View Full Version : पहली चोदाई मे....
HOTBOY 01
19-02-2011, 07:46 PM
हैलो..... दोस्तो पहली बार चोदने मे लँड और पहली बार चोदवाने मे चुत का क्या होता है ?
loverboy.10
19-02-2011, 08:18 PM
pehli chudai ke baad choot khulke BHOSDA ban jati hai.
HOTBOY 01
19-02-2011, 08:24 PM
VINODJI AUR LUND KA KYA HOTA HAI ?
honey.tom.1979
19-02-2011, 11:02 PM
land ka kya hota hai. pahli chudai ke baad to mera land sahi tarah se khada hota hai. or kahta hai ye dil maange more
poornima34C
20-02-2011, 05:54 AM
mujhe to pain ki wazah se qrgasm hi pata nahi chala
rajgr3
20-02-2011, 06:33 AM
ghusa bhi tha ki nahi
pinksatisfier
20-02-2011, 09:43 AM
पहली बार में ओर्गास्म नहीं होता पूर्णिमा जी इसके लिए कोई ऐसा चैये जो आपको पूरे दिल ओर जोश के साथ चोदे
HOTBOY 01
05-03-2011, 08:11 PM
मेरे प्यारे मित्र अपने अनुभव बताओ ...
मेरी पहली चुदाई जब मई बी.ए में थी , होली के दिन होली खेलने के लिए अपने घर ले गए , फिर दोस्तों के कहने पर न चाहते हुवे भी ड्रिंक की , फिर shuru हुवी रंगों की होली जमकर एक दूशरे को रंग लगाये , कुछ देर में बदन के सरे कपडे फट गया मेरी भी और दोस्तों के भी , फिर नंगी होकर होली खेली ३लद्कि और ४ लड़के थे , इसके बाद जोश में आकर सेक्स भी हूवी , दर्द तो बहुत हूवी लेकिन नशा में थी इसलिए उस समय समझ में नहीं आई , फिर मुझे २ दिन तक चलने में दिकत हो रही थी
HOTBOY 01
05-03-2011, 08:38 PM
NITAJI US DIN EKHI LADKE NE CHOUDA ?
subodhgudu
05-03-2011, 08:41 PM
कोऊ NITA जी फट गई क्या ????????????????:girl::pointlol:
मेरी पहली चुदाई जब मई बी.ए में थी , होली के दिन होली खेलने के लिए अपने घर ले गए , फिर दोस्तों के कहने पर न चाहते हुवे भी ड्रिंक की , फिर shuru हुवी रंगों की होली जमकर एक दूशरे को रंग लगाये , कुछ देर में बदन के सरे कपडे फट गया मेरी भी और दोस्तों के भी , फिर नंगी होकर होली खेली ३लद्कि और ४ लड़के थे , इसके बाद जोश में आकर सेक्स भी हूवी , दर्द तो बहुत हूवी लेकिन नशा में थी इसलिए उस समय समझ में नहीं आई , फिर मुझे २ दिन तक चलने में दिकत हो रही थी
marwariladka
05-03-2011, 10:58 PM
कोऊ NITA जी फट गई क्या ????????????????:girl::pointlol:
अरे भाईसाब...किसी को इसतरह से जिल्लत करना इस फोरम के नियम के खिलाफ है..आपको जो भी टिपण्णी देनी है..कृपया कर के सिमित लाब्जो में दे...किसी को सीधे निशाना बना कर कहना ठीक नहीं है....कृपया ध्यान रखें अन्यथा आप समस्या में पद सकते हो और नियामकों के द्वारा बेन किये जा सकते हो...
sonare
05-03-2011, 11:16 PM
nita ji nashe me sex karne me maza aata hai kya?
The ROYAL "JAAT''
05-03-2011, 11:30 PM
होली मुबारक हो जो हमेंशा याद आएगी
The ROYAL "JAAT''
05-03-2011, 11:33 PM
इस होली के बारे में क्या ख्याल है अगर कहो तो में भी सामिल हो जाऊ रंग डालने के लिए
The ROYAL "JAAT''
05-03-2011, 11:43 PM
क्या आप में से कोई भी मुझसे दोस्ती नही करोगे यहाँ पर नया और हू क्रपया मेरी मदद करें
The ROYAL "JAAT''
05-03-2011, 11:50 PM
होली मुबारक हो जो हमेंशा याद आएगी
कमेन्ट करने के लिए सुक्रिया दोस्तों , वो पहली होली तो हमेसा याद रहेगी , वैसे मै दिल खोलकर होली खेलती हु , अब ड्रिंक नहीं लेती ,
वैसे भी मै फ्री सेक्स में विश्वास रखती हु , आप सब मित्रो को आनेवाली होली की बधाई , कृपया मेरी सूत्र "होली के रंग नीता के संग "में पधारे और कमेन्ट के साथ होली का पिक्चर डाल कर होली का मज़ा ले
miss.dabangg
06-03-2011, 07:21 AM
NITAJI US DIN EKHI LADKE NE CHOUDA ?
नहीं दोस्त जब २ दिन तक चल नहीं पाई तो ४ रो ने ही चोदा होगा न !
Akhand
06-03-2011, 07:35 AM
नहीं दोस्त जब २ दिन तक चल नहीं पाई तो ४ रो ने ही चोदा होगा न !
बहुत अनुभव है आपको
नहीं दोस्त जब २ दिन तक चल नहीं पाई तो ४ रो ने ही चोदा होगा न !
हाँ , लिकिन नशा में थी इसलिए कुछ समझ में नहीं आई
puzcraker
07-03-2011, 11:04 AM
देखने गयी थी तू होली का रंग ...
डाल दिया बेदर्दी ने लंड....
जब तक उतरा नशे का भूत ....
उई अम्मा फट चुकी थी चूत...
