View Full Version : चूत चुदासी चुलबुली
sonie
06-01-2011, 04:16 PM
चूत चुदासी चुलबुली
चुदने को तैयार
खड़े लंड की आस में
टपके रस की धार
टपके रस की धार
लम्बा मोटा प्यासा जन्मो को
मिल जाए लंड दिलदार |
akamboj2000
06-01-2011, 07:04 PM
लंड मेरा बलवान है तेज है इसकी धार ।
चूत तो तेरी ये फाडेगा
हो जाओ तैयार ॥
Pooja1990 QUEEN
06-01-2011, 07:18 PM
lund tera baby ka.chut soni ki hathi ki.tu kya phade chut ko.teri phati hai gand.
akamboj2000
06-01-2011, 07:35 PM
लंड मेरा हथौडे जैसा लंबा ऐसा घोड़े जैसा
तू भी देख चूदा कर मुझ से फिर देखना दम है कैसा
dev b
06-01-2011, 08:58 PM
सोनी जी आप की कमी खल रही थी अब तुम आई तो फोरम की रौनक आ गयी . आप तो फोरम की जान हो . कृपया मेरे सूत्रों पर भी भ्रमण करने का कष्ट करे ......................आप का अपना देव भारद्वाज :bloom:
चूत चुदासी चुलबुली
चुदने को तैयार
खड़े लंड की आस में
टपके रस की धार
टपके रस की धार
लम्बा मोटा प्यासा जन्मो को
मिल जाए लंड दिलदार |
akayemm
07-01-2011, 02:34 PM
आप आये बहार आयी ..... :lips: .. शुभ आगमन .... अनिल
sonie
07-01-2011, 07:23 PM
लंड तेरा बलवान है
माना बड़ा पहलवान है
पर ऐसी क्या कमजोरी है
जो सिर्फ एक रात का मेहमान है |
सारी रात की चुदाई में
क्या इतना थक जाएगा
अगले दिन से फिर कभी
खड़ा भी नहीं हो पाएगा |
माफ करें लौंडे से ऐसी भी दुश्मन नहीं
कि एक रात में कर दूं उसकी खाट खड़ी
चूसूंगी चुदवाउंगी निचोड़ूगी फडवाउन्गी
मेरी जान अगली सुबह जगाकर फिर से चोदने लायक बनाउंगी |
sonie
07-01-2011, 07:38 PM
भाषा की सीमा वृहद् है
आप जिसे अपना सूत्र कहते है
उस लम्बे से सूत्र को
हम यदा कदा लंड कह देते है
आपके सूत्र का भ्रमण करने में
थोड़ी परेशानी है
मेरे पास छुट का गलियारा है
आपके पास भ्रमण हेतु
लम्बी सी गाडी है
आशा है अपनी इस गाडी में
आप हमें भी बैठाएंगे
संकरी गीली अन्तर्वासना की गलियों में
हमें भी सैर कराएंगे |
akayemm
07-01-2011, 07:43 PM
प्रिय सोनी ,
चाहे मोटा हो या लंबा हो ,मर्दाना हथियार ,
पर हो ऐसा कि जो जल्दी हो तैयार ,
और कर सके वो इतना प्यार
कि रस की कर दे भरमार
और मज़ा दे बारम्बार
- आपका सेवक - अनिल
चूत चुदासी चुलबुली
चुदने को तैयार
खड़े लंड की आस में
टपके रस की धार
टपके रस की धार
लम्बा मोटा प्यासा जन्मो को
मिल जाए लंड दिलदार |
sonie
07-01-2011, 07:47 PM
आप आये बहार आयी ..... :lips: .. शुभ आगमन .... अनिल
चुम्बन आपका
हमारी चूत को
निहाल कर गया
दबे पाँव आया
हौले से चूमा
बेकरार कर गया |
सुरमई बगिया में
हरियाली छा जाती
बहार मचलती
लाली उफन आती
जो चुम्बन के साथ साथ
जीभ डाल कर चोद जाते
चूत की गहराई से
रस की गागर पी आते |
इस बार जब आओ
कुछ वक्त ठहर जाना
चूमना, चूसना, चुभलाना
मेरी चूत के सुस्वाद रस को
जी भर के पी जाना |
sonie
07-01-2011, 07:51 PM
पूजा बहिन, क्या फर्क पड़ता है फटी गांड वाला मर्द हो या सिली गांड वाला -
लंडदार होना चाहिए, जब घूसे चूत में तो दर्द-इ-चुदाई का अहसास होना चाहिए
akayemm
07-01-2011, 07:52 PM
लंड तेरा बलवान है
माना बड़ा पहलवान है
पर ऐसी क्या कमजोरी है
जो सिर्फ एक रात का मेहमान है |
सारी रात की चुदाई में
क्या इतना थक जाएगा
अगले दिन से फिर कभी
खड़ा भी नहीं हो पाएगा |
माफ करें लौंडे से ऐसी भी दुश्मन नहीं
कि एक रात में कर दूं उसकी खाट खड़ी
चूसूंगी चुदवाउंगी निचोड़ूगी फडवाउन्गी
मेरी जान अगली सुबह जगाकर फिर से चोदने लायक बनाउंगी |
आप सरीखी देवियों के बल पर ही इस पुरुष समाज के लंड कायम है ....
वरना अधिकतर देवियाँ तो सिर्फ अंगों से स्त्री हैं ....
अधिक क्या लिखूं आप समझ सकती हैं ....
धन्यवाद .....
परमात्मा से प्रार्थना है कि आपका स्त्रीत्व अनंत हो ! .... :lips: अनिल
sonie
07-01-2011, 07:53 PM
चाहे मोटा हो या लंबा हो ,मर्दाना हथियार ,
पर हो ऐसा कि जो जल्दी हो तैयार ,
और कर सके वो इतना प्यार
कि रस की कर दे भरमार
और मज़ा दे बारम्बार
- आपका सेवक - अनिल
जरा झलक तो दिखला मेरे यार
जुबानी जमा-खर्च है बेकार
akayemm
07-01-2011, 07:59 PM
Posted by Pooja1990
lund tera baby ka.chut soni ki hathi ki.tu kya phade chut ko.teri phati hai gand.
पूजा बहिन, क्या फर्क पड़ता है फटी गांड वाला मर्द हो या सिली गांड वाला -
लंडदार होना चाहिए, जब घूसे चूत में तो दर्द-इ-चुदाई का अहसास होना चाहिये
सोनी , सही कहा , लगता है कि पूजा को ये पता ही नहीं कि चुदाई लंड से होती है , गांड से नहीं , सिली या फटी हुई ! .....:rofl: .... अनिल
sonie
08-01-2011, 10:12 AM
और क्या आदेश ....सरकार ...अनिल ,.
अनिल जी
आपको भाई कहके पुकारूँ
या बहिन कह के बुलाऊं
आपकी भेजी फोटो ही
आपकी कहानी है
she -male हैं आप
बिना रस के लंड में भी
भला कोई आनी जानी है
मुझे तो वो लंड चाहिए
जो मलाईदार दूध से भरा हो
चूत को लबालब भर दे
पहले ही shot में
मुझे अपने बच्चे की माँ कर दे |
sonie
08-01-2011, 10:21 AM
बहुत बढ़िया बहुत अच्छा चूसती होंगी अब सोनी जी
लंड चूसना भी एक कला है
होठों के बीच दबा कर
जीभ से दुल्रारना
या हौले से दांत गडाने में
बड़ा मजा आता है |
या वेक्यूम क्लीनर की तरह
पूरा का पूरा लंड मुह में लपेट
गले की गहराई में उतार
मलाईदार दूध चखने से
जवानी में एक अलग उभार आता है |
rajtherealman
08-01-2011, 10:24 AM
bahut khub.......... bahut khub......kya baat hai
akamboj2000
08-01-2011, 10:47 AM
लंड चूसना भी एक कला है
होठों के बीच दबा कर
जीभ से दुल्रारना
या हौले से दांत गडाने में
बड़ा मजा आता है |
या वेक्यूम क्लीनर की तरह
पूरा का पूरा लंड मुह में लपेट
गले की गहराई में उतार
मलाईदार दूध चखने से
जवानी में एक अलग उभार आता है |
बहुत अच्छा मेरी जान सोनी जी
cool_ajay
08-01-2011, 10:48 AM
सोनी तुम्हारी कवितायेँ लाजवाब है
sonie
08-01-2011, 12:59 PM
सोनी तुम्हारी कवितायेँ लाजवाब है
कविताओं से भी अधिक
मेरी चूत लाजवाब है
जिसमे बसंत लेता है अंगडाई
रस का झरना बहता बेताब है
हर मौसम जगता है, जादू जगाता है
जब भी कोई मस्ताना लंड
इसे बेमुरव्वत चोद जाता है |
pony_s
08-01-2011, 01:03 PM
लुंड और चुत की कविता के माध्यम से सुंदर परस्तुति पर आप सभी को बधाई
sonie
08-01-2011, 01:17 PM
लुंड और चुत की कविता के माध्यम से सुंदर परस्तुति पर आप सभी को बधाई
सिर्फ बधाई से क्या होगा...
ना मुह मीठा हुआ
न हुई चूत गीली
अगर बधाई के बहाने
कर जाते कस के चुदाई
शांत होजाती खलबली |
sonie
08-01-2011, 01:22 PM
बहुत अच्छा मेरी जान सोनी जी
मंजूर है
आपकी जान बनना
अगर जाने मन वादा करो
हर रोज मेरे सूत्र पे आओगे
ऐसा इरादा करो
इतना ही नहीं
जब भी भ्रमण करो
मेरे सूत्र पे आओ
टपकते हुए लंड से राल
चूत की गलियां
सजा जाओ
sonie
08-01-2011, 01:24 PM
bahut khub.......... bahut khub......kya baat hai
राज जी
बातों में ही तो सारी बात है
मन की हर बात खुल कर कहने के लिए ही
अन्तर्वासना का हर पन्ना अप्पके हाथ है
जो भी लिखें खुल कर लिखें
लंड की कलम से
चूत की स्याही में डुबो
चुदाई की दास्ताँ कहें |
mantrik
08-01-2011, 01:58 PM
आपकी चूत का जादू लंड के सर चढ़ के बोलेगा
मगर उससे भी ज्यादा आपके शब्दों का जादू दिल में मीठा मीठा एहसास घोलेगा |
कल्पना लोक में विचरण कर रहा हूँ
लगता है आपके होठो का स्पर्श अपने लंड पे महसूस कर रहा हूँ
अब बेताबी सही नहीं जाती, लौंडा मुह में ले ले
चुभलाते हुए तनिक जोर जोर से चूसें
आपके मुह में झड जाऊ कुछ ऐसा इरादा है
मेरा लंड आपके गले में उतरने पर आमादा है
बस अब और न तडपाएं
इजाजत दें ताकि झाड कर आपके मुह में गहरी नींद सो जाएं |
akamboj2000
08-01-2011, 02:03 PM
aapki choot ke hum deewane hoo gye,
duniya me rhte h duniya se begane ho gye,
m8uth marni ki thi fitrat hmari,
par aajkal hamare aapki chut ke parwane ho gye
akamboj2000
08-01-2011, 02:56 PM
तेरी चूत मेरा लंड मिल जाए
हर तरफ बहारेँ खिल जाएँ
तेरी चूत में रहे सदा लंड मेरा
धक्कोँ से पलंग फिर हिल जाए
smsboy
08-01-2011, 04:38 PM
लंड तुम खड़े रहो
चूत में पड़े रहो
लंड जब प्रचंड हो
चुत खंड खंड हो
लंड तुम खड़े चलो
लंड तुम बढे चलो
सामने दरार हो
गंड का पहाड़ हो
लंड तुम रुको नहीं
लंड तुम झुको नही
चूत चरमरा उठे
झांट कसमसा उठे
अग्नि से धधक धधक
चूत में सरक सरक
जब तक चूत फटे नहीं
तब तक लंड हटे नहीं
चूत को तू फाड दे
उसके अंदर झाड दे
लंड तुम महान हो
सर्व शक्तिमान हो
जय जय लंड
sonie
08-01-2011, 05:51 PM
आपकी चूत का जादू लंड के सर चढ़ के बोलेगा
मगर उससे भी ज्यादा आपके शब्दों का जादू दिल में मीठा मीठा एहसास घोलेगा |
कल्पना लोक में विचरण कर रहा हूँ
लगता है आपके होठो का स्पर्श अपने लंड पे महसूस कर रहा हूँ
अब बेताबी सही नहीं जाती, लौंडा मुह में ले ले
चुभलाते हुए तनिक जोर जोर से चूसें
आपके मुह में झड जाऊ कुछ ऐसा इरादा है
मेरा लंड आपके गले में उतरने पर आमादा है
बस अब और न तडपाएं
इजाजत दें ताकि झाड कर आपके मुह में गहरी नींद सो जाएं |
मान्त्रिक जी, जादू आप चला रहे हैं
और जादूगरनी मुझे बता रहे हैं
आपकी कल्पना को सलाम करती हूँ
आपके लंड को अपने मुह की आरामगाह में
सैर करने और आराम फरमाने के लिए
आपके मस्त लंड का एहतराम करती हूँ
आयें, पधारें मेरे मुह में अपना माल गिरा
मेरी किसमात सवांरें
मगर एक विनती है मेरे चोदू सनम
मुह में झाड सोने की बात न करें
कुछ मेरी चुदासी छुट का भी ख्याल करें
एक पानी इस भी चोद कर इस पर रहम करें
मंत्र पढ़ें, जादू का डंडा घुमाएँ
चुदास सोनी की चूत पर अपना जादू चलाएं |
sonie
08-01-2011, 05:54 PM
परवाना शमा को चूमता है जल जाता है
लंड चूत को चूमता है खिल जाता है
हम अपने परवाने को रस में नहलाते हैं
चोदने को बेताब लंड को पूरा का पूरा
हजम कर जाते हैं |
sonie
08-01-2011, 05:57 PM
नमस्कार स्वीकार
थोडा झुकें
चूम लें
सहला के होठो से
रस चूस लें
तभी होगा नमस्कार पूरा
हमें भी होगा स्वीकार आपका जमूरा
sonie
08-01-2011, 05:59 PM
तेरी चूत मेरा लंड मिल जाए
हर तरफ बहारेँ खिल जाएँ
तेरी चूत में रहे सदा लंड मेरा
धक्कोँ से पलंग फिर हिल जाए
धक्के पे धक्का
लगा मेरा यार
चुदी चूत से निकले
येही आवाज
और एक बार
लगातार
जोर से धका धक्
पेल दे मेरी सरकार
sonie
08-01-2011, 06:13 PM
मस्त है
रसीला है
चोदने को आकुल
चूत का चकोरा है
देखते ही चूत
बिलखने लगी है
चुदवाने को हरामखोर
मचलने लगी है
मगर पहले
चुसुंगी
चूस कर
माल चखूंगी
फिर कर
चूत के हवाले
बचा खुचा
सारा माल
निचोड़ूगी
sonie
08-01-2011, 06:24 PM
मैं भी यही चाहता हूँ की पहले मेरा लंड आपके पतले पतले नरम नरम होटोँ का स्पर्श पाए
हाय हाय
होठो से लग जाए
चूम चुपड़ मेरे होठो को
गीला गीला कर जाए
knplko
08-01-2011, 06:25 PM
3038
मस्त है
रसीला है
http://antarvasna.com/forum/attachment.php?attachmentid=3038&d=1294491330
dev b
08-01-2011, 07:52 PM
कोई है आप की चुत का दीवाना ,
है वो लंड मस्ताना खडा हुआ
पर क्या करे आप की चूची जलती हे चुत से
नहीं उस को अच्छा लगता , चुत में लंड पडा हुआ
कहती हे पहले करो हमारी खातिर
करना भ्रमण चुत में , उस के बाद ही लंड ओ शातिर
लंड हेमेरा गाडी , उस मे बैठो तुम ओ प्यारी
फोरम की हर गली में हो रहा आप का इन्तजार
मेरा सूत्र -
(-लंड मस्ताना खडा हुआ )बोल रहा हे आ जा मेरे यार ....
..आप का अपना देव भारद्वाज
भाषा की सीमा वृहद् है
आप जिसे अपना सूत्र कहते है
उस लम्बे से सूत्र को
हम यदा कदा लंड कह देते है
आपके सूत्र का भ्रमण करने में
थोड़ी परेशानी है
मेरे पास छुट का गलियारा है
आपके पास भ्रमण हेतु
लम्बी सी गाडी है
आशा है अपनी इस गाडी में
आप हमें भी बैठाएंगे
संकरी गीली अन्तर्वासना की गलियों में
हमें भी सैर कराएंगे |
akamboj2000
08-01-2011, 10:09 PM
आपकी चूत को मेरा लंड हरदम तरसता है तभी तो कभी सपने मे तो कभी रगड़ बरसता है
sonie
09-01-2011, 11:10 AM
आपकी चूत को मेरा लंड हरदम तरसता है तभी तो कभी सपने मे तो कभी रगड़ बरसता है
न तरसाओ लंड को जानम
वर्ना चूत भी तरसती रह जाएगी
न इन्तेजार करो चूत के हाँ कहने का
बस फाड़ के अन्दर समा जाओ
चूत की ना में भी हाँ होती है
चुदने को बेताब लंड की बात जोहती है
चीर कर जांघे बेदर्दी से
घुसेड दो लौंडा जवांमर्दी से
चोट पर चोट धक्के पे धक्का
सिसकती चूत का न देना
सांस भी लेने का मौका
जब गिरे माल तुम्हारा
अन्दर झाड देना
कर देना मेरी चूत सराबोर
गाढ़ी मलाई से भर देना |
sonie
09-01-2011, 11:15 AM
3038
मस्त है
रसीला है
http://antarvasna.com/forum/attachment.php?attachmentid=3038&d=1294491330
मियां जरा भाषा पे गौर फरमाओ
रसीली चूत को रसीला कह के
गालियों तीर न चलाओ
चूत तो हम खुद टांगो में छिपाए रखते हैं
आप तो जानेमन अपना लौंडा दिखाओ
sonie
09-01-2011, 11:29 AM
आपकी चूत का जादू लंड के सर चढ़ के बोलेगा
मगर उससे भी ज्यादा आपके शब्दों का जादू दिल में मीठा मीठा एहसास घोलेगा |
कल्पना लोक में विचरण कर रहा हूँ
लगता है आपके होठो का स्पर्श अपने लंड पे महसूस कर रहा हूँ
अब बेताबी सही नहीं जाती, लौंडा मुह में ले ले
चुभलाते हुए तनिक जोर जोर से चूसें
आपके मुह में झड जाऊ कुछ ऐसा इरादा है
मेरा लंड आपके गले में उतरने पर आमादा है
बस अब और न तडपाएं
इजाजत दें ताकि झाड कर आपके मुह में गहरी नींद सो जाएं |
इजाजत न मांगे, इनायत कर दें
चखा के लंड अपना हमें इस लायक कर दें
कि प्यार से चूस कर आपको स्वर्ग दिखा सकें
जब माल गिराएं मेरे मुह में
कतरा कतरा खुद में समा लें
बस इतना करम करना
प्यार से नहीं थोडा जबरदस्ती करना
कस के पकड़ अपने हाथो में मेरे बालों को
मेरे मुह को चूत के तरह इस्तेमाल करना
बहुत मजा आता है जब आशिक हक जताता है
थोड़ी मर्दानगी दिखा कर जबरन अपना बनाता है |
Pooja1990 QUEEN
09-01-2011, 11:39 AM
soni ji ki jay ho. kaise hai aap.
