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View Full Version : मेरे ब्रदर की दुल्हन



slimsima
16-01-2012, 07:18 PM
मै एक साल से अन्तर्वासना मंच की सदस्य हु कई सदस्य कहते हे(महिला/पुरुष दोनों ) की वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहते हे क्या सच मै ऐसी परिस्तिथियाँ आने पर वे ऐसा करते हे
या ये उनके मन के कोरे कागज़ कल्पनाये होती हे जिसे वे इस मंच पर आ कर रंग देते हे
एक परिवार मै तिन बेटे थे दो बेटों के विवाह हो चुके थे एक बेटे की अपघात मै मृत्यु हो गई और उसके विवाह को लगभग दस महीने हुए थे तब सर्व सहमती से उस(दिवंगत) भाई की पत्नी का विवाह छोटे भाई ( जो अविवाहित था ) से कर दिया गया
करीब डेढ़ साल के बाद उस लड़की (जो दिवंगत भाई की पत्नी थी ) उसका विवाह कंही अन्यत्र कर दिया गया क्यूंकि उसका पति(पूर्व देवर) उसके साथ जीवन बिताने मै असहजता महसूस करता था(पूर्व के रिश्ते मै भाभी होने के कारन) और उनके बिच शारीरिक सम्बन्ध भी नहीं होते थे
अब उस लड़के की भी अन्यत्र शादी हो गई हे उसका वैवाहिक जीवन सुखी हे
क्या उस लड़के मै कोई मानसिक विकार था या वो सही था
क्या सच मै परिवार मै सम्बन्ध बनाना आसन होता हे अथवा ये कुछ विशेष परिस्तिथियों मै ही संभव हे
क्या इसके लिए संस्कारों को दोषी माना जा सकता हे
अथवा ये परिस्तिथि वश बन ही जाते हे
अन्य सदस्य अपने अनुभवों से कुछ बताने की कृपा करे

Raman46
16-01-2012, 07:35 PM
अगर कहीं येसा होता भी है तो इसे संस्कारों का ही दोष माना जा सकता हे /वरना कपोल कल्पना है / हाँ कुछ विशेष परिथितियाँ में कभी कभार देवर भाभी में येसा रिश्ता बन जाता है /

amol05
16-01-2012, 07:39 PM
भाई की म्रत्यु के बाद तो देवर भाभी का विवाह सामान्य बात है यदि देवर अविवाहित हो

बाकि स्थिति का मुझे अनुभव नहीं पर

अखबार को पड़ने से पता चलता है की किसी ना किसी कर्ण परिवार में कुछ महिलये अन्य पुरुषों से भी संबंद बना ही लेती है

ये स्थितिजनक ज्यादा होता है

slimsima
16-01-2012, 10:09 PM
आप दोनों का धन्यवाद मित्रों

vickky681
16-01-2012, 10:51 PM
मेरे घर के पास ऐसा वाकया हुआ था की पति के मरने के बाद सास ससुर ने अपनी बहु की शादी छोटे बेटे से करवा दी थी और वो १० साल से सफल भी है

shaktiman96
16-01-2012, 11:20 PM
परिवार मै सम्बन्ध बनाना आसन नही हो सकता / सब मन गड़ंत कथा है / विधवा विबाह होती है ये सामाजिक मान्यता है / कुछ विशेष परिस्तिथियों मै ही संभव हे पारिवारिक यौन सम्बन्ध वो भी किसी खाश रिश्ते में ही / सब के साथ तो कतई नही //

slimsima
16-01-2012, 11:33 PM
मेरे घर के पास ऐसा वाकया हुआ था की पति के मरने के बाद सास ससुर ने अपनी बहु की शादी छोटे बेटे से करवा दी थी और वो १० साल से सफल भी है
हाँ आपका कहना सही हे ऐसी शादियाँ सफल होती हे

पर बिना शादी के अपने ब्रदर के होते हुए क्या सच में उसकी दुल्हन के साथ इतनी आसानी से सम्बन्ध बनाये जा सकते हे

shaktiman96
16-01-2012, 11:39 PM
हाँ आपका कहना सही हे ऐसी शादियाँ सफल होती हे

पर बिना शादी के अपने ब्रदर के होते हुए क्या सच में उसकी दुल्हन के साथ इतनी आसानी से सम्बन्ध बनाये जा सकते हे

