View Full Version : " रचनात्मक या छलावा "
Raman46
28-01-2012, 08:42 PM
दोस्तों !
क्या ये अजीव विडम्बना नही है जिसे जो मर्जी आ रही है कहें जा रहें है ? क्या रचनात्मक इसे ही कहते हैं ? अपने आप को रचनात्मक तथा टॉप टेन में बने रहने की क्या सबसे आशान तरीका यही है ? आज खुले आम अपनी -अपनी दूसरी आईडी की घोषणा करते फोरम सदस्य अपने आप को गौरवान्वित मान रहें है / अभद्र भाषा की बोल बाला है / कैसे और किस तरह अपने आप को फोरम पे टॉप टेन बनाये रखा जाय कोई कसर नही छोड़ा जा रहा है !
ताजुब होती है जब इन्हें किसी तरह कोई सदस्य रोकने की चेष्टा करता है , तो उनकी प्रविष्टि ही मिटा दी जाने की प्रावधान तो है पर उस मनचले सदस्य पर किसी भी तरह की आंच ना आये पूरा -पूरा धयान रखा जा रहा है / गुस्ताखी माफ़ ........क्या हो रहा है फोरम पर ? कोई देखने बाला नही क्या ? एक ओर तो कहा जाता है फोरम को विवाद रहित रखा जाये ,दूसरी ओर सदस्य अपने ही नियम कायदे बनाये जा रहें है और मजाक उड़ाई जा रही है नियमों की, जिसे फोरम को सुचारू रूप से चलाया जाय / क्या ये घोर अवमाना फोरम की नही है ? क्या यैसा ही चलता रहेगा इस फोरम पर ? सच का सामना करें / पोस्ट मिटाने या सूत्र का बंद कर देना ही वास्तविक हल नही है / आगे क्या करना है आप स्यंग समझ सकते है ? अगर लगे की ये सूत्र फोरम की गलतियों को उजागर करने में असमर्थ है तथा इससे सदस्यों में जागरूकता की भाव पैदा नही की जा सकती है तो अविलम्ब सूत्र को ही बंद कर दी जाये / पर इससे पहले ये बताना नितांत आवश्य होगा क्यों ? आप सभी मित्रों से भी कर्म वध्य निवेदन है निश्पक्ष्य भाव से अपना विचार प्रकट करें / धन्यवाद ,,,,,,,,,,,रमण
King_khan
28-01-2012, 08:46 PM
मामला क्या है भाई ?
nitin9935
28-01-2012, 08:47 PM
मित्र मैं आपकी बात से बिलकुल सहमत हूँ
मुझे सबसे ज्यादा बुरा उन सदस्यों से लगता है जिन्होंने फोरम पर अपना योगदान देकर अपने को फोरम के सम्माननीय सदस्यों में शामिल करवाया है और अब नकली आय दी से आकार अनर्गल प्रलाप करते हैं
Badtameez
28-01-2012, 08:49 PM
ये तो बात सही है कि सच का सामना करें। प्रविष्टि मिटाना समस्या का हल नहीं है। प्रविष्टि और सूत्र को मिटाने से पहले उसका सार्थक कारण भी बताया जाना चाहिए।
Raman46
28-01-2012, 08:51 PM
मामला क्या है भाई ?
बड़े भाई आप को तो कम से कम पता ही है आप का ये छोटा भाई कभी यैसा वैसा काम नही करेगा / सलाम आप का भाई / आशा करुना उचित विचार रखेंगे .धन्यवाद ,,,,,,,रमण
Raman46
28-01-2012, 08:55 PM
मित्र मैं आपकी बात से बिलकुल सहमत हूँ
मुझे सबसे ज्यादा बुरा उन सदस्यों से लगता है जिन्होंने फोरम पर अपना योगदान देकर अपने को फोरम के सम्माननीय सदस्यों में शामिल करवाया है और अब नकली आय दी से आकार अनर्गल प्रलाप करते हैं
यही तो सच है दोस्त जिसे उजागर करने की सही समय आ चुकी है / वर्ना शिकारी आएगा जाल बिछाएगा लोभ से उसमें फसना नही / चरितार्थ ही होगी मित्र / धन्यवाद
Raman46
28-01-2012, 08:57 PM
ये तो बात सही है कि सच का सामना करें। प्रविष्टि मिटाना समस्या का हल नहीं है। प्रविष्टि और सूत्र को मिटाने से पहले उसका सार्थक कारण भी बताया जाना चाहिए।
क्या ये हो रहा है मित्र गीतकार सौरभ जी ?
AvayRai
28-01-2012, 09:03 PM
मामला क्या है भाई ?
गंभीर मामला लगता है
Raman46
28-01-2012, 09:06 PM
गंभीर मामला लगता है
अपना विचार दें यार / क्या ये वाकई गंभीर मामला नही है ?
King_khan
28-01-2012, 09:07 PM
बड़े भाई आप को तो कम से कम पता ही है आप का ये छोटा भाई कभी यैसा वैसा काम नही करेगा / सलाम आप का भाई / आशा करुना उचित विचार रखेंगे .धन्यवाद ,,,,,,,रमण
रमण भाई आपसे तो ये आशा नहीं रखता हूँ
मै कल ही वापस आया हूँ काफी लंबे समय बाद इसलिए मुझे कुछ पता नहीं है |
nitin9935
28-01-2012, 09:08 PM
यही तो सच है दोस्त जिसे उजागर करने की सही समय आ चुकी है / वर्ना शिकारी आएगा जाल बिछाएगा लोभ से उसमें फसना नही / चरितार्थ ही होगी मित्र / धन्यवाद
जहाँ तक मैं जानता हूँ रमण जी इस बा तको प्रबंधन भी गंभीरता से ले रहा है क्योंकि कुछ अच्छे नए सदस्य इस जाल में फंस चुके हैं
अब मैं किसी भी नए सदस्य से मित्रता करने से पहले हजार बार सोचता हूँ
Raman46
28-01-2012, 09:10 PM
जहाँ तक मैं जानता हूँ रमण जी इस बा तको प्रबंधन भी गंभीरता से ले रहा है क्योंकि कुछ अच्छे नए सदस्य इस जाल में फंस चुके हैं
अब मैं किसी भी नए सदस्य से मित्रता करने से पहले हजार बार सोचता हूँ
दोस्त कहीं यैसा न हो जाये ......बड़ी देर कर दी दवा लाते लाते
nitin9935
28-01-2012, 09:13 PM
दोस्त कहीं यैसा न हो जाये ......बड़ी देर कर दी दवा लाते लाते
रमण जी मेरे ख्याल से प्रबंधन किसी ऐसी व्यवस्था का प्लान कर रहा है की ये सब हमेशा के लिए खत्म हो जाए
Badtameez
28-01-2012, 09:15 PM
क्या ये हो रहा है मित्र गीतकार सौरभ जी ?
मैं अभी भी फोरम को ठीक से समझ नहीं पाया हूँ लेकिन हाँ सूत्र मिटाते हूए मैंने देखा है। गुरू जी ने एक बार सूत्र बनाया था कुछ धार्मिक मतभेद से सम्बन्धित बात वाली, उसमें एक मित्र 'मस्तराम' जी ने कुछ सार्थक तर्क रखे उसका कोई उत्तर नहीं दे पाया जा सका और सूत्र को बिना कुछ कारण बताए मिटा दिया गया। ये गलत बात है।
Raman46
28-01-2012, 09:16 PM
रमण जी मेरे ख्याल से प्रबंधन किसी ऐसी व्यवस्था का प्लान कर रहा है की ये सब हमेशा के लिए खत्म हो जाए
बेहद जरुरी है मित्र वर्ना अव पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गयी खेत ????????????/////
Hex7111
28-01-2012, 09:17 PM
what's d matter ? pliz explain
Badtameez
28-01-2012, 09:17 PM
नकली आईडी बनाने वालों के सम्बन्ध में मैं अधिक नहीं जानता किन्तु मैं उनसे यह पूछूँगा कि वो ऐसा क्यों करते हैं, उन्हें क्या मिलता है?
nitin9935
28-01-2012, 09:19 PM
नकली आईडी बनाने वालों के सम्बन्ध में मैं अधिक नहीं जानता किन्तु मैं उनसे यह पूछूँगा कि वो ऐसा क्यों करते हैं, उन्हें क्या मिलता है?
सौरभ जी मुझे तो लगता है ये सब केवल फोरम का माहौल खराब करने के लिए ही ऐसा करते हैं
Raman46
28-01-2012, 09:22 PM
मैं अभी भी फोरम को ठीक से समझ नहीं पाया हूँ लेकिन हाँ सूत्र मिटाते हूए मैंने देखा है। गुरू जी ने एक बार सूत्र बनाया था कुछ धार्मिक मतभेद से सम्बन्धित बात वाली, उसमें एक मित्र 'मस्तराम' जी ने कुछ सार्थक तर्क रखे उसका कोई उत्तर नहीं दे पाया जा सका और सूत्र को बिना कुछ कारण बताए मिटा दिया गया। ये गलत बात है।
मित्र! अर्थ और भावार्थ दो अलग -अलग चीजें हैं / मैंने भी उस प्रविष्टि को देखा चूका हूँ / पोस्ट मिटाने के खिलाफ मैं कतई नही हूँ पर जब अनाप सनाप प्रविष्टियों को छोड़ कई सार्थक प्रविष्टियों को मिटाया जाता है तो दुःख होती है मित्र /
Raman46
28-01-2012, 09:24 PM
what's d matter ? pliz explain
स्वागत हैं दोस्त / आप के लिए एक लिंक दे रहा हूँ तथा आशा करूँगा आप इसके ही मुताविक कुछ कहेंगे / धन्यवाद .
http://www.google.com/transliterate
nitin9935
28-01-2012, 09:25 PM
मित्र! अर्थ और भावार्थ दो अलग -अलग चीजें हैं / मैंने भी उस प्रविष्टि को देखा चूका हूँ / पोस्ट मिटाने के खिलाफ मैं कतई नही हूँ पर जब अनाप सनाप प्रविष्टियों को छोड़ कई सार्थक प्रविष्टियों को मिटाया जाता है तो दुःख होती है मित्र /
मित्र जहाँ तक मैं जानता हूँ इस सबके पीछे भी कुछ अनर्गल प्रलाप करने वाले तथाकथित फोरम के शुभ चिन्तक सदस्य है. अगर किसी सार्थक प्रविष्टि को लेकर विवाद खडा कर दिया जाय तो???
मुझे लगता है प्रबंधन का ये मानना है की समझदार सदस्य जिन्होंने सार्थक प्रविष्टि करी है वो प्रबंधन का नजरिया समझते हुए उनका साथ देंगे
Raman46
28-01-2012, 09:26 PM
सौरभ जी मुझे तो लगता है ये सब केवल फोरम का माहौल खराब करने के लिए ही ऐसा करते हैं
जग जाहिर है दोस्त ....गलती तो हमारी है ना क्यों जानते ही भी चुप बैठे है
nitin9935
28-01-2012, 09:28 PM
जग जाहिर है दोस्त ....गलती तो हमारी है ना क्यों जानते ही भी चुप बैठे है
मैं इस मामले में कभी भी चुप नहीं रहा रमण जी मुझे किसी भी सदस्य की कोई भी प्रविष्टि अगर गलत लगती है तो फोरम प्रबंधन से उसकी शिकायत जरूर करता हूँ
King_khan
28-01-2012, 09:28 PM
नकली आईडी बनाने वालों के सम्बन्ध में मैं अधिक नहीं जानता किन्तु मैं उनसे यह पूछूँगा कि वो ऐसा क्यों करते हैं, उन्हें क्या मिलता है?
अनगिनत आई डी बनाकर खुद को रेपो देने के लिए |
nitin9935
28-01-2012, 09:29 PM
मैं इस मामले में कभी भी चुप नहीं रहा रमण जी मुझे किसी भी सदस्य की कोई भी प्रविष्टि अगर गलत लगती है तो फोरम प्रबंधन से उसकी शिकायत जरूर करता हूँ
और साथ ही हमेशा मुझे प्रबंधन की तरफ से समुचित स्पस्टीकरण भी प्राप्त हुआ है
Raman46
28-01-2012, 09:29 PM
मित्र जहाँ तक मैं जानता हूँ इस सबके पीछे भी कुछ अनर्गल प्रलाप करने वाले तथाकथित फोरम के शुभ चिन्तक सदस्य है. अगर किसी सार्थक प्रविष्टि को लेकर विवाद खडा कर दिया जाय तो???
मुझे लगता है प्रबंधन का ये मानना है की समझदार सदस्य जिन्होंने सार्थक प्रविष्टि करी है वो प्रबंधन का नजरिया समझते हुए उनका साथ देंगे
मित्र आप से सहमत हूँ / पर दवा वक्त पे ही देना उचित है अन्यथा एक इन्शान रोगी की मौत होना स्वाभाविक है /
Badtameez
28-01-2012, 09:30 PM
सौरभ जी मुझे तो लगता है ये सब केवल फोरम का माहौल खराब करने के लिए ही ऐसा करते हैं
एक रूप में महात्मा एक रूप में डाकू ऐसा करने से तो अच्छा है कि डाकू ही रहें।
यदि प्रबन्धन को पता चल रहा है कि कोई सदस्य नकली आईडी बनाये हुए है तो उस पर उचित कार्यवाही अवश्य करे। माहौल खराब करने वाले लोगों से प्रार्थना है कि वो ऐसा न करें।
nitin9935
28-01-2012, 09:32 PM
एक रूप में महात्मा एक रूप में डाकू ऐसा करने से तो अच्छा है कि डाकू ही रहें।
यदि प्रबन्धन को पता चल रहा है कि कोई सदस्य नकली आईडी बनाये हुए है तो उस पर उचित कार्यवाही अवश्य करे। माहौल खराब करने वाले लोगों से प्रार्थना है कि वो ऐसा न करें।
मित्र इसीस बात का तो दुःख है की लोग डाकू से महात्मा तक का सफर तय करने के बाद फिर से डाकू बन रहे हैं और वो भी बिना वजह
Raman46
28-01-2012, 09:33 PM
और साथ ही हमेशा मुझे प्रबंधन की तरफ से समुचित स्पस्टीकरण भी प्राप्त हुआ है
मित्र ! मुझे तो आज तक ये लालसा ही लगी है की क्या शिकायत पे कोई सुचना भी दी जाती है ?