Dr.Ashusingh
09-01-2011, 11:43 AM
सोनी जी की काव्य रचना को ये आशू सलाम करता हॆ..
sonie
09-01-2011, 11:44 AM
लंड तुम खड़े रहो
चूत में पड़े रहो
लंड जब प्रचंड हो
चुत खंड खंड हो
लंड तुम खड़े चलो
लंड तुम बढे चलो
सामने दरार हो
गंड का पहाड़ हो
लंड तुम रुको नहीं
लंड तुम झुको नही
चूत चरमरा उठे
झांट कसमसा उठे
अग्नि से धधक धधक
चूत में सरक सरक
जब तक चूत फटे नहीं
तब तक लंड हटे नहीं
चूत को तू फाड दे
उसके अंदर झाड दे
लंड तुम महान हो
सर्व शक्तिमान हो
जय जय लंड
लंड वो चाहिए
खड़ा रहे अड़ा रहे
लंड वो बेकार है
जो चूत में पड़ा रहे
लंड प्रचंड चाहिए
चूत को फाड़ सके
चूत की आग को
जो न कभी बुझा सके
बुझ गयी जो आग ये
होंगे लंड बेकार सब
भड़का सकें जो आग ये
वैसे लंड चाहियें
चूत की जड़ में घुस
ठोकरों पे रख सकें
खींच कर निकल बाहर
जोर से फिर ठोक दे
आग भड़क्नी चाहिए
चूत सिलगनी चाहिए
धुआं धुआं हो छोकरी
आह निकलनी चाहिए
ऐसा लंड मिल सके
जो चूत को छील दे
आग इतनी भड़क उठे
कि चूत बस पिघल सके
लंड का भी येही हश्र
पानी पानी चूत हो
चूत रस लंड रस
रस का दरिया
बह सके |
sonie
09-01-2011, 11:47 AM
soni ji ki jay ho. kaise hai aap.
नहीं पूजा जी, जय तो आपकी होनी चाहिए
आप वरिष्ठ है, आपको प्रणाम करती हूँ
आपकी चूत का चुम्बन ले आपको सलाम करती हूँ
आदेश हो तो मस्ती से चूस दूं
अपनी जीभ डाल कर
रस जायकेदार चूस लूं.
sonie
09-01-2011, 12:50 PM
gand ho ya chut phati to sabki hai per jab teri chut main aur gand main lund pelu ga to aur bhi phat jayagi
अभी तक तो संकरी गली है... अंगुली डालती हूँ तो भी दर्द होता है... मेरा आशिक जब घुसेड़ता है तो जान ही निकल जाती है... आप कुछ कर सकें तो मेहरबानी होगी... बार बार के दर्द से फिर न परेशानी होगी... गांड अभी तक अछूती है... कंवारी है अनचुदी है... किसी गांड-फाडू लंड का इन्तेजार है... जो मेरी कंवारी गांड के साथ सुहागरात मनाए और मेरी गांड की मांग अपने माल से भर उसे भी सुहागन बनाए... :tuta-dil:
sonie
09-01-2011, 12:51 PM
सोनी जी वरिष्ठ तो मैं भी हूँ मेरे लंड को भी चूमिए ना
अवतार से अभी बच्चे लगते हो, नूनी खड़ी नहीं होती इसलिए अंगुली दिखाते फिरते हो ....
sonie
09-01-2011, 01:04 PM
अरे अवतार छोड़ो लंड देख मेरी जान
अवतार बदल कर आओ और मेरे आशिक बन जाओ
वोही पुरानी फोटो दिखाते हो
कुछ नई ताजा दिखलाओ
किसी चमकती चूत में घुस के दिखाओ
badi mast fuddi h....maja aa gaya
sonie
09-01-2011, 06:00 PM
badi mast fuddi h....maja aa gaya
धन्यवाद, पर बिना चोदे ही मजा कैसे आया... आये हैं तो एक शोट लगाते जाइए - मेरी चूत को अपना माल चखाते जाइए
akamboj2000
09-01-2011, 06:04 PM
अवतार बदल कर आओ और मेरे आशिक बन जाओ
वोही पुरानी फोटो दिखाते हो
कुछ नई ताजा दिखलाओ
किसी चमकती चूत में घुस के दिखाओ
सोनी जी बदल लिया अवतार
अब कर लो हम से प्यार
लंड ले लो मेरा चूत मे
दे दो आनंद अपार
sonie
09-01-2011, 06:09 PM
ham to taiyaar h..ap bataiye maal kab chakhna h
यार खुद को मर्द कहते हो, जरा मर्दानगी दिखाओ
झपट कर लपेट लो, बाँहों में समेट लो
पटक के चढ़ जाओ, चूत में में सरक जाओ
हुमच हुमच के चोद दो
चूत में माल छोड़ दो
रुको नहीं, झुको नहीं
चोदते चले चलो
चूत में घुसे चलो
akamboj2000
10-01-2011, 02:25 AM
आपकी चूत बड़ी सुंदर है आपके चूचे भी हैं कमाल
तुम्हे देख कर लंड थिरकता
बड़ी मस्त है तेरी चाल
prithviparmar
10-01-2011, 02:52 PM
hmmmm nice one..
akamboj2000
10-01-2011, 04:07 PM
hmmmm nice one..
धन्यवाद मित्र
Desi4U
10-01-2011, 05:31 PM
sonie aap to lajabab ho lage raho hum aap ka sath hi
draculla
10-01-2011, 07:08 PM
आप की बात पर एक चुटकुला याद आ गया
एक बार सरदार का बेटा स्कूल में बदमाशी कर रहा होता है.
उसकी बदमाशी से तंग आ कर टीचर उसके गांड पर एक लात मारती है.
घर जा कर सरदार का बेटा आइने में अपनी गांड देखता है और कहता है
साली ने गांड के दो ठुकरे कर दिए........
VIBHA GOYAL
10-01-2011, 08:27 PM
बहुत अच्छा शब्द है योनिधारिँनी
मित्र , बिलकुल सही जा रहे हो ... ' घुसेड देना ' तो अंत की शुरुआत जैसा होता है ... और अभी तो शरुआत का ही अंत नहीं हुआ है ... पूरी तरह पस्त कर दो इस योनिधारिणी को ... त्रस्त कर दो ... वासना की व्याधि में ... आग में .... जितना जलेगी ... उतना ही दमकेगी .... सोने की तरह कुंदन बन जायेगी .... मेरी शुभ कामनाये तुम्हारे साथ हैं .. चिंता नहीं ...मैं भी लाइन में हूं .... कुछ लोगों के बाद .... अनिल
akamboj2000
10-01-2011, 08:38 PM
बहुत अच्छा शब्द है योनिधारिँनी
yoni dhrini mtlb aap
akayemm
11-01-2011, 01:55 PM
चूत चुदासी चुलबुली
.....................................
मिल जाए लंड दिलदार |देवी , ऐसा चित्र देना .. ज़ुल्म है ... अत्याचार है ... और ना जाने किस किस प्रकार के ".....चार" है ... कुछ तो रहम करो , अपने सेवकों पर ... हे प्रेम की देवी , प्रेमा ! ... :bloom: .. अनिल
sonie
11-01-2011, 06:38 PM
http://antarvasna.com/forum/images/misc/quote_icon.png Originally Posted by akayemm http://antarvasna.com/forum/images/buttons/viewpost-right.png (http://antarvasna.com/forum/showthread.php?p=9075#post9075)
मित्र , बिलकुल सही जा रहे हो ... ' घुसेड देना ' तो अंत की शुरुआत जैसा होता है ... और अभी तो शरुआत का ही अंत नहीं हुआ है ... पूरी तरह पस्त कर दो इस योनिधारिणी को ... त्रस्त कर दो ... वासना की व्याधि में ... आग में .... जितना जलेगी ... उतना ही दमकेगी .... सोने की तरह कुंदन बन जायेगी .... मेरी शुभ कामनाये तुम्हारे साथ हैं .. चिंता नहीं ...मैं भी लाइन में हूं .... कुछ लोगों के बाद .... अनिल
लंड धारक के प्रति -
लंड तुम
प्रचंड तुम
योनि के
प्रदंड तुम |
योनि पर
जब चढो
प्रलय से
बढ़े चलो |
पस्त चूत
त्रस्त चूत
लंड के प्रहार से
ध्वस्त हुई
सबल चूत |
प्रदीप्त अग्नि
ज्वाल उठी
तमतमा
भड़क उठी |
श्वेद कण
चमक रहे
योनि रस
उबल बहे |
लंड के
प्रताप से
सचेष्ट प्रबल
आघात से,
योनी में
ज्वार सा
मचल उठा
रसाल सा |
वासना के
समुद्र में
कामना के
दंड ने,
मथ दिया
बिलो दिया
योनी के
गर्भ में
सचेत बीज
बो दिया |
जय हुई
लंड की
योनी ने
स्वीकार की |
लंड के
प्रमाद को
उत्तिथ हर
प्रहार को,
ग्रहण
सहर्ष कर लिया
योनी के पात्र में
समेट
बीज रख लिया |
लंड के भाल पर
तिलक योनि ने किया
वीर्य सने स्व-रस से
लंड को अभिषिक्त किया |
तुम जयी
युग स्रष्टा
सदा सदा
खड़े रहो
तने रहो
सबल प्रबल
लम्ब से
प्रलम्ब से
चूत में
अड़े रहो |
- योनि-धारिणी की ओर से
sonie
11-01-2011, 06:43 PM
देवी , ऐसा चित्र देना .. ज़ुल्म है ... अत्याचार है ... और ना जाने किस किस प्रकार के ".....चार" है ... कुछ तो रहम करो , अपने सेवकों पर ... हे प्रेम की देवी , प्रेमा ! ... :bloom: .. अनिल
चुलबुली है
चुदास है
अनचुदी है
चुदने की प्यास है
VIBHA GOYAL
11-01-2011, 06:48 PM
bahut acchi sayari karti ho
लंड धारक के प्रति -
लंड तुम
प्रचंड तुम
योनि के
प्रदंड तुम |
योनि पर
जब चढो
प्रलय से
बढ़े चलो |
पस्त चूत
त्रस्त चूत
लंड के प्रहार से
ध्वस्त हुई
सबल चूत |
प्रदीप्त अग्नि
ज्वाल उठी
तमतमा
भड़क उठी |
श्वेद कण
चमक रहे
योनि रस
उबल बहे |
लंड के
प्रताप से
सचेष्ट प्रबल
आघात से,
योनी में
ज्वार सा
मचल उठा
रसाल सा |
वासना के
समुद्र में
कामना के
दंड ने,
मथ दिया
बिलो दिया
योनी के
गर्भ में
सचेत बीज
बो दिया |
जय हुई
लंड की
योनी ने
स्वीकार की |
लंड के
प्रमाद को
उत्तिथ हर
प्रहार को,
ग्रहण
सहर्ष कर लिया
योनी के पात्र में
समेट
बीज रख लिया |
लंड के भाल पर
तिलक योनि ने किया
वीर्य सने स्व-रस से
लंड को अभिषिक्त किया |
तुम जयी
युग स्रष्टा
सदा सदा
खड़े रहो
तने रहो
सबल प्रबल
लम्ब से
प्रलम्ब से
चूत में
अड़े रहो |
- योनि-धारिणी की ओर से
akamboj2000
11-01-2011, 06:51 PM
चुलबुली है
चुदास है
अनचुदी है
चुदने की प्यास है
ये खड़ा है जैसे पेड़ है
दिखा दो इसे योनि का मुख किस बात की देर है
sonie
11-01-2011, 06:52 PM
bahut acchi sayari karti ho
चूत चूसने में भी उतनी ही माहिर हूँ जितने चुदवाने में.. औरत ही जाने औरत की चूत की बात..
sonie
11-01-2011, 06:55 PM
ये खड़ा है जैसे पेड़ है
दिखा दो इसे योनि का मुख किस बात की देर है
मछली को तैरना किसने सिखाया
लंड को चूत का द्वार कब किसने दिखाया
जब चुदास चढ़ती है लंड गर्माता है
हर छेद उसे चोदन-द्वार नजर आता है
akamboj2000
11-01-2011, 07:08 PM
मछली को तैरना किसने सिखाया
लंड को चूत का द्वार कब किसने दिखाया
जब चुदास चढ़ती है लंड गर्माता है
हर छेद उसे चोदन-द्वार नजर आता है
लंड तो अंधा ही होता है
कभी बैठा तो कभी खड़ा होता है
हर क्षण रहता है चोदने को बेताब
घुस जाता है जहाँ भी छेद होता है
sonie
11-01-2011, 07:48 PM
लंड तो अंधा ही होता है
कभी बैठा तो कभी खड़ा होता है
हर क्षण रहता है चोदने को बेताब
घुस जाता है जहाँ भी छेद होता है
अन्धो को खुदा ने छठी इन्द्री दी है
कुत्ते की तरह चूत को सूंघ लेता है
मगर हरामखोर कभी कभी गड़बड़ा जाता है
मुह और गांड को चूत समझ घुस जाता है
akamboj2000
11-01-2011, 07:58 PM
अन्धो को खुदा ने छठी इन्द्री दी है
कुत्ते की तरह चूत को सूंघ लेता है
मगर हरामखोर कभी कभी गड़बड़ा जाता है
मुह और गांड को चूत समझ घुस जाता है
ये लंड दमदार बहुत है
जहाँ भी टकराता है बस खोद जाता है
जब घुस जाए किसी भी छेद में
उसे तबीयत से चोद जाता है
shiku
11-01-2011, 09:59 PM
sonie thoumhaare chout me lal mirchi daalkr chodoonga lal mirchi ke saath choodaane ke baad lunnd ke baare me likhna tho door bolna bhi bhool jaaogi
or haa me lund me kondom lagakr chodoonga
dev b
11-01-2011, 11:53 PM
चूत चूसने में भी उतनी ही माहिर हूँ जितने चुदवाने में.. औरत ही जाने औरत की चूत की बात..
विभा जी अच्छा मौक़ा हे जिंदगी का नया अहसास , एन्जॉय करो सोनी जी के साथ मजे करो
VIBHA GOYAL
11-01-2011, 11:59 PM
वो तो हम कर लेगेँ तुम क्योँ परेशान हो रहे हो
विभा जी अच्छा मौक़ा हे जिंदगी का नया अहसास , एन्जॉय करो सोनी जी के साथ मजे करो
akamboj2000
12-01-2011, 12:11 AM
वो तो हम कर लेगेँ तुम क्योँ परेशान हो रहे हो
आपके लिए तो लंड हाजिर हो जाएगा फिर लेस्बियन सेक्स की क्या जरूरत है
Nilima Anand
12-01-2011, 12:13 AM
[B][COLOR="red"हो अगर चेहरा चिकना तो लडकियां सबको भाती है,
उरोज़ यदि चोली से झांके तो मर्दों को ललचाती है,
मर्दों को ललचाती है हसीन अदाएं लडकियों की,
अदाएं लडकियों की होती है जानलेवा,
लडकों के मन में लड्डू फ़ूटे, कब मिलेगा मेवा।
मेवा तो छिपा है किसी गुप्त गुफ़ा में,
लडके खोजते हैं ईसे किसी जंगल में,
है गुरूर चूत को भी अपने काली जंगल पे,
पर लन्ड हो सपाट औ लम्बा तो मुंह में पानी आती है
मुंह की पानी मुंह में ही रह जाये,
थका लंड यदि बाहर ही थूक उगल कर सो जाये।
marwariladka
12-01-2011, 12:17 AM
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=525
akamboj2000
12-01-2011, 12:21 AM
[B][COLOR="red"हो अगर चेहरा चिकना तो लडकियां सबको भाती है,
उरोज़ यदि चोली से झांके तो मर्दों को ललचाती है,
मर्दों को ललचाती है हसीन अदाएं लडकियों की,
अदाएं लडकियों की होती है जानलेवा,
लडकों के मन में लड्डू फ़ूटे, कब मिलेगा मेवा।
मेवा तो छिपा है किसी गुप्त गुफ़ा में,
लडके खोजते हैं ईसे किसी जंगल में,
है गुरूर चूत को भी अपने काली जंगल पे,
पर लन्ड हो सपाट औ लम्बा तो मुंह में पानी आती है
मुंह की पानी मुंह में ही रह जाये,
थका लंड यदि बाहर ही थूक उगल कर सो जाये।
चूत लुभाती है लंड को और लुभाती गांड, मिल जाए अगर चूत प्यासी तो मजा जिंदगी का आ जाए
फिर ऐसी हो मदमस्त चुदाई कि छूट दोनों की ही जाए
चूत मे उगले गांड मे उगले कभी उगले मुँह मे फव्वारा
तोड़ देगा यह चूत की सीलेँ अपना लंड तो आवारा
dev b
12-01-2011, 12:27 AM
चुत उदासी देख कर लंड मस्ताना खडा हुआ
पा कर अब रहूंगा मेवा , वो तो इस पर अड़ा हुआ
लंड को ये भी हे पता की चूतहै उदास तब तक
लंड को उस के अन्दर पेल ना दिया जाए जब तक
चूत को ये हे पता कि लंड कि वजह से हू में महान
लंड ही करेगा चूत का महा कल्याण
चूत खिलाएगी मेवा लंड महाराज को
और पाएगी प्रसाद लंड महाराज का
पा के प्रसाद हो जायेगी वो निहाल
फिर बोलेगी अभी और दो महाराज
[B][COLOR="red"हो अगर चेहरा चिकना तो लडकियां सबको भाती है,
उरोज़ यदि चोली से झांके तो मर्दों को ललचाती है,
मर्दों को ललचाती है हसीन अदाएं लडकियों की,
अदाएं लडकियों की होती है जानलेवा,
लडकों के मन में लड्डू फ़ूटे, कब मिलेगा मेवा।
मेवा तो छिपा है किसी गुप्त गुफ़ा में,
लडके खोजते हैं ईसे किसी जंगल में,
है गुरूर चूत को भी अपने काली जंगल पे,
पर लन्ड हो सपाट औ लम्बा तो मुंह में पानी आती है
मुंह की पानी मुंह में ही रह जाये,
थका लंड यदि बाहर ही थूक उगल कर सो जाये।
dev b
12-01-2011, 12:59 AM
नीलिमा जी आप के लिखने कि शैली बहुत अच्छी हे ....आप का देव भारद्वाज
[B][COLOR="red"हो अगर चेहरा चिकना तो लडकियां सबको भाती है,
उरोज़ यदि चोली से झांके तो मर्दों को ललचाती है,
मर्दों को ललचाती है हसीन अदाएं लडकियों की,
अदाएं लडकियों की होती है जानलेवा,
लडकों के मन में लड्डू फ़ूटे, कब मिलेगा मेवा।
मेवा तो छिपा है किसी गुप्त गुफ़ा में,
लडके खोजते हैं ईसे किसी जंगल में,
है गुरूर चूत को भी अपने काली जंगल पे,
पर लन्ड हो सपाट औ लम्बा तो मुंह में पानी आती है
मुंह की पानी मुंह में ही रह जाये,
थका लंड यदि बाहर ही थूक उगल कर सो जाये।
akayemm
12-01-2011, 01:03 AM
...... औरत ही जाने औरत की चूत की बात..क्या लाजवाब जवाब दिया है ... देवी ,:kiss:, आज की "नींद की गोली" तुम्हारे नाम ... :bed:... तुम्हारे चरणों से ऊपर का दास ... अनिल
av_106
12-01-2011, 01:34 AM
आपकी इस रसीली गुलाबी चूत में जाएगा जब
काला लंड लाल लाल सुपारे वाला
हौले से देगा दस्तक चूत की पलको पे...
रगड़ के आपकी चूत का दाना बैल बजेगा
हौले से फैला के टांगे आपकी
कास के पकड़ लेगे नाजुक कमर
देगे जोर से एक धक्का फाड़ के रख देगे हम
फिर धीरे से पीछे लेके एक और लगा देगे धक्का..