पहली बात तो बिलकुल ही नही / अगर किसी तरह लुक छुप के बना भी लिए जातें है तो इसे अनैतिक और नाजायज रिश्ते ही माने जाते है / मनमानी तो कोई भी कर सकता है /

slimsima
16-01-2012, 11:59 PM
और जो इस विभाग में दावा करते हे की हमने किया हे उनके बारे में कुछ विचार रखे

shaktiman96
17-01-2012, 12:10 AM
और जो इस विभाग में दावा करते हे की हमने किया हे उनके बारे में कुछ विचार रखे

कहना बड़ा आशान है / कुछ भी कह लें / पर कहिकत कुछ और ही होती है / अगर कोई दोस्त साथी येसा वैसा कहते है तो वे आजाद है कौन किसे रोकता है / अपनी मन की भंडास निकालते है इतना ही कहूँगा वास्तविकता से उसका कोई लेना देना नही होता है / सब इस मामलें में कपोल कल्पना की दुनियां में विचरण करते नजर आतें है / आज भी सामाजिक बंधन हर जगह लागु है / चोरी छुपे कोई कुछ भी कही भी और किसी के साथ भी हरकतें कर सकता होगा /उसे तो सामाजिक मान्यता नही मिल सकती है /

underground
17-01-2012, 03:14 AM
bahut hi achaa laga yaha sab kuch dekh kar

swami ji
18-01-2012, 02:55 PM
सीमा जी बोलना सब आसान हे पर वास्तविक स्थिति कुछ और ही होती हे ,सही मेरे कयल से सब समाज में ये रीती पहेलेसे चली आ रही हे की भाई के गुजर जाने के बाद देवर से उसकी शादी की जाती हे ,वो कुवारा हो तो वरना नहीं ,,,और ये सब घर वालो की मर्जी के मुताबिक होता हे ....कुछ ऐसा भी होता हे की शादी नहीं होती हे कुछ महीने या साल में तो वो लोग दूसरी जगह कर देते हे शादी ,,मेरे घर के पीछे ऐसा ही जमीला हे यार ,,,,,,मेरे पापा हमारे समाज के प्रमुख हे तो मेरे घर में ये बात उसके जमले के साथ शरू हिई हे और उसके साथ ही खत्म होगी ....

slimsima
18-01-2012, 04:47 PM
सूत्र पर अपने विचार रखने के लिए शक्तिमान जी undargraund जी स्वामी जी आदि सभी का धन्यवाद

VINODBISHT
18-01-2012, 05:17 PM
मै एक साल से अन्तर्वासना मंच की सदस्य हु कई सदस्य कहते हे(महिला/पुरुष दोनों ) की वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहते हे क्या सच मै ऐसी परिस्तिथियाँ आने पर वे ऐसा करते हे
या ये उनके मन के कोरे कागज़ कल्पनाये होती हे जिसे वे इस मंच पर आ कर रंग देते हे
एक परिवार मै तिन बेटे थे दो बेटों के विवाह हो चुके थे एक बेटे की अपघात मै मृत्यु हो गई और उसके विवाह को लगभग दस महीने हुए थे तब सर्व सहमती से उस(दिवंगत) भाई की पत्नी का विवाह छोटे भाई ( जो अविवाहित था ) से कर दिया गया
करीब डेढ़ साल के बाद उस लड़की (जो दिवंगत भाई की पत्नी थी ) उसका विवाह कंही अन्यत्र कर दिया गया क्यूंकि उसका पति(पूर्व देवर) उसके साथ जीवन बिताने मै असहजता महसूस करता था(पूर्व के रिश्ते मै भाभी होने के कारन) और उनके बिच शारीरिक सम्बन्ध भी नहीं होते थे
अब उस लड़के की भी अन्यत्र शादी हो गई हे उसका वैवाहिक जीवन सुखी हे
क्या उस लड़के मै कोई मानसिक विकार था या वो सही था
क्या सच मै परिवार मै सम्बन्ध बनाना आसन होता हे अथवा ये कुछ विशेष परिस्तिथियों मै ही संभव हे
क्या इसके लिए संस्कारों को दोषी माना जा सकता हे
अथवा ये परिस्तिथि वश बन ही जाते हे
अन्य सदस्य अपने अनुभवों से कुछ बताने की कृपा करे