Badtameez
28-01-2012, 09:34 PM
अनगिनत आई डी बनाकर खुद को रेपो देने के लिए |
अच्छा मेरी एक जिज्ञासा है। मान लीजिए रेपो संख्या मेरे पास बहुत ही अधिक हो गई है तो फोरम की ओर से मुझे कोई विशेष पुरस्कार दिया जाएगा क्या?
Raman46
28-01-2012, 09:35 PM
मित्र इसीस बात का तो दुःख है की लोग डाकू से महात्मा तक का सफर तय करने के बाद फिर से डाकू बन रहे हैं और वो भी बिना वजह
मित्र ! कहाबत है अगर आप खुला रखेंगे तो लोग देखागा ही
nitin9935
28-01-2012, 09:35 PM
मित्र ! मुझे तो आज तक ये लालसा ही लगी है की क्या शिकायत पे कोई सुचना भी दी जाती है ?
सामान्यतः तो नहीं पर यदि आप जानना चाहेंगे तो अवशे
nitin9935
28-01-2012, 09:36 PM
मित्र ! कहाबत है अगर आप खुला रखेंगे तो लोग देखागा ही
मैं समझा नहीं मित्र
Raman46
28-01-2012, 09:39 PM
अनगिनत आई डी बनाकर खुद को रेपो देने के लिए |
बड़े भाई अगर आप जानबुझ कर किसी एक को बचाने के लिए खुला झोड़ देंगे तो लाजमी ही है कोई भी नक़ल क्यों नही करेगा ? शायग तब आप खुद ही समझ जाएँ
Badtameez
28-01-2012, 09:41 PM
मित्र इसीस बात का तो दुःख है की लोग डाकू से महात्मा तक का सफर तय करने के बाद फिर से डाकू बन रहे हैं और वो भी बिना वजह
ये तो मनमानी वाली बात हो गई न। लेकिन किसकी आईडी नकली है यह बात पूरे विश्वास के साथ भी तो नहीं कही जा सकती।
Raman46
28-01-2012, 09:42 PM
सामान्यतः तो नहीं पर यदि आप जानना चाहेंगे तो अवशे
मित्र ! एक बार नही बार -बार निवेदन के बाद भी कोई जबाब नही आया और वो सिरफरे मौज करते ही रहें ?
nitin9935
28-01-2012, 09:44 PM
ये तो मनमानी वाली बात हो गई न। लेकिन किसकी आईडी नकली है यह बात पूरे विश्वास के साथ भी तो नहीं कही जा सकती।
मित्र कुछ लोग तो खुल कर बताते हैं की ये मेरी नकली आय दी है
Raman46
28-01-2012, 09:45 PM
मैं समझा नहीं मित्र
मित्र ! मकशद है कहने का अगर आप जान बुझ कर भी किसी एक अपराधी को बचाने के लिए खुला छोड़ देंगे / तो कोई भी आप पे अंगुली उठाने को तैयार मिलेगा /
Badtameez
28-01-2012, 09:51 PM
मित्र कुछ लोग तो खुल कर बताते हैं की ये मेरी नकली आय दी है
भाई अगर खुल के बताते हैं और शान्ति भी भंग करते हैं तो फिर उन पर कुछ कार्यवाही तो होनी ही चाहिए।
Raman46
28-01-2012, 09:51 PM
मित्र कुछ लोग तो खुल कर बताते हैं की ये मेरी नकली आय दी है
यही तो सबसे बड़ी विडंवना है मित्र नितिन जी / आज खुले आम सदस्य यह कहते थकते नही की मैं ये हूँ /
nitin9935
28-01-2012, 09:59 PM
भाई अगर खुल के बताते हैं और शान्ति भी भंग करते हैं तो फिर उन पर कुछ कार्यवाही तो होनी ही चाहिए।
यही तो सबसे बड़ी विडंवना है मित्र नितिन जी / आज खुले आम सदस्य यह कहते थकते नही की मैं ये हूँ /
मित्र हम सब यहाँ इसी चीज की तो प्रबंधन से अपेक्षा कर रहे हैं
Raman46
28-01-2012, 10:02 PM
मित्र हम सब यहाँ इसी चीज की तो प्रबंधन से अपेक्षा कर रहे हैं
मित्र ! इस सूत्र का मकशद भी यही है जो आप हम चाहते है / क्या यैसा हो पायेगा दोस्त ......कहीं देर ना हो जाये
nitin9935
28-01-2012, 10:03 PM
मित्र ! इस सूत्र का मकशद भी यही है जो आप हम चाहते है / क्या यैसा हो पायेगा दोस्त ......कहीं देर ना हो जाये
बिलकुल होगा रमण जी उम्मीद पर दुनिया कायम है
Raman46
28-01-2012, 10:05 PM
बिलकुल होगा रमण जी उम्मीद पर दुनिया कायम है
ये उम्मीदें ही तो है दोस्त तो आज तक रोके है ............
unglibaaz
29-01-2012, 10:01 AM
रमन जी नमस्कार अच्छा किया आपने ये सूत्र बना के धन्यवाद । आप अपने बारे मैं ही इतना बताएगे सुखद आश्चर्य लगा मित्र ।
आप तो खुद ही अनेक आय डी से आते है ,,,आपने खुद ही अपनी आय डी को एसकेपी009 को रमन मैं मर्ज करवाया है ,,किसी तरह गिरते गारते कई आय डी के ज़ोर-तोर के सहारे रजत सदस्य बने है आप ,,,ओर यहा देखे खुद को ही दुश रहे है आप ????
दोस्तों !
आज चौपाल के पोस्ट की आधार पे कई सदस्य रजत की उपाधि पा चुके है और अपने आप को सब से बढ़ा महारथी मानने से कभी कतराते नही है / यैसे में ये कहना की रचनात्मक की बजह से उन्हें ये उपाधि दी गयी है क्या बेईमानी नही लगता है दोस्तों ? ये एक गंभीर विषय है इसे सहज ही लेना हमारे ही व्यक्तिव पर सवालिया निशाना खड़ी कर देने में सक्षम नही है? धन्यवाद ........रमण
ओर उनकी एक से अधिक आय डी को मर्ज करवा के उनके रेपो को मिलाके रेपो मैं टॉप 6 मैं भी राजनीति के तहत स्थान बना लिया है ,ये सभी जानते है ,,,आपकी रमन की आय डी मैं आपकी उम्र 22 साल की है पर आप यहा बता रहे है की आपकी उम्र 42 साल है ??????
१ आप का नाम (असली या नकली ): : रमण (फोरम पर )/ कुछ लोग जान चुके है इसी फोरम पर
२ स्थान जहाँ से आप हैं (वास्तविक ) : : बिहार (अब दिल्ली, पिछले १५ सालों से )
३ हिंट्स कोड जो आप का असली परिचय दे सके : : सिन्हा
४ आप के वास्तविक उम्र : :४२
५ आप का कार्य क्षेत्र : :व्यवसाई
६ आप कि अभी तक कि क्वालिफिकेसन : : मेकानिकल इंजिनियर (आई आई टी रुर्खी )
७ प्रेजेंट पोस्ट (यदि कोई हो तो ): : अपना व्यवसाई है / वैसे चेयरमेन कह सकते है अपनी ही कंपनी के
आप अपनी पोस्ट को देखे मित्र एक जगह सूत्र मैं आपने लिखा अब कोई टिप्पणी आयेगी तो ही आगे पोस्ट करूंगा ,,टिप्पणी नहीं आई आपने फट से दूसरी आय डी से आके वाह वाह कर दिया ,,,फिर दूसरी आय डी से आके फट से धन्यवाद दे दिया ?????
चूंकि आपने रजत सदस्य बन्ने ओर रेपुटेसन मैं टॉप पे जाने के लिये अपनी नकली आय डी को मर्ज करवाया है इसलिये ये बात सभी जानते है ।
एक सबूत देखे खुद की पोस्ट पे खुद ही केसे प्रशंसा कर रहे है आप ,,अपने मुह मिया मिट्टू जी आपकी सेकरो पोस्ट मोजूद है इस तरह की ,,
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=7020&page=9&p=415679&viewfull=1#post415679
अब आप ही बताये दोस्तो ये रचनात्म्क है की वकवास है
unglibaaz
29-01-2012, 10:22 AM
मित्र ! इस सूत्र का मकशद भी यही है जो आप हम चाहते है / क्या यैसा हो पायेगा दोस्त ......कहीं देर ना हो जाये
नहीं भाई देर नहीं हुई है सबै जान गये है ,,पहचान गये है ।
Raman46
29-01-2012, 10:24 AM
मेरा सकप की आईडी को क्या हुआ ये पूरा पर्वंधन जानते है / रमण कैसे हुआ किसी से छुपा कर नही हुआ दोस्त /और ये सब के पीछे कौन था ये आप से भी छुपा नही है / १०/०८/ ११ की बात कर आप कोई तीर नही चालपाए / जबकि सकप और रमण को बनाना और मर्ज करना सब खुले आम प्रवंधन जी सहमती से हुई है / आप अपनी जानकारी के लिए माननिये श्री संत्यें जी / श्री पाथ जी तथा गुरु जी से सम्पर्क कर लें आप को तस्सली हो जाएगी /
आप अपना परिचय जाहिर कीजिये / कैसे टॉप टेन में जमे है और इस आईडी से यहाँ जादूगिरी भी दिखा रहे है भाई / धन्य हें आप अन्गुलिबाज जी /मुझे पूरा अकिन था आप जरुर आयेंगे इस सूत्र पर कुछ इसी तरह कहने ख़ुशी होती अगर आप अपना असली आईडी से आते / इस लिए मुझे कोई आश्चर्य नही हुआ / सच का सामना करो दोस्त सिर्फ टॉप टेन कहलाने से कुछ नही होगा / ये भी बता दें इस वक्त आप की कुल कितने आईडी है / अनुलिबाज भी तो दो बार बेन हो चुकी है दोस्त / स्पेलिंग बदल बदल कर फिर अन्गुलिबाज बन जाते है / शुक्रिया सूत्र पर पधारने हेतु /
Raman46
29-01-2012, 10:59 AM
नहीं भाई देर नहीं हुई है सबै जान गये है ,,पहचान गये है ।
हाँ भाई यही तो मैं भी कह रहा हूँ हर कोई जान गया है किसी से छुपा नही है कैसे आप टॉप पर पहुंचे है चाँद शितारे तोड़ कर ...................??????? क्या ये वकवास नही तो और क्या है दोस्त है/
Raman46
29-01-2012, 11:09 AM
उन्ग्लिबाज़ जी सच का सामना करो भाई
कुछ तो सच कहो / ,कम से अपने बांकी के आईडी ही बता दो कुल कितने है ? कम से कम १५/ २० तो होंगे ही / ७/८ का तो मुझे पता है दोस्त
(http://antarvasna.com/forum/member.php?u=115856)
badboy123455
29-01-2012, 11:30 AM
मित्र रमन जी इस सूत्र के द्वारा आप क्या कहना चाहते हे थोडा स्पष्ट करे
Raman46
29-01-2012, 11:39 AM
दोस्तों !
क्या ये अजीव विडम्बना नही है जिसे जो मर्जी आ रही है कहें जा रहें है ? क्या रचनात्मक इसे ही कहते हैं ? अपने आप को रचनात्मक तथा टॉप टेन में बने रहने की क्या सबसे आशान तरीका यही है ? आज खुले आम अपनी -अपनी दूसरी आईडी की घोषणा करते फोरम सदस्य अपने आप को गौरवान्वित मान रहें है / अभद्र भाषा की बोल बाला है / कैसे और किस तरह अपने आप को फोरम पे टॉप टेन बनाये रखा जाय कोई कसर नही छोड़ा जा रहा है !
ताजुब होती है जब इन्हें किसी तरह कोई सदस्य रोकने की चेष्टा करता है , तो उनकी प्रविष्टि ही मिटा दी जाने की प्रावधान तो है पर उस मनचले सदस्य पर किसी भी तरह की आंच ना आये पूरा -पूरा धयान रखा जा रहा है / गुस्ताखी माफ़ ........क्या हो रहा है फोरम पर ? कोई देखने बाला नही क्या ? एक ओर तो कहा जाता है फोरम को विवाद रहित रखा जाये ,दूसरी ओर सदस्य अपने ही नियम कायदे बनाये जा रहें है और मजाक उड़ाई जा रही है नियमों की, जिसे फोरम को सुचारू रूप से चलाया जाय / क्या ये घोर अवमाना फोरम की नही है ? क्या यैसा ही चलता रहेगा इस फोरम पर ? सच का सामना करें / पोस्ट मिटाने या सूत्र का बंद कर देना ही वास्तविक हल नही है / आगे क्या करना है आप स्यंग समझ सकते है ? अगर लगे की ये सूत्र फोरम की गलतियों को उजागर करने में असमर्थ है तथा इससे सदस्यों में जागरूकता की भाव पैदा नही की जा सकती है तो अविलम्ब सूत्र को ही बंद कर दी जाये / पर इससे पहले ये बताना नितांत आवश्य होगा क्यों ? आप सभी मित्रों से भी कर्म वध्य निवेदन है निश्पक्ष्य भाव से अपना विचार प्रकट करें / धन्यवाद ,,,,,,,,,,,रमण
मित्र रमन जी इस सूत्र के द्वारा आप क्या कहना चाहते हे थोडा स्पष्ट करे
स्वागत है दोस्त आप का
Badtameez
29-01-2012, 11:52 AM
नमस्कार अंगुलीबाज जी मित्र!
