View Full Version : बलात्कार -समाज का अभिशाप
dev b
12-01-2011, 01:32 AM
दोस्तों सेक्स दो शरीरो का ही नहीं बल्कि दो आत्माओं का मिलन होता हे . बलात्कार समाज के लिए १ अभिशाप हे . कृपया सभी मित्र यंहा अपनी अपनी राय देने का कष्ट करे
dev b
12-01-2011, 01:33 AM
दोस्तों मेरे विचार से हमारे क़ानून में बलात्कारी के लिए कम से कम फ़ासी कि सजा होनी चाहिए
दोस्तों सेक्स दो शरीरो का ही नहीं बल्कि दो आत्माओं का मिलन होता हे . बलात्कार समाज के लिए १ अभिशाप हे . कृपया सभी मित्र यंहा अपनी अपनी राय देने का कष्ट करे
akamboj2000
12-01-2011, 08:14 AM
दोस्तों मेरे विचार से हमारे क़ानून में बलात्कारी के लिए कम से कम फ़ासी कि सजा होनी चाहिए
मित्र एक बात तो ये है कि हम और आप कौन है सजा सुनाने वाले दूसरा ये कि फाँसी की सजा तो किसी को भी नही मिलनी चाहिए अब स्त्रियाँ पहले यौन सम्बँध बना कर बलात्कार आरोप लगा देती हैं तो कोई निर्दोष भी फँस सकता है तो फाँसी की सजा उचित नहीं है इसमें कैद ही होनी चाहिए अगर बाद में बेगुनाही साबित हो गई तो अपनी जिंदगी परिवार मे लौट तो सकता है
dev b
12-01-2011, 05:45 PM
कालरा जी आप ये भी ठीक बोल रहे हो , कानून का दुरुओयोग भी नहीं होना चाहिए , हम सब को यंहा ये ही डिस्कस करना हे की बलात्कार की सजा क्या होना चाहिए
मित्र एक बात तो ये है कि हम और आप कौन है सजा सुनाने वाले दूसरा ये कि फाँसी की सजा तो किसी को भी नही मिलनी चाहिए अब स्त्रियाँ पहले यौन सम्बँध बना कर बलात्कार आरोप लगा देती हैं तो कोई निर्दोष भी फँस सकता है तो फाँसी की सजा उचित नहीं है इसमें कैद ही होनी चाहिए अगर बाद में बेगुनाही साबित हो गई तो अपनी जिंदगी परिवार मे लौट तो सकता है
dev b
12-01-2011, 05:50 PM
मित्र एक बात तो ये है कि हम और आप कौन है सजा सुनाने वाले दूसरा ये कि फाँसी की सजा तो किसी को भी नही मिलनी चाहिए अब स्त्रियाँ पहले यौन सम्बँध बना कर बलात्कार आरोप लगा देती हैं तो कोई निर्दोष भी फँस सकता है तो फाँसी की सजा उचित नहीं है इसमें कैद ही होनी चाहिए अगर बाद में बेगुनाही साबित हो गई तो अपनी जिंदगी परिवार मे लौट तो सकता है
मित्र जैसा की आप जानते ही है की हमारे देश में क़ानून बनता बाद में है उस का दुरुपयोग पहले होने लगता हे , उस लिहाज से देखा जाए तो १ निर्दोष आदमी को भी सजा हो सकती है . कोई भी अपनी मर्जी से सेक्स कर के बलात्कार का आरोप लगा सकती है , ये भी सोचने लायक बात है
Pooja1990 QUEEN
12-01-2011, 06:38 PM
meri rai hai.dono ladke or ladki ki shadi kara deni chahiye. jab pidit ladki uski aanko ke samne rahegi ya uske ghar me rahegi .isse badhkar uske liye sharm ki kya bat hogi.fm
dev b
12-01-2011, 06:42 PM
meri rai hai.dono ladke or ladki ki shadi kara deni chahiye. jab pidit ladki uski aanko ke samne rahegi ya uske ghar me rahegi .isse badhkar uske liye sharm ki kya bat hogi.fmपूजा जी ये बात आप की ठीक है , परन्तु यदि बलात्कार का आरोप शादी के बाद लगे तो ?
यौन अपराध पीड़ित का जीवन नर्क बना देते हैं , किसी भी सभ्य समाज की में इसके लिए कठोरतम सजा होनी चाहिये . यह न सिर्फ दोषियों के बल्कि उन लोगों के लिए भी जो ऐसा करने का प्रयत्न करने की चेष्टा करते हैं , के लिए एक भय उत्पन्न करेगा जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति नहीं होगी . मेरे विचार में दोष सिद्ध हो जाने पे उम्रकैद या मृत्युदंड उचित है .
dev b
12-01-2011, 07:52 PM
यौन अपराध पीड़ित का जीवन नर्क बना देते हैं , किसी भी सभ्य समाज की में इसके लिए कठोरतम सजा होनी चाहिये . यह न सिर्फ दोषियों के बल्कि उन लोगों के लिए भी जो ऐसा करने का प्रयत्न करने की चेष्टा करते हैं , के लिए एक भय उत्पन्न करेगा जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति नहीं होगी . मेरे विचार में दोष सिद्ध हो जाने पे उम्रकैद या मृत्युदंड उचित है .
आप बिलकुल ठीक बोल रहे हो मित्र , अगर क़ानून का दुरूपयोग ना हो तो , हमारे भारत महान के क़ानून की ये एक बड़ी विडम्बना हे
akamboj2000
12-01-2011, 08:02 PM
यौन अपराध पीड़ित का जीवन नर्क बना देते हैं , किसी भी सभ्य समाज की में इसके लिए कठोरतम सजा होनी चाहिये . यह न सिर्फ दोषियों के बल्कि उन लोगों के लिए भी जो ऐसा करने का प्रयत्न करने की चेष्टा करते हैं , के लिए एक भय उत्पन्न करेगा जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति नहीं होगी . मेरे विचार में दोष सिद्ध हो जाने पे उम्रकैद या मृत्युदंड उचित है .
हमारे देश में बलात्कार जैसे काम तब तक होते रहेंगे जब तक यहाँ सेक्स प्रतिबंधित सा रहेगा मतलब जब इसे प्राप्त करना दुर्लभ सा माना जाएगा तब तक, अगर सेक्स के बारे में खुल कर बात होगी लड़का लड़की समन्व्य रहेगा दोनो सेक्स को खुलकर आनंद ले सकें तो बलात्कार और अवैध सम्बँध जैसा सब कुछ समाप्त हो जाएँगे
dev b
12-01-2011, 08:41 PM
हमारे देश में बलात्कार जैसे काम तब तक होते रहेंगे जब तक यहाँ सेक्स प्रतिबंधित सा रहेगा मतलब जब इसे प्राप्त करना दुर्लभ सा माना जाएगा तब तक, अगर सेक्स के बारे में खुल कर बात होगी लड़का लड़की समन्व्य रहेगा दोनो सेक्स को खुलकर आनंद ले सकें तो बलात्कार और अवैध सम्बँध जैसा सब कुछ समाप्त हो जाएँगे
परन्तु मित्र इस के दुष्परिणाम के बारे में भी तो सोचो ?
akamboj2000
12-01-2011, 09:44 PM
परन्तु मित्र इस के दुष्परिणाम के बारे में भी तो सोचो ?
यदि लड़का लड़की आपस में सेक्स के बारे मे खुल कर बात करने लगे औरउन्हे इसके प्रति विचार बदल जाएगा तो वो बलात्कार की तो कोई सोचेगा भी नही
Dr.Ashusingh
12-01-2011, 10:07 PM
dosto thanks is liye ki puja ki baat ek had tak sahi hai ki dono ki sadi kara dena chahiye...
ab sorry is liye, maan lo mai puja ka rape ker du to puja kya tum mere saath sadi karogi? nahi na ..tum to mughse naphrat hogi..to tumhare liye ye to our buri baat ho jayegi... jarurat hai sahi sex education ki...jaisa ki abhi kisi dost ne kaha..
dev b
12-01-2011, 10:19 PM
dosto thanks is liye ki puja ki baat ek had tak sahi hai ki dono ki sadi kara dena chahiye...
ab sorry is liye, maan lo mai puja ka rape ker du to puja kya tum mere saath sadi karogi? nahi na ..tum to mughse naphrat hogi..to tumhare liye ye to our buri baat ho jayegi... jarurat hai sahi sex education ki...jaisa ki abhi kisi dost ne kaha..
मै आप से सहमत हु की सेक्स शिक्षा की सही उम्र क्या होनी चाहिए?
Dr.Ashusingh
12-01-2011, 10:32 PM
Dev, is baar galat question ker liya..ku ki education lene our dene ki koi age limit nahi hoti..ha ye jarur dekho ki kise di ja rahi hai kahi vo is education ka miss use to nahi karega..maan lo kisi boys ko priouds ke safenight our unsafenight ke bare me bataya ki jisse uski girlfriend pregnent na ho..per vo ye bhi ker sakta hai ki vo sirf unsafenight me hi sex keare our us bechari ko pregent ker de...rahi baat age ki to jab se bacha us education ka matlab samghne lage tabhi se suru keri chahiye..
akamboj2000
12-01-2011, 10:39 PM
Dev, is baar galat question ker liya..ku ki education lene our dene ki koi age limit nahi hoti..ha ye jarur dekho ki kise di ja rahi hai kahi vo is education ka miss use to nahi karega..maan lo kisi boys ko priouds ke safenight our unsafenight ke bare me bataya ki jisse uski girlfriend pregnent na ho..per vo ye bhi ker sakta hai ki vo sirf unsafenight me hi sex keare our us bechari ko pregent ker de...rahi baat age ki to jab se bacha us education ka matlab samghne lage tabhi se suru keri chahiye..
प्रेग्नेँसी कोई नही चाहता चाहे वो लड़का हो या लड़की यहाँ तक कि लड़का एंटी प्रेग्नेँसी गोली हमेशा देता है जब भी बिना कँडोम के सेक्स किया हो
Pooja1990 QUEEN
12-01-2011, 10:44 PM
mere kahne ka matlb ye hai. jisne rape kiya hai .ladki ki shadi usi ke ghar me karni chahiye. usse ya uske bhaiyo se .agar ho to.pidit ladki se other kaon shadi karega. g
akamboj2000
12-01-2011, 10:48 PM
mere kahne ka matlb ye hai. jisne rape kiya hai .ladki ki shadi usi ke ghar me karni chahiye. usse ya uske bhaiyo se .agar ho to.pidit ladki se other kaon shadi karega. g
तो क्या लड़की उसके साथ खुश रहेगी जिसने उसका बलात्कार किया हो और लोग इसका नाजायज फायदा भी उठा सकते है वो किसी भी लड़की से बलात्कार करेंगे तो उससे शादी हो जाएगी
Dr.Ashusingh
12-01-2011, 10:53 PM
Puja...mai tumhara rape ker du tu tum mera face dekhna pasand karogi? ..mughe dekhne ke baad vo rape yaad aa jayega...to kya tum yahi chahogi ki tum use rape ko kabhi bhul na pavo?...yaar tu abhi bachi hai....bilkul choti si...bholi si ;)
Pooja1990 QUEEN
12-01-2011, 11:02 PM
dr aasu ji .75 parcent rape ke caso me 2ladka or ladki ek dusre ko janne bale hote hai.koi muje janta nahi hai to uski himmat rape ki nahi hogi.
Dr.Ashusingh
12-01-2011, 11:03 PM
Dost maine missuse ka ek chota sa example diya tha...missuse tabhi hota hai ki jab usse koi prob ho...tumhe choti si baat bata raha hu abhi kal hi mere dost hai Dr. Ravi unhe ye report mili ki pregnecy ke time jayada sex kijiye isse ghar me beti hone ke 60% chance hai..to ve dekhte hi kahe yaar ab to month me ek baar hi sex karunga ....vo report thi ki betiyo ke liye per...uska miss use ho gaya..
dev b
12-01-2011, 11:23 PM
बलात्कार से लड़की की आत्मा घायल हो जाती है , इस लिए बलात्कारी इंसान शैतान होता है , परन्तु दूसरा पहलू ये भी है कई बार लड़के और लड़की आपस की रजामंदी से सेक्स करते है , और बाद मै लड़की ब्लैक मेल कर के लड़के पर बलात्कार का आरोप लगा देती है . इस बारे मै आप क्या कहोगे मित्रो ?
Dr.Ashusingh
13-01-2011, 08:00 AM
Dev good morning...ha sahi kaha ab ki female pahle ki terah nahi hai..ve susses ko pane ke liye kuch bhi..kisi bhi conditon tak gir sakti hai...yaha mai nahi samghaunga..ku ki missuse ho sakta hai..per 1 baat kahunga mobile sabke paas hota hai..kuch video record ker liya karo jisse ye clear ho jaya jo ho raha hai vo khusi khusi ho raha hai..ek baat our 18 saal se neeche ki ledki ko chuna bhi mat..last me itna hi kahuna..WIFE HI LIFE HAI.
dev b
13-01-2011, 06:27 PM
यौन अपराध पीड़ित का जीवन नर्क बना देते हैं , किसी भी सभ्य समाज की में इसके लिए कठोरतम सजा होनी चाहिये . यह न सिर्फ दोषियों के बल्कि उन लोगों के लिए भी जो ऐसा करने का प्रयत्न करने की चेष्टा करते हैं , के लिए एक भय उत्पन्न करेगा जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृति नहीं होगी . मेरे विचार में दोष सिद्ध हो जाने पे उम्रकैद या मृत्युदंड उचित है .
मित्र मै आप से सहमत हु , परन्तु यंहा प्रश्न ये उठता है क़ि दोषी को सजा मिले और निर्दोष प्रताड़ित भी ना हो
dev b
13-01-2011, 06:32 PM
Dev good morning...ha sahi kaha ab ki female pahle ki terah nahi hai..ve susses ko pane ke liye kuch bhi..kisi bhi conditon tak gir sakti hai...yaha mai nahi samghaunga..ku ki missuse ho sakta hai..per 1 baat kahunga mobile sabke paas hota hai..kuch video record ker liya karo jisse ye clear ho jaya jo ho raha hai vo khusi khusi ho raha hai..ek baat our 18 saal se neeche ki ledki ko chuna bhi mat..last me itna hi kahuna..WIFE HI LIFE HAI.
डोक्टर साहब आप ठीक बोल रहे है , परन्तु इसके दूसरा पहलू भी विचार योग्य है क़ि उस बनाए मोबाइल क्लिप का दुरूपयोग ना हो
Miss Smarty Pants
14-01-2011, 01:54 AM
बलात्कार में लड़की को शारीरिक से ज्यादा मानसिक कष्ट होता है. लड़की को ये महसूस होता है की वो कितनी कमजोर है. दूसरी बात की लड़की को हमारे समाज द्वारा भी ये महसूस कराया जाता है की उसके साथ कितनी बड़ी और शर्मनाक घटना हो गयी. लड़की के कुंवारेपन को लेकर हमारे समाज में जो obsession है यदि उसे त्याग दिया जाये तो फिर बलात्कार किसी लड़की के दिलो दिमाग पे उतना असर नहीं डालेगा जितना अभी की परिस्थितियों में डालता है. जहाँ तक बलात्कारी का सवाल है उसे तो कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए लेकिन मृत्युदंड नहीं और साथ ही साथ उनके दिमागी इलाज के लिए भी कुछ करना चाहिए ताकि वो ये दोबारा न करें. और ऐसा कुछ नहीं है की हमारी संकृति में सेक्स दबा ढंका है इसलिए यौन अपराध होते है यदि ऐसी बात होती तब तो विदेशो में बलात्कार की घटनाएँ कभी होती ही नहीं!
dev b
14-01-2011, 02:10 AM
मै आप से सहमत हू मित्र सेक्स अगर पुरुष और स्त्री क़ि रजामंदी से होता है तो अलग बात है , अगर कौमार्य की बात है तो ये तथाकथित कौमार्य स्त्री के लिए ही क्यों होता है पुरुष के लिए क्यों नहीं?मै भी १ पुरुष हू , फिर भी जो सचाई है हम सब को उस पर निर्विवाद विचार करना चाहिए .........आप का अपना देव भारद्वाज
बलात्कार में लड़की को शारीरिक से ज्यादा मानसिक कष्ट होता है. लड़की को ये महसूस होता है की वो कितनी कमजोर है. दूसरी बात की लड़की को हमारे समाज द्वारा भी ये महसूस कराया जाता है की उसके साथ कितनी बड़ी और शर्मनाक घटना हो गयी. लड़की के कुंवारेपन को लेकर हमारे समाज में जो obsession है यदि उसे त्याग दिया जाये तो फिर बलात्कार किसी लड़की के दिलो दिमाग पे उतना असर नहीं डालेगा जितना अभी की परिस्थितियों में डालता है. जहाँ तक बलात्कारी का सवाल है उसे तो कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए लेकिन मृत्युदंड नहीं और साथ ही साथ उनके दिमागी इलाज के लिए भी कुछ करना चाहिए ताकि वो ये दोबारा न करें. और ऐसा कुछ नहीं है की हमारी संकृति में सेक्स दबा ढंका है इसलिए यौन अपराध होते है यदि ऐसी बात होती तब तो विदेशो में बलात्कार की घटनाएँ कभी होती ही नहीं!