अगर घर मैं बड़े भाई की मौत हो जाती हैं तो अगर देवर हैं तो परिवार वाले अगर ये बिचार करके अगर उसकी शादी देवर से या कहीं और kara dete हैं तो ये बहुत hi achi बात हैं kyunki ek तो us ladki की jindgi बन जाती हैं और रही बात परिवार मैं जो भाई बहन की बात हैं ये तो बहुत घिनोना हरकत हैं
आपको क्या लगता हैं अगर किसी की जिन्दगी संवर जाये तो बहुत अछी बात हैं रही बात आपके कहने की तो जहाँ तक मैंने देखा हैं मैं डेल्ही मैं रहता हूँ और डेल्ही मैं मैंने कही एसे देखे हैं की जिनकी जिन्दगी कुशाल चल रही हैं

deshpremi
18-01-2012, 05:33 PM
विधवा विवाह एक सामाजिक आवश्यकता भी है और दिवंगत के छोटे भाई के साथ कर दिया जाना भी अधिकतर समाज का हिस्सा है परन्तु मेरा मानना यह है कि इसकेलिए दोनों स्त्री और पुरुष मानसिक रूप से सहमत होने चाहिए तब ही हम उस विवाह कि सफलता की अपेक्षा कर सकते हैं मैंने भी अपने पड़ोस में ऐसा विवाह देखा है जो कि चल भी रहा है परन्तु जब कभी भी मैं उन दोनों को देखता हूं तो कभी कभी ये लगता है कि वो एक समझोते के तहत ही जी रहे हैं आपके द्वारा दिए गए सन्दर्भ में कहना चाहूँगा कि इसमें लड़के में कोई दोष नहीं हैं जरुरी नहीं कि हर लड़का अपनी भाभी को वासना की दृष्टि से ही देखे उस भाभी में माँ बहिन आदि भी देखा जा सकता है ऐसे ही जरुरी नहीं की भाभी देवर को वासना से देखे वेह भी उसमे अपने भाई, पुत्र का रूप देख सकती है रही बात इस विभाग में दावा करने वालो की तो वो तो भाभी क्या अपनी माँ बहिन को भी नहीं छोड़ते अगर देखा जाये तो यह एक अच्छी परम्परा है पर अगर लड़का लड़की इसके लिए मानसिक रूप से तैयार न हो तो एक अभिशाप है