जगह बना के पूरी गीली चूत में आपकी
मारेगे गांड भी आपकी
एक दुसरे से लिपट के
कभी झपट के कभी चिपट के
लेना तुम मुह में लंड हमारा
हिला हिला के मुह से
रगड़ रगड़ के जीभ से
निकाल लेना मॉल
फिर हमे भी देना मौका
आपकी चयूत में मारेगे चौका
चाट चाट के दाना
याद दिला देगे याना (gupta)
फिर एक बार चूत जी रस छलकेगी
लंड को है अब फर्ज निभाना
आपकी चयूत में ही है उसे उम्र बिताना
फच्च फच्च का मधुर संगीत गुजेगा
जब रसीली चेत में काला लंड पलेगा
फार दुगा चूत आपकी लबालब
माँ बनोगी मेरे बच्चे की फकफक
sonie
12-01-2011, 01:15 PM
आपकी इस रसीली गुलाबी चूत में जाएगा जब
काला लंड लाल लाल सुपारे वाला
हौले से देगा दस्तक चूत की पलको पे...
रगड़ के आपकी चूत का दाना बैल बजेगा
हौले से फैला के टांगे आपकी
कास के पकड़ लेगे नाजुक कमर
देगे जोर से एक धक्का फाड़ के रख देगे हम
फिर धीरे से पीछे लेके एक और लगा देगे धक्का..
जगह बना के पूरी गीली चूत में आपकी
मारेगे गांड भी आपकी
एक दुसरे से लिपट के
कभी झपट के कभी चिपट के
लेना तुम मुह में लंड हमारा
हिला हिला के मुह से
रगड़ रगड़ के जीभ से
निकाल लेना मॉल
फिर हमे भी देना मौका
आपकी चयूत में मारेगे चौका
चाट चाट के दाना
याद दिला देगे याना (gupta)
फिर एक बार चूत जी रस छलकेगी
लंड को है अब फर्ज निभाना
आपकी चयूत में ही है उसे उम्र बिताना
फच्च फच्च का मधुर संगीत गुजेगा
जब रसीली चेत में काला लंड पलेगा
फार दुगा चूत आपकी लबालब
माँ बनोगी मेरे बच्चे की फकफक
याना नहीं
सोनी हूँ मैं
चुदाई में
हो सकता है
याना से
कमतर मिलूँ
अधिक अनुभव नहीं
शायद फेल होऊं
मगर येही तो
मेरी पहचान है
की चुदाई से
अनजान है
अछूती हूँ
कच्ची हूँ
अधखिली
अनचुदी
कंटीली हूँ
मुझे भी
इन्तजार है
किसी मस्त
चुदक्कड़ की
तलाश है
कब आओगे
छोड़ कर मुझे
कली से
फूल बनाओगे
दर्द सह लूंगी
गांड और
मुह में भी
ले लूंगी
मगर पहले
छलकती चूत का
इलाज करो
चोद दो इसे
लौंडा
आप पार करो |
sonie
12-01-2011, 01:21 PM
[B][COLOR="red"हो अगर चेहरा चिकना तो लडकियां सबको भाती है,
उरोज़ यदि चोली से झांके तो मर्दों को ललचाती है,
मर्दों को ललचाती है हसीन अदाएं लडकियों की,
अदाएं लडकियों की होती है जानलेवा,
लडकों के मन में लड्डू फ़ूटे, कब मिलेगा मेवा।
मेवा तो छिपा है किसी गुप्त गुफ़ा में,
लडके खोजते हैं ईसे किसी जंगल में,
है गुरूर चूत को भी अपने काली जंगल पे,
पर लन्ड हो सपाट औ लम्बा तो मुंह में पानी आती है
मुंह की पानी मुंह में ही रह जाये,
थका लंड यदि बाहर ही थूक उगल कर सो जाये।
नीलिमा बहन
मस्त हो
चुदाई की कक्षा में
तुम फस्ट हो
जम के चुदवाओ
लंड जो टाईट हो
चूत में ले लो
जो बाहर ही
झड जाए
उसे मुह में झेलो
पतला हो
गांड के हवाले
मोटे मोटे
चूत में घुसवाले
जल्दी झड़ने वाले
मुह में डालें
हर लंड
इस्तेमाल के लायक है
किसी न किसी
छेद में
जाने के लायक है
न कभी किसी लंड को
ना करना
जो भी आये
टांगे फैला
सलाम करना
चूत का धर्म निभाना
हर लंड का पानी
निचोड़ कर
पी जाना |
akamboj2000
12-01-2011, 11:11 PM
नीलिमा बहन
मस्त हो
चुदाई की कक्षा में
तुम फस्ट हो
जम के चुदवाओ
लंड जो टाईट हो
चूत में ले लो
जो बाहर ही
झड जाए
उसे मुह में झेलो
पतला हो
गांड के हवाले
मोटे मोटे
चूत में घुसवाले
जल्दी झड़ने वाले
मुह में डालें
हर लंड
इस्तेमाल के लायक है
किसी न किसी
छेद में
जाने के लायक है
न कभी किसी लंड को
ना करना
जो भी आये
टांगे फैला
सलाम करना
चूत का धर्म निभाना
हर लंड का पानी
निचोड़ कर
पी जाना |
योनि मे हो ये लंड
करता रहे आघात प्रचँड
चले धक्कोँ का दौर अनंत
हो जाए योनि खंड खंड
av_106
12-01-2011, 11:13 PM
लो हुई तलाश तुम्हारी पूरी
अब न रहेगी प्यास अधूरी
हु मै चुदक्कड पूरा
न छोड़ूगा तुम्हे अधुरा
हर छेद तुम्हारा भर दुगा मै रस से
घुसेगा जो लंड मेरा फच्च से
हो जो तुम अनछुई कलि
मचेगी जिस्म में तुम्हारे खलबली
होले से ६९ में करेगे प्यार
चाट चाट के करेगे एक दुसरे को तैयार
लेना तुम मुह में सटक सटक
चूत में डालुगा जीभ सपक सपक
गांड के छेद को न छोड़ूगा अधुरा
लगा के तेल डालुगा पूरा....
आगे तुम्हारी है बारी ...
बोलो कैसे करोगी हमारी सवारी ?
sonie
13-01-2011, 08:08 PM
लो हुई तलाश तुम्हारी पूरी
अब न रहेगी प्यास अधूरी
हु मै चुदक्कड पूरा
न छोड़ूगा तुम्हे अधुरा
हर छेद तुम्हारा भर दुगा मै रस से
घुसेगा जो लंड मेरा फच्च से
हो जो तुम अनछुई कलि
मचेगी जिस्म में तुम्हारे खलबली
होले से ६९ में करेगे प्यार
चाट चाट के करेगे एक दुसरे को तैयार
लेना तुम मुह में सटक सटक
चूत में डालुगा जीभ सपक सपक
गांड के छेद को न छोड़ूगा अधुरा
लगा के तेल डालुगा पूरा....
आगे तुम्हारी है बारी ...
बोलो कैसे करोगी हमारी सवारी ?
हाय मर जावां
इतना लालच दोगे तो मर ही जाउंगी
पागल कर दोगे क्या - ऐसे ऐसे चुदाई के सपने दिखा के...
चूत अभी से उछलने लगी है
लौंडा खाने को मचलने लगी है
चटखारों की आवाज कान में गूंजने लगी है
मेरी जीभ भी लंड-रस को चखने के लिए मचलने लगी है
dev b
13-01-2011, 08:29 PM
हाय मर जावां
इतना लालच दोगे तो मर ही जाउंगी
पागल कर दोगे क्या - ऐसे ऐसे चुदाई के सपने दिखा के...
चूत अभी से उछलने लगी है
लौंडा खाने को मचलने लगी है
चटखारों की आवाज कान में गूंजने लगी है
मेरी जीभ भी लंड-रस को चखने के लिए मचलने लगी है
सोनी जी माफ़ करना आप की चूत तो है बेकरार
पर हमारे लंड का केवल नीलिमा जी को मिलेगा प्यार
खोजो कोई और लंड अपनी चूत के लिए और करवाओ सेवा
हमारा तो जाएगा उन क़ि ही चूत में और खायेगा मेवा
छोड़ेगा रसधार और कर देगा उन को मस्त
करेगा ऐसी चुदाई मस्त और जबरदस्त
Yadav
13-01-2011, 08:53 PM
सोनी जी आपकी तलाश मै करुगा पुरी।
मेरे लन्ड से आपकी चुत की कैसी दुरी।
मै आपके सारे अरमान करुगा पुरा।
विच मे नहि छोडुगा तुमको अधुरा।
av_106
13-01-2011, 11:18 PM
हाय मर जावां
इतना लालच दोगे तो मर ही जाउंगी
पागल कर दोगे क्या - ऐसे ऐसे चुदाई के सपने दिखा के...
चूत अभी से उछलने लगी है
लौंडा खाने को मचलने लगी है
चटखारों की आवाज कान में गूंजने लगी है
मेरी जीभ भी लंड-रस को चखने के लिए मचलने लगी है
लालच देना आता नहीं :bed:
सिर्फ सपने दिखान भाता नहीं
तेरे सपने न रहेगे अधूरे
हर छेद में लंड से भरेगे पूरे
जो उछल रही है चूत तुम्हारी
खोल के करो सवारी हमारी
अब और न हमें तड़पाओ जाना :girl:
क्या तुम्हे लंड अन्दर नहीं है घुसवाना
मचल मचल के चूस लेना लंड हमारा
हम से लेगे तुम्हारी चूत का चटकारा
हिला हिला के खीच लेना मॉल मेरा अपने मुह में:lips:
हम डाल देगे उंगली तेरी गुह में
आगे अब तुम बताओ हमे
किस तरह से चोदे हम तुम्हे ? :question:
sexy_moon
13-01-2011, 11:31 PM
hi soni ji
aapto bahut swet hai kya hame bhi maoka dogi
akayemm
17-01-2011, 12:09 PM
हाय मर जावां
इतना लालच दोगे तो मर ही जाउंगी
............
हे सम्भोग की देवी ! आप कहाँ अंतर्ध्यान हो गयी हैं . कृपया मुझ जैसे अपने तुच्छ दासों के प्रति कुछ तो दया कीजिये . बेचारे किस प्रकार रातें बिताएंगे ? किस की स्मृति कर के ? किस आनंद की परिकल्पना करके ? किसकी सुगंध ... किसका स्वाद ....
तो रत्येंद्रानी, कुछ तो झलक दिखला .
आस मिल जाये जीने की ,
प्यास मिट जाए बरसों की
विछोह में पल भी बरस लागतें हैं .... तुम मुझसे अधिक संवेदनशील हो अतः अधिक समझती हो , और यहाँ
कई दिन बीत गए तुम्हारी वाणी सुने , तुम्हारे शब्द चयन का स्वाद चखे ! - अनिल
sonie
17-01-2011, 04:28 PM
लालच देना आता नहीं :bed:
सिर्फ सपने दिखान भाता नहीं
तेरे सपने न रहेगे अधूरे
हर छेद में लंड से भरेगे पूरे
जो उछल रही है चूत तुम्हारी
खोल के करो सवारी हमारी
अब और न हमें तड़पाओ जाना :girl:
क्या तुम्हे लंड अन्दर नहीं है घुसवाना
मचल मचल के चूस लेना लंड हमारा
हम से लेगे तुम्हारी चूत का चटकारा
हिला हिला के खीच लेना मॉल मेरा अपने मुह में:lips:
हम डाल देगे उंगली तेरी गुह में
आगे अब तुम बताओ हमे
किस तरह से चोदे हम तुम्हे ? :question:
हम तो लालच से भरे बैठे हैं
लंड के रस से सने
चुदीले सपनो में खोये बैठे हैं
खुली चूत लिए
चुदाई के अनमोल लम्हों को
छक के जीने के लिए बैठे हैं
आप आयें खड़ा लंड चमकाते हुए
मोटाई और लम्बाई के
उस मानदंड से हमें
सम्मोहित कर रिझाते हुए
हम तो पूर्ण समर्पण की मुद्रा में
कब से आपके हुए बैठे हैं
घोड़ी बना के,
या लिटा के पीठ के बल
चाहे तो चौड़ी टाँगे
टांग अपने कंधो पे
मेरी चूत के सरताज
हम तो चुदवाने के लिए
तैयार बैठे हैं.
sonie
17-01-2011, 04:31 PM
योनि मे हो ये लंड
करता रहे आघात प्रचँड
चले धक्कोँ का दौर अनंत
हो जाए योनि खंड खंड
योनि में
या गांड में
मुह के
छिद्र विशाल में
बिन रुके
बिन थके
चोदते मुझे रहो
हे लंड तुम
लगे रहो
sonie
17-01-2011, 04:37 PM
सोनी जी माफ़ करना आप की चूत तो है बेकरार
पर हमारे लंड का केवल नीलिमा जी को मिलेगा प्यार
खोजो कोई और लंड अपनी चूत के लिए और करवाओ सेवा
हमारा तो जाएगा उन क़ि ही चूत में और खायेगा मेवा
छोड़ेगा रसधार और कर देगा उन को मस्त
करेगा ऐसी चुदाई मस्त और जबरदस्त
इतना जुल्म ना करें
नीलिमा बहन की चूत पर
आपके हक से इनकार नहीं
मेरी हुज़ूर जरा समझें
आपके लंड को क्या हमारी दरकार नहीं
जब नीलिमा को चोद
ढीला पड़ा होगा
सोनी की चुसाई बिना
फिर से कैसे खड़ा होगा
खड़े लंड का ही सिर्फ
होता बोलबाला है
ढीले ढाले लंड पे
मूतती हैं छोरियां
खड़े की लेके पप्पी
चुद्वाती हैं गोरियां
akamboj2000
17-01-2011, 04:45 PM
योनि में
या गांड में
मुह के
छिद्र विशाल में
बिन रुके
बिन थके
चोदते मुझे रहो
हे लंड तुम
लगे रहो
चोदने आए हैं तुमको चोद कर ही जाएँगे
जहाँ जहाँ चूत मिलेगी लंड घुसाते जाएँगे
चाहे चुद लो या लंड चुस लो ये लंड है चूत का पूर्ण आहार
लंड करना चाहता है प्यार तो अनुग्रह है चूत से मत करो इसका प्रतिकार
Nilima Anand
18-01-2011, 02:44 AM
एक जमाना था, औरतें जुल्म सहती थी,
चूत चुदते चुदते हरदम रोती रह्ती थी।
जमाना बदला, खुशियों का जमाना आया,
जब सोनी बहन जैसों ने साथ निभाया।
एक बार एक लडकी थी अकेली,
ना कोई साथी ना सहेली।
सुहाना मौसम था,
झरनों का सरगम था।
लड्की नजर घुमाइ इधर उधर,
पर कोई भई ना आया नज़र्।
चोली उडी हवा में, घाघरा चूमी जमीन,
अंतर्वस्त्र भी कहां बच पायी नामचीन्।
झूमा मन झूमा तन जवानी में,
बस क्या था, छलांग लगा गी पानी में।
देर से छिप कर देख रहा था एक मनचला,
हसीन लडकी को अकेली पाकर मन फ़िसला।
मन में एक सपना लेकर लगाई पानी में छलांग,
पत्थर के दरार में फ़ंस गयी उसकी टांग्।
जान बचाने को बचाओ बचाओ चिल्लाया,
बहुत हाथ पांव मारे पर काम ना आया।
आवाज़ सुन कर लडकी के उड गये होश,
मदहोशी के आलम में ठंडी पड गयी जोश्।
देखी, ईश्किया लड्के की डूब रही थी जवानी,
सारे शर्म छोड वो जान बचाने को ठानी।
उब डुब करता लडका पानी पी रहा था गटा गट,
आव न ताव देखी लडकी, लगा दी मुंह में चूची फ़टाफ़ट्।
ईस तरह लडके की बच गयी जान,
चूची ना होती तो कैसे बन पाता काम्।
इतना जुल्म ना करें
नीलिमा बहन की चूत पर
आपके हक से इनकार नहीं
मेरी हुज़ूर जरा समझें
आपके लंड को क्या हमारी दरकार नहीं
जब नीलिमा को चोद
ढीला पड़ा होगा
सोनी की चुसाई बिना
फिर से कैसे खड़ा होगा
खड़े लंड का ही सिर्फ
होता बोलबाला है
ढीले ढाले लंड पे
मूतती हैं छोरियां
खड़े की लेके पप्पी
चुद्वाती हैं गोरियां
holkar
18-01-2011, 02:49 AM
अति-उत्तम
sonie
18-01-2011, 09:47 AM
सोनी जी आपकी तलाश मै करुगा पुरी।
मेरे लन्ड से आपकी चुत की कैसी दुरी।
मै आपके सारे अरमान करुगा पुरा।
विच मे नहि छोडुगा तुमको अधुरा।
स्वागत बारम्बार आपका
स्वागत बारम्बार
खुली चूत बिछी रस्ते में
चुदने को तैयार, आपका
स्वागत बारम्बार
करें न देर प्रियवर चोदू
बहती रस की धार
आके लगा जा
डुबकी प्रियतम
मनाएं
चोदन का त्यौहार
स्वागत बारम्बार, आपका
स्वागत बारम्बार
sonie
18-01-2011, 10:24 AM
hi soni ji
aapto bahut swet hai kya hame bhi maoka dogi
सेक्स और मून पर - मैं तैयार हूँ - फटाफट अपने लंड के रोकेट पर बैठें और ले चलें - बादलों के पार
sonie
18-01-2011, 10:39 AM
हे सम्भोग की देवी ! आप कहाँ अंतर्ध्यान हो गयी हैं . कृपया मुझ जैसे अपने तुच्छ दासों के प्रति कुछ तो दया कीजिये . बेचारे किस प्रकार रातें बिताएंगे ? किस की स्मृति कर के ? किस आनंद की परिकल्पना करके ? किसकी सुगंध ... किसका स्वाद ....
तो रत्येंद्रानी, कुछ तो झलक दिखला .
आस मिल जाये जीने की ,
प्यास मिट जाए बरसों की
विछोह में पल भी बरस लागतें हैं .... तुम मुझसे अधिक संवेदनशील हो अतः अधिक समझती हो , और यहाँ
कई दिन बीत गए तुम्हारी वाणी सुने , तुम्हारे शब्द चयन का स्वाद चखे ! - अनिल
प्रियवर, ये तो नहीं कह सकती की आपके ह्रदय कक्ष में हूँ - हाँ, आपकी सोच में रह सकूं हर क्षण ऐसी तमन्ना है - नीचे बिछी थी और ऊपर आप छाये हुए थे - मेरे पूरे अस्तित्व को अपने में समाये हुए थे - मैं तो जैसे थी ही नहीं सिर्फ आप और आपके लंड की फुफकार - आनंद के उस गहरे सागर में विलीन मैं - आपको लगा अंतर्ध्यान हो गयी - आपके लंड-रस का मधुर स्वाद और मदहोश करने वाली गंध मेरे अंग अंग में समाई थी..