Bhawani7000
14-01-2011, 06:31 AM
दरअसल बलात्कार के मामलों में जितने अलग अलग पहलू और बातें मेरे सामने आती रही हैं, उसमें मैं ख़ुद भी समझ नहीं पा रहा हूँ की आख़िर गलती कहाँ और क्या हो रही है। किसे दोष दें, किसे अपराधी माने , और कौन कौन दोषी नहीं है। यहाँ तो आलम ये बन चुका है की हर इंसान कब हैवान बन जाए , वो भी अकल्पनीय स्तर तक, कहा नहीं जा सकता। मैं जिस अदालत में कार्यरत हूँ सिर उसमें ही दस से अधिक मुक़दमे ऐसे चल रहे हैं जिनमें नाबालिग़ पुत्रियों ने अपने पिटा पर ही बलात्कार का आरोप लगा रखा है। फ़िर मैं उन महिलाओं और औरतों के बारे मैं भी सोचता हूँ जो खुले आम ढिंढोरा पीट पीट कर कहती हैं की " मुझे तो आक्रामक मर्द ही पसंद हैं, उका हर अंदाज़ दीवाना बना देता है "। उनसे कौन पूछता है की उनके ये आक्रामक मर्द कितने आक्रामक हो गए हैं और समाज ही आक्रामक हो गया है। मुझे नफरत है उनसे भी जो महिला अधिकारों का ढिंढोरा पीट पीट कर अपना प्रचार , नाम और दाम बनाने में लगे रहते हैं और ऐसे किसी भी मासूम की रक्षा कर नहीं पाते
Bhawani7000
14-01-2011, 06:32 AM
असलियत तो ये है की हम सब उस सभ्य युग में जी रहे हैं जहाँ हम सब जानवरों से भी अधिक जंगली और हिंसक हो गए हैं
dev b
14-01-2011, 05:09 PM
इंसान दुनिया का सब से हिंसक प्राणी या बोले की जानवर है
असलियत तो ये है की हम सब उस सभ्य युग में जी रहे हैं जहाँ हम सब जानवरों से भी अधिक जंगली और हिंसक हो गए हैं
Ranveer
14-01-2011, 06:29 PM
हमारे देश में बलात्कार जैसे काम तब तक होते रहेंगे जब तक यहाँ सेक्स प्रतिबंधित सा रहेगा मतलब जब इसे प्राप्त करना दुर्लभ सा माना जाएगा तब तक, अगर सेक्स के बारे में खुल कर बात होगी लड़का लड़की समन्व्य रहेगा दोनो सेक्स को खुलकर आनंद ले सकें तो बलात्कार और अवैध सम्बँध जैसा सब कुछ समाप्त हो जाएँगे
मै आपके इस बात पर सहमत नहीं हूँ मित्र क्योंकि पश्चमी देशों मै समाज एसा होने के वावजूद बलात्कार की घटनाएँ होती हैं...
Dr.Ashusingh
14-01-2011, 06:44 PM
मेरे दोस्तो..sorry लेट हो गया...आप सब को प्यार
दोस्त देव ..बात सोचने योग्य हॆ कि उस किल्प का दुरूपयोग ना हो..इसके लिये एक उदाहरण दे रहा हू..चाकू सभी जानते हॆ कितने काम की होती हॆ..सब्जी को काटने मे सभी प्रयोग मे लेते हॆ..पर अगर किसी ने ये सोचा होता ..कि इससे किसी को मारा भी जा सकता हॆ..तो आज सब्जी चाकू से नही काटी जाती...
Dr.Ashusingh
14-01-2011, 06:53 PM
पुन: मुद्दे पर आते हुये..आज हम अपने सस्कारो को भूल गये हे..बचपन के उन दादा दादी..नाना नानी की कहानियो के रूप मे मिलने वाली सीख से वचिंत हो गये हॆ..आज के मां बाप के पास अपने बच्चो को सिखाने का वक्त ही नही हॆ..ऎसे बच्चे क्या अपनापन समझॆगे..इन्हे क्या मालूम होगा कि रेप के बाद किसे कितना दुख होगा..इन्हे तो बस अपना काम निकलना चाहिये..
dev b
15-01-2011, 01:12 AM
प्रिय मित्र मै आप से सहमत हु अगर हम इसी तरह से समाज के मूल्यों को भूलते रहे तो वो दिन दूर नहीं जब हम पतन की गहरी खाई में गिर कर आने वाली पीढ़ी को सर्वनाश के गर्त में धकेल देंगे
पुन: मुद्दे पर आते हुये..आज हम अपने सस्कारो को भूल गये हे..बचपन के उन दादा दादी..नाना नानी की कहानियो के रूप मे मिलने वाली सीख से वचिंत हो गये हॆ..आज के मां बाप के पास अपने बच्चो को सिखाने का वक्त ही नही हॆ..ऎसे बच्चे क्या अपनापन समझॆगे..इन्हे क्या मालूम होगा कि रेप के बाद किसे कितना दुख होगा..इन्हे तो बस अपना काम निकलना चाहिये..
dev b
16-01-2011, 10:35 PM
काम्या जी व् डॉ आशु जी के अमूल्य विचारों का इन्तजार है
Miss Smarty Pants
16-01-2011, 11:37 PM
दरअसल बलात्कार के मामलों में जितने अलग अलग पहलू और बातें मेरे सामने आती रही हैं, उसमें मैं ख़ुद भी समझ नहीं पा रहा हूँ की आख़िर गलती कहाँ और क्या हो रही है। किसे दोष दें, किसे अपराधी माने , और कौन कौन दोषी नहीं है। यहाँ तो आलम ये बन चुका है की हर इंसान कब हैवान बन जाए , वो भी अकल्पनीय स्तर तक, कहा नहीं जा सकता। मैं जिस अदालत में कार्यरत हूँ सिर उसमें ही दस से अधिक मुक़दमे ऐसे चल रहे हैं जिनमें नाबालिग़ पुत्रियों ने अपने पिटा पर ही बलात्कार का आरोप लगा रखा है। फ़िर मैं उन महिलाओं और औरतों के बारे मैं भी सोचता हूँ जो खुले आम ढिंढोरा पीट पीट कर कहती हैं की " मुझे तो आक्रामक मर्द ही पसंद हैं, उका हर अंदाज़ दीवाना बना देता है "। उनसे कौन पूछता है की उनके ये आक्रामक मर्द कितने आक्रामक हो गए हैं और समाज ही आक्रामक हो गया है। मुझे नफरत है उनसे भी जो महिला अधिकारों का ढिंढोरा पीट पीट कर अपना प्रचार , नाम और दाम बनाने में लगे रहते हैं और ऐसे किसी भी मासूम की रक्षा कर नहीं पाते
यह एक बहुत ही गलत अवधारणा है की स्त्रियाँ आक्रामक पुरुष पसंद करती हैं. ये सब बातें सिर्फ कहने को और उत्तेजना बढ़ने को होती है. हाँ ये बात अवश्य है की स्त्रियाँ चाहती हैं की उनका यौन साथी उन पे अधिकार जताए और बिस्तर में उनसे बढ़कर हो. ये सब आक्रामकता आदी बातें सिर्फ एक खेल का रूप होती है यौन क्रिया के दौरान. सीधी सी बात है की यदि मुझे अपने साथी द्वारा सेक्स के दौरान कान पे काटना अच्छा लगता हो लेकिन यदि मेरा साथी मेरा कान काटने के बजाय उसे काट अलग ही कर डाले, तो ऐसी आक्रामकता की मांग मैंने तो नहीं ही की होगी. खेल खेल में की गयी बातें यदि कुछ पुरुष नहीं समझते तो इसमें उनकी अपरिपक्व मानसिकता की ही झलक मिलती है.
आपने कहा की आप जहाँ काम करते हैं वहां दसियों मुक़दमे ऐसे है जिसमे बेटियों ने पिता द्वारा यौन शोषण करने की बात कही है.. ये सब चीजें दरअसल हमारे समाज में जड़ो तक बैठी है और ये फोरम भी कुछ हद तक उसका एक प्रतिबिम्ब दिखलाता है. जब आपकी शिक्षा ही सही तरीके से नहीं हुई है तो फिर हम क्या उम्मीद करें हमारे समाज से. हमारे माँ बाप हमें कई अच्छी बातें सिखाते हैं लेकिन सेक्स को ले कर सभी के दिमाग में कुंठाएं भरी पड़ी है. शादी होने तक लड़कियां सिर्फ अधकचरा ज्ञान ही रखती ही सेक्स के बारे में और लडको की भी अमूमन यही स्थिति है. बलात्कार भी बस कुंठाओ की एक परिणति ही है.
dev b
16-01-2011, 11:46 PM
मित्र मे आप से सहमत हूँ , हम सब को मिल कर के १ अच्छा प्रयास करना है ,जिस से आप सब मित्रो के अछे विचारों को समाज तक पहुचा सके
यह एक बहुत ही गलत अवधारणा है की स्त्रियाँ आक्रामक पुरुष पसंद करती हैं. ये सब बातें सिर्फ कहने को और उत्तेजना बढ़ने को होती है. हाँ ये बात अवश्य है की स्त्रियाँ चाहती हैं की उनका यौन साथी उन पे अधिकार जताए और बिस्तर में उनसे बढ़कर हो. ये सब आक्रामकता आदी बातें सिर्फ एक खेल का रूप होती है यौन क्रिया के दौरान. सीधी सी बात है की यदि मुझे अपने साथी द्वारा सेक्स के दौरान कान पे काटना अच्छा लगता हो लेकिन यदि मेरा साथी मेरा कान काटने के बजाय उसे काट अलग ही कर डाले, तो ऐसी आक्रामकता की मांग मैंने तो नहीं ही की होगी. खेल खेल में की गयी बातें यदि कुछ पुरुष नहीं समझते तो इसमें उनकी अपरिपक्व मानसिकता की ही झलक मिलती है.
आपने कहा की आप जहाँ काम करते हैं वहां दसियों मुक़दमे ऐसे है जिसमे बेटियों ने पिता द्वारा यौन शोषण करने की बात कही है.. ये सब चीजें दरअसल हमारे समाज में जड़ो तक बैठी है और ये फोरम भी कुछ हद तक उसका एक प्रतिबिम्ब दिखलाता है. जब आपकी शिक्षा ही सही तरीके से नहीं हुई है तो फिर हम क्या उम्मीद करें हमारे समाज से. हमारे माँ बाप हमें कई अच्छी बातें सिखाते हैं लेकिन सेक्स को ले कर सभी के दिमाग में कुंठाएं भरी पड़ी है. शादी होने तक लड़कियां सिर्फ अधकचरा ज्ञान ही रखती ही सेक्स के बारे में और लडको की भी अमूमन यही स्थिति है. बलात्कार भी बस कुंठाओ की एक परिणति ही है.
दोस्तों बहुत सारे उत्तर आये है पर किसी ने समस्या की जड़ तक जाना उचित नहीं समझा. बलात्कार क्यों होता है आज की लड़की मोडर्न हो गयी है पारदर्शी व ऐसे कपडे पहनती है जिससे उसके आधे से ज्यादा अंग दिखाई देते है में रायपुर में रहता हूँ रोज लड़किया गाड़ी चलाती दिखती है गाड़ी पर बैठे हुए आप उनकी पैंटी देख सकते हो कपड़ो से उनकी ब्रा आसानी से दिखाई देती है गाड़ी प् लड़के के पीछे उससे चिपक कर बैठना एकांत में लडको के साथ जाना. जब लड़का किस करता है तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होती बल्कि लड़किया लडको को सेक्स के लिए उकसाती है आज की तारीख में आप देख सकते है कि कितने mms मार्केट में आ रहे है. जब लड़की पकड़ी जाती है या गर्भवती हो जाती है तो वो बलात्कार का इल्जाम लगाती है. सबसे बड़ी बात कोई अकेला आदमी किसी लड़की के साथ बलात्कार कर ही नहीं सकता. लड़की कि योनी में जब लिंग प्रवेश करता है तो आदमी को औरत कि जरुरत पड़ती है औरत अगर विरोध कर रही है तो कोई अकेला मर्द उसकी योनी में लिंग प्रवेश नहीं कर सकता.
dev b
25-01-2011, 10:23 AM
मित्र आप ठीक बोल रहे हो , बलात्कार के पीछे जो कारण है , उन में से १ वो भी है जो आप ने बोला , इस के अतिरिक्त कई बार ऐसा भी होता है , कि आपसी रजामंदी का सेक्स होने के बाद , बाद में कई कारणों से बलात्कार के आरोप लग जाते है
दोस्तों बहुत सारे उत्तर आये है पर किसी ने समस्या की जड़ तक जाना उचित नहीं समझा. बलात्कार क्यों होता है आज की लड़की मोडर्न हो गयी है पारदर्शी व ऐसे कपडे पहनती है जिससे उसके आधे से ज्यादा अंग दिखाई देते है में रायपुर में रहता हूँ रोज लड़किया गाड़ी चलाती दिखती है गाड़ी पर बैठे हुए आप उनकी पैंटी देख सकते हो कपड़ो से उनकी ब्रा आसानी से दिखाई देती है गाड़ी प् लड़के के पीछे उससे चिपक कर बैठना एकांत में लडको के साथ जाना. जब लड़का किस करता है तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होती बल्कि लड़किया लडको को सेक्स के लिए उकसाती है आज की तारीख में आप देख सकते है कि कितने mms मार्केट में आ रहे है. जब लड़की पकड़ी जाती है या गर्भवती हो जाती है तो वो बलात्कार का इल्जाम लगाती है. सबसे बड़ी बात कोई अकेला आदमी किसी लड़की के साथ बलात्कार कर ही नहीं सकता. लड़की कि योनी में जब लिंग प्रवेश करता है तो आदमी को औरत कि जरुरत पड़ती है औरत अगर विरोध कर रही है तो कोई अकेला मर्द उसकी योनी में लिंग प्रवेश नहीं कर सकता.
alysweety
25-03-2011, 09:06 PM
दोस्तों सेक्स दो शरीरो का ही नहीं बल्कि दो आत्माओं का मिलन होता हे . बलात्कार समाज के लिए १ अभिशाप हे . कृपया सभी मित्र यंहा अपनी अपनी राय देने का कष्ट करे
बलात्कार किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए,
सेक्स बहुत ही प्यारी चीज है ,
लेकिन आप लोग खुद से सोचो सेक्स आपस में मिल कर यानि सहमती से हो, तो कितना मजा देता है
लेकिन वही सेक्स जब आप बलात्कार के रूप करते हो तो स्पेशली लड़की के ऊपर क्या गुजरती है
क्या फिर वो कभी सेक्स को इंजॉय कर पायेगी?