होली मुबारक
शादी के बाद पहली रात और पार्टनर के साथ पहली बार सेक्*स। उस रात चाहे स्*वस्*थ्*य संभोग किया हो, या फिर पूरी तरह फ्लॉप रहे हों, वो पल व्*यक्ति कभी नहीं भूलता। तो आप क्*या चाहत हैं, आपकी रात जीवन की सबसे यादगार बने या फिर एक हादसे की तरह आपको जीवन भर याद आती रहे। जाहिर है आप अपने साथी के साथ पहली बार सेक्*स को चाह कर भी नहीं भुला पाएंगे। चलिए हम आपको बताते हैं कि पहली बार संभोग करते वक्*त किन-किन बातों का ध्*यान रखें।
साथी के इशारों को समझें
आमतौर पर पुरुष के करीब आने वक्*त स्त्रियां सीधे सेक्*स की शुरुआत नहीं करतीं। शुरुआत पुरुष को ही करनी होती है, लेकिन ज़रा ध्*यान से, क्*योंकि करीब आते ही जंगली हो जाने से आपके संबंधों में खटास आ सकती है। पार्टनर क मन में तमाम तरीके की ऐसी बातें उठ सकती हैं, जो संबंधों में खटास डाल दें। जाहिर है, जिस तरह आप अपनी रात को जीवन की यादगार रात बनाना चाहते हैं, उसी प्रकार आपकी पार्टनर भी...। तो कुल मिलाकर एक अच्*छे और करीबी दोस्*त की तरह पार्टनर के करीब जाएं और सकारात्*मक सोच के साथ बात करें। बात करते वक्*त पार्टनर का हाथ पकड़ें और उसकी उम्*मीदों को परखें। देखते ही देखते बाहों में भर लेना अच्*छा रहेगा। यह बात तय है कि सामने से आपको ग्रीन सिगनल मिलने लगेंगे।
यहां पर यह ध्*यान रहे कि आप पार्टनर के करीब इसलिए नहीं जा रहे हैं, कि आप उसके साथ संभोग करना चाहते हैं, बल्कि संभोग प्*यार को बढ़ाता है, आपके संबंधों को प्रगाढ़ बनाता है, इस बात का अहसास होना चाहिए। यही अहसास अपने पार्टनर को भी दिलाएं।
प्रोटेक्*शन जरूर लें
पार्टनर के साथ सेक्*स करते वक्*त कंडोम का प्रयोग जरूर करें। आप सोच रहे होंगे कि कंडोम क्*यों? उसका भी जवाब यहां है। पहली बात कंडोम यौन संबंधी बीमारियों से बचने का सबसे अच्*छा उपाए है। दूसरी बात शादी की पहली रात में सेक्*स के वक्*त अगर अपक या आपके पार्टनर के मन में यह बात आती रही, कि कहीं वो गर्भवती न हो जाए, तो आपका और आपके पार्टनर दोनों का ध्*यान सेक्*स के दौरान भटक सकता है। जिससे यौन सुख फीका पड़ सकता है।
यह बात निश्चित है कि प्रोटेक्*टेड सेक्*स करने से आपको वो अनुभूति नहीं होगी, जो बिना कंडोम के होती, लेकिन बेहतर होगा कि पहली बार में आप एक दूसरे का यौन इतिहास जान लें। दूसरी बात यह कि अपनी पार्टनर से यह बात पक्*की कर लें कि वो कब तक गर्भवती होना चाहती है।
कतई घबराएं नहीं
पहली बार सेकस करते वक्*त आप तनाव में आ सकते हैं, या फिर घबराहट भी हो सकती है। इसके लिए लंबी सांस लें और अपने शरीर को ढीला छोड़ दें। ऐसे समय में आपके मस्तिष्*क को ज्*यादा ऑक्*सीजन की जरूरत होती है। यदि आपकी सांसें तेज या धीमी चलने लगीं तो आपको हलका पन महसूस होने लगेगा, या फिर चक्*कर आएगा और सिर दर्द भी। ऐसा होने पर यदि आप अपने पार्टनर को पूर्ण यौन सुख नहीं दे पाए तो उसके मन में आपके बारे में गलत धारणाएं आ सकती हैं, लिहाजा घबराएं नहीं। सेक्*स के वक्*त बीच बीच में लंबी सांसें लेने से फायदे में रहेंगे।
परफेक्*शन की उम्*मीद मत करें
ज्*यादातर लोग अपने पार्टनर को पहली बार के सेक्*स में पूरा यौन सुख देने की कोशिश करते हैं, लेकिन नाकाम हो जाते हैं। यही नहीं दोनों के मन में एक दूसरे से परफेक्*शन यानी प्रवीणता की उम्*मीद होती है। ऐसी उम्*मीद न करें, क्*योंकि पहली बार सेक्*स के दौरान पुरुष या स्*त्री या फिर दोनों थोड़ा डरे रहते हैं। दोनों में शीघ्रपतन की संभावना अधिक रहती है। यदि ऐसा हो भी जाए, तो उसके गलत नजरिए से नहीं देखें। यही नहीं आप भी अपने आप से उम्*मीद मत बांधें कि आप भी सेक्*स का पूर्ण सुख अपने पार्टनर को दे पाएंगे। यह प्रेम की वो क्रिया है, जो धीरे-धीरे बढ़ती है
HOTBOY 01
07-03-2011, 09:29 PM
ये ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए आपको धन्यवाद... मित्र DKJ...
कैसे बढ़ाएं संभोग का समय
क्या आपकी पार्टनरनर आपसे ऐसी कोई शिकायत करती है कि आप उसे पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाते? या फिर संभोग के बाद वो आपसे बिना कुछ कहे नाराजगी भरा व्यवहार करती है। और या फिर आपको लगता है कि आप खुद अपनी पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर पाए। हो सकता है ज्यादा देर तक संभोग नहीं कर पाने की वजह से इस तरह की बातें खुद आपके जहन में आती हों। लेकिन इसे लेकर बहुत ज्यादा तनाव लेने की जरूरत नहीं है। संभोग से जुड़ी इस प्रकार की समस्याओं का हल हम आपको बताएंगे।
बस कुछ बाते हैं, जिनका पालन कर स्वस्थ्य सेक्स का अनुभव प्राप्त किया जा सकता है। हो सकता है कि आप कई बार पूरी कोशिश के बावजूद अपने पार्टनर को पूरी तरह संतुष्ट करें, लेकिन रात चढ़ने पर आपको कामयाबी नहीं मिल पाती। समय से पहले ही आपकी ऊर्जा खत्म हो जाती है। ज्यादा देर तक ऊर्जा कायम रखने के लिए इन बातों को ध्यान में रखें:
अनुकूल परिस्थितियां
