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View Full Version : अन्तर्वासना कहानियों पर आपकी राय



rahul george
07-01-2011, 11:22 PM
गुरु जी,

कहानियाँ चाहे सच हों या काल्पनिक, वास्तव मे उत्तेजक और माधुर्यपूर्ण होती हैं ; आनन्दित करती हैं । परंतु, एक बात खटकती है कि यदा कदा अपनी या मित्र की माँ के साथ सेक्स की काल्पनिक कथाएँ हतप्रभ करती है और दुखित भी । माँ, हमारे देश के हर वर्ग में सम्मानित रूप में पूज्य समझी जाती रही है । मेरे पिता ईसाई भले हों लेकिन उन्होने हर माँ को देवी समान समझा और समझना सिखाया । इसीलिये, भारत की संस्कृति को देखते हुए अगम्यागम्य मे अन्य सभी रिश्ते स्वीकार्य हैं सिवाय माँ के । कृपया ध्यान दें । प्रकाशन पर बन्दिश लगाना या न लगाना आपका अधिकार है । ये तो मेरा निजी विचार है जो मैने लिखा ।

- राहुल जाँर्ज

gumnamm
12-01-2011, 11:28 AM
आप कैसी कहानी पसंद करते हैं
कहानियों में क्या कमी खटकती है
कहानियों में क्या अतिशियोक्ति होती हैं
कहानियाँ किस प्रकार से लिखी जाएँ कि वो गुणवत्ता में अच्छी हो जाएँ

आदि आदि विचार रखें

Abshake
13-01-2011, 10:17 PM
Hi rahul my id is ashutoshgupta.asllk17@gmail.com may bhi tum hari tarah maa ka sath sex ka kilaf ho.par kaya tumha lagta hai ki bhai bhan sex kar sakta hai? apni rai dana.

jaihind20
14-01-2011, 10:50 AM
http://img340.imageshack.us/img340/8926/usnkr4.gif

naveen chhatwal
14-01-2011, 01:09 PM
अन्तर्वासना कहानिय bahut hi achhi hai padtey hue vaket ka pata hi nahi calta

mr josef
14-01-2011, 06:33 PM
[COLOR="darkred"]नियामक से गुजारिश है…………की मुख्य प्रिष्ठ की कहानी को 2010 की कहानी से 2011 की आने वाली कहानी को अलग कर दे……………………पुरानी को गत वर्ष की शीर्षक मे डाल दे…………………धन्यबाद [/COLOR:salut::salut:

Sajan4u
21-01-2011, 10:58 PM
कुछ मनोरंजन हो जाये

कहानी बहुत अच्छी लगी ! काश हमें भी ऐसा मौका मिले .......... !

ak9415
31-01-2011, 02:39 AM
Story to mast rahati hai par boys write ki unka lund 3 inche mota hai i cannot beleive this ki kisi ladk ka lund 3 inche mota ho sakta hai . . . . . . . . .

Can u believe this . . . . . . . . . .

Nisha.Patel
01-02-2011, 01:14 PM
मैं तो कहती हूँ की अन्तर्वासना पर गे,लेस्बियन का एक अलग विभाग बनाया जाये
जब कहानी के अंत में कमेन्ट पोस्ट करने की सुविधा हो जिसके लिए भले ही हमें
लोगिन आएदि बनाना पड़े और रोज की २ओर ३ कहानिया पेस की जाये और महीने की
अची कहानी कोण सी हे वो घोषित किया जाये
दोस्तों मेरी राइ पर अपने विचार लिखयेगा

slimsima
03-02-2011, 02:49 PM
Story to mast rahati hai par boys write ki unka lund 3 inche mota hai i cannot beleive this ki kisi ladk ka lund 3 inche mota ho sakta hai . . . . . . . . .

aap sahi kah rahi hai

jai kumar
08-02-2011, 06:23 PM
main bhi aapki baath se shamat hun

aussiegal
09-02-2011, 04:54 PM
kripya bataen ki yeh antarvasna kahaniyan kahan padh sakti hoon - yahan forum kar alag alag columns hai par kahaniya nahihain

sanedo_21
15-02-2011, 02:09 PM
kripya bataen ki yeh antarvasna kahaniyan kahan padh sakti hoon - yahan forum kar alag alag columns hai par kahaniya nahihain

कृपया इस लिक पर क्लिक करे
http://www.antarvasna.com/index.html#latest

Shankar Aacharya
15-02-2011, 09:31 PM
मेरा नाम शंकर है | मै बंगलोर में जॉब करता हु, आज आपको मै अपनी पहली चुदाई की कहानी बता रहा हु | जब मै इंस्टिट्यूट में था, तो मेरे साथ एक लड़की पढ़ती थी | उसका नाम है निशा | बिलकुल मस्त माल है | उसकी उम्र १९ साल था जब मैंने उसे चोदा था |
तो चलिए आपको शुरू से कहानी बताये |
मै एनिमेशन का क्लास बंगलोर में ही ज्वाइन किया | वही मेरी मुलाकात निशा से हुई | एकदम मस्त लड़की थी | जब हमारा 3D मोडलिंग का क्लास स्टार्ट हुआ, तो सर ने हमें female मॉडल बनाने को दिया | मै लैब में बैठ कर मॉडल बना रहा था तभी निशा मेरे पास आई |
"शंकर, बहुत अच्छा बना रहे हो"
मैंने उसे देखा | वो मुस्कुराई |
"मेरी भी हेल्प कर दो ना, मुझे जयादा समझ नहीं आया"
"क्या प्रॉब्लम है"
"वो जरा...... तुम खुद चेक कर लो"
और वो शर्मा गयी | मैंने उसका फाइल देखा | उसने चूची नहीं बनाई थी |
" तुम्हे ये बनाने नहीं आता"
"नहीं"
"ओके ये फेस सेलेक्ट करो और extrude करो"
"ओके"
वो मुस्कुराई लकिन शर्मा भी रही थी | उसकी आखे लाल हो रही थी | उसको इसतरह देख मेरा लंड खड़ा हो गया | मुझे वो अच्छी लगने लगी |
"अगर जयादा प्रॉब्लम हो तो लैब के बाद मेरे रूम पर चलो वाहा डिटेल से बता दूंगा"
"ओके शंकर, तुम्हारे रूम पर ही चलते है "

क्लास के बाद हम दोनों रूम पर आ गए | उसकी आखे अभी भी लाल थी |
"चाय या काफी "
"आई लव यू "
"व्हाट........... " मै एकदम से बोला | " ये तुम क्या बोल रही हो"
उसने मुझे अपने बाहों में ले लिया | मेरे ओठो को चूसने लगी |
"मुझे पता है तुमने मुझे रूम पर क्यों बुलाया"
"ओके निशा"
मैंने उसके उपर के ओठो का रसपान करने लगा | वो भी मेरा साथ देने लगी | करीब १० मिनट तक हम एकदूसरे का ओठो का रसपान किये |
मैंने उसके चूची को दबाने लगा | वो मेरा लंड को पैंट के उपर से ही दबा रही थी | हमने एकदूसरे का कपडा निकल दिया | अब हम बिलकुल नंगे थे |
वो मेरा लंड अपने मुह में ले ली | मेरा लंड बिलकुल मस्त हो चूका था | लकिन बहुत जल्दी ही मै झड गया | मैंने सारा वीर्य उसके मुह में ही गिरा दिया |
"पहली बार है "
"हां "
"इसलिए इतनी जल्दी झड गए "
वो अपना बुर को चाटने बोली | मैंने उसके बुर को चाटना शुरू कर किया |
"आह बहुत मज़ा आ रहा है "
फिर से वो मेरा लंड चूसने लगी | मेर लंड फिर से खड़ा हो गया |
"मेरा भी पहला है , अब इसे मेरे बुर में डाल दो , मगर धीरे से"
"ओके dear"

मैंने अपना सुपारा उसके बुर में डाल दिया |
"धीरे से शंकर दर्द हो रहा है "
मैंने उसकी चूची को मुह में ले लिया और चूसने लगा | अपना लंड भी धीरे धीरे अंदर डाल रहा था | लकिन लंड जा नहीं रहा था | मैंने थोरा जोड़ लगा दिया |
"मर गयी............. जल्दी निकालो "
मैंने लंड निकला उसमे खून लगा था, मैंने खून को साफ़ किया |
"बहुत दर्द है ?"
"हां "
मैंने उसके ओठो को चूसने लगा , चूची को भी दबा रहा था | करीब १० मिनट बाद मैंने फिर से अपना लंड उसके बुर में डाला |
"अब किसा लग रहा है निशा "
"हल्का दर्द है पर मज़ा आ रहा है तुम डालो "
"ओके "
मैंने अपना लंड उसके बुर में उपर-निचे करने लगा | थोड़ी देर में वो भी साथ देने लगी | करीब २० मिनट तक चोदता रहा |
"निशा मेरा निकलने वाला है"
"बहार करना "
"ओके "
और मेरा सारा वीर्य उसके नाभि में गिरा दिया | कुछ देर तक हम ऐसे ही रहे उसके बाद फ्रेश हो कर निशा को उसके घर छोड़ दिया |
हम डेली क्लास के बाद सेक्स करते है आज मै कंपनी में जॉब करने लगा हु और निशा की शादी हो गयी |
shankar.aacharya@yahoo.in

abcl42
06-03-2011, 01:12 AM
I am a new member of this Forum though I have been reading stories for long time. I find the stories very entertaining and pleasurable. I can say that the stories which seem very near to the true, they give more pleasure, because the reader feels attached / him or her self in the story. I have real experience that sexual relationship has no binding. If circustances / situation arises, then body of recognises each others' need, no matter what is relation. It is true that restrictions of society are so strict that we can discuss these things openly. There is very old play in Hindu Mathlogy nqamed Bhakt Puranmal. In that play step mother of Puranmal wanted him ( Puranaml) to have sex with her. When Puranmal refused, she made allegation that Puranaml wanted to have sex with her, upon this allegation Puranaml was punished and his eyes were taken (he was blinded) on the order of his pwn father. So there are instances like this.

abcl42
11-03-2011, 06:06 PM
अभी अभी एक नयी कहानी "मस्त है ये सानिया भी" के दसो पार्ट पढ़े. कहानी बहुत अच्छी है , लेकिन सानिया का कसी ग्राहक के पास जाना और बाप और बेटे से एक साथ चुदना जरा गले नहीं उतरा. कहानी जब तक थोड़ी सच्चाई के पास रहेती है अच्छी लगती है. खैर कहानी के शुरू के पार्ट काफी अछे लगे, धन्यवाद

rakeshsingh
13-03-2011, 09:40 PM
'mast hai yaha saniya bhi' Kahani bhahut achhi lagi es kahani ki kadiyo ko our aage badaye

pooja
15-03-2011, 10:41 AM
अन्तर्वासना पर हाल ही में प्रकाशित हुई एक कहानी में गलती है जिसकी तरफ मै ध्यान आकर्षित करना चाहूंगी, इस कहानी के प्रथम भाग में लेखक ने लिखा है की वो अभी बत्तीस वर्ष का है और जब ये घटना उसके साथ हुई तब वो उन्नीस वर्ष के थे, यानि ये कहानी करीब तेरह साल पुरानी है, अब कहानी के द्वितीय भाग में इन्होने लिखा है की अँधेरे में इन्होने अपने मोबाइल की लाईट जला कर उसकी रौशनी में देखा, तेरह साल पहले मोबाइल???