साथ ही आप लड़कों को इस मसले पे आगे आना चाहिए
ऐसी लड़की को अपनाने के लिए
उनके अन्दर फिर से जिन्दगी को जगाने को के लिए
लेकिन आप लोग मर्द हो कर भी नामर्द बन जाते हो
शायद ही कोई आगे आता है
puzcraker
26-03-2011, 09:53 AM
दोस्तों बहुत सारे उत्तर आये है पर किसी ने समस्या की जड़ तक जाना उचित नहीं समझा. बलात्कार क्यों होता है आज की लड़की मोडर्न हो गयी है पारदर्शी व ऐसे कपडे पहनती है जिससे उसके आधे से ज्यादा अंग दिखाई देते है में रायपुर में रहता हूँ रोज लड़किया गाड़ी चलाती दिखती है गाड़ी पर बैठे हुए आप उनकी पैंटी देख सकते हो कपड़ो से उनकी ब्रा आसानी से दिखाई देती है गाड़ी प् लड़के के पीछे उससे चिपक कर बैठना एकांत में लडको के साथ जाना. जब लड़का किस करता है तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होती बल्कि लड़किया लडको को सेक्स के लिए उकसाती है आज की तारीख में आप देख सकते है कि कितने mms मार्केट में आ रहे है. जब लड़की पकड़ी जाती है या गर्भवती हो जाती है तो वो बलात्कार का इल्जाम लगाती है. सबसे बड़ी बात कोई अकेला आदमी किसी लड़की के साथ बलात्कार कर ही नहीं सकता. लड़की कि योनी में जब लिंग प्रवेश करता है तो आदमी को औरत कि जरुरत पड़ती है औरत अगर विरोध कर रही है तो कोई अकेला मर्द उसकी योनी में लिंग प्रवेश नहीं कर सकता.
मित्र आपने तो मेरे मन की बात कह दी और बिलकुल सही और अच्छा विश्लेषण किया है ....
आपके उतर के बाद अब और कुछ कहने के लिए नहीं बचता ....
बहुत सुन्दर उत्तर .....
अगर सुई हिल रही हो तो कोन तीसमारखा उसमे धागा डाल सकता है......मतलब वही है "देख लिया तो बलात्कार नहीं तो आनंद "
man-vakil
26-03-2011, 02:49 PM
भय और वेदना अब बची है मेरे इस ग्रसित चेहरे पर..
और साथ दीखते है कुछ न छुपा सकने वाले निशान,,
आक्रान्ता के हाथों की दबिश जो रेंग रहे थे मेरे तन पर,
अब ना जाने क्यों , अमिट छप गए आकर मेरी आत्मा पर,
क्रंदन जो उभरा था मेरे रुंधे गले से , बार बार लगातार,
अब मेरे ही कानों में सुनाई पड़ता, कर रहा है मुझे बहरा..
ध्वनि अब मुख से नहीं निकलती , केवल चीखे निकलती है,
मैं जिन्दा हूँ , पर किसी मृत से भी भयानक मौत जीते हुए,,
पीड़ा अब अनंत हो गयी है , लोगों के परिहास से युक्त हो,
उनकी नज़रें अब , कितने सवाल पूछती है मुझसे कैसे कैसे,
कुछ दबी हंसी ,अब मुझसे पुनः करती बलात्कार लगातार,
शायद अभिशिप्त हो गयी हूँ मैं,समाज की बन गयी शिकार..
अब हर मर्द मुझसे केवल , चाहता है एक ही सम्बन्ध..
न प्रणय उनमे ,न करुणा ,बस केवल चाहते यौन सम्बन्ध...
///////////////आगे और भी .....
underground
26-03-2011, 03:15 PM
agar ladki ki marji ho to maaja hai nahi to saaja hai
slimsima
26-03-2011, 04:56 PM
गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या बहुत रूपवान तथा पतिव्रता थी देवराज इंद्र ऊस पर मोहित हो गए और गौतम ऋषि का रूप बना कर उनके साथ सम्भोग कर लिया गौतम ऋषि को पता चलने पर उन्होंने इंद्र को नहीं अपनी पत्नी को श्राप दिया की तुम पत्थर की बन जाओ ये रामावतार के पहले की कथा हे बलात्कार जैसा अभिशाप सदा से ही चला आ रहा हे मित्र बलात्कार के लिए फांसी की सजा का प्रावधान अभी कान्हा हे भारत में हाँ जिन लोगो ने बलात्कार के बाद शिकार (??????)लड़कियों की हत्या कर दी उन्हें ज़रूर फंसी हुई हे जैसे एक नौसेना अधिकारी के बच्चों का अपरहण करने के बाद उसकी १५ वर्षीय बेटी का बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या रंग और बिल्ला नमक दो व्यक्तियों ने करदी थी तब उन दोनों को फंसी की सजा सुनाई गई थी
और१९९० दक्षिणी कोलकाता में रहने वाली १४ वर्षीय हेतल का बलात्कार और हत्या उसके अपार्टमेन्ट के चौकीदार धनंजय द्वारा बड़े ही निर्मम तरीके से की गई उसे भी १४ साल के बाद फंसी ही हुई थी हालाकि ऊस पर बहुत विवाद हुआ क्यूंकि वो उमर्कैद जितनी सजा काट चूका था इसलिए उसको छोड़ने की मांग भी की गई पर आखिर में उसको फांसी ही हुई
में लड़कियों और बच्चियों से कहना चाहूंगी की अगर आपके साथ थोड़ी भी छेद खानी होती हे तो प्लीस आपसे विनती हे की ऊसी वक़्त आप ऊन लड़कों को प्रतिक्रया दो ज़रूरी नहीं हे की आप उनसे झगडा करो या गाली गलोच कर आप नम्र लहजे में भी उनको समझा सकते हो पर चुप मत रहो जब आप लड़कों को सबके सामने ज़लील करते हो तो वो आपको फिर ज्यादा परेशां करने लगेंगे आप साफ़ शब्दों में पर दृड़ता से आपनी बात कहो आभी कुछ दिनों पहले में आपने परिवार के साथ एक एमुज्मेंट पार्क में गई वंहा मैंने देखा की ३--४ लड़के २ लड़कियों के साथ बराबर लगे हुए हे और बार बार उनके नितम्बो तथा उरोजों को छु रहे थे मुझे लगा शायद वे आपस में प्रेमी --प्रेमिका होंगे पर ऊन लड़कियों की परेशानी उनके चेहरे से झ्लाक रही थी उन लड़कियों का परिवार भी साथ था पर वो लड़कियां उनसे कुछ नहीं कहा रही थी तब एक शीतल पेय की दूकान पर वो उनको फिर से चुने लगे तब मुझसे नहीं रहा गया मैंने ऊन लड़कियों से कहा की वो आपको बार बार छु रहे हे आपको कुछ महसूस नहीं हो रहा हे क्या में कब से देख रही हु वो आपको परेशां कर रहे हे वो बोली हो रहा हे पर क्या करे इतना सुन कर वो लड़के भाग गए ऊन लड़कियों के परिवार वालो से बात हुई थो वो बोले हमें क्यों नहीं बताया
अब ऊन लड़कियों के परिवार वालों से कोई पूछे की आपने अपनी लड़कियों में इतनी समाज या हिम्मत भरी हे क्या जो वो आपको बताती या उन लड़कों का प्रतिकार करती लड़कियों को अपनी शालीनता का आपनी सुरक्षा का बहुत ध्यान रखना चाहिये और शारीरिक रक्षा की कोई एक विदि (कराते बोक्सिंग आदि )ज़रूर सीखना चाहिये
अगर आपको कोई यौउन ऊत्पिदन करता हे या आपके साथ बलात्कार जैसा कोई हादसा होता हे तो आपको अपने मान में ये भावना नहीं लानी चाहिये की में अपराधी हु आपकी क्या गलती हे इसमें की आप लड़की हे अगर आप अपने साथ हुए हादसे को किसी से बाटना नहीं चाहती तो कोई बात नहीं आप ऊससे ऊबारने की कोशिश करे हांलाकि ये कहना बहुत आसन हे पर असली दर्द तो भुक्त भोगी ही जान सकता हे पर मी लड़कियों से यही कहना चाहूंगी की हमको अपनी सुरक्षा आप ही करना होगी कोई पुलिस कोई सरकार या परिजन आपके साथ होने वाली इस प्रकार की दुर्घटनाके समय आपको बचाने नहीं आएगा
slimsima
26-03-2011, 05:01 PM
मित्र आपने तो मेरे मन की बात कह दी और बिलकुल सही और अच्छा विश्लेषण किया है ....
आपके उतर के बाद अब और कुछ कहने के लिए नहीं बचता ....
बहुत सुन्दर उत्तर .....
अगर सुई हिल रही हो तो कोन तीसमारखा उसमे धागा डाल सकता है......मतलब वही है "देख लिया तो बलात्कार नहीं तो आनंद "
अच्छा और नोएडा के नितारी काण्ड के बारे में आपके क्या कहना हे जनाब ५ साल की मासूम बच्चियों का बलात्कार किया गया उनको थी लिंग का मतलब भी नहीं पता होगा वो भला कैसे ४५ साल के व्यक्ति का लिंग अपनी योनिमे डाल सकती हे ???????
slimsima
26-03-2011, 05:13 PM
जन्हा तक मेरा मानना हे बलात्कार जैसे अपराध के लिए इंसान खुद कम और परिस्थितियां ज्यादा दोषी होती हे खासकर माताओं को अपनी बच्चियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिये
Ranveer
26-03-2011, 05:37 PM
कोई अकेला आदमी बलात्कार कर सकता है या नहीं ये तो मै भी नहीं बता सकता /
पर क्या मै ये जान सकता हूँ की ज़बरदस्ती ...डराकर ...धमकाकर ...झांसे में लेकर ..बहला फुसलाकर ..आदि के द्वारा किया गया सेक्स क्या बलात्कार की श्रेणी में नहीं आता ?
जहां तक लिंग प्रवेश का सवाल है तो अधिकतर बलात्कार के मामले उपरोक्त में ही से कोई एक होतें हैं फिर भी उसे बलात्कार क्यों समझा जाता है ?
मेरी नजर में केवल लड़की अथवा लड़के को दोष देना एकतरफा बात हो जायेगी ...लेकिन सामान्य रूप से देखा जाए तो लड़का ज्यादा दोषी दीखता है /
dev b
27-03-2011, 05:35 PM
मित्रो ,कुल मिला कर मेरे विचार से बलात्कारी को सजा तो मिलनी चाहिए , परन्तु कई बार ऐसा भी होता है लड़का और लड़की आपसी सहमति से सेक्स करते है , परन्तु लड़की द्वारा लालच में लड़के को ब्लेकमेल करने के लिए बलात्कार का आरोप लगा दिया जाता है , जो की बहुत ही निंदनीय है ...ऐसे केसों को रोकने के लिए क्या किया जाए कृपया सभी मित्र अपने विचार दे
man-vakil
28-03-2011, 12:32 AM
कोई अकेला आदमी बलात्कार कर सकता है या नहीं ये तो मै भी नहीं बता सकता /
पर क्या मै ये जान सकता हूँ की ज़बरदस्ती ...डराकर ...धमकाकर ...झांसे में लेकर ..बहला फुसलाकर ..आदि के द्वारा किया गया सेक्स क्या बलात्कार की श्रेणी में नहीं आता ?
जहां तक लिंग प्रवेश का सवाल है तो अधिकतर बलात्कार के मामले उपरोक्त में ही से कोई एक होतें हैं फिर भी उसे बलात्कार क्यों समझा जाता है ?
मेरी नजर में केवल लड़की अथवा लड़के को दोष देना एकतरफा बात हो जायेगी ...लेकिन सामान्य रूप से देखा जाए तो लड़का ज्यादा दोषी दीखता है /
मित्र...भारतीय दंड संहिता के प्रावधान ३७५ व् ३७६ व् ३७६ (a) से ३७६(डी) के तहत और अन्य प्रावधानों के तहत किसी महिला को बहला फुसला या भयभीत कर या शादी का झांसा देकर और अपने कब्ज़े या सुरक्षा में होने पर शील भंग करना बलात्कार माना जाता है और उसमे सजा की व्याख्या है///अवयस्क कन्या से उसकी मर्ज़ी के होने के बावजूद बनाया यौन सम्बन्ध भी बलात्कार होता है..
माननीय सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों के तहत इस तरह के सभी यौन अत्याचार बलात्कार के श्रेणी में आते है...
dev b
28-03-2011, 12:50 AM
वकील साहब कृपया इस बात पर प्रकाश डाले की बलात्कार को कैसे रोका जाए ? तथा बलात्कार --कानून के दुरूपयोग को कैसे रोका जाए
ved.prakash.005
28-03-2011, 01:10 AM
yaar dev ladke itne v bure nahi hote ki bas kisi ke bol dene pe unko galat maan liya jaye kabhi v sirf ladko ki galti nahi hoti
ved.prakash.005
28-03-2011, 01:13 AM
agar ladka or ladki dono dost hai to sex margi se hoti hai baad me agar dono ki kisi baat pe nahi bani to missunderstanding k bajah se dono ek dusre pe iljaam lagate hai
man-vakil
28-03-2011, 01:17 AM
वकील साहब कृपया इस बात पर प्रकाश डाले की बलात्कार को कैसे रोका जाए ? तथा बलात्कार --कानून के दुरूपयोग को कैसे रोका जाए
मित्र...बहुत कठिन सवाल पूछे है आपने ...बलात्कार कैसे रोका जाए.. इस बात को अगर यूँ कहे की मनुष्य की हवस की अंधी भूख / या तीव्र यौन भावना को कैसे नियंत्रित करें..बहुत मुश्किल होगा नियंत्रण करना..क्योकि सभी वेग या आवेग मनुष्य के भीतर छुपे होते है..और कोई मशीन ये नहीं कह सकती की फलां आदमी में आज सेक्स करने के अच्छी या बुरी नियति है..समाज और कानून के सख्त नियम कुछ हद तक तो बलात्कारों की संख्या पर नियंत्रण ला सकते है परन्तु उसे समाज से पूरी तरह से मिटा नहीं सकते..क्योकि घटना क्रम या उत्तेजना या मौका या आवेग कैसे था जो बलात्कारी किसी नारी पर यौन अत्याचार कर बैठा ..इन सभी बातों पर कोई समाज या कानून नियंत्रण नहीं रख सकता ..कोई स्त्री अपने बच्चे को लेकर सरकारी हस्पताल जाती है और वहां डाक्टर या उसका सहायक उससे बलात्कार कर लेते है या स्कूल में अध्यापक या कर्मी स्कूल के बच्ची से दुष्कर्म कर लेता है..या पार्क में घुमने गई कन्या का शील हरण कोई पुलिस कर्मी कर लेता या पिता ही अपनी बेटी से ऐसा पाप कर लेता है...आप कहाँ कहाँ नियंत्रण रख पायेंगे...कोई ऐसा नियम या सिस्टम नहीं है जो इन स्थितियों को काबू में कर सके..क्योकि विश्वास या समाज का नियम या अस्मिता की डोर किस मोड़ पे टूटे ऐसा बता पाना कठिन है.. आप इस डर से अपने घर की नारियों के बाहर जाने से नहीं रोक सकते और न ही कदम कदम पर उनके साथ कोई सुरक्षा कर्मी भेज सकते है..फिर कोई कैसे जान सकता है की उसके घर में बैठा आदमी जो उनका भाई पिता या मामा चाचा या कोई अन्य रिश्तेदार विश्वास योग्य नहीं है..परन्तु इन बातों का अर्थ ये नहीं है की आप कोशिश न करें बलात्कार को नियंत्रण करने की.. महान नीतिकार चाणक्य ने एक बार कहा था किसी समाज को बलात्कार जैसे अपराधो से मुक्त करने हेतु वहां हीन पुरुषों के बह्य्गमन हेतु वेश्यालय शहर /नगर के बाहर बना दो तो समाज को काफी हद तक ऐसे बलात्कारियों से छुटकारा मिल जायेगा... आज के आधुनिक युग में इस कथन का सत्यापन मुंबई के बार बंद होने से हुआ..जहाँ सर्कार द्वारा बार बंद होने से बलात्कार के घटनाओं में काफी इजाफा हुआ जिनमे वहां के आम नागरिक और पुलिस कर्मी अपराध करते पकडे गए,,,,
आप कानून को और सख्त बनाये ..विशेषकर मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले को मृत्युदंड का प्रावधान हो ..बलात्कारी की ५-७ वर्ष की नहीं बल्कि उम्रकेद हो ..कानून को सख्त बनाया जाए ...और अपनी नारियों में कुछ जागरूकता पैदा करने की भी जरुरत है की वो किसी बलात्कारी हो सकने वाले मर्द के प्रारंभिक छेड़छाड़ का विरोध करें और डटकर मुकाबला करें..