मेरा रति-छिद्र तो आपके मदन-दंड से आक्रांत था - कैसे झलक दिखाती -
झलक तो सिर्फ आनंद-घन परम प्रिय लंड देव की ही दिखलाई देती थी जब आरोह-अवरोह की प्रक्रिया में बहार आता था और जरा सी झलक दिखला फिर योनी की गहराइयों में ओझल हो जाता था - जब बाहर आता था लगता था विछोह और विरह का पल आ पहुंचा है - मन और चूत दोनों ही बिलख उठते थे - योनी से अश्रुओं की जलधारा बहने लगती थी - मगर अगले ही पल पूर्ण परमानंद प्रदाता आपका उत्तिथ लिंग जोरदार अघात के साथ फिर से प्रविष्ट होता था तो मिलन का वो पल जीवन की समग्रता को समेटे जीवंत हो उठता था - ऐसे में हे योनी-सम्राट वाणी कैसे साथ दे - शब्द तो अन्दर ही घुट के रह जाते थे आपकी जिह्वा और होठों से आबद्ध हो कर ... प्रियवर बस इसी तरह चलने दे - अनवरत - अबाध - चोदन की ये सुमधुर प्रक्रिया...
sonie
18-01-2011, 10:42 AM
एक जमाना था, औरतें जुल्म सहती थी,
चूत चुदते चुदते हरदम रोती रह्ती थी।
जमाना बदला, खुशियों का जमाना आया,
जब सोनी बहन जैसों ने साथ निभाया।
एक बार एक लडकी थी अकेली,
ना कोई साथी ना सहेली।
सुहाना मौसम था,
झरनों का सरगम था।
लड्की नजर घुमाइ इधर उधर,
पर कोई भई ना आया नज़र्।
चोली उडी हवा में, घाघरा चूमी जमीन,
अंतर्वस्त्र भी कहां बच पायी नामचीन्।
झूमा मन झूमा तन जवानी में,
बस क्या था, छलांग लगा गी पानी में।
देर से छिप कर देख रहा था एक मनचला,
हसीन लडकी को अकेली पाकर मन फ़िसला।
मन में एक सपना लेकर लगाई पानी में छलांग,
पत्थर के दरार में फ़ंस गयी उसकी टांग्।
जान बचाने को बचाओ बचाओ चिल्लाया,
बहुत हाथ पांव मारे पर काम ना आया।
आवाज़ सुन कर लडकी के उड गये होश,
मदहोशी के आलम में ठंडी पड गयी जोश्।
देखी, ईश्किया लड्के की डूब रही थी जवानी,
सारे शर्म छोड वो जान बचाने को ठानी।
उब डुब करता लडका पानी पी रहा था गटा गट,
आव न ताव देखी लडकी, लगा दी मुंह में चूची फ़टाफ़ट्।
ईस तरह लडके की बच गयी जान,
चूची ना होती तो कैसे बन पाता काम्।
नीलिमा बहन
कहाँ ले गयी और कहाँ दे मारा
काश उसे युवक की तीसरी टांग उस युवती की जांघो में जा फंसती
sonie
18-01-2011, 10:52 AM
आपके लिए तो लंड हाजिर हो जाएगा फिर लेस्बियन सेक्स की क्या जरूरत है
भाईजान, जब एक औरत चूत चूसती है तो उस आनंद का बखान नहीं किया जा सकता...
एक औरत सचमुच जानती है की कब, कहाँ और कैसे - कितने जोर से या कितने आहिस्ता चूत को चाटा जाए... लड़के इतने गरमा जाते है कि चूत को होठों और दांतों के बीच भर कर चिचोड़ने लगते हैं - हालां कि कभी कभी इसमें भी बड़ा मजा आता है मगर आराम और प्यार से बिना हड़बड़ी के चूत चुसाने का मजा अलग ही है... इसलिए विभा बहन के साथ ६९ का आनंद कुछ और ही होगा
akamboj2000
18-01-2011, 11:31 AM
भाईजान, जब एक औरत चूत चूसती है तो उस आनंद का बखान नहीं किया जा सकता...
एक औरत सचमुच जानती है की कब, कहाँ और कैसे - कितने जोर से या कितने आहिस्ता चूत को चाटा जाए... लड़के इतने गरमा जाते है कि चूत को होठों और दांतों के बीच भर कर चिचोड़ने लगते हैं - हालां कि कभी कभी इसमें भी बड़ा मजा आता है मगर आराम और प्यार से बिना हड़बड़ी के चूत चुसाने का मजा अलग ही है... इसलिए विभा बहन के साथ ६९ का आनंद कुछ और ही होगा
हमे चाहिए आनंद वो चूत चाटूँ गांड मारुँ
कर दूँ नंगी कपड़े उतारुँ
भर के बाहोँ में चोद डालूँ
sonie
18-01-2011, 11:38 AM
हमे चाहिए आनंद वो चूत चाटूँ गांड मारुँ
कर दूँ नंगी कपड़े उतारुँ
भर के बाहोँ में चोद डालूँ
आप आनंद लें.. चूत और गांड - सब आपके हवाले... नंगी करके चोदें या सलवार सरका कर... बाँहों में भर कर या फिर घोड़ी बना कर... चुसाई और चुदाई दोनों के लिए हाज़िर हूँ... मगर भाईजान क्या चुदाई सिर्फ आप अपने मजे के लिए करते हैं... हमारे मजे का कोई ख्याल नहीं..
realfun5
18-01-2011, 11:42 AM
क्या आप मुझे पोस्ट करने में मदद केर सकती है मेरी gif फाइल पोस्ट करता हु तो वो jpg बन जाती है कैसे पोस्ट करू please मदद करे
akayemm
18-01-2011, 01:35 PM
आप आनंद लें.. चूत और गांड - सब आपके हवाले...
... मगर भाईजान क्या चुदाई सिर्फ आप अपने मजे के लिए करते हैं... हमारे मजे का कोई ख्याल नहीं..
देवी , परेशान ना हों ..... हम आपके दस और सेवक किस दिन काम आयेंगे..... आप अपना बहन होने का दायित्व निभाएं अपने भाईजान के प्रति .... और हम निभाएंगे आपके चरण दास होने का दायित्व .... आपके हुक्म का गुलाम होने की जिम्मेदारी..... केवल इतनी कृपा करें कि अपने पावन चरणों में स्थान दे दें ...... बाकी हम निपट लेंगे ..... आपके चरणों से और बाकी सब ऊपर वालों से ... और आशा है आप भी हमें निरुत्साहित नहीं करेंगी ....आपका एक खाकसार मुरीद .... अनिल
sonie
18-01-2011, 02:55 PM
देवी , परेशान ना हों ..... हम आपके दस और सेवक किस दिन काम आयेंगे..... आप अपना बहन होने का दायित्व निभाएं अपने भाईजान के प्रति .... और हम निभाएंगे आपके चरण दास होने का दायित्व .... आपके हुक्म का गुलाम होने की जिम्मेदारी..... केवल इतनी कृपा करें कि अपने पावन चरणों में स्थान दे दें ...... बाकी हम निपट लेंगे ..... आपके चरणों से और बाकी सब ऊपर वालों से ... और आशा है आप भी हमें निरुत्साहित नहीं करेंगी ....आपका एक खाकसार मुरीद .... अनिल
अनिल भाई, हमें चरण दास नहीं
चूत में सोस चाहिए
लंड जो चूत की आह निकाल दे
कुछ ऐसा दमदार चाहिए
चरण टंगे आस्मां में
टाँगे ऊपर उठी
बिस्तर पर धरी चूत को
ठोकर जोरदार चाहिए
भाई जान, चूत के पावन मुकाम पर
आपको स्थान दिया
मगर जानेमन खाली बैठने को नहीं
कुछ मेहनत करें कुछ काम चाहिए
Pooja1990 QUEEN
18-01-2011, 03:04 PM
sonie ji aapko foram ke lando ki najar na lage. me yahi kahugi.tuje kisi ki najar na lage.
dev b
18-01-2011, 03:27 PM
चूची महान की वजह से ही तो चूत ने इज्जत पाई है
बिना चूची के कान्हा चूत की कीमत मेरे भाई है
जब नीलिमा की चूची थी ,मुह में उस नौजवान के
तो मचाया शोर चूत ने और लगी रोने ,रो रो कर चूत ने मचा दिया हा हा कार
सुन कर चूत की करुण वंदना लंड चुप कैसे रहता यार
आया उस को चूत पर प्यार , बोला वो चूत से चिंता ना करो जान
और पानी में ही कर दिया उस ने चूत का महा कल्याण
सुरंग में घुस कर लंड ने चूत की करी सेवा और खूब खाई मेवा
खूब खाई मेवा और चूत को दिया प्रसाद , चूत को दिया प्रसाद और बोला ये झट से
अब तो रोजाना चोदुंगा मे तुम को खड़े लंड से , खड़े लंड से चोदुंगा रोजाना तुम रहना तैयार
खड़े लंड की महिमा तो तो सोनी ने भी जानी यार
कहे देव कविराय ये चूत चुदासी , खड़े लंड के बिना ये रहे ये चूत उदासी
,
एक जमाना था, औरतें जुल्म सहती थी,
चूत चुदते चुदते हरदम रोती रह्ती थी।
जमाना बदला, खुशियों का जमाना आया,
जब सोनी बहन जैसों ने साथ निभाया।
एक बार एक लडकी थी अकेली,
ना कोई साथी ना सहेली।
सुहाना मौसम था,
झरनों का सरगम था।
लड्की नजर घुमाइ इधर उधर,
पर कोई भई ना आया नज़र्।
चोली उडी हवा में, घाघरा चूमी जमीन,
अंतर्वस्त्र भी कहां बच पायी नामचीन्।
झूमा मन झूमा तन जवानी में,
बस क्या था, छलांग लगा गी पानी में।
देर से छिप कर देख रहा था एक मनचला,
हसीन लडकी को अकेली पाकर मन फ़िसला।
मन में एक सपना लेकर लगाई पानी में छलांग,
पत्थर के दरार में फ़ंस गयी उसकी टांग्।
जान बचाने को बचाओ बचाओ चिल्लाया,
बहुत हाथ पांव मारे पर काम ना आया।
आवाज़ सुन कर लडकी के उड गये होश,
मदहोशी के आलम में ठंडी पड गयी जोश्।
देखी, ईश्किया लड्के की डूब रही थी जवानी,
सारे शर्म छोड वो जान बचाने को ठानी।
उब डुब करता लडका पानी पी रहा था गटा गट,
आव न ताव देखी लडकी, लगा दी मुंह में चूची फ़टाफ़ट्।
ईस तरह लडके की बच गयी जान,
चूची ना होती तो कैसे बन पाता काम्।
sonie
18-01-2011, 03:41 PM
akalra ji. tere land ko sonie ki najar na lage.
अंधी चूत है
अंधा है लंड
सूंघ कर दोनों
अपना काम चलाते हैं
चूत रस की खुसबू
लंड रस की महक
दोनों को मिलाते हैं
बे-नजर, नजर क्या लगाएंगे
नजरों का धोखा है
कि निशाना लगाते हैं
सच कहूं तो दोनों ही
निशाने पे हैं
एक दुसरे के
मुहाने पे हैं
थोड़ी ही देर में
एक दुसरे में
खो जाएंगे
sonie
18-01-2011, 03:44 PM
चूची महान की वजह से ही तो चूत ने इज्जत पाई है
बिना चूची के कान्हा चूत की कीमत मेरे भाई है
जब नीलिमा की चूची थी ,मुह में उस नौजवान के
तो मचाया शोर चूत ने और लगी रोने ,रो रो कर चूत ने मचा दिया हा हा कार
सुन कर चूत की करुण वंदना लंड चुप कैसे रहता यार
आया उस को चूत पर प्यार , बोला वो चूत से चिंता ना करो जान
और पानी में ही कर दिया उस ने चूत का महा कल्याण
सुरंग में घुस कर लंड ने चूत की करी सेवा और खूब खाई मेवा
खूब खाई मेवा और चूत को दिया प्रसाद , चूत को दिया प्रसाद और बोला ये झट से
अब तो रोजाना चोदुंगा मे तुम को खड़े लंड से , खड़े लंड से चोदुंगा रोजाना तुम रहना तैयार
खड़े लंड की महिमा तो तो सोनी ने भी जानी यार
कहे देव कविराय ये चूत चुदासी , खड़े लंड के बिना ये रहे ये चूत उदासी
,
चुसती चूची देख कर
चूत दई रोय
मेरा क्या होगा खुदा
मुझे न देखे कोय
जब देखे टेढ़ा लखे
देवे दर्द अपार
चूची दबावे प्यार से
मुझको दे डंडे कि मार
Pooja1990 QUEEN
18-01-2011, 03:54 PM
sonie ji aapki tarif ko likne me sagar ko i syahi samaj le.or dharti ko kagaj. fir b kam pad jayegi. . . . jai ho .. . . .. .. . . . mnlakfe
sonie
18-01-2011, 05:05 PM
sonie ji aapki tarif ko likne me sagar ko i syahi samaj le.or dharti ko kagaj. fir b kam pad jayegi. . . . jai ho .. . . .. .. . . . mnlakfe
अब यार इस तरह झाड पर चढ़ाओगी तो मुश्किल हो जाएगी... हाँ चाहो तो तुम्हारी चूत की झांट (झाड़) पर चढ़ने को तैयार हूँ...
draculla
18-01-2011, 05:15 PM
मियां जरा भाषा पे गौर फरमाओ
रसीली चूत को रसीला कह के
गालियों तीर न चलाओ
चूत तो हम खुद टांगो में छिपाए रखते हैं
आप तो जानेमन अपना लौंडा दिखाओ
हा हा हा हा
बाप रे बाप सोनी आप इस तरह के शब्दों का जादू कैसे चलती हैं..........
मैं तो आप के कविताओं का दीवाना हो गया..........
draculla
18-01-2011, 05:18 PM
इजाजत न मांगे, इनायत कर दें
चखा के लंड अपना हमें इस लायक कर दें
कि प्यार से चूस कर आपको स्वर्ग दिखा सकें
जब माल गिराएं मेरे मुह में
कतरा कतरा खुद में समा लें
बस इतना करम करना
प्यार से नहीं थोडा जबरदस्ती करना
कस के पकड़ अपने हाथो में मेरे बालों को
मेरे मुह को चूत के तरह इस्तेमाल करना
बहुत मजा आता है जब आशिक हक जताता है
थोड़ी मर्दानगी दिखा कर जबरन अपना बनाता है |
आप के इस तरह के शब्दों से तो अच्छे अच्छे अचरज में पर जाते हैं.......
जहाँ तक मैंने देखा है इस सूत्र का हर पोस्ट नियामक जी द्वारा सम्पादित किया गया है...........
draculla
18-01-2011, 05:24 PM
लंड धारक के प्रति -
- योनि-धारिणी की ओर से [/COLOR][/SIZE][/B]
अतिउत्तम ...........
sonie
18-01-2011, 05:40 PM
आप के इस तरह के शब्दों से तो अच्छे अच्छे अचरज में पर जाते हैं.......
जहाँ तक मैंने देखा है इस सूत्र का हर पोस्ट नियामक जी द्वारा सम्पादित किया गया है...........
जी नहीं, हर शब्द मौलिक है - आशु-रचित है - बिना किसी सम्पादन के है... हर पोस्ट के बाद मैं स्वयं पढ़ कर देखती हूँ... एक बात आपको बता दूं - जो भी लिखती हूँ लगातार लिखती हूँ - बिना खुद भी कोई सम्पादन किये - आपलोगों का प्यार और आशीर्वाद है... शब्द खुद-ब-खुद उभरते हैं - जो लिखती हूँ मन ही मन उन शब्दों में / उन ख्यालों में / शब्दों के भावों में उतर जाती हूँ और उन शब्दों को जीने लगती हूँ....
आशा करती हूँ ड्रेकुलाजी आप भी बने तीखे दांत मेरी गर्दन नहीं मेरी जांघो पर गदा कर मेरा रक्त पान करेंगे और मुहे भी अपनी जमात में शामिल कर लेंगे.... तुम्हारे लंड-रक्त (रस) की प्यासी
draculla
18-01-2011, 05:46 PM
जी नहीं, हर शब्द मौलिक है - आशु-रचित है - बिना किसी सम्पादन के है... हर पोस्ट के बाद मैं स्वयं पढ़ कर देखती हूँ... एक बात आपको बता दूं - जो भी लिखती हूँ लगातार लिखती हूँ - बिना खुद भी कोई सम्पादन किये - आपलोगों का प्यार और आशीर्वाद है... शब्द खुद-ब-खुद उभरते हैं - जो लिखती हूँ मन ही मन उन शब्दों में / उन ख्यालों में / शब्दों के भावों में उतर जाती हूँ और उन शब्दों को जीने लगती हूँ....
आशा करती हूँ ड्रेकुलाजी आप भी बने तीखे दांत मेरी गर्दन नहीं मेरी जांघो पर गदा कर मेरा रक्त पान करेंगे और मुहे भी अपनी जमात में शामिल कर लेंगे.... तुम्हारे लंड-रक्त (रस) की प्यासी
माफ़ करो देवी आपके सामने तो शायद ड्राकुला भी भाग जाये.............
संपादन से मेरा तात्पर्य आप के पोस्ट में से कुछ शब्द हटा दिए गए से है.
आपकी लिखाई और हिंदी दोनों ही उच्चकोटि की है.
धन्यवाद
sonie
18-01-2011, 10:32 PM
माफ़ करो देवी आपके सामने तो शायद ड्राकुला भी भाग जाये.............
संपादन से मेरा तात्पर्य आप के पोस्ट में से कुछ शब्द हटा दिए गए से है.
आपकी लिखाई और हिंदी दोनों ही उच्चकोटि की है.
धन्यवाद
धन्यवाद, हौसला अफजाई के लिए और बहुत बहत धन्यवाद बड़ाई के लिए... मगर ड्रेकुला जी - आपसे अच्छा ड्रेकुला और कोई हो नहीं सकता और आप भाग नहीं सकते - सो अपने होठ सरकाएं तथा अपने तीखे केनैंस की झलक दिखलाएं, थोडा डराएँ, थोडा भरमायें, पूनम की इस रात यौन-रस-पिपासु मित्रों को जगाएं...
mr.kamboj
18-01-2011, 10:40 PM
lund ka sapna ho aap
chut gudaz ho aap
chod du aapko gr mouka mile
kyonki chudai ki sataj ho aap
sonie
18-01-2011, 10:47 PM
lund ka sapna ho aap
chut gudaz ho aap
chod du aapko gr mouka mile
kyonki chudai ki sataj ho aap
लंड जब सपने देखता है
मेरी चूत को पाने की हवस करता है
मौकों की तलाश में राल टपकाता है
ना मिली मैं तो हाथ गाडी से काम चलाता है
mr.kamboj
18-01-2011, 10:50 PM
लंड जब सपने देखता है
मेरी चूत को पाने की हवस करता है
मौकों की तलाश में राल टपकाता है
ना मिली मैं तो हाथ गाडी से काम चलाता है
mat bno nadan ae choot ye lund machal jayega
le lo ise apna andar varna ye hatho se chhil jayega
dev b
18-01-2011, 11:41 PM
डंडों की मार से ही मिलता चूत को आराम और वो डंडे के लिए तरसती
अगर डंडा घुसने में हो जाए देरी तो ये चूत फडकती
जलती चूची से चूत की प्यार से उसे दबाते
बेदर्दी से सुरंग में डंडे को सरकाते
सुननी पड़ेगी लंड को, अब चूत की पुकार
पर जाएगा वो तभी ,जब वो बोलेगी प्यार से आ जा मेरे यार
आ जा मेरे यार और बुझा दे मेरी प्यास
तेरे बिना किसी और से नहीं है अब आस
कहे देव कविराय लड़की को देखो मगर प्यार से
डालो सुरंग में खूब मगर चोट ना लगे, धीरे धीरे अरमान से
चुसती चूची देख कर
चूत दई रोय
मेरा क्या होगा खुदा
मुझे न देखे कोय
जब देखे टेढ़ा लखे
देवे दर्द अपार
चूची दबावे प्यार से
मुझको दे डंडे कि मार
mr.kamboj
19-01-2011, 08:38 AM
चूत वालो को खबर क्या लंड की बेताबी क्या चीज है
इसको चूसिए चूत मे लीजिए लंड बड़ा बदतमीज है
sonie
19-01-2011, 10:29 AM
चूत वालो को खबर क्या लंड की बेताबी क्या चीज है
इसको चूसिए चूत मे लीजिए लंड बड़ा बदतमीज है
ऐसे ही बदतमीज़ लंड की तलाश है
बदमिजाज हो बदहवास हो
चश्म-ए-बद्दूर बदबख्त
चोदते समय बद्दुआओं का मोहताज हो
दर्द से बेहाल चूत
गालियों की बौछार करे
हर गाली कमबख्त लंड को
और - और बेताब करे
sonie
19-01-2011, 10:36 AM
डंडों की मार से ही मिलता चूत को आराम और वो डंडे के लिए तरसती
अगर डंडा घुसने में हो जाए देरी तो ये चूत फडकती
जलती चूची से चूत की प्यार से उसे दबाते
बेदर्दी से सुरंग में डंडे को सरकाते
सुननी पड़ेगी लंड को, अब चूत की पुकार
पर जाएगा वो तभी ,जब वो बोलेगी प्यार से आ जा मेरे यार
आ जा मेरे यार और बुझा दे मेरी प्यास
तेरे बिना किसी और से नहीं है अब आस
कहे देव कविराय लड़की को देखो मगर प्यार से
डालो सुरंग में खूब मगर चोट ना लगे, धीरे धीरे अरमान से
आपके कामदंड की कसम
दंड दे इस जलनखोर चूत को
जलती है बेचारी चुचियों से
जो जीवन भर तरसती है लंड को
उसे क्या पता चुचियों का हाल
ये भी तो चाहती हैं इन्हें मसला जाए
बेदर्दी से मुठियों में भर इन्हें भींचा जाए
कभी कभी तीखे दांत
मजे और दर्द का स्वाद चखा देता है
फिर भी तरसती हैं चूचियां लंड के साथ को
हरामखोर बस चूत को ही
मलाईदार खीर खिलाता है |
prakashdada1979
19-01-2011, 02:35 PM
mat kar chud chud
Ka gan
Are chud to
Wo chij hai jaha
Karte hai hajaro
Land aram
chud ko
Karo na itna badnam
Chud me se hi
Nikle hai sabhi meri jan
raham karo bhai raham karo
Land pe hamare raham karo
Chud to tumhari chulbuli hai
Land hamhara thodi khali hai
soni ji larkiya etni sexy hoti nahi he
mat kar chut ka itna gungan
Chut ko asa fad denge
Jaha koi land na karega aram
A meri jan
तेरी चूत मेरा लंड मिल जाए
हर तरफ बहारेँ खिल जाएँ
तेरी चूत में रहे सदा लंड मेरा
धक्कोँ से पलंग फिर हिल जाए
Akalra bhai
Ramchanra kahgaye siya se
Asa kaliyug ayega
Chud chudaye ga camputer
Land khali rah jayega
Chudane de na yar use camputer se hi tu kyo apna kharab kar raha hai
mr.kamboj
19-01-2011, 06:44 PM
ऐसे ही बदतमीज़ लंड की तलाश है
बदमिजाज हो बदहवास हो
चश्म-ए-बद्दूर बदबख्त
चोदते समय बद्दुआओं का मोहताज हो
दर्द से बेहाल चूत
गालियों की बौछार करे
हर गाली कमबख्त लंड को
और - और बेताब करे
ये लंड तैयार है चूत से लड़ जाने को
बस चलती रहे चुदाई दोनो के झड़ जाने तक
ऐसी हो लड़ाई पलंग मे
चले रेलगाड़ी धकाधक सुरंग मे
टाँगे हो उठी हुई आपकी कंधे पर रखकर
धक्के लगा कर कर दूँ चूत की हालत बदतर
sonie
19-01-2011, 09:01 PM
सूत्र में शिरकत करने वाले हर जवांमर्द लंड के प्रति ....