NITIN_GHC
15-03-2011, 08:42 PM
KAHANI NO.1615 KA PDF FOMET DOWNLOAD KARNE PER ERROR AA RAHI HAI

pyasa43
15-03-2011, 10:09 PM
LUND KA DIA MEETER JAB TAPE SE NAPO GE TO 3 INCH PAO GE.

pyasa43
16-03-2011, 09:32 PM
अन्तर्वासना पर हाल ही में प्रकाशित हुई एक कहानी में गलती है जिसकी तरफ मै ध्यान आकर्षित करना चाहूंगी, इस कहानी के प्रथम भाग में लेखक ने लिखा है की वो अभी बत्तीस वर्ष का है और जब ये घटना उसके साथ हुई तब वो उन्नीस वर्ष के थे, यानि ये कहानी करीब तेरह साल पुरानी है, अब कहानी के द्वितीय भाग में इन्होने लिखा है की अँधेरे में इन्होने अपने मोबाइल की लाईट जला कर उसकी रौशनी में देखा, तेरह साल पहले मोबाइल???
आप ने सही पकड़ा है

abcl42
16-03-2011, 10:43 PM
जब कहानी में कोई ऐसी गलती नज़र आती है तो लगता है की सब कुछ झूठ है मैं पहले भी लिख चूका हूँ की जब तक कहानी सच के करीब दिखती है तो अछि लगती है वर्ना तो अधि कहानी पढ़ कर बीच में छोड़ना पड़ता है

abcl42
26-03-2011, 08:45 PM
दोस्तों, पहले भी एक बार मैंने ये बात लिखी थी कि कहानी सच के करीब होती है, तो अच्छी लगती है . कहानी "तीसरा कौन" पढ़ी, उसके अंत में सबसे आखिर में जो कहानी का अंत है वो सरासर गलत लगता है. जब दरवाजे पर पापा आये और ये सारा प्लान उन्ही का किया था क्योंकि वे मम्मी को यौन सुख देने में असमर्थ थे ये बात गलत है, अगर पापा ने मम्मी को चोदा न होता तो बेटा कहाँ से पैदा होता. पापा प्लान करे कि मम्मी को बेटा और बाप दोनों चोद लें ये बात गलत लगती है. खैर कहानी मजे दार थी, थैंक यू

Anand.bahadurgarh
30-03-2011, 10:13 AM
मैं अन्तर्वासना पर रोज कहानी पढता हु पर कुछ कहानिया तो दिल को छु जाती है मैं गुरूजी से अनुरोध करता हु की दिन मैं कम से कम ५ से १० कहानी भेजा करे ताकि आराम से एक दो घंटा पढ़ सके

Rated R
30-03-2011, 01:23 PM
मैं अन्तर्वासना पर रोज कहानी पढता हु पर कुछ कहानिया तो दिल को छु जाती है मैं गुरूजी से अनुरोध करता हु की दिन मैं कम से कम ५ से १० कहानी भेजा करे ताकि आराम से एक दो घंटा पढ़ सके
कहानियां वो ( गुरूजी ) नहीं लिखते है , हमारे जैसे कुछ सदस्य ही भेजते है.....
आपको कहानियां पढनी है तो २०१० से पहले की कहानियां पढ़ लीजिये....एक-दो घंटे क्या पूरा दिन बीत जायेगा....

Reena650
05-04-2011, 02:07 PM
Kahani me to bahut maza aaya

punjaban rajji kaur
07-04-2011, 07:37 AM
ati uttam h ji kahaniyan .. par kuch log fijul me kahani ko apni sacchi life story batane ki koshish karte hain

un par badi Hassi aati h

mann00
09-04-2011, 10:37 AM
बहुत मजा आता है कहानियाँ पडने में...

underground
09-04-2011, 10:44 AM
Kahani me to bahut maza aayaye nahi kahti ki padte padte muth marne me maaja ata hai hahahahahaha

slimsima
02-05-2011, 03:41 PM
''एक गाँव की अद्भुत कहानी ''धन्य हो लिखने वाला कितनी घटिया कहानी हे लगता हे अन्तर्वासना पर कहानियों का अकाल पड़ गया हे

slimsima
02-05-2011, 07:33 PM
''एक गाँव की अद्भुत कहानी ''धन्य हो लिखने वाला कितनी घटिया कहानी हे लगता हे अन्तर्वासना पर कहानियों का अकाल पड़ गया हे
मुझेमेरी इस प्रविष्ठी पर नेगेटिव रेपुटेशन देने वाले मित्र इस सूत्र पर सभी अपनी राय रख सकते हे काहे वो अच्छी हो या बुरी इसमें छिधने वाली क्या बात हे और में प्रेम्गुरु नहीं हु उनकी केवल एक प्रशंसिका हु आपको क्या लगता हे में परम गुरु हु जो इस आई .दी से प्रविष्ठी दे रही हु अपने विछारों में परिवर्तन लाओ मित्र आखिर आप हे कौन जिसे प्रेम गुरु से चिद हे और मेरा उनकी प्रशंसा करना आपको नहीं भाता आप अपना नाम बताइये न अगर आपको मेरी कोई प्रविष्ठी अच्छी नहीं लगी तो आप मुझसे कंहे पर ये क्या बात हुई की अच्छे को अच्छा न कहो एक बात तो आपसे सपष्ट कर दू की में अन्तर्वासना पर किसी रेपुटेशन के लिएनहीं आती मै मै बस अपनी तरफ से फोरम पर रचनात्मक काम करना चाहती हु अगर आप मुझे और नेगेटिव रेपुटेशन देना चांहे तो आपका तहे दिल से स्वागत हे मित्र

abcl42
24-05-2011, 06:07 PM
सोनिया जैन जी आपका जो नंदोई का अनुभव है बिलकुल सच और मेरे साथ जो हुआ वैसा ही लग रहा है.
मेरा अनुभव
मेरे साले की बीवी मेरे घर एक महीने के लिए आई थी मई उसका सबसे बड़ा नंदोई / जीजा. घर पर उसकी नन्द यानि मेरी बीवी की तबियत ठीक नहीं थी इसिलिय हेल्प के लिए मेरी सासू माँ ने भेज दिया था. एक दिन मेरी बीवी तबियत इतनी बिगड़ गई की उसे अस्पताल में भरती करना पड़ा, मुझसे मेरी साले की बीवी उम्र में लगभग दस बारह साल छोटी है और मेरा साला काफी मजबूत है सो मैंने कभी उसकी ओर बुरी नजर से देखा तक नहीं था. बड़ी सेवा मेरे बच्चों की करती थी.
बस जिस दिन मेरी बीवी भरती हुई उस दिन रात को मेरे कमरे में आकर बोली जीजा जी आप थके होंगे मैं आपके पैर दबा दूँ , मैं हैरान रह गया, मेरे यहाँ औरते दुसरे मर्दों के पैर नहीं दबाती हैं.
मैंने कहा नहीं ठीक है तुम भी थकी हो अब सो जाओ , मेरे से उम्र में लगभग १० - १२ साल छोटी ये औरत मुझ पर मर मिटेगी मुझे क्या पता था.

abcl42
24-05-2011, 06:08 PM
मैं ४० वर्ष का तगड़ा आदमी था और वो लगभग २८ साल की . मेरी बात न मानते हुए मेरे bed बेड पर बैठ गयी और मेरे पैरों की ओर हाथ बदने लगी बोली जीजा शर्माने की जरुरत नहीं हाँ तो आपकी ओर अपनी नन्द की सेवा के लिए ही आये हैं, मैं चुप रहा, धीरे धीरे पैर दबा रही थी आगे बदने ही हिम्मत शायद नहीं पड़ रही थी, मैंने कहा जरा जोर से दबाओ ओर अब जब आ ही गयी हो तो थोडा ऊपर की जांघ भी दबाओ लगभग १५ मिनट तक मैं चुचाप रहा ओर वो पैर दबाती रही मैं सोच नहीं पा रहा था की खड़े होते लंड की भूख मिटा दूँ या फिर ये गलत होगा तब तक वो बोली जीजा जी क्या सोच रहे हो बड़े चुप हो क्या दीदी की याद आ रही है, मैंने कहा हाँ. वो बोली जीजा जी मैं आपके पास हूँ आप कोई चिंता मत करें मुझे तो आप हर तरह से सेवा करने को कह सकते है आप तो मेरे नंदोई है नन्द के पति, मेरे पति की बहेन आपके पास है, मैं तो उसकी बीवी हूँ मैं तो आपकी सेवा के लिए ही इस घर में आई हूँ , मैंने कहा "सच", वो चुप रही मैंने फिर कहा "सच:.

abcl42
24-05-2011, 06:09 PM
मैंने कहा अब बस करो , अपनी साड़ी ओर blouse खोल दो तुम्हारी ननद साडी blouse खोल कर मेरे पैर दबाती है, उसने कह जीजा जी मैं तो ब्रा नहीं पहने हूँ फिर blouse कैसे निकालू मैंने कहा लाइट ऑफ कर दो ओर सारे कपडे निकल कर मेरे पास आ जाओ. बोली नहीं जीजा जी ऐसे नहीं ठीक है, मैंने कहा फिर कैसे ठीक है, मेरे कपडे उतारने को छोड़ कर बाकी सब ठीक है , मैंने कहा अच्छा, चलो जरा मेरे लंड को सहलाओ मेरा पैजामा का नाडा खोलो, वो चुप चाप मेरा नाडा खोलने लगी ओर धीरे से मेरा लंड अपनी मुठी में ले लिया फिर मैंने कहा जरा चूम लो वो बोली नहीं ऐसे ही ठीक है थोड़ी देर मनौवर के बाद उसने चूमना भी शुरू किया, अब मैं तो बहुत गरम हो गया था, मैंने खुद उसका blouse खोला, साड़ी ओर पेटीकोट उतार दिया, उस दिन मुझे मेरे साले की बीवी की चूत चोदने को मिली, रात भर में मैंने उसे तीन बार चोदा, बड़ी हिम्मतवाली थी मेरे साले की बीवी, सबेरे ठीक ६ बजे उठ गयी मेरे दोनों बच्चों को नाश्ता बनाया स्कूल के लिए तैयार किया बैग तैयार किया और स्कूल की बस तक छोड़ने गयी मैं चादर ओढे अपने कमरे में सोता रहा. ठीक ८ बजे मैं उठा, मेरे लिए बाथ रूम में पानी गरम था तौलिया वगेरा रखा था, मैं तैयार हो कर अस्पताल गया, डॉक्टर ने कहा एक दिन और observation में रकना होगा, मैं घर आया मेरा नाश्ता तैयार था, लंच पैक था, मैं ने नाश्ता किया और लंच बॉक्स ले कर ऑफिस की ओर निकलने को तैयार हो गया, इस बीच कोई बात नहीं हुई, मैंने चलते चलते पुचा की आप सोई कब थी, वो मुस्करा दी. बोली " मै तो सेवा के लिए ही आई हूँ सोने के लिए नहीं आई हूँ " खैर मैं चुप रहा और फिर धीरे से बोली जीजा जी आज जरा जल्दी घर आ जाना, मैं बोला, “ क्यूँ “, बस यूँ ही थोडा घर पर आप होंगे तो बच्चो को अच्छा लगेगा, मैं ओके कह कर चल पड़ा.