Anjali_Trivedi
20-01-2012, 03:13 PM
भाई की मृत्यु के पश्चात उसकी विधवा का विवाह देवर से करने की प्रथा भारतीय सभ्यता के इतिहास में जिस समय बनाई गई उस समय की सामाजिक परिस्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों, स्त्रियों के शैक्षणिक स्तर और योग्यताओं, आर्थिक रूप से स्त्री की पुरुष वर्ग पर पुर्णतः अधीनता जैसी परिस्थितियाँ और आज की वास्तविकताओं में बहुत अंतर है. जिस समय यह प्रथा बनी तब भी शायद ही पूरा समाज इसका समर्थक रहा होगा, विशेषकर जिन विधवाओं और देवरों को इस तरह के वैवाहिक सम्बन्ध में परम्परा के अनुसार जुड़ना पडा उनमे से काफी प्रितिशत मन से इसके खिलाफ भी होगा. उन परिस्थितियों में भी शायद काफी प्रतिशत किस्सों में इस प्रथा के अंतर्गत विधवा स्त्री का घर वापस नहीं बसता होगा, क्योंकि देवर अविवाहित हो या विधवा भाभी और अविवाहित देवर की उम्र में ज्यादा अंतर ना हो इसकी संभावना ही काफी कम होती होगी. आज की प्रिस्थिथियों में इस परम्परा का कोई औचित्य नहीं है. विधवा भाभी और देवर के विवाह के बाद बनने वाले यौन सम्बन्ध को पारिवारिक सदस्यों के बीच यौन सम्बन्ध कहा ही नहीं जा सकता. कुछ धर्मो में cousins में विवाह की अनुमति और प्रथा है (वह सही है या गलत इसकी यहाँ चर्चा नहीं हो रही), इस तरह के विवाह के बाद पति-पत्नी के बीच के यौन सम्बन्ध को इन्सेस्ट/ पारिवारिक सदस्यों के बीच के यौन सम्बन्ध की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता. भाभी-देवर या चचेरे/ ममेरे भाई-बहन के विवाह के पूर्व या विवाहेत्तर यौन सम्बन्ध ही इन्सेस्ट या पारिवारिक यौन सम्बन्ध की श्रेणी में आ सकते हैं. "क्या सच मै परिवार मै सम्बन्ध बनाना आसन होता हे अथवा ये कुछ विशेष परिस्तिथियों मै ही संभव हे, क्या इसके लिए संस्कारों को दोषी माना जा सकता हे, अथवा ये परिस्तिथि वश बन ही जाते हे" परिवार में यौन सम्बन्ध बनाना कभी आसान नहीं हो सकता; मैं अपना यह मत बहुत बार बता चुकी हूँ कि स्वेच्छिक पारिवारिक यौन सम्बन्ध बनने के लिए दोनों व्यक्तियों का इस तरह के सम्बन्ध बनाने की इच्छा रखना और सहमत होना जरूरी होता है, यह बहुत कम प्रतिशत किस्सों में ही हो सकता है. "विशेष परिस्थितियों" को तो अधिकतर इस तरह के कृत्यों को उचित ठहराने के लिए बहाना बना दिया जाता है; इस तरह के सम्बन्ध बनाने वालों का जो प्रतिशत है उससे कई गुना ज्यादा प्रतिशत लोग इस तरह की परिस्तिथियों में से गुजरते होंगे, परन्तु वे अपने चरित्र और आदर्शों के साथ समझोता नहीं करते, यौन सुख की इच्छा पर जरुरी नियंत्रण करना नहीं छोड़ देते. संस्कार किसी हद तक इसके लिए कारण हो सकते हैं; यह केवल उन परिवारों तक सिमित हो सकता है जहां माँ या पिता या दोनों के विवाहेत्तर सम्बन्ध हो (जिनमे इन्सेस्ट या/ और पारिवारिक सम्बन्ध भी सम्मिलित हो सकते हैं), या वे अन्य तरह के यौन सम्बन्ध / यौन क्रियाओं जिन्हें सामाजिक मान्यता नहीं है जैसे की partner swapping, group sex आदि में लिप्त हो. इन सब कारणों की अनुपस्थिति में इस तरह के सम्बन्ध यदि बच्चे बनाते हैं तो यह उनकी मानसिक कमजोरी और यौन सुख को किसी भी तरह प्राप्त करने की उनकी प्रवत्ति के कारण ही हो सकता है. मुझे श्री देशप्रेमी का पोस्ट बहुत अच्छा लगा.

sushilnkt
20-01-2012, 03:28 PM
बड़े भाई की ऐसे मर जाने पर छोटे भाई से विवाह को पर्दा कहते हे
अगर देवर अपनी भाभी को माँ के रूप में देखता हे तो वो उसके साथ शारारिक सम्बन्ध नहीं बना पायेगा ..अगर वो दोस्त के रूप में भाभी से कलोज हे तो आगे तक रिश्ता निभा लेगा जाहे वो देवर -भाभी के रूप में हो या धर्म पत्नी के रूप में ... ऐसा वाकया मेरे पड़ोस में हे बड़े भाई के मरने के बाद छोटे से शादी .. आज उनके तिन बच्चे हे और वो बहुत खुश हे .. बड़े का भी दो बच्चे हे ... वो दोनों की सहमती पर रिश्ता बनता हे ना की दोनों के घर वालो की सहमती पर ...

sushilnkt
20-01-2012, 05:33 PM
अब अपने विचार रखे :-

slimsima
20-01-2012, 06:01 PM
आप सभी मित्रो ने सूत्र पर अपने विचार रखे आपका धन्यवाद

