब लास्ट में एक बचा था ..उसका भी आधा खुद खाया और आधा मनोज को दिया ,.. हम भी कहा कम थे हम भी मोर्चा मार ही लिया उन से पहले .. रेवड़ी भी थी वो सब से अधिक कमल जी खा रहे थे .. जेसे उनके लिए ही वो बनी हो या वो उनके लिए .. चाय में और सीसवाल इनके आने से पहले ले चुके थे साथ में बिस्कुट और नमकीन .. जब बड़े भाई जी आये वो मेरे से कुछ खफा थे .. क्यों की में उनसे मिल नहीं पा रहा था .. उनके नजदीक हो कर भी लेकिन छोटा हु ना माफ़ी मागी और मिल गयी .. अमोल जी मेरे को नहीं पहचान पाए तो बड़े भाई सा ने कह दिया ये व्ही हे जिनसे आप की सब से अधिक बनती हे चोपल पर रोनाल्ड जी के तो कहने ही क्या .. उनका धनबाद की वो यादे ..
Noctis Lucis
28-12-2011, 02:58 PM
आप ने भी तो वादा किया हुआ हे
आप जयपुर आने का अभी तक आप भी नहीं आये हे
क्या करूं भाई तीन तीन बार प्रोग्राम बना चूका हूँ
हर बार किस्मत दगा दे जाती है
sushilnkt
28-12-2011, 02:59 PM
क्या करूं भाई तीन तीन बार प्रोग्राम बना चूका हूँ
हर बार किस्मत दगा दे जाती है
किस्मत को आप दे दो
यार्र कम से कम इस बार तो आ जाना जयपुर वाली पार्टी में
इस बार दोखा मत देना जी
Noctis Lucis
28-12-2011, 03:14 PM
किस्मत को आप दे दो
यार्र कम से कम इस बार तो आ जाना जयपुर वाली पार्टी में
इस बार दोखा मत देना जी
इस बार बड़े भैयाओं ने धमका रखा है
sushilnkt
28-12-2011, 03:15 PM
इस बार बड़े भैयाओं ने धमका रखा है
वो ही इस पार्टी का आयोजन करेगे
हम उनके साथ रहेगे
groopji
28-12-2011, 06:18 PM
गुप भाई जी ने तिल के लड्डू लास्ट तक नहीं छोड़े ... जब लास्ट में एक बचा था ..उसका भी आधा खुद खाया और आधा मनोज को दिया ,.. हम भी कहा कम थे हम भी मोर्चा मार ही लिया उन से पहले .. रेवड़ी भी थी वो सब से अधिक कमल जी खा रहे थे .. जेसे उनके लिए ही वो बनी हो या वो उनके लिए .. चाय में और सीसवाल इनके आने से पहले ले चुके थे साथ में बिस्कुट और नमकीन .. जब बड़े भाई जी आये वो मेरे से कुछ खफा थे .. क्यों की में उनसे मिल नहीं पा रहा था .. उनके नजदीक हो कर भी लेकिन छोटा हु ना माफ़ी मागी और मिल गयी .. अमोल जी मेरे को नहीं पहचान पाए तो बड़े भाई सा ने कह दिया ये व्ही हे जिनसे आप की सब से अधिक बनती हे चोपल पर रोनाल्ड जी के तो कहने ही क्या .. उनका धनबाद की वो यादे ..
अब पता चल की आप मुझ पर सीसी टीवी कैमरा लगा कर बैठे हो इसी डर से मैंने आधा लड्डू मनोज को दे दिया वरना पूरा का पूरा ..........
groopji
28-12-2011, 06:40 PM
अक्ष भाई के मुह से तो चुटकुले पटाको की तरह छूट रहे थे
पता नहीं इतना याद कैसे रख लेते है
उनका हुनर देख कर तो ऐसा लगता है
जैसे वाही बैठे बैठे एक नया चुटकुला बना लिया हो
लोटस भाई एकदम शांति से बैठे थे उन्हें देख कर लग रहा था की
वो सब के चेहरे की पेन ड्राइव बना डालेंगे
शायद अंतर्मुखी स्वभाव का होने के कारण वो ज्यादा कुछ बोल नहीं सके
लोगो की हंसी के साथ हँसते रहे, व्यवसायिक व्यस्तता के कारण वो जल्दी ही चले गए
अजय भाई और फोटो खीचते रहे अलग अलग एंगल से उनकी हेयर स्टाइल सभी से अलग थी
मस्त मौला स्वभाव के लग रहे थे ....
jalwa
28-12-2011, 07:06 PM
अति सुन्दर वर्णन. सभी मित्रों द्वारा पार्टी का यो वर्णन प्रस्तुत किया जा रहा है उसे पढकर ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उस पार्टी की वीडियो फिल्म आँखों के आगे चल रही है. और कमल भैया का सभी को भोजन परोसने का प्रेम भाव उनकी महानता का परिचय देता है.
