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View Full Version : तेरी यादें....



Vicky
05-01-2011, 07:50 PM
किसी की याद में तडपते दिल का दर्द , या फ़िर कभी यूँ ही लिखे हुए कुछ अलफ़ाज़, उस के लिए एक छोटा सा कोना लगा रहा हूँ मैं,
ज़ज्बातों की इस 'पूजा' में , कोई रोक टोक नही, बस , किसी और की मेहनत को अपना नाम देने वालों के लिए स्वागत नही लिखूंगा ...

इस्तकबाल है आप का ,

सुनता है जो ज़मीर का ,
न गरीब का , न अमीर का ,
न खुदा का न भगवान का,
मज़मा है ज़बान का.....


आपका


विक्की 'आफताब'

Vicky
05-01-2011, 07:52 PM
तेरी यादें ...... (http://bakalamsuvigya.blogspot.com/2010/07/blog-post_7.html)


तेरी यादें ...
लहू के एक एक कतरे की तरह ...
उखड़ती सी हर इक साँस के तरह ......
हर लम्हे , हर पल चीरती सी.....
तेरी यादें .....

साहिल से दूर एक मौज की तरह ...
हारी सी, थकी फ़ौज की तरह ...
बेकार सी, पर हर पल चीरती सी ..
तेरी यादें ......


दिल के अरमानों में टीस की तरह ...
पिछली गली में खोयी हुई अशर्फी सी.

तेरी यादें....

तेरी यादें......
आशाओं के जमघट सी,
भावनाओ के पनघट सी
तेरी यादें .......
जो असफल प्रेम की कहानी सी हैं ,
थोड़ी अल्हड, थोड़ी सयानी सी हैं
तेरी यादें.........
जिनसे होकर मेरे सारे अरमान झलकते हैं
जिनमे जाने से मेरे दिल के तार खनकते हैं,
तेरी यादें..........
एक कांटो भरे गुलाब सी,
सवाल सी, जवाब सी
तेरी यादें ..........

vicky 'aftaab'

Vicky
05-01-2011, 07:53 PM
अलविदा (http://bakalamsuvigya.blogspot.com/2010/07/blog-post_8201.html)


अलविदा कह दो ,
हुस्न के साहिल से छूटो ,
मौज की मौजों से रूठो,
हर कदम पर है अब दुश्वारियां,
उज्र की है ये अठखेलियाँ,...
हर खुशी को, बुजदिली को,
अलविदा कह दो,

गम को बना लेना है साथी उम्र भर ,
मुश्किलों से है तो यारी उम्र भर ,
कांटे ही कांटे जब दिए 'उसने ' ,
हर फूल को, गुलशन को, कलियों को,
अलविदा कह दो,

आफताब

Vicky
05-01-2011, 07:55 PM
इंतज़ार का मजा कुछ और ही है ....... (http://bakalamsuvigya.blogspot.com/2011/01/blog-post.html)


आदत सी पड़ गयी है मुझे इस बेरुखी की यूँ तो ...

पर तेरे ठुकराने के इंतज़ार का मजा कुछ और ही है .



मुझे भी इल्म है, तुझे भी इल्म है जालिम ,

पर तेरी इबारत में लिखी इस जुदाई के इंतज़ार का, मज़ा कुछ और ही है ..



न ये समझ लेना किसी गलत फ़हमी में जी रहा हूँ मैं,

आफ़ताब इश्क में बेवफाई के ,इंतज़ार का मज़ा कुछ और ही है



कहने को तो तुझमे ऐसा क्या है जो इस कद्र की तड़प है मेरी....

पर सच्चे आशिक की रुसवाई के .. इंतज़ार का मजा कुछ और ही है ...

Noctis Lucis
05-01-2011, 08:55 PM
इंतज़ार का मजा कुछ और ही है ....... (http://bakalamsuvigya.blogspot.com/2011/01/blog-post.html)


आदत सी पड़ गयी है मुझे इस बेरुखी की यूँ तो ...

पर तेरे ठुकराने के इंतज़ार का मजा कुछ और ही है .



मुझे भी इल्म है, तुझे भी इल्म है जालिम ,

पर तेरी इबारत में लिखी इस जुदाई के इंतज़ार का, मज़ा कुछ और ही है ..



