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View Full Version : क्या विवाहेतर सम्बन्ध बनाना उचित हे ?



slimsima
12-03-2011, 08:35 PM
:(मैने इसी शीर्षक से कुछ दिनों पूर्व एक सूत्र बनाया था वो बंद कर दिया गया हे इसलिए में पुनः इस शीर्षक से सूत्र बना रही हु )

सात फेरे ,सात वचन ,क्या आज के समय में इनकी कोई उपयोगिता हे आज जन्हा हर तीसरे पुरुष के पर स्त्री से और हर ७ वि स्त्री के पराये पुरुष से सम्बन्ध हे की आज के भाग दौड़ और तनाव भरे युग में इन संबंधो को गलत कहा जा सकता हे की नहीं कृपया अपनी राय दे

loverboy41
12-03-2011, 08:50 PM
kehna to ap ka sahi hai.....par aj k zamane me....dosti sex me badal jati hai.....aur dost na banao....to udasi cha jati hai....theek ya galat ??? rai jarur de

arpitkumar77
12-03-2011, 09:02 PM
hi dear,
aaj ke time ki jaroorat hai njoy karo aur njoy do mast raho chust raho sex karo aur khush raho tumhara kya khyal hai

kiskunal
12-03-2011, 09:03 PM
भारतीय परिवेश में ये अनुचित रहा है और रहेगा

rawaccess
12-03-2011, 09:21 PM
शत-प्रतिशत अनुचित है जी. बहस और वाद-विवाद तो लोग अपना पश्चाताप छुपाने के लिए करते हैं. :)

av_26
12-03-2011, 11:46 PM
KANOON ME BHI MANYATA HE KI VIHAHIK JIWAN KE ALWA BHI SEX KARE TO WOH KAAM GERKANUNI NAHI HE YEDI KARNE WALA WAYASK HO. YANE WAYASK STRI-PURUSH MAN MARIZI SE SEX KAR SAKTE HE, UNKA YEH KARYA GER KANUNI NAHI HONGA.

princer
12-03-2011, 11:50 PM
aaj ke jamane mai jo mann ko sakun aur khushi de usee karne mai bura nahi manna chahea
kuki dil ka mamla hai, aur fer log to bat banaegee kyuki angur na mele to kattee hai..............

man-vakil
13-03-2011, 12:23 AM
आपके सूत्र में जो सवाल है उसका एक उत्तर यह भी बनता है:-
"के इश्क पर जोर नहीं है ग़ालिब..ये वो आतिश है ...जो लगाये न लगे और बुजाये न बुज़ें///"
विवाह उपरान्त सम्बन्ध कैसे, क्यों और किन परिस्थितयों में बनते है और कौन दोषी होता है..इसका फैसला किसी एक नियम या रुल बुक के अनुसार नहीं कर सकते...अलग अलग तथ्यों के आधार पर ही ये फैसला ले सकते है की वो सम्बन्ध ठीक है या गलत...परिवेश , स्थिति , दशा, परिस्थिति और आकर्षण इन सभी कारणों से ये संबंधों की उत्पत्ति होती है..अतः एक माप दंड से ऐसे सभी की भर्त्सना करना उचित नहीं होगा..

FAANA
13-03-2011, 12:30 AM
Re: क्या विवाहेतर सम्बन्ध बनाना उचित हे ?

नहीं बिलकुल उचित है क्युकी मानलो आप ने जूता ख़रीदा तो नये जुटे में
आप नया फीता डालोगे ना ही जुना ठीक वैसे ही जब हमारी संस्कृति
बदल रही है तो इसमे गलत क्या है

miss.dabangg
13-03-2011, 06:42 AM
:(मैने इसी शीर्षक से कुछ दिनों पूर्व एक सूत्र बनाया था वो बंद कर दिया गया हे इसलिए में पुनः इस शीर्षक से सूत्र बना रही हु )

सात फेरे ,सात वचन ,क्या आज के समय में इनकी कोई उपयोगिता हे आज जन्हा हर तीसरे पुरुष के पर स्त्री से और हर ७ वि स्त्री के पराये पुरुष से सम्बन्ध हे की आज के भाग दौड़ और तनाव भरे युग में इन संबंधो को गलत कहा जा सकता हे की नहीं कृपया अपनी राय दे


इसमें गलत ही क्या है जिस्म की आग होती ही ऐसे है को वो गलत या सही की पहचान नहीं करती ? केवल वो जानती है जिस्म की आग भुझाना !!!
चाहे वो अपने मर्द से भ्झेय या गेर मर्द से ! और ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता , जनता है तो सिर्फ ...........................

nita
13-03-2011, 07:08 AM
इसमें गलत ही क्या है जिस्म की आग होती ही ऐसे है को वो गलत या सही की पहचान नहीं करती ? केवल वो जानती है जिस्म की आग भुझाना !!!
चाहे वो अपने मर्द से भ्झेय या गेर मर्द से ! और ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता , जनता है तो सिर्फ ...........................

हाँ , बिलकुल सही कही आपने , आखिर जिस्म की प्यास भी तो मिटनी चाहिए

miss.dabangg
13-03-2011, 07:11 AM
हाँ , बिलकुल सही कही आपने , आखिर जिस्म की प्यास भी तो मिटनी चाहिए

हा जी हा मेरा तो यही मानना है !!!

Lovely.indian
13-03-2011, 07:47 AM
हाँ , बिलकुल सही कही आपने , आखिर जिस्म की प्यास भी तो मिटनी चाहिए

नीता जी, जगह नहीं है, खाली करें, मस्ज भेजना है

neha_gupta
13-03-2011, 09:07 AM
मेरी राय में ऐसे सम्बन्ध बनाना बिलकुल अनुचित है. यदि हम ऐसा करें तो समाज का सब नियम बदल जायेगा. और
ये संसार एक जंगल बन जायेगा.

neha_gupta
13-03-2011, 09:09 AM
लेकिन सिर्फ प्यास ही मिटाना ही तो ज़रूरी नहीं ही...

miss.dabangg
13-03-2011, 09:30 AM
लेकिन सिर्फ प्यास ही मिटाना ही तो ज़रूरी नहीं ही...

नेहा जी ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता ये जनता है सिर्फ हवस की भूख !!!!!!!!!!!

apsc
13-03-2011, 03:38 PM
nahi isme kuch bhi galat nahi hai?????
lekin har rishtey ki ek seema hoti hai.apne pariwarik jeevan ko disturb kiye bina,agar koi khush rehna chahta hai ti isme kuch bhi galat nahi hai....mai ek bechlor hun aur aur khud bhi is tereh ke relation me hu..but hum dono ko apni limitation pata hai...

kinshu
13-03-2011, 05:07 PM
इसमें गलत ही क्या है जिस्म की आग होती ही ऐसे है को वो गलत या सही की पहचान नहीं करती ? केवल वो जानती है जिस्म की आग भुझाना !!!
चाहे वो अपने मर्द से भ्झेय या गेर मर्द से ! और ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता , जनता है तो सिर्फ ...........................

पर मिस दबंग जाब यही बात मेने आप से खाही तो आप को बुरा लगा था में तो सिर्फ आप से दोस्ती करना छठा था पर आप ने तो खड़ी भाषा में बूल दिया अपने काम से काम राको और शिकायत टाक कर दी थी इसलिए खेता हु बोलने और करने में बहुत फर्क हे दुनिया चाहे कितनी बदल जाये कोई हिन्दुस्तानी लड़की किसी अंजन लड़के से नेट पर दोस्ती करके सेक्स नहीं करेगी

arpitkumar77
13-03-2011, 05:44 PM
हाँ , बिलकुल सही कही आपने , आखिर जिस्म की प्यास भी तो मिटनी चाहिए

agar jism ki pyas nahi bhuze aur partnar raji hai to isme koi burai nahi hai :lips::bed:

shaukeen
13-03-2011, 06:49 PM
हाँ , बिलकुल सही कही आपने , आखिर जिस्म की प्यास भी तो मिटनी चाहिए


बहुत ही शानदार सूत्र है. यह दावा कि ऐसा करना सही है या गलत है केवल परिस्थितियों के सापेक्ष ही बताया जा सकता है. आप यदि केवल ऐडवेंचर के लिए ऐसे सम्बन्ध बनाना चाहते हैं तो सही नहीं है. यदि अपने पार्टनर से संतुष्ट नहीं हैं तो तलाक लेकर फिर से शादी कर लें. यह भी जान लें कि आपके ऐसे कार्यों का आपके बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है. यदि आप ऐसे समाज में हैं जो कि बहुत ही कंजरवेटिव किस्म का है तो फिर आप बहुत badi samasya ko दावत दे रहे हैं.
लेकिन यह भी सही है कि ऐसे सम्बन्ध kabhi kabhi केवल paristhitiwash ही ho jaate हैं. ऐसे में doosra paksh agar sahansheel है तो samasya नहीं होती है.
यदि इस सोच ko स्वीकृति मिलती है तो फिर एकपक्षीय चाहत भी सर उठाने लगती है जिसका एक नया परिणाम दिल्ली का राधिका कँवर हत्याकांड है.
इस बहस ko और आगे बढाया जा सकता है.

नीता बहन से बातें करना वैसे भी हमेशा अच्छा लगता है.

miss.dabangg
13-03-2011, 10:54 PM
पर मिस दबंग जाब यही बात मेने आप से खाही तो आप को बुरा लगा था में तो सिर्फ आप से दोस्ती करना छठा था पर आप ने तो खड़ी भाषा में बूल दिया अपने काम से काम राको और शिकायत टाक कर दी थी इसलिए खेता हु बोलने और करने में बहुत फर्क हे दुनिया चाहे कितनी बदल जाये कोई हिन्दुस्तानी लड़की किसी अंजन लड़के से नेट पर दोस्ती करके सेक्स नहीं करेगी

तो मैंने कब कहा अनजान लड़की सेक्स करेगी मैंने सिर्फ गेर मर्द कहा है गेर मर्द का मतलब अनजान नहीं होता !!!

और आपने सीधे सीधे सेक्स करनी की बात कही थी जो गलत थी ! इस्ले गुसा आगया था !!! पहेले दोस्त बनो !!!

kinshu
14-03-2011, 04:52 PM
तो मैंने कब कहा अनजान लड़की सेक्स करेगी मैंने सिर्फ गेर मर्द कहा है गेर मर्द का मतलब अनजान नहीं होता !!!