परन्तु एक और बात यह है की अक्सर देखा जाता है की किंचित औरतें अपने या अपने परिवार के स्वार्थ हेतु किसी निर्दोष पर बलात्कार का अनुचित इल्जाम लगा देती है ..किन्तु अंततः जीत सच्चाई की ही होती है ..परन्तु ऐसे केसों को देख आप सख्त कानून न बनाये तो ये अन्याय होगा..क्योकि बलात्कार केवल अस्मिता पर हमला या अनुचित या बलातमक यौन सम्बन्ध मात्र नहीं है बल्कि यह किसी भुगता नारी का उसके नारीत्व का वध है ,,,,,,,,,,,,,,,मनवाकिल
dev b
28-03-2011, 06:53 AM
प्रिय मित्र वकील साहब मै आप से सहमत हु .....परन्तु कृपया बलात्कार के दुरूपयोग को रोकने के लियी क्या कदम कदम उठाये जाए , कृपया इस पर प्रकाश डाले ...क्यों की मेरी जानकारी में ऐसा केस है --लड़का और लड़की की आपसी सहमति के आधार पर सेक्स सम्बन्ध बने .,..बाद में लड़की ने बलात्कार का आरोप लगाया ...और निर्दोष लड़के को सज़ा हुई ....मै कहता हु की की दोषी लड़के को आप बेशक फ़ासी पर चढ़ा दो ...परन्तु उपरोक्त जैसे केस अनेको हो रहे है .....ऐसी स्थिति में क्या किया जाए ?.......आप सब का अपना ....देव बी
मित्र...बहुत कठिन सवाल पूछे है आपने ...बलात्कार कैसे रोका जाए.. इस बात को अगर यूँ कहे की मनुष्य की हवस की अंधी भूख / या तीव्र यौन भावना को कैसे नियंत्रित करें..बहुत मुश्किल होगा नियंत्रण करना..क्योकि सभी वेग या आवेग मनुष्य के भीतर छुपे होते है..और कोई मशीन ये नहीं कह सकती की फलां आदमी में आज सेक्स करने के अच्छी या बुरी नियति है..समाज और कानून के सख्त नियम कुछ हद तक तो बलात्कारों की संख्या पर नियंत्रण ला सकते है परन्तु उसे समाज से पूरी तरह से मिटा नहीं सकते..क्योकि घटना क्रम या उत्तेजना या मौका या आवेग कैसे था जो बलात्कारी किसी नारी पर यौन अत्याचार कर बैठा ..इन सभी बातों पर कोई समाज या कानून नियंत्रण नहीं रख सकता ..कोई स्त्री अपने बच्चे को लेकर सरकारी हस्पताल जाती है और वहां डाक्टर या उसका सहायक उससे बलात्कार कर लेते है या स्कूल में अध्यापक या कर्मी स्कूल के बच्ची से दुष्कर्म कर लेता है..या पार्क में घुमने गई कन्या का शील हरण कोई पुलिस कर्मी कर लेता या पिता ही अपनी बेटी से ऐसा पाप कर लेता है...आप कहाँ कहाँ नियंत्रण रख पायेंगे...कोई ऐसा नियम या सिस्टम नहीं है जो इन स्थितियों को काबू में कर सके..क्योकि विश्वास या समाज का नियम या अस्मिता की डोर किस मोड़ पे टूटे ऐसा बता पाना कठिन है.. आप इस डर से अपने घर की नारियों के बाहर जाने से नहीं रोक सकते और न ही कदम कदम पर उनके साथ कोई सुरक्षा कर्मी भेज सकते है..फिर कोई कैसे जान सकता है की उसके घर में बैठा आदमी जो उनका भाई पिता या मामा चाचा या कोई अन्य रिश्तेदार विश्वास योग्य नहीं है..परन्तु इन बातों का अर्थ ये नहीं है की आप कोशिश न करें बलात्कार को नियंत्रण करने की.. महान नीतिकार चाणक्य ने एक बार कहा था किसी समाज को बलात्कार जैसे अपराधो से मुक्त करने हेतु वहां हीन पुरुषों के बह्य्गमन हेतु वेश्यालय शहर /नगर के बाहर बना दो तो समाज को काफी हद तक ऐसे बलात्कारियों से छुटकारा मिल जायेगा... आज के आधुनिक युग में इस कथन का सत्यापन मुंबई के बार बंद होने से हुआ..जहाँ सर्कार द्वारा बार बंद होने से बलात्कार के घटनाओं में काफी इजाफा हुआ जिनमे वहां के आम नागरिक और पुलिस कर्मी अपराध करते पकडे गए,,,,
आप कानून को और सख्त बनाये ..विशेषकर मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले को मृत्युदंड का प्रावधान हो ..बलात्कारी की ५-७ वर्ष की नहीं बल्कि उम्रकेद हो ..कानून को सख्त बनाया जाए ...और अपनी नारियों में कुछ जागरूकता पैदा करने की भी जरुरत है की वो किसी बलात्कारी हो सकने वाले मर्द के प्रारंभिक छेड़छाड़ का विरोध करें और डटकर मुकाबला करें..
परन्तु एक और बात यह है की अक्सर देखा जाता है की किंचित औरतें अपने या अपने परिवार के स्वार्थ हेतु किसी निर्दोष पर बलात्कार का अनुचित इल्जाम लगा देती है ..किन्तु अंततः जीत सच्चाई की ही होती है ..परन्तु ऐसे केसों को देख आप सख्त कानून न बनाये तो ये अन्याय होगा..क्योकि बलात्कार केवल अस्मिता पर हमला या अनुचित या बलातमक यौन सम्बन्ध मात्र नहीं है बल्कि यह किसी भुगता नारी का उसके नारीत्व का वध है ,,,,,,,,,,,,,,,मनवाकिल
slimsima
19-04-2011, 01:00 PM
कृपया इस सूत्र पर अपनी राय दे
dev b
19-04-2011, 08:26 PM
कृपया बताये की आप किस सूत्र की बात कर रही है मित्र ??????????
कृपया इस सूत्र पर अपनी राय दे
dev b
19-04-2011, 08:31 PM
लगे रहो मित्र ............सफलता जरुर मिलेगी
slimsima
24-04-2011, 12:54 PM
कृपया बताये की आप किस सूत्र की बात कर रही है मित्र ??????????
मई आपके इसी सूत्र की बात कर रही हु ''बलात्कार समाज का अभिशाप '' ये एक बहुत ही अच्छा सूत्र हे और नए आने वाले सदस्यों को भी अपनी राइ इस पर ज़रूर देनी चाहिये
dev b
24-04-2011, 07:01 PM
अच्छा और नोएडा के नितारी काण्ड के बारे में आपके क्या कहना हे जनाब ५ साल की मासूम बच्चियों का बलात्कार किया गया उनको थी लिंग का मतलब भी नहीं पता होगा वो भला कैसे ४५ साल के व्यक्ति का लिंग अपनी योनिमे डाल सकती हे ???????
मै आप से सहमत हु मित्र , परन्तु जो आप ने कहा वो सिक्के का १ पहलू है ...सिक्के के दुसरे पहलू को भी हम को नहीं भूलना चाहिए जिस में की निर्दोष को सजा मिलता है .............परन्तु दोषी को भी कठोर सजा मिलनी चाहिए
dev b
24-04-2011, 07:04 PM
agar ladka or ladki dono dost hai to sex margi se hoti hai baad me agar dono ki kisi baat pe nahi bani to missunderstanding k bajah se dono ek dusre pe iljaam lagate hai
प्रिय मित्र आप से अनुरोध है की कृपया आप हिंदी में लिखे .......जी हां मित्र जो आप ने बोला वो सिक्के का एक पहलू है
dev b
24-04-2011, 07:10 PM
प्रिय मित्र आप ने ठीक कहा परिस्थितिन्या तो दोषी होती है ................परन्तु प्रश्न ये है की आपसी रजामंदी से किये गए सेक्स को ही बाद में बलात्कार का रूप दे दिया जाता है ....इस को कैसे रोका जाए ?????????????????????????????????????????????????? ?????????????????????????????????????????????????? ????????????????????????????????
जन्हा तक मेरा मानना हे बलात्कार जैसे अपराध के लिए इंसान खुद कम और परिस्थितियां ज्यादा दोषी होती हे खासकर माताओं को अपनी बच्चियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिये
dev b
24-04-2011, 07:12 PM
अच्छा लिखा है मित्र ...आप को मेरी और से रेपुतेसन पॉइंट .........कृपया आगे भी अपने विचार दे ???????
गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या बहुत रूपवान तथा पतिव्रता थी देवराज इंद्र ऊस पर मोहित हो गए और गौतम ऋषि का रूप बना कर उनके साथ सम्भोग कर लिया गौतम ऋषि को पता चलने पर उन्होंने इंद्र को नहीं अपनी पत्नी को श्राप दिया की तुम पत्थर की बन जाओ ये रामावतार के पहले की कथा हे बलात्कार जैसा अभिशाप सदा से ही चला आ रहा हे मित्र बलात्कार के लिए फांसी की सजा का प्रावधान अभी कान्हा हे भारत में हाँ जिन लोगो ने बलात्कार के बाद शिकार (??????)लड़कियों की हत्या कर दी उन्हें ज़रूर फंसी हुई हे जैसे एक नौसेना अधिकारी के बच्चों का अपरहण करने के बाद उसकी १५ वर्षीय बेटी का बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या रंग और बिल्ला नमक दो व्यक्तियों ने करदी थी तब उन दोनों को फंसी की सजा सुनाई गई थी
और१९९० दक्षिणी कोलकाता में रहने वाली १४ वर्षीय हेतल का बलात्कार और हत्या उसके अपार्टमेन्ट के चौकीदार धनंजय द्वारा बड़े ही निर्मम तरीके से की गई उसे भी १४ साल के बाद फंसी ही हुई थी हालाकि ऊस पर बहुत विवाद हुआ क्यूंकि वो उमर्कैद जितनी सजा काट चूका था इसलिए उसको छोड़ने की मांग भी की गई पर आखिर में उसको फांसी ही हुई
में लड़कियों और बच्चियों से कहना चाहूंगी की अगर आपके साथ थोड़ी भी छेद खानी होती हे तो प्लीस आपसे विनती हे की ऊसी वक़्त आप ऊन लड़कों को प्रतिक्रया दो ज़रूरी नहीं हे की आप उनसे झगडा करो या गाली गलोच कर आप नम्र लहजे में भी उनको समझा सकते हो पर चुप मत रहो जब आप लड़कों को सबके सामने ज़लील करते हो तो वो आपको फिर ज्यादा परेशां करने लगेंगे आप साफ़ शब्दों में पर दृड़ता से आपनी बात कहो आभी कुछ दिनों पहले में आपने परिवार के साथ एक एमुज्मेंट पार्क में गई वंहा मैंने देखा की ३--४ लड़के २ लड़कियों के साथ बराबर लगे हुए हे और बार बार उनके नितम्बो तथा उरोजों को छु रहे थे मुझे लगा शायद वे आपस में प्रेमी --प्रेमिका होंगे पर ऊन लड़कियों की परेशानी उनके चेहरे से झ्लाक रही थी उन लड़कियों का परिवार भी साथ था पर वो लड़कियां उनसे कुछ नहीं कहा रही थी तब एक शीतल पेय की दूकान पर वो उनको फिर से चुने लगे तब मुझसे नहीं रहा गया मैंने ऊन लड़कियों से कहा की वो आपको बार बार छु रहे हे आपको कुछ महसूस नहीं हो रहा हे क्या में कब से देख रही हु वो आपको परेशां कर रहे हे वो बोली हो रहा हे पर क्या करे इतना सुन कर वो लड़के भाग गए ऊन लड़कियों के परिवार वालो से बात हुई थो वो बोले हमें क्यों नहीं बताया
अब ऊन लड़कियों के परिवार वालों से कोई पूछे की आपने अपनी लड़कियों में इतनी समाज या हिम्मत भरी हे क्या जो वो आपको बताती या उन लड़कों का प्रतिकार करती लड़कियों को अपनी शालीनता का आपनी सुरक्षा का बहुत ध्यान रखना चाहिये और शारीरिक रक्षा की कोई एक विदि (कराते बोक्सिंग आदि )ज़रूर सीखना चाहिये
अगर आपको कोई यौउन ऊत्पिदन करता हे या आपके साथ बलात्कार जैसा कोई हादसा होता हे तो आपको अपने मान में ये भावना नहीं लानी चाहिये की में अपराधी हु आपकी क्या गलती हे इसमें की आप लड़की हे अगर आप अपने साथ हुए हादसे को किसी से बाटना नहीं चाहती तो कोई बात नहीं आप ऊससे ऊबारने की कोशिश करे हांलाकि ये कहना बहुत आसन हे पर असली दर्द तो भुक्त भोगी ही जान सकता हे पर मी लड़कियों से यही कहना चाहूंगी की हमको अपनी सुरक्षा आप ही करना होगी कोई पुलिस कोई सरकार या परिजन आपके साथ होने वाली इस प्रकार की दुर्घटनाके समय आपको बचाने नहीं आएगा
bijendrakumar
25-04-2011, 03:21 PM
A
meri rai hai.dono ladke or ladki ki shadi kara deni chahiye. jab pidit ladki uski aanko ke samne rahegi ya uske ghar me rahegi .isse badhkar uske liye sharm ki kya bat hogi.fm
ye best idea hai lekin jab ek ladki ke sath 4 /5 ya jayada ne sex kiya ho tab ke bare me bhi bataye aap ke jawab ka intazar hai
dev b
25-04-2011, 09:03 PM
बलात्कारी को तो सजा मिलनी ही चाहिए , ये कोई समाधान नहीं है , ...सब से बड़ा प्रश्न है की जँहा आपसी रजामंदी के सेक्स को जो बलात्कार का रूप दे दिया जाता है ...उस को कैसे रोका जाए ?????????????????????????????????????????????????? ?????????????????????????????????????????????????? ??????????????????????????
A
ye best idea hai lekin jab ek ladki ke sath 4 /5 ya jayada ne sex kiya ho tab ke bare me bhi bataye aap ke jawab ka intazar hai
Mr. laddi
30-04-2011, 02:19 PM
मित्र जैसा की आप जानते ही है की हमारे देश में क़ानून बनता बाद में है उस का दुरुपयोग पहले होने लगता हे , उस लिहाज से देखा जाए तो १ निर्दोष आदमी को भी सजा हो सकती है . कोई भी अपनी मर्जी से सेक्स कर के बलात्कार का आरोप लगा सकती है , ये भी सोचने लायक बात है
येही तो बात है हमारे देश की यहाँ कानून कुछ लोगो की सम्पत्ति बन कर रह गया है वोह चाहे कुछ भी करे कोई कुछ नहीं कर सकता पर अगर कोई गरीब या जिस की कोई पहुच नो हो उसकी हर कोई माँ बहिन एक कर देता है
सौ बात की एक बात भाई अगर पहुँच नहीं है तो किस भी लफड़े से बच कर रहो
m.d.rustam
30-04-2011, 03:09 PM
meri rai hai.dono ladke or ladki ki shadi kara deni chahiye. jab pidit ladki uski aanko ke samne rahegi ya uske ghar me rahegi .isse badhkar uske liye sharm ki kya bat hogi.fm
aap ki salah achchi hai miss pooja
dev b
01-05-2011, 07:19 PM
आप की बात ठीक है मित्र परन्तु प्रश्न तो जस का तस है .......कानून का का दुरूपयोग कैसे रोका जाए , जिस से निर्दोष को सजा न मिले और दोषी सजा से ना बच सके ?????????