न ये समझ लेना किसी गलत फ़हमी में जी रहा हूँ मैं,

आफ़ताब इश्क में बेवफाई के ,इंतज़ार का मज़ा कुछ और ही है



कहने को तो तुझमे ऐसा क्या है जो इस कद्र की तड़प है मेरी....

पर सच्चे आशिक की रुसवाई के .. इंतज़ार का मजा कुछ और ही है ...



यार तेरी शायरी तो मेरे दिल को चिर गयी कुछ पुराने कुछ नए लम्हे याद आ गए मैं तो तेरा फेन हो गया यार

Vicky
05-01-2011, 11:50 PM
मैं अनुगृहीत हुआ फैज़ भाई,

आशा है कभी आप भी अपनी अभिव्यक्ति बाटेंगे ...

Lovely.indian
06-01-2011, 08:50 AM
अब उसे रोज न सोचूँ तो बदन टूटता है फराज़,
एक मुदत हो गई है उसकी याद का नशा करते करते.

Lovely.indian
06-01-2011, 08:51 AM
चाहो जिसे मुक्त कर दो उसे, मोहब्बत को तोलने का तराजू यही.
मोहब्बत का मारा चला आयेगा, न आये तो समझो तुम्हारा नहीं.

Lovely.indian
06-01-2011, 07:24 PM
यहाँ से मेरा एक शेयर मिटिया गया हैं, मैं इस शेयर के मिटाए जाने के कर्ण दुखी नहीं हूँ. बस इतना जानना चाहता हूँ के उस मैं गलत किया था ता के आगे से गलती न हो.

Noctis Lucis
24-01-2011, 06:54 PM
मैं अनुगृहीत हुआ फैज़ भाई,

आशा है कभी आप भी अपनी अभिव्यक्ति बाटेंगे ...
शुक्रिया विक्की भाई
अर्ज़ है कुछ छोटा सा


दुनिया से मुझे कोई सरोकार नहीं है ,
कह दे साफ़ साफ़ तुझे प्यार नहीं है \
अब तेरी दोस्ती मुझे स्वीकार नहीं है ,
पहले की तरह अब तू वफादार नहीं है \
आओ न मेरे दिल में यूँ तफरीह के लिए ,
दिल मेरा कोई कूचा या बाज़ार नहीं है\
एक बार पढ़ कर न भूलोगे ता उम्र ,
दिल मेरा सुर्खी,अखबार नहीं है \
मिलते हैं हम तुम बहुत जो ज़िक्र गैर से ,
क्या तेरी मोहब्बत का ये आसार नहीं है \

Noctis Lucis
24-01-2011, 06:55 PM
बहुत करीब से देखा है बेवफा ज़माने को ,
अब दिल नहीं करता किसी को अपना बनाने को\

Noctis Lucis
24-01-2011, 06:57 PM
विक्की भाई खास आप के लिए
कौन रोया है किसी और के खातिर ऐ दोस्त,
सब को अपनी ही किसी बात पर रोना आया \

neelje
24-01-2011, 07:53 PM
maan gaye janaab kya likh te ho aap thanks for this

Noctis Lucis
24-01-2011, 08:42 PM
यार अभी मनोज बड़ा याद आ रहा है जाने कहाँ है बड़ी देर से लोगिन नहीं हुआ

Bichoo
28-01-2011, 01:17 AM
Unhe nafrat thi humse,to izhar kyun kiya.....
Dena tha zehar , to pyar kyun kiya....
Dekar zehar kahte hai,pina hoga...
Pi gaye zehar to kahte hai tumhe meri kasam...
Mere liye jeena hoga

Noctis Lucis
28-01-2011, 01:20 AM
Unhe nafrat thi humse,to izhar kyun kiya.....
Dena tha zehar , to pyar kyun kiya....
Dekar zehar kahte hai,pina hoga...
Pi gaye zehar to kahte hai tumhe meri kasam...
Mere liye jeena hoga


बहुत अच्छे भाई मगर हिंदी में लिखते तो मज़ा आ जाता

Raman46
28-04-2011, 12:26 PM
बहुत करीब से देखा है बेवफा ज़माने को ,
अब दिल नहीं करता किसी को अपना बनाने को\