Lookmaan
18-03-2012, 03:10 AM
ओमा येर यैह शाइट टो मनुरअंजान के लिए हय ख्वामखाँ ज्ञान बघार रेहे हो|अब आटे हैँ तोपीक पर के भाबी को चोडना साही हय या गाल्ट-अमा येर जब शाली आदी घरवाली हो शक्ती हैँ टू डेवर आदा घरबाला क्यो नहे होश क्ता अऊर इशे incest किशने कह डिया अरे जब डोनो मे खून का कोयी रिश्ता हे नहे टू ये incest कइशे हो गइया|और जो यहा पर डावा करटे है wo टो insest fantasy makers है पर उन पर छीटाकश ये लोग टो पक्के incest मालूम पारटे अहेँ|ओर किश शमाज का बैट कारटे हो ऊश शामाज का जिशमे लगभग 5 % लोग Incest मे लिप्त है ओर उनमे शे बाहुत शारे टो "पीडोफीलिया" के अन्तर्गत आटे हैन जो कि असलियात मे घिनोने हैँ|और ये anjali trivedi को टो जरा डेको इनोने कई शारी id बना रखे हयँ और अपनी ही बात को दूशरे आईडी शे समर्थन कारटी हयँ लग्ई राहओ बाहुट अच्छे|

mandaar_Bhatt
24-03-2012, 11:57 PM
ओमा येर यैह शाइट टो मनुरअंजान के लिए हय ख्वामखाँ ज्ञान बघार रेहे हो|अब आटे हैँ तोपीक पर के भाबी को चोडना साही हय या गाल्ट-अमा येर जब शाली आदी घरवाली हो शक्ती हैँ टू डेवर आदा घरबाला क्यो नहे होश क्ता अऊर इशे incest किशने कह डिया अरे जब डोनो मे खून का कोयी रिश्ता हे नहे टू ये incest कइशे हो गइया|और जो यहा पर डावा करटे है wo टो insest fantasy makers है पर उन पर छीटाकश ये लोग टो पक्के incest मालूम पारटे अहेँ|ओर किश शमाज का बैट कारटे हो ऊश शामाज का जिशमे लगभग 5 % लोग Incest मे लिप्त है ओर उनमे शे बाहुत शारे टो "पीडोफीलिया" के अन्तर्गत आटे हैन जो कि असलियात मे घिनोने हैँ|और ये anjali trivedi को टो जरा डेको इनोने कई शारी id बना रखे हयँ और अपनी ही बात को दूशरे आईडी शे समर्थन कारटी हयँ लग्ई राहओ बाहुट अच्छे|

Mr. Lookmaan, सबसे पहले तो आप हिंदी फॉन्ट में ढंग से टाइप करने पर जोर दीजिए. मैं बीना बात दोष नहीं निकालना चाहता, परन्तु आप जिस त्रुटिपूर्ण रूप से टाइप कर रहें हैं उससे आप क्या लिखना चाहतें हैं यह समझना मुश्किल हो जाता है.

क्या आपने इस सूत्र को शुरू करने वाली सदस्या ने सूत्र की शुरूआत में क्या लिखा है, क्या प्रश्न उठाए हैं उसे ध्यान से पढ़ा है? क्या सदस्या ने यह लिखा है कि वे अन्य सदस्यों से उनकी राय, उनके अनुभव अपने तथा अन्य सदस्यों के मनोरंजन के लिए मांग रहीं हैं?

आपने फरमाया "अब आटे हैँ तोपीक पर के भाबी को चोडना साही हय या गाल्ट". सूत्र शुरू करने वाली सदस्या ने देवर-भाभी के विवाह और उस विवाह के असफल होने का एक उदाहरण दे कर पारिवारिक रिश्ते सही हैं या गलत और पारिवारिक रिश्ते क्यों और किन परिस्थियों में बनते हैं और क्या संस्कार उनके लिए जवाबदार है यह प्रश्न उठाए हैं. सदस्या का आशय भाभी को चोदना सही है या गलत इस तरह का सिमित मुद्दा नहीं था.

"और जो यहा पर डावा करटे है wo टो insest fantasy makers है". Mr. Lookmaan, चाहे अनजाने में ही सही, आपने सच्चाई बयाँ कर दी. इन्सेस्ट या पारिवारिक सेक्स की पैरवी इस मंच पर करने वाले अगर इस सच्चाई को स्वीकार कर लें तो मुझे और मेरे जैसे अन्य सदस्यों को इस मंच के सूत्रों पर आ कर कुछ लिखने की जरूरत ही नहीं पड़े. मेरे जैसे सदस्यों को यहाँ आकर विरोध में लिखने की जरूरत, जिसे आप "ज्ञान बघारना" कह रहे हो, ही इसलिए पड़ती है क्योंकि समर्थक इन्हें कल्पनाओं के बजाय सच्चाई बताने का निरर्थक प्रयत्न कर रहें हैं.