येही तो बात है हमारे देश की यहाँ कानून कुछ लोगो की सम्पत्ति बन कर रह गया है वोह चाहे कुछ भी करे कोई कुछ नहीं कर सकता पर अगर कोई गरीब या जिस की कोई पहुच नो हो उसकी हर कोई माँ बहिन एक कर देता है
सौ बात की एक बात भाई अगर पहुँच नहीं है तो किस भी लफड़े से बच कर रहो
philogynist
07-05-2011, 10:57 AM
शरीफ लड़कियों की तरफ से उन लड़कों के लिए जो गली के नुक्कर पर लड़कियों को ताने
और आशिकी मशोकी में फब्तियां कस्तें हैं :
क्यूँ मरते हो बे -वफ़ा सनम के लिए
2 गज ज़मीन भी नही मिलेगी दफ़न के लिए
मरना है तो मरो अपने दीन और वतन के लिए
हर लड़की दुपटा देगी कफ़न के लिए .
धन्यवाद् करने के लिए स्टार का button दबाएँ
VIDROHI NAYAK
07-05-2011, 11:42 AM
विचारों के बदलाव की आव्यशकता है मित्र... आज फुर्सत है तो मानव मस्तिस्क यह सब सोचने को विवश है , लोग घंटो समय अश्लीलता में बिता देते हैं , किसी भी महिला के चित्र को देखकर सेकडो प्रतिउत्तर आ जाते हैं...रोड पर चलती किसी भी लड़की को देखकर निगाहें बलत्कार कर देती हैं ...क्या ये सब एक मानसिक बलात्कार नहीं ? क्या अस्मते कल्पनाओं में लूटी नहीं जाती ? पहले अपने विचारों में परिवर्तन करें ! उसका रुख दूसरी तरफ मोडें ! फिर शारीरिक विषय के बारे में सोचें ! और यकीं करिये ...सब बदल जाएगा ! सब !!
( मात्र किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं )
dev b
08-05-2011, 06:47 PM
विचारों के बदलाव की आव्यशकता है मित्र... आज फुर्सत है तो मानव मस्तिस्क यह सब सोचने को विवश है , लोग घंटो समय अश्लीलता में बिता देते हैं , किसी भी महिला के चित्र को देखकर सेकडो प्रतिउत्तर आ जाते हैं...रोड पर चलती किसी भी लड़की को देखकर निगाहें बलत्कार कर देती हैं ...क्या ये सब एक मानसिक बलात्कार नहीं ? क्या अस्मते कल्पनाओं में लूटी नहीं जाती ? पहले अपने विचारों में परिवर्तन करें ! उसका रुख दूसरी तरफ मोडें ! फिर शारीरिक विषय के बारे में सोचें ! और यकीं करिये ...सब बदल जाएगा ! सब !!
( मात्र किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं )
आप का कहना ठीक है मित्र
kamesh
08-05-2011, 07:02 PM
विचारों के बदलाव की आव्यशकता है मित्र... आज फुर्सत है तो मानव मस्तिस्क यह सब सोचने को विवश है , लोग घंटो समय अश्लीलता में बिता देते हैं , किसी भी महिला के चित्र को देखकर सेकडो प्रतिउत्तर आ जाते हैं...रोड पर चलती किसी भी लड़की को देखकर निगाहें बलत्कार कर देती हैं ...क्या ये सब एक मानसिक बलात्कार नहीं ? क्या अस्मते कल्पनाओं में लूटी नहीं जाती ? पहले अपने विचारों में परिवर्तन करें ! उसका रुख दूसरी तरफ मोडें ! फिर शारीरिक विषय के बारे में सोचें ! और यकीं करिये ...सब बदल जाएगा ! सब !!
( मात्र किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं )
नमस्ते भैया
आप ने तो मेरे मुह की बात कह दी
प्रवचन में जितनी भीड़ नहीं होती उस से दुगनी भीड़ तो डांस थियेटरों में होती है
बलात्कार एक समाज पे बदनुमा दाग है मगर कहा बलात्कार नहीं है बसों में कामुक हाथों से लड़की के कोमल अंगो का बलात्कार,जिस्म का एक्सरे करती निगाहों से बलात्कार ,ऑफिसों में द्विअर्थी बातों से सहकर्मी महिलावो की लाज का बलात्कार रोज ही तो होता है,
हम सुधरेंगे
जग सुधरेगा
VIDROHI NAYAK
08-05-2011, 07:24 PM
नमस्ते भैया
आप ने तो मेरे मुह की बात कह दी
प्रवचन में जितनी भीड़ नहीं होती उस से दुगनी भीड़ तो डांस थियेटरों में होती है
बलात्कार एक समाज पे बदनुमा दाग है मगर कहा बलात्कार नहीं है बसों में कामुक हाथों से लड़की के कोमल अंगो का बलात्कार,जिस्म का एक्सरे करती निगाहों से बलात्कार ,ऑफिसों में द्विअर्थी बातों से सहकर्मी महिलावो की लाज का बलात्कार रोज ही तो होता है,
हम सुधरेंगे
जग सुधरेगा
कैसे हो सरकार बड़े दिनों बाद दर्शन दिए ...!
dev b
15-05-2011, 01:47 PM
ये बात ठीक है मित्र ...सारा खेल विचारों का ही होता है
विचारों के बदलाव की आव्यशकता है मित्र... आज फुर्सत है तो मानव मस्तिस्क यह सब सोचने को विवश है , लोग घंटो समय अश्लीलता में बिता देते हैं , किसी भी महिला के चित्र को देखकर सेकडो प्रतिउत्तर आ जाते हैं...रोड पर चलती किसी भी लड़की को देखकर निगाहें बलत्कार कर देती हैं ...क्या ये सब एक मानसिक बलात्कार नहीं ? क्या अस्मते कल्पनाओं में लूटी नहीं जाती ? पहले अपने विचारों में परिवर्तन करें ! उसका रुख दूसरी तरफ मोडें ! फिर शारीरिक विषय के बारे में सोचें ! और यकीं करिये ...सब बदल जाएगा ! सब !!
( मात्र किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं )
computerji
15-05-2011, 02:00 PM
खूब प्रस्तुति..
marwariladka
15-05-2011, 03:51 PM
उम्दा सोच और उम्दा प्रस्तुति....आपके विचारों की कद्र करता हूँ मित्र.....
मगर भारत देश की राजधानी को ही रेप और गुनाहों की राजधानी कहा जाता है..UP में तो और बुरा हाल है.....ghaziabad में तो दिन दहाड़े लुट पात होती है..और नॉएडा में लड़की अकेले चलने से डरती है...
ऐसे में कैसे होगा भारत महान....जहाँ लड़की की इज्ज़त नहीं होती हवास का शिकार बनाना जहाँ आम बात है...ऐसे देश में रहते हैं हम...मगर यह हमारी संस्कृति नहीं है...फिर क्यों???आखिर क्यों???
slimsima
15-05-2011, 03:54 PM
प्रिय मित्र आप से अनुरोध है की कृपया आप हिंदी में लिखे .......जी हां मित्र जो आप ने बोला वो सिक्के का एक पहलू है
देव जी ऐसा बहुत कम होता हे की बलात्कारी दोषी न हो और जन्हा बात मर्जी से किये गए सेक्स की आती हे और उसको बलात्कार क रूप दिया जाए (लड़की द्वारा )तो जांच कर्ताओं द्वारा पूरी खोजबीन और देख भाल के साथ निर्णय लेना चाहिये की दोषी को ही सजा मिले वैसे जैसे कई बार बलात्कार करने वाला छुट जाता हे वैसे ही कई बार निर्दोष को सजा होती हे
dev b
15-05-2011, 11:01 PM
खूब प्रस्तुति..
सूत्र भ्रमण के लिए आप का धन्यवाद मित्र
dev b
15-05-2011, 11:03 PM
उम्दा सोच और उम्दा प्रस्तुति....आपके विचारों की कद्र करता हूँ मित्र.....
मगर भारत देश की राजधानी को ही रेप और गुनाहों की राजधानी कहा जाता है..UP में तो और बुरा हाल है.....ghaziabad में तो दिन दहाड़े लुट पात होती है..और नॉएडा में लड़की अकेले चलने से डरती है...
ऐसे में कैसे होगा भारत महान....जहाँ लड़की की इज्ज़त नहीं होती हवास का शिकार बनाना जहाँ आम बात है...ऐसे देश में रहते हैं हम...मगर यह हमारी संस्कृति नहीं है...फिर क्यों???आखिर क्यों???
अपने देश की संस्कृति को वापस वाही पहचान दिलाने के लिए हम सभी को मिल कर प्रयास करना होगा मित्र
dev b
15-05-2011, 11:05 PM
देव जी ऐसा बहुत कम होता हे की बलात्कारी दोषी न हो और जन्हा बात मर्जी से किये गए सेक्स की आती हे और उसको बलात्कार क रूप दिया जाए (लड़की द्वारा )तो जांच कर्ताओं द्वारा पूरी खोजबीन और देख भाल के साथ निर्णय लेना चाहिये की दोषी को ही सजा मिले वैसे जैसे कई बार बलात्कार करने वाला छुट जाता हे वैसे ही कई बार निर्दोष को सजा होती हे
अपने देश के कानून की ये ही तो विडम्बना है मित्र ....निर्दोष को सजा मिलती है ,,,दोषी छूट जाते है
kamesh
15-05-2011, 11:32 PM
कैसे हो सरकार बड़े दिनों बाद दर्शन दिए ...!
नमस्कार भैया
आप केसे हैं में ठीक हूँ आप बहोत दिनों बाद दिखे
अब मजा आएगा जब मिल बैठेंगे दीवाने दो
kamesh
15-05-2011, 11:35 PM
देव जी ऐसा बहुत कम होता हे की बलात्कारी दोषी न हो और जन्हा बात मर्जी से किये गए सेक्स की आती हे और उसको बलात्कार क रूप दिया जाए (लड़की द्वारा )तो जांच कर्ताओं द्वारा पूरी खोजबीन और देख भाल के साथ निर्णय लेना चाहिये की दोषी को ही सजा मिले वैसे जैसे कई बार बलात्कार करने वाला छुट जाता हे वैसे ही कई बार निर्दोष को सजा होती हे
सत्य वचन निर्दोष ही जयादा फस जाते हैं
सहमती से सब होता रहता है और पकड जाने पे बलात्कार का नाम दे दिया जाता है
केसी विडम्बना है न
सुख में साथी वो बनी दुःख में साथ न कोय
dev b
04-07-2011, 09:44 PM
बिलकुल ठीक कहा मित्र आप ने
सत्य वचन निर्दोष ही जयादा फस जाते हैं
सहमती से सब होता रहता है और पकड जाने पे बलात्कार का नाम दे दिया जाता है
केसी विडम्बना है न
सुख में साथी वो बनी दुःख में साथ न कोय
kajal pandey
04-07-2011, 09:52 PM
बिलकुल ठीक कहा मित्र आप ने
धारा 375 भारतीय दंड संहिता :-
जब कोई पुरुष किसी स्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध सम्भोग करता है तो उसे बलात्कार कहते हैं। सम्भोग का अर्थ - पुरुष के लिंग का स्त्री की योनि में प्रवेश होना ही सम्भोग है। किसी भी कारण से सम्भोग क्रिया पूरी हुई हो या नहीं वह बलात्कार ही कहलायेगा। बलात्कार तब माना जाता है यदि कोई पुरुष किसी स्त्री साथ निम्नलिखित परिस्थितियों में से किसी भी परिस्थिति में मैथुन करता है वह पुरुष बलात्कार करता है, यह कहा जाता है-
-उसकी इच्छा के विरुद्ध
-उसकी सहमति के बिना
-उसकी सहमति डरा धमकाकर ली गई हो
-उसकी सहमति नकली पति बनकर ली गई हो जबकि वह उसका पति नहीं है
-उसकी सहमति तब ली गई हो जब वह दिमागी रूप से कमजोर या पागल हो
-उसकी सहमति तब ली गई हो जब वह शराब या अन्य नशीले पदार्थ के कारण होश में नहीं हो
-यदि वह 16 वर्ष से कम उम्र की है, चाहे उसकी सहमति से हो या बिना सहमति के
-15 वर्ष से कम उम्र की पत्नी के साथ पति द्वारा किया गया सम्भोग भी बलात्कार है
kajal pandey
04-07-2011, 09:54 PM
धारा 376 बलात्संग के लिए दण्ड का प्रावधान बताती है। इसके अन्तर्गत बताया गया है कि (1) द्वारा उपबन्धित मामलों के सिवाय बलात्संग करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिनकी अवधि सात वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन के लिए दस वर्ष के लिए हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा, किंञ्तु यदि वह स्त्री जिससे बलात्संग किया गया है, उसकी पत्नी है और बारह वर्ष से कम आयु की नहीं है तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी अथवा वह जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जाएगा। परंतु न्यायालय ऐसे पर्याप्त और विशेष कारणों से जो निर्णय में उल्लिखित किए जाएंगे, सात वर्ष से कम की अवधि के कारावास का दण्ड दे सकेगा।
kajal pandey
04-07-2011, 09:57 PM
उपधारा (2) के अन्तर्गत बताया गया है कि जो कोई
-पुलिस अधिकारी होते हुए- उस पुलिस थाने की सीमाओं के भीतर जिसमें वह नियक्त है, बलात्संग करेगा, या किसी थाने के परिसर में चाहे वह ऐसे पुलिस थाने में, जिसमें वह नियुक्त है, स्थित है या नहीं, बलात्संग करेगा या अपनी अभिरक्षा में या अपने अधीनस्थ किसी पुलिस अधिकारी की अभिरक्षा में किसी स्त्री से बलात्संग करेगा, या
- लोक सेवक होते हुए, अपनी शासकीय स्थिति का फायदा उठाकर किसी ऐसी स्त्री से, जो ऐसे लोक सेवक के रूप में उसकी अभिरक्षा में या उसकी अधीनस्थ किसी लोक सेवक की अभिरक्षा में है, बलात्संग करेगा, या
- तत्समय प्रवृत्त किसी विधि द्वारा यह उसके अधी स्थापित किसी जेल, प्रतिप्रेषण गृह या अभिरक्षा के अन्य स्थान के या स्त्रियों या बालकों की किसी संस्था के प्रबंध या कर्मचारीवृंद में होते हुए अपनी शासकीय स्थिति का फायदा उठाकर ऐसी जेल, प्रतिपे्रषण गृह स्थान या संस्था के किसी निवासी से बलात्संग करेगा, या
- किसी अस्पताल के प्रबंध या कर्मचारीवृंद में होते हुए अपनी शासकीय स्थिति का लाभ उठाकर उस अस्पताल में किसी स्त्री से बलात्संग करेगा,या(ड.)किसी स्त्री से, यह जानते हुए कि वह गर्भवती है, बलात्संग करेगा या
- किसी स्त्री से, जो बारह वर्ष से कम आयु की है, बलात्संग करेगा या
- सामूहिक बलात्संग करेगा।
- जब गर्भवती महिला के साथ बलात्संग किया गया हो
kajal pandey
04-07-2011, 10:01 PM
वह कठोर कारावास से जिसकी अवधि दस वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन हो सकेगी दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा। परंतु न्यायालय ऐसे पर्याप्त और विशेष कारणों से, जो निर्णय में उल्लिखित किये जाऐंगे, दोनों में से किसी भांति के कारावास को, जिसकी अवधि दस वर्ष से कम की हो सकेञ्गी दण्ड दे सकेगा।
kajal pandey
04-07-2011, 10:02 PM
इस धारा में तीन स्पष्टीकरण दिये गए है, प्रथम स्पष्टीकरण के अंतर्गत बताया गया है कि जिन व्यक्तियों के समूह में से एक या अधिक व्यक्तियों द्वारा सबके सामान्य आशय को अग्रसर करने में किसी स्त्री से बलात्संग किया जाता है, वहां ऐसे व्यक्तियों में से हर व्यक्ति के बारे में यह समझा जाएगा कि उसने उस उपधारा के अर्थ में सामूहिक बलात्संग किया है।