सेक्स का सही और अच्छा अनुभव तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब परिस्थितयां आपके साथ हों। यदि आप और आपके पार्टनर के बीच किसी प्रकार का तनाव है, आप दोनों में से किसी एक का भी मन शांत नहीं है और या आपके आस-पास का वातावरण आपकी शांति भंग कर रहा है तो आप स्वस्थ्य सेक्स नहीं कर सकते। इसलिए संभोग को लंबे समय तक खींचने के लिए सबसे पहला काम परिस्थितियों को अनुकूल बनाएं। यदि रात आने से कई घंटे पहले से ही अपने पार्टनर से कोई ऐसी बात नहीं करें, जिससे उसके दिल को ठेस पहुंचती हो या फिर वो नाराज होती हो। यही नहीं रात चढ़ने से पहले आस-पास के वातावरण से डिस्टर्बेंस उत्पन्न करने वाली वस्तुओं को अलग कर दें। कई बार मोबाइल या टेलीफोन भी डिस्टर्बेंस उत्पन्न करता है, लिहाजा उसे भी कमरे से हटा दें। यदि आपको किसी प्रकार की उलझन या तनाव है तो पार्टनर से बातें शेयर करें ताकि तनाव कम हो जाए।
फोर प्ले
सेक्स के अच्छे अनुभव के लिए आप फोरप्ले का सहारा लें तो बेहतर होगा। इसकी शुरुआत बातों से की जा सकती है। बात करते-करते पार्टनर के गाल पर हाथ रख उसे चुंबन लें। चुंबन के साथ-साथ उसे अपनी बाहों में भर लें। यहां पर हाथों से विभिन्न अंगों पर मसाज सेक्स को बढाता है। इन सबके साथ आप संभोग के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।
पोजीशन बदलें
संभोग के दौरान यदि आपको लगने लगे कि आपकी ऊर्जा समय से पहले समाप्त होने वाली है, तो थोडी देर रुक जाएं। इससे हो सकता है आपकी पार्टनर आपको जकड़ने के प्रयास करेगी, लेकिन आघोश में आकर अपनी ऊर्जा को वहीं विराम नहीं दें। ऐसे में संभोग को लंबे समय तक खींचने के लिए पोजीशन बदलना अच्छा होता है। यदि आप बैठकर संभोग कर रहे हैं, तो लेट जाएं। यदि लेटकर तो बैठ जाएं, उलटे लेटे हैं तो सीधे लेट जाएं, आदि कुछ भी कर पोजीशन बदल लें। यहां पर ऐसी पोजीशन में सेक्स करने की कोशिश करें, जो आपने पहले कभी नहीं अपनाई हो।
ध्यान हटाएं
संभोग के दौरान यदि आपको लगने लगे कि आपकी ऊर्जा समाप्त होने वाली है, तो बिना पोजीशन बदले अपने ध्यान को पार्टनर की ओर से हटा लें। आप यह सोचें कि अभी आपको बहुत कुछ करना है। रात अभी बहुत लंबी है। संभोग से ध्यान हटाकर पार्टनर के होठों को काटना, चुंबन लेना और मसाज करना यहां सहायक साबित हो सकता है।
अच्छी क्वालिटी का कंडोम इस्तेमाल करें
कई बार सेक्स का अनुभव उस समय ठंडा पड़ जाता है, जब अंतरंगों में सूखा पन आ जाए। इसलिए अच्छी क्वालिटी का कंडोम इस्तेमाल करें। अच्छा लूब्रीकेंट आपको नमी प्रदान करता है। यही नहीं यदि आपके होठ सूख गए हैं तो पानी जरूर पिएं। वैसे भी सेक्स के बीच में एक-दो बार पानी पीने से ऊर्जा बरकरार रहती है।
शादी से पहले सेक्स रिलेशन में नाबालिग लड़कियां आगे
नई दिल्ली। ये ख़बर उन लोगों को झटका दे सकती है जो स्कूलों में सेक्स एजुकेशन के विरोधी हैं। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने नौजवानों के सेक्स रुझान को लेकर एक सर्वे कराया है। इस सर्वे का नतीजा ये है कि शादी से पहले सेक्स पुरुषों में बेहद आम है। लेकिन चौंकाने वाली बात है कि 15 साल की उम्र तक विवाह पूर्व सेक्स के मामले में लड़कियां लड़कों से आगे निकल गई हैं।
दरअसल शादी से पहले सेक्स, इस पर लंबे समय से भारत में बहस चली आ रही है। पश्चिमी देशों में तो ये आम बात है। लेकिन भारत में परंपरावादी इसे गलत मानते हैं। कच्ची उम्र के प्यार को पागलपन समझा जाता है, लेकिन धीरे-धीरे उम्र के हिसाब से उसमें गम्भीरता आने लगती है और शादी और संतान की चाहत पैदा हो जाती है। प्यार को कैसे ज़ाहिर किया जाये, ये उस जगह के समाज पर बहुत कुछ निर्भर करता है। अमेरिका और यूरोपियन देशों में 13-14 साल की लड़की का बॉयफ्रेंड होना बिल्कुल सामान्य सी बात है। लेकिन भारत में इस पर हाय तौबा मचा दी जाती है।
लेकिन भारत सरकार के स्वास्थय मंत्रालय ने जो सर्वे कराया है, उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किये हैं। सर्वे ने भारत में सेक्स को लेकर मानी जाने वाली बातों के उलट कई नई चीजों पर रोशनी डाली है। सर्वे कहता है कि सेक्स को लेकर भारत में जागरुकता बहुत बढ़ी है। और लड़कियां इस मामले में लड़कों से लीड ले रही हैं।
सर्वे के मुताबिक 15 फीसदी लड़कों और 4 फीसदी लड़कियों ने माना कि उन्होंने शादी से पहले सेक्स का अनुभव ले लिया है। और चौंकाने वाली बात तो ये है कि इनमें से 24 फीसदी लड़कियों ने माना कि उन्होंने 15 साल की उम्र से पहले ही सेक्स का अनुभव ले लिया है, जबकि महज 9 फीसदी लड़कों ने ही माना कि उन्होंने सेक्स का अनुभव 15 साल से पहले किया।
सर्वे में एक और नई बात सामने आई कि ग्रामीण युवा, शहरी युवाओं के मुकाबले सेक्स और रोमांस के मामले में आगे निकल गए हैं। सर्वे के मुताबिक करीब 29 फीसदी ग्रामीण युवा लड़कों ने माना कि पहले अफेयर के वक्त उनकी उम्र 15 साल से कम रही। जबकि महज 17 फीसदी शहरी युवाओं ने ही ये बात मानी। उसी तरह से 46 फीसदी ग्रामीण लड़कियों ने माना कि 15 साल की उम्र से पहले ही उनका अफेयर रह चुका है। जबकि महज 31 फीसदी शहरी लड़कियों ने ही ये बात मानी।
इस सर्वे ने कई और दिलचस्प खुलासे किए हैं। जैसे 33 फीसदी युवाओं ने माना कि उनका पहला अफेयर किसी पड़ोसी से हुआ। 30 फीसदी लड़कों और 16 फीसदी लड़कियों ने माना कि उनका पहला अफेयर उनके क्लासमेट से हुआ। करीब 27 फीसदी लड़कियों ने माना कि उन्होंने अपने किसी संबंधी के साथ शादी से पहले सेक्स किया, जबकि महज 9 फीसदी लड़कों ने ही शादी से पहले किसी संबंधी से सेक्स की बात मानी।
