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View Full Version : प्यार जब किसी से होजाता हे



ravi chacha
11-01-2011, 10:10 PM
:bloom:अपने अच्छे बुरे अनुभाव सेयर करे कुछ यादे जो कभी भुला ना सके जेसे प्यार जब किसी से होजाता हे :bloom:

merasaajan
11-01-2011, 10:39 PM
:bloom::bloom:humko lagta hi ki humaare pass sabkuch hi kisi ciz ki kami nahi par fir koi aisa mil jaata hi ki lagata hi uske bina mere paas kuch nahi jab kisi ko beintiha pyaar karte hi tho uski koi baat buri nahi lagti uske saath har anubhv aacha hi hota hi

sadahajir
11-01-2011, 11:03 PM
Usne jab dhoka diya to laga ki sab khtam, jaise jindgi ruk gayi ho...wo dard itna khatarnak ki saha na jaye par kahte hai ki samay ke sath har ghav bhar jate hai, mera bhi ghav bhar raha hai, dard mai kuchh kami ayi hai, par tute dill ko kaise jodun..



Teri meri yu tut gayi sondiye,jaise tuta ambar ka tara.....

Dhananjay89
12-01-2011, 01:21 AM
jab pyaar hota hai to kuch bhi aacha nahi lagta

Pooja1990 QUEEN
16-01-2011, 09:30 PM
pyar jab hota hai. un lamho ko ham shabdo me nahi lik sakte. muje b hua tha. kya sukad ehsas tha .amazing moments.

c6b0rg
16-01-2011, 11:23 PM
pyaar to sirf pyaar. can't explain in words, it can only feel.

dev b
16-01-2011, 11:33 PM
आप ठीक बोल रहे हो मित्र प्यार १ सुंदर अहसास है
pyaar to sirf pyaar. can't explain in words, it can only feel.

csgoutam
17-01-2011, 02:43 PM
प्यार का होना जितना सुखद एहसास है शायद ज़िन्दगी में वैसा और कुछ नहीं है...
लेकिन प्यार के बिछुड़ने से ज्यादा दुखद भी और कुछ नहीं है...

sanjeetspice
18-01-2011, 08:25 PM
meri mere hi gave ki ek ladki se mulakat 2002 me huee thi or 2010 nov 28 me uski sadhi ho gye uska mere sath koi rista nhi tha
sayad wo mughe janti bhi nhi ho lakin me me ushe god bhagwan ishwer ki tarha pooja krta hu kyoki me us se bhuit pyar krta hu

ye pyar ek tarfa hi tha ab bhi h or hamesha rhege mere us pyar ko god salmat rakhe uske sare dukh drad god mughe de
mughe us se koi sikayat nhi h
me uske sath wafa nhi kr paya or na hi bewafi

mughe lagta h ki jo hota h acche k liye hota h jo huaa acche k liye huaa or jo hoga vo to or bhi accha hogo

mai es bat ko manta aaya hu ki man ka socha ho to accha or na ho to or bhi accha


mughe batio ki meri soch kha tk thik h or kya isi ko true love khte h

sagar -
22-01-2011, 10:28 PM
प्यार जब किसी से हो जाता हे .....
तब उससे मिलने की लगन तड़फती रहती हे
भूख नही लगती हे
दिल करता हे की उसके बारे में सोचता रहू या बाते करू .
तुझे देखे बिना दिल नही माने तुझे देखने के दुंडू में बहाने..........

bawa009
23-01-2011, 02:09 AM
:bloom::bloom:humko lagta hi ki humaare pass sabkuch hi kisi ciz ki kami nahi par fir koi aisa mil jaata hi ki lagata hi uske bina mere paas kuch nahi jab kisi ko beintiha pyaar karte hi tho uski koi baat buri nahi lagti uske saath har anubhv aacha hi hota hi


Usne jab dhoka diya to laga ki sab khtam, jaise jindgi ruk gayi ho...wo dard itna khatarnak ki saha na jaye par kahte hai ki samay ke sath har ghav bhar jate hai, mera bhi ghav bhar raha hai, dard mai kuchh kami ayi hai, par tute dill ko kaise jodun..