kajal pandey
04-07-2011, 10:03 PM
द्वितीय स्पष्टीकरण के अंतर्गत बताया गया है कि स्त्रियों या बालकों को किसी संस्था से स्त्रियों और बालकों को ग्रहण करने और उनकी देखभाल करने के लिए स्थापित या अनुरक्षित कोई संस्था अभिप्रेत है, चाहे वह उसका नाम अनाथालय हो या उपेक्षित स्त्रियों या बालकों के लिए गृह हो या विधवाओं के लिए गृह या कोई भी अन्य नाम हों।
kajal pandey
04-07-2011, 10:05 PM
तृतीय स्पष्टीकरण के अन्तर्गत बताया गया है कि अस्पताल से अस्पताल का अहाता अभिप्रेत है और इसके अन्तर्गत ऐसी किसी संस्था का आहता है जो उल्लंघन(आरोग्य स्थापना) के दौरान व्यक्तियों को या चिकित्सीय ध्यान या पुर्नवास की अपेक्षा रखने वाले व्यक्तियों का ग्रहण करने और उनका आचार करने के लिए है।
kajal pandey
04-07-2011, 10:06 PM
धारा 376 (क) भारतीय दंड संहिता :-
पृथक रहने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ सम्भोग करने की दशा में वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
kajal pandey
04-07-2011, 10:07 PM
धारा 376 (ख) भारतीय दंड संहिता :-
लोक सेवक द्वारा अपनी अभिरक्षा में किसी स्त्री के साथ सम्भोग करने की दशा में जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की ही हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।
धारा 376 ग भारतीय दंड संहिता :-
जेल, प्रतिप्रेषण गृह आदि के अधीक्षक द्वारा सम्भोग की स्थिति में वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।
kajal pandey
04-07-2011, 10:08 PM
धारा 376 घ भारतीय दंड संहिता :-
अस्पताल के प्रबंधक या कर्मचारीवृन्द आदि के किसी सदस्य द्वारा उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ सम्भोग करेगा तो वह दोनों में किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।
kajal pandey
04-07-2011, 10:09 PM
बलात्कार से पीडि़त स्त्री को कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि वो न्याय प्राप्त कर सकें :-
kajal pandey
04-07-2011, 10:09 PM
- अपने परिवार वालों या दोस्तों को बतायें
-नहाए नहीं
-वह कपड़े जिनमें बलात्कार हुआ है, उन्हें धोए नहीं। यह सब करने से शरीर या कपड़ों पर होने वाले महत्वपूर्ण सबूत मिट जाएँगे।
-बलात्कारी का हुलिया याद रखने की कोशिश करें।
-तुरंत पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ.आई.आर.) लिखवाएं। एफ.आई.आर. लिखवाते वक्त परिवार वालों को साथ ले जाएँ। घटना की जानकारी विस्तार से रिपोर्ट में लिखवाएँ।
-एफ.आई.आर. में यह बात जरुर लिखवाएँ कि जबरदस्ती(बलात्कार) सम्भोग हुआ है।
-यदि बलात्कारी का नाम जानती है, तो पुलिस को अवश्य बताएं।
-यह उस स्त्री का अधिकार है कि एफ.आई.आर. की एक कापी उसे मुफ्त दी जाए।
-यह पुलिस का कर्तव्य है कि वह स्त्री की डॉक्टरी जांच कराए।
-डॉक्टरी जांच की रिपोर्ट की कापी जरुर लें।
-पुलिस जांच के लिए स्त्री के कपड़े लेगी, जिस पर बलात्कारी पुरुष के वीर्य, खून, बाल इत्यादि हो सकते हैं। पुलिस स्त्री के सामने उन कपड़ों को सील-बंद करेगी। उन सील बंद कपड़ों की रसीद जरुर लें।
-कोर्ट में बलात्कार का केस बंद कमरे में चलता है यानि कोर्ट में केवल केस से संबंधित व्यक्ति ही उपस्थित रह सकते हैं।
-पीडि़त स्त्री की पहचान को प्रकाश में लाना अपराध है।
-पीडि़त स्त्री का पूर्व व्यवहार नहीं देखा जाना चाहिए।
kajal pandey
04-07-2011, 10:10 PM
अगर पुलिस एफ.आई.आर. लिखने से मना कर दे, तो आप निम्न जगहों पर शिकायत कर सकते हैं :-
-कलेक्टर
-स्थानीय या राष्ट्रीय समाचार पत्र
-राष्ट्रीय महिला आयोग
कानून बलात्कार से पीडि़त महिला को क्रिमिनल इज्यूरीस कंञ्पेन्सेशन बोर्ड के द्वारा आर्थिक मुआवजा भी दिलवाता है।
kajal pandey
04-07-2011, 10:12 PM
देव जी मैने आपकी अनुमति के बिना इस सूत्र मे कुछ पोस्टिंग की है अगर आपको कोई आपति हो तो बताये मै पोस्ट हटा दूंगी
kajal pandey
04-07-2011, 10:15 PM
बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने को uttar pradesh sarkar ney भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की दो और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की एक धारा में संशोधन का फैसला किया है। इस संशोधन के जरिये बलात्कार के मुकदमों का फैसला छह महीने के अंदर होने, बलात्कारी की जमानत तब तक न होने जब तक वह अपने को निर्दोष होने के सबूत पेश न कर दे और महिलाओं के शील भंग के सभी कृत्यों को गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखे जाने का प्रावधान किया जा रहा है। uttar pradesh सरकार ने सीआरपीसी की धारा 437 (इसके तहत गैर जमानती अपराध की दशा में कब जमानत ली जा सकेगी, स्पष्ट किया गया है), 439 (इसके तहत सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट को जमानत के संबंध में विशेष शक्तियां प्राप्त हैं।) और आईपीसी की धारा 354 ( किसी के घर में शील भंग करने के उद्देश्य से घुसने पर दंड का प्रावधान करता है। अभी तक यह अपराध जमानतीय था।) में संशोधन करने का अध्यादेश राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेज दिया।
सीआरपीसी और आईपीसी में संशोधन के लिए राष्ट्रपति की जरूरी होगी। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद ही राज्य में यह व्यवस्था लागू हो सकेगी।
kajal pandey
04-07-2011, 10:21 PM
http://www.pravakta.com/wp-content/uploads/2011/03/%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%AF%E0%A5%8C%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%B7%E0%A4%A3.jpg
kajal pandey
04-07-2011, 10:23 PM
यौन उत्पीड़न और बलात्कार एक जैसे हैं.दोनों ही कृत्य पुरुषों की सत्ता द्वारा महिलाओं के शोषण को दर्शाते हैं.दोनों के स्वभाव में बर्बरता हैं, लेकिन कई लोग बलात्कार यौन उत्पीड़न में अंतर नहीं मानते.यौन उत्पीड़न में पीड़ित को शारीरिक रूप से नुकसान नहीं पहुंचाया जाता, जबकि बलात्कार में पुरुष अपनी वासना की पूर्ति के लिए एक जानवर की तरह शारीरिक क्षति पहुंचाई जाती है. दोनों ही स्थिति में एक पीड़ित की अखंडता को कमजोर करने के लिए, शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुँचाया जाता है.
kajal pandey
04-07-2011, 10:35 PM
18 वर्ष से कम उम्र की पत्नी के साथ यदि जबरन यौन संबंध बनाया जाता है तो उसे बलात्कार माना जाएगा। सरकार इस संबंध में कानून में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। मौजूदा कानून के तहत यदि पत्नी की आयु 15 वर्ष से ऊपर है तो उसके साथ पति द्वारा बनाया गया संबंध बलात्कार नहीं माना जाता।
akayemm
04-07-2011, 10:55 PM
धारा 376 (क) भारतीय दंड संहिता :-
पृथक रहने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ सम्भोग करने की दशा में वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा ।
प्रिय ताम्र सद्स्य जी , आपकी लेखनी से साफ़ लगता है कि आपका कानून या कानून की दुनिया से केवल दूर का रिश्ता है।
क्या आप नहीं जानते कि किसी धारा की भाषा मे किसी भी शब्द को जोड़ देना अथवा निकाल देना , दोनों ही अर्थ का अनर्थ कर डालते हैं ।
आपने धारा 376 ( क ) की भाषा में कुछ विशेष शब्दों को ना लिख कर गम्भीर गलती की है ।
इस धारा का अन्ग्रेज़ी में मूल रूप इस प्रकार है :-
376A. Intercourse by a man with his wife during separation.-- Whoever has sexual intercourse with his own wife, who is living separately from him under a decree of separation or under any custom or usage without her consent shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to two years and shall also be liable to fine.
इस अन्ग्रेज़ी का अनुवाद करने के ज़िम्मेवारी मै आप पर सौंप रहा हूँ तकि आप अपनी भूल सुधार सके ।
यदि आपको थोड़ा बहुत भी ज्ञान है कानून का आप समझ जायेंगे कि ये दो शर्ते कितनी आवश्यक हैं जुर्म की गम्भीरता को समझने के लिये ।
आशा है भविष्य में विधि सम्बन्धी ज्ञान देते समय आप इन चीज़ों का खयाल रखेंगे ।
सप्रेम - अनिल
akayemm
06-07-2011, 03:05 PM
बलात्कार से पीडि़त स्त्री को कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि वो न्याय प्राप्त कर सकें :-
…………………
-कोर्ट में बलात्कार का केस बंद कमरे में चलता है यानि कोर्ट में केवल केस से संबंधित व्यक्ति ही उपस्थित रह सकते हैं।
-पीडि़त स्त्री की पहचान को प्रकाश में लाना अपराध है।
-पीडि़त स्त्री का पूर्व व्यवहार नहीं देखा जाना चाहिए।
मित्र आप एक बहुत ही नेक काम कर रहे हैं सम्भावित पीड़ित महिला को ध्यान में रख कर
परन्तु कुछ कुछ त्रुटियों भी कर रहे हैं ।
आपने 14 सावधानियों की फ़ेहरिस्त/सूची बनाई है जो किसी भी पीड़ित महिला को बरतनी चाहिये ।
पहली 11 तो ठीक हैं परन्तु अगली तीन का पीड़ित महिला से किस प्रकार सम्बन्ध है आचरण के रूप में ? पीड़ित नारी द्वारा सावधानी बरतने के सम्बन्ध में ?
इस हस्तेक्षेप के लिये क्षमा चाहता हूँ क्योंकि कानून के साथ मेरा भी थोड़ा बहुत रिश्ता है ।
सप्रेम - अनिल
akayemm
06-07-2011, 03:11 PM
अगर पुलिस एफ.आई.आर. लिखने से मना कर दे, तो आप निम्न जगहों पर शिकायत कर सकते हैं :-
-कलेक्टर
-स्थानीय या राष्ट्रीय समाचार पत्र
-राष्ट्रीय महिला आयोग
कानून बलात्कार से पीडि़त महिला को क्रिमिनल इज्यूरीस कंञ्पेन्सेशन बोर्ड के द्वारा आर्थिक मुआवजा भी दिलवाता है।
मित्र , आपकी और अन्य सभी पाठकों की जानकारी के लिये बता दूँ कि राज्य स्तर पर भी महिला आयोग स्थापित हो चुके हैं जो अधिकतर राज्यों की राजधानियों स्थित हैं ।
प्रयास जारी हैं ऐसे केन्द्र ज़िला स्तर पर स्थापित करने के लिये ।
सप्रेम - अनिल
akayemm
06-07-2011, 03:22 PM
यौन उत्पीड़न और बलात्कार एक जैसे हैं.………………
मित्र , ये विचार अभी मात्र वाद विवाद के स्तर तक ही सीमित है ।
इसे अभी ना तो किसी न्यायलय द्वारा मान्यता मिली है ,
ना ही राष्ट्रीय विधि आयोग ने इस प्रकार का सुझाव दिया है
और ना ही सन्सद ने इसे विचाराधीन विषय की सन्ज्ञा दी है ।
अभी तक ये विषय सभा सम्मेलनों के मन्च तक ही सीमित है । हाँ , यदि कोई ऐसी उन्नति हुई है जिससे मैं अनभिज्ञ हूँ , तो उसके सम्बन्ध में अवश्य ज्ञान प्राप्त करना चाहूँगा ।
सप्रेम - अनिल
akayemm
07-07-2011, 02:36 PM
मित्रो , आप सबके ज्ञान वर्धन के लिये एवम जिज्ञासा शान्त करने के लिये एक लिन्क दे रहा हूँ जहां आप ना सिर्फ़ 'सभी ' अधिनियमो को देख - पढ़ सकेंगे बल्कि 'कौपी-पेस्ट' भी कर सकेगें !
साथ साथ आप पायेंगे कि ये लिन्क सर्वोच्च न्यायलय से सम्बन्धित है तो , आप बेखटके उस अदालत से सम्बन्धित भी कई बातें जान सकते है ,
http://indiacode.nic.in/
और जैसा कि आप देख सकते हैं कि ये सरकारी साईट है , अतः यहां से मिली जानकारी आधिकारिक होने के साथ साथ निःशुल्क भी है ।
सप्रेम - अनिल
पुनःश्च - ये लिन्क एक प्रकार से विधि ज्ञान के सागर का मुख्य द्वार है।
अब ये आप पर निर्भर करता है कि आप इस सागर में किस प्रकार विचरण करते और कितने मोती और मून्गे एकत्रित कर पाते हैं ।
आपका शुभाकान्क्षी - अनिल
kajal pandey
07-07-2011, 04:31 PM
विद्वान मित्र कॉपी पेस्ट करके ही कानून पढे ठे क्या ,,,,,,,,,,जब देखो तब कॉपी पेस्ट की बात करते दिखते हो ,,,,,,,,,जरा बताओ तो भारतीय संविधान का नाम bharat का संविधान होगा ये किस अनुच्छेद मे लिखा है आभी तुरंत जवाब दो तुम्हारी आसलियत पता चल जाएगी ,,,,,,बाद मे nahi
kajal pandey
07-07-2011, 04:34 PM
ये क्या सवाल सुनने के बाद भाग गए नेट पर धुंध रहे हो क्या ,,,,,,,,,kuch padha karo yar
kajal pandey
07-07-2011, 04:47 PM
क्या हुआ जवाब नहीं जानते न बोल तो आइसे रहे ठे जैसे हाउस ऑफ़ लोर्ड्स का जज बोल रहा हो बस हो गया ,,,,,,,आलोचना करना आसन है ,,,,,एक सवाल मे औकात पता चल गया
Mr_perfect
07-07-2011, 04:52 PM
बलात्कार से लड़की की आत्मा घायल हो जाती है , इस लिए बलात्कारी इंसान शैतान होता है , परन्तु दूसरा पहलू ये भी है कई बार लड़के और लड़की आपस की रजामंदी से सेक्स करते है , और बाद मै लड़की ब्लैक मेल कर के लड़के पर बलात्कार का आरोप लगा देती है . इस बारे मै आप क्या कहोगे मित्रो ?