आन लाइन सेक्*स दलाली
सेक्*स के लिए लड़कियां चाहिए, दोस्*ती के लिए लडकि़यां चाहिए, लड़के चाहिए! कोई बात नहीं बस इंटरनेट पर क्लिक करिये और मनचाही और आपके बजट में लडि़कयां, औरतें ,मर्द सब हाजिर है।मूल्*यों की गिरावट के इस दौर में सेक्*स पर बात करना और सेक्*स परोसना ,दोनो ही काफी आसान हो गया है। आपको इसमें नैतिक और गैर कानूनी पेंच ढूंढ़ने की जरूरत नहीं है क्*योंकि भारत सरकार को इसकी बिल्*कुल परवाह नहीं है। इंटरनेट के शुरूआती दौर में अश्*लील साइटों पर विदेशियों का कब्*जा था और वे ही इसके किरदार से लेकर सारी गतिविधियों के संचालनकर्ता थे। वक्*त काफी बदल गया है। भारतीयों ने इस खेल में विदेशियों को काफी पछाड़ दिया है।
सेक्*स कारोबार पर बढ़ती भारतीय पकड़ और सरकार की ढ़ीली पड़ती पकड़ ने सेक्*स के भयावह आक्रमण को खुली छूट दे दी है। महानगरों में सेक्*स मसाला परोसने में मोटी कमाई कर चुके खिलाडि़यों ने अब छोटे शहरों का भी रूख कर लिया है। अभी ज्*यादा दिन नहीं बीते जब अपनी शारीरिक मांग को पूरा करने के लिए लोग रेड लाइट एरिया में जाते समय भी छुपते छुपाते जाते थे। इस डर से कि वे कहीं बदनाम न हो जाएं लेकिन अब घर बैठे सेक्*स का भरपूर ज्ञान और ज़रूरतें पूरी हो रही हैं। अब इसके लिए किसी भी शहर का रूख करने की ज़रूरत नहीं है क्*योंकि आन लाइन दलाल खुलेआम अपने फोन नंबर और ई−मेल के ज़रिये मनचाहा सेक्*स परोस रहे हैं।
ब्*लू फिल्*मों की सीडी पुलिस छापे में पकड़ी जाती हैं। कुछ लोग गिरफतार किए जाते हैं। लोग चोरी से ब्*लू फिल्*मों को देखते हैं’, ये अब बरसों पुरानी बात हो चुकी है क्*योंकि अब ब्*लू फिल्*म जैसा कुछ भी नहीं रहा। ‘पूर्वांचल न्*यूज’ ने जब इंटरनेट पर सेक्*स कारोबार की पड़ताल की तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। लगता है इंटरनेट पर सेक्*स की बमबाजी हो रही है और जो भी गया, समझो गया।
पूर्वांचल के छोटे छोटे जिलों में सेक्*स सामग्री परोसने के दावे के साथ साथ माडलों की नंगी नुमाइश सभ्*यता और संस्*कति पर एक नई बहस को जन्*म देती है। नमूने के तौर पर हमने आन लाइन सेक्*स दलाल wwwwwwwwwww की पड़ताल की। इ इट के कर्ताधर्ता विक्*की सिंह निकले। ये महाशय इतने बहादुर हैं कि इन्*होंने बाकायदा गूगल सर्च इंजन पर अपनी सेक्*स दलाली का विज्ञापन दे रखा है साथ ही गूगल के नक्*शे पर उनके लखनऊ के महानगर स्*थित कार्यालय को भी देखा जा सकता है। विक्*की सिंह ने 22 अगस्*त 2008 को अमेरिका स्*थित सर्पर अपनी सट का रजिस्*ट्रेशन कराया है। गूगल के विज्ञापन में इन्*होंने अपने कार्यालय का पता 11/23 महानगर लखनऊ दिया है साथ फोन नंबर भी हैसाइट पर विभिन्*न रंग रूप की अर्धनग्*न और पूर्ण नग्*न नारी शरीर की फोटो और दलाली के बारे में सीना ठोंककर दावा करने वाला विक्*की पुलिस की पकड़ से क्*यों दूर है यह एक गम्*भीर सवाल है।
सूचना तकनीकी विशेषज्ञ अनुराग पाण्*डेय ने ‘पूर्वांचल न्*यूज़’ से बात करते समय कहा कि इस तरह की वेबसाइट कौन चला रहा है और उसके खिलाफ क्*या कार्रवाई होनी चाहिए ,इस बारे में सरकार के हाथ बंधे हुए है। कानूनी काम तो ठीक है लेकिन गैर कानूनी वेबसाइट चलाने वालों को रोकने के लिए सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है।
मनोविज्ञानी कामिनी सिंह के अनुसार, इंटरनेट पर सेक्*स की बाढ़ को रोका नहीं गया तो हमारा पूरा सामाजिक ताना बाना बिखर जाएगा। उन्*होनें कहा कि समझ में नहीं आता क्*यों भारत सरकार सेक्*स के वीभत्*स स्*वरूप को रोक नहीं पा रही है।
आज़मगढ़ के युवा व्*यवसायी अशोक सिंह ने अफसोस जताते हुए कहा कि इंटरनेट पर बैठते वक्*त डर ही लगता है कि परिवार के सामने ना जाने क्*या आ जाए? सिंह ने कहा कि इन आन लाइन दलालों को तुरंत शिकंजे में लिया जाना चाहिए। साथ ही साइबर कानूनों को मज़बूत करते हुए भारतीय सभ्*यता पर सेक्*स के आक्रमण को रोका जाना चाहिए।
इंटरनेट की दुनिया के सेक्*स के इस गंदे खेल में कुछ साइटें उम्र के हिसाब से भी पैसे वसूल रहीं हैं। 55 साल से ज्*यादा हैं तो कुछ और 60 साल से ज्*यादा हैं तो कुछ। समझ में नहीं आता है कि इस बाज़ार को कौन हवा दे रहा है? क्*या हम भारतीय सेक्*स से भरे लोग हैं या फिर हमें इसका कीड़ा बनाया जा रहा है।
, Purvanchal News,
ग*लतियां जो पुरुष बिस्*तर पर करते हैं
कई बार ऐसा होता है कि पुरुष और स्*त्री जब सेक्*स की चरम सीमा पर होते हैं, तो अचानक दोनों में से एक ठंडा पड़ जाता है। यही नहीं कई बार स्*त्री अचानक नर्म भी पड़ जाती है। जाहिर है ऐसा तभी होता है, जब पुरुष सेक्*स के दौरान कोई गलती कर बैठता है। जी हां संभोग के दौरान छोटी सी गलती आपकी सुहावनी रात को खराब कर सकती है।
आप सोच रहे होंगे, कि आखिर ऐसी कौन सी गलतियां हैं, जो पुरुष बिस्*तर पर कर बैठते हैं, जिससे उसकी पार्टनर का मन विचलित हो उठता है। यही नहीं अपने चरम पर पहुंचने से पहले ही सब कुछ फीका पड़ जाता है। आईये हम आपको बताएंगे कि बिस्*तर पर पुरुष किस प्रकार की गलतियां कर बैठते हैं। सेक्*स के दौरान कौन सी बात आपकी पार्टनर को आपके करीब आने से रोक सकती है। इसे पता करने की आप पूरी कोशिश कर चुके होंगे। आपको कोई सुराग नहीं मिला होगा।