"पर उन पर छीटाकश ये लोग टो पक्के incest मालूम पारटे अहेँ", Bravo! मैंने आज तक इससे ज्यादा हास्यास्पद, अर्थ विहीन और बेतुका तर्क नहीं सूना या पढ़ा. आपके जैसे एक सदस्य के इसी तरह के तर्कों की पोल खोलते हुए एक अन्य सदस्य श्रीखारघर ने लिखा था:
"It is better to keep your mouth shut and let others think that you are a fool rather than open your mouth and let every one know that you are a fool".

Lookmaan
31-03-2012, 05:03 PM
[you must have to read. & pls. try to undasatand ok.] मिस्टर ईमानदार भट्ट ची आप मेरे कमेन्टोन् पे कामेन्ट नाक रेँ तोमे हेर बानी होगी क्योँ किमै आप जित नाज्ञा नीन हीँहूँ लिहा जामैँ आप कीबा तोँका जवा बन हीँदे पाऔँ गा और अन्दर हीअ न्दर कुढ़ता रहूँगा और आप नेक हाकि चूप रह नाबे हत रवि कल्प हैतो ये मेरे लिये सम्भब नहीँ है| दूसरे बात क्या आप ने येसे लोगो को सूधा रने का बीडा उठा रखा है आप येसोँ से यितनाचिडते क्योँ है| मुजे तोल गता हैकि आप पह लेये शेरि स्तोँ मेलि प्त रहैँ हैँऔ रअ बआ पको पछ तावा होर हाहै तो पिलिज अप नेपा पोँकी आँच मेहम सबको मत जलाइये|खेने काम तल बकि तोडा तोक ल्प नामे उड लेने दो यार

Lookmaan
31-03-2012, 05:05 PM
[you must have to read. & pls. try to undasatand ok.मेरा शाफेटबायर तोडा गडबड करि रहया हय] मिस्टर ईमानदार भट्ट ची आप मेरे कमेन्टोन् पे कामेन्ट नाक रेँ तोमे हेर बानी होगी क्योँ किमै आप जित नाज्ञा नीन हीँहूँ लिहा जामैँ आप कीबा तोँका जवा बन हीँदे पाऔँ गा और अन्दर हीअ न्दर कुढ़ता रहूँगा और आप नेक हाकि चूप रह नाबे हत रवि कल्प हैतो ये मेरे लिये सम्भब नहीँ है| दूसरे बात क्या आप ने येसे लोगो को सूधा रने का बीडा उठा रखा है आप येसोँ से यितनाचिडते क्योँ है| मुजे तोल गता हैकि आप पह लेये शेरि स्तोँ मेलि प्त रहैँ हैँऔ रअ बआ पको पछ तावा होर हाहै तो पिलिज अप नेपा पोँकी आँच मेहम सबको मत जलाइये|खेने काम तल बकि तोडा तोक ल्प नामे उड लेने दो यार

Rajkes
31-03-2012, 05:41 PM
ओमा येर यैह शाइट टो मनुरअंजान के लिए हय ख्वामखाँ ज्ञान बघार रेहे हो|अब आटे हैँ तोपीक पर के भाबी को चोडना साही हय या गाल्ट-अमा येर जब शाली आदी घरवाली हो शक्ती हैँ टू डेवर आदा घरबाला क्यो नहे होश क्ता अऊर इशे incest किशने कह डिया अरे जब डोनो मे खून का कोयी रिश्ता हे नहे टू ये incest कइशे हो गइया|और जो यहा पर डावा करटे है wo टो insest fantasy makers है पर उन पर छीटाकश ये लोग टो पक्के incest मालूम पारटे अहेँ|ओर किश शमाज का बैट कारटे हो ऊश शामाज का जिशमे लगभग 5 % लोग Incest मे लिप्त है ओर उनमे शे बाहुत शारे टो "पीडोफीलिया" के अन्तर्गत आटे हैन जो कि असलियात मे घिनोने हैँ|और ये anjali trivedi को टो जरा डेको इनोने कई शारी id बना रखे हयँ और अपनी ही बात को दूशरे आईडी शे समर्थन कारटी हयँ लग्ई राहओ बाहुट अच्छे|

