cool_ajay
04-01-2011, 10:24 AM
मित्रों सर्वप्रथम तो आप सब को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ,
मित्रों अन्तर्वासना फोरम में पहले ये एक कामयाब सूत्र था जिसमे आप सब ने अपने सहयोग से सूत्र को आगे बढाया था
एक बार पुन: आप सब के सहयोग की अपेक्षा रखते हुए इस सूत्र को प्रारंभ कर रहा हूँ आप सब का सहयोग अपेक्षित है
हर व्यक्ति के ह्रदय में एक कवी छिपा रहता है जरुरत रहती है बस उसे बाहर निकलने की फिर हर व्यक्ति का मन कवि मन होता है
कविता मन भावनाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम होता है , कविता गुदगुदाती भी है रुलाती भी है कविता एक ऐसी विधा है
जो व्यक्ति को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करती है वो कहते है ना की "साहित्य समाज का दर्पण होता है" उसमे कविता शेर ,
शायरी ,ग़ज़ल अपनी अलग पहचान और महत्व रखती है
तो आइये हम भी उसी विधा के माध्यम से अपनी मनोभिव्यक्ति को प्रकट करते है
लेहरों से डरकर नौका पार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
नन्ही चींटीं जब दाना लेकर चढती है..
चढती दीवारों पर सो बार फ़िसलती है..
मनका विश्वास रगॊं मे साहस भरता है..
चढकर गिरना, गिरकर चढना ना अखरता है..
मेहनत उसकी बेकार हर बार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
डुबकियां सिंधुमें गोताखोर लगाता है..
जा जा कर खाली हांथ लौटकर आता है..
मिलते ना सहज ही मोती गेहरे पानी में..
बढता दूना विश्वास इसी हैरानी में..
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
असफ़लता एक चुनौती है.. स्वीकार करो..
क्या कमी रेह गयी देखो और सुधार करो..
जब तक ना सफ़ल हो नींद-चैन को त्यागो तुम..
संघर्षोंका मैदान छोड मत भागो तुम..
कुछ किये बिना ही जयजयकार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
—————————————— श्रीयुत हरिवंश राय बच्चन..
मित्रों अन्तर्वासना फोरम में पहले ये एक कामयाब सूत्र था जिसमे आप सब ने अपने सहयोग से सूत्र को आगे बढाया था
एक बार पुन: आप सब के सहयोग की अपेक्षा रखते हुए इस सूत्र को प्रारंभ कर रहा हूँ आप सब का सहयोग अपेक्षित है
हर व्यक्ति के ह्रदय में एक कवी छिपा रहता है जरुरत रहती है बस उसे बाहर निकलने की फिर हर व्यक्ति का मन कवि मन होता है
कविता मन भावनाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम होता है , कविता गुदगुदाती भी है रुलाती भी है कविता एक ऐसी विधा है
जो व्यक्ति को सहज ही अपनी ओर आकर्षित करती है वो कहते है ना की "साहित्य समाज का दर्पण होता है" उसमे कविता शेर ,
शायरी ,ग़ज़ल अपनी अलग पहचान और महत्व रखती है
तो आइये हम भी उसी विधा के माध्यम से अपनी मनोभिव्यक्ति को प्रकट करते है
लेहरों से डरकर नौका पार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
नन्ही चींटीं जब दाना लेकर चढती है..
चढती दीवारों पर सो बार फ़िसलती है..
मनका विश्वास रगॊं मे साहस भरता है..
चढकर गिरना, गिरकर चढना ना अखरता है..
मेहनत उसकी बेकार हर बार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
डुबकियां सिंधुमें गोताखोर लगाता है..
जा जा कर खाली हांथ लौटकर आता है..
मिलते ना सहज ही मोती गेहरे पानी में..
बढता दूना विश्वास इसी हैरानी में..
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
असफ़लता एक चुनौती है.. स्वीकार करो..
क्या कमी रेह गयी देखो और सुधार करो..
जब तक ना सफ़ल हो नींद-चैन को त्यागो तुम..
संघर्षोंका मैदान छोड मत भागो तुम..
कुछ किये बिना ही जयजयकार नहीं होती..
हिम्मत करने वालों की कभी हार नही होती..
—————————————— श्रीयुत हरिवंश राय बच्चन..