abcl42
24-05-2011, 06:11 PM
मैंने उस दिन ऑफिस का काम जल्दी किया और ठीक ३ बजे घर पर फोन किया, पूछा बच्चे क्या कर रहे हैं, वो बोली स्कूल से आकर खाना खा कर सो गए हैं, मैंने कहा मैं आ रहा हूँ तुम जरा चाय बनाओ, मनो वो खुसी के मारे उछल पड़ी हो बोली क्या आप सचमुच इतनी जल्दी आ रहे हैं . मैंने कहा हां. फिर मैं १० मिनट में घर पंहुच गया, चाय तैयार थी , अपने कमरे में चाय पी, मेरे बिना कुछ कहे मेरे पास आ कर बैठ गयी बोली जीजा मैं आपके जूते खोल दूँ, मैंने कहा नहीं, मैंने अपने जूते खोले शर्ट निकली, पैंट utari, वो बोली मैं क्या bahar jaaun, मैंने कहा नहीं तुम यहीं रहो, वो चुपचाप मुझे देखती रही, बोली अब आप क्या आराम करेंगे मैंने कहा हाँ, फिर मैंने कहा अब जा कर देखो बच्चे क्या सो रहे हैं वो बोली बच्चे अभी अभी सोये है ५ बजे उठेंगे अभी तो तीन ही बजे हैं मैंने कहा ठीक है कमरे में अँधेरा कर दो और मेरे पास आ जाओ, थोड़ी देर पैर दबाने के बाद मैंने फिर उसे सोने को कहा, मैंने उसे अपने पास ही लिटा लिया, भला ये मौका कैसे छोड़ता, पुरे दो घंटे में में फिर जबरदस्त चुदाई का दौर चला, शायद वो थक गयी थी, मैंने उसे घोड़ी बना कर काफी अंदर तक डाल कर चोदा था, जादा लम्बा कार्यक्रम हो गया था, ठीक ५ बजे वो कमरे से बाहेर गयी, बच्चे सो ही रहे थे उसने उन्हें जगाया, होम वर्क करवाया, मिल्क दिया शाम की तयारी की, मैंने कहा आज मम्मी से मिलने चलेंगे हम सब अस्पताल गए लगभग दो घंटे वहां रहे ८ बजे निकले बच्चे बोले पापा आज मामी के साथ होटल में खाना खायेंगे, मेरे साले की बीवी ने मन कर दिया की आज नहीं जब मम्मी आ जाएगी तब बाहेर खाना खायेगे, फिर चाट कहने का प्रोग्राम बना वापिस घर आते आते १० बज गए, बच्चों को जल्दी सोना था जल्दी वाला खाना बना सबने खाया और सोने का इंतजाम हो गया. बच्चो के सामने उसकी मामी का बिस्तर बच्चो के कमरे में लगता था, लगभग ११.३० बजे मेरे कमरे में का दरवाजा खुला और मेरी सलहज ( साले की बीवी ) मेरे कमरे में दाखिल हुई,

abcl42
24-05-2011, 06:12 PM
मेरे बिना कहे ही पैर दबाने शुरू कर दिए मुझे अच्छा भी लगता था की कोई पैर दबा रहा है, मैंने कहा आज मै तुम्हे जरा आराम देना चाहता हूँ , वो बोली बिलकुल नहीं मै आपको आराम दूंगी. मै नहीं माना, मै उसे ले कर बाथ रूम गया , उसे नंगा किया उसके बाल जरा जादा थे मैंने उसकी सविंग की खूब अच्छी तरह से साफ़ होने पर बहुत अच्छी थी उसकी चूत, जादा चुदी नहीं थी, बच्चे अभी नहीं हुए थे. बहुत अच्छी cream लगायी, फिर खूब अच्छी तरह से उसकी चुसी की, दोस्तों उसे मैंने जीवन का आनंद दिया, ये बात उसने खुद मुझे बतायी की इतना अच्छा कभी नहीं लगा , लगभग दो या तीन बार वो इस्खालित हो गयी अब वो खुल कर कह रही थी की अन्दर डाल दीजिये मैं अपना मुंह नहीं हटा रहा था. लगभग आधे घंटे से जादा चुसी के बाद वो पूरी तरह थक चुकी थी, फिर आगे की चुदाई का हाल मैं क्या लिखू , लेकिन मैंने उसे लगभग दो बजे उसके कमरे में भेज दिया अगले दिन मेरी पत्नी घर आ गयी थी, उसकी अनुपस्थिति में घर बिलकुल ठीक रहा बच्चे अपनी मामी से खूब खुश थे इस प्रकार मेरी साले की बीवी अपने सबसे बड़े नंदोई से ख़ुशी ख़ुशी चुदी और बड़ी सेवा भी की. आपको जानकारी दे दूँ मेरा साला एक MNC में अफसर है और उसकी बीवी M Sc होम सांइस है आज कल एक अछे स्कूल में टीचर है

abcl42
24-05-2011, 06:24 PM
mera anubhav jara jada lamba ho gaya hai maaf karna -- abcl

Triple-S HARYANVI
27-05-2011, 12:52 PM
मैं अन्तर्वासना पर रोज कहानी पढता हु पर कुछ कहानिया तो दिल को छु जाती है मैं गुरूजी से अनुरोध करता हु की दिन मैं कम से कम ५ से १० कहानी भेजा करे ताकि आराम से एक दो घंटा पढ़ सके

मैं भी यही चाहूँगा

iamsuraj
03-06-2011, 12:53 PM
sabhi kahaniya badi mehnat se likhi jaati, or acchi hoti hai. mujhe bhai-bahen or baap- beti ki story pasand hai,khastorr per jisme baap apni beti ki or bhai apno behan ko chodne ke saath hi unki gaand bhi maare.

antarang
04-06-2011, 12:52 AM
muje antarvasna k jyadatar kahniya jhoothi lagti hai. sachhi kam aur mirch masal jyada lagta hai kahaniyo me

Triple-S HARYANVI
04-06-2011, 05:37 PM
मेरे हिसाब से अन्तर्वासना पर अब झूटी कहानी ही आती है खुद लिखने वाले को ही नहीं पता की वो क्या लिख रहा है जैसे की अभी सुनील कश्यप जी ने एक कहानी पोस्ट करी "प्यासी की प्यास बुझाई" उसमे पहले भाग में तो लड़की स्टेशन पर चुरीदार में थी और दुसरे भाग में जब घर पहुँच कर दरवाजा बंद करते ही चुदाई सुरु हुई तो लड़के ने उसके पेटीकोट और blause उतरने सुरु कर दिए! इससे कहानी की सच्चाई का पता लगता है

सुनील कश्यप जी इसे स्पस्ट करने का kast करे और कोई गलती हो तो माफ़ी

marwariladka
04-06-2011, 05:38 PM
हा हा हा..सच्ची पकड़ा मित्र...
मेरे हिसाब से अन्तर्वासना पर अब झूटी कहानी ही आती है खुद लिखने वाले को ही नहीं पता की वो क्या लिख रहा है जैसे की अभी सुनील कश्यप जी ने एक कहानी पोस्ट करी "प्यासी की प्यास बुझाई" उसमे पहले भाग में तो लड़की स्टेशन पर चुरीदार में थी और दुसरे भाग में जब घर पहुँच कर दरवाजा बंद करते ही चुदाई सुरु हुई तो लड़के ने उसके पेटीकोट और blause उतरने सुरु कर दिए! इससे कहानी की सच्चाई का पता लगता है

सुनील कश्यप जी इसे स्पस्ट करने का kast करे और कोई गलती हो तो माफ़ी

oromaster
06-06-2011, 01:07 AM
धन्यवाद बहुत अच्छा

Shankar Aacharya
10-06-2011, 10:56 PM
http://www.antarvasna.com/stories/pdf/0453_dosti_pahla-yon-sambandh-nishu-sang.pdf

meri kahani pade

antarang
12-06-2011, 02:35 PM
मुझे अन्तर्वासना की ज्यादातर कहानिया काल्पनिक ह लगती है. कुछ काल्पनिक कहानिया ही मजेदार होती है. और कुछ से तो म्प्प्द ही ऑफ हो जाता है .

sumii24
15-06-2011, 04:20 PM
नस्मश्कर मित्रो में लघभग ४ सालो से अंतरवासना पर कहानिया पद रहा हूँ मेरी समझ में सभी लोगो अपनी तरफ से बहुत अच्छा प्रयास करते हे हा कुछ गलतिय हो जाती हे पर सबका प्रयास सराहनीय हे

raj_mastana
17-06-2011, 01:34 AM
इस कहानियो मे बिलकुल काल्पनिक होती है। ये सब जानते है । ओर फिर भी पढ़ते है क्योकि ये दिमाग को तरोताजा रखती है।

marwariladka
17-06-2011, 09:00 AM
अन्तर्वासना मंच पर आपका स्वागत है मित्र...
आपके लिए एक बात कहना चाहूँगा..आपकी प्रविष्टी की संख्या निर्धारित quota से अधिक हो चुकी है...अब आप कृपया हिंदी में लिखना शुरू करें..और फोरम में अपना योगदान बनाये रखें..
your stories is good but the oral sex is less.i can say that the story should be such that a women and men get excitted she or he when he reads her hand should be on ball or on chut and men hands should be on lund, You should start step by step first make the women hot by oral sex,take out cloth one by one by some statment , then slowly go for fuck, your today story was good but the forplay was missing.

rocky1186
20-07-2011, 04:10 PM
कहानियाँ काल्पनिक ही सही पर मजा तो देती है।
कुछ कहानियों मे अतिशयोक्ति होती ही है पर वो लेखक के ज्यादा प्रभाव डालने की मंशा का दुष्परिणाम होता है। लेखक कृपया इसे समझे। वैसे कुछ लाइनों के बाद ज़्यादातर कहानियाँ एक जैसी ही हो जाती हैं। कई तो कहाँ की कहाँ भटक जाती हैं वो मजा खराब करती हैं।

:tiranga:
एक बात बताइये जरा ...