आप दिसम्बर में ही अन्तर्वासना से जुङे हैं।
एक महीने में आपने अन्तर्वासना का इतिहास ही उखाङ दिया। आप इतने नये सदस्य होकर इतना कुछ कैसे जान गयें मित्र? मैं 20 सितम्बर2011 से यहाँ आ रहा हूँ। मैं आज तक इस मंच के बारे में ठीक से नहीं समझ पाया।
Raman46
29-01-2012, 12:02 PM
नमस्कार अंगुलीबाज जी मित्र!
आप दिसम्बर में ही अन्तर्वासना से जुङे हैं।
एक महीने में आपने अन्तर्वासना का इतिहास ही उखाङ दिया। आप इतने नये सदस्य होकर इतना कुछ कैसे जान गयें मित्र? मैं 20 सितम्बर2011 से यहाँ आ रहा हूँ। मैं आज तक इस मंच के बारे में ठीक से नहीं समझ पाया।
मित्र गीतकार सौरभ जी /
इस में कोई आश्चर्य नही है दोस्त /अंगुलीबाज जी नये नही है / कई बार बेन हुए भी है / मगर इनका असली आईडी तो टॉप टेन में है जिसके सहारे सबसे ऊपर ही बना रहना चाहते है / इनके और भी कई सपोर्टिंग आईडी है / मगर ये श्रीमान जमाझते है किसी को पता नही है / मुझे पूरा उम्मीद था दोस्त ये महाशय जरुर आयेंगे इस सूत्र पर क्यों की सबसे ज्यादा मिर्ची इन्हें ही लगेगा / मेरा अनुमान ठीक ही निकला दोस्त ये जल्द ही आ गये / इनका मुख्य काम है मेरा विरोध करना /मेरे खिलाफ शिकायत करना या कराना /
आप को भी समझ आ रहा होगा दोस्त क्या हो रहा है कैसे टॉप टेन नंबर एक बन गये
Badtameez
29-01-2012, 12:09 PM
मित्र गीतकार सौरभ जी /
इस में कोई आश्चर्य नही है दोस्त /अंगुलीबाज जी नये नही है / कई बार बेन हुए भी है / मगर इनका असली आईडी तो टॉप टेन में है जिसके सहारे सबसे ऊपर ही बना रहना चाहते है / इनके और भी कई सपोर्टिंग आईडी है / मगर ये श्रीमान जमाझते है किसी को पता नही है / मुझे पूरा उम्मीद था दोस्त ये महाशय जरुर आयेंगे इस सूत्र पर क्यों की सबसे ज्यादा मिर्ची इन्हें ही लगेगा / मेरा अनुमान ठीक ही निकला दोस्त ये जल्द ही आप गये / इनका मुख्य काम है मेरा विरोध करना /मेरे खिलाफ शिकायत करना या करना /
आप को भी समझ आ रहा होगा दोस्त क्या हो रहा है कैसे टॉप टेन नंबर एक बन गये
नकली आईडी वाले मित्र कृपया अपना असली रूप दिखायें भाई सतयुग,द्वापर,त्रेत ा युग के राक्षसों की तरह इस युग में वो मायावी रूप न धरें ।
Raman46
29-01-2012, 12:15 PM
नकली आईडी वाले मित्र कृपया अपना असली रूप दिखायें भाई सतयुग,द्वापर, त्रेता युग के राक्षसों की तरह इस युग में वो मायावी रूप न धरें ।
कैसे दिखायेगा असली रूप दोस्त टॉप टेन चला नही जायेगा ??
मैंने एक सूत्र बनाया है "कुछ तो सच कहें " देख लिया आपने , कितने लोग आये वहाँ / आयें भी तो कैसे मन में डर जो है असली भेद खुल जाने की / वहां तो ये अंगुली बाज नही आये ?
Badtameez
29-01-2012, 12:23 PM
कैसे दिखायेगा असली रूप दोस्त टॉप टेन चला नही जायेगा ??
मैंने एक सूत्र बनाया है "कुछ तो सच कहें " देख लिया आपने , कितने लोग आये वहाँ / आयें भी तो कैसे मन में डर जो है असली भेद खुल जाने की / वहां तो ये अंगुली बाज नही आये ?
इतना देखने सुनने के बाद तो मुझे आशंका हो रही है कि 'कुछ तो सच कहें' यहाँ आकर लोग पूरी तरह से सच ही बोलें।कौन ठीक है,अपने से बनाकर भी लोग अपने बारे में लिख सकते हैं। अन्तर्जाल के मायाजाल में तो अब छल ही छल दिख रहा मुझे।
Raman46
29-01-2012, 12:30 PM
इतना देखने सुनने के बाद तो मुझे आशंका हो रही है कि 'कुछ तो सच कहें' यहाँ आकर लोग पूरी तरह से सच ही बोलें।कौन ठीक है,अपने से बनाकर भी लोग अपने बारे में लिख सकते हैं। अन्तर्जाल के मायाजाल में तो अब छल ही छल दिख रहा मुझे।
यही तो वास्तविकता है मित्र फोरम पर सब मुखौटे में है / कोई अपने असली रूप में नही आना चाहता है/ दिल्ली की मिट्टिंग में भी कुछ सदस्य इसी वजह से नही आये थे ताकि उनका भेद ना खुल जाये / मेरा मीटिंग में जाने का मक्शत भी यही था की पता चले अपने फोरम के दोस्तों के वारे में / जो सदस्य असली रूप में थे वो वहां मौजूद हुए भी /
gulluu
29-01-2012, 01:13 PM
सूत्र अच्छा है रमन जी , मैं भी जरुर इसमें कुछ अपनी बात कहना चाहूँगा ,फिलहाल पूरा सूत्र पढ़ कर फिर अपने विचार रखूँगा , आज संयोग से समय है और आपका ये सूत्र पोस्टिंग करने के लिए सामयिक विषय लिए हुए है . धन्यवाद सूत्र बनाने के लिए .
Raman46
29-01-2012, 01:17 PM
सूत्र अच्छा है रमन जी , मैं भी जरुर इसमें कुछ अपनी बात कहना चाहूँगा ,फिलहाल पूरा सूत्र पढ़ कर फिर अपने विचार रखूँगा , आज संयोग से समय है और आपका ये सूत्र पोस्टिंग करने के लिए सामयिक विषय लिए हुए है . धन्यवाद सूत्र बनाने के लिए .
स्वागत है मित्र गुल्लू जी , वन्दे-मातरम
Badtameez
29-01-2012, 01:21 PM
यही तो वास्तविकता है मित्र फोरम पर सब मुखौटे में है / कोई अपने असली रूप में नही आना चाहता है/ दिल्ली की मिट्टिंग में भी कुछ सदस्य इसी वजह से नही आये थे ताकि उनका भेद ना खुल जाये / मेरा मीटिंग में जाने का मक्शत भी यही था की पता चले अपने फोरम के दोस्तों के वारे में / जो सदस्य असली रूप में थे वो वहां मौजूद हुए भी /
अब पता नहीं। ये भी बात ठीक नहीं है कहना कि जो नकली रूप वाले हैं वो मीटिंग में नहीं आये और असली रूप वाले ही आयें। व्यक्तिगत समस्या के कारण भी अनुपस्थित होना स्वभाविक है।
gulluu
29-01-2012, 01:26 PM
अब पता नहीं। ये भी बात ठीक नहीं है कहना कि जो नकली रूप वाले हैं वो मीटिंग में नहीं आये और असली रूप वाले ही आयें। व्यक्तिगत समस्या के कारण भी अनुपस्थित होना स्वभाविक है।
बिलकुल सही बात है सौरभ जी , हम भी उन्ही में शामिल हैं जो आना चाहते थे पर व्यक्तिगत कारणों से नहीं आ पाए .
gulluu
29-01-2012, 01:35 PM
आइये चर्चा करते हैं इस विषय पर की लोग दूसरी आय डी से क्यों आते हैं फोरम पर ?
कुछ कारण जो मेरी जानकारी में हैं वो यहाँ पर बताने की कोशिश करता हूँ .
१. कुछ लोग अपनी ही एक आय डी की रेपुटेशन बढ़ाने के लिए दूसरी या तीसरी आय डी बना लेते हैं और फिर खुद को ही रेपुटेशन देते रहते हैं .
२. कुछ सदस्य ऐसे हैं जो सूत्र बना कर उस सूत्र को आगे बढ़ाने के लिए अपनी दूसरी आय डी बना कर उसमे पोस्ट करते हैं ताकि सूत्र को गति मिले और बाकि सदस्य भी आकर्षित हों .
३. कुछ सदस्य ,दूसरे सदस्यों को तंग करने के लिए भी दूसरी आय डी बनाते हैं , एक आय डी से शरीफ बने रहते हैं और दूसरी आय डी से अपने मन की बात खुल कर कहते हैं .
४. लगभग ऐसी ही बात कुछ और सदस्यों के साथ भी है जो प्रबंधन से कुछ खुल कर कहना चाहते हैं पर अपनी पुरानी आय डी के बैन होने के डर से कुछ नहीं कहते और नई आय डी का सहारा लेते हैं .
५. कुछ लोग केवल लड़ाई झगडा करने के लिए ही नयी नयी आय डी बनाते रहते हैं .
कारण कुछ भी हो ,प्रबंधन का फर्ज है की नियमानुसार जैसे ही किसी सदस्य की दूसरी आय डी सावर्जनिक हो ,नियमानुसार उस पर उचित कार्यवाही की जानी चाहिए नहीं तो सदस्यों में गलत सन्देश जाता है की कुछ विशेष सदस्यों पर कार्यवाही नहीं की जा रही , और ये स्थिति सदस्यों में असंतुष्टि की भावना पैदा करती है .
*
Raman46
29-01-2012, 01:37 PM
अब पता नहीं। ये भी बात ठीक नहीं है कहना कि जो नकली रूप वाले हैं वो मीटिंग में नहीं आये और असली रूप वाले ही आयें। व्यक्तिगत समस्या के कारण भी अनुपस्थित होना स्वभाविक है।
मित्र इसे अन्यथा ना लें / मेरा मतलब है उन नकली आईडी बालों से / इसी लिए मैंने कुछ सदस्य लिखा हूँ / जी हाँ ,व्यक्तिगत समस्या के कारण भी अनुपस्थित होना स्वभाविक है। मगर उनका क्या कहेंगे जो आज फोरम पर कई कई आईडी से लोगिन हो कर विवाद खड़ा कर रहे है / कुछ लड़के जो लड़कियां बनी है और सदस्यों को अपने तरह से इस्तेमाल कर रही है / मैंने उन नकलची के बारे में कहा हूँ मित्र / धन्यवाद
gulluu
29-01-2012, 01:37 PM
एक बात और कहना चाहूँगा की आय डी का नाम बदलवाने में और एक साथ दो आय डी में आने में फर्क है , कुछ सदस्य फोरम द्वारा दी गई सुविधा का लाभ उठा कर अपना प्रयोक्ता नाम बदलवा लेते हैं या अपनी पुरानी आय डी को नई में मर्ज करवा लेते हैं , ये एक उचित तरीका है और इसे वर्तमान विषय के साथ नहीं मिलाया जा सकता .
gulluu
29-01-2012, 01:40 PM
वैसे आय डी बार बार बदलने से एक नुक्सान और भी है ,की हमारे जैसे पुराने सदस्य जो कभी कभी लोगिन करते हैं, वो जब भी आते हैं तो फोरम पर सब नये चेहरे पाते हैं , पता ही नहीं चलता की पुराने सब दोस्त कहाँ गए , फिर एक एक करके खोजना पड़ता है की कौन किस रूप में हैं, इसलिए सभी मित्रों से अनुरोध है की अपनी एक ही आय डी को चलाने की कोशिश करें , धन्यवाद .
nitin9935
29-01-2012, 01:42 PM
आइये चर्चा करते हैं इस विषय पर की लोग दूसरी आय डी से क्यों आते हैं फोरम पर ?
कुछ कारण जो मेरी जानकारी में हैं वो यहाँ पर बताने की कोशिश करता हूँ .
१. कुछ लोग अपनी ही एक आय डी की रेपुटेशन बढ़ाने के लिए दूसरी या तीसरी आय डी बना लेते हैं और फिर खुद को ही रेपुटेशन देते रहते हैं .
२. कुछ सदस्य ऐसे हैं जो सूत्र बना कर उस सूत्र को आगे बढ़ाने के लिए अपनी दूसरी आय डी बना कर उसमे पोस्ट करते हैं ताकि सूत्र को गति मिले और बाकि सदस्य भी आकर्षित हों .
३. कुछ सदस्य ,दूसरे सदस्यों को तंग करने के लिए भी दूसरी आय डी बनाते हैं , एक आय डी से शरीफ बने रहते हैं और दूसरी आय डी से अपने मन की बात खुल कर कहते हैं .