चूत गुणों की खान है
इसमें कोई शक हो नहीं सकता
सोने और हीरे की खानों में क्या रखा है
चूत तो खान है मस्ती की
ऐसा खजाना और कोई हो नहीं सकता.
एक मुश्किल पेश आती है मगर
खजाना खान को खोद कर निकलता है
खान में गहराई तक उतर
यदा कदा बड़े बड़े विष्फोट कर
कोई जवांमर्द फोड़ चूत की खान
मस्ती के उस खजाने को भोगता है.
ऐसे जवांमर्द लंड बहुत कम नजर आते हैं
अधिकतर चूत के मुहाने पर ही बेहोश हो जाते हैं
कई खुदाई के दरमयान शहीद होते पाए गए
असमय चूत की गहराई में दफ़न होते दिखाई दिए
मगर कुछ ऐसे एक आध फिर भी मिल जाते हैं
जो चूत के सीने में करके छेद
रस की नदिया बहा लाते हैं
अन्दर तक उतर लंड के बारूद से भर देते हैं
लगा के पलीता चूत में आग का दरिया बहा देते हैं
आतिश-ए-मस्ती के नुमाइंदे हैं ये
होली के मौसम में दिवाली सी कर देते हैं.
- - - - - - - -
पसंद आये तो अपना मत अवश्य दें...
बंदी झुक कर सलाम करेगी
हर रेपुटेसन प्वाइंट के बदले
हवाई चुम्बन उछाल कर देगी
mr.kamboj
19-01-2011, 09:30 PM
सूत्र में शिरकत करने वाले हर जवांमर्द लंड के प्रति ....
चूत गुणों की खान है
इसमें कोई शक हो नहीं सकता
सोने और हीरे की खानों में क्या रखा है
चूत तो खान है मस्ती की
ऐसा खजाना और कोई हो नहीं सकता.
एक मुश्किल पेश आती है मगर
खजाना खान को खोद कर निकलता है
खान में गहराई तक उतर
यदा कदा बड़े बड़े विष्फोट कर
कोई जवांमर्द फोड़ चूत की खान
मस्ती के उस खजाने को भोगता है.
ऐसे जवांमर्द लंड बहुत कम नजर आते हैं
अधिकतर चूत के मुहाने पर ही बेहोश हो जाते हैं
कई खुदाई के दरमयान शहीद होते पाए गए
असमय चूत की गहराई में दफ़न होते दिखाई दिए
मगर कुछ ऐसे एक आध फिर भी मिल जाते हैं
जो चूत के सीने में करके छेद
रस की नदिया बहा लाते हैं
अन्दर तक उतर लंड के बारूद से भर देते हैं
लगा के पलीता चूत में आग का दरिया बहा देते हैं
आतिश-ए-मस्ती के नुमाइंदे हैं ये
होली के मौसम में दिवाली सी कर देते हैं.
- - - - - - - -
पसंद आये तो अपना मत अवश्य दें...
बंदी झुक कर सलाम करेगी
हर रेपुटेसन प्वाइंट के बदले
हवाई चुम्बन उछाल कर देगी
lud hamesha tak me rahta h ki kb koi anjani anchui si choot aye aur is kha jae lund hmesha kjurbani dena janta h itna bhadur h ki surng ki gahrayi me ja kar khod khod kr lhu luhan ho jata h
VIBHA GOYAL
19-01-2011, 09:32 PM
कमाल की शायरी चल रही है
ये लंड तैयार है चूत से लड़ जाने को
बस चलती रहे चुदाई दोनो के झड़ जाने तक
ऐसी हो लड़ाई पलंग मे
चले रेलगाड़ी धकाधक सुरंग मे
टाँगे हो उठी हुई आपकी कंधे पर रखकर
धक्के लगा कर कर दूँ चूत की हालत बदतर
VIBHA GOYAL
19-01-2011, 09:52 PM
सोनी बहन आपकी गर्मागर्म शायरी पढ कर तो मेरा मन भी आपके साथ 69 होने को हो रहा है
भाईजान, जब एक औरत चूत चूसती है तो उस आनंद का बखान नहीं किया जा सकता...
एक औरत सचमुच जानती है की कब, कहाँ और कैसे - कितने जोर से या कितने आहिस्ता चूत को चाटा जाए... लड़के इतने गरमा जाते है कि चूत को होठों और दांतों के बीच भर कर चिचोड़ने लगते हैं - हालां कि कभी कभी इसमें भी बड़ा मजा आता है मगर आराम और प्यार से बिना हड़बड़ी के चूत चुसाने का मजा अलग ही है... इसलिए विभा बहन के साथ ६९ का आनंद कुछ और ही होगा
sonie
19-01-2011, 10:15 PM
सोनी बहन आपकी गर्मागर्म शायरी पढ कर तो मेरा मन भी आपके साथ 69 होने को हो रहा है
खुशामदीद
जहेनसीब
तसरीफ रखें
इन्तखाब गर हो जाए
रस के समंदर में
मिल के फिर
डूबा जाए
dev b
19-01-2011, 10:43 PM
प्रिय मित्र विभा जी यंहा आओ,,.......
सोनी बहन आपकी गर्मागर्म शायरी पढ कर तो मेरा मन भी आपके साथ 69 होने को हो रहा है
raniloveu
19-01-2011, 11:06 PM
agar main boy hoti to
iski pyaas zaroor bujha deti
VIBHA GOYAL
19-01-2011, 11:21 PM
अभी तो आप लडको के लङ को ठंडा करो रानी साहिबा
agar main boy hoti to
iski pyaas zaroor bujha deti
sonie
19-01-2011, 11:33 PM
agar main boy hoti to
iski pyaas zaroor bujha deti
बुझ जाए जो
उसे प्यास नहीं कहते
बुझे हुए जज्बातों को
मेरी जान, आग नहीं कहते |
भड़कती है बेहिसाब
लगता है बस अब बुझी
पर उठता है एक ही शोर
चूत मांगे एक बार और
मोर, मोर - वंस मोर |
sonie
19-01-2011, 11:38 PM
अभी तो आप लडको के लङ को ठंडा करो रानी साहिबा
कोई खता हुई विभा रानी
रानी गर बुझाना चाहे
आग-ए-दिलकश जो लगी कब से
न बुझी आज तलक जगी जब से
शायद रानी के लव से शांत हो जाए
कुछ पल के लिए आराम आ जाए
onlyforu2008
19-01-2011, 11:46 PM
Phool Murjhate acche nahi lagte,
Aap lund khujate acche nahi lagte,
Koi to patalo bachi ab meri jaan,
Roz Roz bathroom me hilate acche nahi lagte...
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dev b
20-01-2011, 12:05 AM
काम दंड बड़ा उदंड किसी को मार मार के करे बेहाल
फिर भी बोले प्यारी चूत , आजा मुझे कर दे निहाल
चूत बोली लंड से आ जा मुझे पेल दे , चूची जल के हुई राख
बोली अब नहीं हम सहेंगे छाननी पड़ेगी तुझ को ख़ाक
पहले हमको प्यार करेगा दबा दबा के और प्यार से
चूस चूस के हमको करेगा लाल जाएगा तेरे पास देर से
हम को देख देख कर जल और साथ में टपका लार
फिर भेजूंगी तेरे पास फिर तू सहना उस का भार
लंड बड़ा उदंड है पर इस की उदंडता मै भी है मजा
पाएंगी हम पहले प्यार फिर मिलेगी तुझे सजा
आपके कामदंड की कसम
दंड दे इस जलनखोर चूत को
जलती है बेचारी चुचियों से
जो जीवन भर तरसती है लंड को
उसे क्या पता चुचियों का हाल
ये भी तो चाहती हैं इन्हें मसला जाए
बेदर्दी से मुठियों में भर इन्हें भींचा जाए
कभी कभी तीखे दांत
मजे और दर्द का स्वाद चखा देता है
फिर भी तरसती हैं चूचियां लंड के साथ को
हरामखोर बस चूत को ही
मलाईदार खीर खिलाता है |
sonie
20-01-2011, 10:16 AM
काम दंड बड़ा उदंड किसी को मार मार के करे बेहाल
फिर भी बोले प्यारी चूत , आजा मुझे कर दे निहाल
चूत बोली लंड से आ जा मुझे पेल दे , चूची जल के हुई राख
बोली अब नहीं हम सहेंगे छाननी पड़ेगी तुझ को ख़ाक
पहले हमको प्यार करेगा दबा दबा के और प्यार से
चूस चूस के हमको करेगा लाल जाएगा तेरे पास देर से
हम को देख देख कर जल और साथ में टपका लार
फिर भेजूंगी तेरे पास फिर तू सहना उस का भार
लंड बड़ा उदंड है पर इस की उदंडता मै भी है मजा
पाएंगी हम पहले प्यार फिर मिलेगी तुझे सजा
मियां लंड धारक
कुछ अपनी कहो
अपनी सुनाओ
चुचियों और चूत के लफड़े में
लंड मत अड़ाओ
हमारा घरेलू मसला है
दखल दोगे फँस जाओगे
न मिलेगी चूत न चूचियां
लंड झुलाते रह जाओगे
इतनी अकड़ मत दिखाओ
धरी रह जाएगी
सारी की सारी अकड़
पीछे के रास्ते घुस जाएगी
sonie
20-01-2011, 10:20 AM
Phool Murjhate acche nahi lagte,
Aap lund khujate acche nahi lagte,
Koi to patalo bachi ab meri jaan,
Roz Roz bathroom me hilate acche nahi lagte...
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खुजा खुजा के हिलाना सीखा है
हिला हिला के काम चलाना सीखा है
ये छोकरे और क्या करें
छोकरी पटाना इन्हें सपना लगता है
mr.kamboj
20-01-2011, 10:25 AM
kya hua chokri nhi patti randiyo se kam chlana seekh gye
jb randiyo ke rate ho jate h mahange to hatho se hilana seekh gye
kahte h hm sbhi ldkio se ki le le hmara lund apni choot me
aap log bhi to gajar muli aur kheere se kam chlana seekh gye
prakashdada1979
20-01-2011, 12:03 PM
chut teri chulbuli land
Mera bi hai udas
Humse bat karke dekha
Hum hi mita denge
Teri pyas
sonie
21-01-2011, 02:05 PM
kya hua chokri nhi patti randiyo se kam chlana seekh gye
jb randiyo ke rate ho jate h mahange to hatho se hilana seekh gye
kahte h hm sbhi ldkio se ki le le hmara lund apni choot me
aap log bhi to gajar muli aur kheere se kam chlana seekh gye
वक़्त-ए-जरूरत काम सभी चला लेते हैं
भूख लगती है तो घास-फूस भी पचा लेते हैं
ये जीना भी क्या कोई जीना है
इससे बेहतर जिंदगी तो जानवर भी जिया करते हैं.
छेद छेद में फर्क होता है
हर शीशे को पैमाना नहीं कहते
हर सड़क पे बार खुले हुए हैं हजारों
हर बार को जानम मैयखाना नहीं कहते.
टेबल तक पहुँच जाती है हाला
बैरों की मेहरबानी से
जब तलक साक़ी न उतरे पैमाने में
ऐसे पीने को हाजरान हराम कहते हैं.
शराब तो लब-ए-जाम से पी जाती है
या आँखों के पैमाने से छकी जाती है
असल पीने वाले वो माने जाते हैं
जो डूब कर चूत की गहराई में पी जाते हैं.
sonie
21-01-2011, 02:08 PM
chut teri chulbuli land
Mera bi hai udas
Humse bat karke dekha
Hum hi mita denge
Teri pyas
दादा आपका प्रकाश अनोखा है
उस से अधिक आपका अवतार अनोखा है
बातों में समय गवाना हमें नहीं जंचता
क्यों ना आये मतलब की बात पर
लगता तो हैं की आपका अंदाज अच्छा है
sonie
21-01-2011, 02:11 PM
अभी तो आप लडको के लङ को ठंडा करो रानी साहिबा
गर्म हो तो ठंडा किया जाए
फूँक मार मार के पिया जाए
खड़े लंड पर बैठने का जो मजा चाहिए
तो गरमा गर्म लंड को और भी गरम किया जाए
mr.kamboj
21-01-2011, 02:30 PM
गर्म हो तो ठंडा किया जाए
फूँक मार मार के पिया जाए
खड़े लंड पर बैठने का जो मजा चाहिए
तो गरमा गर्म लंड को और भी गरम किया जाए
लंड को चाहिए चूत का घर
होता रहेगा अंदर बाहर
फाँको को जो दे रगड़
कर दे यौवन रस से तर
sonie
21-01-2011, 02:35 PM
लंड को चाहिए चूत का घर
होता रहेगा अंदर बाहर
फाँको को जो दे रगड़
कर दे यौवन रस से तर
पहले थूक लगा के गीला करुँगी
फिर डाल के भट्टी में भुन दूँगी
हल्का भूरा होने तक सेकुंगी
फिर डूबा के चासनी में ठंडा करुँगी
Pooja1990 QUEEN
21-01-2011, 02:45 PM
wah soni ji aapki kabya rachna ne dil jeet liya. foram ki mumtaj ho aap .yaha ke lakdo ki bap ho aap.mat khada hone dena inka lund. aapki chut ke aage inki okad b kya.
Pooja1990 QUEEN
21-01-2011, 03:11 PM
soni ji chut ki rachna aapse better is foram me koi nahi kar sakta.
mr.kamboj
21-01-2011, 03:17 PM
wah soni ji aapki kabya rachna ne dil jeet liya. foram ki mumtaj ho aap .yaha ke lakdo ki bap ho aap.mat khada hone dena inka lund. aapki chut ke aage inki okad b kya.
लंड की औकात भी जान जाओगी
और इसकी ताकत भी पहचान जाओगी
जिस दिन आ गई तुम्हारी चूत किसी दमदार लंड के नीचे चुदाई का हर सबक जान जाओगी
चाहे मुमताज रही हो सिरे की हसीना चूदी वो भी लंड से ही
चूत और लंड की रिश्ता है बड़ा प्यारा
कभी चुदवा लो हमसे सब जान जाओगी
sonie
21-01-2011, 04:33 PM
wah soni ji aapki kabya rachna ne dil jeet liya. foram ki mumtaj ho aap .yaha ke lakdo ki bap ho aap.mat khada hone dena inka lund. aapki chut ke aage inki okad b kya.
जर्रा नवाजी का शुक्रिया
मुमताज का ख़िताब दिया
तह-ए-दिल से शुक्रिया
बस एक बात की मुआफी चाहूंगी
फोरम के लड़कों की माँ मत बनाना
मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
पर नियामक महोदय आ जाएंगे
और महंगा पड़ जाएगा चुदाना
चूत की भड़कती आग को चाहिए
दमकल का होज पाइप
डाल कर पेट्रोल लंड का
आग में जगा दे लाइफ.
sonie
21-01-2011, 04:36 PM
soni ji chut ki rachna aapse better is foram me koi nahi kar sakta.
पूजा बहन, ऐसी बात नहीं
फोरम में एक से एक बढ़कर हैं
मेरी तो औकात ही क्या है
ये तो बस आपकी दुआओं का असर है.