लिपट जाओ एक बार फिर गले से हमारे /

कोई दिबार न रहे बिच में हमारे तुम्हारे //

Pretatma
18-05-2011, 08:56 PM
121357

मेरी मौत का वज़ह है हर कोई,
मौत तो हम दोनों की साथ हुई !!
मेरे अरमानों की, जिन्हों ने सदा मेरा साथ दिया,
और मेरी, जिस ने सिर्फ तुझे ही याद किया ….........!!!

kamesh
18-05-2011, 09:25 PM
तेरी याद दिल से मिटने चला हूँ

केफिर अपनी हस्ती मिटने चला हूँ

तेरी याद दिल से मिटने चला हूँ

Sharma1989
18-05-2011, 11:55 PM
तेरी यादों ने ईतने ज़ख़म दिये की फूलो पे सोया न गया
दिल तो जल कर राख हो गया आखो से रोया न गया

jaileo
19-05-2011, 12:32 AM
121357

मेरी मौत का वज़ह है हर कोई,
मौत तो हम दोनों की साथ हुई !!
मेरे अरमानों की, जिन्हों ने सदा मेरा साथ दिया,
और मेरी, जिस ने सिर्फ तुझे ही याद किया ….........!!!

दुनिया ये जानती है , तेरी मौत हुई है
'जय' जानता है,ख़ाक तेरी मौत हुई है
आँखों में बसे हो, रहते हो हृदय में
वो मौत ही थी जिसकी उसदिन मौत हुई है //

rajtherealman
19-05-2011, 08:53 AM
तेरी ही यादों में जीता हूँ
तेरी ही यादों में मरता हूँ
गुजरे हुए पलों को याद कर
बस तेरे ही ख्यालो में रहता हूँ
महफिल भी रास नही आती अब
तन्हाई में भी तन्हा रहता हूँ
सफर अभी कितना है लम्बा
ये सोच कर घबराता हूँ
मुद्दतें बीत गई देखे हुऐ
सब्र ना टुट जाये डरता हूँ
दुर कहीं जमीं-आसमां मिले
ये देख मै भी उम्मीद जगाता हूँ

Pretatma
19-05-2011, 09:40 PM
122114

दर्द की दिल पे हुकूमत थी , कहाँ थी उस वक़्त ?
जब मुझे तेरी ज़रुरत थी , कहाँ थी उस वक़्त ??
मौत के सुख में चला आया मुझे देखने को,
ज़िंदा रहने की मुसीबत थी , कहाँ थी उस वक़्त ???
दिल के दरियाओं में अब रेत सहराओं की,
जब मुझे तुझ से मोहब्बत थी , कहाँ थी उस वक़्त ????

jaileo
20-05-2011, 12:50 AM
122114

दर्द की दिल पे हुकूमत थी , कहाँ थी उस वक़्त ?
जब मुझे तेरी ज़रुरत थी , कहाँ थी उस वक़्त ??
मौत के सुख में चला आया मुझे देखने को,
ज़िंदा रहने की मुसीबत थी , कहाँ थी उस वक़्त ???
दिल के दरियाओं में अब रेत सहराओं की,
जब मुझे तुझ से मोहब्बत थी , कहाँ थी उस वक़्त ????

बंदिशों में तुमने रहना, सीखा ही कब था
बहुत मुश्किल दायरों से उसका निकलना
तेरे बहते आसुओं को देखा 'जय' जमाने ने
किसने देखा रात दिन उसका सुबकना ??

marwariladka
20-05-2011, 01:02 AM
मित्र आप सभी कैइता लिखने वालों से निवेदन है के कृपया अपना योगदान इस महत कार्य में दें...
http://baalmajdur.blogspot.com/
इस ब्लॉग पे जा कर गरीब बछो के लिए अपना योगदान दे और बाल मजदूरी की प्रथा को दूर करने में मदद करें....

Pretatma
03-06-2011, 07:48 PM
"फिर चाँद खिला फिर रात थमी
फिर दिल ने कहा तेरी कमी

फिर याद के झोंके महक गए
फिर पागल अरमान बहेक गए
फिर जन्नत सी लगती है ज़मीन
फिर दिल ने कहा तेरी कमी

फिर गुज़रे लम्हों की बातें
फिर जागी जागी सी रातें
फिर ठहर गयी पलकों पे नमी
फिर दिल ने कहा तेरी कमी ............!!!"