क्या आप अपनी माँ बहन चोदते हैं...???
सच बताइये कितने ऐसे मादरचोद और बहनचोद हैं। या बनना चाहते हैं।
जरा सोचिए ...
:tiranga:
मैं समझता हूँ कि, आप मे से ज़्यादातर लोग अपनी माँ या बहन के साथ संभोग करना तो दूर सोचना भी नहीं चाहते है। तो फिर ऐसी कहानियाँ क्यूँ पढ़ें या लिखें !!! :BangHead:

मेरा आप सभी से और नियामक जी से विनम्र अनुरोध है की अगम्यागम्य के अंतर्गत दी गई कथाओं मे इसे निरुत्साहित करें, क्यूंकी इनमे ज़्यादातर कहानियां झूठी ही होती है। इस तरह की कहानिया भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं और घर परिवार मे अनैतिक माहौल को बढ़ावा देती हैं। :bell:


छोटी उम्र के लड़के इन्हे पढ़ कर सच मान लेते है और अपना घर बर्बाद कर देते है। यह फोरम और कहानियाँ सेक्स की तृप्ति के लिए हैं न की घर तबाह करने के लिए। कोशिश करो चोदने को बाहर बहुत तैयार मिलेंगी।

rocky1186
20-07-2011, 04:23 PM
गुरु जी,

कहानियाँ चाहे सच हों या काल्पनिक, वास्तव मे उत्तेजक और माधुर्यपूर्ण होती हैं ; आनन्दित करती हैं । परंतु, एक बात खटकती है कि यदा कदा अपनी या मित्र की माँ के साथ सेक्स की काल्पनिक कथाएँ हतप्रभ करती है और दुखित भी । माँ, हमारे देश के हर वर्ग में सम्मानित रूप में पूज्य समझी जाती रही है । मेरे पिता ईसाई भले हों लेकिन उन्होने हर माँ को देवी समान समझा और समझना सिखाया । इसीलिये, भारत की संस्कृति को देखते हुए अगम्यागम्य मे अन्य सभी रिश्ते स्वीकार्य हैं सिवाय माँ के । कृपया ध्यान दें । प्रकाशन पर बन्दिश लगाना या न लगाना आपका अधिकार है । ये तो मेरा निजी विचार है जो मैने लिखा ।

- राहुल जाँर्ज:salut::clap::salut::clap:

भाई राहुल ...

मैं आपकी विचार धारा से शत प्रतिशत सहमत हूँ। साथ ही जोड़ना चाहता हूँ की माँ के साथ साथ बहन भी उतनी की आदरणीय है भारतीय परिवेश मे। चाहे वो हिन्दू हो, ईसाई ही सिख हो या मुसलमान हो या फिर कोई भी भारतीय धर्म या संप्रदाय का हो, सभी मे माँ बहनो का आदर है और इसी से भारतीय परिवार का पूरे विश्व मे मान है। आपके अनुरोध को गुरुजी या जो भी नियामक है कृपया अपने दिल पर हाथ रख कर सोचे, विचार करें और अगम्यागम्य मे माँ और बहन को उचित आदर दे। मैं उनका सदा आभारी रहूँगा।

abcl42
20-07-2011, 07:54 PM
:salut::clap::salut::clap:

भाई राहुल ...

मैं आपकी विचार धारा से शत प्रतिशत सहमत हूँ। साथ ही जोड़ना चाहता हूँ की माँ के साथ साथ बहन भी उतनी की आदरणीय है भारतीय परिवेश मे। चाहे वो हिन्दू हो, ईसाई ही सिख हो या मुसलमान हो या फिर कोई भी भारतीय धर्म या संप्रदाय का हो, सभी मे माँ बहनो का आदर है और इसी से भारतीय परिवार का पूरे विश्व मे मान है। आपके अनुरोध को गुरुजी या जो भी नियामक है कृपया अपने दिल पर हाथ रख कर सोचे, विचार करें और अगम्यागम्य मे माँ और बहन को उचित आदर दे। मैं उनका सदा आभारी रहूँगा।
मैं राहुल जार्ज और राकी 1186 जी के साथ हूँ , यद्यपि मैं भी ये अगम्यगाम्य कहानिया पढता हूँ और कुछ हद तक विश्वास भी कर लेता हूँ लेकिन अगर कोई छोटी उम्र का बछा इन कहानियों को पढ़ेगा तो उसका नजरिया बहनों के प्रति बदल सकता है , माँ के साथ सेक्स की बात तो कल्पना से भी परे है/ धन्यवाद

guruji
27-07-2011, 03:24 PM
पाठकों की मांग पर अन्तर्वासना के नियमों में सुधार करते हुए एक नया नियम जोड़ा गया है।
कहानी माँ-बेटा, पिता-पुत्री के सम्बन्धों पर आधारित नहीं होना चाहिए।(यह नियम अगस्त, 2011 से लागू किया गया है)

guruji
27-07-2011, 03:24 PM
एक अन्य सुधार भी जल्द लागू करने का प्रयत्न जारी है।

loverboy.10
28-07-2011, 12:51 AM
कहानी माँ-बेटा, पिता-पुत्री के सम्बन्धों पर आधारित नहीं होना चाहिए।(यह नियम अगस्त, 2011 से लागू किया गया है) मैं इस नियम का जोरदार स्वागात करता हूँ |

Ranveer
28-07-2011, 10:46 AM
पाठकों की मांग पर अन्तर्वासना के नियमों में सुधार करते हुए एक नया नियम जोड़ा गया है।
कहानी माँ-बेटा, पिता-पुत्री के सम्बन्धों पर आधारित नहीं होना चाहिए।(यह नियम अगस्त, 2011 से लागू किया गया है)


हार्दिक धन्यवाद
चलिए, कम ही सही पर कुछ तो इंसानियत दिखलाई गयी |

aawara
28-07-2011, 07:17 PM
जिन सभी सम्मानित सदस्यों का ये प्रयास है उन सभी को धन्यवाद .....................:salut::speaker:

r prasad
30-07-2011, 06:42 PM
नया नियम स्वागत योग्य है .....

guruji
30-07-2011, 07:37 PM
इस सूत्र में शायद एक दिन पहले दो प्रविष्टियाँ नए नियम के विरोध में थी?
या शायद मैंने इस सूत्र में देखा होगा?
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=7575

you4love
02-08-2011, 12:11 PM
hi
i love this site very much and have read all the stories.

fail to understand y the stores of maa beta, baap beti extra as now banned on this site from this august.

this site means to share true and may some time imagination stories but the motive is to share feeling with all the members.

i request you to amend this and allow users to summit all incest stories also.

thanks and regards.

simplegirl
05-08-2011, 11:30 AM
आजकल एक नयी बात देखने में आ रही है की अन्तर्वासना कहानीयों के अंत में एक लिंक दिया जाता है जो दिल्ली सेक्स चैट जैसी किसी साईट का होता है और शायद वो लिंक विज्ञापन की श्रेणी में आता है . तो क्या वो कहानियां केवल सदस्यों को उस लिंक पर क्लिक करने के लिए लिखी जा रही हैं ? या फिर सदस्यों द्वारा भेजी गई कहानीयों के अंत में प्रबंधन द्वारा खुद लिंक डाला जा रहा है ? क्या ये कुछ गलत नहीं लगता ? सदस्य केवल असली और दूसरे सदस्यों द्वारा लिखी गई कहानियां पढ़ना चाहते हैं लेकिन यहाँ ऐसा लग रहा है की केवल उस लिंक पर क्लिक करवाने के लिए ही खास तौर से कहानियां लिखी जा रही हैं .
कृपया गुरु जी स्थिति स्पष्ट करें .

punjaban rajji kaur
05-08-2011, 11:33 AM
फ्री में भी सब कुछ अपनी शर्तों पर तो नहीं मिला करता न. विज्ञापन है,. पर क्लिक करना न करना तो अपनी मर्ज़ी है.
आजकल एक नयी बात देखने में आ रही है की अन्तर्वासना कहानीयों के अंत में एक लिंक दिया जाता है जो दिल्ली सेक्स चैट जैसी किसी साईट का होता है और शायद वो लिंक विज्ञापन की श्रेणी में आता है . तो क्या वो कहानियां केवल सदस्यों को उस लिंक पर क्लिक करने के लिए लिखी जा रही हैं ? या फिर सदस्यों द्वारा भेजी गई कहानीयों के अंत में प्रबंधन द्वारा खुद लिंक डाला जा रहा है ? क्या ये कुछ गलत नहीं लगता ? सदस्य केवल असली और दूसरे सदस्यों द्वारा लिखी गई कहानियां पढ़ना चाहते हैं लेकिन यहाँ ऐसा लग रहा है की केवल उस लिंक पर क्लिक करवाने के लिए ही खास तौर से कहानियां लिखी जा रही हैं .
कृपया गुरु जी स्थिति स्पष्ट करें .

punjaban rajji kaur
05-08-2011, 11:33 AM
ये मत बोलना की गुरु जी को पुछा था. गुरु जी के पास समय होगा तो वो भी जवाब दे देंगे. गुस्सा मत होना कोई भी प्लीज़.

narenmons
05-08-2011, 11:39 AM
stiroes me agar samvad achche ho to kahaani behtar lagti hai


आप कैसी कहानी पसंद करते हैं
कहानियों में क्या कमी खटकती है
कहानियों में क्या अतिशियोक्ति होती हैं
कहानियाँ किस प्रकार से लिखी जाएँ कि वो गुणवत्ता में अच्छी हो जाएँ

आदि आदि विचार रखें

ckp
05-08-2011, 03:12 PM
mast kahaniya hai padhkar maza aata hai dhanyawad

narayan64rella
07-08-2011, 08:22 PM
काश हमें भी मौका मिले, कहानियों के अनुसार तो पहले बाते फिर मौका

guruji
08-08-2011, 08:42 PM
जी हां वे कहानियाँ विज्ञापन के रूप में लिखी गई हैं।

आजकल एक नयी बात देखने में आ रही है की अन्तर्वासना कहानीयों के अंत में एक लिंक दिया जाता है जो दिल्ली सेक्स चैट जैसी किसी साईट का होता है और शायद वो लिंक विज्ञापन की श्रेणी में आता है . तो क्या वो कहानियां केवल सदस्यों को उस लिंक पर क्लिक करने के लिए लिखी जा रही हैं ? या फिर सदस्यों द्वारा भेजी गई कहानीयों के अंत में प्रबंधन द्वारा खुद लिंक डाला जा रहा है ? क्या ये कुछ गलत नहीं लगता ? सदस्य केवल असली और दूसरे सदस्यों द्वारा लिखी गई कहानियां पढ़ना चाहते हैं लेकिन यहाँ ऐसा लग रहा है की केवल उस लिंक पर क्लिक करवाने के लिए ही खास तौर से कहानियां लिखी जा रही हैं .
कृपया गुरु जी स्थिति स्पष्ट करें .

prem8886
26-08-2011, 02:37 AM
Lund ke diameeter ko jab inchtape se napo ge to eska size 1.5 inch se 3 inch tak hota hai jaisa ki mera kud ka lund 3 inch mota and 7.2 inch lamba hai agar aap chaho ta mein snap dikha sakta hun

prem8886
26-08-2011, 02:39 AM
Story to mast rahati hai par boys write ki unka lund 3 inche mota hai i cannot beleive this ki kisi ladk ka lund 3 inche mota ho sakta hai . . . . . . . . .

Can u believe this . . . . . . . . . .