प्*यार करने वाली रानी है स्*त्री
कई बार पुरुष संभोग के दौरान स्*त्री के साथ प्*यार की बातें नहीं करते। जबकि संभोग का असली आनंद उठाने के लिए स्*त्री के साथ प्*यार करने वाली रानी के जैसा ट्रीट करना चाहिए। जितनी ज्*यादा प्*यार की बातें करेंगे पार्टनर आपके उतनी ही करीब आएगी।
बुरी बातें करना
सेक्*स के दौरान बुरी बातें करना पुरुषों की बड़ी गलतियों में शामिल है। इससे प्रतीत होता है कि मानों उसे सिर्फ सेक्*स की भूख है, प्*यार की नहीं। इससे स्*त्री निराश हो जाती है। खास बात यह है कि स्*त्री की सेक्*स इच्*छाओं पर कभी कोई गलत टिप्*पणी न करें। इससे उसके दिल को ठेस पहुंच सकती है।
शेव न करना
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि दाढ़ी या मूंछे स्*त्री को सेक्*स का सुख ज्*यादा देती हैं। लेकिन हम आपसे पूछते हैं, यदि आपके गाल, जांघ या किसी कोमल अंग पर दाढ़ी या मूंछ से ब्रश करे तो आपको कैसा लगेगा। जाहिर है, आपको उल्*झन मचेगी। इसलिए याद रखें बढ़ी हुई दाढ़ी-मूछों वाला चेहरा अगर आप अपनी पार्टनर के गाल, जांघ या किसी भी अंग पर रखेंगे तो जरूरी नहीं है कि उसे यौन सुख ही प्राप्*त होगा। हो सकता है उसे खराब भी लग रहा हो।
ब्रेक लेना
यौन संबंध स्*थापित करते वक्*त आप स्*त्री के यौन सुख को उस स्*थान से आगे नहीं बढ़ा सकते जहां से आपने छोड़ा था। इस बारे में स्त्रियां पुरुषों से एकदम अलग होती हैं। यदि आपने सेक्*स करते वक्*त ब्रेक ले लिया तो वो वापस पीछे चली जाएंगी। फिर उन्*हें उत्*तेजित करना उतना ही कठिन हो जाता है। इसलिए सेक्*स के दौरान ब्रेक मत लें।
धन्*यवाद कहना
संभोग के बाद कुछ पुरुष स्*त्री को धन्*यवाद कह कर गलती कर बैठते हैं। एक बात ध्*यान रहे आपने उसके साथ संबंध तभी स्*थापित किए जब उसकी इच्*छा थी, न कि उसने आपके ऊपर कोई अहसान किया है। आमतौर पर प्*यार के बीच धन्*यवाद शब्*द आने पर स्त्रियों को बुरा लग जाता है।
रफ एण्*ड टफ होना
कई बार पुरुषों को लगता है कि उनकी रफ एण्*ड टफ अदा स्त्रियों को भाती है। लेकिन सही मायने में संभोग के दौरान ऐसी अदा से स्त्रियां काफी खराब महसूस करती हैं। कोई स्*त्री नहीं चाहती कि पुरुष जंगली रवैया अपनाते हुए उसके साथ संभोग करे। स्*तनों, योनि, जांघ, आदि कोमल अंगों पर कड़क उंगलियों से आपकी पार्टनर परेशान हो सकती हैं, इसलिए कोमल व्*यवहार के साथ स्*पर्श करना ही सही रहता है।
वक्ष पर प्रहार करना
स्*त्री के वक्ष के ऊपरी हिस्*से पर निपल उसके शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्*सा होता है। कई बार पुरुष उत्*तेजना में आकर उस पर टूट पड़ते हैं। जिसकी वजह से दर्द के कारण स्*त्री का यौनसुख कई बार फीका पड़ जाता है। इसलिए ऐसा नहीं करना चाहिए। उसे एक फूल की तरह स्*पर्श करना चाहिए। यहां आप अपनी उंगलियों का अच्*छा प्रयोग कर सकते हैं। उस स्*थान पर हलके स्*पर्श के साथ धीरे से चुंबन लेना ही ठीक रहता है। ना कि उसे मोड़ना, रगड़ना, आदि।
रोजाना नियमित सेक्*स करना
रोजाना एक ही समय पर नियमित रूप से सेक्*स करना भी पुरुषों की बड़ी गलती है। असल में स्त्रियां प्*यार के अनुभवों को अलग-अलग तरीके से और अलग-अलग समय पर बटोरना ज्*यादा पसंद करती हैं। इसलिए आपने पार्टनर के साथ सेक्*स करने के लिए एक ही समय को बांध कर न रखें। कभी दिन में, कभी शाम को, कभी मध्*य रात्रि में और कभी सुबह सेक्*स करने से अलग-अलग अनुभव प्राप्*त होते हैं।
तुरंत कपड़ने उतारना
पुरुषों की एक आदत होती है कि वे समय बर्बाद नहीं करते। पार्टनर के पास जाते ही वे सबसे पहले कपड़े उतारना शुरू कर देते हैं, जबकि ऐसा करना भी गलत है। स्त्रियां सोचती हैं कि पुरुषों में कुछ चीजें उन्*हें कम आकर्षित करती हैं। वो हैं मोजे, शर्ट और अंडरवीयर।
शुरू होने से पहले ही अंत
कुछ पुरुष संभोग शुरू करने से पहले ही उत्*तेजित होकर चरम सीमा पर पहुंच जाते हैं और उनकी ऊर्जा समाप्*त हो जाती है। यह स्*त्री को अच्*छा नहीं लगता। इससे बचने के लिए कुछ पुरुष गोलियों का सेवन करते हैं वहीं कुछ लोग सेकस से पहले मैथुन करते हैं। संभोग के तुरंत बाद सोना: एक अध्*ययन के मुताबिक संभोग खत्*म करने के तीन मिनट के अंदर पुरुष को गहरी नींद आती है।
आमतौर पर पुरुष उस नींद में डूब जाते हैं और तुरंत सो जाते हैं। जबकि यह आपकी पार्टनर को जरा भी अच्*छा नहीं लगता। स्त्रियां चाहती हैं कि प्*यार के पल संभोग के बाद भी कायम रहें। लिहाजा आपको संभोग के तुरंत बाद सोने की आदत हो तो उसे बंद कर दें।
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कैसे करें बेहतरीन फोरप्ले (http://www.purvanchalnews.com/index.php?option=com_content&view=article&id=856:2010-03-04-17-30-30&catid=58:lifestyle&Itemid=83)
पुरूष और महिला के लिए सेक्स की जरूरतें अलग अलग होती है. दोनों में स्वभाव से लेकर जीन तक का भेद होता है, और यदि दोनों के बीच सामंजस्य का अभाव हो तो उन्हें सेक्स जीवन से आनंद प्राप्त नहीं हो पाता. सेक्स के लिए अच्छा फोरप्ले काफी आवश्यक है, और अच्छे फोरप्ले के लिए आवश्यक है कि युगल की आपसी समझ परिपक्व हो.