४. लगभग ऐसी ही बात कुछ और सदस्यों के साथ भी है जो प्रबंधन से कुछ खुल कर कहना चाहते हैं पर अपनी पुरानी आय डी के बैन होने के डर से कुछ नहीं कहते और नई आय डी का सहारा लेते हैं .
५. कुछ लोग केवल लड़ाई झगडा करने के लिए ही नयी नयी आय डी बनाते रहते हैं .
कारण कुछ भी हो ,प्रबंधन का फर्ज है की नियमानुसार जैसे ही किसी सदस्य की दूसरी आय डी सावर्जनिक हो ,नियमानुसार उस पर उचित कार्यवाही की जानी चाहिए नहीं तो सदस्यों में गलत सन्देश जाता है की कुछ विशेष सदस्यों पर कार्यवाही नहीं की जा रही , और ये स्थिति सदस्यों में असंतुष्टि की भावना पैदा करती है .
*
मैं आपकी बात से बिलकुल सहमत हूँ गुल्ल्लू जी प्रबंधन अगर इसके खिलाफ कड़े कदम उठा ले तो ये काम बंद हो जाए फोरम पर
nitin9935
29-01-2012, 01:44 PM
वैसे आय डी बार बार बदलने से एक नुक्सान और भी है ,की हमारे जैसे पुराने सदस्य जो कभी कभी लोगिन करते हैं, वो जब भी आते हैं तो फोरम पर सब नये चेहरे पाते हैं , पता ही नहीं चलता की पुराने सब दोस्त कहाँ गए , फिर एक एक करके खोजना पड़ता है की कौन किस रूप में हैं, इसलिए सभी मित्रों से अनुरोध है की अपनी एक ही आय डी को चलाने की कोशिश करें , धन्यवाद .
इन्ही वजहों से तो हम इसका विरोध कर रहे हैं
Badtameez
29-01-2012, 01:45 PM
बिलकुल सही बात है सौरभ जी , हम भी उन्ही में शामिल हैं जो आना चाहते थे पर व्यक्तिगत कारणों से नहीं आ पाए .
मैं तो चाहकर भी नहीं आ सकता हूँ गूल्लू जी। यदि घर वाले पूछेंगे कि कहाँ जा रहे तो उत्तर देना कठिन हो जाएगा।
Raman46
29-01-2012, 01:49 PM
आइये चर्चा करते हैं इस विषय पर की लोग दूसरी आय डी से क्यों आते हैं फोरम पर ?
कुछ कारण जो मेरी जानकारी में हैं वो यहाँ पर बताने की कोशिश करता हूँ .
१. कुछ लोग अपनी ही एक आय डी की रेपुटेशन बढ़ाने के लिए दूसरी या तीसरी आय डी बना लेते हैं और फिर खुद को ही रेपुटेशन देते रहते हैं .
२. कुछ सदस्य ऐसे हैं जो सूत्र बना कर उस सूत्र को आगे बढ़ाने के लिए अपनी दूसरी आय डी बना कर उसमे पोस्ट करते हैं ताकि सूत्र को गति मिले और बाकि सदस्य भी आकर्षित हों .
३. कुछ सदस्य ,दूसरे सदस्यों को तंग करने के लिए भी दूसरी आय डी बनाते हैं , एक आय डी से शरीफ बने रहते हैं और दूसरी आय डी से अपने मन की बात खुल कर कहते हैं .
४. लगभग ऐसी ही बात कुछ और सदस्यों के साथ भी है जो प्रबंधन से कुछ खुल कर कहना चाहते हैं पर अपनी पुरानी आय डी के बैन होने के डर से कुछ नहीं कहते और नई आय डी का सहारा लेते हैं .
५. कुछ लोग केवल लड़ाई झगडा करने के लिए ही नयी नयी आय डी बनाते रहते हैं .
कारण कुछ भी हो ,प्रबंधन का फर्ज है की नियमानुसार जैसे ही किसी सदस्य की दूसरी आय डी सावर्जनिक हो ,नियमानुसार उस पर उचित कार्यवाही की जानी चाहिए नहीं तो सदस्यों में गलत सन्देश जाता है की कुछ विशेष सदस्यों पर कार्यवाही नहीं की जा रही , और ये स्थिति सदस्यों में असंतुष्टि की भावना पैदा करती है .
*
बिल कुल सही कह रहें है गुल्लू जी / आज फोरम पर यही सब हो रही है / कुछ नकलची तो खुले आम कहते नजर आते है की मैं व्ही हूँ / अपना सर्वस्य कायम रखने के लिए सदस्य हर तरह के हाथ कंडे अपना रहे है / अभी इसी सूत्र पर देखें एक सदस्य ,जो दो बार बेन हुए है फिर थोड़ी सी स्पेलिंग चेंज करके उसी नाम से बने हुए है और ये महाशय फोरम पर नंबर एक कहे जाने के लिए उत्त्ब्ले बने रहते है / सदस्यों को नकली आईडी से गाली गलौज भी दे जाते है क्यों की इन्हें ये पता है की इनकी में आईडी हर तरह से सेफ है और ये एक सर्रिफ का चोला ओढ़े हुए रह रहें है फोरम पर / इन महाशय की तक़रीबन २० आईडी है / चौपाल के दौरान कई जगह मैंने नोट किया हूँ / इतना ही नही ये इसके लिए अपने किसी दोस्त का भी सहारा लेते है / आईडी का पासवर्ड दे कर एक ही समय में लोगिन कर कुछ देर के लिए दिखाते है की ये अलग -अलग सदस्य है /
धन्यवाद
Badtameez
29-01-2012, 01:51 PM
मित्र इसे अन्यथा ना लें / मेरा मतलब है उन नकली आईडी बालों से / इसी लिए मैंने कुछ सदस्य लिखा हूँ / जी हाँ ,व्यक्तिगत समस्या के कारण भी अनुपस्थित होना स्वभाविक है। मगर उनका क्या कहेंगे जो आज फोरम पर कई कई आईडी से लोगिन हो कर विवाद खड़ा कर रहे है / कुछ लड़के जो लड़कियां बनी है और सदस्यों को अपने तरह से इस्तेमाल कर रही है / मैंने उन नकलची के बारे में कहा हूँ मित्र / धन्यवाद
अरे नहीं मित्र ,बुरा मानने वाली बात कहाँ है। आपकी बात सही है।
Raman46
29-01-2012, 02:09 PM
मैं अपने मित्र रमन जी से कहना चाहता हूँ की सदस्यों का नाम लेकर विवाद करना अनुचित और नियम विरुद्ध है इसलिए आप अपनी पोस्ट में संशोधन कर लें और अपनी पोस्ट से सदस्य का नाम हटा लें , आप अपनी बात बिना किसी सदस्य का नाम लिए भी कर सकते हैं , अन्यथा विवाद की शुरुआत हो सकती है , मैं उन्ग्लिबाज जी से भी अनुरोध करूँगा की वो भी अपनी पोस्ट में संशोधन कर लें . धन्यवाद .
चर्चा का नतीजा सार्थक होना चाहिए और फोरम हित में होना चाहिए ,कृपया इसे व्यक्तिगत ना ही ले जाएँ तो उचित रहेगा . धन्यवाद .
नाम संसोधन कर दिया हूँ मित्र गुल्लू जी /
गुल्लू जी अब आप स्यंग देखें पोस्ट संख्या ७२ ,पर किस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेनल किया है उक्त महाशय ने / क्या इन्हें ये पता नही की सभ्य भाषा क्या होती है ? दिसंबर २०११ में ज्वाइन करते है और इन्हें सभी पुराणी बातें आती है या जानकारी रखते है ?
gulluu
29-01-2012, 02:18 PM
धन्यवाद रमन जी ,
मैं अपने मित्र सौरभ की को एक सलाह देना चाहता हूँ , जैसे की वो कह रहे हैं की वो मीटिंग के बारे में अपने परिवार वालों को नहीं बता सकते तो ऐसी स्थिति के लिए मैं आपसे अनुरोध करता हूँ की फेसबुक पर कुछ अच्छे ग्रुप ज्वाइन कर लें ,कुछेक हमने भी बना रखें हैं जो सामान्य किस्म के हैं , फिर आप मजे से ये कह सकते हैं की आप अपने मित्रों से मिलने जा रहें है जो फेसबुक के किसी अच्छे ग्रुप से सम्बन्ध रखते हैं . बताइए कैसा आइडिया है ?:anna:
abhi.dude
29-01-2012, 02:24 PM
u r right my friend
Raman46
29-01-2012, 03:05 PM
इसपर कोई कड़े कदम क्यूँ नहीं उठाता ?
मित्र कोई ना कोई हल तो किलेगा ही मुझे पूर्ण विश्वास है
adityaa
29-01-2012, 03:09 PM
मित्र कोई ना कोई हल तो किलेगा ही मुझे पूर्ण विश्वास है
फिर यह हल निकालने वाले क्या इससे अनजान है ?
badboy123455
29-01-2012, 03:12 PM
आइये चर्चा करते हैं इस विषय पर की लोग दूसरी आय डी से क्यों आते हैं फोरम पर ?
कुछ कारण जो मेरी जानकारी में हैं वो यहाँ पर बताने की कोशिश करता हूँ .
१. कुछ लोग अपनी ही एक आय डी की रेपुटेशन बढ़ाने के लिए दूसरी या तीसरी आय डी बना लेते हैं और फिर खुद को ही रेपुटेशन देते रहते हैं .
२. कुछ सदस्य ऐसे हैं जो सूत्र बना कर उस सूत्र को आगे बढ़ाने के लिए अपनी दूसरी आय डी बना कर उसमे पोस्ट करते हैं ताकि सूत्र को गति मिले और बाकि सदस्य भी आकर्षित हों .
कारण कुछ भी हो ,प्रबंधन का फर्ज है की नियमानुसार जैसे ही किसी सदस्य की दूसरी आय डी सावर्जनिक हो ,नियमानुसार उस पर उचित कार्यवाही की जानी चाहिए नहीं तो सदस्यों में गलत सन्देश जाता है की कुछ विशेष सदस्यों पर कार्यवाही नहीं की जा रही , और ये स्थिति सदस्यों में असंतुष्टि की भावना पैदा करती है .
*
गुल्लू जी इस विषय पर उपरोक्त दो बिंदु से में आप से सहमत नही
१=अगर रेपुटेशन के लिए नई आय डी कोई बनाता हे और खुद को रेपुटेशन डे तो कितने पॉइंट बदेंगे एक या दो
इससे क्या फर्क पडेगा तो ये तो गलत हे
२=अगर सूत्र अच्छा हे तो चलेगा ही नही खुद कितनी भी बार कितनी आय डी से लिख लो नही चलेगा फिर एक सूत्र में ''बहुत अच्छा हे'' लिखने के लिए क्यों इतनी माथा पची करेगा वैसे भी देर सवेर आय डी पता चल ही जाती हे
Raman46
29-01-2012, 03:25 PM
राकेश भाईजी , दूसरी आईडी का इस्तेमाल विरोध करने मन की खिन्य निकालने और सदस्य को अपमानित करने के लिए बनाते है जैसा की इस सूत्र पर भी आप देख रहे होंगे / दिसंबर में बने सदस्य को हर पुराणी बातें याद है जो फोरम की शुरुयत से हुई है / देख रहे है ना फायदा कैसे कैसे फायदा उठाया जा रहा है और फिर अपनी पुराणी आईडी से सरीफ बने भी रहते है / रेपुटेसन पॉइंट भी मिल ही जाता है / कम से कम कुछ पॉइंट्स तो बढ़ता ही और इसे हर दुसरे तीसरे दिन भी करते होंगे / है ना फायदा ही फायदा / धन्यवाद
Raman46
29-01-2012, 03:28 PM
फिर यह हल निकालने वाले क्या इससे अनजान है ?
मित्र इसके बारें में मैं कैसे कुछ कह सकता हूँ अनजान है या नही / मगर मुझे लगता है इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है /
badboy123455
29-01-2012, 03:28 PM
राकेश भाईजी , दूसरी आईडी का इस्तेमाल विरोध करने मन की खिन्य निकालने और सदस्य को अपमानित करने के लिए बनाते है जैसा की इस सूत्र पर भी आप देख रहे होंगे / दिसंबर में बने सदस्य को हर पुराणी बातें याद है जो फोरम की शुरुयत से हुई है / देख रहे है ना फायदा कैसे कैसे फायदा उठाया जा रहा है और फिर अपनी पुराणी आईडी से सरीफ बने भी रहते है / रेपुटेसन पॉइंट भी मिल ही जाता है / कम से कम कुछ पॉइंट्स तो बढ़ता ही और इसे हर दुसरे तीसरे दिन भी करते होंगे / है ना फायदा ही फायदा / धन्यवाद
हा ये सही हे सदस्य को अपमानित करने के लिए ,बेन का डर ,विवाद,झगड़ा इन कारणों से दूसरी आय डी बना ली जाती हे
Raman46
29-01-2012, 03:34 PM
हा ये सही हे सदस्य को अपमानित करने के लिए ,बेन का डर ,विवाद,झगड़ा इन कारणों से दूसरी आय डी बना ली जाती हे
मित्र यही सब हो रहा है आश्चर्य तो तब होता है दोस्त जब ये पता चलता है कि एक ही सदस्य की कई कई नई आईडी होते हैं और वाकायदा कई जगह इसकी घोषणा भी बड़े गर्व के साथ करने से भी थकते नही है / धन्यवाद
Badtameez
29-01-2012, 03:54 PM
धन्यवाद रमन जी ,
मैं अपने मित्र सौरभ की को एक सलाह देना चाहता हूँ , जैसे की वो कह रहे हैं की वो मीटिंग के बारे में अपने परिवार वालों को नहीं बता सकते तो ऐसी स्थिति के लिए मैं आपसे अनुरोध करता हूँ की फेसबुक पर कुछ अच्छे ग्रुप ज्वाइन कर लें ,कुछेक हमने भी बना रखें हैं जो सामान्य किस्म के हैं , फिर आप मजे से ये कह सकते हैं की आप अपने मित्रों से मिलने जा रहें है जो फेसबुक के किसी अच्छे ग्रुप से सम्बन्ध रखते हैं . बताइए कैसा आइडिया है ?:anna:
विचार तो बहुत सुन्दर है लेकिन मेरे घर में इतने पढे लिखे लोग नहीं हैं कि फेसबुक क्या है समझ पायें। ऐसी स्थिति में यदि उनसे कहूँगा कि मित्र से मिलने दिल्ली, जयपुर इतनी दूर दूर जाना है तो उन्हें उल्टे-सीधे शक होने लगेंगे।
unglibaaz
29-01-2012, 03:58 PM
मित्र यही सब हो रहा है आश्चर्य तो तब होता है दोस्त जब ये पता चलता है कि एक ही सदस्य की कई कई नई आईडी होते हैं और वाकायदा कई जगह इसकी घोषणा भी बड़े गर्व के साथ करने से भी थकते नही है / धन्यवाद
आपकी कथनी ओर करनी मैं अंतर है अब आप जब कई आईडी से आंपनी रेपों को पावरफूल बना चुके है तो अब नकली आय दी से आए लोगो को खुद ही ढेखे केसे रेपों दे रहे है वो भी ????? के साथ ओर यहा आलोचना कर रहे है ,ये रचनात्म्क है की बकवास ।
माननिये बड़े जी !