TIGERLOVE
06-06-2011, 03:58 PM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
सुना है वो जाते हुए कह गए के
अब तो हम सिर्फ तुमारे खाबो में आएंगे,
कोई कह दे उनसे के वो वादा कर ले,
हम जिंदगी भर के लिए सो जायेंगे…
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
06-06-2011, 04:00 PM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
॥ जब कोई ख्याल दिल से टकराता है ॥
॥ दिल ना चाह कर भी, खामोश रह जाता है ॥
॥ कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है॥
॥ कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता है ॥
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
06-06-2011, 04:03 PM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
यादों के झरोखों से झांकती जिंदगी...
बीते लम्हों का मुंह तांकती ये जिंदगी....
बेचैन है हर पल एक ख्वाहिस लिए ....
तेरी एक झलक पाने को जिंदगी ....
यादों के झरोखों से झांकती जिंदगी...
हाँ एक अपनापन सा था तुझसे....
तेरे आँचल में मिलती थी ख़ुशी मुझे.....
अब तो तेरा अधूरा प्यार लिए.....
मंजिल दर मंजिल भटकती ये जिंदगी.....
यादों के झरोखों से झांकती जिंदगी ......
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

SHASWAT_BHARDWAJ
06-06-2011, 04:23 PM
कहाँ तक आँख रोएगी कहाँ तक किसका ग़म होगा
मेरे जैसा यहाँ कोई न कोई रोज़ कम होगा

तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना रो चुका हूँ मैं
कि तू मिल भी अगर जाये तो अब मिलने का ग़म होगा

समन्दर की ग़लतफ़हमी से कोई पूछ तो लेता ,
ज़मीं का हौसला क्या ऐसे तूफ़ानों से कम होगा

मोहब्बत नापने का कोई पैमाना नहीं होता ,
कहीं तू बढ़ भी सकता है, कहीं तू मुझ से कम होगा

SHASWAT_BHARDWAJ
06-06-2011, 05:05 PM
एहसास की दुनिया में, रोशन दिल की जागीरें हैं।
कहते हैं जिसे सब प्यार यहाँ, बस खुशबू की लकीरें हैं।

TIGERLOVE
07-06-2011, 05:08 PM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
दिल को ऐसे सजा दी थी हमने ,उसकी हर बात भुला दी थी हमने
जिस फूल को देख भवर बन जाता था में , वो महक कब की थी भुला दी मैंने
फूल पर जब किरण तह्रायी , मुझे फिर वो याद आई
आज फिर दिल को सजा दूँगा मैंने , मेरी आँख आज फिर क्यों भेर आई
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
07-06-2011, 05:18 PM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

अजनबी सी राहों में,
दूर तक निगाहों में ,
तीश्नगी का मौसम है,
बेरुखी का मौसम है,

आज फिर निगाहों को
बीते कल की प्यास है,


ऐसा लगता है जैसे,
चाँद फिर उदास है,


रंग फीके फीके हैं,
तारे रूठे रूठे हैं,
बादलों का शोर है,
खिज़ां खिज़ां ये दौर है,
इस कदर अकेले में
प्यार की तलाश है,


ऐसा लगता है जैसे,
चाँद फिर उदास है,


अजब है दिल की वेह्शातें,
और आस पास आहटें ,
जिसको ढूँढना चाहो,
उसको ढून्ढ कब पाओ,
फिर रहा हूँ दरबदर ,
मुझे उसकी आस है,


ऐसा लगता है जैसे,
चाँद फिर उदास है,


बात तो करे कोई,
साथ तो चले कोई ,
ख़ामोशी के पहरे हा,
ज़ख़्म दिल के गहरे है,
आज वो मिले मुझको दर्द जिसको रास है ,


ऐसा लगता है जैसे,
चाँद फिर उदास है,

♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
07-06-2011, 05:26 PM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
http://4.bp.blogspot.com/_DWEhVoSzkR0/S7X0i4zFgPI/AAAAAAAAAIE/cPYECftBtyM/s1600/lovers.jpg
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हाँ ये ग़मों की ये शाम आखरी है
चढ़ा दो कफ़न ये सलाम आखरी है