सच कहों तो आप और विभा को याद करती हूँ
आपकी सपनीली चूत का आँखे बंद कर दीदार करती हूँ
शेर, कवितायें और काफिये खुदबखुद उतर आते हैं
अंगुलियाँ चलाने की आदत जो पड़ गयी है
कीबोर्ड पर चलती हैं तो गीत बन जाते हैं
sonie
21-01-2011, 04:44 PM
लंड की औकात भी जान जाओगी
और इसकी ताकत भी पहचान जाओगी
जिस दिन आ गई तुम्हारी चूत किसी दमदार लंड के नीचे चुदाई का हर सबक जान जाओगी
चाहे मुमताज रही हो सिरे की हसीना चूदी वो भी लंड से ही
चूत और लंड की रिश्ता है बड़ा प्यारा
कभी चुदवा लो हमसे सब जान जाओगी
जब भी देखती हूँ अवतार आपका
नजरें झुकी मिलती हैं
उड़ा दे चूत की नींद
ऐसे मर्द के तलाश
हर चूत को रहती है
पर ऐसे मर्द कहाँ मिलते हैं
डायनासोरस की तरह कबके गुम हो गए
धृतराष्ट्र ने एक ही ठुकाई में सौ निकाले थे
अब टी-स्पून-फुल माल निकालने वाले रह गए हैं
akamboj2000
21-01-2011, 08:43 PM
जब भी देखती हूँ अवतार आपका
नजरें झुकी मिलती हैं
उड़ा दे चूत की नींद
ऐसे मर्द के तलाश
हर चूत को रहती है
पर ऐसे मर्द कहाँ मिलते हैं
डायनासोरस की तरह कबके गुम हो गए
धृतराष्ट्र ने एक ही ठुकाई में सौ निकाले थे
अब टी-स्पून-फुल माल निकालने वाले रह गए हैं
मत देखिए अवतार की तरफ बंदे की कर दिखाने की चाहत देखो
जमाने से आपने चुदा कर तो देखा हमसे भी एक बार चुदा कर तो देखो
जो कहती है कि दुनिया मे दमदार मर्दोँ की कमी है
कभी मेरी गली में आ कर तो देखो
भूल जाओगे दुनिया को याद रहेगा लंड इससे एक बार चुदवा कर तो देखो
himanshuhkr11
22-01-2011, 12:12 AM
dear sonei tumhari rachnaye wakai lajwab hai tumhari fadakati chut ko mere lund ka salam
prakashdada1979
22-01-2011, 09:33 AM
thand ke dino me
Lund bhi akd jata hi
Isi liye chud me
Nahi jata hi
Par ye mat samjna
Ki lund kamjor hi
Lund to lund hi
Usse bi jada kya
Tumhari chud me
Jor hi
akamboj2000
22-01-2011, 10:31 AM
thand ke dino me
Lund bhi akd jata hi
Isi liye chud me
Nahi jata hi
Par ye mat samjna
Ki lund kamjor hi
Lund to lund hi
Usse bi jada kya
Tumhari chud me
Jor hi
सही कहा दोस्त लड़की चाहे कितनी भी बड़ी क्यो ना बन जाए पर कभी खड़ी हो कर नही मुत सकती और लड़की चाहे कितनी भी लंबी हो लंड हमेशा लेट कर ही लेगी लंड की जरूरत हर चूत को है उँगली और मूली गाजर में कोई मजा नही है
sonie
22-01-2011, 11:23 AM
छोरा मैं हरियाणे का , छोरी मन्नै कहीं भी मिल जै चोद के आणे का
ताऊ हरियाने का तू
लठ्ठ लिए क्यूँ हांड
थोडा प्रेम त बतलाले
तेरा के घिस ज्यागा
क्यूँ झूठा हांगा लारया
जो पकड़ मरोड़ द्यूं तेरी कलाई
फेर ना पाछा देखगा
धोती म ना मूत लिकड़ जा
रोला करना भूल ज्यागा
sonie
22-01-2011, 04:22 PM
सही कहा दोस्त लड़की चाहे कितनी भी बड़ी क्यो ना बन जाए पर कभी खड़ी हो कर नही मुत सकती और लड़की चाहे कितनी भी लंबी हो लंड हमेशा लेट कर ही लेगी लंड की जरूरत हर चूत को है उँगली और मूली गाजर में कोई मजा नही है
किस जमाने की बात करते हो वक्त बदल चूका है
आज कल मर्द लेट कर हाथो में पकड़ता है
कही खड़ा लंड बैठ न जाए जड़ से जकड़ता है
वो दिन हवा हुए जब लौंडिया लेट कर चुदाती थी
आज की छोकरी चढ़ कर लंड पर कुदी लगाती है
कद्दूकश में जकड रस निचोड़ती है,
या शार्पनर में डाल पेन्सिल की चोंच बनाती है
मूली गाजर अब बायो-जेनरेटेड होते हैं
उसकी जगह एक से एक डिल्डो मिलते हैं
खड़े होके मूतने से ज्यादा मजा जानम
खड़े लंड पे मूतने में आता है
जाड़े में सिकुड़े लंड को खड़ा करने के लिए
चूत के फव्वारे का गरमा गर्म स्नान काम आता है
prakashdada1979
22-01-2011, 04:23 PM
gajr muli me kya rakha hi
Lund hamara tu le ke dekh
Chud ki kadai me talke
Ghi laga ke kha ke dekh
Swadisht bada hai lund humra
Bar-bar mangogi na mile
To ghar-ghar jake dhundo gi
sonie
22-01-2011, 04:34 PM
gajr muli me kya rakha hi
Lund hamara tu le ke dekh
Chud ki kadai me talke
Ghi laga ke kha ke dekh
Swadisht bada hai lund humra
Bar-bar mangogi na mile
To ghar-ghar jake dhundo gi
मुझे तो लिख दिया
पूजा को मत लिखना
घी और तेल का क्या करना
कच्चा ही चबा जाएगी
मशहूर लंडखोर है
अभी अभी जवान हुई है
जबड़े में जोर है
उसके पास जाकर
सारी अकड़ भूल जाओगे
कहाँ गया लंड
मियां, ढूंढते रह जाओगे
akamboj2000
22-01-2011, 05:48 PM
मुझे तो लिख दिया
पूजा को मत लिखना
घी और तेल का क्या करना
कच्चा ही चबा जाएगी
मशहूर लंडखोर है
अभी अभी जवान हुई है
जबड़े में जोर है
उसके पास जाकर
सारी अकड़ भूल जाओगे
कहाँ गया लंड
मियां, ढूंढते रह जाओगे
सोनी जी ये हमारा लंड है
हमें इस पर घमँड है
तोड़ देगा हर लड़की के दाँत
और पूजा तो बच्ची है इसकी क्या बिसात
prakashdada1979
23-01-2011, 12:36 PM
मुझे तो लिख दिया
पूजा को मत लिखना
घी और तेल का क्या करना
कच्चा ही चबा जाएगी
मशहूर लंडखोर है
अभी अभी जवान हुई है
जबड़े में जोर है
उसके पास जाकर
सारी अकड़ भूल जाओगे
कहाँ गया लंड
मियां, ढूंढते रह जाओगे
Lund humhara kadak hai
Chabane se or kadak-lamba ho jayega
Chut me dalone to 9 mah me bacha ho jayege
Fir pooja ho ya sonie ho
Sabhi ko 1din khan hai
Na mile to humhara hi lena hai
prakashdada1979
23-01-2011, 12:46 PM
sonie ji mere sawal ka jawab do
$ HUM APKE HAI KON ? $
akayemm
23-01-2011, 01:08 PM
सोनी जी ये हमारा लंड है
हमें इस पर घमँड है
तोड़ देगा हर लड़की के दाँत
और पूजा तो बच्ची है इसकी क्या बिसात
मित्र , यदि आपके उदगार गंभीरता लिए हुए हैं , तो कहूँगा कि अभी आप यौन क्रीडा के सम्बन्ध में इतने कच्चे हैं कि जैसे कि वो बालक जिसके माँ के दूध दांत भी नहीं टूटे ! :rofl: इस प्रकार की भ्रान्ति थी लेकिन वो भी केवल कुछ नारियों को ! और वो भी १९वी शताब्दी में , लेकिन अब शारीरिक विज्ञान बहुत आगे निकल गया है , इस लिए समझ लीजिए ,कि वो देवी तो कच्चा चबा सकती है जैस कई लोग सांप को चबा जाते हैं , लेकिन आप अपनी धमकी को क्रियान्वित नहीं कर पायेगें ! :nono: अतः आप पहले शारीरिक रचना के बारे में ज्ञान प्राप्त कीजिये , और फिर अपनी मर्दानगी का जोश दिखाइए ...चाहे पद्य रूप में ही सही ! :rofl: ये मेरी मान्यता है , कि पद्य में यथार्थ और सामरिकता का कुछ सामंजस्य अवश्य होता है और होना भी चाहिए ... नहीं जानता कि आप मेरी विज्ञान और सामजिक ज्ञान पर आधारित टिप्पणी को कितना समझ पाएंगे ... लेकिन फिर भी मेरी ओर से :bloom: ... अनिल
akayemm
23-01-2011, 01:25 PM
Lund humhara kadak hai
...................
.............
Na mile to humhara hi lena hai
Lund humhara kadak hai
लंड हमारा कड़क है
Chabane se or kadak-lamba ho jayega
चबाने से और कड़क-लंबा हो जायेगा
Chut me dalone to 9 mah me bacha ho jayege
चूत में डालें तो ९ माह में बच्चा हो जायेगा
Fir pooja ho ya sonie ho
फिर पूजा हो या सोनी हो
Sabhi ko 1din khan hai
सभी को १ दिन खाना (?) है
Na mile to humhara hi lena hai
ना मिले तो हमारा ही लेना है .....
.....
मित्र , कृपया आप अपने पद्य रूपी हृदय उदगारों पर प्रकाश डालेंगे , मेरे ज्ञान लाभ के लिए .... बिलकुल वैसे ही जैसे संत महापुरुषों के दोहों और संस्कृत के श्लोकों की व्याख्या की आवश्यकता हो जाती है ! जैसे गीता को अभी तक लोग पुरी तरह समझ नहीं पाए हैं ..... सीता कि क्या बात की जाये ....:p .... अनिल
सभी को १ दिन खाना (?) हैचूत में डालें तो ९ माह में बच्चा हो जायेगा
akamboj2000
23-01-2011, 05:27 PM
मित्र , यदि आपके उदगार गंभीरता लिए हुए हैं , तो कहूँगा कि अभी आप यौन क्रीडा के सम्बन्ध में इतने कच्चे हैं कि जैसे कि वो बालक जिसके माँ के दूध दांत भी नहीं टूटे ! :rofl: इस प्रकार की भ्रान्ति थी लेकिन वो भी केवल कुछ नारियों को ! और वो भी १९वी शताब्दी में , लेकिन अब शारीरिक विज्ञान बहुत आगे निकल गया है , इस लिए समझ लीजिए ,कि वो देवी तो कच्चा चबा सकती है जैस कई लोग सांप को चबा जाते हैं , लेकिन आप अपनी धमकी को क्रियान्वित नहीं कर पायेगें ! :nono: अतः आप पहले शारीरिक रचना के बारे में ज्ञान प्राप्त कीजिये , और फिर अपनी मर्दानगी का जोश दिखाइए ...चाहे पद्य रूप में ही सही ! :rofl: ये मेरी मान्यता है , कि पद्य में यथार्थ और सामरिकता का कुछ सामंजस्य अवश्य होता है और होना भी चाहिए ... नहीं जानता कि आप मेरी विज्ञान और सामजिक ज्ञान पर आधारित टिप्पणी को कितना समझ पाएंगे ... लेकिन फिर भी मेरी ओर से :bloom: ... अनिल
अरे वाह अनिल भाई बड़ी सुंदरता से दल बदल कर महिला समूह में शामिल हो गए और आपके सवाल का जवाब यह है कि क्या आपने हिंदी व्याकरण नही पढ़ा उसमे अलँकार होते हैं एक होता है अतिश्योक्ति अलँकार मेरे द्वारा लिखित प्रविष्टि उसी का उद्धरण है आगे आप स्वयं बुद्धिमान हो
akamboj2000
23-01-2011, 05:42 PM
Lund humhara kadak hai
लंड हमारा कड़क है
Chabane se or kadak-lamba ho jayega
चबाने से और कड़क-लंबा हो जायेगा
Chut me dalone to 9 mah me bacha ho jayege
चूत में डालें तो ९ माह में बच्चा हो जायेगा
Fir pooja ho ya sonie ho
फिर पूजा हो या सोनी हो
Sabhi ko 1din khan hai
सभी को १ दिन खाना (?) है
Na mile to humhara hi lena hai
ना मिले तो हमारा ही लेना है .....
.....
मित्र , कृपया आप अपने पद्य रूपी हृदय उदगारों पर प्रकाश डालेंगे , मेरे ज्ञान लाभ के लिए .... बिलकुल वैसे ही जैसे संत महापुरुषों के दोहों और संस्कृत के श्लोकों की व्याख्या की आवश्यकता हो जाती है ! जैसे गीता को अभी तक लोग पुरी तरह समझ नहीं पाए हैं ..... सीता कि क्या बात की जाये ....:p .... अनिल
मित्र आप तो व्याकरण शून्य हो आपको ज्ञात होगा कि व्याख्या की आवश्यकता तभी होती है जब आप किसी भाषा को समझ नही सकते और ये हिंदी है इसमे कभी कभी द्विअर्थी सँवाद भी होता है आप उसके दोहरे अर्थ को समझने का प्रयास किया करो
akayemm
23-01-2011, 08:13 PM
मित्र , यदि आपके उदगार गंभीरता लिए हुए हैं .........
.........
...........लेकिन फिर भी मेरी ओर से :bloom: ... अनिल
अरे वाह अनिल भाई .............
और आपके सवाल का जवाब यह है कि क्या आपने हिंदी व्याकरण नही पढ़ा ..............
.........
मित्र , आपके द्वारा की गयी 'तारीफ़' के उत्तर में यही कह सकता हूं कि आपको अभी पढने की तमीज नहीं , लिखने का तो क्या कहिये ! ..... अतः मित्र पहले पढना सीखिए फिर कुछ और ..... एक और बात , कुछ विनम्रता लाइए अपनी सोच में और व्यवहार में , अन्यथा बहुत हानि उठाएंगे वास्तविक जीवन में ....... अनिल
akayemm
23-01-2011, 08:20 PM
मित्र आप तो व्याकरण शून्य हो आपको ज्ञात होगा कि व्याख्या की आवश्यकता तभी होती है जब आप किसी भाषा को समझ नही सकते और ये हिंदी है इसमे कभी कभी द्विअर्थी सँवाद भी होता है आप उसके दोहरे अर्थ को समझने का प्रयास किया करो
मित्र , आभारी हूं ऊपरवाले का कि मेरा ज्ञान आप जैसा नहीं है ..... और प्रार्थना करता हूं कि किसी का भी ऐसा ना हो ..... अपना सन्देश पुनः पढ़ें , शायद आपको अपनी गलती या त्रुटि पता लग जाए ...:bloom: .... अनिल
akamboj2000
23-01-2011, 08:28 PM
मित्र , आपके द्वारा की गयी 'तारीफ़' के उत्तर में यही कह सकता हूं कि आपको अभी पढने की तमीज नहीं , लिखने का तो क्या कहिये ! ..... अतः मित्र पहले पढना सीखिए फिर कुछ और ..... एक और बात , कुछ विनम्रता लाइए अपनी सोच में और व्यवहार में , अन्यथा बहुत हानि उठाएंगे वास्तविक जीवन में ....... अनिल
सुन कर अच्छा लगा पर आप अब तक समझ गए होंगे कि बिना माँगे उपदेश देना अच्छी आदत नहीं
prakashdada1979
23-01-2011, 10:12 PM
tumhari nagdjro me
humne dekha ajbsi
Chaht zhalk rahi hai
Na dekho ase najar
Zhukake humhari niyat
Badal rahi hai
sonie
24-01-2011, 01:52 PM
मित्रो ! काहे की बहस
काहे का झगडा
हम सब कच्चे हैं
फिर काहे का रगडा |
चुदाई वो विषय है
जिसे पर महारत किसी को
हो नहीं सकती
हर चुदाई के सेसन में
दोनों ही पार्टनर को
बहुत सी नई नई बातें
सीखने को मिलती
भाषा और व्याकरण
बुद्धिजीवों का भोजन है
हम जैसे चूत और लंड भक्षकों के लिए
सामिष भाषा ही जीवन है
निरामिष और व्याकरण शुद्ध भाषा
फाइव स्टार का महंगा भोजन है
झगडे में न पड़ें
आनंद का सृजन करें
स्वयं आनंद लें
साथी को आनंद रस में डूबने दें..
मेरी कोशिस रही है
किसी भी लंड या चूत की
जान बूझ इन्सल्ट ना करूँ
कही कुछ कहा भी है
तो मकसद आनंद का सृजन था
द्विअर्थी सम्वाद से
गुप्तांगो में सनसनी का
आमंत्रण था ....
मित्रो आओ गले मिलें
गे न भी हों तो भी
एक दुसरे के लंड को
इज्जत बख्शें
मैं तो यहाँ तक कहूँगी
की एक मधुर चुम्बन दे कर
भूल चुक माफ कहें |
akamboj2000
24-01-2011, 02:10 PM
मित्रो ! काहे की बहस
काहे का झगडा
हम सब कच्चे हैं
फिर काहे का रगडा |
चुदाई वो विषय है
जिसे पर महारत किसी को
हो नहीं सकती
हर चुदाई के सेसन में
दोनों ही पार्टनर को
बहुत सी नई नई बातें
सीखने को मिलती
भाषा और व्याकरण
बुद्धिजीवों का भोजन है
हम जैसे चूत और लंड भक्षकों के लिए
सामिष भाषा ही जीवन है
निरामिष और व्याकरण शुद्ध भाषा
फाइव स्टार का महंगा भोजन है
झगडे में न पड़ें
आनंद का सृजन करें
स्वयं आनंद लें
साथी को आनंद रस में डूबने दें..
मेरी कोशिस रही है
किसी भी लंड या चूत की
जान बूझ इन्सल्ट ना करूँ
कही कुछ कहा भी है
तो मकसद आनंद का सृजन था
द्विअर्थी सम्वाद से
गुप्तांगो में सनसनी का
आमंत्रण था ....
मित्रो आओ गले मिलें
गे न भी हों तो भी
एक दुसरे के लंड को
इज्जत बख्शें
मैं तो यहाँ तक कहूँगी
की एक मधुर चुम्बन दे कर
भूल चुक माफ कहें |
गुप्ताँग की सनसनी से हमारा हृदय विचलित होने लगा
आपकी काव्य रचना सुन कर लंड खड़ा होने लगा
अब चाहिए इसको साथ किसीका
दिल करार खोने लगा
चाहे मिल जाए कुँवारी कन्या या शादीशुदा से भी परहेज नही
कोई तो थामे इसे ये बेसब्र होने लगा
prakashdada1979
25-01-2011, 01:34 PM
मित्रो ! काहे की बहस
काहे का झगडा
हम सब कच्चे हैं
फिर काहे का रगडा |
चुदाई वो विषय है
जिसे पर महारत किसी को
हो नहीं सकती
हर चुदाई के सेसन में
दोनों ही पार्टनर को
बहुत सी नई नई बातें
सीखने को मिलती
भाषा और व्याकरण
बुद्धिजीवों का भोजन है
हम जैसे चूत और लंड भक्षकों के लिए
सामिष भाषा ही जीवन है
निरामिष और व्याकरण शुद्ध भाषा
फाइव स्टार का महंगा भोजन है
झगडे में न पड़ें
आनंद का सृजन करें
स्वयं आनंद लें
साथी को आनंद रस में डूबने दें..
मेरी कोशिस रही है
किसी भी लंड या चूत की
जान बूझ इन्सल्ट ना करूँ
कही कुछ कहा भी है
तो मकसद आनंद का सृजन था
द्विअर्थी सम्वाद से
गुप्तांगो में सनसनी का
आमंत्रण था ....
मित्रो आओ गले मिलें
गे न भी हों तो भी
एक दुसरे के लंड को
इज्जत बख्शें
मैं तो यहाँ तक कहूँगी
की एक मधुर चुम्बन दे कर
भूल चुक माफ कहें |
Apka jo vichar apne likha padkr boht acha laga
Ap samjdari or sujhabujh wali bate karti ho
Ase hi chalne do forum me boht maja ayega
>danyawad<
sonie
25-01-2011, 02:16 PM
Apka jo vichar apne likha padkr boht acha laga
Ap samjdari or sujhabujh wali bate karti ho
Ase hi chalne do forum me boht maja ayega
>danyawad<
आप दादा हैं - बंगाल में सुना है बड़े भाई को दादा कहते हैं - सो प्रकाश दादा धन्यवाद तो मुझे आपको देना चाहिए आपने इतनी बड़ाई की और मुझे समझदार बताया - वैसे सच कहूं तो महा गधी और बिगड़ी हुई लड़की हूँ - इतनी बड़ाई करेंगे तो और बिगड़ जाउंगी - और गधी इसलिए क्योंकि गधे जैसे लौंडों की फिराक में जो रहती हूँ
sonie
25-01-2011, 02:19 PM
गुप्ताँग की सनसनी से हमारा हृदय विचलित होने लगा
आपकी काव्य रचना सुन कर लंड खड़ा होने लगा
अब चाहिए इसको साथ किसीका
दिल करार खोने लगा
चाहे मिल जाए कुँवारी कन्या या शादीशुदा से भी परहेज नही
कोई तो थामे इसे ये बेसब्र होने लगा
रचनाएं-वचनाएं कुछ नहीं
सिर्फ मन के उदगार हैं
सच कहूं तो चुदासी चूत से निकली
गर्म चुदास सांसों का उच्छ्वास हैं
मेरी बाते आपका लंड खडा कर देती हैं
ये तो मेरी जीत हुई
जब बिस्तर पर बिछा कर चोदेंगे
तो कहूँगी जीत आपकी हुई
akamboj2000
25-01-2011, 06:56 PM
रचनाएं-वचनाएं कुछ नहीं
सिर्फ मन के उदगार हैं
सच कहूं तो चुदासी चूत से निकली
गर्म चुदास सांसों का उच्छ्वास हैं
मेरी बाते आपका लंड खडा कर देती हैं
ये तो मेरी जीत हुई
जब बिस्तर पर बिछा कर चोदेंगे
तो कहूँगी जीत आपकी हुई
आपकी चुदासी चूत को पहले मेरे उद्दँड लंड का प्रणाम
मजा बहुत ही आ जाए जो तुम मिल जाओ मेरी जान
हार जीत का मोल नही ये चुदाई नही संग्राम
बस चाहते हैं हम पूरी संतुष्टि
आपकी और हमारी
कुछ करो ऐसा इंतजाम कि चुदाई हो अनंत ऐसी जो चले सुबह से शाम
prakashdada1979
25-01-2011, 07:37 PM
kisike bhi lude or chut ka
Uphas na kare
Chodna hai to chode warna
Na chode
man-vakil
26-01-2011, 12:05 AM
चोदन भेदन सब करो...भीतर जाऔ बारम्बार..