यह भी बहस का विषय हो सकता है की साली तो आधी घरवाली होती है पर देवर आधा घरवाला नहीं होता .....क्यों ...याने की कोई आदमी पत्नी के साथ साथ साली के साथ भी ऐश कर सकता है पर महिला केवल अपने पति के साथ ही सेक्स करे ...अजीब मान्यता है

bunty87
31-03-2012, 09:24 PM
420443kisi ladki ya aunty ko mera loda chahiye to sampark karey....

mandaar_Bhatt
01-04-2012, 07:37 PM
[you must have to read. & pls. try to undasatand ok.मेरा शाफेटबायर तोडा गडबड करि रहया हय] मिस्टर ईमानदार भट्ट ची आप मेरे कमेन्टोन् पे कामेन्ट नाक रेँ तोमे हेर बानी होगी क्योँ किमै आप जित नाज्ञा नीन हीँहूँ लिहा जामैँ आप कीबा तोँका जवा बन हीँदे पाऔँ गा और अन्दर हीअ न्दर कुढ़ता रहूँगा और आप नेक हाकि चूप रह नाबे हत रवि कल्प हैतो ये मेरे लिये सम्भब नहीँ है| दूसरे बात क्या आप ने येसे लोगो को सूधा रने का बीडा उठा रखा है आप येसोँ से यितनाचिडते क्योँ है| मुजे तोल गता हैकि आप पह लेये शेरि स्तोँ मेलि प्त रहैँ हैँऔ रअ बआ पको पछ तावा होर हाहै तो पिलिज अप नेपा पोँकी आँच मेहम सबको मत जलाइये|खेने काम तल बकि तोडा तोक ल्प नामे उड लेने दो यार

क्या कोई अन्य सदस्य, अगर वे समझ पाएं हों कि Mr. Lookmaan क्या लिखना चाहते हैं, तो मुझे बताने का कष्ट करेंगे इसे सही ढंग से टाइप कर के. अपने दिमाग को बहुत ज्यादा जोर देने पर भी मैं उन्होंने जो लिखा है उसका सर-पाँव कुछ भी नहीं समझ पा रहा, इसलिए उत्तर नहीं दे पा रहा.

totaram
02-04-2012, 11:49 PM
क्या कोई अन्य सदस्य, अगर वे समझ पाएं हों कि Mr. Lookmaan क्या लिखना चाहते हैं, तो मुझे बताने का कष्ट करेंगे इसे सही ढंग से टाइप कर के. अपने दिमाग को बहुत ज्यादा जोर देने पर भी मैं उन्होंने जो लिखा है उसका सर-पाँव कुछ भी नहीं समझ पा रहा, इसलिए उत्तर नहीं दे पा रहा.

उसकी आवश्यकता ही नहीं मित्र! कुछ लोग हैं जो बरबस हर जगह टांग अड़ाने चले आते हैं और बे-सर पैर कि हांकते रहते हैं.