यूँ भर के ये अँखियाँ टपकते जो आंसू
वो कहते हैं पिलो ये जाम आखरी है

सफ़र आखरी है कदम तो मिला लो
खुदा का दिया इंतजाम आखरी है

तरपते रहे पर सुकून था बस इतना
गमे - ज़िन्दगी का इनाम आखरी है

यूँ ख्वाबों पे हर पल रहे उम्र भर जो
उन्ही के लिए ये कलाम आखरी ह
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

shaktiman96
07-06-2011, 05:34 PM
नाम तेरा रहता जुवां पर यादें तेरी दिल में हैं /
जाने बाले अब तो आजा जिन्दगी मुश्किल में हैं //

Ranveer
07-06-2011, 11:02 PM
122114

दर्द की दिल पे हुकूमत थी , कहाँ थी उस वक़्त ?
जब मुझे तेरी ज़रुरत थी , कहाँ थी उस वक़्त ??
मौत के सुख में चला आया मुझे देखने को,
ज़िंदा रहने की मुसीबत थी , कहाँ थी उस वक़्त ???
दिल के दरियाओं में अब रेत सहराओं की,
जब मुझे तुझ से मोहब्बत थी , कहाँ थी उस वक़्त ????
बेहतरीन.......:salut:

pinki009
08-06-2011, 02:09 PM
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http://4.bp.blogspot.com/_DWEhVoSzkR0/S7X0i4zFgPI/AAAAAAAAAIE/cPYECftBtyM/s1600/lovers.jpg
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हाँ ये ग़मों की ये शाम आखरी है
चढ़ा दो कफ़न ये सलाम आखरी है

यूँ भर के ये अँखियाँ टपकते जो आंसू
वो कहते हैं पिलो ये जाम आखरी है

सफ़र आखरी है कदम तो मिला लो
खुदा का दिया इंतजाम आखरी है

तरपते रहे पर सुकून था बस इतना
गमे - ज़िन्दगी का इनाम आखरी है

यूँ ख्वाबों पे हर पल रहे उम्र भर जो
उन्ही के लिए ये कलाम आखरी ह
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

बहना ने भाई की कलाई पे प्यार बंधा हे ,प्यार के तो तार से संसार बांधा हे .

आप की अपनी छोटी (प्रणव भैया जी )

Pretatma
08-06-2011, 07:45 PM
[/SIZE][/FONT][/B][/COLOR]हाँ ये

यूँ भर के ये अँखियाँ टपकते जो आंसू
वो कहते हैं पिलो ये जाम आखरी है


[/B][/COLOR][/CENTER]

हमारा ये तुम को सलाम आखरी है,
सुनो अज तुम से कलाम आखरी है !
अगर हो सके तो भुला देना हम को,
येही एक छोटा सा काम आखरी है !!
अभी आरजुओं के सेहरा प्यासे हैं,
मगर आंसुओं का ये जाम आखरी है !!
तेरी बेवफाई का शिकवा आखरी है,
येही तो वफाओं का इनाम आखरी है !!
मरीज़ -ए -मोहब्बत की ए चारा साजो,
तुम्हारे शहर में ये शाम आखरी है !!
ज़रा देर ठहरो काजा के फरिश्तो,
लबों पे हमारा पयाम आखरी है !!!
कोई मिल सकेगा न हसरत के जेसा
तेरी अदाओं का ये ग़ुलाम आखरी है ................!!!

TIGERLOVE
09-06-2011, 11:13 AM
बहना ने भाई की कलाई पे प्यार बंधा हे ,प्यार के तो तार से संसार बांधा हे .

आप की अपनी छोटी (प्रणव भैया जी )

केसी हो बेहना ?

http://images.paraorkut.com/img/pics/glitters/s/sweet_sisters-3724.gif



हमारा ये तुम को सलाम आखरी है,
सुनो अज तुम से कलाम आखरी है !
अगर हो सके तो भुला देना हम को,
येही एक छोटा सा काम आखरी है !!
अभी आरजुओं के सेहरा प्यासे हैं,
मगर आंसुओं का ये जाम आखरी है !!
तेरी बेवफाई का शिकवा आखरी है,
येही तो वफाओं का इनाम आखरी है !!
मरीज़ -ए -मोहब्बत की ए चारा साजो,
तुम्हारे शहर में ये शाम आखरी है !!
ज़रा देर ठहरो काजा के फरिश्तो,
लबों पे हमारा पयाम आखरी है !!!
कोई मिल सकेगा न हसरत के जेसा
तेरी अदाओं का ये ग़ुलाम आखरी है ................!!!

