View Full Version : मस्ती की पाठशाला ..... (हास्य कविता)
cool_ajay
05-01-2011, 01:38 AM
आ जाइये दोस्तों मस्ती की पाठशाला में और हो जाइये तैयार हंसने और हंसाने के लिए
हँसना जिन्दगी है ,हंसी जिन्दगी के हर गम भुला देती है इसलिए हंसिये दिल खोलकर
हंसिये दिल खोलकर हंसिये
मगर किसी गरीब की गरीबी पर नहीं
किसी लाचार की लाचारी पर नहीं
हंसिये अपने आप पर
मन में बैठे सांप पर
हंसिये ठहाके लगाकर हंसिये
मगर किसी नारी पर नहीं
किसी की मज़बूरी पर नहीं
हंसिये सरकार की गलत नीतियों पर
समाज की कुरीतियों पर
हंसिये खूब हंसिये दिल खोलकर हंसिये हँसाना जिन्दगी है
किसी को हँसाना ही ईश्वर की असली बंदगी है........
cool_ajay
05-01-2011, 01:42 AM
अर्ज़ किया है,
शादी कराके मैं तो परेशान हो गया
जीते जी मेरी मौत का सामान हो गया।
लेके आईं हैं मैके से वो दहेज़ में कुत्ता
फ्री में मेरे बिस्तर का दरबान हो गया।
और आगे अर्ज़ है,
रोज़ ही चली जाती हैं वो शापिंग करने
मेरा घर अब कोस्मेटिक्स का दुकान हो गया।
और अंत में,
सुना है अभी ससुराल में एक साला हुआ है पैदा
लगता है बुढ़ापे में मेरा ससुरा भी जवान हो गया
cool_ajay
05-01-2011, 10:41 AM
महामूर्ख दरबार में, लगा अनोखा केस
फसा हुआ है मामला, अक्ल बङी या भैंस
अक्ल बङी या भैंस, दलीलें बहुत सी आयीं
महामूर्ख दरबार की अब,देखो सुनवाई
मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस सदा ही अकल पे भारी
भैंस मेरी जब चर आये चारा- पाँच सेर हम दूध निकारा
कोई अकल ना यह कर पावे- चारा खा कर दूध बनावे
अक्ल घास जब चरने जाये- हार जाय नर अति दुख पाये
भैंस का चारा लालू खायो- निज घरवारि सी.एम. बनवायो
तुमहू भैंस का चारा खाओ- बीवी को सी.एम. बनवाओ
मोटी अकल मन्दमति होई- मोटी भैंस दूध अति होई
अकल इश्क़ कर कर के रोये- भैंस का कोई बाँयफ्रेन्ड ना होये
अकल तो ले मोबाइल घूमे- एस.एम.एस. पा पा के झूमे
भैंस मेरी डायरेक्ट पुकारे- कबहूँ मिस्ड काल ना मारे
भैंस कभी सिगरेट ना पीती- भैंस बिना दारू के जीती
भैंस कभी ना पान चबाये - ना ही इसको ड्रग्स सुहाये
शक्तिशालिनी शाकाहारी- भैंस हमारी कितनी प्यारी
अकलमन्द को कोई ना जाने- भैंस को सारा जग पहचाने
जाकी अकल मे गोबर होये- सो इन्सान पटक सर रोये
मंगल भवन अमंगल हारी- भैंस का गोबर अकल पे भारी
भैंस मरे तो बनते जूते- अकल मरे तो पङते जूते
aditi sharma
12-03-2011, 03:33 PM
अर्ज़ किया है,
शादी कराके मैं तो परेशान हो गया
जीते जी मेरी मौत का सामान हो गया।
लेके आईं हैं मैके से वो दहेज़ में कुत्ता
फ्री में मेरे बिस्तर का दरबान हो गया।
और आगे अर्ज़ है,
रोज़ ही चली जाती हैं वो शापिंग करने
मेरा घर अब कोस्मेटिक्स का दुकान हो गया।
और अंत में,
सुना है अभी ससुराल में एक साला हुआ है पैदा
लगता है बुढ़ापे में मेरा ससुरा भी जवान हो गया
ha ha ha
Powered by vBulletin® Version 4.1.12 Copyright © 2012 vBulletin Solutions, Inc. All rights reserved.