और बड़े भाई ग्रुप जी का आभार व्यक्त करता हूँ जो उन्होंने मेरी खेल भावना की तारीफ़ की . परन्तु सच तो यह है की कई महीनों के बाद उस दिन मुझे बच्चों के साथ खेलने का समय मिला था.
और देरी से पहुँचने का सबसे बड़ा नुक्सान मुझे यह हुआ की तिल के लड्डू खाने का सौभाग्य नहीं मिल सका.
Triple-S HARYANVI
28-12-2011, 08:31 PM
मुझे तो जलवा जी का वो दांत तोड़ने वाला चुटकला आज भी हंसा स्देता है और कमल जी जब आये और उनका जो परिचय संत जी ने करवाया
वो मुझे आज भी गुद गुदा देता है l
Raman46
28-12-2011, 08:48 PM
अति सुन्दर वर्णन. सभी मित्रों द्वारा पार्टी का यो वर्णन प्रस्तुत किया जा रहा है उसे पढकर ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उस पार्टी की वीडियो फिल्म आँखों के आगे चल रही है. और कमल भैया का सभी को भोजन परोसने का प्रेम भाव उनकी महानता का परिचय देता है.
और बड़े भाई ग्रुप जी का आभार व्यक्त करता हूँ जो उन्होंने मेरी खेल भावना की तारीफ़ की . परन्तु सच तो यह है की कई महीनों के बाद उस दिन मुझे बच्चों के साथ खेलने का समय मिला था.
और देरी से पहुँचने का सबसे बड़ा नुक्सान मुझे यह हुआ की तिल के लड्डू खाने का सौभाग्य नहीं मिल सका.
क्या बात कर रहें है भाई जलवा जी / आप के २०० और १०० अभी भी याद है और मेरे पास आप के लाइव टेलेकास्ट भी मौजूद है इंडिया टीवी पर डाल दूँ क्या ?
शुकर कीजिये मिस दबंग बिच में आ रही है वर्ना आप की धजियाँ उड़ादेता / दूसरी ओर अपनी भाभी जी का ख्याल रखना पड़ रहा है देवर हूँ उनका वर्ना आप की सारे पोल खोल कब का कर चूका होता / आप निश्चिन्त रहें भाई हूँ आप का बलेक मेल नही करूँगा /पर सावधान मुझे मजवुर मत कीजियेगा मित्र जलवा जी / देख रहा हूँ मैं आप सब क्या कहे जा रहें हैं .......................
Raman46
28-12-2011, 09:00 PM
अक्ष भाई के मुह से तो चुटकुले पटाको की तरह छूट रहे थे
पता नहीं इतना याद कैसे रख लेते है
उनका हुनर देख कर तो ऐसा लगता है
जैसे वाही बैठे बैठे एक नया चुटकुला बना लिया हो
लोटस भाई एकदम शांति से बैठे थे उन्हें देख कर लग रहा था की
वो सब के चेहरे की पेन ड्राइव बना डालेंगे
शायद अंतर्मुखी स्वभाव का होने के कारण वो ज्यादा कुछ बोल नहीं सके
लोगो की हंसी के साथ हँसते रहे, व्यवसायिक व्यस्तता के कारण वो जल्दी ही चले गए
अजय भाई और फोटो खीचते रहे अलग अलग एंगल से उनकी हेयर स्टाइल सभी से अलग थी
मस्त मौला स्वभाव के लग रहे थे ....
प्रिये मित्र ग्रुप जी सच कह रहे है आप अजय भाई को तो उनकी हेयर स्टाइल से ही मैं बिना किसी परिचय के पहचान पाया था / क्या गजब की हेयर स्टाइल है भाई अजय जी का / आप को मैं बार घूरे जा रहा था याद है इस्पे बड़े भैया ने चुपके से मेरे कान पे कह गये ये हैं आप के प्रिये मित्र ग्रुप जी मतलब अधिनायक उस वक्क्त आप लड्डू का मजा ले रहे थे / सुशिल (लाला ) ने ठीक ही कहा आप तो लड्डू के ही पीछे पड़े थे / हा हां क्या मजेदार दृश्य था गुप जी / मुझे लगा चलो यहाँ कोई तो मिले जो लड्डूलड्डू खाने की कम्पिटीसन में भाग ले पाएंगे / मजाक है भाई गुरुप जी / आप का मनचला............... रमण
Triple-S HARYANVI
28-12-2011, 09:44 PM
प्रिये मित्र ग्रुप जी सच कह रहे है आप अजय भाई को तो उनकी हेयर स्टाइल से ही मैं बिना किसी परिचय के पहचान पाया था / क्या गजब की हेयर स्टाइल है भाई अजय जी का / आप को मैं बार घूरे जा रहा था याद है इस्पे बड़े भैया ने चुपके से मेरे कान पे कह गये ये हैं आप के प्रिये मित्र ग्रुप जी मतलब अधिनायक उस वक्क्त आप लड्डू का मजा ले रहे थे / सुशिल (लाला ) ने ठीक ही कहा आप तो लड्डू के ही पीछे पड़े थे / हा हां क्या मजेदार दृश्य था गुप जी / मुझे लगा चलो यहाँ कोई तो मिले जो लड्डूलड्डू खाने की कम्पिटीसन में भाग ले पाएंगे / मजाक है भाई गुरुप जी / आप का मनचला............... रमण