totaram
03-04-2012, 12:02 AM
मै एक साल से अन्तर्वासना मंच की सदस्य हु कई सदस्य कहते हे(महिला/पुरुष दोनों ) की वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहते हे क्या सच मै ऐसी परिस्तिथियाँ आने पर वे ऐसा करते हे
या ये उनके मन के कोरे कागज़ कल्पनाये होती हे जिसे वे इस मंच पर आ कर रंग देते हे
एक परिवार मै तिन बेटे थे दो बेटों के विवाह हो चुके थे एक बेटे की अपघात मै मृत्यु हो गई और उसके विवाह को लगभग दस महीने हुए थे तब सर्व सहमती से उस(दिवंगत) भाई की पत्नी का विवाह छोटे भाई ( जो अविवाहित था ) से कर दिया गया
करीब डेढ़ साल के बाद उस लड़की (जो दिवंगत भाई की पत्नी थी ) उसका विवाह कंही अन्यत्र कर दिया गया क्यूंकि उसका पति(पूर्व देवर) उसके साथ जीवन बिताने मै असहजता महसूस करता था(पूर्व के रिश्ते मै भाभी होने के कारन) और उनके बिच शारीरिक सम्बन्ध भी नहीं होते थे
अब उस लड़के की भी अन्यत्र शादी हो गई हे उसका वैवाहिक जीवन सुखी हे
क्या उस लड़के मै कोई मानसिक विकार था या वो सही था
क्या सच मै परिवार मै सम्बन्ध बनाना आसन होता हे अथवा ये कुछ विशेष परिस्तिथियों मै ही संभव हे
क्या इसके लिए संस्कारों को दोषी माना जा सकता हे
अथवा ये परिस्तिथि वश बन ही जाते हे
अन्य सदस्य अपने अनुभवों से कुछ बताने की कृपा करे
बिहार और उत्तर प्रदेश में (अन्य राज्यों के बारे में ठीक ठीक नहीं पता) यह सामान्य बात है कि बड़े भाई कि असमय मृत्यु के बाद उसकी विधवा की शादी देवर के साथ कर दी जाती है. मेरे समझ से अगर दोनों बालिग़ हों और मानसिक रूप से इस रिश्ते को निभाने के लिए तैयार हों तो यह अच्छा ही है. रही बात इस रिश्ते के सफल होने या ना होने की तो ये तो उस परिवार विशेष पर और दोनों कि मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है. यहाँ यह भी महत्वपूर्ण है कि पूर्व में भाभी और देवर के रिश्ते कैसे रहे हैं, वे एक दूसरे से कितने घनिष्ठ रहे हैं या फिर उनकी उम्र कितनी है इत्यादि.

मैंने ऐसा भी देखा है कि एक विधवा ने (जिसके दो छोटे छोटे बच्चे थे और जिसका परिवार से बाहर पुनर्विवाह शायद असंभव ही था) अपने देवर से शादी करने से इनकार कर दिया क्योंकि उसका देवर उससे उम्र में छोटा था. उसने तर्क दिया कि "मैंने आज तक इसे छोटे भाई कि तरह माना, आज इसी से शादी कैसे कर लूं. फिर इसके भी तो कुछ अरमान होंगे कि ये शादी करेगा अपनी दुल्हन लाएगा, इसके सपनो का गला कैसे घोंट दूं." आप शायद आश्चर्य करेंगे पर उसने अपने देवर की शादी उसकी (देवर की) मर्जी से करवाई. आज भी वो विधवा उसी परिवार में रह रही है और उसका और उसके बच्चो का भरण पोषण भी देवर ही कर रहा है.

totaram
03-04-2012, 12:03 AM
विधवा विवाह एक सामाजिक आवश्यकता भी है और दिवंगत के छोटे भाई के साथ कर दिया जाना भी अधिकतर समाज का हिस्सा है परन्तु मेरा मानना यह है कि इसकेलिए दोनों स्त्री और पुरुष मानसिक रूप से सहमत होने चाहिए तब ही हम उस विवाह कि सफलता की अपेक्षा कर सकते हैं मैंने भी अपने पड़ोस में ऐसा विवाह देखा है जो कि चल भी रहा है परन्तु जब कभी भी मैं उन दोनों को देखता हूं तो कभी कभी ये लगता है कि वो एक समझोते के तहत ही जी रहे हैं आपके द्वारा दिए गए सन्दर्भ में कहना चाहूँगा कि इसमें लड़के में कोई दोष नहीं हैं जरुरी नहीं कि हर लड़का अपनी भाभी को वासना की दृष्टि से ही देखे उस भाभी में माँ बहिन आदि भी देखा जा सकता है ऐसे ही जरुरी नहीं की भाभी देवर को वासना से देखे वेह भी उसमे अपने भाई, पुत्र का रूप देख सकती है रही बात इस विभाग में दावा करने वालो की तो वो तो भाभी क्या अपनी माँ बहिन को भी नहीं छोड़ते अगर देखा जाये तो यह एक अच्छी परम्परा है पर अगर लड़का लड़की इसके लिए मानसिक रूप से तैयार न हो तो एक अभिशाप है
एकदम सटीक और तार्किक बात कही है आपने देशप्रेमी जी. इस पोस्ट के लिए आप सम्मान के हकदार हैं.

abcl42
14-04-2012, 08:28 PM
मित्रो इस थ्रेड पर रसीली बातों का मजा लें
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=7239&page=26&p=1092621&posted=1#post1092621