Teri meri yu tut gayi sondiye,jaise tuta ambar ka tara.....


jab pyaar hota hai to kuch bhi aacha nahi lagta


pyar jab hota hai. un lamho ko ham shabdo me nahi lik sakte. muje b hua tha. kya sukad ehsas tha .amazing moments.


pyaar to sirf pyaar. can't explain in words, it can only feel.


meri mere hi gave ki ek ladki se mulakat 2002 me huee thi or 2010 nov 28 me uski sadhi ho gye uska mere sath koi rista nhi tha
sayad wo mughe janti bhi nhi ho lakin me me ushe god bhagwan ishwer ki tarha pooja krta hu kyoki me us se bhuit pyar krta hu

ye pyar ek tarfa hi tha ab bhi h or hamesha rhege mere us pyar ko god salmat rakhe uske sare dukh drad god mughe de
mughe us se koi sikayat nhi h
me uske sath wafa nhi kr paya or na hi bewafi

mughe lagta h ki jo hota h acche k liye hota h jo huaa acche k liye huaa or jo hoga vo to or bhi accha hogo

mai es bat ko manta aaya hu ki man ka socha ho to accha or na ho to or bhi accha


mughe batio ki meri soch kha tk thik h or kya isi ko true love khte h


आप नवागत और वरिष्ठ सदस्य देवनागरी लिपि में लिखें

King_khan
25-01-2011, 08:42 PM
मेरा प्यार


टेक कर घुटने, झुका सिर, प्रेम का जो दान माँगे
हो किसी का प्यार लेकिन, प्यार वो मेरा नहीं है।

रख न पाया मान निज जो, प्यार वो कैसे करेगा?
हीनता से ग्रस्त है जो, दीनता ही दे सकेगा
द्वार पर तेरे खड़ा हूँ, स्नेह का लेकर निमंत्रण
एक चुटकी भीख को यह दीन का फेरा नहीं है
हो किसी का प्यार लेकिन, प्यार वो मेरा नहीं है

है विदित, होती रही है प्यार की उद्दाम धारा
बँध सके जो बंधनों से और ना निज कूल से
राह में अवरोध कोई सर उठाए
यह झुका दे, तोड़ दे, ढाये उखाड़े मूल से
है अगर यह प्यार तो आश्वस्त हूँ मैं
इस प्रभंजन ने प्रबल, यह मन मेरा घेरा नहीं है
हो किसी का प्यार लेकिन प्यार वो मेरा नहीं है

प्यार वो है ले बहे जो, मंद मंथर गति निरंतर
जी उठे स्पर्श पाकर हाँफती मरुभूमि बंजर
मान रखता, मान देता, मधुर मंगल रूप कोमल
प्यार का जो स्वप्न मेरा क्या वही तेरा नहीं है?
टेक कर घुटने, झुका सिर, प्रेम का जो दान माँगे
हो किसी का प्यार लेकिन , प्यार वो मेरा नहीं है।

King_khan
25-01-2011, 08:44 PM
आजकल बहुत बड़ी भ्रान्ति है
या कहूँ कि समाज में घोर अशान्ति है
क्योकि देह को ही माध्यम समझने
लगें है लोग प्यार की अभिव्यक्ति का
तन के बिना अधूरा ही मानते हैं प्रेम
व्यक्ति से व्यक्ति का
उनके अनुसार
जब तक तन नहीं होते एकाकार
प्रेम पा ही नहीं सकता गगन सा विस्तार
वे कहते हैं प्यार हैं जलन
प्यार हैं चुभन प्यार हैं मिलन
प्यार हैं बिछुड़न
प्यार है कामनाओं की पूर्ति
यानि शारीरिक इच्छाओं की आपूर्ति
पर हमारी मान्यता है भिन्न
भले ही लोग हो जाएं हमसे खिन्न
पर सच मानिए ऐसा प्रेम, प्रेम नहीं
ये है एक मानसिक विकार
या कामनाओं का ज्वार
तन हो ही नहीं सकता प्रेम का आधार
ये तो अन्तर्मन में बहता एक पावन झरना है
जिसे झर - झर – झर झरना है
अन्तर्रात्मा को संतृप्त करना है
ऐसे भी कह सकते है कि प्रेम
अन्तस्तल में बहती पावन नदी है
व्यर्थ ही भ्रमित इक्कीसवीं सदी है
इसलिए र ध न नहीं कोमल स्वर में गाइए
रे ध नि यानि प्यार की सरगम
__________________