सर्वश्रेष्ठ कुछ नहीं
यदि आप सोचते हैं कि फोरप्ले का कोई सर्वाधिक उपयुक्त तरीका हो सकता है तो वह गलत है. सेक्स में सर्वश्रेष्ठ जैसा कुछ नहीं होता. समय, माहौल और रूचि के हिसाब से बदलाव ही सबसे आवश्यक है. इसलिए हर समय ऐसा करना चाहिए और ऐसा नहीं करना चाहिए यह व्याख्यायित नहीं किया जा सकता. सही यह रहता है कि आप कुछ भी ऐसा ना करें जो अवास्तविक लगे. अपनी गलतियों से सीखें और अपने व्यवहार में बदलाव करें. जानने की कोशिश करें कि आपके साथी को क्या अच्छा लगता है और क्या नहीं.
होश ना खोएँ
जोश में होश ना खोएँ. पुरूष स्वभाव से अधिक आक्रामक और सेक्स के प्रति अधिक उत्साहित होते हैं. परंतु उनके लिए जरूरी है कि वे अपनी महिला मित्र से उचित व्यवहार करें. फोरफ्ले को सेक्स का एक अंग मानें ना कि सेक्स से पहले की आवश्यक क्रिया. अपनी पत्नी या महिला मित्र के सम्मान का ध्यान रखें और उन्हें यह अहसास कराएँ कि उनके साथ बिताए जा रहे पल यादगार हैं.
छेड़छाड़
चुँकि फोरप्ले का कोई निश्चित मानदंड नहीं होता, आप कई तरीकों से इसका आनंद ले सकते हैं. हल्की फुल्की छेड़छाड़ भी इसमें शामिल है. ध्यान यह रखें कि इससे आपके साथी को कोई परेशानी ना हो और ना ही आसपास के लोगों को.
पसंद नापसंद
अच्छे सेक्स जीवन के लिए आवश्यक है कि एक दूसरे की रूचि का ध्यान रखें और महत्व दें. इसलिए कोई भी ऐसी हरकत ना करें जो आपके मित्र या पत्नी को रास ना आए.
कितनी देर?
सेक्स में समय का नहीं बल्कि संतुष्टि का महत्व होता है. इसलिए यह मानना कि अमुक देर तक का फोरप्ले काफी होता है ठीक नहीं है. यह एक शारीरिक और मानसिक संतुलन और मिलन की क्रिया है. इसलिए इसका भरपूर आनंद उठाएँ और घड़ी को नजरअंदाज करें.
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भरो सेक्*स में जोश (http://www.purvanchalnews.com/index.php?option=com_content&view=article&id=1057:2010-03-06-13-52-49&catid=58:lifestyle&Itemid=83)
स्वस्थ सेक्स आपके दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाने में बहुत अह्म भूमिका निभाता है। यदि आपके सेक्स संबंघ आपस में अच्छे है,तो आपके व्यवहारिक संबंघ भी अच्छे होगें। लेकिन स्वस्थ सेक्स संबंघों के अभाव में आपके जीवन में रूखापन आ सकता है और ये आपके जीवन में तनाव का एक कारण भी हो सकता है। आपके दांपत्य जीवन को सुखद बनाने के लिए हम आपको कुछ उपाय बता रहें हैं,जिससे आप अपने सेक्स को और भी ज्यादा रोचक और आनंदमय बना सकते हैं।
शरीर को समझना -
सेक्स से पहले शरीर को समझना बहुत ही जरूरी है क्योंकि सेक्स शरीर की अनुकूलता पर ही निर्भर करता है। शरीर के सभी अंग संवेदनशील नहीं होते हैं। संवेदनशील अंगो को ही सहलाने या चूमने से उत्तेजना और इच्छाओं का प्रवाह शरीर में होता है। आपके शरीर की पूरी ऊर्जा दो जगहों पर ही केन्द्रित होती है। पहली नाभि के ठीक नीचे और दूसरी रीढ की हड्डी के आखिरी छोर पर। नाभि के नीचे वाली जगह आंतरिक शक्ति कहलाती है, जो अंगो की उत्तेजना की कला की वजह से जानी जाती है। इसी तरह से रीढ के आघार को कुंडलिनी योग के साघक सेक्स ऊर्जा का केन्द्र मानते हैं। फोरप्ले के दौरान आप इसे महसूस कर सकते हैं।
मस्तिष्क पर निर्भर -
रक्त का बहाव तेज करने और शरीर के तापमान को कम रखने के लिए आपको अपने मस्तिष्क का उपयोग करना चाहिए। चरम का आनंद उठाने के लिए ये दोनो ही जरूरी हैं।
सेक्स के दौरान खून का बहाव तेज न होने पर उत्तेजना उतनी नहीं आ पाती है और आपकी सेक्स में परफारमेंस बेहतर नतीजे नहीं दे पाती है। सेक्स मस्तिष्क से होता है, शरीर तो एक माघ्यम मात्र होता है। यही वजह है कि अघिकांश दंपत्ति अवसर होते हुए भी यह कहकर सेक्स को कल पर टाल देतें हैं कि आज मूड नहीं है। मूड कभी अचानक बन जाता है और कभी घंटो बाद भी नहीं बनता है। ऎसा उन्ही दंपत्तियों के साथ होता है,जो फोरप्ले की मदद नहीं लेते या ऊर्जा के केन्द्र को नहीं पहचानते।
पहचाने संवेदनशील अंगो को -
शरीर के कौन से अंग ऊर्जा के केन्द्र वाले है,इसकी खोज करना आसान है। यदि आप पति हैं तो पत्नी को घ्यान से देखें, जो अंग आंखो को अच्छे लगें और मन को सुकून दें तथा भडकाएं भी, वहां हाथ फेरना शुरू कर दें। इससे आपकी पत्नी कामोत्तेजित हो उठेगी और वह खुद सेक्स के लिए पहल करना भी आरंभ कर देगी। अंगो की पहचान पति-पत्नी दोनों को ही होनी चाहिए।
चरम सुख का आनंद -
सेक्स को तरीके से और सलीके से किया जाए तो संतुष्टि मिलती है और प्यार की भूख संतुष्टि मिलने के बाद ही खत्म होती है। सेक्स संबंघ बनाते हुए भी कई दंपत्ति अतृप्त ही होते हैं क्योंकि उन्हे सेक्स को करना नहीं आता है। अघिकतर दंपत्ति तो सेक्स में देर तक न टिके रहने की समस्या से ग्रस्त रहते हैं। जब पति के साथ यह समस्या होती है तो पत्नी को सेक्स में कोई आनंद नहीं मिल पाता है। बार-बार इस क्रिया में भाग लेने के बाद भी वह आनंद से वंचित ही रहती है। सेक्स में पत्नी को भी आनंद जरूर मिलना चाहिए। सेक्स पत्नी के लिए भी होता है। पति को हर हाल में इस हकीकत का ज्ञान होना चाहिए। सेक्स में सर्वाघिक आनंद को महसूस करने की क्षमता कुदरत ने उसे ही दी है। पति को आनंद की अनुभूति तभी हो पाती है जब पत्नी को आनंद मिलता है। अघिकांश पति इस मर्म को नहीं समझते हैं और सेक्स सिर्फ स्वय के आनंद के लिए करते हैं। पति जब खुद के लिए यौन-संबंघ बनाता है या ऎसी मानसिकता रखता है तब सेक्स दुखदायक को जाता है। सेक्स में पत्नी के आनंद का भी मूल्य है,संबंघ बनाते समय बस पति को इतना ही घ्यान रखना है,फिर कोई शक नहीं कि उसे भी आनंद मिलेगा और पत्नी को तो मिलेगा ही।