आप बड़े हैं जैसा की आप की आईडी से लिखे वाक्यों से अनुभव हो रहा है ,वाकई आप बड़े होने का हक़दार है अतएव दक्क्षिनाके तौर पर आप की एक बत्ती हरी करने की गुस्ताखी करने जा रहा हूँ / आशा है आप इसे सहर्ष स्वीकार ही करेंगे / धन्यवाद आप का बड़े जी ................
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=11320&page=12&p=860277&viewfull=1#post860277
Viraat
29-01-2012, 04:02 PM
दोस्तों !
क्या ये अजीव विडम्बना नही है जिसे जो मर्जी आ रही है कहें जा रहें है ? क्या रचनात्मक इसे ही कहते हैं ? अपने आप को रचनात्मक तथा टॉप टेन में बने रहने की क्या सबसे आशान तरीका यही है ? आज खुले आम अपनी -अपनी दूसरी आईडी की घोषणा करते फोरम सदस्य अपने आप को गौरवान्वित मान रहें है / अभद्र भाषा की बोल बाला है / कैसे और किस तरह अपने आप को फोरम पे टॉप टेन बनाये रखा जाय कोई कसर नही छोड़ा जा रहा है !
ताजुब होती है जब इन्हें किसी तरह कोई सदस्य रोकने की चेष्टा करता है , तो उनकी प्रविष्टि ही मिटा दी जाने की प्रावधान तो है पर उस मनचले सदस्य पर किसी भी तरह की आंच ना आये पूरा -पूरा धयान रखा जा रहा है / गुस्ताखी माफ़ ........क्या हो रहा है फोरम पर ? कोई देखने बाला नही क्या ? एक ओर तो कहा जाता है फोरम को विवाद रहित रखा जाये ,दूसरी ओर सदस्य अपने ही नियम कायदे बनाये जा रहें है और मजाक उड़ाई जा रही है नियमों की, जिसे फोरम को सुचारू रूप से चलाया जाय / क्या ये घोर अवमाना फोरम की नही है ? क्या यैसा ही चलता रहेगा इस फोरम पर ? सच का सामना करें / पोस्ट मिटाने या सूत्र का बंद कर देना ही वास्तविक हल नही है / आगे क्या करना है आप स्यंग समझ सकते है ? अगर लगे की ये सूत्र फोरम की गलतियों को उजागर करने में असमर्थ है तथा इससे सदस्यों में जागरूकता की भाव पैदा नही की जा सकती है तो अविलम्ब सूत्र को ही बंद कर दी जाये / पर इससे पहले ये बताना नितांत आवश्य होगा क्यों ? आप सभी मित्रों से भी कर्म वध्य निवेदन है निश्पक्ष्य भाव से अपना विचार प्रकट करें / धन्यवाद ,,,,,,,,,,,रमण
कर्म करो भाई रमण जी, फल की ईच्छा नहीं करो।
मामला क्या है भाई ?अभी तक समझ में नहीं आया सिकन्दर मियाँ ।
मैं अभी भी फोरम को ठीक से समझ नहीं पाया हूँ लेकिन हाँ सूत्र मिटाते हूए मैंने देखा है। गुरू जी ने एक बार सूत्र बनाया था कुछ धार्मिक मतभेद से सम्बन्धित बात वाली, उसमें एक मित्र 'मस्तराम' जी ने कुछ सार्थक तर्क रखे उसका कोई उत्तर नहीं दे पाया जा सका और सूत्र को बिना कुछ कारण बताए मिटा दिया गया। ये गलत बात है।
मंच के हित को देखते हुये जो भी किया जाता है उचित है। जरूरी नहीं की सब कुछ सभी को बताया जाये या सभी को जवाब दिया जाये।
मित्र! अर्थ और भावार्थ दो अलग -अलग चीजें हैं / मैंने भी उस प्रविष्टि को देखा चूका हूँ / पोस्ट मिटाने के खिलाफ मैं कतई नही हूँ पर जब अनाप सनाप प्रविष्टियों को छोड़ कई सार्थक प्रविष्टियों को मिटाया जाता है तो दुःख होती है मित्र /
इस में दुःख की क्या बात है?
अनगिनत आई डी बनाकर खुद को रेपो देने के लिए |
तो देने दें और आप खुद का मनोरंजन करें। इस बात से आपको आपत्ति हो कोई तुक नहीं बनता।
अच्छा मेरी एक जिज्ञासा है। मान लीजिए रेपो संख्या मेरे पास बहुत ही अधिक हो गई है तो फोरम की ओर से मुझे कोई विशेष पुरस्कार दिया जाएगा क्या?
क्या आप विशेष पुरस्कार प्राप्त करने के लिये मंच पर आते हैं?
मित्र ! एक बार नही बार -बार निवेदन के बाद भी कोई जबाब नही आया और वो सिरफरे मौज करते ही रहें ?
तो आप भी मौज करो।
मित्र कुछ लोग तो खुल कर बताते हैं की ये मेरी नकली आय दी है
बताने दें।
मैं आपकी बात से बिलकुल सहमत हूँ गुल्ल्लू जी प्रबंधन अगर इसके खिलाफ कड़े कदम उठा ले तो ये काम बंद हो जाए फोरम पर
प्रबंधन का कार्य प्रबंधन को करने दिया जाये। हम आप कौन होते हैं सिखानेवाले !!!
बिल कुल सही कह रहें है गुल्लू जी / आज फोरम पर यही सब हो रही है / कुछ नकलची तो खुले आम कहते नजर आते है की मैं व्ही हूँ / अपना सर्वस्य कायम रखने के लिए सदस्य हर तरह के हाथ कंडे अपना रहे है / अभी इसी सूत्र पर देखें एक सदस्य ,जो दो बार बेन हुए है फिर थोड़ी सी स्पेलिंग चेंज करके उसी नाम से बने हुए है और ये महाशय फोरम पर नंबर एक कहे जाने के लिए उत्त्ब्ले बने रहते है / सदस्यों को नकली आईडी से गाली गलौज भी दे जाते है क्यों की इन्हें ये पता है की इनकी में आईडी हर तरह से सेफ है और ये एक सर्रिफ का चोला ओढ़े हुए रह रहें है फोरम पर / इन महाशय की तक़रीबन २० आईडी है / चौपाल के दौरान कई जगह मैंने नोट किया हूँ / इतना ही नही ये इसके लिए अपने किसी दोस्त का भी सहारा लेते है / आईडी का पासवर्ड दे कर एक ही समय में लोगिन कर कुछ देर के लिए दिखाते है की ये अलग -अलग सदस्य है /
धन्यवाद
दो या तीन ब्राऊजरों का उपयोग करके आप भी एक ही समय में कई आईडी से लागईन कर सकते हैं। किसी दोस्त की क्या जरूरत।
मित्र यही सब हो रहा है आश्चर्य तो तब होता है दोस्त जब ये पता चलता है कि एक ही सदस्य की कई कई नई आईडी होते हैं और वाकायदा कई जगह इसकी घोषणा भी बड़े गर्व के साथ करने से भी थकते नही है / धन्यवाद सदस्य ही नहीं नियामक या प्रबंधन के सदस्य भी इस बीमारी के शिकार होते हैं किसी भी मंच पर और यदि मंच को चलाना है तो ऐसा करना उनकी मजबूरी समझिए।
Badtameez
29-01-2012, 04:14 PM
कर्म करो भाई रमण जी, फल की ईच्छा नहीं करो।
अभी तक समझ में नहीं आया सिकन्दर मियाँ ।
मंच के हित को देखते हुये जो भी किया जाता है उचित है। जरूरी नहीं की सब कुछ सभी को बताया जाये या सभी को जवाब दिया जाये।
इस में दुःख की क्या बात है?
तो देने दें और आप खुद का मनोरंजन करें। इस बात से आपको आपत्ति हो कोई तुक नहीं बनता।
क्या आप विशेष पुरस्कार प्राप्त करने के लिये मंच पर आते हैं?
तो आप भी मौज करो।
बताने दें।
प्रबंधन का कार्य प्रबंधन को करने दिया जाये। हम आप कौन होते हैं सिखानेवाले !!!
दो या तीन ब्राऊजरों का उपयोग करके आप भी एक ही समय में कई आईडी से लागईन कर सकते हैं। किसी दोस्त की क्या जरूरत।
सदस्य ही नहीं नियामक या प्रबंधन के सदस्य भी इस बीमारी के शिकार होते हैं किसी भी मंच पर और यदि मंच को चलाना है तो ऐसा करना उनकी मजबूरी समझिए।
प्रश्न- अच्छा मेरी एक जिज्ञासा है। मान लीजिए रेपो संख्या मेरे पास बहुत ही अधिक हो गई है तो फोरम की ओर से मुझे कोई विशेष पुरस्कार दिया जाएगा क्या?
.
उत्तर- क्या आप विशेष पुरस्कार प्राप्त करने के लिये मंच पर आते हैं?
.
.
.
नहीं, लेकिन तो लोग कई आईडी क्यों बनाते हैं?
Badtameez
29-01-2012, 04:18 PM
कर्म करो भाई रमण जी, फल की ईच्छा नहीं करो।
अभी तक समझ में नहीं आया सिकन्दर मियाँ ।
मंच के हित को देखते हुये जो भी किया जाता है उचित है। जरूरी नहीं की सब कुछ सभी को बताया जाये या सभी को जवाब दिया जाये।
इस में दुःख की क्या बात है?
तो देने दें और आप खुद का मनोरंजन करें। इस बात से आपको आपत्ति हो कोई तुक नहीं बनता।
क्या आप विशेष पुरस्कार प्राप्त करने के लिये मंच पर आते हैं?
तो आप भी मौज करो।
बताने दें।
प्रबंधन का कार्य प्रबंधन को करने दिया जाये। हम आप कौन होते हैं सिखानेवाले !!!
दो या तीन ब्राऊजरों का उपयोग करके आप भी एक ही समय में कई आईडी से लागईन कर सकते हैं। किसी दोस्त की क्या जरूरत।
सदस्य ही नहीं नियामक या प्रबंधन के सदस्य भी इस बीमारी के शिकार होते हैं किसी भी मंच पर और यदि मंच को चलाना है तो ऐसा करना उनकी मजबूरी समझिए।
आपने भी बहुत गहराई से विवेचन सुना दिया। आप महान हैं जो एक महीना भी नहीं हुआ और सब कुछ जानने लगें।
मैं जब आया था तब ढाई महीने के बाद पता चला था कि नियामक क्या होता है और प्रशासक क्या होता है। इस बात से सिद्ध होता है कि मैं बहुत बङा उल्लू हूँ।
Viraat
29-01-2012, 04:19 PM
प्रश्न- अच्छा मेरी एक जिज्ञासा है। मान लीजिए रेपो संख्या मेरे पास बहुत ही अधिक हो गई है तो फोरम की ओर से मुझे कोई विशेष पुरस्कार दिया जाएगा क्या?
.
उत्तर- क्या आप विशेष पुरस्कार प्राप्त करने के लिये मंच पर आते हैं?
.
.
.