ये सिर्फ चूत नहीं ...ये है स्वर्ग का सीधा द्वार...
prakashdada1979
26-01-2011, 02:03 AM
sara badan hai gora gora
Itni jaga kyo kali re
Tune apne chaddi me
Kaisi bul bul pali re
sonie
26-01-2011, 11:51 AM
चोदन भेदन सब करो...भीतर जाऔ बारम्बार..
ये सिर्फ चूत नहीं ...ये है स्वर्ग का सीधा द्वार...
सिंह द्वार ये चूत का, खाला का घर नाय
शीश लंड का जब झुके, तब पैठे घर माय
sonie
26-01-2011, 11:54 AM
sara badan hai gora gora
Itni jaga kyo kali re
Tune apne chaddi me
Kaisi bul bul pali re
खामखयाली में सपने देखते हो
झकास गोरी चूत को काली कहते हो
नजरों का दोष है, चस्म-ए-बद दूर हो जाओ
जो आस पास नजर भी आये
चूत से कहूँगी कच्चा ही लील जाओ
akamboj2000
26-01-2011, 12:31 PM
खामखयाली में सपने देखते हो
झकास गोरी चूत को काली कहते हो
नजरों का दोष है, चस्म-ए-बद दूर हो जाओ
जो आस पास नजर भी आये
चूत से कहूँगी कच्चा ही लील जाओ
गोरी चूत है चिकनी और साफ
केश रहित हो सोने पे सुहागा
चुस चुस कर ,कर दूँ लाल
पेल दूँ इसमे लंड अभागा
प्रेम मिलन हो लंड चूत का
sonie
26-01-2011, 12:50 PM
गोरी चूत है चिकनी और साफ
केश रहित हो सोने पे सुहागा
चुस चुस कर ,कर दूँ लाल
पेल दूँ इसमे लंड अभागा
प्रेम मिलन हो लंड चूत का
ऐसे चोदू लंड को अभागा नहीं कहते
इसे तो जानू सोने में सुहागा कहते हैं
चूत को तो बस एक अदद लंड चाहिए
पेल दे कस कर ऐसा पेल्हड़ चाहिए
सलाम करती है मेरी चूत आपको
आपसा चुदक्कड़ जवां मर्द चाहिए
चीर कर चूत की फांके अलबेली
उतार दीजिये अन्दर तक लौंडा जबर
रखदें तलहटी को चूत की ठोकरों पे
जब तलक न चीखे - बस सबर बस सबर
akamboj2000
26-01-2011, 01:23 PM
ऐसे चोदू लंड को अभागा नहीं कहते
इसे तो जानू सोने में सुहागा कहते हैं
चूत को तो बस एक अदद लंड चाहिए
पेल दे कस कर ऐसा पेल्हड़ चाहिए
सलाम करती है मेरी चूत आपको
आपसा चुदक्कड़ जवां मर्द चाहिए
चीर कर चूत की फांके अलबेली
उतार दीजिये अन्दर तक लौंडा जबर
रखदें तलहटी को चूत की ठोकरों पे
जब तलक न चीखे - बस सबर बस सबर
चुदाई के खेल मे साथ आपका चाहिए
लंड तो अकडे खड़ा है कोई शांत करने वाली चाहिए
टाँगे उठा कर रख लूँ कंधे पर
और फिर लंड पहुँचा दूँ चूत की घाटी मे
निचोड कर पी लूँ स्तन से हर बूँद को
चुस लूँ लबोँ का रस
बस चोद दूँ जी जान से
कर दूँ योनि की फाँको को अलग थलग बस इकरार आपका चाहिए
man-vakil
26-01-2011, 08:15 PM
क्या बात है मित्रों ....चूत छोड़ शेरो-शायरी पे उतर आये...
sonie
27-01-2011, 09:50 AM
क्या बात है मित्रों ....चूत छोड़ शेरो-शायरी पे उतर आये...
जानेमन, चुदाई की भाषा कम से कम लीगल तो नहीं हो सकती और होनी भी नहीं चाहिए... और अगर कविताओं में चोदने-चुदवाने की बात की जाए तो चुदाई का मजा भी बढ़ जाएगा... आप भी यार वकालत छोडो और मेरी चूत में बैठ कर कविता लिखो... आमंत्रण
akamboj2000
27-01-2011, 10:01 AM
जानेमन, चुदाई की भाषा कम से कम लीगल तो नहीं हो सकती और होनी भी नहीं चाहिए... और अगर कविताओं में चोदने-चुदवाने की बात की जाए तो चुदाई का मजा भी बढ़ जाएगा... आप भी यार वकालत छोडो और मेरी चूत में बैठ कर कविता लिखो... आमंत्रण
आपका निमंत्रण विचित्र है आपकी चूत कोई कुर्सी सोफा क्या है जो कोई आपकी चूत मे बैठ सकता है
sonie
27-01-2011, 10:51 AM
आपका निमंत्रण विचित्र है आपकी चूत कोई कुर्सी सोफा क्या है जो कोई आपकी चूत मे बैठ सकता है
मेरा तात्पर्य था कि वकील महोदय अपने - यानि अपने किसी और के नहीं - लिंग को मेरी योनी के प्रवेश द्वार में प्रविष्ट करा कर अन्दर डाले हुए मेरी कोमल जाँघों पर बैठ कर कविता करें...
akamboj2000
27-01-2011, 11:15 AM
मेरा तात्पर्य था कि वकील महोदय अपने - यानि अपने किसी और के नहीं - लिंग को मेरी योनी के प्रवेश द्वार में प्रविष्ट करा कर अन्दर डाले हुए मेरी कोमल जाँघों पर बैठ कर कविता करें...
wfao ki hmse twakko nhi h, magr ek bar azma kr to dekho.
zmane ko apna bna kar to dekha hme bhi tum apna bna kar to dekho
sonie
27-01-2011, 11:58 AM
wfao ki hmse twakko nhi h, magr ek bar azma kr to dekho.
zmane ko apna bna kar to dekha hme bhi tum apna bna kar to dekho
आप कब हमारे नहीं थे, हमें याद नहीं
वफ़ा की उम्मीद हमने कभी की हो, हमें याद नहीं
बेवफा हो सकेंगे कभी हम, हमें स्वीकार नहीं
हर लंड का स्वागत है, खुले हैं चूत के दरवाजे
चोद कर भर दे खाली चूत, बस इतना ही सही
मुरझा कर फिर हमें खाली छोड़ दे, परवाह नहीं
akamboj2000
27-01-2011, 12:24 PM
आप कब हमारे नहीं थे, हमें याद नहीं
वफ़ा की उम्मीद हमने कभी की हो, हमें याद नहीं
बेवफा हो सकेंगे कभी हम, हमें स्वीकार नहीं
हर लंड का स्वागत है, खुले हैं चूत के दरवाजे
चोद कर भर दे खाली चूत, बस इतना ही सही
मुरझा कर फिर हमें खाली छोड़ दे, परवाह नहीं
आपकी चाहत हमे दीवाना कर गई
बाकी जमाने की परवाह ना रहे
खुल जाए जोआपकी चूत की चौखट
फिर किसी चूत की दरकार ना रहे
मिल जाए लबोँ से लब और चूत से लंड
चले चुदाई हो बेपरवाह मदमस्त ना झड़ेँ कभी बस लगे रहें
sonie
27-01-2011, 11:04 PM
आपकी चाहत हमे दीवाना कर गई
बाकी जमाने की परवाह ना रहे
खुल जाए जोआपकी चूत की चौखट
फिर किसी चूत की दरकार ना रहे
मिल जाए लबोँ से लब और चूत से लंड
चले चुदाई हो बेपरवाह मदमस्त ना झड़ेँ कभी बस लगे रहें
लगे रहो राजा जानी...
रिसता रहे मेरी चूत का पानी.
Doremon
27-01-2011, 11:17 PM
लगे रहो दोस्तों, सोनी जी क्या आपको नहीं लगता ,कालरा जी य कम्बोज जी ये जो भी हैं ,अपने जलवा जी की कमी पूरी कर रहे हैं और आपको पूरा बराबरी का मुकाबला दे रहे हैं .
akamboj2000
27-01-2011, 11:25 PM
लगे रहो राजा जानी...
रिसता रहे मेरी चूत का पानी.
jb tak hum h kyo fikr krti ho jaan
riste hue pani ko choos lena hi h hmara kam
Ranveer
27-01-2011, 11:29 PM
सोनी जी आपका सपना है खड़े लंड का ....क्या बिना चुद्वाए आप किसी को अपना नहीं मानतीं ....:cool:
bhavna singh
28-01-2011, 12:23 AM
is foram par hamare liye bhi kuch hai kya
man-vakil
28-01-2011, 12:25 AM
सोनी जी ...मिला हमें आपकी रसवंती चूत का प्यासा निमंत्रण...
आपकी लालिमा से भरी बुर कर रही हमारे चुदुमल को आमंत्रण...
जब भीतर जाने को हुआ तो कुछ फिसला और गहरे में एकाएक.
क्योकि अब बुर आपकी हो चुकी है एक फटा हुआ चौड़ा केक..
पर क्या करे चोदुमल हमारा अब आपकी बुर पर हो गया मेहरबान..
तभी तो सब हदे पर कर आने जाने लगा आपकी रसवंती के पासबान,,
man-vakil
28-01-2011, 12:26 AM
सोनी जी ...मिला हमें आपकी रसवंती चूत का प्यासा निमंत्रण...
आपकी लालिमा से भरी बुर कर रही हमारे चुदुमल को आमंत्रण...
जब भीतर जाने को हुआ तो कुछ फिसला और गहरे में एकाएक.
क्योकि अब बुर आपकी हो चुकी है एक फटा हुआ चौड़ा केक..
पर क्या करे चोदुमल हमारा अब आपकी बुर पर हो गया मेहरबान..
तभी तो सब हदे पर कर आने जाने लगा आपकी रसवंती के पासबान,,
man-vakil
28-01-2011, 12:27 AM
भावना जी आप के लिए भी सेवा है..
Farhan
28-01-2011, 12:33 AM
सोनी जी ...मिला हमें आपकी रसवंती चूत का प्यासा निमंत्रण...
आपकी लालिमा से भरी बुर कर रही हमारे चुदुमल को आमंत्रण...
जब भीतर जाने को हुआ तो कुछ फिसला और गहरे में एकाएक.
क्योकि अब बुर आपकी हो चुकी है एक फटा हुआ चौड़ा केक..
पर क्या करे चोदुमल हमारा अब आपकी बुर पर हो गया मेहरबान..
तभी तो सब हदे पर कर आने जाने लगा आपकी रसवंती के पासबान,,
wah wah man vakil ji apki rachna to bahut achi hai. Kya aap kavi hai.
bhavna singh
28-01-2011, 12:33 AM
भावना जी आप के लिए भी सेवा है..
kya seva hai bhai jaan
man-vakil
28-01-2011, 12:37 AM
यही सेवा की आपकी लालिमा से भरी बुर कर रही हमारे चुदुमल से रगड़ खट्टा मिलेगा....
man-vakil
28-01-2011, 12:37 AM
जानेमन आपकी लालिमा से भरी बुर कर रही हमारे चुदुमल से रगड़ खट्टा मिलेगा....
bhavna singh
28-01-2011, 12:49 AM
जानेमन आपकी लालिमा से भरी बुर कर रही हमारे चुदुमल से रगड़ खट्टा मिलेगा....
accha hai chodu ram apne ghar me try kiya
man-vakil
28-01-2011, 12:55 AM
जानेमन अपने माल पर ट्राई करने के बाद ही तो आपकी बुर पर ट्राई करने को ओफ्फर कर रहा हूँ...
sonie
28-01-2011, 11:26 AM
जानेमन अपने माल पर ट्राई करने के बाद ही तो आपकी बुर पर ट्राई करने को ओफ्फर कर रहा हूँ...
चेष्टा में कमी ना आने पाए... जो चेष्टा में लगे रहते हैं वे सफल होते हैं... भावना जी की गुलाबी चूत की गहराइयों में भ्रमण का आमंत्रण अवश्य मिलेगा आपके चोदुमल को - मेरा विश्वास है... और अनुभवी लौंडों को - जिन्होंने घर पर ट्राई किया हुआ हो - चूत कभी ना नहीं कहती.. कम से कम मैं तो नहीं...
akamboj2000
28-01-2011, 12:22 PM
चेष्टा में कमी ना आने पाए... जो चेष्टा में लगे रहते हैं वे सफल होते हैं... भावना जी की गुलाबी चूत की गहराइयों में भ्रमण का आमंत्रण अवश्य मिलेगा आपके चोदुमल को - मेरा विश्वास है... और अनुभवी लौंडों को - जिन्होंने घर पर ट्राई किया हुआ हो - चूत कभी ना नहीं कहती.. कम से कम मैं तो नहीं...
हर निमंत्रण स्वीकार कर लेता है
बस प्रेम का भूखा है
हर समय रहता है सेवा के लिए तत्पर
हर चूत को नमन करता है
यही कर्म है यही धर्म है
कहते है कि ये लंड बड़ा बेशर्म है
कहिए तो सही कर देगा चूत की लालिमा से चुम्बन
और अंदर घुसना तो फितरत है इसकी
जहाँ भी जाता है घमासान मजा देता है
sonie
28-01-2011, 01:01 PM
wah wah man vakil ji apki rachna to bahut achi hai. Kya aap kavi hai.
कहावत है जहाँ न पहुंचे रवि, वहां पहुंचे कवि....
चूत की गहराइयों में रवि नहीं पहुँच पाते... मगर हमारे चोदु लंड महाराज बेख़ौफ़ वहां पहुँच जाते हैं तो कवि हुए या नहीं... और सिर्फ पहुँचते ही नहीं बल्कि धमा चौकड़ी मचा कर अपने हस्ताक्षर भी छोड़ जाते हैं... इनकी कवितायें भी तभी पकती हैं जब लंड चूत में होता है या चूत के सपने देख रहा होता है
sonie
28-01-2011, 01:04 PM
लगे रहो दोस्तों, सोनी जी क्या आपको नहीं लगता ,कालरा जी य कम्बोज जी ये जो भी हैं ,अपने जलवा जी की कमी पूरी कर रहे हैं और आपको पूरा बराबरी का मुकाबला दे रहे हैं .
जलवा जी को बहुत मिस कर रही हूँ - उनके लंड की आंच अभी भी चूत में महसूस करती हूँ
sonie
28-01-2011, 01:07 PM
सोनी जी आपका सपना है खड़े लंड का ....क्या बिना चुद्वाए आप किसी को अपना नहीं मानतीं ....:cool:
हर खड़े लंड का सपना हूँ
हर लंड जब चुदास होता है
मेरी चूत की आस में
बदहवास होता है
चोद जाए मुझे तो
अपना हो ही गया
न भी चोद पाया
तो भी चूत को पानी पानी तो कर गया
akamboj2000
28-01-2011, 01:12 PM
जलवा जी को बहुत मिस कर रही हूँ - उनके लंड की आंच अभी भी चूत में महसूस करती हूँ
लंड मे गर्मी हमारे भी बहुत है
और आपके पास भी एक चुलबुली चूत है
चाहते हैं अपने लावे से गर्म करना आपकी चूत को
न जाने क्यों आप तरसाती बहुत हैं
akamboj2000
28-01-2011, 01:24 PM
हर खड़े लंड का सपना हूँ
हर लंड जब चुदास होता है
मेरी चूत की आस में
बदहवास होता है
चोद जाए मुझे तो
अपना हो ही गया
न भी चोद पाया
तो भी चूत को पानी पानी तो कर गया
ये लंड आपके लिए हो गया चुदास
अब आप ही मिटा सकती हैं इस प्यासे की प्यास
रटता आपका ही नाम हर श्वास
कर दो कृपा अब तो कहता है लंडदास
Rihan Hasan
28-01-2011, 04:53 PM
अगर है सोनी तू चूतोँ की रानी,
तो हम भी हैँ लन्डधारी
आजा पास हमारे
पूरी कर दुँ ख्वाहिशेँ सारी,
अब तक जितनी चुत हैँ मारी
लन्ड पडा है सब पे भारी,
चूत फूलकर हो जाती है कुप्पारी
जब आती है धक्कोँ की बारी,
लन्ड हलक तक मुँह मेँ पेलुँ
ऐसा भी हूँ मैँ लन्डधारी,
मुँह को लन्ड से तब तक चोदूँ
जब तक आ ना जाए आँखोँ मेँ पानी,
चिहुँक चिहुँक कर जब याद आ जाए तुझे नानी,
उसके बाद हल करूँ मैँ तेरी परेशानी.
चुचोँ को मैँ ऐसे मसलू
के बन जाए उनमेँ कोई निशानी,
लन्ड को उनके बीच मेँ रगडुँ
तुझे बना दूँ स्तनधारी,
अब आयी जो चूत की बारी
खिल उठी चूत की फाँके न्यारी,
लन्डसुपाडा रख चूतद्वारे
धक्के मारूँ बारी बारी,
फट गयी चूत की झिल्ली पिल्ली
खून की ऐसी लगी पिचकारी.
आह... से जो तूने चीख मारी
सफल हो गयी मेहनत सारी,
अब भरेगी तू आनन्द सिसकारी
दूर हो जायेगी पीडा सारी,
चलने लगा जो चुदाई का तालमेल
ध्वनियाँ उठने लगी कितनी प्यारी.
और चोदो और चोदो लगी तू कहने
मैँने फिर धक्कोँ की कर दी भरमारी.
अब आयी तेरी गाँड की बारी
छोड दे सोनी इसे ढीली ढाली.
थूक से भर के सूराखे... गाँड
लन्ड घुसा दूँ मैँ लन्डधारी.
सोनी तेरी गाँड है बडी कसीली
लन्ड छिल गया है इस बारी,
धक्के पे धक्का लगाऊ कस के
गुफा कर दुँ तेरी चौडी चाडी,
आ गयी अब घडी सुहानी
बता कहाँ मारुँ पिचकारी
मुँह, गाँड या चूत तुम्हारी,
कैसी लगी ये कविता हमारी
आपका लन्डधारी...
man-vakil
28-01-2011, 07:09 PM
तुमरी प्यासी लाली सी चूत की आस में लंड हमरो भयो उदास ....
कोई गर्त अब भेदन को नहीं..व्याकुलता भई अब चहु पास..
आवत जावत को मास बीतन लगे.. रातों का कोई नहीं अब अहसास..