Lund ke diameeter ko jab inchtape se napo ge to eska size 1.5 inch se 3 inch tak hota hai jaisa ki mera kud ka lund 3 inch mota and 7.2 inch lamba hai agar aap chaho ta mein snap dikha sakta hun

arjun32
27-08-2011, 10:35 PM
आप कैसी कहानी पसंद करते हैं
कहानियों में क्या कमी खटकती है
कहानियों में क्या अतिशियोक्ति होती हैं
कहानियाँ किस प्रकार से लिखी जाएँ कि वो गुणवत्ता में अच्छी हो जाएँ

आदि आदि विचार रखें
इस लिंक पर मेरी कहानी पढ़ें और कृपया अपनी राय दें.
http://www.antarvasna.com/stories/49%20bas%20ek%20baar.pdf

komal sharma
28-08-2011, 02:24 PM
अन्तर्वासना पर ज्यादातर कहानिया बेकार और बेहूदा किस्म की है सारी कहानियो की बात नहीं कर रही हु कुछ अच्छी भी है और कुछ बहौत अच्छी है जैसे एक कहानी का नाम बताती हु आपको इसमे क्वालटी भी है सस्पंस भी है और भाव भी अच्छे है(प्रगति का अतीत १.२.३.४.५ भाग में बहौत अच्छी और प्यारी मस्त कर देने वाली कहानी है इस साईट की सबसे अच्छे कहानी कहे तो गलत नहीं होगा ) इस साईट पर ऐसी कहानियो को ही स्थान मिलना चाहिए :clap::clap::salut::salut:

arjun32
28-08-2011, 03:46 PM
मैं २००५ से अन्तर्वासना की कहानियों को पढ़ रहा हूँ... कहानियां भले ही काल्पनिक हो पर सच्चाई के करीब लगे तो मज़ा आता है. कुछ कहानियां तो बहुत ही अच्छी होती है पर इसके साथ कुछ घटिया कहानियां भी आ जाती है. माँ- बेटा और पिता- पुत्री की कहानियों को बंद करना स्वागत योग्य है. भाई- बहन के संबंधों वाली कहानियों को भी बंद कर देना चाहिए.

sandesh chavan
02-09-2011, 07:26 PM
antarwasna ke tahat di gayee kuch kahaniya manghadan lagti, par kuch jo ahista se kramwar likkhi gayi hai wah padhane me maja aata hai. parantu aap ki ek kahani mujhe bahot real lagati hai jis ka shirsh hai ghar mein bahan ka nangnawat se parichay, bhale hi kahani thodi slow hai par padhate samay kuch jeeweet lagti hai

guruji
02-09-2011, 09:10 PM
कोमल जी
मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि आप एक कहानी अन्तर्वासना के लिए लिखें !

अन्तर्वासना पर ज्यादातर कहानिया बेकार और बेहूदा किस्म की है सारी कहानियो की बात नहीं कर रही हु कुछ अच्छी भी है और कुछ बहौत अच्छी है जैसे एक कहानी का नाम बताती हु आपको इसमे क्वालटी भी है सस्पंस भी है और भाव भी अच्छे है(प्रगति का अतीत १.२.३.४.५ भाग में बहौत अच्छी और प्यारी मस्त कर देने वाली कहानी है इस साईट की सबसे अच्छे कहानी कहे तो गलत नहीं होगा ) इस साईट पर ऐसी कहानियो को ही स्थान मिलना चाहिए :clap::clap::salut::salut:

loverboy.10
02-09-2011, 10:57 PM
भाई बहन का नग्नवाद से परिचय बहुत ही बढ़िया है ! उत्तेजना से परिपूर्ण ! उत्तेजना से परिपूर्ण ! उत्तेजना से परिपूर्ण !

shikha_rawat
06-09-2011, 11:20 AM
Kahani me to bahut maza aaya

Devil khan
09-09-2011, 01:05 PM
सुंदर प्रस्तुति है,
धन्यवाद

abcl42
11-09-2011, 01:33 PM
भाई बहन का नग्नवाद से परिचय बहुत ही बढ़िया है ! उत्तेजना से परिपूर्ण ! उत्तेजना से परिपूर्ण ! उत्तेजना से परिपूर्ण !

सचमुच ये कहानी बहुत अच्छी है उत्तेजना से भरपूर है, इतने भाग हो गए हैं इस कहानी के मैं तो कुछ भाग दुबारा पढता हूँ, बहुत धन्यवाद

foryou
04-10-2011, 05:01 PM
Guru ji, kahani me ladki to indian hoti hai. lekin phone karne ke ISD lagana padta hai. pl guide us

avf000038
14-10-2011, 04:50 AM
अन्तर्वासना की कहानिया दिल पे न ले .. ये मात्र हमारे मनोरंजन के लिए ही होती है

rocky1186
14-10-2011, 11:28 PM
मैं २००५ से अन्तर्वासना की कहानियों को पढ़ रहा हूँ... कहानियां भले ही काल्पनिक हो पर सच्चाई के करीब लगे तो मज़ा आता है. कुछ कहानियां तो बहुत ही अच्छी होती है पर इसके साथ कुछ घटिया कहानियां भी आ जाती है. माँ- बेटा और पिता- पुत्री की कहानियों को बंद करना स्वागत योग्य है. भाई- बहन के संबंधों वाली कहानियों को भी बंद कर देना चाहिए.

:tiranga:

गुरुजी, :clap::clap:

आपका कोटिश: धन्यवाद कि माँ-बेटा और पिता-पुत्री के पावन संबन्धों का सम्मान रखा। एक विनती और मान लीजिये, भाई-बहन के संबंध की पवित्रता बनी रहे, इस हेतु भी समान कार्यवाही करें।कृपा कर भाई बहन वाली कहानिया भी बंद करें। सभी सच्चे भारतीय आपके आभारी रहेंगे। व्यक्तिगत रूप से मैं आपका एवं हमारे फॉरम का शुक्रगुजार हूँ कि हमारी अंतरवासनाए उजागर करने एवं उन्हे शांत करने का यह सर्वोत्तम मंच है। इसकी गरिमा बनी रहनी चाहिए।


:bloom:

sau1212
19-10-2011, 11:18 AM
कहानिया दो की कौडी होती है ।

komal sharma
19-10-2011, 12:32 PM
कोमल जी
मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि आप एक कहानी अन्तर्वासना के लिए लिखें !

गुरूजी नमस्ते आपका हुक्म सर आखों पर जरूर लिखूंगी अंतर वासना के लिए एक कहानी

arjun32
22-10-2011, 11:44 PM
बहू...........................त लम्बा इंतज़ार करना पड़ता है...... कहानियां प्रकाशित होने में.... मैंने जवानी में एक कहानी भेजी थी ..... और अब बुडापा आ गया है...

aadityasingh
27-10-2011, 04:00 PM
क्या कोई मुझे ये बता सकता है हवाई "हवाई जहाज में चुदाई" का दोनों हिस्सा ???? मैंने पहला हिस्सा पढ़ा है... पढ़ कर कहानी अछि लगी ... लेकिन दूसरा अंक नहीं मिल रहा है.... कृपया मदद करें :mepullhair:

Badtameez
02-12-2011, 05:50 AM
मुझे विजय पंडित की कहानी 'सावन में चुदाई ' अच्छी लगी।सच्चाई झलक रही थी।

Rated R
07-12-2011, 11:35 AM
गुरूजी , मेरी आपसे गुज़ारिश है की आप कानून के रखवाले कहानी को जल्दी गति प्रदान करे..!!

anuraag_bottom
21-12-2011, 12:02 PM
muje antarvasna k jyadatar kahniya jhoothi lagti hai. sachhi kam aur mirch masal jyada lagta hai kahaniyo me

अरे भाई कहानी आपके मनोरंजन के लिये लिखी जाती है.अगर कहानी में मिर्च-मसाला न हो तो आप पढ़ते पढ़ते बोर हो जाओगे.

जिस में मिर्च मसाला न हो वो कहानी नहीं आत्मकथा होती है.

anuraag_bottom
21-12-2011, 12:05 PM
मेरे हिसाब से अन्तर्वासना पर अब झूटी कहानी ही आती है खुद लिखने वाले को ही नहीं पता की वो क्या लिख रहा है जैसे की अभी सुनील कश्यप जी ने एक कहानी पोस्ट करी "प्यासी की प्यास बुझाई" उसमे पहले भाग में तो लड़की स्टेशन पर चुरीदार में थी और दुसरे भाग में जब घर पहुँच कर दरवाजा बंद करते ही चुदाई सुरु हुई तो लड़के ने उसके पेटीकोट और blause उतरने सुरु कर दिए! इससे कहानी की सच्चाई का पता लगता हैसुनील कश्यप जी इसे स्पस्ट करने का kast करे और कोई गलती हो तो माफ़ी

आपने सही कहा मित्र.पर हमको ये ध्यान रखना चाहिए की यहाँ कहानियां भेजने वाले कोई
प्रोफेशनल लेखक नहीं हैं.

anuraag_bottom
21-12-2011, 12:15 PM
बहू...........................त लम्बा इंतज़ार करना पड़ता है...... कहानियां प्रकाशित होने में.... मैंने जवानी में एक कहानी भेजी थी ..... और अब बुडापा आ गया है...

सही कहा भाई.मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है.मुझे लगता है की भेजी गयी
कहानियों की कोई कमी नहीं है.जितनी कहानियाँ भेजी जा रही हैं उतनी संपादित
नहीं हो पा रही.मेरे विचार से मोडरेटर लोगों की संख्या बढ़ानी चाहिए.

salim javed
07-01-2012, 01:20 PM
गुस्ताखी माफ़ दोस्तों!
अधिकतर कहानियों में नाम, स्थान, उम्र और रिश्ते को छोड़ कर बाकी कहानी में निम्न बाते दोहराई गई है-
एक इस नाम का आदमी उस नाम की औरत से मिला,दोनों ने तुरंत बिना किसी विशेष कारण के एक दुसरे को पसंद कर लिया। आदमी ने अपना लंड औरत के पहले मुंह में, फिर गांड में और यदि समय और लंड ने इजाजत दीतो चूत में डाल कर चोद दिया। किस्सा ख़तम पैसा हजम।
जाहिर है इस जेट से भी तेज युग में लोगों को ये फटाफट वाली कहानियाँ पसंद भी हैं मुझे कोई एतराज नहीं, पर यदि आप इससे अधिक असली मस्तराम स्टाइल की कहानी पढ़ना चाहें तो नीचे दिये लिंक पर क्लिक करें -

सलीम जावेद मस्ताना की रंगीन दुनियाँ (http://http://mastram-ki-rangeen-duniya.blogspot.com/)

salim javed
07-01-2012, 01:25 PM
गुस्ताखी माफ़ दोस्तों!
अधिकतर कहानियों में नाम, स्थान, उम्र और रिश्ते को छोड़ कर बाकी कहानी में निम्न बाते दोहराई गई है-
एक इस नाम का आदमी उस नाम की औरत से मिला,दोनों ने तुरंत बिना किसी विशेष कारण के एक दुसरे को पसंद कर लिया। आदमी ने अपना लंड औरत के पहले मुंह में, फिर गांड में और यदि समय और लंड ने इजाजत दीतो चूत में डाल कर चोद दिया। किस्सा ख़तम पैसा हजम।
जाहिर है इस जेट से भी तेज युग में लोगों को ये फटाफट वाली कहानियाँ पसंद भी हैं मुझे कोई एतराज नहीं, पर यदि आप इससे अधिक असली मस्तराम स्टाइल की कहानी पढ़ना चाहें तो नीचे दिये लिंक पर क्लिक करें -

