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View Full Version : अन्तर्वासना पर श्रव्य कथाएँ Audio Stories



guruji
28-12-2011, 05:10 AM
मित्रो,
अन्तर्वासना पर एक नया विभाग आरम्भ किया गया है : "श्रव्य कथाएँ" यानि रेकॉर्डिड सेक्स कथाएँ Audio Stories"
इसका लिन्क है : श्रव्य कथाएँ" यानि रेकॉर्डिड सेक्स कथाएँ Audio Stories
(http://recorded-sex-stories.antarvasna.com/)
(http://recorded-sex-stories.antarvasna.com/)
इस विभाग पर आप अपने विचार इसी सूत्र में लिखें !

mantu007
28-12-2011, 08:57 AM
एक कहानी फ्री में सुनाइए ना सर जी ..........

Rated R
28-12-2011, 03:26 PM
:speaker:मुझे तो अच्छा लगा सुनकर...अभी तो थोडा ही सुना है...
बस मेरे पास एक हेडफ़ोन होता तो ज्यादा अच्छा होता... ::mepullhair:

pooniamohit
28-12-2011, 09:41 PM
wat an idea guru ji.......bt ye call wala seen.........maza nhn aaya!!!!!!

Chandrshekhar
28-12-2011, 09:48 PM
आईडिया तो लाजवाब है, पर जेब ढीली हो जाएगी ,

guruji
02-02-2012, 07:37 AM
श्रव्य कथा का एक मुफ़्त नमूना (http://antarvasna.com/stories/audio/1791_dsc_ek-naye-anubhav-ka-sukh-amudha.mp3)

Vrinda
02-02-2012, 12:11 PM
प्रिये गुरूजी,

यह एक बहुत ही बढ़िया प्रयास है, परन्तु एक शंका है मन में यह है , की क्या सुन ने भर से यह कहानिया रोमांचित कर पाएंगी, क्यूंकि ऐसी कहानिया भेजने के लिए, व्यक्तित्व में साफ़, स्पष्ट लाफ्सो में अपने मान की बातों को कहानी के रूप में ढालना और बताने की शमता की बेहद आवश्यकता है..

Vrinda
02-02-2012, 12:16 PM
मैंने आपका भेजा हुआ डेमो सुना है... उसे सुन ने के बाद किसी भी तरह से मुझे यह नहीं लगा की वो किसी जीती जाती स्त्री की आवाज़ थी, आवाज़ को दिलचस्प बनाने की कोशिश की गयी थी, ऐसे में असल आवाज़ से जब मन खुद को जोड़ता है तभी वह सबकुछ ठीक से महसूस कर पता है और तभी उस कहानी को खुद से जोडके देखता है और लुत्फ़ उठता है...

आपका क्या मान ना है..!!!

guruji
02-02-2012, 08:36 PM
मुझे मालूम है कि कहानी ऐसे लगती है कि पढ़ी जा रही है !

Saroz
03-02-2012, 10:25 AM
मुझे मालूम है कि कहानी ऐसे लगती है कि पढ़ी जा रही है !

तब तो गुणवता लाइए गुरूजी.... आखिर फ्री में तो है नहीं

guruji
03-02-2012, 02:15 PM
जी हां ! लेकिन सभी कहानियों का एक भाग नमूने के तौर पर मुफ़्त है तो नमूना देखो, माल पसंद आए तो लो !

ChachaChoudhary
11-02-2012, 04:01 PM
जी हां ! लेकिन सभी कहानियों का एक भाग नमूने के तौर पर मुफ़्त है तो नमूना देखो, माल पसंद आए तो लो !
सही है गुरूजी .... अगर माल मुफ्त हो तो दिल बेरहम हो ही जाता है :)
वैसे डेमो कुछ ख़ास नहीं है ........इसलिए माल बिकना मुश्किल है आजकल तो पेकिंग अच्छी होनी चाहिए फिर चाहे उसमे माल कैसा भी निकले

deep_jain
11-03-2012, 02:34 PM
सुन के मजा तो आया पर उतना नहीं जितना कहानी पढ़ के अत है..हो सके तो एक फ्री अवेलबले करने की कृपा करे..