नहीं, लेकिन तो लोग कई आईडी क्यों बनाते हैं? यह हमारी नहीं उनकी समस्या है इस से हमें आपत्ति क्यूँ? जिस बात में आपको मनोरंजन मिले उसे ध्यान दें। जिसमें न मिले उसे बखेडा बनाने से क्या फायदा।
Raman46
29-01-2012, 04:24 PM
आपकी कथनी ओर करनी मैं अंतर है अब आप जब कई आईडी से आंपनी रेपों को पावरफूल बना चुके है तो अब नकली आय दी से आए लोगो को खुद ही ढेखे केसे रेपों दे रहे है वो भी ????? के साथ ओर यहा आलोचना कर रहे है ,ये रचनात्म्क है की बकवास ।
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=11320&page=12&p=860277&viewfull=1#post860277
आप कोई भी हो आप की हर चाल उजागर हो चुकी है / क्या है आप ये अब किसी से छुपा नही है / हंसी आती है यैसे सदस्यों की दोहरी मानसिकता पर / आज नंबर एक बन्ने के लिए ना जाने कितनो से विरोध करके बेन करा देने में भी सफल हुए / कितने सदस्य आज भी अपनी पुराणी आईडी से फोरम पर आने से परहेज कर रहे है क्या आप को पता नही या किसी और को पता नही / आशा करूँगा बेबजाह की तकरार करके विरोध ना बढाये / मेहरबानी करके आप अपनी मेन आईडी से आइये आप का हर जबाब दे दूंगा / खुद गौर से एक बार देख लो जिसे मैंने रेपो दिया हूँ वो कौन है क्यों जानते हुए भी अनजान बन्ने की पुनः कोशिस किये जा रहे हो / कहाबत है हर गुनाहगार अपनी गुनाह की कोई ना कोई सबूत छोड़ जाता है / यैसे ही आप के गुनागों की पुलंदा खुल चुकी है /
बेहतर यही होगी की आप अपनी डफली बजाते रहे कही और जाकर / अभी तक जिसे शभ्य भाषा का ज्ञान नही, ज्ञानी नही बना जा सकता /
Badtameez
29-01-2012, 04:25 PM
यह हमारी नहीं उनकी समस्या है इस से हमें आपत्ति क्यूँ? जिस बात में आपको मनोरंजन मिले उसे ध्यान दें। जिसमें न मिले उसे बखेडा बनाने से क्या फायदा।
हाँ भाई जी आप सही कहते हैं। लेकिन अगर दूसरी आईडी बनाकर कोई दूसरे सदस्य को मांनसिक उत्पीङन दे तो वो ठीक है, है न? अच्छी बात है। इसमें मनोरंजन भी है, है कि नहीं?
Viraat
29-01-2012, 04:26 PM
आपने भी बहुत गहराई से विवेचन सुना दिया। आप महान हैं जो एक महीना भी नहीं हुआ और सब कुछ जानने लगें।
मैं जब आया था तब ढाई महीने के बाद पता चला था कि नियामक क्या होता है और प्रशासक क्या होता है। इस बात से सिद्ध होता है कि मैं बहुत बङा उल्लू हूँ।
यह मेरी पहली फोरम या मंच नहीं है और प्रबंधन क्या होता है कैसे क्या किया जाता है सभी चीजों से अवगत हूँ। किसी भी मंच पर इस तरह के सूत्रों का निर्माण सम्मानजनक नहीं माना जाता। यह तो प्रबंधन की उदारता है कि हम सभी अनावश्यक चर्चा या तर्क में मशगूल हैं। बस डर इस बात का है कि कहीं यह तर्क कुतर्क में ना बदल जाये। जैसा की पिछली कुछ प्रविष्टियों में नजर आ रहा है।
Viraat
29-01-2012, 04:30 PM
हाँ भाई जी आप सही कहते हैं। लेकिन अगर दूसरी आईडी बनाकर कोई दूसरे सदस्य को मांनसिक उत्पीङन दे तो वो ठीक है, है न? अच्छी बात है। इसमें मनोरंजन भी है, है कि नहीं?
यदि वह बात नियम के अंतर्गत आती है तो मनोरंजन ही है और आप की नजर मे उत्पीड़न। एक हाथ से ताली कभी भी नहीं बजती अतः हमारी सोच से उस उत्पीड़न के लिये आप भी किसी ना किसी कोण से जिम्मेदार अवश्य होगें।
Badtameez
29-01-2012, 04:31 PM
यह मेरी पहली फोरम या मंच नहीं है और प्रबंधन क्या होता है कैसे क्या किया जाता है सभी चीजों से अवगत हूँ। किसी भी मंच पर इस तरह के सूत्रों का निर्माण सम्मानजनक नहीं माना जाता। यह तो प्रबंधन की उदारता है कि हम सभी अनावश्यक चर्चा या तर्क में मशगूल हैं। बस डर इस बात का है कि कहीं यह तर्क कुतर्क में ना बदल जाये। जैसा की पिछली कुछ प्रविष्टियों में नजर आ रहा है।
बहुत-बहुत धन्यवाद! अब इससे अधिक क्या कह सकता हूँ।
unglibaaz
29-01-2012, 04:31 PM
यह मेरी पहली फोरम या मंच नहीं है और प्रबंधन क्या होता है कैसे क्या किया जाता है सभी चीजों से अवगत हूँ। किसी भी मंच पर इस तरह के सूत्रों का निर्माण सम्मानजनक नहीं माना जाता। यह तो प्रबंधन की उदारता है कि हम सभी अनावश्यक चर्चा या तर्क में मशगूल हैं। बस डर इस बात का है कि कहीं यह तर्क कुतर्क में ना बदल जाये। जैसा की पिछली कुछ प्रविष्टियों में नजर आ रहा है।
मित्र मैं तो सबूत के साथ बात कर रहा हूँ,उंगली नहीं कर रहा कुछ सदस्य नाहक की कुतर्क किए जा रहे है क्योंकि उनके पास कोई सबूत या तर्क है ही नहीं खुद क्या करते है ओर क्या बोल रहे है ,सभी समझदार है ।
Badtameez
29-01-2012, 04:33 PM
यदि वह बात नियम के अंतर्गत आती है तो मनोरंजन ही है और आप की नजर मे उत्पीड़न। एक हाथ से ताली कभी भी नहीं बजती अतः हमारी सोच से उस उत्पीड़न के लिये आप भी किसी ना किसी कोण से जिम्मेदार अवश्य होगें।
दोहरा धन्यवाद भाई। विवाद करने से समस्या हल नहीं होगी।
Raman46
29-01-2012, 04:35 PM
यह हमारी नहीं उनकी समस्या है इस से हमें आपत्ति क्यूँ? जिस बात में आपको मनोरंजन मिले उसे ध्यान दें। जिसमें न मिले उसे बखेडा बनाने से क्या फायदा।
मित्र सही कह रहे है / हम सभी यहाँ मनोरंजन के लिए ही आते है / मगर कोई सदस्य बिना बजह सिर्फ अपने -आप को बड़ा दिखाने की कोशिश करता है दुसरे को अपशव्द कह कर तो कैसा लगेगा / आप में अगर योग्यता है या आप बाकी काबिल है तो एक ना एक दिन अवश्य सामने आएगा / इसके लिए किसी से विरोध करना ,अपशव्द कहना क्या उचित है मित्र ? आप की चाहे १० आईडी हो मगर आप हर आईडी से शुध्य मनोरंजन करते है तो भला किसी को क्या तक्लिप हो सकती है / छान बिन तो तब शुरू होती जब उक्त नये आईडी से आये सदस्य किसी दुसरे सदस्य से बेबजाह विरोध करने पर उतारू हो जाते है / आप इसी सूत्र पर देखलें उदाहरन किसी एक ही सदस्य को मिची लगा / जब की यहाँ ९२६५ से भी ज्यादा शक्रिये सदस्य फोरम पे हैं / क्या ये इस बात की सबूत नही है मित्र की चोर के दाढ़ी में तिनका ? धन्यवाद
nitin9935
29-01-2012, 04:35 PM
मित्रों मैं कल से इस सूत्र को देख रहा हूँ और अंततः इस सूत्र पर भी वही सब शुरू हो गया है जो सूत्र को बंद करने की तरफ बढ़ा रहा है
कुछ मित्र वक्तिगत आक्षेप करके विवाद खडा करना चाहते हैं
उनको बताना चाहूँगा की ये सूत्र किसी एक व्यक्ति के विरोध के लिए नहीं है
मेरे हिसाब से ये विरोध है सम्माननीय सदस्यों द्वारा नकली आय डी से किये जाने वाले अनर्गल प्रलाप के विरोध में
जो की अब यहाँ भी शुरू हो चूका है
कुछ मित्र जो की अंपनी नयी आय डी से यहाँ आकार अपना मत दे रहे हैं उनसे मेरा निवेदन है की व्यढ़ की बातों के बजाये कुछ सार्थक बात करें और अगर उन्हें लगता है की नकली आय डी जरूरी है तो उसके पक्ष में तर्क प्रस्तुत करें
Badtameez
29-01-2012, 04:38 PM
मैं तो यही कहूँगा कि सदस्य अलग-अलग आईडी बनाकर किसी को उल्लू बनाने का प्रयास न करें बस। एक रूप में सम्मानित सदस्य और दूसरे रूप में कुछ और। बगुला भगत बनना अच्छी बात नहीं।
Viraat
29-01-2012, 04:48 PM
आप सभी के लिये एक ही सलाह है कि इस तरह के सूत्र भूल कर भी न बनायें और यदि किसी बात का विरोध करना है तो प्रबंधन को विश्वास में ले कर हल निकाले। एक बार पुनः जाहिर करता हूँ किसी के कितने प्रयोक्ता नाम है यह हम सदस्यों का मसला है ही नहीं।
unglibaaz
29-01-2012, 04:50 PM
मित्रों मैं कल से इस सूत्र को देख रहा हूँ और अंततः इस सूत्र पर भी वही सब शुरू हो गया है जो सूत्र को बंद करने की तरफ बढ़ा रहा है
कुछ मित्र वक्तिगत आक्षेप करके विवाद खडा करना चाहते हैं
उनको बताना चाहूँगा की ये सूत्र किसी एक व्यक्ति के विरोध के लिए नहीं है
मेरे हिसाब से ये विरोध है सम्माननीय सदस्यों द्वारा नकली आय डी से किये जाने वाले अनर्गल प्रलाप के विरोध में
जो की अब यहाँ भी शुरू हो चूका है
कुछ मित्र जो की अंपनी नयी आय डी से यहाँ आकार अपना मत दे रहे हैं उनसे मेरा निवेदन है की व्यढ़ की बातों के बजाये कुछ सार्थक बात करें और अगर उन्हें लगता है की नकली आय डी जरूरी है तो उसके पक्ष में तर्क प्रस्तुत करें
मित्र मैं नहीं जानता कोण नकली आय दी से है कोण असली आय दी से ,इस फोरम पे नकली आय दी मिला के अपनी पोस्ट संख्या ज्यादा करने वाले एक ही सदस्य है ,ओर वे खुले आम अभी तक नकली आय दी वालो को रेपों भी दे रहे है ,ओर यहा उल्टा बोल रहे है ,बस यही बताना चाहता हूँ ।
Raman46
29-01-2012, 04:51 PM
मित्रों मैं कल से इस सूत्र को देख रहा हूँ और अंततः इस सूत्र पर भी वही सब शुरू हो गया है जो सूत्र को बंद करने की तरफ बढ़ा रहा है
कुछ मित्र वक्तिगत आक्षेप करके विवाद खडा करना चाहते हैं
उनको बताना चाहूँगा की ये सूत्र किसी एक व्यक्ति के विरोध के लिए नहीं है
मेरे हिसाब से ये विरोध है सम्माननीय सदस्यों द्वारा नकली आय डी से किये जाने वाले अनर्गल प्रलाप के विरोध में
जो की अब यहाँ भी शुरू हो चूका है
कुछ मित्र जो की अंपनी नयी आय डी से यहाँ आकार अपना मत दे रहे हैं उनसे मेरा निवेदन है की व्यढ़ की बातों के बजाये कुछ सार्थक बात करें और अगर उन्हें लगता है की नकली आय डी जरूरी है तो उसके पक्ष में तर्क प्रस्तुत करें
वन्दे-मातरम नितिन भाई
इस सूत्र के प्रथम पृष्ट पर ही साफ साफ तौर पर बिना किसी सदस्य के नाम लिए मकशद बताया गया है / सूत्र का मकशद किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नही बल्कि नकलची आईडी बाले सदस्य जो नई आईडी बनाते है सिर्फ विरोध करने के लिए तथा अपनी बादसाहत को सलामत रखने के लिए /यैसे सदस्य को समझाना ही मुख्य उद्देश्य है / मगर यहाँ एक सदस्य को मिर्ची लग गयी जबकि फोरम पे सक्रिय सदस्य ९२६५ है / इसी किये तो कहा गया है चोर के दाढ़ी में तिनका / धन्यवाद दोस्त
Raman46
29-01-2012, 04:54 PM
मैं तो यही कहूँगा कि सदस्य अलग-अलग आईडी बनाकर किसी को उल्लू बनाने का प्रयास न करें बस। एक रूप में सम्मानित सदस्य और दूसरे रूप में कुछ और। बगुला भगत बनना अच्छी बात नहीं।
बिलकुल सही कह रहे हो मित्र / बगुला भगत ............हा हा
Raman46
29-01-2012, 04:59 PM
आप सभी के लिये एक ही सलाह है कि इस तरह के सूत्र भूल कर भी न बनायें और यदि किसी बात का विरोध करना है तो प्रबंधन को विश्वास में ले कर हल निकाले। एक बार पुनः जाहिर करता हूँ किसी के कितने प्रयोक्ता नाम है यह हम सदस्यों का मसला है ही नहीं।
मित्र
क्या कोई नकली आईडी से किसी को अभद्र भाषा बोल सहता है ?
आईडी चाहे पचास हो मगर हर आईडी से सभ्य भाषा तो बोलना सीखे / फिर किसी को क्या तक्लिप होगी / अपनी बादसाहत कायम रखने के लिए कम से नई आईडी का इस्तेमाल तो ना करे / धन्यवाद
Badtameez
29-01-2012, 05:00 PM
और हाँ, जो लङके लोग लङकी की आईडी बनाते हैं वो भी ऐसा न करें भाई क्योंकि मैं उन्हें लङकी समझ लेता हूँ और ऐसी बातें करने लगता हूँ जो एक जवान लङका जवान लङकी से करता है। ही ही ही ही
adityaa
29-01-2012, 05:01 PM
मित्र
क्या कोई नकली आईडी से किसी को अभद्र भाषा बोल सहता है ?