और आपने सीधे सीधे सेक्स करनी की बात कही थी जो गलत थी ! इस्ले गुसा आगया था !!! पहेले दोस्त बनो !!!

आज काल वेसे ही समय की कमी बहुत होती हे मेने सोचा फेले दोस्त बनाने में समय ख़राब होगा फिर सेक्स का पुचुगा फिर आप ने अन्य लडकियो की तरह मन कर दिया की मेरे पास बहुत दोस्त हे नेट दोस्त से सेक्स नहीं करुगी इसलिए दिरेअक्ट पुच लिया क्युकी आप अन्तर्वासना के पाटक हो खुले विचारो वाली हो चलिए फिर भी कोई गलती हुई हो तो दोस्त को माफ़ कर दीजिये और बताइए क्या मुजसे दोस्ती करेगी ताकि में अंजन न हो कर गेर हो जाऊ

kamini
14-03-2011, 05:44 PM
क्या विवाहेतर सम्बन्ध बनाना उचित है.......!


समाज मनुष्य की प्राकृतिक जरूरतों को पूरा करने की व्यवस्था करता है। उसके अधिकार और कर्तव्य के रक्षण के लिए ही नियम-उपनियम, कानून और संहिताएं बनती बिगड़ती रही हैं। हमारा समाज कभी रूढ़ नहीं रहा है। मनुष्य की प्राकृतिक आवश्यकताओं और नियमों के प्रतिकूल जाना वर्जित किया गया है।
हम जानते हैं कि विवाहेतर सम्बन्ध भी चोरी-छुपे होते हैं। कल ऎसे लोग सड़कों पर आकर मांग करें- "हमारे विवाहेतर सम्बन्ध को कानूनी मान्यता मिले।" फिर क्या होगा परिवार का कैसा होगा समाज क्या सारे कानून बदलने नहीं पड़ेंगे सीधी-सी बात है। मनुष्य की प्राकृतिक जरूरत- आहार, निद्रा, भय और मैथुन हैं। ये चारों जन्मजात जरूरतें हैं। ये चारों ही मनुष्य के जीवन की प्रेरणाएं भी हैं। और इन जन्मजात जरूरतों को देखकर समाज में व्यवस्था लाने की दृष्टि से पति-पत्नी की जोड़ी बना दी गई। विवाहोपरांत उस स्त्री-पुरूष के बीच लैंगिक सम्बन्ध वैधानिक कर दिए गए। दोनों के बीच यह सम्बन्ध टूटना भी विवाह विच्छेद का एक कारण बनता है। अर्थात दोनों के बीच लैंगिक सम्बन्ध कायम रहना आवश्यक है। गलत भोजन करने और जरूरत से अधिक या कम नींद भी बीमारी का कारण हो जाती है। स्त्री-पुरूष के बीच लैंगिक सम्बन्ध प्राकृतिक आवश्यकता है। समाज ने अपनी व्यवस्था और सुविधा के लिए पति-पत्नी के बीच सीमित कर दिया है। मै तो यही कहना चाहूंगी कि भारतीय जीवन पद्धति में व्यक्तिगत जीवन में शुचिता पर विशेष ध्यान दिया गया है। दूसरी बात है कि मनुष्य की प्राकृतिक आवश्यकताओं के अनुसार आचार संहिता भी बनाई गई हैं। यही मानव धर्म है। मानवीय संस्कृति है। इसे नहीं तोड़ा जा सकता। स्त्री-पुरूष संबंधों में बहुत-सी विद्रूपताएं आ गई हैं। कई बार तो जानवरों के साथ लैंगिक संबंध की खबरें आती हैं। तो क्या इसे वैध माना जाए, नहीं! क्योंकि मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए यह उचित नहीं। हरेक काल में ऎसी विद्रूपताएं किसी न किसी रूप में विद्यमान रही होंगी। तात्पर्य यह नहीं कि उन विद्रूपताओं को समाज सम्मत मानकर तद्नुकूल कानून बना दिया जाए। आज कुंआरी माताओं को अधिकार देने की बात जोरों से उठी है। "लिविंग टूगेदर" को कानूनी मान्यता प्रदान करने की बात उठ रही है। ये सारी मांगें सनातनी विवाह संस्कार और परिवार व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करने की ओर अग्रसर हैं। समाज की चूल ही चरमरा जाएगी। व्यवस्थाएं समाप्त हो जाएंगी।
इन सब में स्त्री सिर्फ़ भोग कि वास्तु बन कर रह जायेगी.समाज में परिवार के नाम पर उन्मुक्त यौन संत्रास और बच्चों का क्या होगा पता नही.इस से सिर्फ़ और सिर्फ़ भोगवादी संस्कृति का विकास होगा और पश्चिम के तरह टूटे बिखरे सामाजिक मोल्या में घुटता हुआ समाज.
धन्यवाद...!

mpritam
14-03-2011, 05:59 PM
kaminiji aap itna kaise soch sakti hai sahime aise to jagka bhala ho jayega aur striyonko adarsh ke najar se dekha jayega

mpritam
14-03-2011, 06:06 PM
jism ki pyas nita ji aap yoga aur bhaktise puri kar sakti hai jaruri nahi hai ki sambhogse puri ki jaye mhatrepritam9@gmail

mpritam
14-03-2011, 06:13 PM
nehaji meri raime aap bilkul sahi hai sambhog sirf apne jeevan sathise karo ha jin ke jeevan sathi ki mout ho gai vo dobara shadi kare aur apni pyas buzhaye akhir marne ke bad ishwar ko javab bhi to dena hai

rawaccess
14-03-2011, 08:41 PM
आपके साफगोई कि दाद दूंगा मित्र. उम्मीद है आपकी मनोकामना पूर्ण कर दी गयी होगी.

SUNIL1107
15-03-2011, 02:38 PM
यह हमारी भारतीय संस्कृति में नहीं है वरन आज के युवा मात्र पश्चिम का अन्धानुकरण कर रहे हैं जो कदापि उचित नहीं है ! यहाँ माननीय वकील साहब और कामिनी जी के तथ्यों को झुठलाया नहीं जा सकता है !

merasaajan
16-03-2011, 11:53 AM
isme kya galat he samajh nahi aata

vakilbabu
16-03-2011, 11:58 AM
e achha hai

marwariladka
16-03-2011, 11:59 AM
भाद में जाये आदर्श.....चोदने को मिले तो चोद डालो.....ऐसा सोचती है आज की पीढ़ी....उनको समझा के फ़ायदा नहीं है....मगर जब अपनी बीवी चाहिए तब उसकी साल पैक होनी चाहिए....ऐसा क्यों?

slimsima
16-03-2011, 12:05 PM
भाद में जाये आदर्श.....चोदने को मिले तो चोद डालो.....ऐसा सोचती है आज की पीढ़ी....उनको समझा के फ़ायदा नहीं है....मगर जब अपनी बीवी चाहिए तब उसकी साल पैक होनी चाहिए....ऐसा क्यों?
सही कहा मारवाड़ी आज की पीढ़ी खुले विच्चारों वाली तो हे पर लड़कों की मानसिकता पत्नी का सवाल आते ही वो ही १८ वि सदी की हो जाती हे

alesbianuma
16-03-2011, 12:09 PM
भाद में जाये आदर्श.....चोदने को मिले तो चोद डालो.....ऐसा सोचती है आज की पीढ़ी....उनको समझा के फ़ायदा नहीं है....मगर जब अपनी बीवी चाहिए तब उसकी साल पैक होनी चाहिए....ऐसा क्यों?

बिलकुल सही कहा....मगर तू उनमे से नहीं है....मुझ पता है...तुने अभी अक शादी ही नहीं की सिर्फ मेरे लिए....आज तक तू ही है जिसने मेरी प्यास बुझाई है..और किसी में वो दम ही नहीं...

alesbianuma
16-03-2011, 12:10 PM
सही कहा मारवाड़ी आज की पीढ़ी खुले विच्चारों वाली तो हे पर लड़कों की मानसिकता पत्नी का सवाल आते ही वो ही १८ वि सदी की हो जाती हे

तुमने भी बड़ा ही मस्त विचार रखा है....ऐसा ही है..लड़के हमेशा अपनी पत्नी को सिल पैक देखना चाहते हैं पर दूसरों की पत्नियों को चोदना चाहते हैं

marwariladka
16-03-2011, 12:14 PM
बिलकुल सही कहा....मगर तू उनमे से नहीं है....मुझ पता है...तुने अभी अक शादी ही नहीं की सिर्फ मेरे लिए....आज तक तू ही है जिसने मेरी प्यास बुझाई है..और किसी में वो दम ही नहीं...
क्या यार...अपने पेरसोनल विचार सब के सामने नहीं रखते..कृपया ध्यान दे अन्यथा आपको बन कर दिया जायेगा...

slimsima
24-04-2011, 12:51 PM
मेरे सूत्र पर अपनी राय दे

man-vakil
24-04-2011, 07:33 PM
सही कहा मारवाड़ी आज की पीढ़ी खुले विच्चारों वाली तो हे पर लड़कों की मानसिकता पत्नी का सवाल आते ही वो ही १८ वि सदी की हो जाती हे

मित्र स्लिम्सिमा ..इसका कारण है यदि किसी की पत्नी को दो या तीन मरदे-अंगों का स्वाद पड़ जाता है तो वो फिर पति को छोड़ कर युद्ध-स्थल पर निकल जाती है...जबकि मर्द स्खलित होने के बाद केवल पत्नी के पास आता है...

lucykhan
25-04-2011, 01:24 PM
इसमें गलत ही क्या है जिस्म की आग होती ही ऐसे है को वो गलत या सही की पहचान नहीं करती ? केवल वो जानती है जिस्म की आग भुझाना !!!
चाहे वो अपने मर्द से भ्झेय या गेर मर्द से

Raj Tripathi
25-04-2011, 08:19 PM
सेक्स कोई गलत नहीं, पर पति और पत्नी को आपस में दोखा नहीं देना चाइये.
अगर पति ऐसा पसंद करता है तो उसको अपनी पत्नी के लिए भी ऐसा करनी की आज़ादी देनी चाइये

alok75x
25-04-2011, 08:37 PM
मेरी राय में ऐसे सम्बन्ध बनाना बिलकुल अनुचित है. यदि हम ऐसा करें तो समाज का सब नियम बदल जायेगा. और
ये संसार एक जंगल बन जायेगा.