और मुझे आपका सबको गले लगने का अंदाज़ मुझे बहुत पसदं आया l आपका मुझे गले लगाने वाला वो पल मुझे अभी इस तरह याद है l
जैसे ये अभी कुछ ही समय पहले की ही बात है l और आपका वो अपनी .सेक्रेटरी और मनचले हॉस्पिटल की नर्सों का ज़िक्र करना मुझे
और भी रोमांचित कर देता है l
मैं चाहूँगा की इस तरह की हर साल एक मिलन का प्रोग्राम रक्खा जाए l
Raman46
29-12-2011, 01:36 PM
और मुझे आपका सबको गले लगने का अंदाज़ मुझे बहुत पसदं आया l आपका मुझे गले लगाने वाला वो पल मुझे अभी इस तरह याद है l
जैसे ये अभी कुछ ही समय पहले की ही बात है l और आपका वो अपनी .सेक्रेटरी और मनचले हॉस्पिटल की नर्सों का ज़िक्र करना मुझे
और भी रोमांचित कर देता है l
मैं चाहूँगा की इस तरह की हर साल एक मिलन का प्रोग्राम रक्खा जाए l
जी हां सीसवाल भाई मेरा भी दिल यही कहता है इसी बहाने हम एक दुसरे से मिल लिया करेंगे / बड़ा मजाया भाई आप की मेजबानी काबिले तारीफ रहा /आप का मस्त हरयाणवी अंदाज कभी नही भूल पायूँगा मित्र / रमण
amol05
29-12-2011, 05:30 PM
सभी बातोंके बिच बूल गए की प्रेम गुरु की क्खानियो का जिक्र भी आया था वहाँ पर जिसपे सभी ने अलाल्ग रेपोंस दिया था
amol05
29-12-2011, 05:31 PM
साल में कम से कम १ बार तो सबको मिलना ही चैये और अप्नेमिलन को एशी नाम से आगे बढ़ाते है "मेला मित्र दा"
एशे मेले भगवान ने चाह तो हर साल लगेंगे
पार्टी आयोजित करने वाले मित्र हरियाणवी और मित्र कतिल्या जी तो पार्टी को अच्छे से अच्छा बनाने में लगे हुए थे सो उनसे ज्यादा बातें नहीं हो पाई मनोज, अजय और हरियाणवी जी में खूब घुटाइ चल रही थी (शायद पुरानि जान पहचान का नतीजा) कतिल्य्य जी भी मृदभाषी और मितभाषी स्वभाव के लगे, हरियाणवी जी हर किसी की सहायता में आगे कतिल्या जी ने भरी सर्दी में पहुचते ही गरमा गर्म चाय मंगवाई साथ ही नमकीन और तिल के लड्डू जिन्हें सबसे ज्यादा मैंने ही खाया अक्ष जी मुझे घूर घूर कर देख रहे थे तो मैंने उन्हें भी चुपचाप एक नमकीन की कटोरी उनकी तरफ सरका दी तब उनका घूरना कुछ कम हुआ ....... नमकीन के दो चार चम्मच गटकने के बाद ही उनके गले से दो चार चुटकुले जैसे तैसे बाहर निकल पाए ( अक्ष जी माफ करना आपकी पोल खोलनी पड़ी ) ..........
मैं घूर घूर कर इसलिए देख रहा था कि वो तिल के लड्डू मैंने एक दिन पहले ही खरीद कर रख दिए थे....और मुझे ये लग रहा था कि ये तिल के लड्डू सिर्फ ग्रुप जी को ही इतने क्यों पसंद आये हैं.....???? हा हा हा हा हा हा हा...
amol05
29-12-2011, 05:42 PM
मैं घूर घूर कर इसलिए देख रहा था कि वो तिल के लड्डू मैंने एक दिन पहले ही खरीद कर रख दिए थे....और मुझे ये लग रहा था कि ये तिल के लड्डू सिर्फ ग्रुप जी को ही इतने क्यों पसंद आये हैं.....???? हा हा हा हा हा हा हा...
नही जी लड्डू बदिया थे और पसंद सभी को आये जी सभी ने खाए थे
इस बार बड़े भैयाओं ने धमका रखा है
कौन कौन हैं जिन्होंने धमका रखा है...??? आने के लिए धमकाया है या फिर ना आने के लिए....????
amol05
29-12-2011, 05:45 PM
जब में पंहुचा था तो अक्स जी और कत्याल जी साथ साथ बैठे हुए थे परिचय के कुछ देर बाद में कुछ भ्रमित हो गया थे और अक्स जी को कत्याल जी समझ बैठा था और कत्याल जी की कही बात में अक्स जी को कत्याल जी समझ कर कह बैठा "की आप ही है जो मुर्दोको जिन्दा करते है"
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