Rated R
07-01-2012, 07:19 PM
गुस्ताखी माफ़ दोस्तों!
अधिकतर कहानियों में नाम, स्थान, उम्र और रिश्ते को छोड़ कर बाकी कहानी में निम्न बाते दोहराई गई है-
एक इस नाम का आदमी उस नाम की औरत से मिला,दोनों ने तुरंत बिना किसी विशेष कारण के एक दुसरे को पसंद कर लिया। आदमी ने अपना लंड औरत के पहले मुंह में, फिर गांड में और यदि समय और लंड ने इजाजत दीतो चूत में डाल कर चोद दिया। किस्सा ख़तम पैसा हजम।
जाहिर है इस जेट से भी तेज युग में लोगों को ये फटाफट वाली कहानियाँ पसंद भी हैं मुझे कोई एतराज नहीं, पर यदि आप इससे अधिक असली मस्तराम स्टाइल की कहानी पढ़ना चाहें तो नीचे दिये लिंक पर क्लिक करें -
प्रेमगुरु की कहानियाँ नहीं पढ़ी है क्या दोस्त?
लिंगेश्वर की काल भैरवी पढ़कर देखो.....काफी ज्ञान भी मिलेगा......[/URL]
[URL="http://www.antarvasna.com/story.php?id=1368_general_lingeshwar-ki-kal-bhairvi-2"] (http://www.antarvasna.com/story.php?id=1368_general_lingeshwar-ki-kal-bhairvi-1)

onepolitician
10-01-2012, 02:23 AM
गुरूजी को प्रणाम,
आप मुझे यह बताजिये, की मेरी कहानी "हॉस्टल के मज़े" कब प्रकाशित होगी.?
धन्यवाद्!

dayajethalalgada
03-02-2012, 12:08 AM
कहानिया तो सारी बकवास और फ़ालतू ही आ रही हे क्या प्रतिक्रिया लिखे भाई जी

Saroz
03-02-2012, 10:14 AM
प्रेमगुरु की कहानियाँ नहीं पढ़ी है क्या दोस्त?
लिंगेश्वर की काल भैरवी पढ़कर देखो.....काफी ज्ञान भी मिलेगा......

आप सही कह रहे है मित्र...
प्रेमगुरु कि कहानियों कि कोई सानी नहीं...
उन्होंने अन्तर्वासना कि कहानियों को एक नहीं पहचान दी अपनी मदमाती लेखनी के बल पर अन्तर्वासना पे 'लिंगेश्वर की काल भैरवी' मेरी पसंदीदा कहानी है...
मै इसे अभी भी वक्त मिलने पर पढता रहता हूँ... एक बहुत ही रोचक एवं ज्ञानवर्धक कहानी जो आपका अद्भुत मनोरंजन करती है...
प्रेमगुरु कि लेखनी कि कोई जवाब नहीं...
अभी गुरु जी कि कहानियां भी बहोत मनोरंजक आ रही है.. एक बार 'कानून के रखवाले' भी पढ़ के सीख लेने वाली कहानी है

madhursambhog
07-02-2012, 07:25 AM
मान्यवर
मुझे कहानिया नहीं मिल रहीं है. सदस्य बन ने से पहले तो मिल रहीं थी.
मैं भी कुछ चुदाई की कहानिया भेजना चाहता हूँ.
कृपया मार्ग दर्शन करें.
सामूहिक सम्भोग के कुछ चित्रों पर आपकी टिपण्णी का इंतज़ार है...धन्यवाद..
http://antarvasna.com/forum/album.php?albumid=567

मधुर सम्भोग

satyasoni
08-02-2012, 07:47 AM
गुरु जी,

कहानियाँ चाहे सच हों या काल्पनिक, वास्तव मे उत्तेजक और माधुर्यपूर्ण होती हैं ; आनन्दित करती हैं । परंतु, एक बात खटकती है कि यदा कदा अपनी या मित्र की माँ के साथ सेक्स की काल्पनिक कथाएँ हतप्रभ करती है और दुखित भी । माँ, हमारे देश के हर वर्ग में सम्मानित रूप में पूज्य समझी जाती रही है । मेरे पिता ईसाई भले हों लेकिन उन्होने हर माँ को देवी समान समझा और समझना सिखाया । इसीलिये, भारत की संस्कृति को देखते हुए अगम्यागम्य मे अन्य सभी रिश्ते स्वीकार्य हैं सिवाय माँ के । कृपया ध्यान दें । प्रकाशन पर बन्दिश लगाना या न लगाना आपका अधिकार है । ये तो मेरा निजी विचार है जो मैने लिखा ।

- राहुल जाँर्ज
राहुल जी ठीक लिखा है . माँ के ऊपर कभी भी ऐसी कहानी स्वीकार नहीं की जाए. चाहे वो लिखने वाली की माँ हो या मित्र की माँsatya

rattan_kataria
10-02-2012, 10:37 PM
मैं २००५ से अन्तर्वासना की कहानियों को पढ़ रहा हूँ... कहानियां भले ही काल्पनिक हो पर सच्चाई के करीब लगे तो मज़ा आता है. कुछ कहानियां तो बहुत ही अच्छी होती है पर इसके साथ कुछ घटिया कहानियां भी आ जाती है. माँ- बेटा और पिता- पुत्री की कहानियों को बंद करना स्वागत योग्य है. भाई- बहन के संबंधों वाली कहानियों को भी बंद कर देना चाहिए.

बिल्कुल ठीक कहा आप ने में आप से सहमत हु

SANTE24
12-02-2012, 12:05 PM
kahaniya to zooti hai per dilchusp bahut hai

kevin_nash
13-02-2012, 06:27 PM
theek thaaak hi hain

haitohai007
10-03-2012, 05:12 PM
हर कहानी में अधिकतर पति बिसनेस मन होता है और वह १० -१५ दिन के लिए बहार चले जाता है. अगर काल्पनिक भी कहानी बनानी है तो थोडा रियल भी लग्न चाहिए.

anilboss1
17-03-2012, 02:22 PM
अगम्यागमन कहानियों में भाई बहिन की कहानियां प्रकाशित नहीं हो रही हैं कृपया जल्द से जल्द ऐसी कहानियां प्रकाशित करे । धन्यबाद !!

ankur031
18-03-2012, 09:51 AM
antarvasna kahaniyaan lagbhag sab acchi hain, magar ek cheez jo sabse bekaar lagti hai wo ye k kisi bhi male writer ka lund 9 inch se kam nai hota aur agar wo kisi purani randi ko bhi chodega to uski chut se khoon nikal aata hai. Agar kahaniyon mein thodi sacchai ka abhas ho jaaye to kahaani padne me aur maza aata hai.

totaram
18-03-2012, 11:45 AM
एक और बहुत अच्छी कहानी अभी अन्तर्वासना पर आ रही है - वृंदा जी द्वारा रचित "आकर्षण". भले ही इसमें सेक्सुअल कंटेंट कम हो (जो शायद बहुतो को न भाए) पर कथानक, संवाद, भाषाशैली और गुणवत्ता के हिसाब से बहुत बढ़िया है. वृंदा जी को ऐसी कहानी लिखने के लिए सम्मान....:salut::clap::salut:

A Smart Boy
18-03-2012, 03:03 PM
aap sahi kah rahi haiक्या आपने किसी का लिंग देखा है.......

A Smart Boy
18-03-2012, 03:05 PM
अगम्यागमन कहानियों में भाई बहिन की कहानियां प्रकाशित नहीं हो रही हैं कृपया जल्द से जल्द ऐसी कहानियां प्रकाशित करे । धन्यबाद !!
ऐसी कहानियाँ अच्छी नहीं लगती..........

A Smart Boy
18-03-2012, 03:09 PM
मेरी नियामक जी को सलाह है की कहानियाँ थोडा जल्दी पोस्ट करें......जैसे अभी आप फरवरी 2011 की कहानी ही पोस्ट क़र रहे हैं....
जबकि मार्च 2012 आ गया है....

A Smart Boy
18-03-2012, 04:15 PM
antarvasna kahaniyaan lagbhag sab acchi hain, magar ek cheez jo sabse bekaar lagti hai wo ye k kisi bhi male writer ka lund 9 inch se kam nai hota aur agar wo kisi purani randi ko bhi chodega to uski chut se khoon nikal aata hai. Agar kahaniyon mein thodi sacchai ka abhas ho jaaye to kahaani padne me aur maza aata hai.
अह हा हा हा हा बिलकुल सही कहा आपने अंकुर भाई......साला भाभी चोद रहा है फिर भी भाभी की चूत तंग हैं.....
मतलब क्या भाभी को भाई ने हाथ भी नहीं लगाया ?????

Vrinda
24-03-2012, 04:17 PM
मेरी नियामक जी को सलाह है की कहानियाँ थोडा जल्दी पोस्ट करें......जैसे अभी आप फरवरी 2011 की कहानी ही पोस्ट क़र रहे हैं....
जबकि मार्च 2012 आ गया है....

aap salaah de rahe hain ya anurodh kar rahe hain..

Raja44
27-03-2012, 01:54 AM
aap salaah de rahe hain ya anurodh kar rahe hain..

मै भी सहमत हुं सलाह अनुरोध दोनो समझ लीजीये

Lookmaan
01-04-2012, 03:23 PM
हेँह क्या खाक राय दू इतनी छोटी कहानियो पर और दूशरी षाइट और ब्लाँग पेर डेको यितनी लम्बी-20 कहानियाँ होते हेँ

ravi.niet
01-04-2012, 11:33 PM
आप कैसी कहानी पसंद करते हैं कहानियों में क्या कमी खटकती है कहानियों में क्या अतिशियोक्ति होती हैं कहानियाँ किस प्रकार से लिखी जाएँ कि वो गुणवत्ता में अच्छी हो जाएँ आदि आदि विचार रखेंmai maa par par based storey pasand karta ho aur jo log yah galat samjtai hai yah koi mandir nahi hai .balki sexstories web hai na ki real world thanx

jaypatels
09-04-2012, 02:10 PM
ha ho :salut:

totaram
03-05-2012, 10:55 AM
अभी कुछ देर पहले ही अन्तर्वासना पर प्रकाशित कहानी "फुलवा" (http://www.antarvasna.com/story.php?id=2219_padosi_fulwa) पढ़ी. कहानी में कामुकता नहीं के बराबर है पर कहानी बहुत अच्छी लगी. साईट पर लेखक का नाम नहीं दिया गया है, पर भाषा और शैली से लगा कि श्रद्धेय फणीश्वरनाथ रेणु जी की रचना पढ़ रहा हूँ. आदरणीय गुरुजी या अन्य प्रशासक /नियामक महोदय इस कहानी के लेखक का नाम बताने की कृपा करें. सुधि मित्रों से अनुरोध है की यदि उन्होंने भी इस कहानी को पहले कहीं पढ़ा हो तो इसके बारे में उपलब्ध जानकारी शेयर करें. धन्यवाद.

totaram
03-05-2012, 08:30 PM
हेँह क्या खाक राय दू इतनी छोटी कहानियो पर और दूशरी षाइट और ब्लाँग पेर डेको यितनी लम्बी-20 कहानियाँ होते हेँ

ऐसा है तो भाई आप इस साईट पर आते ही क्यों हो.... जाओ ना उसी साईट और ब्लॉग पर जिसकी कहानिया आपको बेहतर लगती हैं.... कोई आपके घर से आपको बुला के तो नहीं लाया इस फोरम पर!!!

totaram
03-05-2012, 08:56 PM
आप कैसी कहानी पसंद करते हैं कहानियों में क्या कमी खटकती है
कहानियों में क्या अतिशियोक्ति होती हैं कहानियाँ किस प्रकार से लिखी जाएँ कि वो गुणवत्ता में अच्छी हो जाएँ आदि आदि विचार रखें
बड़े भैया जी, सबसे पहले मैं यह स्पष्ट करना चाहूँगा कि यह अन्तर्वासना की कहानियों की आलोचना (या लेखकों की निंदा) नहीं है. ये मेरे निजी विचार हैं जो मैं आपकी इस पोस्ट से प्रोत्साहित हो कर व्यक्त कर रहा हूँ.