suyas08
25-01-2011, 08:53 PM
भाषा प्यार की



प्यार एक ऐसी भावना है, जो हर इंसान के लिए महत्वपूर्ण है। केवल इसे जताने व कहने के तौर-तरीके फर्क है। मैं तुम्हें प्यार करता हूं, सामान्य से लेकिन अर्थपूर्ण इस वाक्य का इजहार भिन्न-भिन्न भाषाओं में कैसे होता है



इंगलिश - आई लव यू।:lips:

बांग्ला - आमी तुमा के भालो बाशी।




गुजराती - हूं तने प्रेम करूं छूं।

कोंकणी - तू मागेल मोगा छो।

मलयालम - नजन निन्नेप्रेमीकुन् ू।

मराठी - मी तुला प्रेम करतो।


सिंधी - मा तोखे प्यार केन्दो अहयन।

तमिल - नान उन्नई कथालीकरेन।

तेलुगू - नेनू निन्नू प्रेमीसतुन्नानु।

फारसी - दोसेत दरम।

फ्रेंच - ज तेम, ज आमर तू।

ग्रीक - सागापो।
इटैलियन - ती आमो।

जैपनीज - आइशीतेरू।

कन्नड - नानू नीन्ना प्रीतिसुतैन।

कोरियन - सारंग हेयो।

लैटिन - ते आमो।

परशियन - दू-सेट दारम।

थाई - (पुरुष से) चान रक खुन।

(स्त्री से) फोम रक खुन।

जर्मन- इच लीबे दिच।

bhoomi ji
25-01-2011, 09:19 PM
आजकल बहुत बड़ी भ्रान्ति है
या कहूँ कि समाज में घोर अशान्ति है
क्योकि देह को ही माध्यम समझने
लगें है लोग प्यार की अभिव्यक्ति का
तन के बिना अधूरा ही मानते हैं प्रेम
व्यक्ति से व्यक्ति का
उनके अनुसार
जब तक तन नहीं होते एकाकार
प्रेम पा ही नहीं सकता गगन सा विस्तार
वे कहते हैं प्यार हैं जलन
प्यार हैं चुभन प्यार हैं मिलन
प्यार हैं बिछुड़न
प्यार है कामनाओं की पूर्ति
यानि शारीरिक इच्छाओं की आपूर्ति
पर हमारी मान्यता है भिन्न
भले ही लोग हो जाएं हमसे खिन्न
पर सच मानिए ऐसा प्रेम, प्रेम नहीं
ये है एक मानसिक विकार
या कामनाओं का ज्वार
तन हो ही नहीं सकता प्रेम का आधार
ये तो अन्तर्मन में बहता एक पावन झरना है
जिसे झर - झर – झर झरना है
अन्तर्रात्मा को संतृप्त करना है
ऐसे भी कह सकते है कि प्रेम
अन्तस्तल में बहती पावन नदी है
व्यर्थ ही भ्रमित इक्कीसवीं सदी है
इसलिए र ध न नहीं कोमल स्वर में गाइए
रे ध नि यानि प्यार की सरगम
__________________


क्या प्रस्तुति है
मन को झकझोर देने वाली :salut::salut:

aksh
25-01-2011, 11:22 PM
क्या प्रस्तुति है
मन को झकझोर देने वाली :salut::salut:
वाकई सिकंदर जी. आप बधाई के पात्र हैं

Viraat
24-01-2012, 03:45 PM
:bloom:अपने अच्छे बुरे अनुभाव सेयर करे कुछ यादे जो कभी भुला ना सके जेसे प्यार जब किसी से होजाता हे :bloom:
अभी तो अनुभव की कमी है ...........

deep deep
24-01-2012, 05:20 PM
प्यार जब किसी से हो जाता हे .....
तब उससे मिलने की लगन तड़फती रहती हे
भूख नही लगती हे
दिल करता हे की उसके बारे में सोचता रहू या बाते करू .
तुझे देखे बिना दिल नही माने तुझे देखने के दुंडू में बहाने..........