आईडी चाहे पचास हो मगर हर आईडी से सभ्य भाषा तो बोलना सीखे / फिर किसी को क्या तक्लिप होगी / अपनी बादसाहत कायम रखने के लिए कम से नई आईडी का इस्तेमाल तो ना करे / धन्यवाद
बिलकुल सही कहाँ आपने मैं आपसे पूरीतरह सहमत हूँ
Badtameez
29-01-2012, 05:03 PM
मित्र
क्या कोई नकली आईडी से किसी को अभद्र भाषा बोल सहता है ?
आईडी चाहे पचास हो मगर हर आईडी से सभ्य भाषा तो बोलना सीखे / फिर किसी को क्या तक्लिप होगी / अपनी बादसाहत कायम रखने के लिए कम से नई आईडी का इस्तेमाल तो ना करे / धन्यवाद
हाँ खोई भी तीखी बात बोलनी हो तो मित्र अपनी उस आईडी से ही बोलें जिससे वो अधिक सम्मान प्राप्त कर चुके हैं।
adityaa
29-01-2012, 05:04 PM
और हाँ, जो लङके लोग लङकी की आईडी बनाते हैं वो भी ऐसा न करें भाई क्योंकि मैं उन्हें लङकी समझ लेता हूँ और ऐसी बातें करने लगता हूँ जो एक जवान लङका जवान लङकी से करता है। ही ही ही ही
भाई ऐसे लोगोंकी कोई भी कमी नहीं है एक धुन्ड़ो हजार मिल जायेंगे
Viraat
29-01-2012, 05:05 PM
यदि वह बात नियम के अंतर्गत आती है तो मनोरंजन ही है और आप की नजर मे उत्पीड़न। एक हाथ से ताली कभी भी नहीं बजती अतः हमारी सोच से उस उत्पीड़न के लिये आप भी किसी ना किसी कोण से जिम्मेदार अवश्य होगें।
मित्र
क्या कोई नकली आईडी से किसी को अभद्र भाषा बोल सहता है ?
आईडी चाहे पचास हो मगर हर आईडी से सभ्य भाषा तो बोलना सीखे / फिर किसी को क्या तक्लिप होगी / अपनी बादसाहत कायम रखने के लिए कम से नई आईडी का इस्तेमाल तो ना करे / धन्यवाद
क्या मेरी प्रविष्टि आपके प्रश्न का हल नहीं है?
Badtameez
29-01-2012, 05:05 PM
भाई मैं 'कोई' की जगह 'खोई' लिख दिया हूँ। ही ही
Raman46
29-01-2012, 05:07 PM
और हाँ, जो लङके लोग लङकी की आईडी बनाते हैं वो भी ऐसा न करें भाई क्योंकि मैं उन्हें लङकी समझ लेता हूँ और ऐसी बातें करने लगता हूँ जो एक जवान लङका जवान लङकी से करता है। ही ही ही ही
मित्र गीतकार सौरभ जी !
बच के रहना रे बबा बच के रहना रे / एक गाना है दोस्त हमेशा याद रखियेगा / ना जाने यैसी किनती नकली लड़कियां इस सूत्र के बजग से मुझे कोश रही होंगी / की ये रमण भी ना कैसे कैसा सूत्र का निर्माण कर देता है फोल खोल
badboy123455
29-01-2012, 05:09 PM
भाई मैं 'कोई' की जगह 'खोई' लिख दिया हूँ। ही ही
ही ही...................
Raman46
29-01-2012, 05:09 PM
बिलकुल सही कहाँ आपने मैं आपसे पूरीतरह सहमत हूँ
शुक्रिया मित्र धन्यवाद
Badtameez
29-01-2012, 05:09 PM
भाई ऐसे लोगोंकी कोई भी कमी नहीं है एक धुन्ड़ो हजार मिल जायेंगे
लेकिन आदित्य भाई मैं इस फोरम पर लङकियों के चक्कर में बहुत तेज पङता हूँ । हा हा हा हा हा। लिंग परीक्षण का कोई उपाय नहीं है मित्र?
adityaa
29-01-2012, 05:09 PM
मित्र गीतकार सौरभ जी !
बच के रहना रे बबा बच के रहना रे / एक गाना है दोस्त हमेशा याद रखियेगा / ना जाने यैसी किनती नकली लड़कियां इस सूत्र के बजग से मुझे कोश रही होंगी / की ये रमण भी ना कैसे कैसा सूत्र का निर्माण कर देता है फोल खोल
भाई क्या आप पोल खोल कहना चाहते है ?
adityaa
29-01-2012, 05:10 PM
लेकिन आदित्य भाई मैं इस फोरम पर लङकियों के चक्कर में बहुत तेज पङता हूँ । हा हा हा हा हा। लिंग परीक्षण का कोई उपाय नहीं है मित्र?
बस भाई आप उन्हें उनकी बातोंमें पकड़ सके तो ही नहीं तो कुछ नहीं
badboy123455
29-01-2012, 05:10 PM
मित्र गीतकार सौरभ जी !
बच के रहना रे बबा बच के रहना रे / एक गाना है दोस्त हमेशा याद रखियेगा / ना जाने यैसी किनती नकली लड़कियां इस सूत्र के बजग से मुझे कोश रही होंगी / की ये रमण भी ना कैसे कैसा सूत्र का निर्माण कर देता है फोल खोल
नकली लड़की .........:monkey:
Badtameez
29-01-2012, 05:11 PM
मित्र गीतकार सौरभ जी !
बच के रहना रे बबा बच के रहना रे / एक गाना है दोस्त हमेशा याद रखियेगा / ना जाने यैसी किनती नकली लड़कियां इस सूत्र के बजग से मुझे कोश रही होंगी / की ये रमण भी ना कैसे कैसा सूत्र का निर्माण कर देता है फोल खोल
हा हा हा हा हा मजा आ गया मित्र, मूड हल्का हो गया।
Raman46
29-01-2012, 05:12 PM
क्या मेरी प्रविष्टि आपके प्रश्न का हल नहीं है?
मित्र ! ये तो आप स्यंग समझ सकते है कि मैं क्या कहना चाह रहा हूँ /
Badtameez
29-01-2012, 05:13 PM
ही ही...................
हू हा हा हा, जल्दी का काम शैतान का
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
नहीं ,सौरभ का।
Raman46
29-01-2012, 05:15 PM
ही ही...................
नकली लड़की .........:monkey:
हा हा हा ...क्या खूब राकेश भाई लोहा गर्म है एक हथोडा आप भी मार दें
Badtameez
29-01-2012, 05:15 PM
बस भाई आप उन्हें उनकी बातोंमें पकड़ सके तो ही नहीं तो कुछ नहीं
बङा कठिन कार्य है ये तो।
Raman46
29-01-2012, 05:16 PM
हा हा हा हा हा मजा आ गया मित्र, मूड हल्का हो गया।
ता ,,,,,,,,,,और ..........ती, याद रहेगा ना वर्ना गये काम से
Raman46
29-01-2012, 05:18 PM
बङा कठिन कार्य है ये तो।
भाई मानो तो हर काम कठिन है नही तो सब आशान
Raman46
29-01-2012, 05:19 PM
भाई क्या आप पोल खोल कहना चाहते है ?
कभी कभी ये भी जरुरी हो जाता है वन्धु
Badtameez
29-01-2012, 05:22 PM
भाई मानो तो हर काम कठिन है नही तो सब आशान
अगर हम उत्सुक हों................हा हा हा
Badtameez
29-01-2012, 05:25 PM
ता ,,,,,,,,,,और ..........ती, याद रहेगा ना वर्ना गये काम से
'ता' और 'ती' का यही मतलब है क्या?
.
ऐ छोरा तू कहाँ रहता है?
.
ऐ छोरी तू कहाँ रहती है?
.
हा हा हा हा हा हा
Raman46
29-01-2012, 05:27 PM
'ता' और 'ती' का यही मतलब है क्या?
.
ऐ छोरा तू कहाँ रहता है?
.
ऐ छोरी तू कहाँ रहती है?
.
हा हा हा हा हा हा
हा हा हा ...हाँ भाई हाँ मतलब तो यही है / पर याद रखना पड़ेगा
Raman46
29-01-2012, 05:27 PM
अगर हम उत्सुक हों................हा हा हा
'अगर हम उत्सुक और उत्साहित हों तो चीजें अपने आप रोचक हो जाती हैं।'
Badtameez
29-01-2012, 05:31 PM
हा हा हा ...हाँ भाई हाँ मतलब तो यही है / पर याद रखना पड़ेगा
और कुछ भी याद रखना पङेगा क्या?
Raman46
29-01-2012, 05:40 PM
और कुछ भी याद रखना पङेगा क्या?
हाँ हाँ दोस्त और भी कई फार्मूले है जिसे याद रखना जरुरी है
Badtameez
29-01-2012, 05:49 PM
हाँ हाँ दोस्त और भी कई फार्मूले है जिसे याद रखना जरुरी है
हं हं काहें नाहीं जरूरे याद राखब।
Raman46
29-01-2012, 05:52 PM
हं हं काहें नाहीं जरूरे याद राखब।
बहुत काम देगा भाई याद करने पर कम से कम धोखा खाने से तो बच ही जायेंगे पहला फायदा
Raman46
30-01-2012, 06:40 PM
नकलची से सावधान रहने की जरुरत है जो बेवजह फोरम को बाधित करने का प्रयाश किया करते है /
Rated R
31-01-2012, 11:40 AM
दोस्त कहीं यैसा न हो जाये ......बड़ी देर कर दी दवा लाते लाते
एक-डेढ़ साल तो हो गया...अब क्या मिलने की उम्मीद है?
Raman46
31-01-2012, 12:07 PM
एक-डेढ़ साल तो हो गया...अब क्या मिलने की उम्मीद है?
मित्र ! रतेद्र जी साहव ,वन्दे-मातरम
दूनियाँ उम्मीदों पर ही कायम है / हमें आखरी तक उम्मीद बनाये रखना चाहिए / एक न एक दिन उम्मीदे अवश्य पूरी होगी यैसा मेरा मानना है दोस्त/ धन्यवाद
deshpremi
01-02-2012, 10:09 AM
बहुत हैरानी हुई यह जानकर की कुछ वरिष्ठ सदस्य भी मंच पर मोजूद है जो कई कई नकली आई डी बनाकर मंच पर आते है और सवयं को रेपो देते रहते है मुझे यह नहीं समझ में आता कि ज्यादा रेपो मिल जाने से क्या उनके नाम के झंडे लग जायेंगे फोरम पर ऐसे सदस्यों पर प्रबंधन को कार्यवाही करनी चाहिए
Raman46
02-02-2012, 11:25 AM
नकलची से सावधान रहने की जरुरत है जो बेवजह फोरम को बाधित करने का प्रयाश किया करते है /
बहुत हैरानी हुई यह जानकर की कुछ वरिष्ठ सदस्य भी मंच पर मोजूद है जो कई कई नकली आई डी बनाकर मंच पर आते है और सवयं को रेपो देते रहते है मुझे यह नहीं समझ में आता कि ज्यादा रेपो मिल जाने से क्या उनके नाम के झंडे लग जायेंगे फोरम पर ऐसे सदस्यों पर प्रबंधन को कार्यवाही करनी चाहिए
देश प्रेमी की भाई ,वन्दे-मातरम
ये इंडिया है भाई यहाँ सब जायज है धन्यवाद
Raman46
11-02-2012, 06:25 PM
" रचनात्मक या छलावा "आप सभी का स्वागत है / आइये अपना अपना विचार रखें / विशिष्ट महत्वकांक्षी सदस्य जो सिर्फ अपने स्वार्थ शिध्य करने के लिए नकलची बन कर सिर्फ फोरम पर विरोध पैदा करते रहते है /
ungalibaaj
11-02-2012, 06:29 PM
बाबु जी नमस्ते ....
ungalibaaj
11-02-2012, 06:29 PM
रमन रंगीले जी हमका चिन्हे की नाही ????
Raman46
11-02-2012, 06:32 PM
रमन रंगीले जी हमका चिन्हे की नाही ????