Bilkul thik kaha neha tumne ,agar aisa hota to samjho ki tumhari maa bhi kisi dusre mard se sambandh bana leti aur tumhare papa bhi , tab agar tumhari maa se koi bachha janmega to wo kiska hoga ?.............. Is liye ye bilkul hi anuchit hai vivahettar sambandh. Mai ise bilkul anuchit manta hun.
-------------- Alok Gour

Chandrshekhar
25-04-2011, 08:52 PM
मित्रों शादी से पहले आज के सारे बोयस गर्ल प्यार करते है , और आज के तनावपूर्ण मोहोल मैं मर्यादा भूलके सेक्स मैं खो जाते है.

फिर उनमे से अधिकतर की शादी दूसरों से हो जाती है.
आज के समाज मैं ये बिलकुल आम बात है.
आज सेक्स मर्यादा का मापदंड नही रहा बल्कि ये मानसिक शारीरिक सांति का प्रतीक बन गया है.
जब शादी से पहले सेक्स सम्बन्ध लोग बना रहे है , तो शादी के बाद किया दिक्कत है, मेरे ख्याल से शादी के बाद पति के आलावा एक और से सम्बन्ध कोई गलत बात नही है, बल्कि वो शारीरिक जरूरत और मानसिक चिंताए को हटाके नई सकती प्रदान करने वाला है.

lucykhan
28-04-2011, 01:05 PM
aaj ke jamane mai jo mann ko sakun aur khushi de usee karne mai bura nahi manna chahea
kuki dil ka mamla hai, aur fer log to bat banaegee kyuki angur na mele to kattee hai..............

slimsima
03-05-2011, 09:02 PM
आपनी राय दे

K-101
03-05-2011, 09:46 PM
Dekho dosto mai is fourm naya hun parntu chut chudai ka muje kafi expreince hai mera manana hai ki ek swasth aur sukhi aurat ko kya chahiye use sirf jab tak mard jinda hai to use chahiy ek majboot lund aur dosto marne ke bad use uska probident fund. Dost kai ye ek sachhi bat hai. Lund majboot hai to sub thik hai.

Chandrshekhar
03-05-2011, 10:10 PM
आपनी राय दे


मित्र सदस्यों दुवारा की गयी टिप्पणी पर भी अपनी राय दो यार.

anjoogupta
05-05-2011, 12:11 AM
इसमें गलत ही क्या है जिस्म की आग होती ही ऐसे है को वो गलत या सही की पहचान नहीं करती ? केवल वो जानती है जिस्म की आग भुझाना !!!
चाहे वो अपने मर्द से भ्झेय या गेर मर्द से ! और ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता , जनता है तो सिर्फ ...........................

कहा जाता है कि ८०% लड़के और ६०% से अधिक लड़कियां शादी के पहले सेक्स कर लेते हैं. तो इसका मतलब हुआ कि शादी के लिए कुंवारी कन्या या कुवारा मर्द अब उपलब्ध नहीं है. क्या ये सही तथ्य है ?

anjoogupta
05-05-2011, 12:17 AM
Bilkul thik kaha neha tumne ,agar aisa hota to samjho ki tumhari maa bhi kisi dusre mard se sambandh bana leti aur tumhare papa bhi , tab agar tumhari maa se koi bachha janmega to wo kiska hoga ?.............. Is liye ye bilkul hi anuchit hai vivahettar sambandh. Mai ise bilkul anuchit manta hun.
-------------- Alok Gour

आप इस सूत्र में कैसे आ गए. आप जैसे विचार रखने वाले को इस सूत्र में आने की अनुमति नहीं है. odd man should be kicked out.

rajuj53
05-05-2011, 10:03 AM
Bilkul thik kaha neha tumne ,agar aisa hota to samjho ki tumhari maa bhi kisi dusre mard se sambandh bana leti aur tumhare papa bhi , tab agar tumhari maa se koi bachha janmega to wo kiska hoga ?.............. Is liye ye bilkul hi anuchit hai vivahettar sambandh. Mai ise bilkul anuchit manta hun.
-------------- Alok Gour
you should not talk like this why you give that type of example with name of someone's mother & father

slimsima
10-05-2011, 07:44 PM
इस दुनिया में कुछ भी ठीक नहीं रहता
1)जब देखो बाईयां गायब रहती हे इनके मिजाज नहीं बदलते
2)बचों से तो कोई उम्मीद करना बेकार हे कब सोते हे कब जागते हे इनका हिसाब ये ही जाने
3)हमारे जमाने की बात और थी माँ बाप की आवाज सुनते ही दौड़े चले आते थे
4)भरे पुरे संस्कारवान आँगन की बात तो अब सपने जैसी हो गई हे
हमे सिर्फ शिकायत करने की आदत हे
आप अपनी तरफ ही देखिये शादी से शिकायत हे पर रिश्ते में सुधार की कोशिश कोई नहीं करता

cdex143
10-05-2011, 09:11 PM
vivahettar sambandha apni sharirik eichhao par nirbhar karta hai. ye bana hi chahiye. ek hi chut se ji bhar jata hai.

Chandrshekhar
10-05-2011, 09:14 PM
इस दुनिया में कुछ भी ठीक नहीं रहता
1)जब देखो बाईयां गायब रहती हे इनके मिजाज नहीं बदलते
2)बचों से तो कोई उम्मीद करना बेकार हे कब सोते हे कब जागते हे इनका हिसाब ये ही जाने
3)हमारे जमाने की बात और थी माँ बाप की आवाज सुनते ही दौड़े चले आते थे
4)भरे पुरे संस्कारवान आँगन की बात तो अब सपने जैसी हो गई हे
हमे सिर्फ शिकायत करने की आदत हे
आप अपनी तरफ ही देखिये शादी से शिकायत हे पर रिश्ते में सुधार की कोशिश कोई नहीं करता

मित्र बिलकुल १६ आने सच बात कही है आपने आज का जीवन ऐसा ही हो गया है.

vijay.pareek86
10-05-2011, 09:43 PM
मेरे विचार से बिल्कुल गलत है
इसे सही मानने वाले एक बार सोचे कि अगर उनका जीवन साथी ऐसा करे तो....

rajuj53
11-05-2011, 09:51 AM
मेरा मानना हे की विवाहेतर सम्बन्ध ज्यादातर बनाए नहीं जाते परिस्थितियो से बन जाते हे और एक बार आपकी शर्म सेक्स के मामले में खुल गई और कोई दिक्कत या डर नहीं हुआ तो फिर आप निश्चिन्त हो जाते और बार बार ऐसा करने लग जाते है !

RAM GAUTAM
11-05-2011, 10:08 AM
विवाहेत्तर सम्बन्ध अपनी भारतीय संस्कृति में हमेशा ही उचित नहीं कहे गए हैं कुछ लोग इसको दकियानूसी सोच भी कह सकते हैं मगर सच्चाई ये ही है की अगर हमारी संस्कृति जिन्दा है तो उसका एक कारण ये ही है की हम अपनी संस्कर्ती को मानते हैं. इसको मानने ना मानने की कोई बाध्यता नहीं है मतलब आप स्वतंत्र हैं चाहे तो विवाहेत्तर सम्बन्ध बना सकते हैं या सकती हैं मगर समाज इसे गलत ही मानेगा और आप केवल छारिक सुख को छोर दें तो आप भी इसे गलत ही मानेंगे. क्योंकि आप अपने परिवार में अपने माता पिता भाई बहन पाती या पत्नी को बताने की हिम्मत नहीं कर पाएंगे और एक तरीके से एक गुनाह का बोझ आपके उपर हमेशा रहेगा. हमारा समाज और संस्कृति आज भी जिन्दा है और हमको मालूम है हमारा बाप कौन है किसका खून है हमारी रगों में. क्या आप बर्दास्त कर पाएंगे की आपके बेटे या बेटी को ये पता ही ना हो की उसके बाप का क्या नाम है अगर हम पश्चिम की तरह ये सोचने लगे की ये आम बात है तो फिर कोई दिक्कत नहीं . वैसे जिस पश्चिम से प्रेरित होकर ये सोचने की भी जुर्रत हम लोग कर लेते हैं की इसमें कोई दिक्कत नहीं है गलत वहां भी माना जाता है मगर बहुत नहीं . अतः मेरे विचार में इसका विरोध होना चाहिए. ये मेरी निजी राय hai

SUNIL1107
11-05-2011, 05:17 PM
नियामक बनने की हार्दिक बधाई स्लिम सीमा जी

nikki007
11-05-2011, 09:50 PM
बिल्कुल सही कहा आपने जी।

nikki007
11-05-2011, 09:53 PM
नेहा जी ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता ये जनता है सिर्फ हवस की भूख !!!!!!!!!!!

ठीक कहा आपने,मै भी सह्मत हू।

onepolitician
03-03-2012, 12:08 AM
आपनी राय दे

विवाह होने पर पता चल जायेगा !

meenarp1
03-03-2012, 02:53 PM
देखा जाये तो ये गलत है पर आज के युग में ये सही भी है

rajgaram
03-03-2012, 03:15 PM
इसमें गलत ही क्या है जिस्म की आग होती ही ऐसे है को वो गलत या सही की पहचान नहीं करती ? केवल वो जानती है जिस्म की आग भुझाना !!!
चाहे वो अपने मर्द से भ्झेय या गेर मर्द से ! और ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता , जनता है तो सिर्फ ...........................

bilkul sahi isme koi burai nahi

Badtameez
03-03-2012, 03:52 PM
अगर विवाहेत्तर सम्बन्ध बनाना है तो फिर विवाह ही करना बेकार है।

devvrat
04-03-2012, 01:14 PM
ये पांच षडयंत्र,
हमारे भारतीय समाज, सभ्यता व संस्कृति को ख़त्म करने के लिए आज के मीडिया, बालीवुड, अनेक देशी-विदेशी टीवी चेनल्स व विदेशी सहायता प्राप्त एन.जी.ओ. आदि द्वारा रचे गए है और इनके ही द्वारा जोर-शोर से इनका प्रचार-प्रसार कर इन्हें फेलाने के लिए भाति-भाति के तर्क दिए जा रहे है| झूठी कहानिया घड़-घड़ कर सुनायी पढाई व दिखाई जा रही है|
इस कदाचार/व्यभिचार को सदाचार बनाने के लिए हर-संभव प्रयास जारी है|
इनसे आगामी पीढी से सावधान करने की जरुरत है और सभी भारतीयों को सावधान रहने की जरुरत है|
(ये पांच षडयंत्र है)
:skull:
१. विवाहेत्तर सम्बन्ध (विवाहितो का अपने पति/पत्नि के अतिरिक्त अन्यो से योनाचार)
२. गे- सम्लेंगिकता (पुरुष का पुरुष व स्त्री का स्त्री से योनाचार)
३. अविवाहितों द्वारा आपसी या किसी भी अन्य से योनाचार
४. लव-मेरिज, माता-पिता व अपने ही परिवार की सहमति के बिना तथाकथित-प्रेम-विवाह
५.सामान्य बातो को अनावश्यक तूल देकर विवाह-विच्छेद कर अन्य से पुर्न-विवाह या योनाचार