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सेक्*स में गलतफहमियां (http://www.purvanchalnews.com/index.php?option=com_content&view=article&id=1053:2010-03-06-13-35-27&catid=58:lifestyle&Itemid=83)
पुरातनकाल से सेक्स जीवन का महत्तवपूर्ण हिस्सा रहा है। सेक्स जीवन की सांस के साथ उस समय से जुड जाता जब व्यक्ति बचपन से युवा उम्र में प्रवेश करता है। यही वह समय है जब व्यक्ति को इस विषय पर सही जानकारी मिलनी चाहिए। सेक्स के बारे में लोगों में अनेक भ्रांतियां बनी हुई हैं। अगर सही ढंग से चिकित्सीय सलाह दी जाए तो सेक्स रोगों में कमी आ सकती है।
परिवर्तन और सेक्स:
हाई टेक्नोलोजी के चलते न सिर्फ इंटरनेट और मोबाइलका इस्तेमाल बढा है, बल्कि लोग पहले से ज्यादा एकदूसरे से चैटिंग के जरिए अपने दोस्त विदेशों तक में बना रहे है। इन सब के पीछे उन के दिल में छिपी यौन कामना ही है। लेकिन उन के बेसिक ज्ञान का स्तर लगभग शून्य होता है। जिस की वजह से युवाओं का एक बडा वर्ग घीरे-घीरे मानसिक अवसाद का शिकार होता जा रहा है। पिछले कुछ सालों में मानसिक चिकित्सकों के पास सेक्स के मामलों में काफी वृद्घि हुई है।
अघूरी जानकारी : आश्चर्यजनक बात यह है कि लोगों में ही नहीं बल्कि कई डाक्टरों में भी यह भ्रांति है कि जिस पुरूष के अंग का साइज बडा होगा और जिस महिला के ब्रेस्ट बडे होंगे उन्ही के साथ अच्छा सेक्स मिलेगा। यह बात पूरी तरह से गलत है, क्योंकि पुरूष के अंग का टौप ही संवेदनशील होता है और महिलाओं में अंग का बाहरी 1 इंच का हिस्सा ही संवेदनशील होता है। सारी क्रियाएं इसी पर निर्भर होती है। साइज का कोई महत्तव नहीं है। बाजार में मिलने वाली सेक्सवर्घक दवाएं, स्प्रे, इत्यादि किसी प्रकार का इफेक्ट नहीं करतीं और जब इफेक्ट नहीं करती हैं तो साइड इफेक्ट भी नहीं होता। स्वपदोष, घातु, हस्तमैथुन आदि प्रकियाएं स्वाभाविक है, कोई रोग नहीं हैं।
दौरा, हिस्टीरिया, डिप्रेशन आदि बीमारियों के लिए सेक्स एक उचित इलाज है। कई बार ऎसा देखा गया है कि यदि महिलाएं सेक्स क्रिया में संतुष्ट नहीं हैं तो अवसाद में घिर जाती हैं। पुरूषों में 68 वर्ष की उम्र तक सेक्स क्रिया में कोई कमी नहीं आती। यदि पति-पत्नी निरंतर क्रिया करते रहे हों तो पुरूषों में प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना बिलकुल कम हो जाती है। कुछ लोगों का मानना है कि शराब सेक्स पावर बढाती है जबकि नशा ब्रेन सेक्स सेंटर को प्रभावित करता है और आप किसी लायक नहीं रह जाते।
इलाज आसान हो : व्यक्ति का फैमिली डॉक्टर यदि सेक्स विशेषज्ञ है तो मरीज को कोई परेशानी नहीं होगी परन्तु ऎसा नहीं होने पर मरीज को दरदर भटकना पडेगा। इसी तरह महिलाओं में गर्भ के दौरान, महावारी के दौरान तथा मीनोपाज के बाद सेक्स प्रकिया क्या होनी चाहिए, उस समय शरीर किस तरह सक्रिय होता है, ये सभी जानकारियां यदि मरीज को डॉक्टर्स से आसानी से मिलती रहे तो नीमहकीमों की दुकानें लगभग बंद हो जाएंगी और लोगों में सेक्स के प्रति भ्रांतियों में कमी आयेगी।
कम उम्र में सेक्स के अनुभव का प्रयास युवाओं को मानसिक अवसाद की ओर ले जाता है। इससे उन में शीघ्रपतन की समस्या सामने आने लगती है। ऎसी बीमारीयों का इलाज जागरूकता व शिक्षा से ही संभव है। सेक्स लाइफ का एक पार्ट है। आज कई लोग पर्याप्त काउंसलिंग के अभाव में स्वयं को इस लिहाज से समाप्त करते जा रहे है। विशेष् डाक्टर्स को तरजीह दी जाए। आज का युवा वर्ग मानसिक अवसाद में आकर यौन समस्याओं का शिकार हो रहा है।
युवाओं की समस्या: 18 से 25 वर्ष तक के अविवाहित वर्ग में सेक्स समस्याएं अघिक होती है। दूसरा वर्ग 40 वर्ष से अघिक उम्र वाले लोगों का होता है। इन में सेक्सुअल प्रौब्लम का मुख्य कारण दूसरी बिमारियां होती है जैसे-उच्चा रक्तचाप, आरामदायक जीवन व्यतीत करना, घ्रूमपान करना आदि। सेक्स की बेसिक जानकारी की आवश्यकता विवाह के उपरांत या जोडे में होने पर होती है। उस समय सामने आने वाली समस्याओं के लिए डाक्टर और एक्सपर्ट जरूरी हैं। स्कूल स्तर पर केवल सुरक्षा और सावघानियों से अवगत कराया जाए तो बेहतर होगा। शहरों में माता-पिता के पास समय का अभाव होता है। जो बच्चा शहर में 8 वीं कक्षा में मैच्योर हो जाता है वही ग्रामीण परिवेश में 10वीं के बाद तक भी इन चिजों से अछूता रहता है। अत: कहीं न कहीं हमारी परवरिश भी बच्चों को भटकाने के लिए जिम्मेदार है।
देखने गयी थी तू होली का रंग ...