यहाँ कौन किस को पहचानता है भाई / पर लगता है आप को तो जनता ही हूँ ...हा हा
ungalibaaj
11-02-2012, 06:37 PM
यहाँ कौन किस को पहचानता है भाई / पर लगता है आप को तो जनता ही हूँ ...हा हा
ही ही हू हू ....मुझे लगा की आप मुझे भूल गए तभी तो मेरी बात का जवाब नहीं दे रहे थे l
Raman46
11-02-2012, 07:41 PM
ही ही हू हू ....मुझे लगा की आप मुझे भूल गए तभी तो मेरी बात का जवाब नहीं दे रहे थे l
अब तो दे दिया ना भाई उन्गालिबाज जी .......हा हा / पर ..................????????????????//
aman009
11-02-2012, 08:23 PM
ही ही हू हू ....मुझे लगा की आप मुझे भूल गए तभी तो मेरी बात का जवाब नहीं दे रहे थे l
दोस्त इस पुरे फोरम के सूत्र को देखने बाद इस नतीजे पे पहुंचा की एक सदस्य यैसा है जो अपने आप को टॉप टेन कहलाने के लिए , टॉप टेन की सूत्र पर सूत्र का निर्माण करने से भी बाज नही आ रहा है / नियामक जी भी क्या करें , जबकि इस सदस्य को प्रशासक श्री पाथ जी भी चेतावनी दे चुके है / फिर भी इस सदस्य की ईक्षा इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि इसे आगे पीछे कुछ दिखाई ही नही दे रही है / क्या सूत्र का निर्माण करना ही रचनात्मक है ? + १८ कि सूत्र कोई मायने नही रखता है/ क्यों इस महाशय को समझ नही आ रही है ? जब कि सबसे ज्यादा सूत्र ,इसी श्रीमान कि बंद भी हो चुकी है / यैसी अवस्था में मैं तो इतना ही कहना चाहूँगा ,भले मानुष अब भी वक्त है / हा हा
Raman46
11-02-2012, 08:32 PM
दोस्त इस पुरे फोरम के सूत्र को देखने बाद इस नतीजे पे पहुंचा की एक सदस्य यैसा है जो अपने आप को टॉप टेन कहलाने के लिए , टॉप टेन की सूत्र पर सूत्र का निर्माण करने से भी बाज नही आ रहा है / नियामक जी भी क्या करें , जबकि इस सदस्य को प्रशासक श्री पाथ जी भी चेतावनी दे चुके है / फिर भी इस सदस्य की ईक्षा इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि इसे आगे पीछे कुछ दिखाई ही नही दे रही है / क्या सूत्र का निर्माण करना ही रचनात्मक है ? + १८ कि सूत्र कोई मायने नही रखता है/ क्यों इस महाशय को समझ नही आ रही है ? जब कि सबसे ज्यादा सूत्र ,इसी श्रीमान कि बंद भी हो चुकी है / यैसी अवस्था में मैं तो इतना ही कहना चाहूँगा ,भले मानुष अब भी वक्त है / हा हा
वाह क्या तीर छोड़ा यार अमन जी , फिर भी इस महाशय को कौन समझाए ?????????????????????//
Badtameez
11-02-2012, 08:45 PM
क्या हो रहा मित्रों, सब ठीक-ठाक है न?
Raman46
11-02-2012, 09:42 PM
क्या हो रहा मित्रों, सब ठीक-ठाक है न?
हा हा हा ..गीतकार सौरभ जी ,अमन भाई की आशय आप समझ गये लगता है / हँसता हूँ यार ...हा हा हा / पर श्रीमान को कब समझ आएगा भाई सौरभ जी +१८को
aman009
11-02-2012, 09:55 PM
हा हा हा ..गीतकार सौरभ जी ,अमन भाई की आशय आप समझ गये लगता है / हँसता हूँ यार ...हा हा हा / पर श्रीमान को कब समझ आएगा भाई सौरभ जी +१८को
कोई चाहे कितना भी हंस ले भाई , क्या फर्क पड़ेगा उसे तो टॉप टेन बनना है , कुछ भी करेगा ....हा हा मैंने हस दिया अब आप सब भी हँसे और मजे लें किसी कि मीबार मानसिकता पर /और कोई रास्ता है क्या?????????????//////
Badtameez
11-02-2012, 10:01 PM
कोई चाहे कितना भी हंस ले भाई , क्या फर्क पड़ेगा उसे तो टॉप टेन बनना है , कुछ भी करेगा ....हा हा मैंने हस दिया अब आप सब भी हँसे और मजे लें किसी कि मीबार मानसिकता पर /और कोई रास्ता है क्या?????????????//////
दाँत भींचकर, दोनों होंट दबाएँ थे जोर से बङी।
पर अमन, रमन की बात सुन हँसी छूट पङी।।
.
.
ही ही ही ही ही ही ही
Raman46
11-02-2012, 10:02 PM
कोई चाहे कितना भी हंस ले भाई , क्या फर्क पड़ेगा उसे तो टॉप टेन बनना है , कुछ भी करेगा ....हा हा मैंने हस दिया अब आप सब भी हँसे और मजे लें किसी कि मीबार मानसिकता पर /और कोई रास्ता है क्या?????????????//////
अमन भाई, ये आज आप को क्या हो गया यार किस कि बातें कर रहें हैं ,कौन है वो जो टॉप टेन बन्ने के लिए उत्त्बाले हो रहा है आप कि नजर में / खुलाशा करो भाई ....हा हा ,वैसे आप का इशारा किधर है भली भांति समझ पा रहा हूँ दोस्त
aman009
11-02-2012, 10:23 PM
अमन भाई, ये आज आप को क्या हो गया यार किस कि बातें कर रहें हैं ,कौन है वो जो टॉप टेन बन्ने के लिए उत्त्बाले हो रहा है आप कि नजर में / खुलाशा करो भाई ....हा हा ,वैसे आप का इशारा किधर है भली भांति समझ पा रहा हूँ दोस्त
हा हा हा ...वाह भाई वाह
aman009
11-02-2012, 10:26 PM
दाँत भींचकर, दोनों होंट दबाएँ थे जोर से बङी।
पर अमन, रमन की बात सुन हँसी छूट पङी।।
.
.
ही ही ही ही ही ही ही
हा हा मुझे भीआई हसी बड़ी जोर कि सौरभ जी
Raman46
12-02-2012, 10:21 AM
हा हा हा ...वाह भाई वाह
हा हा मुझे भीआई हसी बड़ी जोर कि सौरभ जी
स्वागत है दोस्त आप का
Raman46
15-02-2012, 09:30 PM
रचनात्मक या छलावा ,,,,,,,,,,उम्मीद करें किसी से ????///छालाबा ही छालाबा है यहाँ ??????/////////
aman009
15-02-2012, 09:47 PM
रचनात्मक या छलावा ,,,,,,,,,,उम्मीद करें किसी से ????///
छालाबा ही छालाबा है यहाँ ??????/////////
छालाबा ही छालाबा..................हा हा हा .......छालाबा ही छालाबा है यहाँ
Raman46
15-02-2012, 09:59 PM
छालाबा ही छालाबा..................हा हा हा .......छालाबा ही छालाबा है यहाँ
हाँ यार छालाबा ही छालाबा दिखाई दे रहा है / तेल बेचने बाला भी कहता है इत्र बेचता हूँ
shaktiman96
15-02-2012, 10:02 PM
हाँ यार छालाबा ही छालाबा दिखाई दे रहा है / तेल बेचने बाला भी कहता है इत्र बेचता हूँ
दोस्त ये कौन सा तेल और कौन सा इत्र की बात कर रहे है और कौन है ये बेचने बाला भाई
Hex7111
15-02-2012, 10:06 PM
इस सूत्र का मकसद या उद्देश्य क्या है भाई
पुरे पन्ने पलट डाले मगर कुछ सम्ह नही आया
shakti36
15-02-2012, 10:26 PM
इस सूत्र का मकसद या उद्देश्य क्या है भाई
पुरे पन्ने पलट डाले मगर कुछ सम्ह नही आया
बता ही दीजिये रमण भाई .............
Hex7111
15-02-2012, 10:28 PM
waiting ......................
Raman46
15-02-2012, 10:37 PM
waiting ......................
मित्र !
किरासन तेल और इत्र में अन्तर तो समझ ही रहे होंगे
shakti36
15-02-2012, 10:39 PM
इस सूत्र का मकसद या उद्देश्य क्या है भाई
पुरे पन्ने पलट डाले मगर कुछ सम्ह नही आया
मित्र !
किरासन तेल और इत्र में अन्तर तो समझ ही रहे होंगे
हा हा हा ......ये हुई ना कुछ कायदे की बात / दम है भाई आप के शव्दों में
Raman46
15-02-2012, 10:49 PM
waiting ......................
हा हा हा ......ये हुई ना कुछ कायदे की बात / दम है भाई आप के शव्दों में
शुक्रिया दोस्त स्वागत है आप का
shakti36
15-02-2012, 10:52 PM
रचनात्मक या छलावा भाई छालाबा ही छालाबा है / कोई यहाँ तो कोई वहाँ.......हा हा / हँसता हूँ यार
Hex7111
15-02-2012, 10:53 PM
मित्र !
किरासन तेल और इत्र में अन्तर तो समझ ही रहे होंगे
?????????????????????????????????????????????
shakti36
15-02-2012, 10:54 PM
?????????????????????????????????????????????
यही है ये अंतर दोस्त ???????????????????????????? जनम समझा करें
Raman46
15-02-2012, 11:03 PM
यही है ये अंतर दोस्त ???????????????????????????? जनम समझा करें
हा हा हा ...... .लगता है आप समझ गये भाई पर वो कब समझेगा ,,,,,,,,,,,,,नही समझेगा दोस्त
shakti36
15-02-2012, 11:24 PM
हा हा हा ...... .लगता है आप समझ गये भाई पर वो कब समझेगा ,,,,,,,,,,,,,नही समझेगा दोस्त
छोडो यार कोई समझे या ना समझे हम सब मजे लें ,,,,,.वैसे हर कोई तो समझ ही चूका है इत्र क्या है और किरासन तेल क्या
punjaban rajji kaur
16-02-2012, 07:51 AM
Namaste doston.
Sabse pehle to raman ji aapse nivedan hai ki seedhi.baat no bakwaas wala rule.banaiye aap... Aise sutra mein kaam ki baat na hokar paheliyan bujhate.rahe ab...
punjaban rajji kaur
16-02-2012, 07:53 AM
Rahi baat rachnatmakta ki.. To.khud se sutra banake ya apni farzi id ya apni khud ki duniya k don bane firte hn,aise logon k kehalwaane ya sitra.banane se koi top ten ban nahi jayega aur banta hai to ban bhi jayr.. Ha ha hamein kya..
punjaban rajji kaur
16-02-2012, 07:55 AM
Ab ek aur mera vichaar un fakes k.baare mein jo.besharmon.ki tarah garv se batate hn ki wo fake hn..
Ye sab un ek ya do logon.ka kiya dhara satyanaash h jo prashashk se power milne k baad bhi dosti nibhaane se baaz nahi aaye.. Aur forum.ke.rules ka satyanaash kar.diya...
punjaban rajji kaur
16-02-2012, 07:56 AM
Aise sutra pehli baat to banake fayda nahi h..aur banao to direct kaam ki baat kiya karo ,otne page bharke fprum.k.server par load hi padta h ha ha
slimsima
16-02-2012, 02:47 PM
सूत्र में सामान्य चर्च कीजिये मित्रों अब अगर सदस्य विशेष का नाम लिख करउस पर आरोप लगाया गया अगर प्रविष्ठी की गई तो प्रबंधन इस सूत्र को हटाने पर विचार कर रहा हे
Raman46
16-02-2012, 04:19 PM
सूत्र में सामान्य चर्च कीजिये मित्रों अब अगर सदस्य विशेष का नाम लिख करउस पर आरोप लगाया गया अगर प्रविष्ठी की गई तो प्रबंधन इस सूत्र को हटाने पर विचार कर रहा हे
मित्र ! पोस्ट हटाने की अधिकार आप के पास सुरक्षित है अगर आप को कोई पोस्ट यैसा लगता है तो उस पोस्ट को क्यों नही हटा दिया जाता है / जब की देखा गया है मेरे बार -बार शिकायत के बाबजूद भी पोस्ट को हटाया नही गया और ना ही आज तक कोई कार्यवाही ही कुछ मन चले सदस्य पे किया गया / फिर भी कहना चाहूँगा आप कोई भी पोस्ट मिटाने के लिए स्वतन्त्र है / धन्यवाद
slimsima
17-02-2012, 12:35 AM
मित्र रमण जी आपके सूत्र ''रचनात्मकता या छलावा'' कीhttp://www.antarvasna.com/forum/show...t=11428&page=6 (http://www.antarvasna.com/forum/showthread.php?t=11428&page=6)
पोस्ट संख्या ५५ में आपके द्वारा लिखे गए विचारो और शब्दों से मंच प्रबंधन को कड़ा एतराज़ हे आप मंच के नियमो का अध्ययन कीजियेhttp://www.antarvasna.com/forum/show...632#post904632 (http://www.antarvasna.com/forum/showthread.php?t=8586&p=904632#post904632)
मित्र रमण जी
आपकी पोस्ट पर ही आपति इसलिए की गई हे की आपने ही अपने अपनी प्रविष्ठी संख्या ५५ पर अन्य सदस्यों द्वारा अपने बारे मै व्यक्तिगत जानकारी न दिए जाने पर प्रविष्ठी की हे किसी अन्य सदस्य ने नहीं आपके द्वारा की गई शिकायत के सम्बन्ध में आपको मेरे द्वारा उत्तर दिया गया था और वही मंच प्रबंधन का अंतिम उत्तर था पोस्ट मिटाना ही उपाय नहीं हे आप को ये बताना आवश्यक हे की आपसे मंच का एक महत्वपूर्ण नियम भंग हो रहा हे
जिसकी मर्जी होगी वो आये अपनी जानकारी देगा जिसकी नहीं होगी वो नहीं आएगा आप मंच सदस्यों को व्यक्तिगत जानकारियां देने हेतु अपने सूत्र पर आने के लिए बाध्य कैसे कर सकते
इसके अतिरिक्त मंच प्रबंधन द्वारा इस सन्दर्भ मै अब कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया जायेगा
punjaban rajji kaur
20-02-2012, 07:50 AM
Slimsima , aapke kaam..karne k tareeka bahut achha laga.mujhe.
Keep it up
English k.liya sorry..using phone.
purane walon.ki partial behavior ne hi bhattha baithaya h forum.ka.
Powered by vBulletin® Version 4.1.12 Copyright © 2012 vBulletin Solutions, Inc. All rights reserved.