RaniSingh111
04-03-2012, 02:05 PM
में अपने पति के साथ किसी भी ओरत के sexsul अफेयर को सहन नही कर सकती| अगर मुझे ऐसा पता लगा तो उस ओरत की तो खेर नही, में उसकी चोटी उपाड़ लूंगी| मुक्की मार कर उसकी नाक तोड़ दूंगी|

Badtameez
04-03-2012, 02:10 PM
में अपने पति के साथ किसी भी ओरत के sexsul अफेयर को सहन नही कर सकती| अगर मुझे ऐसा पता लगा तो उस ओरत की तो खेर नही, में उसकी चोटी उपाड़ लूंगी| मुक्की मार कर उसकी नाक तोड़ दूंगी|

वैसे भी आप बाडी बिल्डर हैं। कौन औरत ऐसा करने की हिम्मत करेगी। ही ही ही (मजाक है)

Sameerchand
04-03-2012, 02:30 PM
गैर मर्दों या औरतों के प्रति आकर्षण और अपने क्षणिक शारीरिक सुख के कारण पति, पत्नी और परिवार को धोखा देना तथा अपने बच्चों के भविष्य को दांव पर लगा देना कहां तक उचित है?

अब सवाल यह उठता है कि ये शादीशुदा महिलाएं या मर्द ऐसा क्यों करते हैं? वे अपने दाम्पत्य संबंध को खतरे में डालकर पति, पत्नी और बच्चों का विश्वास तोड़कर अवैध संबंध क्यों बनाते हैं? क्या वे अपने तनाव को दूर करने के लिए या अपनी आर्थिक आवश्यकताओं या सेक्स आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए ऐसा करती हैं या वे फिल्मों, उपन्यासों और धारावाहिकों से प्रेरित होकर ऐसा करते हैं या मात्र मनबहलाव के लिए ऐसा करते हैं?

आम तौर पर यह देखा गया हैं की जब किसी पुरुष को यह पता चलता है कि उसकी पत्नी उसे धोखा दे रही है, उसके किसी दूसरे पुरुष के साथ संबंध हैं तो वह इसे सहन नहीं कर पाता और किसी भी कीमत पर अपने वैवाहिक रिश्ते को खत्म कर देना चाहता है। बहुत कम पुरुष ही ऐसे होते हैं जो समझौता करते हैं या पत्नी को समझा-बुझाकर सही रास्ते पर लाने की कोशिश करते हैं। दूसरी तरफ महिलाएं समाज की खातिर या बच्चों की खातिर वैवाहिक संबंध को समाप्त करना नहीं चाहतीं। वे अपनी समस्याओं पर खुलकर पति से बात नहीं करतीं, इस कारण उनकी समस्या दिनोंदिन बढ़ती जाती है। वे पति के सामने अपने अवैध संबंधों को स्वीकार कर पश्चाताप भी नहीं करतीं। ऐसे संबंधों में 50 प्रतिशत पति-पत्नी से अलग होना पड़ता है या तलाक लेना पड़ता है। ठीक यही केस मर्दों के साथ भी होता हैं.....

man-vakil
04-03-2012, 02:41 PM
बहुरि प्रेम हमहु बहु कियो,
भिगोय रहे निज सो रसद्वार,
हर्ष बरसाए क्रीडा चहु दीयों,
सृष्टि बीज बांटत रहिन अपार,

pratibhajain
04-03-2012, 02:49 PM
koi bhi ye baat kaise kah sakta hai lekin chahta jarur hai

raj.25
04-03-2012, 03:30 PM
दुसरो की बीवी सबको भाए.....लेकिन फिर भी समाज में संतुलन जरूरी है

deepa rai
05-03-2012, 05:37 AM
इसमें गलत ही क्या है जिस्म की आग होती ही ऐसे है को वो गलत या सही की पहचान नहीं करती ? केवल वो जानती है जिस्म की आग भुझाना !!!
चाहे वो अपने मर्द से भ्झेय या गेर मर्द से ! और ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता , जनता है तो सिर्फ ...........................

deepa rai
05-03-2012, 05:38 AM
आज कल के जम्माने में सब चलता है पारिवारिक सेक्स संबंधों तो हो हे जाते है

deepa rai
05-03-2012, 05:39 AM
बहुत अच्छा सूत्र है लगे रहिये

vijava
05-03-2012, 02:34 PM
पति पत्नि जब एक दुसरे को योन सुख से संतुष्ट नही कर पाते तब ये अनेतिक सबंध बनते हेँ !

love birds
05-03-2012, 02:40 PM
पर मिस दबंग जाब यही बात मेने आप से खाही तो आप को बुरा लगा था में तो सिर्फ आप से दोस्ती करना छठा था पर आप ने तो खड़ी भाषा में बूल दिया अपने काम से काम राको और शिकायत टाक कर दी थी इसलिए खेता हु बोलने और करने में बहुत फर्क हे दुनिया चाहे कितनी बदल जाये कोई हिन्दुस्तानी लड़की किसी अंजन लड़के से नेट पर दोस्ती करके सेक्स नहीं करेगी

सही कहा भाई ये इंडिया है यहा संस्कृति ओर समाज को मान दिया जाता है

love birds
05-03-2012, 02:43 PM
तो मैंने कब कहा अनजान लड़की सेक्स करेगी मैंने सिर्फ गेर मर्द कहा है गेर मर्द का मतलब अनजान नहीं होता !!!

और आपने सीधे सीधे सेक्स करनी की बात कही थी जो गलत थी ! इस्ले गुसा आगया था !!! पहेले दोस्त बनो !!!


तो फिर दोत बनो ना माना किसने किया है इसके लिए s.sangwan7488@gmail.com पर मिलो

love birds
05-03-2012, 02:46 PM
अगर कोई लड़की इस सूत्र से संतुस्ट है ओर सेक्स करना चहेती है तो मुझे मिले gtalk id : s.sangwan7488@gmail.com

dhanrajk75
05-03-2012, 07:49 PM
सभी दोस्तों के विचार पढ़ने के बाद मैं समझता हूँ कि शादीसुदा वही औरत दूसरे से सबंध बनती है जिसको एओन इच्छा पूरी नहीं होती हैं या जिसको बच्चा नहीं हो रहा हो मर्द लोग तो ताक में रहते कब मिले कि चोद दें चाहे कैसि भी हो central 14

deepa rai
05-03-2012, 07:57 PM
हा हो सकता है आज कल ये भी
पति पत्नि जब एक दुसरे को योन सुख से संतुष्ट नही कर पाते तब ये अनेतिक सबंध बनते हेँ !

deepa rai
05-03-2012, 07:57 PM
हा हो सकता है आज कल ये भी .............
सभी दोस्तों के विचार पढ़ने के बाद मैं समझता हूँ कि शादीसुदा वही औरत दूसरे से सबंध बनती है जिसको एओन इच्छा पूरी नहीं होती हैं या जिसको बच्चा नहीं हो रहा हो मर्द लोग तो ताक में रहते कब मिले कि चोद दें चाहे कैसि भी हो central 14

deepa rai
05-03-2012, 07:58 PM
सही कहा आपने मित्र
सभी दोस्तों के विचार पढ़ने के बाद मैं समझता हूँ कि शादीसुदा वही औरत दूसरे से सबंध बनती है जिसको एओन इच्छा पूरी नहीं होती हैं या जिसको बच्चा नहीं हो रहा हो मर्द लोग तो ताक में रहते कब मिले कि चोद दें चाहे कैसि भी हो central 14

deepa rai
05-03-2012, 07:59 PM
स्वागत है आपका इस सूत्र में

apnapan.pyar
06-03-2012, 01:21 AM
मेरी राय में यह गलत है क्योंकि यदि विवाह के पत्चात पति किसी और के साथ सम्बन्ध बनाता है तो वो सही है और अगर पत्नी किसी और के साथ सम्बन्ध बनाती है तो पति अपनी पत्नी को छोड़ देना चाहता है ऐसा क्यों ?

onepolitician
06-03-2012, 11:58 AM
मैंने जहा जहा ऐसे सम्बन्ध देखे है, उस घर मैं यौन सुख है, पर ग्रूह सुख नहीं!
यहाँ आपको ही समजना है, की आपको और आपके परिवारवालों को क्या चाहिए.
अगर सच मैं यौन सुख मैं, ज्यादा सुख लग रहा है, तोह जाईये कोठे पे, ज्यादा पैसे भी और यौन सुख भी.
समाज को काहे बिघाड रहे हो!
और यह अपना निजी मामला है, सबको कहना और करना इस मैं फरक है!!

Raja44
10-03-2012, 06:09 PM
मेरी नजर मेँ विवाह के बाद बनने वाले संबंधोँ मेँ कुछ भी गलत नहीँ जिससे हमे शारीरिक व मानसिक संतुष्टी मिलती हो भावनात्मक संबल मिलता हो और जिनसे परिवार पर कोई आँच ना आती हो मैँ आज भी ऐसे संबंध से जुडा हुं और सब खुश भी हैँ

rattan_kataria
10-03-2012, 06:17 PM
आप का सवाल तो ईसा हुआ की दाल रोटी के साथ, खीर खानी चाहिए जा नहीं

jaggajat
11-03-2012, 01:06 PM
आप का सवाल तो ईसा हुआ की दाल रोटी के साथ, खीर खानी चाहिए जा नहीं

:skull:
मेरे विचार से जिसे आप खीर कह रहे है वह खीर नही जहर है|
कुच्छ लोग जहर भी खाते है कुच्छ लोग जहर को खीर ही बता देते है|

haitohai007
11-03-2012, 02:42 PM
मेरी राय में यह गलत है क्योंकि यदि विवाह के पत्चात पति किसी और के साथ सम्बन्ध बनाता है तो वो सही है और अगर पत्नी किसी और के साथ सम्बन्ध बनाती है तो पति अपनी पत्नी को छोड़ देना चाहता है ऐसा क्यों ?


वो इसलिए मित्र क्योंकि भारत शुरू से पुरुष प्रधान देश था ,है और रहेगा . और हाँ जब घर का एक मर्द गलत काम करें तो उस घर की एक पुश्त खराब होती है और अगर एक औरत गलत करें तो उसकी 7 पुश्तें खराब हो जाती हैं . :bloom::bloom:

wait_me_online@yahoo.com
11-03-2012, 06:43 PM
VIVAH KE BAAD SEX ME EK KA MURDER HOTA HAI DUSRE
KO SAZA HOTI HAI OR TEESRA HAMESHA KE LIYE ZILLAT BHARI ZINDAGI JEETA HAI

haitohai007
11-03-2012, 07:46 PM
VIVAH KE BAAD SEX ME EK KA MURDER HOTA HAI DUSRE
KO SAZA HOTI HAI OR TEESRA HAMESHA KE LIYE ZILLAT BHARI ZINDAGI JEETA HAI

ये सही कहा आपने

rattan_kataria
11-03-2012, 11:08 PM
मेरी नजर मेँ विवाह के बाद बनने वाले संबंधोँ मेँ कुछ भी गलत नहीँ जिससे हमे शारीरिक व मानसिक संतुष्टी मिलती हो भावनात्मक संबल मिलता हो और जिनसे परिवार पर कोई आँच ना आती हो

ये सही कहा आपने

plugnplay
12-03-2012, 12:09 AM
बहुरि प्रेम हमहु बहु कियो,
भिगोय रहे निज सो रसद्वार,
हर्ष बरसाए क्रीडा चहु दीयों,
सृष्टि बीज बांटत रहिन अपार,

वाह भाई वाह, सृष्टि बीज बांटत रहिन वो भी अपार, मतलब छप्*पड़ फाड़ ।।।।

RaniSingh111
12-03-2012, 09:54 PM
वो इसलिए मित्र क्योंकि भारत शुरू से पुरुष प्रधान देश था ,है और रहेगा . और हाँ जब घर का एक मर्द गलत काम करें तो उस घर की एक पुश्त खराब होती है और अगर एक औरत गलत करें तो उसकी 7 पुश्तें खराब हो जाती हैं . :bloom::bloom:
बात में दम है आदमी अन्य ओरत (अपनी पत्नि के अतिरिक्त अन्य ओरत से) से सेक्स करता है तो उस ओरत पर अधिकार नही मजाता, एक मनोरंजन भर मान लेता है अथार्त अवसर का लाभ उठाता है|
लेकिन ओरत जिस पुरुष से सेक्स करती है उस पर अपना अधिकार समझती है|
में भी एक ओरत हूँ अपने पति को किसी अन्य ओरत से सेक्स करना किसी भी स्थिति बर्दास्त नही कर सकती|
में ऐसे में अपने पति का तो में कुच्छ बिगाड़ नही सकती
लेकिन उस ओरत की तो सरेआम हालत खराब कर दूँगी,
जो मेरे पति पर डोरे डालने की कोशिश मात्र भी करेगी|

devendrasoni
15-03-2012, 05:04 PM
जिनके सम्बन्ध बन जाते है वे इसे गलत नहीं मानते...... नहीं बनते वे नेतिकता की दुहाई देते है.

dhanrajk75
15-03-2012, 06:39 PM
बात में दम है आदमी अन्य ओरत (अपनी पत्नि के अतिरिक्त अन्य ओरत से) से सेक्स करता है तो उस ओरत पर अधिकार नही मजाता, एक मनोरंजन भर मान लेता है अथार्त अवसर का लाभ उठाता है|
लेकिन ओरत जिस पुरुष से सेक्स करती है उस पर अपना अधिकार समझती है|
में भी एक ओरत हूँ अपने पति को किसी अन्य ओरत से सेक्स करना किसी भी स्थिति बर्दास्त नही कर सकती|
में ऐसे में अपने पति का तो में कुच्छ बिगाड़ नही सकती
लेकिन उस ओरत की तो सरेआम हालत खराब कर दूँगी,
जो मेरे पति पर डोरे डालने की कोशिश मात्र भी करेगी|
आप जैसी सभी नहीं होती हैं रानी सिंह जी

RaniSingh111
15-03-2012, 08:53 PM
आप जैसी सभी नहीं होती हैं रानी सिंह जी

अधिकतर मेरी जैसी ही होती है कोई ओरत अपने पति को दूसरी ओरत के आगोस में नही देख सकती
लेकिन
जो बेचारी अबला होती है वह अपने पति के ऐसे संबंधो को सहती रहती है घुट-घुट के मरती रहती है
जो ऐसी जिन्दगी को सहन नही कर पाती वो आत्म-ह्त्या तक करती हुई समाज में देखी जा सकती है|
इसलिए
मेरे विचार से विवाहेत्तर संबंधो की वकालत करने वाले स्त्री-जाति के असली दुश्मन है|

mangaldev
15-03-2012, 08:59 PM
जिनके सम्बन्ध बन जाते है वे इसे गलत नहीं मानते...... नहीं बनते वे नेतिकता की दुहाई देते है.

सही कहा, आपने........
सूअर:pointlol: के लिए तो कीचड़ ही स्वर्ग होता है|

mangaldev
15-03-2012, 09:07 PM
अधिकतर मेरी जैसी ही होती है कोई ओरत अपने पति को दूसरी ओरत के आगोस में नही देख सकती
लेकिन
जो बेचारी अबला होती है वह अपने पति के ऐसे संबंधो को सहती रहती है घुट-घुट के मरती रहती है
जो ऐसी जिन्दगी को सहन नही कर पाती वो आत्म-ह्त्या तक करती हुई समाज में देखी जा सकती है|
इसलिए
मेरे विचार से विवाहेत्तर संबंधो की वकालत करने वाले स्त्री-जाति के असली दुश्मन है|

एकदम निष्पक्ष और १००% व्यवहारिक बात है रानीसिंहजी आपकी |
ये विवाहेत्तर संबंधो के हिमायती कभी समाज की उन ओरतो से कभी रूबरू नही हुए जिनके पति दूसरी ओरतो के साथ गुलछर्रे उड़ाते फिरते है|

raj.25
15-03-2012, 10:03 PM
इसमें गलत ही क्या है जिस्म की आग होती ही ऐसे है को वो गलत या सही की पहचान नहीं करती ? केवल वो जानती है जिस्म की आग भुझाना !!!
चाहे वो अपने मर्द से भ्झेय या गेर मर्द से ! और ये जिस्म प्यार करना नहीं जनता , जनता है तो सिर्फ ...........................
लेकिन जो गलत है वो हमेशा गलत ही रहेगा

manbhar
15-03-2012, 10:47 PM
जिनके सम्बन्ध बन जाते है वे इसे गलत नहीं मानते...... नहीं बनते वे नेतिकता की दुहाई देते है.

sahi bila bhai...

devendrasoni
15-03-2012, 11:07 PM
सही कहा, आपने........
सूअर:pointlol: के लिए तो कीचड़ ही स्वर्ग होता है|

आज कल तो हर कोई ऐसा सूअर बनने की फिराक मैं लगता है.

RaniSingh111
16-03-2012, 08:13 PM
आज कल तो हर कोई ऐसा सूअर बनने की फिराक मैं लगता है.

इंसान
तेजी से पशुता और
पशुता में भी सुअर ता
की और बढ़ रहा है|
इसीलिए पढ़े
इंसानी सभ्यता का भविष्य इस लिंक पर पढ़े|
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=5534&page=5

rocky1186
16-03-2012, 11:08 PM
यह हमारी भारतीय संस्कृति में नहीं है वरन आज के युवा मात्र पश्चिम का अन्धानुकरण कर रहे हैं जो कदापि उचित नहीं है ! यहाँ माननीय वकील साहब और कामिनी जी के तथ्यों को झुठलाया नहीं जा सकता है !sahi hai. is se kai complications life me paida ho jate hain, jo bad me sambhale nahi jate. fir pachtawa hota hai. thode samay ka maja phir ta jindgi saja. baki sabki apni marji... khuda khair kare.

dmaharaja007
17-03-2012, 10:47 PM
सम्बन्ध बनना या नहीं बनना दूसरी बात है. ....... दिल की चाहत तो यह ही रहती है कि रात किसी हसीना के साथ गुजरे ....... बस वोह सगी बहन या माँ न हो....

dmaharaja007
17-03-2012, 10:49 PM
पश्चिमी सभ्यता को बुरा कहने वाले भूल जाते है कि 1000 साल पहले भी ऐसे सम्बन्ध होते ही तो थे.... तब कौन सा टीवी था या अमेरिका यूरोप का प्रचार था........
:kiss:

dmaharaja007
17-03-2012, 10:52 PM
उफ़ ये झूठी भारतीय सभ्यता ......... उफ़ ये झूठे गौरव गान. ........ उफ्फ्फ ये लोगो की आड़ में खुद की कमजोरी को छुपाना .:pointlol:

dmaharaja007
17-03-2012, 10:53 PM
ya ........................

manbhar
18-03-2012, 10:23 PM
के कहूँ...

बण जावे ते ठीक, न बणे ते अपना हाथ जगनाथ...

Haryane ka jaat
19-03-2012, 06:48 PM
Mere shaadi se pahle hi sambandh the..... Jo ki vivah ke baad vivahettar sambandhon mein tabdeel ho gaye.... Magar biwi ko bhanak tak nahin lagne dee... 2 bachhe ho gaye magar silsila jaari raha. Unhi dino mera ek serious accident ho gaya. 2 maheene hospital mein raha meri biwi din raat meri sewa mein lagi rahi aur main apani pichhli jindagi bhulakar ab ek purn patnivarta pati ban gaya hun. Swabhav dilphenk hai.....phir bhi aisa offer milane par apne purse mein apni biwi ki tasweer dekh leta hun.....

RaniSingh111
19-03-2012, 07:58 PM
Mere shaadi se pahle hi sambandh the..... Jo ki vivah ke baad vivahettar sambandhon mein tabdeel ho gaye.... Magar biwi ko bhanak tak nahin lagne dee... 2 bachhe ho gaye magar silsila jaari raha. Unhi dino mera ek serious accident ho gaya. 2 maheene hospital mein raha meri biwi din raat meri sewa mein lagi rahi aur main apani pichhli jindagi bhulakar ab ek purn patnivarta pati ban gaya hun. Swabhav dilphenk hai.....phir bhi aisa offer milane par apne purse mein apni biwi ki tasweer dekh leta hun.....


राजस्थान के गाँवों में कहावत है आदमी को चोट खाने के बाद अक्ल आती है
लेकिन
जिसको चोट नही लगती, उसको अक्ल भी नही आती
क्या ऐसी चोट उन आदमियों के सभी के लगनी जरुरी है?
जो हर ओरत को ना केवल सेक्स का सामान समझते है और अपनी बीवी को धोका देते हो,
समाज की मर्यादायो का मखोल उड़ाते है?

Haryane ka jaat
19-03-2012, 08:33 PM
राजस्थान के गाँवों में कहावत है आदमी को चोट खाने के बाद अक्ल आती है
लेकिन
जिसको चोट नही लगती, उसको अक्ल भी नही आती
क्या ऐसी चोट उन आदमियों के सभी के लगनी जरुरी है?
जो हर ओरत को ना केवल सेक्स का सामान समझते है और अपनी बीवी को धोका देते हो,
समाज की मर्यादायो का मखोल उड़ाते है?

Main aapki baat se poorntya sahmat hun..... Mujhe apni biwi ko samjhane ka mauka hi un dinon mein mila tha.......
Kitna pyar kitna samrpan..... Jab main ICU mein tha aur comma mein tha..... Tab bhi vo mere paas baithi rahi thi.....
Aur har prakar se mujhe clean kiya tha.........
Hosh aane ke baad mujhe room mein transpher kar diya to bhi......halanki mujhe koi chehra pahchaan nahin aa raha tha... Usane hospital parshasan se permission lekar mere kamare mein tv lagvaya......usane shadi ki DVD dikhai...... Phir mere dwara record kee gayee fims aur tasveerein........
Un 2 maheeno mein meri biwi ne mujhe aisa bana diya jaise ki meri yaddasht kabhi gayi hi na ho......... Ab aap hi bataiye ki kya mein usase bewfai kar sakta hun......
Mere khayal se vivahettar sambandh chahe ek baar sahi lag sakten hon.... Magar ant hamesha bura hi hota hai.....
Aap sochiye ki agar meri biwi ko mere sambandhon ke baare mein pata hota to kya vah itna kuchh krti?

ashok007
19-03-2012, 10:41 PM
galat hai pata lagane par sirf badnami ke siva khuch nahi milta

RaniSingh111
19-03-2012, 11:03 PM
Main aapki baat se
hota hai.....
Aap sochiye ki agar meri biwi ko mere sambandhon ke baare mein pata hota to kya vah itna kuchh krti?

भारतीय पत्निया पूरी दुनिया में एक मिसाल के रूप में जानी जाती है|
वो अपने पति को हमेशा सम्मानिये ही मानती है वह परिस्थिति में अपने पति के सम्मान को बरकरार रखना चाहती है|
अगर उन संबंधो का पता आपकी पत्नि को होता तो, वह आपसे नाराज अवश्य होती लेकिन फिर भी वह आपकी उस-बिमारी की स्थिति में आपकी सेवा उसी तरह करती जैसे की है|
अगर भारतीय पत्नि को यमराज नजर आ जाए तो वह अपने पति तक उसे भी अपने जीते-जी किसी भी कीमत पर नही पहुचने दे|
में अपवादों की बात नही करा रही हूँ|
आम-भारतीय पत्नि ऐसी ही होती है|

fauji bhai
20-03-2012, 11:59 AM
अगर पति-पत्नी में प्यार हो तो विवाहोत्तर सम्बन्ध का ख्याल भी नहीं आता. पार कुछ ही ऐसे इंसान होते है जो वफ़ादारी निभा पाते है. पति-पत्नी का रिश्ता दुनिया में सबसे पवित्र रिश्ता, सबसे गहरा, सबसे मजबूत और सबसे कमजोर भी माना जाता है. मेरे ख्याल से इंसान अपने जीवनकाल में कभी ना कभी बेवफाई जरूर करता है, एक बार की बात हो तो गलती मान सकते है, पर किसी और स्त्री/पुरुष के साथ सम्बन्ध बनाये रखना बहोत गलत बात है. हिन्दू धर्म के हिसाब से इस सम्बन्ध को पाप मन गया है. प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी चीझ है. भगवान के सामान दर्जा दिया गया है. शादी के बाद पत्नी को पत्नी न मानकर गर्लफ्रेंड बनाकर रखने वाले मेरे एक दोस्त की शादी अब तलाख पे आके रुकी हुई है.

ऐसा क्यूँ करते हो? शादी के बाद पत्नी/पति से प्रेम करोगे तो वो तुम्हे अंतर्मन से चाहेगा. तुम्हे प्रेम करेगा. सम्बन्ध बना रहेगा. अकेले होगे तो उसकी याद आएगी, प्रेम में रहोगे तो हमेशा जवान भी रहोगे, क्यूंकि प्रेम वो दवा है जिसकी एक्सपाइरी डेट पूरी हो जाने के बाद भी काम करती है. और मुर्ख मनुष्यों जोंहोने विवाहोत्तर सम्बन्ध बनाये है, तुम लो़ग, भगवन ना करे तुम किसी मुसीबत में फस गये तो तुम्हे किसकी याद आएगी? मेरी मानो तो उस दिन तुम्हे तुम्हारी पत्नी/पति ही बचाने को आयेंगे. अगर दूसरीवाली या दूसरा वाला को याद करोगे तो भगवन करे और मुसीबत में फस जाओगे.

जागो मेरे देश के लोगो, भारत में दो ही तो चीझ है ५००० वर्ष से बर्करार है परिवार, और संस्कार, उसे कृपया खंडित मत करो. पश्चिम से सारी ज्ञानवर्धक चिझे लो पर वहा के संस्कार मत लो जो वाहा है ही नहीं.

rockyrocky
20-03-2012, 01:13 PM
विवाहेतर सम्बन्ध kadapi uchit nahi kahe jaa sakte Bhartiya samaz mein to nahi, Jo mahilaye aise sambandh banati woh actual mein sexsual explotation ka shikar hoti hai aur ye sirf wo log hi karte hain jo aurton ko kewal bhog ki vastu samjhte hai, Aur is prakar ke sambandho mein pyar nahi kewal wasna hoti hai. And most of the time women pays the price of being weaker sex.

Shayad aap log news paper padhte honge, Dehradoon mein jis vyakti ne apni hi wife ke tukde kar diye the uske peeche bhi विवाहेतर सम्बन्ध hi the. Nizamuddin park mein ek ne apni hi GF jiski shaadi Bihar mein hui thi uska gala ret diya tha aur woh bihar se usse milne aayi thi. Pati ko bina bataye.

for those who are advocating : YE aapki life hai agar risk lena hai to parinaam bhi pata hona chahiye, Ishq aur mushq kabhi nahi chupte.

so have a nice adventure Writing on internet is different and doing it actually need a senseless mind.

No offence meant to anyone

Ye meri pahli post hai aur english mein likhne ke liye maafi chahta hoon agli baar se hindi ka hi prayog karne ki koshish hogi.

jawan mard
20-03-2012, 11:07 PM
Jab tak sambandh ap aur apke sathi ke beech vishwash wale rahege sab jayaj hai. Jab pyas lage to pio. Chahe apne bore ka water ho ya padosi ke ghr me prem se mile. Jayaj hai.

onepolitician
21-03-2012, 11:20 PM
विवाह के बाद, सम्बंद बिलकुल बकवास, किसी को भी ऐसे नहीं करना चाहिए !!!

dkj
09-04-2012, 09:30 PM
उफ़ ये झूठी भारतीय सभ्यता ......... उफ़ ये झूठे गौरव गान. ........ उफ्फ्फ ये लोगो की आड़ में खुद की कमजोरी को छुपाना .:pointlol:


समाचार पत्र उठायिये और ११ बजे के चैनल देखिये और बताइये आज क्या हो रहा है .रामायण और महाभारत का मूल क्या है,पर स्त्री की चाह्त ,मध्य्काल मे कहावत ही चल निकली:-
जाकी तिरिया सुन्दर देखी ,धाय धरी तलवार.
वस्तुतः परस्त्रीगमन सभी समाजों मे प्रचलित प्रथा थी और है,हर बुराई के लिये पश्चिम को दोष देना उचित नहीं है.

dkj
09-04-2012, 09:35 PM
दरअसल कभी-कभी शहर के अंदेशे से मियाँजी की तरह दुबले भी होना चाहिए { योगा..वाक ..कुछ ना कर पाया, यही सही } लेकिन असल बात ये है कि आजकल मेरी कामवाली बाई इसी वजह से बहुत त्रस्त है….और रोज ही अपना दुखड़ा रो जाती है. उसकी उम्र का तो पता नहीं…क्यूंकि इन लोगो की शादी बहुत जल्दी हो जाती है. दो बेटियों की शादी हो गयी है…वे गाँव में हैं. अकेले यहाँ अपने पति के साथ रहती है. सुबह से शाम तक कई घरों में काम करती है..छः हज़ार तक कमा लेती है.उसकी अपनी झोपड़ी है. कहती तो है कि उसने अपने पैसों से बनवाया है,पति के पैसो से नहीं. पर उसका दुख है कि पति ड्राइवर है. दस-बारह हज़ार रुपये कमाता है. पर सारे पैसे उसके सामने रहने वाली, एक औरत पर खर्च कर देता है, जो पांच बच्चों की माँ है. इसे सिर्फ पंद्रह सौ रुपये देता है. और यह उसके कपड़े साफ़ करती है. खाना बनाती है. खाने में भी उसे रोज मच्छी-मटन चाहिए.अच्छा खाना नहीं बनाने पर, उसे गालियाँ देता है…और जब यह पलट कर कुछ बोलती है तो हाथ उठाता है.


मैं उसे समझाती हूँ…तुम अपना पेट पाल सकती हो….अपने पति पर आश्रित नहीं हो…छोड़ दो उसका खाना बनाना…उसके कपड़े धोना….इस तरह दुखी होने से क्या फायदा?? पर मेरे लिए कहना आसान है. रोज अपनी आँखों के सामने पति का दूसरी औरत को पैसे, कपड़े ला कर देना…घूमने लेकर जाना..बर्दाश्त करना कितना मुश्किल है ये तो उसका दिल ही जानता होगा.


मेरे समझाने पर कहती है..”अब से अयेसायीच करेगी” कहने को तो वह कह देती है. पर उसका असली दुख है कि वह दूसरी औरत को पैसे क्यूँ देता है. उसके प्रति आसक्त क्यूँ है?? रोज ही बडबडाती रहती है…”मेरा आदमी उदर को गया..पीछू से ये भी गयी “… “कल इगारे बजे रात को आए दोनों ..क्या मालूम किदर को गए थे?”….”मेरे आदमी को भी अक्कल नई है….उसका आदमी तो कुछ कमाता नई…ऐसी औरत लोग को समझना मांगता ना…मेरे आदमी के पिच्छे क्यूँ पड़ी है??”


अब इस प्रश्न का जबाब किसी के पास है?? जबाब तो नहीं…पर सोचने को मजबूर कर देती हैं…ऐसी बातें.


आखिर क्या वजह है…कि उच्च और निम्न वर्ग में ऐसी घटनाएं आम हैं? कई सारे बड़े बड़े नाम हैं..’धर्मेन्द्र’.. ‘आमिर खान’.. ‘सैफ’..’महेश भट्ट ‘ ‘शशि थरूर’…’अज़हरुद्द न’…’संजय सिंह’….आदि (नामो की फेहरिस्त बड़ी लम्बी है..कहाँ तक लिखे कोई ) जो काफी दिनों तक वैवाहिक जीवन बिताने के बाद ..दूसरी महिला के प्रति आकृष्ट हो गए.


शायद वजह ये है कि पहली पत्नी उनके संघर्ष की साक्षी होती है. उनका फ्रस्ट्रेशन…हताश …नाराज़गी,सब देखा होता है. पर जब ये सफलता के शिखर पर पहुँच जाते हैं…तब सिर्फ ऊँची ऊँची बातें करते हैं…दरियादिली दिखाते हैं….quotable quotes उच्चारित करते हैं. हैं. उनके व्यक्तित्व का सिर्फ उजला पक्ष ही सामने आता है..जिसे देखकर कन्याएँ बलिहारी जाती हैं…और इन अधेड़ पुरुषों का खूब ego massage होता है. अब पत्नी तो इतनी तारीफ़ करने से रही क्यूंकि उसने वो काला पक्ष भी देखा होता है…जब लोगों को कितनी गालियाँ दी गयी होती हैं…कितने चाल चले गए होते हैं….कितनी जोड़-तोड़ की गयी होती है. इसलिए वो अब उनके अनमोल वचन से प्रभावित नहीं होती.


और भी बहुत से कारण हैं…रूप-यौवन…अपनी पत्नी की ज़िन्दगी का केंद्र बिंदु ना होना. क्यूंकि पत्नी पर घर की, बच्चों की जिम्मेवारियाँ बढ़ जाती हैं. और वो अब पति को undivided attention नहीं दे पाती..जो ये बालाएँ बखूबी कर लेती हैं.


इतने दिनों पत्नी के सान्निध्य में रहने से उन्हें स्त्री मन की भी अच्छी पहचान हो जाती है. स्त्रियों की पसंद-नापसंद भी ये अच्छी तरह जान लेते हैं. पर उनका मेल इगो उसे अपनी पत्नी के साथ आजमाने नहीं देता. यह सब वे दूसरी महिला-कन्या को इम्प्रेस करने में उपयोग करते हैं. अब इस उम्र में थोड़ी मेच्योरिटी भी आ गयी होती है. अपनी शुरूआती दिनों में की गयी गलतियां वे नहीं दुहराते और ये सारे गुण,दूसरी औरतों को आकृष्ट करते हैं.

dkj
09-04-2012, 09:36 PM
मशहूर फिल्म निर्देशक (मासूम और मिस्टर इण्डिया फेम वाले ) शेखर कपूर ने “मेधा” (जो अब मेधा जलोटा हैं ) के साथ अपनी शादी टूटने की पूरी जिम्मेवारी अपने ऊपर ली थी. उनके एक इंटरव्यू में पढ़ा था कि..” वो कैरियर के शुरुआत के दिन थे..वे काफी फ्रस्ट्रेटेड रहते थे…अपने आप में ही गुम रहते थे…मेधा ने बहुत कोशिश की पर वे उनका साथ नहीं निभा पाए”


काफी दिनों बाद ‘सुचित्रा कृष्णमूर्ति’ ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि ‘शेखर कपूर ने अपनी पहली शादी में अपनी गलतियों से सीखा है…और अब वे उन्हें नहीं दुहराते.’ (ये दीगर बात है कि शायद शादी के दस साल बाद ,अब ये दोनों भी अलग हो गए हैं.)


महमूद के गायक बेटे “अली’ ने साफ़-साफ़ कहा था कि बच्चों के स्कूल की वजह से शूटिंग्स पर
उनकी पत्नी उनके साथ ट्रैवेल नहीं कर सकती…इसलिए
अपना अकेलापन दूर करने को उन्होंने दूसरी शादी की (कोई उनसे पूछे कि पत्नी अपना अकेलापन दूर करने को क्या करे….शायद जबाब होगा…उसके पास बच्चे और घर हैं )


जब पत्नी को पति की इस नई आसक्ति का पता चलता है तो वो विरोध करती है…भला-बुरा कहती है…कड़वी बातें कहती है..जिस से पुरुष और भी दूर होता जाता है…और अंततः हमेशा के लिए दूर हो जाता है.


शायद कुछ लोग कहेंगे…पत्नी की भी गलती होती है…हो सकता है…पर कई जगह पति भी पूरी तरह गलत होता है तो पत्नी तो किनारा नहीं कर लेती. पर यह सब अनादिकाल से चलता आ रहा है…और कभी विलुप्त होगा, ऐसा प्रतीत तो नहीं होता.


बस मध्यम-वर्ग इन सबसे बचा ही रहे…और अपनी नून-तेल-लकड़ी की माथापच्ची में ही जुटा रहे…यही बेहतर है

dkj
09-04-2012, 09:39 PM
शादी से पहले सेक्स अपराध नहीं है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। जब दो लोग साथ रहना चाहते हैं, तो इसमें अपराध क्या है। कोर्ट ने एक उदहारण दिया कि भगवान श्रीकृष्ण और देवी राधा भी साथ रहे थे। कोर्ट के इस फैसले के बाद लिवइन रिलेशन को लेकर हमारे समाज में एक चिंतन शुरू हो गया है। क्या लिवइन के इस मामले में कोर्ट की यह राय भगवान श्रीकृष्ण के साथ खुशबु नामक एक्ट्रेस से तुलना उचित है।
सुप्रीम कोर्ट के ऊपर तो टिप्पड़ी करना उचित नहीं है लेकिन यह अवश्य ही सोचनीय है की भगवान श्रीकृष्ण के देवी राधा से क्या सम्बन्ध थे | क्या किसी पुरुष और महिला के सम्बन्ध विवाहेतर सम्बन्ध के अतिरिक्त भी कोई सम्बन्ध हो सकते हैं | भारतीय संस्कृति में पिता- पुत्री, वहिन-भाई, मित्र-मित्र आदि-आदि अन्य सम्बन्ध भी हो सकते हैं लेकिन यदि हमारी सोच ही संकुचित हो तो हम किसी भी बात का गलत/सही कुछ भी मतलव निकल लेते हैं|
दरअसल, इस रिलेशन को लोग अभी भी मौज मस्ती वाले रिलेशन के रूप में ही देखते हैं। यदि लिवइन इतना आसान होगा, तो लोग भला शादी करके गले में घंटी लटकाना क्यों पसंद करेंगे |

dmaharaja007
10-04-2012, 01:07 PM
कितना भी कानून बनो लो ... मर्द तो परायी औरत की आसक्ति छोड़ नहीं पायेगा..... ये नशा ही कुछ ऐसा है..... डी महाराजा 007

Raja44
10-04-2012, 04:19 PM
कितना भी कानून बनो लो ... मर्द तो परायी औरत की आसक्ति छोड़ नहीं पायेगा..... ये नशा ही कुछ ऐसा है..... डी महाराजा 007

बिलकुल सत्य है मित्र ये नशा हर नशे की तरह नशोँ मे दोडता है उन्हे आदि बना देता है

umabua
10-04-2012, 05:59 PM
शादी से पहले सेक्स अपराध नहीं है। ऐसा सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। जब दो लोग साथ रहना चाहते हैं, तो इसमें अपराध क्या है। कोर्ट ने एक उदहारण दिया कि भगवान श्रीकृष्ण और देवी राधा भी साथ रहे थे। कोर्ट के इस फैसले के बाद लिवइन रिलेशन को लेकर हमारे समाज में एक चिंतन शुरू हो गया है। क्या लिवइन के इस मामले में कोर्ट की यह राय भगवान श्रीकृष्ण के साथ खुशबु नामक एक्ट्रेस से तुलना उचित है।
सुप्रीम कोर्ट के ऊपर तो टिप्पड़ी करना उचित नहीं है लेकिन यह अवश्य ही सोचनीय है की भगवान श्रीकृष्ण के देवी राधा से क्या सम्बन्ध थे | क्या किसी पुरुष और महिला के सम्बन्ध विवाहेतर सम्बन्ध के अतिरिक्त भी कोई सम्बन्ध हो सकते हैं | भारतीय संस्कृति में पिता- पुत्री, वहिन-भाई, मित्र-मित्र आदि-आदि अन्य सम्बन्ध भी हो सकते हैं लेकिन यदि हमारी सोच ही संकुचित हो तो हम किसी भी बात का गलत/सही कुछ भी मतलव निकल लेते हैं|
दरअसल, इस रिलेशन को लोग अभी भी मौज मस्ती वाले रिलेशन के रूप में ही देखते हैं। यदि लिवइन इतना आसान होगा, तो लोग भला शादी करके गले में घंटी लटकाना क्यों पसंद करेंगे |

हमारी तो अभी दो तीन वर्ष पहले दोनों परिवारों के बुजुर्गों के प्रयासों और उनकी सहमती से परम्परागत शादी हुयी है . अभी तो हम प्यार के समुद्र में गोते लगा रहे हैं इसलिए हमें तो अभी इस विषय में सोचने का वक्त नहीं है .

जहाँ तक राय देने की बात है तो मेरे विचार से एक्स्ट्रा मैरिटल सेक्स उचित नहीं है . इस तरह के संबंधों से दोनों परिवारों में सुख और शान्ति का आभाव हो जाता है . जब कोई विधवा/विधुर किसी विवाहित पुरुष/महिला के साथ ऐसे संबंधों के जाल में उलझ जाए तो इसे साथी की तलाश में भटकाव कहा जा सकता है. जब कोई अविवाहित लडकी/लड़का किसी विवाहित पुरुष/महिला के साथ ऐसे संबंधों के जाल में उलझ जाए तो इसे कच्ची उम्र का भटकाव कहा जा सकता है. जब कोई विवाहित महिला/पुरुष किसी दूसरे विवाहित पुरुष/महिला के साथ ऐसे संबंधों के जाल में उलझ जाए तो इसे स्पष्ट रूप से शारीरिक भूख की महत्वाकांक्षा कहा जा सकता है.

स्पष्ट है की जब कोई सम्बन्ध छिपाए जाएँ तो किसी भी दशा में उचित नहीं कहे जा सकते हैं किन्तु यही सम्बन्ध जब खुले आम अपनाए गए हों तो इन पर उंगली नहीं उठायी जानी चाहिए. मेरी संज्ञान में ऐसे कुछ सम्बन्ध हैं जो सामाजिक रूप से अवैध थे किन्तु दोनों प्राणियों ने इस रिश्ते को समाज में सीना ठोंक का जिया . यह अलग बात है कि ज्येष्ठ संतान की शादी से हफ्ते दस दिन पूर्व उन दोनों ने भी अपने रिश्ते को वैदिक विधि से विवाह करके सामाजिक रूप दे दिया . अब इसे ढकोसला कहा जाए या फिर हिन्दू धर्म का मखौल ... किन्तु ऐसी कई घटनाएं सामने आयी हैं.

मुझे आश्चर्य है कि अभी तक सूत्रधार ने सभी की राय जानी है किन्तु उन्होंने अपनी स्पष्ट राय नहीं दी है जबकि यह उनका प्रथम कर्तव्य बनता है . उनकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है.

aditya_tyagi123
11-04-2012, 04:32 PM
That depends upon person... but i want to make extra marital affairs..
if any one intrested then mail me.

mystar
11-04-2012, 04:36 PM
शादी से पहले सम्बन्ध बनाने में कोई परेशानी नहीं है किन्तु शादी के बाद हमें अपने साथी के प्रति वफादार रहना चाहिए एसा मेरा मानना है

dmaharaja007
16-04-2012, 03:50 PM
मोका न मिले तब तक सब वफादार रहते है.......... मोका मिला तो नारी नारी लगती प्यारी..... अपनी हो या पराई.... डी महाराजा 007

sjdeewana
16-04-2012, 04:48 PM
सेक्स ईश्वर की बनाई हुई प्राक्रतिक आवश्यकता हे
जबकि शादी इन्सान की बनाई हुई अप्राक्रतिक व्यवस्था हे
ऒर शरीर किसी रिश्ते ऒर मर्यादा को नही जानता इसलिए सवाल ये नही हे कि क्या विवाहेतर सम्बन्ध बनाना उचित हे बल्कि मेरी राय तो ये हे कि जो विवाहेतर सम्बन्ध नही बनाते उनके अन्दर थोडी नपुन्सकता हे
या फ़िर वो समाज से डरते हे

PRIYA5
16-04-2012, 05:06 PM
शादी के बाद भी दूसरी जगह सम्बन्ध बनाना गलत है !
हमारे संस्कार इसकी इजाजत नहीं देते है !

जो लोग कह रहे है की शादी के बाद भी रिलेशन बना सकते है !
जरा ये बताये ! की वो शादी ही क्यूँ करते है !
घूम-घूम कर क्यूँ नहीं अपनी जरुरत पूरी करते है !
जो समाज और रिश्तो को नहीं मानते है
ऐसे जानवरों को इंसानों के बीच नहीं जानवरों के बीच रहना चाहिए !
क्यूंकि भगवान् ने इंसान को सोचने और समझने की शक्ति दी है !
जिसकी वजह से इंसान और जानवरों में फर्क दिखाई पड़ता है !

सेक्स के बुखे भेडियो को केवल मांस के लोथड़े ही नजर आते है !

Noctis Lucis
16-04-2012, 05:08 PM
मुझे तो लगता है ये उचित नही है

dmaharaja007
16-04-2012, 11:21 PM
काहे को बहस भाई..... सम्बन्ध बनाना है तो बनाओ....... औरो को ज्ञान न दो........ डी महाराजा 007

Raja44
17-04-2012, 07:29 PM
सेक्स ईश्वर की बनाई हुई प्राक्रतिक आवश्यकता हे
जबकि शादी इन्सान की बनाई हुई अप्राक्रतिक व्यवस्था हे
ऒर शरीर किसी रिश्ते ऒर मर्यादा को नही जानता इसलिए सवाल ये नही हे कि क्या विवाहेतर सम्बन्ध बनाना उचित हे बल्कि मेरी राय तो ये हे कि जो विवाहेतर सम्बन्ध नही बनाते उनके अन्दर थोडी नपुन्सकता हे
या फ़िर वो समाज से डरते हे


आपकी आगे की बात सही है end से सहमत नहीँ हुं रोज घर का खाना एक दो बार होटल का खाना सामांजस्य बना रहता है

Haryane ka jaat
17-04-2012, 11:52 PM
hi dear,
aaj ke time ki jaroorat hai njoy karo aur njoy do mast raho chust raho sex karo aur khush raho tumhara kya khyal hai

ye Tumhare neeyam tumhari bahan ke liye bhi same hai na?????????????????

tata123
18-04-2012, 12:07 AM
LIFE & WIFE WAQT KE SAATH CHANGE KARNA BHI ZAROORI HAI

PRIYA5
18-04-2012, 03:35 PM
:(मैने इसी शीर्षक से कुछ दिनों पूर्व एक सूत्र बनाया था वो बंद कर दिया गया हे इसलिए में पुनः इस शीर्षक से सूत्र बना रही हु )

सात फेरे ,सात वचन ,क्या आज के समय में इनकी कोई उपयोगिता हे आज जन्हा हर तीसरे पुरुष के पर स्त्री से और हर ७ वि स्त्री के पराये पुरुष से सम्बन्ध हे की आज के भाग दौड़ और तनाव भरे युग में इन संबंधो को गलत कहा जा सकता हे की नहीं कृपया अपनी राय दे

सूत्र बनाने के बाद सीमा जी आपकी कोई भी प्रविष्टि नहीं हुई है !
कृपया कुछ आप भी पोस्ट करे ! की आपकी इस बारे में क्या राय है !

madhuu
18-04-2012, 03:48 PM
मै प्रिया जी से पूरी तरह सहमत हु,
मै अपनी पत्नी को धोखा देने की सोच भी नही सकता
जिसने मेरे लिये अपने परिवार को छोडा है,
मेरी ज़िन्दगी उसी को समर्पित है

शादी के बाद भी दूसरी जगह सम्बन्ध बनाना गलत है !
हमारे संस्कार इसकी इजाजत नहीं देते है !

जो लोग कह रहे है की शादी के बाद भी रिलेशन बना सकते है !
जरा ये बताये ! की वो शादी ही क्यूँ करते है !
घूम-घूम कर क्यूँ नहीं अपनी जरुरत पूरी करते है !
जो समाज और रिश्तो को नहीं मानते है
ऐसे जानवरों को इंसानों के बीच नहीं जानवरों के बीच रहना चाहिए !
क्यूंकि भगवान् ने इंसान को सोचने और समझने की शक्ति दी है !
जिसकी वजह से इंसान और जानवरों में फर्क दिखाई पड़ता है !

सेक्स के बुखे भेडियो को केवल मांस के लोथड़े ही नजर आते है !

Ranveer
18-04-2012, 09:21 PM
क्या विवाह का संबध केवल सेक्स से है ?
उन सात फेरों मे लिए गए सात संकल्पोँ का , आपसी विश्वास और सांमजस्य का , भावनाओँ का , मंगलसूत्र की , आने वाली पीढीयोँ की मानसिक सुरक्षा का कोई मोल नही ।

यदि नही , तो विवाह करने की ही क्या आवश्यकता है ?
बाजार मे वेश्याओँ की कमी तो नही !

Haryane ka jaat
18-04-2012, 09:36 PM
अगर पति-पत्नी में प्यार हो तो विवाहोत्तर सम्बन्ध का ख्याल भी नहीं आता. पार कुछ ही ऐसे इंसान होते है जो वफ़ादारी निभा पाते है. पति-पत्नी का रिश्ता दुनिया में सबसे पवित्र रिश्ता, सबसे गहरा, सबसे मजबूत और सबसे कमजोर भी माना जाता है. मेरे ख्याल से इंसान अपने जीवनकाल में कभी ना कभी बेवफाई जरूर करता है, एक बार की बात हो तो गलती मान सकते है, पर किसी और स्त्री/पुरुष के साथ सम्बन्ध बनाये रखना बहोत गलत बात है. हिन्दू धर्म के हिसाब से इस सम्बन्ध को पाप मन गया है. प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी चीझ है. भगवान के सामान दर्जा दिया गया है. शादी के बाद पत्नी को पत्नी न मानकर गर्लफ्रेंड बनाकर रखने वाले मेरे एक दोस्त की शादी अब तलाख पे आके रुकी हुई है.

ऐसा क्यूँ करते हो? शादी के बाद पत्नी/पति से प्रेम करोगे तो वो तुम्हे अंतर्मन से चाहेगा. तुम्हे प्रेम करेगा. सम्बन्ध बना रहेगा. अकेले होगे तो उसकी याद आएगी, प्रेम में रहोगे तो हमेशा जवान भी रहोगे, क्यूंकि प्रेम वो दवा है जिसकी एक्सपाइरी डेट पूरी हो जाने के बाद भी काम करती है. और मुर्ख मनुष्यों जोंहोने विवाहोत्तर सम्बन्ध बनाये है, तुम लो़ग, भगवन ना करे तुम किसी मुसीबत में फस गये तो तुम्हे किसकी याद आएगी? मेरी मानो तो उस दिन तुम्हे तुम्हारी पत्नी/पति ही बचाने को आयेंगे. अगर दूसरीवाली या दूसरा वाला को याद करोगे तो भगवन करे और मुसीबत में फस जाओगे.

जागो मेरे देश के लोगो, भारत में दो ही तो चीझ है ५००० वर्ष से बर्करार है परिवार, और संस्कार, उसे कृपया खंडित मत करो. पश्चिम से सारी ज्ञानवर्धक चिझे लो पर वहा के संस्कार मत लो जो वाहा है ही नहीं.


Main aapse 100 % sahamat hun fauji bhai ...... Aapne to mere dil baat kah dee .... Reputation point sweekaar keejiye .......