डाल दिया बेदर्दी ने लंड....
जब तक उतरा नशे का भूत ....
उई अम्मा फट चुकी थी चूत...
होली मुबारक
सुक्रिया मित्र आपकी सायरी मन को भा गयी , बिलकुल आपकी सायरी सही है ,
HOTBOY 01
08-03-2011, 01:10 PM
बहूत -2 धन्यवाद मित्र dkj.....और नीताजी इस बार के होली मेँ आपका क्या इरादा है ?????
बहूत -2 धन्यवाद मित्र dkj.....और नीताजी इस बार के होली मेँ आपका क्या इरादा है ?????
जमकर दोस्तों के साथ होली खेलने की
technical_2005
08-03-2011, 03:02 PM
nita ji holi aa rahi hai
rawaccess
08-03-2011, 09:43 PM
आमंत्रित करने का इरादा रखती हैं क्या मोहतरमा :)
Re: पहली चोदाई मे....
आमंत्रित करने का इरादा रखती हैं क्या मोहतरमा :)
HOTBOY 01
09-03-2011, 10:17 PM
नीताजी इस होली मेँ भी दोस्तो के साथ धमाल मचाने का पक्का इरादा है ? ? और मित्र DKJ आप का ??
kajal pandey
09-03-2011, 10:28 PM
http://galleries.18yearsold.com/pb02/pb02_alexiasky/14.jpg
kajal pandey
09-03-2011, 10:29 PM
अच्छा सूत्र है सूत्रधार को बधाई
alysweety
09-03-2011, 11:50 PM
ज्ञानवर्धक जानकारी के लिए
धन्यवाद
sweety
alysweety
09-03-2011, 11:53 PM
sorry vinod ji
aapki jankari galat hai
sweety
hitesh chaurasia
10-03-2011, 12:07 AM
mene aaj tak ki nahi kyaa hota thoda detail me batae na
ri
नीताजी इस होली मेँ भी दोस्तो के साथ धमाल मचाने का पक्का इरादा है ? ? और मित्र DKJ आप का ??
बिलकुल , मेरी इरादे कभी कच्ची नहीं होती , उस दिन आप सभी का अन्तर्वासना पर होली खेलने के लिए आमंत्रित करती हु
HOTBOY 01
14-03-2011, 08:38 PM
sorry vinod ji
aapki jankari galat hai
sweety स्वटीजी आप के पास सही जानकारी है ? तो बताये क्या होता।
HOTBOY 01
14-03-2011, 08:44 PM
ri
बिलकुल , मेरी इरादे कभी कच्ची नहीं होती , उस दिन आप सभी का अन्तर्वासना पर होली खेलने के लिए आमंत्रित करती हु
नीताजी , मै होली का इँतजार कर रहा हूँ।
नीताजी , मै होली का इँतजार कर रहा हूँ।
होली तो आ गयी अब इंतजार क्यों , होली तो १०दिन पहले से ही शुरु हो जाती है :bloom:
vinayakcem.2
16-03-2011, 01:35 AM
पहली चुदाई का आनंद तो स्वर्गीय होता हैं . तंदुरस्त रहो और दिल से दोनों और आग हो तो हर चुदाई पहली चुदाई जैसी ही लगाती हैं
HOTBOY 01
18-03-2011, 07:56 PM
होली तो आ गयी अब इंतजार क्यों , होली तो १०दिन पहले से ही शुरु हो जाती है :bloom:
लो मैँ आ गया नीताजी अब तैयार हो जाओ डालवाने के लिए.................
लो मैँ आ गया नीताजी अब तैयार हो जाओ डालवाने के लिए.................
देर मत करो डालते रहो
aaryan@26
19-03-2011, 10:21 AM
hello everyone.how you can say 4 logo ne choda hoga.
HOTBOY 01
19-03-2011, 12:24 PM
देर मत करो डालते रहो कहाँ से डालना शुरु करु.. आगे , पीछे ,उपर या नीचे से नीताजी....
HOTBOY 01
20-03-2011, 02:48 PM
डालवाने का समय आया है तो भाग गयीँ ! चलो कोई बात नही । मेरे तरफ से आपको एवँ आपके परिवार को तथा अँतरवासना फोरम के सभी मित्रो होली की हार्दिक शुभकामनायेँ.....
HOTBOY 01
20-03-2011, 02:53 PM
डालवाने का समय आया है तो भाग गयीँ ! चलो कोई बात नही । मेरे तरफ से आपको एवँ आपके परिवार को तथा अँतरवासना फोरम के सभी मित्रो होली की हार्दिक शुभकामनायेँ.....
Bharatiya
20-03-2011, 04:46 PM
डालवाने का समय आया है तो भाग गयीँ ! चलो कोई बात नही । मेरे तरफ से आपको एवँ आपके परिवार को तथा अँतरवासना फोरम के सभी मित्रो होली की हार्दिक शुभकामनायेँ.....
दोस्तों उस होली में तो चार थे अन्तर्वासना पर होली मनाने तो ४०० आ जायेंगे इतनों का नीता जी कैसे झेलेगी
सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं
HOTBOY 01
02-04-2011, 11:59 AM
BINA CHUDI CHUT KI KYA PAHCHAN HOTI HAI ? अगर आपके पास जानकारी होतो बतावो मित्र....,
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