यूं तो अन्तर्वासना की कहानियां अच्छी होती है पर सारी की सारी एक जैसी स्टीरियोटाइप होती हैं...
लेखक का दावा कि ये उसकी सच्ची (कुछ तो कसम खाने से भी बाज नहीं आते) कहानी है, फिर नायिका की अलौलिक देहयष्टि का वर्णन, नायिका का हमेशा से सेक्स की प्यासी होना, मौका मिलते ही नायक पर झपट पड़ना, नायक के लिंग का राक्षसी साइज, लंबे समय तक सेक्स करने की उनकी अविश्वसनीय क्षमता.... इत्यादि इत्यादि इत्यादि... कुछ ऐसी बातें हैं जो आसानी से गले नहीं उतरतीं. कहीं कहीं पर गालियों से भरे संवाद भी जबरदस्ती ठूंसे हुए लगते हैं. मेरी राय में कहानियो का स्वरूप हिंदी साहित्य की मुख्य धारा की कहानियो जैसा ही होना चाहिए, बस जहां कहीं भी नायक-नायिका से संभोगरत होने का वर्णन हो वह वर्णन विस्तार से और सुरुचिपूर्ण, कलात्मक ढंग से किया जाए.

Badtameez
03-05-2012, 09:02 PM
अभी कुछ देर पहले ही अन्तर्वासना पर प्रकाशित कहानी "फुलवा" पढ़ी. कहानी में कामुकता नहीं के बराबर है पर कहानी बहुत अच्छी लगी. साईट पर लेखक का नाम नहीं दिया गया है, पर भाषा और शैली से लगा कि श्रद्धेय फणीश्वरनाथ रेणु जी की रचना पढ़ रहा हूँ. आदरणीय गुरुजी या अन्य प्रशासक /नियामक महोदय इस कहानी के लेखक का नाम बताने की कृपा करें. सुधि मित्रों से अनुरोध है की यदि उन्होंने भी इस कहानी को पहले कहीं पढ़ा हो तो इसके बारे में उपलब्ध जानकारी शेयर करें. धन्यवाद.

जी हाँ तोता भाई, ग्रामीण पृष्ठ भूमि को देखते हुए 'फुलवा' की शैली रेणु जी भांति लगती है।

totaram
03-05-2012, 09:33 PM
जी हाँ तोता भाई, ग्रामीण पृष्ठ भूमि को देखते हुए 'फुलवा' की शैली रेणु जी भांति लगती है।
सिर्फ ग्रामीण पृष्ठभूमि ही नहीं सौरभ जी, शब्दों के चयन पर भी ध्यान दें. फट्टी, परब (पर्व), विरहा, परान (प्राण), सम्हार, शुकवा, आदि शब्द रेणु जी की याद दिलाते हैं पर निःसंदेह भाषा में उनके जैसी कसावट नहीं है. अगर किसी ने उनके लेखन से प्रेरणा लेकर लिखने की कोशिश की है तो प्रयास सफल रहा है.

Badtameez
03-05-2012, 11:17 PM
सिर्फ ग्रामीण पृष्ठभूमि ही नहीं सौरभ जी, शब्दों के चयन पर भी ध्यान दें. फट्टी, परब (पर्व), विरहा, परान (प्राण), सम्हार, शुकवा, आदि शब्द रेणु जी की याद दिलाते हैं पर निःसंदेह भाषा में उनके जैसी कसावट नहीं है. अगर किसी ने उनके लेखन से प्रेरणा लेकर लिखने की कोशिश की है तो प्रयास सफल रहा है.
हँ तोता भाई ठीक कहत बाङऽ । रेणु जी के रचना में भोजपुरी क खुश्बू रहल। फुलवा कहनी में भी यू पी चाहे बिहार के बात लागत बा अऊरी शब्दो जइसे कि परब, परान, सम्भार आदि इ कुल भोजपुरिये क ह । अतना देखले के बाद लागत बा कि लेखक जरूर यू पी चाहे बिहारे के होखी।
का कहत हउवा?

marwariladka
04-05-2012, 11:01 PM
aap salaah de rahe hain ya anurodh kar rahe hain..

जो भी हो..उन्होंने अपने विचार रखा है..और सबको अपने विचार रखने का हक़ है...हा हा हा

pjb_boy
05-05-2012, 05:33 PM
मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूँ ... आज जब मैं कहानी 'गुलदस्ता' पढ़ रहा था तो मेरे मन में भी यही विचार आया था ...

A Smart Boy
05-05-2012, 10:43 PM
अभी कुछ देर पहले ही अन्तर्वासना पर प्रकाशित कहानी "फुलवा" (http://www.antarvasna.com/story.php?id=2219_padosi_fulwa) पढ़ी. कहानी में कामुकता नहीं के बराबर है पर कहानी बहुत अच्छी लगी. साईट पर लेखक का नाम नहीं दिया गया है, पर भाषा और शैली से लगा कि श्रद्धेय फणीश्वरनाथ रेणु जी की रचना पढ़ रहा हूँ. आदरणीय गुरुजी या अन्य प्रशासक /नियामक महोदय इस कहानी के लेखक का नाम बताने की कृपा करें. सुधि मित्रों से अनुरोध है की यदि उन्होंने भी इस कहानी को पहले कहीं पढ़ा हो तो इसके बारे में उपलब्ध जानकारी शेयर करें. धन्यवाद.मित्र तोताराम जी ये फुलवा कहानी नहीं बल्कि लेखक का नाम है जबकि कहानी का नाम गुलदस्ता है......

totaram
05-05-2012, 11:08 PM
मित्र तोताराम जी ये फुलवा कहानी नहीं बल्कि लेखक का नाम है जबकि कहानी का नाम गुलदस्ता है......
भाई चतुर बालक जी, मैं जिस कहानी की बात कर रहा हूँ वो गुलदस्ता (http://www.antarvasna.com/story.php?id=2246_bhabhi-aur-sali_guldasta) से पहले अन्तर्वासना पर प्रकाशित हुयी है. उस कहानी का नाम फुलवा (http://www.antarvasna.com/story.php?id=2219_padosi_fulwa) था और लेखक का नाम नहीं दिया गया था... आप फुलवा नामक कहानी इस लिंक पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं (http://www.antarvasna.com/story.php?id=2219_padosi_fulwa) और मेरी बात की सत्यता को परख सकते हैं. धन्यवाद.
"फुलवा" के लिए लिंक -
http://www.antarvasna.com/story.php?id=2219_padosi_fulwa

"गुलदस्ता" के लिए लिंक -
http://www.antarvasna.com/story.php?id=2246_bhabhi-aur-sali_guldasta

The Flyer
06-05-2012, 02:59 AM
अन्तर्वासना की कहानिया पढकर मजा आ जाता है

anuraag_bottom
09-05-2012, 11:47 AM
मैं तो कहती हूँ की अन्तर्वासना पर गे,लेस्बियन का एक अलग विभाग बनाया जाये
जब कहानी के अंत में कमेन्ट पोस्ट करने की सुविधा हो जिसके लिए भले ही हमें
लोगिन आएदि बनाना पड़े और रोज की २ओर ३ कहानिया पेस की जाये और महीने की
अची कहानी कोण सी हे वो घोषित किया जाये
दोस्तों मेरी राइ पर अपने विचार लिखयेगा


मैं भी निशा जी से सहमत हूँ.
जिस तरह से अभी तक पिछले साल मार्च माह में मिली कहानियाँ अभी पोस्ट की जा रही हैं,
उसको देखते हुये लगता है की ये फोरम जल्दी ही अपने रीडर्स खो देगी फिर ना मिलेंगे विज्ञापन न चलेगी साईट.
कहानियाँ अच्छी हैं पर जब किसी की भेजी कहानी को फोरम में पोस्ट होने में एक साल लग जाएगा तो कौन भेजेगा कहानी?
मेरी राय है की नियामक अगर नहीं हैं तो बनाए जाने चाहिए अगर हैं तो कम हैं और बनाने चाहिए.
आपको भेजी गयी कोई भी कहानी एक माह के अंदर अंदर फोरम में पोस्ट होगी तभी पाठक लोगों का क्रेज बना रहेगा फोरम पर आने के लिए.
आगे आपकी मर्जी.

anuraag_bottom
09-05-2012, 11:53 AM
ऐसा है तो भाई आप इस साईट पर आते ही क्यों हो.... जाओ ना उसी साईट और ब्लॉग पर जिसकी कहानिया आपको बेहतर लगती हैं.... कोई आपके घर से आपको बुला के तो नहीं लाया इस फोरम पर!!!


तोताराम भाई साहब गलत बात आप किसी को ऐसा नहीं कह सकते.लुकमान ने अपनी राय दी है और सभी को राय देने का हक्क है.

anuraag_bottom
09-05-2012, 12:00 PM
बड़े भैया जी, सबसे पहले मैं यह स्पष्ट करना चाहूँगा कि यह अन्तर्वासना की कहानियों की आलोचना (या लेखकों की निंदा) नहीं है. ये मेरे निजी विचार हैं जो मैं आपकी इस पोस्ट से प्रोत्साहित हो कर व्यक्त कर रहा हूँ.

यूं तो अन्तर्वासना की कहानियां अच्छी होती है पर सारी की सारी एक जैसी स्टीरियोटाइप होती हैं...
लेखक का दावा कि ये उसकी सच्ची (कुछ तो कसम खाने से भी बाज नहीं आते) कहानी है, फिर नायिका की अलौलिक देहयष्टि का वर्णन, नायिका का हमेशा से सेक्स की प्यासी होना, मौका मिलते ही नायक पर झपट पड़ना, नायक के लिंग का राक्षसी साइज, लंबे समय तक सेक्स करने की उनकी अविश्वसनीय क्षमता.... इत्यादि इत्यादि इत्यादि... कुछ ऐसी बातें हैं जो आसानी से गले नहीं उतरतीं. कहीं कहीं पर गालियों से भरे संवाद भी जबरदस्ती ठूंसे हुए लगते हैं. मेरी राय में कहानियो का स्वरूप हिंदी साहित्य की मुख्य धारा की कहानियो जैसा ही होना चाहिए, बस जहां कहीं भी नायक-नायिका से संभोगरत होने का वर्णन हो वह वर्णन विस्तार से और सुरुचिपूर्ण, कलात्मक ढंग से किया जाए.