बलात्कार का पता 24 घण्टे मे लड़की के चैकअप पर पता लगता है 24 घण्टे के बाद लड़की किसी को ब्लैकमेल नहीँ कर सकती क्योँकि 24 घण्टे के बाद यह पता नहीँ चल सकता कि बलात्कार किसने किया है अगर लड़की प्रैग्नैँट न हो तो । इसलिए इस मामले मेँ ब्लैकमेल के केस कम होते है ।
abcl42
07-07-2011, 06:12 PM
देव जी, मन वकील जी, स्लिम सीमा जी, पूजा जी और दिया मिश्र जी, अनिल जी एवं अन्य सभी के विचार इस बहुत संवेदनशील मुद्दे पर पढ़े ,हमारे फोरम पर बहुत अच्छे ज्ञाता ज्ञानी लोग है, सभी मित्रों का धन्यवाद सभी ये मानते हैं की बलात्कार अत्यंत घिनोना अपराध है, पूजा जी चाहती हैं की अपराधी से ही पीड़ित लड़की की शादी करा दी जाये, कुछ लोंगो को शंका है की अगर सजा का प्रावधान बढ़ा दिया गया तो दुरूपयोग हो सकता है . दिया मिश्र जी ने बहुत अद्यतन ( अपडेट) इन्फार्मेसन दी है, उ प्र सर्कार के प्रस्ताव का भी जिक्र उन्होंने किया है,
मैं मिस स्लिम सीमा जी के विचारों से बड़ा प्रभावित हुआ, राम के काल में भी इन्द्र ने अहिल्या से धोखे से बलात्कार किया, गौतम ऋषि ने अहल्या को श्राप दिया साथ में इन्द्र को भी श्राप दिया था / आशय ये है की स्त्री को भोग्य या भोगने वाली वस्तु आदि कल से माना जा रहा है रामायण में कलियुग के लक्षण लिखते हुए तुलसी जी लिखते है की, "अबला कच भूषण भुरी छुधा" नहीं मानै कोई अनुजा तनुजा" ( अनुजा माने बहिन और तनुजा माने बेटी) , अब तो और अधिक खतरा समाज में स्त्रियों के लिए हो गया है/
बलात्कार की सजा हमारे देश में अधिकतम दस वर्ष ही है, फांसी की सजा का प्रावधान करने की मांग महिला संगंठन उठा रहे है लेकिन अभी परिवर्तन हुआ नहीं है. मेरा अपना विचार है की बलात्कार अत्यंत घिनोना अपराध है, अब इसे कम करने या या इसके सामाजिक उपचार क्या हो सकते है मै लिखने की कोशिश करता हूँ :
१. आत्म सुरक्षा हेतु लड़कियों को शिक्षा दी जाये ट्रेनिंग दी जाये २. माता पिता अपनी लड़कियों पर स्वयं नजर रखें की वो कैसे कपडे आदि पहनती है भड़काऊ पोषक भी कभी कभी बलात्कार का शिकार बना देती है ३. घर में और बाहेर एकांत स्थान में किसी परिचित या अनजान व्यक्ति से देर तक न मिले. साथ न रहे, ४ अगर कोई प्रेमी है और आप राजी के साथ संभंध बना लेती है तो भी ये अछि तरेह सोच लें की प्रेमी के साथ जहाँ आप संभंध बनाने जा रही हैं वो स्थान सुरछित है उसके दोस्त तो नहीं आ जायेंगे और मौके का फायदा तो नहीं उठा लेंगे ५. बस आगे क्या लिखूं शादी का झांसा दे कर कोई संभंध बनाये उस पर हाई कोर्ट का एक जजमेंट था की शादी के पहले शारीरिक संभंध बनाने की अनुमति हमारे समाज में नहीं है फिर ये संभंध कैसे शुरू किये गए अर्थात लड़की ने भी सामाजिक नियम तोड़े ( हालाँकि बलात्कार का आरोप तब भी लगेगा ) , मैं तो ये ही कहना चाहता हूँ की लक्ष्मी ( पैसा ) और (घर की औरत) दोनों को संभाल कर रखो, बुरी नजर से बचाओ, धन्यवाद
dev b
12-07-2011, 12:56 AM
प्रिय मित्र दिया जी आप की पोस्ट से इस सूत्र में चार चाँद लग गए ...आप का तहे दिल से धन्यवाद
देव जी मैने आपकी अनुमति के बिना इस सूत्र मे कुछ पोस्टिंग की है अगर आपको कोई आपति हो तो बताये मै पोस्ट हटा दूंगी
dev b
12-07-2011, 01:02 AM
मित्र ज्ञान वर्धक जानकारी देने के लिए आप का हार्दिक धन्यवाद
मित्र , ये विचार अभी मात्र वाद विवाद के स्तर तक ही सीमित है ।
इसे अभी ना तो किसी न्यायलय द्वारा मान्यता मिली है ,
ना ही राष्ट्रीय विधि आयोग ने इस प्रकार का सुझाव दिया है
और ना ही सन्सद ने इसे विचाराधीन विषय की सन्ज्ञा दी है ।
अभी तक ये विषय सभा सम्मेलनों के मन्च तक ही सीमित है । हाँ , यदि कोई ऐसी उन्नति हुई है जिससे मैं अनभिज्ञ हूँ , तो उसके सम्बन्ध में अवश्य ज्ञान प्राप्त करना चाहूँगा ।
सप्रेम - अनिल
abcl42
13-07-2011, 01:45 PM
अभी तीन चार दिन पहले ही उत्तर भारत के प्रमुख हिंदी अख़बार ने एक सम्पादकीय इसी विषय पर लिख था " समाज में तार तार होते रिश्ते "
अखबार ने लिखा आज हम देखते हैं की पत्नी ने प्रेमी के साथ मिल कर पति की हत्या की, बहिन ने प्रेमी के साथ मिल कर पिता और भाई को मरवाया , भाई ने बहिन के साथ बलात्कार किया , पिता द्वारा बेटी का बलात्कार, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिल कर अपने बच्चों को जला दिया इत्यादि. आखिर ये समाज कहाँ जा रहा है / मित्रो सामाजिक रिश्तों में गिरावट का एक ही कारन है ये आधुनिक और पश्चिमी सभ्यता का प्रवेश, टेलीविजन ने ऐसे सीरियल की भरमार है जहाँ पर दुसरे पुरुषों से रिश्ता होना आम बात है, आधुनिक लड़की के लिए शारीर प्रदर्शन एक जरुरी हिस्सा है, गाँव में जादा अनैतिकता आ गयी है क्योंकि वहां पर अंध अनुकरण है शहरों का,
लेकिन अभी सब कुछ बिगड़ा नहीं है अभी भी ऐसे लोग हैं जो बलात्कार और औरतों पर होने वाले अपराधों को बहुत बुरा मानते हैं और बलात्कारी को कड़ी से कड़ी सजा के पक्ष में हैं/ मेरा मानना है की बलात्कारी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए तभी औरतों पर हो रहे अत्याचारों पर कुछ अंकुश लगेगा / कड़ी सजा और शीघ्र न्याय ही कुछ हद तक इस घिनौने अपराध पर अंकुश लगा सकेगा धन्यवाद
Mera manna he ke world k 90% balatkar k cases farzi hote he
amol05
16-07-2011, 06:32 PM
मुझे कोइ ये बताएगा क्या की लड़की की मर्जी के बिना सम्भोघ या बलात्कार संभव है :question:
BHARAT KUMAR
17-07-2011, 03:36 AM
लड़कियों में विरोध करने की हिम्मत हो तो कोई भी सूअर का बच्चा इतनी हिम्मत नहीं कर सकता की टेडी आँख से देख भी ले! कुछ लड़कियां लोक लाज या शर्म के दबाव में कुछ बोल भी नहीं पाती, राह चलते लडको से फब्तियां सुनकर भी चुप रह जाती है! आहार लड़की हिम्मतवाली हो तो मजाल है कोई लानती बलात्कार के बारे में सोच भी ले!
aawara
18-07-2011, 09:00 AM
कृपया इस सूत्र पर अपनी राय दे
‘बलात्कार’ एक ऐसा जघन्य अपराध जिसकी सजा कितनी भी कड़ी क्यों न हो कम होगी| हमारे देश के हालात तो इस मामले में बद से बदतर हो चले हैं| आप जितना ज्यादा शहरों और तथाकथित सभ्य नगरों की तरफ बढते चलें उतना ही ये ग्राफ बढ़ता जाएगा और महानगरों में इसकी संख्या असभ्य-आदिवासी इलाकों से भी ज्यादा नज़र आएगी| बलात्कार के विरुद्ध क़ानून हर रोज कड़े बनाए जा रहे हैं| पीडिता को दर्द से राहत देने के लिए मोटी रकम के तोहफे दिए जा रहे है, संभवतः इसके पीछे अभिजन सामाज की वह ओछी सोच जिम्मेदार है कि ‘पैसा ही सम्मान है’|
aawara
18-07-2011, 09:03 AM
जो भी हो, एक बात स्पष्ट है कि इतनी कोशिशों के बावजूद हिन्दुस्तान में बलात्कारों की फेहरिश्त दिन-ब-दिन बढती जा रही है|हम ये सोच के बैठे रहें कि बलात्कार को रोकने का कोई प्रभावी क़ानून आ जायेगा या फिर बलात्कार की कोई चमत्कारिक दवा ईजाद हो जायेगी और उसे लगाते ही पीडिता का सम्मान पुनः वापस आ जायेगा तो फिर ये बुराई कभी दूर नहीं होगी| हमें इस समस्या पर गंभीरता से विचार करना होगा और कई तरह के निर्णय लेने होंगे| चूंकि ये बुराई सामाजिक है और इसे असामाजिक तत्व अंजाम देतेहै इसलिए फैसला समाज द्वारा होना चाहिए ‘ऑन दि स्पॉट’ बजाय इसके कि अदालत का चक्कर लगा के पीडिता अपने गवांए हुए सम्मान की कीमत ले|
aawara
18-07-2011, 09:06 AM
दूसरी महत्वपूर्ण बात ये कि इस कृत्य के लिए कौन-कौन से लोग जिम्मेदार है- प्रथम-दृष्टतयः तो बलात्कारी स्वयं इसके लिए जिम्मेदार है और जिस तरह हम किसी पागल कुत्ते को जीने का हक नहीं देते उसी तरह इस समाज में एक बलात्कारी को भी जीने हक नहीं होना चाहिए| ठीक इसी तरह हमें उन कारकों पर भी ध्यान देना होगा जिनकी वजह से कोई आदमी बलात्कारी बन जाता है| कोई भी बच्चा बलात्कारी पैदा नहीं होता उसे कुछेक उद्दीपन बलात्कारी बनाते है| यहाँ पर मैं उन स्त्रीवादियों का ध्यान आकृष्ट करना चाहूंगा जो दिन रात पुरुष जाति को कोसने का बीड़ा उठाये जी रहे हैं और इस घिनौने कृत्य का ठीकरा पुरुषों के अकेले माथे पर फोडकर ही अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते है| आइये जरा कुछ कारणों पर नजर डालें के अधिकतम बलात्कारी कौन पैदा कर रहा है|
ग्रामीण क्षेत्रों में बलात्कार को अंजाम देने वाले ज्यादातर वहशी उन माताओं की संताने हैं जो खुले आम फूहड़ किस्म के मजाक करती हैं और जिनके घर में स्त्री पुरुष अश्लील, द्विअर्थी और आपत्तिजनक संवाद और आचरण करते हैं और ये भी ध्यान नहीं देते कि वहाँ पर कोई बच्चा या किशोर मौजूद है| इस तरह की हरकतें शहरी क्षेत्रों में भी देखीं गई हैं और इनका उद्दीपन सर्वाधिक अपने ही सगे सम्बन्धियों पर होने वाले बलात्कार को जन्म देता है|
aawara
18-07-2011, 09:11 AM
शहरी क्षेत्रों में बलात्कार एवं सामूहिक बलात्कार के तीन बड़े कारण हैं -
(१) परिवार में माँ या बहिन का दुश्चरित्र या आडंबरपूर्ण होना- किशोरों और नवयुवकों में कुंठा ज्यादातर घर की महिलाओं के स्वछन्द आचरण जैसे अमर्यादित भाषा, संबंधों और पहिनावे में अत्याधिक खुलापन या घर की महिलाओं के नाजायज सम्बन्ध से उपजती है और वह बलात्कार जैसे जघन्य अपराध कर राहत का अहसास करता है |
(२) प्रेम में धोखा- आजकल प्रेम करने का तो सरकारी फरमान निकला है लिहाजा प्रत्येक नर एक अच्छी मादा और प्रत्येक मादा एक अच्छे नर की तलाश में दिन रात एक किये रहते हैं| अब तलाश दोनों ओर से जारी है तो फिर मिलने में देर कैसी! लेकिन जब मादा कुछ दिनों के बाद किसी अन्य योग्य नर का हाथ थाम कर पहले को छोड़ देती है तो फिर एक कुंठा जन्म लेती है और ये उसे शराबी, कवि या बलात्कारी बना देती है| बलात्कारियों में एक बड़ी संख्या इन कुंठित मजनुओं की भी है|
(३) नशाखोरी- अधिकतर ऐसे परिवारों में जहाँ माता-पिता के पास बच्चों के लिए समय नहीं है, बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं और नशे के साथ उन्हें मिलता है असामाजिक तत्वों का साथ| नशे के मद में तो देवता भी बलात्कारी बन जाता है इंसान की क्या बिसात है, खासकर तब जबकि युवतियां हूरों का लिबास पहनकर जलवे बिखेर रही हों|
मेरे इन बातोँ का अभिप्राय बलात्कारी की तरफदारी नहीं है उसके लिए तो सिर्फ और सिर्फ सजाये-मौत (वो भी हो सके तो पीडिता के ही हाथों) है| मेरा अभिप्राय उन तथ्यों पर विचार करना है जिन पर ध्यान दे कर हम भविष्य में पैदा होने वाले बच्चों को बलात्कारी बनने से रोक सकें| क्योंकि मेरा मानना यही है कि बलात्कारी पैदा नहीं होता उद्दीपन द्वारा बनाया जाता है|
अभी भी यदि हम अपने लिए कठोर निर्णय लेने के लिए तैयार नहीं हैं तो फिर बलात्कार को न तो कोई क़ानून रोक पायेगा और न ही धन पीडिता का कष्ट कम कर पायेगा| समाधान है सिर्फ संयम! पुरुष के लिए भी और स्त्री के लिए भी जहां पुरुष स्त्री का सम्मान कर अपने बालकों को स्त्री का सम्मान करना सिखाएं वहीँ स्त्री स्वयं भी बात-बात पर कपडे उतारकर और लघु-वस्त्रों की नुमाइश कर अपने बच्चों को कुंठित और बलात्कारी को प्रेरित न करें|
dadabhaiya
18-07-2011, 04:25 PM
koi video bhi do balatkar ka. mazaa aa jayega .
TIGERLOVE
18-07-2011, 04:47 PM
koi video bhi do balatkar ka. mazaa aa jayega .
मित्र आपके कहनेका क्या मतलब है .....
की आपको बलात्कार का वीडियो देखकर मजा आएगा ..
मित्र एक लड़की या औरत पे होते जुल्म को देखकर आपको मजा आएगा ...
मित्र बलात्कार सिर्फ लडकीके जिस्म का नहीं बल्कि उसकी रूह का भी होता है ........ जानते हो उसपे क्या बीत रही होगी जब उसके साथ जबरजस्ती की जा रही हो .....
आप के ऐसे विचारोसे में आश्रय चकित हो चूका हु की कोई ऐसा भी सोच सकता है ....
BHARAT KUMAR
19-07-2011, 06:07 AM
दूसरी महत्वपूर्ण बात ये कि इस कृत्य के लिए कौन-कौन से लोग जिम्मेदार है- ...को जन्म देता है| भाई इस कृत्य का कोई भी कारण मान्य नहीं है! खुद पर कंट्रोल न होना या घर से बिगड़ा होना, इन सब का मतलब ये नहीं कि बाहर मुह मारता फिरे!
एक फिल्म का डायलोग याद आ रहा है!
अगर दूध की पतीली का ढक्कन खुला भी रह गया तो क्या, कम से कम कुत्ते को तो शर्म करनी चाहिए!
aawara
19-07-2011, 09:18 AM
भाई इस कृत्य का कोई भी कारण मान्य नहीं है! खुद पर कंट्रोल न होना या घर से बिगड़ा होना, इन सब का मतलब ये नहीं कि बाहर मुह मारता फिरे!
भाई यहाँ किसी कारन को बलात्कार करने के लिए जायज नहीं बताया गया है बल्कि बलात्कार के कारणों को समझने की कोसिस की गयी है
एक फिल्म का डायलोग याद आ रहा है!
अगर दूध की पतीली का ढक्कन खुला भी रह गया तो क्या, कम से कम कुत्ते को तो शर्म करनी चाहिए!
बुवुक्ष्ती किम न करोति पापं --ये भी इसी समाज का सच है
भाई जब हम देश की विविध्तायों पे गर्व करते हैं तो इनसे उपजने बलि समस्यों से भी हमें ही दो चार होना पड़ेगा. और समाधान में विविध्तायों को भी ध्यान में रखना होगा.सत्य तो यही है की जैसे विचार होते हैं कर्म भी वैसा ही होता है. और संस्कार बहुत हद तक परवरिश के मौहाल पे निर्भर होता है
समाधान है सिर्फ संयम! पुरुष के लिए भी और स्त्री के लिए भी जहां पुरुष स्त्री का सम्मान कर अपने बालकों को स्त्री का सम्मान करना सिखाएं वहीँ स्त्री स्वयं भी बात-बात पर कपडे उतारकर और लघु-वस्त्रों की नुमाइश कर अपने बच्चों को कुंठित और बलात्कारी को प्रेरित न करें|
aawara
30-07-2011, 09:32 PM
धन्यवाद मित्र देव जी ........................
devvrat
14-08-2011, 02:17 PM
हमारे देश में बलात्कार जैसे काम तब तक होते रहेंगे जब तक यहाँ सेक्स प्रतिबंधित सा रहेगा मतलब जब इसे प्राप्त करना दुर्लभ सा माना जाएगा तब तक, अगर सेक्स के बारे में खुल कर बात होगी लड़का लड़की समन्व्य रहेगा दोनो सेक्स को खुलकर आनंद ले सकें तो बलात्कार और अवैध सम्बँध जैसा सब कुछ समाप्त हो जाएँगे
akamboj 2007
आपका कहने का मतलब है कि चोरी पर टेक्स लगा दो और उसे वैद्ध घोषित कर दो तो चोरी चोरी नही कहलायेगी उसे लोग सदाचार कहेंगे और एक अपराध या पाप इस प्रकार से समाज से समाप्त किया जा सकता है|
इस तरह तो सम्पूर्ण अपराधो व पाप कर्मो से समाज को मुक्त किया जा सकता है| लगता है तेरा दिमाक पगला गया है|
devvrat
14-08-2011, 02:42 PM
धारा 375 भारतीय दंड संहिता :-
जब कोई पुरुष किसी स्त्री के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध सम्भोग करता है तो उसे बलात्कार कहते हैं। सम्भोग का अर्थ - पुरुष के लिंग का स्त्री की योनि में प्रवेश होना ही सम्भोग है। किसी भी कारण से सम्भोग क्रिया पूरी हुई हो या नहीं वह बलात्कार ही कहलायेगा। बलात्कार तब माना जाता है यदि कोई पुरुष किसी स्त्री साथ निम्नलिखित परिस्थितियों में से किसी भी परिस्थिति में मैथुन करता है वह पुरुष बलात्कार करता है, यह कहा जाता है-
-यदि वह 16 वर्ष से कम उम्र की है, चाहे उसकी सहमति से हो या बिना सहमति के
मैं चाहूंगा कि इस १६ वर्ष को बढ़ा कर २१ वर्ष किया जाना चाहिए| क्योकि अधिकतर अविवाहित लड़किया २१ वर्ष तक की उम्र में ही योन-शोषण अथार्त (छलपूर्वक-बलात्कार - जिस प्रकार के बलात्कार का लड़की विरोध नही कर पाती है) का शिकार होती है| शातिर दिमाक बलात्कारी न्यायालय में ऐसे बलात्कार को वकीलों की दलीलों के माध्यम से लड़की की सहमति से किया गया सम्भोग साबित करने में सफल हो जाते है और लड़की सरेआम चरित्रहीन साबित हो जाती है| ऐसे मैं उस लड़की के पास जीने के लिए वैश्यावृति ही एक मात्र जीविकोपार्जन का साधन बचता है या फिर आत्मह्त्या का रास्ता|
man-vakil
14-08-2011, 02:53 PM
मेरी देह पर उनके रेंगते हुए हाथ,
आज भी भय से सिरहन दौड़ जाती,
कितनी बार उठ बैठती हूँ मैं रात रात,
और वो वीभत्स हंसी ठहाके सुनाई देते,
वो पीड़ा का अहसास मेरे भीतर जागता,
और शरीर के दर्द से ज्यादा मन में पीड़ा,
रोष भी शायद अब अश्रु बन के निकलता,
कुछ कहना चाहती हूँ मैं चीख चीख कर,
इस खोखले समाज के निर्जीव जीवों से,
किन्तु यह क्रंदन तो तब कर चुकी थी मैं,
जब मेरी देह को रेत की तरह रोंदा गया,
अब तो केवल चिन्ह शेष बचे है घावों से ,
और मैं अभिशिप्त हो गयी हूँ बिना दोष के,
बलात्कार मेरी देह से नहीं हुआ था केवल,
संग मेरे भीतर की आत्मा को भी रोंदा गया,
और एक ख़ामोशी आकर अब बस गयी,
ना जाने कहाँ से मेरे भ्रमित अस्तित्व पर,
और मैं ढूंढ़ रही हूँ, अपनी खोयी अस्मिता को,
इधर उधर सब जगह, इस निरीह संसार में ,,,,,
==मन वकील
manish2002007
15-08-2011, 09:33 PM
प्रिया जी यार मेरे हिसाब से तो सिर्फ लड़के ही जिम्मेदार नहीं होते हैं जिन लड़कियों के लिए बचपन मैं हमारे घर यह सिक्षा दी जाती है की बेटा यह तुम्हारी बहन है तुम्हारी भतीजी है या और कुछ भी हो सकती है लेकिन क्या उस समय ये देखा या गौर किया जाता है की लड़के की उम्र क्या है. या उसे मैं जो समझाना चाहता हूं उसे इस उम्र मैं समझ मैं आ सकता है य नहीं. कोई नहीं सोचता. लेकिन वही लड़की बड़े होते होते इतने परिवर्तन उस बच्चे के या लड़के के सामने करती है तो लड़का बेचारा क्या करे उसने भी तो पहली बार ये सब देखा होता है. अब सोचिये वही लड़की १८ या १९ साल की होते होते अपनी शारीरिक वेशभूषा मैं इतना परिवर्तन कर लेती है जैसे की कम कपड़े, सज धज के निकलना घर के बाहर किसी खड़े लड़के को देख के बिना वजह मुस्कुराना, या अदाएं दिखने की कोशिश करना, यार मैं जो कहना चाहता हु ओ ये है की सिर्फ लड़के ही नहीं लड़कियां भी इस बात के लिए दोषी हैं .
manish2002007
15-08-2011, 09:37 PM
lekin bahi ji यार मेरे हिसाब से तो सिर्फ लड़के ही जिम्मेदार नहीं होते हैं जिन लड़कियों के लिए बचपन मैं हमारे घर यह सिक्षा दी जाती है की बेटा यह तुम्हारी बहन है तुम्हारी भतीजी है या और कुछ भी हो सकती है लेकिन क्या उस समय ये देखा या गौर किया जाता है की लड़के की उम्र क्या है. या उसे मैं जो समझाना चाहता हूं उसे इस उम्र मैं समझ मैं आ सकता है य नहीं. कोई नहीं सोचता. लेकिन वही लड़की बड़े होते होते इतने परिवर्तन उस बच्चे के या लड़के के सामने करती है तो लड़का बेचारा क्या करे उसने भी तो पहली बार ये सब देखा होता है. अब सोचिये वही लड़की १८ या १९ साल की होते होते अपनी शारीरिक वेशभूषा मैं इतना परिवर्तन कर लेती है जैसे की कम कपड़े, सज धज के निकलना घर के बाहर किसी खड़े लड़के को देख के बिना वजह मुस्कुराना, या अदाएं दिखने की कोशिश करना, यार मैं जो कहना चाहता हु ओ ये है की सिर्फ लड़के ही नहीं लड़कियां भी इस बात के लिए दोषी हैं .
vickky681
15-08-2011, 10:19 PM
बढ़िया सूत्र है
preeti
16-08-2011, 09:21 AM
Jo bal se kiya jaye wo balatkar hai or jo aapas ki rajamandi se kiya jaye wo aadar satkar hai
aawara
16-08-2011, 11:19 PM
बलात्कार एक ऐसा जुर्म है जो अपने घटित होने से ज़्यादा घटित होने के बाद दुख देता है, सिर्फ बलात्कार की शिकार लड़की को ही नहीं बल्कि उससे जुड़े हर आदमी को , उसके पूरे परिवार को ।
क़ानून और अदालतें हमेशा से हैं लेकिन यह घिनौना जुर्म कभी ख़त्म न हो सका बल्कि इंसाफ़ के इन रक्षकों के दामन भी इसके दाग़ से दाग़दार है ।
जब तक समाज खुद नही जागेगा तब तक इसे दुनिया की कोई ताक़त नहीं रोक सकती, पुलिस तो क्या फ़ौज भी नहीं ।
dev b
16-08-2011, 11:29 PM
मित्र सिक्के के दुसरे पहलु पर नजर डाले तो कई बार आपसी रजामंदी के सेक्स -रिश्ते के खुलने पर ,उसे बलात्कार का रूप दे दिया जाता है
अभी तीन चार दिन पहले ही उत्तर भारत के प्रमुख हिंदी अख़बार ने एक सम्पादकीय इसी विषय पर लिख था " समाज में तार तार होते रिश्ते "
अखबार ने लिखा आज हम देखते हैं की पत्नी ने प्रेमी के साथ मिल कर पति की हत्या की, बहिन ने प्रेमी के साथ मिल कर पिता और भाई को मरवाया , भाई ने बहिन के साथ बलात्कार किया , पिता द्वारा बेटी का बलात्कार, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिल कर अपने बच्चों को जला दिया इत्यादि. आखिर ये समाज कहाँ जा रहा है / मित्रो सामाजिक रिश्तों में गिरावट का एक ही कारन है ये आधुनिक और पश्चिमी सभ्यता का प्रवेश, टेलीविजन ने ऐसे सीरियल की भरमार है जहाँ पर दुसरे पुरुषों से रिश्ता होना आम बात है, आधुनिक लड़की के लिए शारीर प्रदर्शन एक जरुरी हिस्सा है, गाँव में जादा अनैतिकता आ गयी है क्योंकि वहां पर अंध अनुकरण है शहरों का,
लेकिन अभी सब कुछ बिगड़ा नहीं है अभी भी ऐसे लोग हैं जो बलात्कार और औरतों पर होने वाले अपराधों को बहुत बुरा मानते हैं और बलात्कारी को कड़ी से कड़ी सजा के पक्ष में हैं/ मेरा मानना है की बलात्कारी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए तभी औरतों पर हो रहे अत्याचारों पर कुछ अंकुश लगेगा / कड़ी सजा और शीघ्र न्याय ही कुछ हद तक इस घिनौने अपराध पर अंकुश लगा सकेगा धन्यवाद
dev b
16-08-2011, 11:31 PM
बिना लड़की की मर्जी के अकेले पुरुष द्वारा बलात्कार संभव नहीं है ,,मित्र
मुझे कोइ ये बताएगा क्या की लड़की की मर्जी के बिना सम्भोघ या बलात्कार संभव है :question:
dev b
16-08-2011, 11:32 PM
आप ने बिलकुल ठीक कहा मित्र
लड़कियों में विरोध करने की हिम्मत हो तो कोई भी सूअर का बच्चा इतनी हिम्मत नहीं कर सकता की टेडी आँख से देख भी ले! कुछ लड़कियां लोक लाज या शर्म के दबाव में कुछ बोल भी नहीं पाती, राह चलते लडको से फब्तियां सुनकर भी चुप रह जाती है! आहार लड़की हिम्मतवाली हो तो मजाल है कोई लानती बलात्कार के बारे में सोच भी ले!
dev b
16-08-2011, 11:41 PM
आप ने बिलकुल ठीक कहा मित्र .......आप से निवेदन है की कृपया हिंदी में लिखे
Mera manna he ke world k 90% balatkar k cases farzi hote he
dev b
17-08-2011, 01:46 AM
मित्र ऐसा सोचना कम से कम एक इंसान को तो शोभा नहीं देता ...कृपया हिंदी में लिखे
koi video bhi do balatkar ka. mazaa aa jayega .
dev b
17-08-2011, 01:48 AM
मित्र बलात्कार को रोकने में स्वयं की नैतिकता ज्यादा कारगर हो सकती है
शहरी क्षेत्रों में बलात्कार एवं सामूहिक बलात्कार के तीन बड़े कारण हैं -
(१) परिवार में माँ या बहिन का दुश्चरित्र या आडंबरपूर्ण होना- किशोरों और नवयुवकों में कुंठा ज्यादातर घर की महिलाओं के स्वछन्द आचरण जैसे अमर्यादित भाषा, संबंधों और पहिनावे में अत्याधिक खुलापन या घर की महिलाओं के नाजायज सम्बन्ध से उपजती है और वह बलात्कार जैसे जघन्य अपराध कर राहत का अहसास करता है |
(२) प्रेम में धोखा- आजकल प्रेम करने का तो सरकारी फरमान निकला है लिहाजा प्रत्येक नर एक अच्छी मादा और प्रत्येक मादा एक अच्छे नर की तलाश में दिन रात एक किये रहते हैं| अब तलाश दोनों ओर से जारी है तो फिर मिलने में देर कैसी! लेकिन जब मादा कुछ दिनों के बाद किसी अन्य योग्य नर का हाथ थाम कर पहले को छोड़ देती है तो फिर एक कुंठा जन्म लेती है और ये उसे शराबी, कवि या बलात्कारी बना देती है| बलात्कारियों में एक बड़ी संख्या इन कुंठित मजनुओं की भी है|
(३) नशाखोरी- अधिकतर ऐसे परिवारों में जहाँ माता-पिता के पास बच्चों के लिए समय नहीं है, बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो जाते हैं और नशे के साथ उन्हें मिलता है असामाजिक तत्वों का साथ| नशे के मद में तो देवता भी बलात्कारी बन जाता है इंसान की क्या बिसात है, खासकर तब जबकि युवतियां हूरों का लिबास पहनकर जलवे बिखेर रही हों|
मेरे इन बातोँ का अभिप्राय बलात्कारी की तरफदारी नहीं है उसके लिए तो सिर्फ और सिर्फ सजाये-मौत (वो भी हो सके तो पीडिता के ही हाथों) है| मेरा अभिप्राय उन तथ्यों पर विचार करना है जिन पर ध्यान दे कर हम भविष्य में पैदा होने वाले बच्चों को बलात्कारी बनने से रोक सकें| क्योंकि मेरा मानना यही है कि बलात्कारी पैदा नहीं होता उद्दीपन द्वारा बनाया जाता है|
अभी भी यदि हम अपने लिए कठोर निर्णय लेने के लिए तैयार नहीं हैं तो फिर बलात्कार को न तो कोई क़ानून रोक पायेगा और न ही धन पीडिता का कष्ट कम कर पायेगा| समाधान है सिर्फ संयम! पुरुष के लिए भी और स्त्री के लिए भी जहां पुरुष स्त्री का सम्मान कर अपने बालकों को स्त्री का सम्मान करना सिखाएं वहीँ स्त्री स्वयं भी बात-बात पर कपडे उतारकर और लघु-वस्त्रों की नुमाइश कर अपने बच्चों को कुंठित और बलात्कारी को प्रेरित न करें|
dev b
17-08-2011, 01:51 AM
बिलकुल ठीक कहा आप ने ..मित्र
भाई इस कृत्य का कोई भी कारण मान्य नहीं है! खुद पर कंट्रोल न होना या घर से बिगड़ा होना, इन सब का मतलब ये नहीं कि बाहर मुह मारता फिरे!
एक फिल्म का डायलोग याद आ रहा है!
अगर दूध की पतीली का ढक्कन खुला भी रह गया तो क्या, कम से कम कुत्ते को तो शर्म करनी चाहिए!
dev b
17-08-2011, 01:51 AM
बिलकुल ठीक कहा आप ने ..मित्र
मित्र आपके कहनेका क्या मतलब है .....
की आपको बलात्कार का वीडियो देखकर मजा आएगा ..
मित्र एक लड़की या औरत पे होते जुल्म को देखकर आपको मजा आएगा ...
मित्र बलात्कार सिर्फ लडकीके जिस्म का नहीं बल्कि उसकी रूह का भी होता है ........ जानते हो उसपे क्या बीत रही होगी जब उसके साथ जबरजस्ती की जा रही हो .....
आप के ऐसे विचारोसे में आश्रय चकित हो चूका हु की कोई ऐसा भी सोच सकता है ....
dev b
17-08-2011, 01:52 AM
बढ़िया सूत्र है
सूत्र भ्रमण के लिए आप का धन्यवाद मित्र
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