केसे हो मित्र ?

रिश्तो ने हर क़दम पे इम्तेहान लिया,
तन्हाई ने हर मोड़ पे धोखा दिया.
ज़िन्दगी से फिर भी शिकायत नहीं क्यूंकि,
ज़िन्दगी ने “आप” जैसा दोस्त भी तो दिया.

pinki009
09-06-2011, 01:13 PM
प्रणाम भैया जी
ये छोटी आप से नाराज है /kabhi आद नही आई इस बहना की/
आशा करती हूँ आप सकुशल होंगे /kya आप चौपाल पे नही आते हैं भैया /मैं दो दिनों से ही लोग इन हुई हूँ /

TIGERLOVE
10-06-2011, 02:55 PM
प्रणाम भैया जी
ये छोटी आप से नाराज है /kabhi आद नही आई इस बहना की/
आशा करती हूँ आप सकुशल होंगे /kya आप चौपाल पे नही आते हैं भैया /मैं दो दिनों से ही लोग इन हुई हूँ /
में भी दो-तिन दिन पहले ही लोग इन हुआ हु.

TIGERLOVE
11-06-2011, 11:29 AM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
गुलशन का इन्तज़ार अभी बाक़ी है॥
पतझङ चली गई
बहार अभी बाक़ी है॥

खेल चुके है इन्सान खून की होली

गिद्धोँ का त्योहार अभी बाक़ी है॥

फिर लुटने की तमन्ना है शायद

लुटेरोँ पर ऐतबार अभी बाक़ी है॥

दिखा दिया तलवार का जौहर तुने

मेरी क़लम का वार अभी बाक़ी है॥

बोएँ खूब "शेर" लोग नफरत की फसल
पर
मेरे खेत मेँ प्यार अभी बाक़ी है॥
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
11-06-2011, 11:36 AM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥


अगर ज़िन्दगी में जुदाई ना होती
तो कभी किसी की यद् आई ना होती
साथ ही गुज़रता हर लम्हा तो
शायेद रिश्तो में ये गहराई ना होती


♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
11-06-2011, 11:38 AM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
महफ़िल बनी रही युही तुम्हारी
चाहे बिखर जाये ये ज़िन्दगी हमारी
दीवानगी इस क़दर बढ़ गयी है
के सह ना पाए एक पल जुदाई तुम्हारी
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
11-06-2011, 11:46 AM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
आपकी आँखों में हमे मिल गयी पनाह,
चाहे समझो दिल्लगी या समझो गुनाह…
भले ही कोई हमे दीवाना करार दे,
हम तो हो गए आपकी दोस्ती में फना…
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
11-06-2011, 11:48 AM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
हर प्यार में ऐसा मोड़ क्यों आता है,
एक साथिदुसरे को तनहा छोड़ जाता है…
जन्मो तक साथ निभाने वाला प्यार,
बेगानों की खातिर अपनों का दिल तोड़ जाता है…
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
11-06-2011, 11:58 AM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

आज कुछ कमी है तेरे बगैर,
ना रंग न रौशनी है तेरे बगैर…
वक़्त अपनी रफ़्तार से चल रहा है,
बस धड़कन थमी है तेरे बगैर…
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥

TIGERLOVE
17-06-2011, 10:19 PM
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
कब जाने मोहब्बत में ये मक़ाम आ गया
ख़ुदा की जगह लब पे तेरा नाम आ गया

इसको अदा कहूँ के ये एहसान है तेरा
तर्क़े वफ़ा के बाद भी सलाम आ गया

अब कम से कम उसको मेरे मिलने का डर नहीं
मर के ही सही मैं किसी के काम आ गया

सोचा था सुबह, अब नहीं जाना है उसकी ओर
लो फिर से वहीं लेके अपनी शाम आ गया

हर बार जब मुझको लगा के भूल गया हूँ
जाने कहाँ से यक-ब-यक क़लाम आ गया

जब भी कभी मुझको तेरी यादों ने बुलाया
दिल हाथ में लेके तेरा ग़ुलाम आ गया

'टाइगर' को भेजते हैं वो नामा-ए-शौक़े इश्क़
लगता है मुझे मौत का पयाम आ गया।
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥
शेर-ऐ-आशिक
♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥♥ ♥