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View Full Version : टुटा दिल



love431
15-03-2011, 12:54 PM
केसा लगा बताओ

underground
15-03-2011, 12:54 PM
kuch najar ayega to bataenge na

love431
15-03-2011, 12:56 PM
kuch najar ayega to bataenge na
भाई हिंदी लिखोगे तो दिखेगा

underground
15-03-2011, 12:57 PM
भाई हिंदी लिखोगे तो दिखेगाअच ये बात है अभी हिंदी में लिखते है फिर देखते है

love431
15-03-2011, 12:59 PM
अब बताओ दिखा या नहीं
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love431
15-03-2011, 01:16 PM
अब बताओ दिखा या नहीं
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love431
15-03-2011, 01:17 PM
अब बताओ दिखा या नहीं
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love431
15-03-2011, 01:17 PM
अब बताओ दिखा या नहीं

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love431
15-03-2011, 01:18 PM
अब बताओ दिखा या नहीं
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love431
15-03-2011, 01:18 PM
अब बताओ दिखा या नहीं


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love431
15-03-2011, 01:19 PM
अब बताओ दिखा या नहीं

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love431
15-03-2011, 01:20 PM
अब बताओ दिखा या नहीं


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love431
15-03-2011, 01:20 PM
अब बताओ दिखा या नहीं
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caal.girl
15-03-2011, 01:32 PM
goooooood yaaaaaaaaar

love431
15-03-2011, 01:39 PM
thanksssssssssssss

love431
15-03-2011, 01:43 PM
Re: टुटा दिल

santosh143
15-03-2011, 03:08 PM
आपका जवाब नहीं मित्र

santosh143
15-03-2011, 03:13 PM
दिल के टुकड़े टुकड़े कर दिए

alvi
15-03-2011, 03:22 PM
इन टूटे दिलो पर तरस आता है
इन टूटे दिलो की भी अपनी भाषा है

love431
15-03-2011, 09:05 PM
इन टूटे दिलो पर तरस आता है
इन टूटे दिलो की भी अपनी भाषा है
सही कहा दोस्त

nisha_nisha
15-03-2011, 10:41 PM
yar kisne toda aapka dil

love431
15-03-2011, 10:42 PM
yar kisne toda aapka dil
आपने और आप के लिए
मेने सावन से कहा दिल की आग भुजा ,
सावन ने कहा चुप के से चले जा

PATIRAJ
16-03-2011, 05:49 AM
आपकी जिज्ञासा के क्रम मे ............टुटा दिल
1- अपनी समस्याओ के समाधान को हमे स्वय खोजना होगा अगर आप इसके माध्यम को तकनीक का नाम देते है हो सकता है
2- लाइफ-स्टाइल की कोइ समस्या नही होती है , समस्या सदैव उद्देश्य की होती है - आप कैसे जीना चाहते है ? यह बात आपके सामने कुछ समस्या रखेगा और आपको उनका समाधान खोजना है क्युकि आप वही चाहते है , अगर कोइ आदमी मरना चाहता है तो आपके सारे जीवन के साधन उसके लिये बेकार है और उसके मरने मे बाधक बनने वाली चीजे उसके लिये समस्या है
3- हम लाइफ-स्टाइल के लिये नही जीते है , हम जीते है तो उपलब्ध साधनो से अपना तरीका बना लेते है जिसे लाइफ-स्टाइल कहते है , विद्दुत की खोज प्रकाश के विकल्प के रूप मे की गयी थी न की "दिये" की लाइफ-स्टाइल को "झालर" की लाइफ-स्टाइल से बदलने के लिये , यह परिवर्तन तो स्वत: है ( परिणामगत है ), बल्ब का अविश्कार एक क्रांतिकारी खोज है ,अब आप उसका आकार बदल दे, इंटेंसिटी बढा दे ,कलर बदल दे यह स्टाइल का मामला - आपकी च्वाइस का मामला है ।

BHARAT KUMAR
16-03-2011, 05:52 AM
बहुत ही मार्मिक चित्र हैं.. अच्छी पेशकश है

love431
17-03-2011, 06:16 PM
इन टूटे दिलो पर तरस आता है
इन टूटे दिलो की भी अपनी भाषा है

love431
18-03-2011, 12:33 PM
आप अपनी राय जरुर दे

love431
18-03-2011, 09:24 PM
बाकी की पोस्ट आप के उत्तर के बाद अगर आप को मेरी पोस्ट पसंद आती हे तो आप thanks और * ( स्टार ) का बटन दबाओ

love431
24-03-2011, 06:27 PM
अगर आप को सूत्र पसंद आता हे तो thanks का बटन दबाने में कंजुसी ना करे

Devil khan
24-03-2011, 08:40 PM
बहुत अच कार्य मित्र .......शानदार सूत्र ..................गजब




मेरे नए सूत्र पर आपके विचार जरूर रखे .....................

http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=3757

love431
15-04-2011, 10:21 PM
आप को सूत्र पसंद आता हे तो Reputation का बटन दबाने में कंजुसी ना करे

love431
28-04-2011, 09:48 PM
मोहोबत कर के फस गये आफत में न इस दिल पे काबू आता हे न तुम पे जोर चलता हे

sameer.kumar
13-02-2012, 11:50 AM
मेरा अभी तक तो नहीं टुटा