बैरागी अब घर जावेगो अपने...कोइन चलेगी नहीं तेज से धोकत सास...
sonie
28-01-2011, 08:05 PM
अगर है सोनी तू चूतोँ की रानी,
तो हम भी हैँ लन्डधारी
आजा पास हमारे
पूरी कर दुँ ख्वाहिशेँ सारी,
अब तक जितनी चुत हैँ मारी
लन्ड पडा है सब पे भारी,
चूत फूलकर हो जाती है कुप्पारी
जब आती है धक्कोँ की बारी,
लन्ड हलक तक मुँह मेँ पेलुँ
ऐसा भी हूँ मैँ लन्डधारी,
मुँह को लन्ड से तब तक चोदूँ
जब तक आ ना जाए आँखोँ मेँ पानी,
चिहुँक चिहुँक कर जब याद आ जाए तुझे नानी,
उसके बाद हल करूँ मैँ तेरी परेशानी.
चुचोँ को मैँ ऐसे मसलू
के बन जाए उनमेँ कोई निशानी,
लन्ड को उनके बीच मेँ रगडुँ
तुझे बना दूँ स्तनधारी,
अब आयी जो चूत की बारी
खिल उठी चूत की फाँके न्यारी,
लन्डसुपाडा रख चूतद्वारे
धक्के मारूँ बारी बारी,
फट गयी चूत की झिल्ली पिल्ली
खून की ऐसी लगी पिचकारी.
आह... से जो तूने चीख मारी
सफल हो गयी मेहनत सारी,
अब भरेगी तू आनन्द सिसकारी
दूर हो जायेगी पीडा सारी,
चलने लगा जो चुदाई का तालमेल
ध्वनियाँ उठने लगी कितनी प्यारी.
और चोदो और चोदो लगी तू कहने
मैँने फिर धक्कोँ की कर दी भरमारी.
अब आयी तेरी गाँड की बारी
छोड दे सोनी इसे ढीली ढाली.
थूक से भर के सूराखे... गाँड
लन्ड घुसा दूँ मैँ लन्डधारी.
सोनी तेरी गाँड है बडी कसीली
लन्ड छिल गया है इस बारी,
धक्के पे धक्का लगाऊ कस के
गुफा कर दुँ तेरी चौडी चाडी,
आ गयी अब घडी सुहानी
बता कहाँ मारुँ पिचकारी
मुँह, गाँड या चूत तुम्हारी,
कैसी लगी ये कविता हमारी
आपका लन्डधारी...
जो ऐसे मिल जाएं लंड धारी
हर चुदास चूत की मिट जाये खुमारी
चोद दो, फाड़ दो
हलक में डाल
चूत से निकाल दो
होली भी सर पर है
पिचकारी का अवसर है
चूत में डाल भर लो
मुह में डाल उड़ेल दो
एक और छेद बाकी है
बचा माल वहां ठेल दो
रेल दो पेल दो
चूत की नाक में
लंड के नकेल दो
sonie
28-01-2011, 08:09 PM
तुमरी प्यासी लाली सी चूत की आस में लंड हमरो भयो उदास ....
कोई गर्त अब भेदन को नहीं..व्याकुलता भई अब चहु पास..
आवत जावत को मास बीतन लगे.. रातों का कोई नहीं अब अहसास..
बैरागी अब घर जावेगो अपने...कोइन चलेगी नहीं तेज से धोकत सास...
आस निरास भई जब जोगी वापस जान लगो
बैरी भयो - जोग लियो - बन माहीं वास कियो
बन में नाही मिली कोई नार, कहूं सुन कान दियो
मोरी चूत बिन और न दूजो, वास सुवास लियो
man-vakil
28-01-2011, 08:15 PM
देखत रहे खड़े हो जोगी ...तुमरी चूत के हिलते पात...
दिखत रही केवल लाली ..न जान सको उसकी जात..
man-vakil
28-01-2011, 08:17 PM
गंध भी समझत नहीं , केवल मद के देखे बहते दरिया...
कहे गौरी तुम टांग उठाओ , जो भीतर न जा सके सरिया..
sonie
28-01-2011, 08:34 PM
गंध भी समझत नहीं , केवल मद के देखे बहते दरिया...
कहे गौरी तुम टांग उठाओ , जो भीतर न जा सके सरिया..
बाड़ दे सरिया गाड लकडिया
बहते दरिया में जो मर्द कहवाव
छक छक पीव मद-रस मोरे राज्जा
लो टांग उठा ली अब चोद रिझाव
दरिया में पूल बाँध दे रे रसिया
तोहरे लंड पे भरोस जडावे
एक बात मोरी रख ले रे सजना
बिन चुदवाये मोहे कछु नहीं भावे
sonie
28-01-2011, 08:53 PM
रहने दे आकाश को,
ज़मीन की तलाश कर
सब कुछ यही है
ना कही और तलाश कर
हर आरज़ू हो पूरी तो जीने का क्या मज़ा
...जीने के लिए बस एक वजह की तलाश कर
वजह कोई भी हो.. चूत मेरी या लंड उनका
ना भी मिले तो परवाह न कर
आरजू में बसा ले अपनी चाहत को
...जीने के लिए बस एक वजह की तलाश कर
man-vakil
29-01-2011, 01:06 AM
रहने दे आकाश को,
ज़मीन की तलाश कर
सब कुछ यही है
ना कही और तलाश कर
हर आरज़ू हो पूरी तो जीने का क्या मज़ा
...जीने के लिए बस एक वजह की तलाश कर
वजह कोई भी हो.. चूत मेरी या लंड उनका
ना भी मिले तो परवाह न कर
आरजू में बसा ले अपनी चाहत को
...जीने के लिए बस एक वजह की तलाश कर
नहीं जानते की कैसी प्यास तुम्हारी , जो यौवन से चल यौवन तक जाएगी..
या फिर मन के भीतर किसी आत्मा से.. मन की गंध से रच बस जाएगी...
यदि चूत चुदासी और चुलबुली से है मन की तुम्हारी केवल एक प्यास...
तो घट घाट बहुत खोज लोगी तुम , फिर क्यों भयी केवल ऐसे उदास..
यदि तन के साथ मन को है कोई आस..तो आँखें बंद कर चली आओ हमरे पास...
Pooja1990 QUEEN
29-01-2011, 08:58 AM
Wah kabio ka anoka sangam dik raha hai. Yaha.
Farhan
29-01-2011, 09:10 AM
Bahut sahi ye to dheere dheere kavya sangrah banta ja raha hai. Lage rahiye janab. Ha ha ha
akamboj2000
29-01-2011, 10:29 AM
Bahut sahi ye to dheere dheere kavya sangrah banta ja raha hai. Lage rahiye janab. Ha ha ha
यहाँ पर कवि कम्पीटीशन चल रहा है पढ़ें और मजे लें
akayemm
29-01-2011, 07:33 PM
रहने दे आकाश को,
ज़मीन की तलाश कर
सब कुछ यही है
ना कही और तलाश कर
............
......
...जीने के लिए बस एक वजह की तलाश करवाह देवी वाह , :salut: फिर एक बार फिर :salut: ..... अनिल
Rihan Hasan
29-01-2011, 10:19 PM
वासना की आग में हर कोई है वशीभूत
सारे रंजो गम भुला देती है चूत
Rihan Hasan
29-01-2011, 10:53 PM
नहीं जानते की कैसी प्यास तुम्हारी , जो यौवन से चल यौवन तक जाएगी..
या फिर मन के भीतर किसी आत्मा से.. मन की गंध से रच बस जाएगी...
यदि चूत चुदासी और चुलबुली से है मन की तुम्हारी केवल एक प्यास...
तो घट घाट बहुत खोज लोगी तुम , फिर क्यों भयी केवल ऐसे उदास..
यदि तन के साथ मन को है कोई आस..तो आँखें बंद कर चली आओ हमरे पास...
योवन की प्यास बुझाये न बुझेगी
जितना बुझाओगे उतनी सुलगेगी
man-vakil
29-01-2011, 10:57 PM
नहीं जानते की कैसी प्यास तुम्हारी , जो यौवन से चल यौवन तक जाएगी..
या फिर मन के भीतर किसी आत्मा से.. मन की गंध से रच बस जाएगी...
यदि चूत चुदासी और चुलबुली से है मन की तुम्हारी केवल एक प्यास...
तो घट घाट बहुत खोज लोगी तुम , फिर क्यों भयी केवल ऐसे उदास..
यदि तन के साथ मन को है कोई आस..तो आँखें बंद कर चली आओ हमरे पास...
man-vakil
29-01-2011, 10:59 PM
प्रिये सोनी जी की याद में...
नहीं जानते की कैसी प्यास तुम्हारी , जो यौवन से चल यौवन तक जाएगी..
या फिर मन के भीतर किसी आत्मा से.. मन की गंध से रच बस जाएगी...
यदि चूत चुदासी और चुलबुली से है मन की तुम्हारी केवल एक प्यास...
तो घट घाट बहुत खोज लोगी तुम , फिर क्यों भयी केवल ऐसे उदास..
यदि तन के साथ मन को है कोई आस..तो आँखें बंद कर चली आओ हमरे पास...
sonie
30-01-2011, 08:29 AM
योवन की प्यास बुझाये न बुझेगी
जितना बुझाओगे उतनी सुलगेगी
बुझानी किसे है कमबख्त ये आग
आज से नहीं जमाने से भड़क रही है
बाबा अदम और दादी हव्वा ने जगाई थी
जिसमे क्लेओपेत्रा जैसी हसीना भी जली है
सोनी तो सिर्फ प्रतिरूप है उस ज्वलंत वासना का
जिसके बिना जिंदगी का कोई मोल नहीं है
akamboj2000
30-01-2011, 09:23 AM
बुझानी किसे है कमबख्त ये आग
आज से नहीं जमाने से भड़क रही है
बाबा अदम और दादी हव्वा ने जगाई थी
जिसमे क्लेओपेत्रा जैसी हसीना भी जली है
सोनी तो सिर्फ प्रतिरूप है उस ज्वलंत वासना का
जिसके बिना जिंदगी का कोई मोल नहीं है
इस आग मे गर्मी के साथ ठंडक भी है
जब उभरती है जिस्म जला देती है
और जब ठंडी होती है तो रूह को भी ठंडा कर देती है
sonie
30-01-2011, 11:06 AM
प्रिये सोनी जी की याद में...
नहीं जानते की कैसी प्यास तुम्हारी , जो यौवन से चल यौवन तक जाएगी..
या फिर मन के भीतर किसी आत्मा से.. मन की गंध से रच बस जाएगी...
यदि चूत चुदासी और चुलबुली से है मन की तुम्हारी केवल एक प्यास...
तो घट घाट बहुत खोज लोगी तुम , फिर क्यों भयी केवल ऐसे उदास..
यदि तन के साथ मन को है कोई आस..तो आँखें बंद कर चली आओ हमरे पास...
आदि अंत इस प्यास का प्रियतम मुझको पता नहीं है...
तुम तन की प्यास इसे कहते हो, मैं नहीं जानती सच क्या है
तुम प्यास इसे मन की बतलाते, कितना झूठ किसे पता है
मुझे तो बस इतना सा लगता, जैसे आत्मा से जगती है
इसी प्यास के निमित्त ये आत्मा धरती पर उतरी है
यूहीं जन्मो तक आना जाना, यूँही जन्मो चले सिलसिला
अगर बुझ गयी प्यास ये प्यारे, समझो सृष्टि का अंत भला
sonie
30-01-2011, 11:07 AM
इस आग मे गर्मी के साथ ठंडक भी है
जब उभरती है जिस्म जला देती है
और जब ठंडी होती है तो रूह को भी ठंडा कर देती है
मुझे तो जानू इतना ही पता है की जिस दिन ये आब बुझ गयी सृष्टि रुक जाएगी...
akamboj2000
30-01-2011, 01:59 PM
मुझे तो जानू इतना ही पता है की जिस दिन ये आब बुझ गयी सृष्टि रुक जाएगी...
दर्द ए लंड मे कभी ना आने पाए
जब भी लंड बुलाए चूत हाजिर हो जाए
होती रहे चुदाई
बस मजे से चले ये दुनिया
ये आग जले और ठंडक मिले दिल को
पर ये आग ना बुझने पाए
man-vakil
30-01-2011, 02:01 PM
मेरे निमित्त कुछ कर दिखलायो.. कभी तन से परे मन की बात सुनाओ//
कैसे उलझी रहती वासनाओं के जाल में..कभी मकडी के कालचक्र से बाहर आओ//
तन की ज्वाला का कोई अंत नहीं है, केवल ये तन ही मिट जातें है..
वासना की अग्नि चाहे जितना और बड़ा लो, केवल ये तन मिट जाते है...
sonie
30-01-2011, 05:10 PM
मेरे निमित्त कुछ कर दिखलायो.. कभी तन से परे मन की बात सुनाओ//
कैसे उलझी रहती वासनाओं के जाल में..कभी मकडी के कालचक्र से बाहर आओ//
तन की ज्वाला का कोई अंत नहीं है, केवल ये तन ही मिट जातें है..
वासना की अग्नि चाहे जितना और बड़ा लो, केवल ये तन मिट जाते है...
तन और मन अलग नहीं दोउ
मन जो मांगे तन कर सोऊ
मन तो प्यारे दीखत नाय
तन दर्पण बन मन दरशाय
जो व्यवहार में दिख पड़े
सोई मन में चलतो होय सकाय
akamboj2000
30-01-2011, 05:20 PM
तन और मन अलग नहीं दोउ
मन जो मांगे तन कर सोऊ
मन तो प्यारे दीखत नाय
तन दर्पण बन मन दरशाय
जो व्यवहार में दिख पड़े
सोई मन में चलतो होय सकाय
वाह सोनी जी अद्भुत काव्य रचना क्षमता है आप में
sonie
30-01-2011, 06:03 PM
ना मन मिटता ना तन मिटता माया से ऐसा लगता है
सिर्फ सेक्स की चाह वासना कहने सुनने में आता है
सबसे बड़ी वासना जीवन, जिन्दा रहने की आश है
इसी पाश में बंधे हुए हम चल रहे जीवन की राह है
जीवन की आशा तभी जागती जब आनंद उमगता है
तन में कुछ डालो या तन से निकालो तभी आनंद बिखरता है
प्रियतम संग जब होती सदेह, मन और प्राण जुड़ा कर
योनी में वीर्य डालते साजन, भग से मदन रस बहता निस्सार
आनंद उमड़ता, मन में सिमटता, तन से झलकता बारम्बार
दिव्य स्वरुप हम दोनों होते, अर्ध-नारीश्वर का ले रूप उधार
man-vakil
31-01-2011, 01:40 AM
इन नैनों के नीर भी सूख गएँ है,...केवल योनी के घट नीर भरा है..
मन में कोई आस नहीं है..केवल तन में जोबन का पीड़ भरा है..
योनी में कोई रस बहता हुआ.प्रिये तुमे केवल ये दिखलायेगा,
जिसको छोड़ा तुमने मद में होकर, वो तुमे पल यूँ रुलाएगा...
रिसाव से बंधन मुक्त हो तुम, ना जाने कैसे कहाँ विचरण करती,
भ्रमित हो भ्रमर की भाँती, पुष्पों के रस से क्यों अवतरण करती....
चलो माना कि प्यास बहुत है.ज्वाला धधकती बस एक वासना की
पर जाना मत ये भूल कभी तुम , तन का मिलन केवल एक गति सृष्टिक उपासना की
man-vakil
31-01-2011, 01:41 AM
ना मन मिटता ना तन मिटता माया से ऐसा लगता है
सिर्फ सेक्स की चाह वासना कहने सुनने में आता है
सबसे बड़ी वासना जीवन, जिन्दा रहने की आश है
इसी पाश में बंधे हुए हम चल रहे जीवन की राह है
जीवन की आशा तभी जागती जब आनंद उमगता है
तन में कुछ डालो या तन से निकालो तभी आनंद बिखरता है
प्रियतम संग जब होती सदेह, मन और प्राण जुड़ा कर
योनी में वीर्य डालते साजन, भग से मदन रस बहता निस्सार
आनंद उमड़ता, मन में सिमटता, तन से झलकता बारम्बार
दिव्य स्वरुप हम दोनों होते, अर्ध-नारीश्वर का ले रूप उधार
इन नैनों के नीर भी सूख गएँ है,...केवल योनी के घट नीर भरा है..
मन में कोई आस नहीं है..केवल तन में जोबन का पीड़ भरा है..
योनी में कोई रस बहता हुआ.प्रिये तुमे केवल ये दिखलायेगा,
जिसको छोड़ा तुमने मद में होकर, वो तुमे पल यूँ रुलाएगा...
रिसाव से बंधन मुक्त हो तुम, ना जाने कैसे कहाँ विचरण करती,
भ्रमित हो भ्रमर की भाँती, पुष्पों के रस से क्यों अवतरण करती....
चलो माना कि प्यास बहुत है.ज्वाला धधकती बस एक वासना की
पर जाना मत ये भूल कभी तुम , तन का मिलन केवल एक गति सृष्टिक उपासना की
sonie
31-01-2011, 05:24 PM
अपनी नेकियों पर पछता रही हूँ मैं
खुद को जो इंसान बना रही हूँ मैं
लुटा दिए सारे अरमाँ बेनियाज़ी में मैंने
बोझ हैवानियत का सर पे उठाये जिए जा रही हूँ मैं
न मय न मैखाना, न साकी न पैमाना
लुटा दिए असबाब-ए-ऐश इक कैफियत में मैंने
आपके प्यार का सिला कुछ यूँ मिला मुझको
बिन पिए बेखुद सी हुई जा रही हूँ मैं
कैद कर लो अपनी सख्त भुजाओं में मुझको
छा जाओ बनके आसमान मुझपर
लगता है बोसों की गर्मी से पिघलती जा रही हूँ मैं
man-vakil
01-02-2011, 12:26 AM
जड़ चेतन से मानसिकता लेकर, कैसे वासना की अग्नि जलती तुममे ..
केवल चुम्बन स्तम्भं की आस लेकर, कैसे इच्छा की भगनी फलती तुममे..
क्या चाहती तुम केवल यौन संबंधों की परिणति से अपना उद्धार ,,
क्यों खोले रखती और जाने अनजाने मनु के लिए अपने योनी द्वार...
क्या सिर्फ भूख बसी तुम्हारे पावक मन के भीतर कुछ ऐसे..
जो बसता है धुंध का बदल नीले गगन के भीतर कुछ जैसे..
man-vakil
01-02-2011, 12:27 AM
प्रिये सोनी के पथ पर.
जड़ चेतन से मानसिकता लेकर, कैसे वासना की अग्नि जलती तुममे ..
केवल चुम्बन स्तम्भं की आस लेकर, कैसे इच्छा की भगनी फलती तुममे..
क्या चाहती तुम केवल यौन संबंधों की परिणति से अपना उद्धार ,,
क्यों खोले रखती और जाने अनजाने मनु के लिए अपने योनी द्वार...
क्या सिर्फ भूख बसी तुम्हारे पावक मन के भीतर कुछ ऐसे..
जो बसता है धुंध का बदल नीले गगन के भीतर कुछ जैसे..
man-vakil
01-02-2011, 12:32 AM
...............सूत्र भ्रमण का अंतिम प्रणाम स्वीकार करे...
अलविदा...
Pooja1990 QUEEN
01-02-2011, 10:04 AM
chuto ki rani ko pooja ka pranam . wah sonie ji.
sonie
01-02-2011, 10:01 PM
बड़ा रंग बदलती थीं चेहरे का ये पत्तियां ...
मौसम अक्सर हाल पूछने आता था..
मगर कभी इन पर कोई फूल नहीं आया...
भौंरा नहीं मंडराया पर बातों की छाओं घनी थी ...
कुछ मुसाफिरों का आना जाना भी था ...
इक परिन्दा पूछ बैठा फूलों की बात ..
डाली चरमराई और बोली ...
सभी मौसम आते हैं यहाँ
बस कभी बसंत नहीं आया
इसी बसंत के इन्तेजार में ..
मैं भी अब तलक बैठी हूँ..
कब छाये बसंत
फूल लगें मेरी डाली पर
बौराऊं, इठलाऊं, मंद मंद मुस्काऊं
फलवती होने का
कब आशीष अपूरब पाऊं
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