तोताराम जी बिलकुल सही बात कही आपने.मैं समझता हूँ की शायद ही कोई बहन हो जो अपने भाई से चुदवाने को रजामंदी से तैयार हो जाए.पर यहाँ तो भाई लोग अपनी बहन को ऐसे चुटकी बजाते चुदने को तैयार कर लेते हैं जैसे बाजार से समोसा लाया और खा लिया.
मेरे कहने का मतलब है की दोस्तो या तो कहानी लिखते समय ये भी लिखो की कहानी काल्पनिक है या फिर कहानी में थोड़ी सैंस होनी चाहिए.

anuraag_bottom
09-05-2012, 01:51 PM
sabhi kahaniya badi mehnat se likhi jaati, or acchi hoti hai. mujhe bhai-bahen or baap- beti ki story pasand hai,khastorr per jisme baap apni beti ki or bhai apno behan ko chodne ke saath hi unki gaand bhi maare.

अच्छी पसंद है आपकी भाई साहब .हम आपसे उम्मीद करते हैं की बाप-बेटी की चुदाई पढ़ते-पढ़ते ये विषय आपको इतना पसंद आने लगेगा की किसी दिन आप भी अपनी बेटी की सील तोड़ दोगे.धन्य होगी आपकी बेटी भी और आपको दुआएं देगी.

anuraag_bottom
09-05-2012, 02:02 PM
कहानियाँ काल्पनिक ही सही पर मजा तो देती है।
कुछ कहानियों मे अतिशयोक्ति होती ही है पर वो लेखक के ज्यादा प्रभाव डालने की मंशा का दुष्परिणाम होता है। लेखक कृपया इसे समझे। वैसे कुछ लाइनों के बाद ज़्यादातर कहानियाँ एक जैसी ही हो जाती हैं। कई तो कहाँ की कहाँ भटक जाती हैं वो मजा खराब करती हैं।

:tiranga:
एक बात बताइये जरा ...

क्या आप अपनी माँ बहन चोदते हैं...???
सच बताइये कितने ऐसे मादरचोद और बहनचोद हैं। या बनना चाहते हैं।
जरा सोचिए ...
:tiranga:
मैं समझता हूँ कि, आप मे से ज़्यादातर लोग अपनी माँ या बहन के साथ संभोग करना तो दूर सोचना भी नहीं चाहते है। तो फिर ऐसी कहानियाँ क्यूँ पढ़ें या लिखें !!! :BangHead:

मेरा आप सभी से और नियामक जी से विनम्र अनुरोध है की अगम्यागम्य के अंतर्गत दी गई कथाओं मे इसे निरुत्साहित करें, क्यूंकी इनमे ज़्यादातर कहानियां झूठी ही होती है। इस तरह की कहानिया भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं और घर परिवार मे अनैतिक माहौल को बढ़ावा देती हैं। :bell:


छोटी उम्र के लड़के इन्हे पढ़ कर सच मान लेते है और अपना घर बर्बाद कर देते है। यह फोरम और कहानियाँ सेक्स की तृप्ति के लिए हैं न की घर तबाह करने के लिए। कोशिश करो चोदने को बाहर बहुत तैयार मिलेंगी।

दोस्त माँ-बेटा,बाप-बेटी की कहानियों के बारे में मेरे भी विचार आपसे मिलते हैं.हालांकि आये दिन हम अखबारों में पढ़ते हैं की फलां शहर में कलयुगी बाप ने बेटी को हवस का शिकार बना डाला .फिर भी मेरी समझ में माँ-बेटे और बाप-बेटी के बीच में सेक्स
सबसे निंदनीय है.ऐसा करने वाले जानवरों से भी बदतर हैं.सो हम सब को चाहिए की न सिर्फ ऐसा करने वालों को बल्कि ऐसा लिखने वालों को भी बहश्क्रित करें.बहन-भाई के संबद्ध में मैं कुछ नहीं कहूँगा.हालांकि मैं अपनी बहन के साथ ऐसा कुछ भी करना न तो चाहता हूँ न ही कभी ऐसा सोचूंगा पर फिर भी जो ऐसा करना चाहते हैं उनके विवेक पर छोड़ देना चाहिए इस विषय को.

Tabbu
10-05-2012, 10:24 AM
Are yar hum bhul he jate hai kabhi koi kahani bhi bheji hai kya
fir achanak se aati hai
to ye bhi yad nai rahta kiske sath ki kahani hai

दोस्त माँ-बेटा,बाप-बेटी की कहानियों के बारे में मेरे भी विचार आपसे मिलते हैं.हालांकि आये दिन हम अखबारों में पढ़ते हैं की फलां शहर में कलयुगी बाप ने बेटी को हवस का शिकार बना डाला .फिर भी मेरी समझ में माँ-बेटे और बाप-बेटी के बीच में सेक्स
सबसे निंदनीय है.ऐसा करने वाले जानवरों से भी बदतर हैं.सो हम सब को चाहिए की न सिर्फ ऐसा करने वालों को बल्कि ऐसा लिखने वालों को भी बहश्क्रित करें.बहन-भाई के संबद्ध में मैं कुछ नहीं कहूँगा.हालांकि मैं अपनी बहन के साथ ऐसा कुछ भी करना न तो चाहता हूँ न ही कभी ऐसा सोचूंगा पर फिर भी जो ऐसा करना चाहते हैं उनके विवेक पर छोड़ देना चाहिए इस विषय को.

Badtameez
10-05-2012, 10:30 AM
भाई चतुर बालक जी, मैं जिस कहानी की बात कर रहा हूँ वो गुलदस्ता (http://www.antarvasna.com/story.php?id=2246_bhabhi-aur-sali_guldasta) से पहले अन्तर्वासना पर प्रकाशित हुयी है. उस कहानी का नाम फुलवा (http://www.antarvasna.com/story.php?id=2219_padosi_fulwa) था और लेखक का नाम नहीं दिया गया था... आप फुलवा नामक कहानी इस लिंक पर क्लिक कर के पढ़ सकते हैं (http://www.antarvasna.com/story.php?id=2219_padosi_fulwa) और मेरी बात की सत्यता को परख सकते हैं. धन्यवाद.
"फुलवा" के लिए लिंक -
http://www.antarvasna.com/story.php?id=2219_padosi_fulwa

"गुलदस्ता" के लिए लिंक -
http://www.antarvasna.com/story.php?id=2246_bhabhi-aur-sali_guldasta

हा हा हा अजब संयोग है।

guruji
10-05-2012, 06:07 PM
फ़ुलवा पर स्पष्टीकरण :
एक प्रेषक/ प्रेषिका की कुछ कहानियाँ मेरे पास थी, लेकिन साथ में अनुरोध भी था कि उनका नाम प्रकाशित ना किया जाए।
इसी आग्रह को देखते उनकी पहली कहानी 'इन्तज़ार' प्रकाशित की गई जिसमें ना तो नाम था और ना ही इमेल आईडी !
दूसरी कहानी का नाम था फ़ुलवा !
तो मेरे कहने पर उन्होंने एक ईमेल fulwa@hmamail.com बनाई और उसे कहानी के साथ प्रकाशित भी किया गया।
तो एक विचार यह मन में आया कि इन प्रेषक/ प्रेषिका को यही नाम दे दिया जाए। तो उनका नामकरण उनकी सहमति से हो गया।
उसके बाद की कहानियाँ इसी नाम से प्रकाशित की गई।
फ़ुलवा की कहानियाँ
http://antarvasna.com/writers/fulwa.html
इसी इमेल से ये अब फ़ेसबुक पर भी हैं।

totaram
10-05-2012, 09:32 PM
फ़ुलवा पर स्पष्टीकरण :
एक प्रेषक/ प्रेषिका की कुछ कहानियाँ मेरे पास थी, लेकिन साथ में अनुरोध भी था कि उनका नाम प्रकाशित ना किया जाए।
इसी आग्रह को देखते उनकी पहली कहानी 'इन्तज़ार' प्रकाशित की गई जिसमें ना तो नाम था और ना ही इमेल आईडी !
दूसरी कहानी का नाम था फ़ुलवा !
तो मेरे कहने पर उन्होंने एक ईमेल fulwa@hmamail.com बनाई और उसे कहानी के साथ प्रकाशित भी किया गया।
तो एक विचार यह मन में आया कि इन प्रेषक/ प्रेषिका को यही नाम दे दिया जाए। तो उनका नामकरण उनकी सहमति से हो गया।
उसके बाद की कहानियाँ इसी नाम से प्रकाशित की गई।
फ़ुलवा की कहानियाँ
http://antarvasna.com/writers/fulwa.html
इसी इमेल से ये अब फ़ेसबुक पर भी हैं।
स्पष्टीकरण के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद गुरूजी.... कहानी पढ़ कर इसके "श्रद्धेय फणीश्वर नाथ रेणु जी" द्वारा रचित होने का भ्रम हुआ था, इसलिए मैंने पूछा था.

gupta333
11-05-2012, 06:23 PM
Hi rahul my id is ashutoshgupta.asllk17@gmail.com may bhi tum hari tarah maa ka sath sex ka kilaf ho.par kaya tumha lagta hai ki bhai bhan sex kar sakta hai? apni rai dana.

मैं भी आपके विचारों से सहमत हूँ | अन्तर्वासना जैसी साईट में माँ-बेटा, पिता-बेटी, भाई-बहन के रिश्तो का सम्मान होना ही चाहिए | बेशक आज के दौर में हम जी रहे है, लेकिन हमारी संस्कृति इन सब की इज़ाज़त आज भी नहीं देती है और १००० साल बाद भी नहीं देगी | संस्कृति को बनाए रखना हरेक भारतीय का कर्त्तव्य है और इस कर्त्तव्य का निर्वाह होना चाहिए |

prem.p
15-05-2012, 11:33 AM
मैं भी आपके विचारों से सहमत हूँ | अन्तर्वासना जैसी साईट में माँ-बेटा, पिता-बेटी, भाई-बहन के रिश्तो का सम्मान होना ही चाहिए | बेशक आज के दौर में हम जी रहे है, लेकिन हमारी संस्कृति इन सब की इज़ाज़त आज भी नहीं देती है और १००० साल बाद भी नहीं देगी | संस्कृति को बनाए रखना हरेक भारतीय का कर्त्तव्य है और इस कर्त्तव्य का निर्वाह होना चाहिए |
बहुत सही है.

prafullkumar
16-05-2012, 07:49 PM
Liladhar ki kahani Puspa ka pusp bahut acha hai aur Liladhar ki kahani koun koun si hai?

guruji
17-05-2012, 10:14 AM
http://antarvasna.com/writers/leeladhar.html

Liladhar ki kahani Puspa ka pusp bahut acha hai aur Liladhar ki kahani koun koun si hai?

ishk
18-05-2012, 03:24 PM
लीला धर जी द्वारा लिखित पुष्प का पुष्प कहानी पढ़ी बहुत सुन्दर लगी लेखन शैली शब्दों का चयन काफी खूबसूरत रहे
जैसे ये अंदाज़ लिखने का बहुत पसंद आया
"तुम्हारे बाग में तरह तरह के रंग के गुलाब है लाल, कत्थई, गुलाबी, बैगनी, काला भी, सफेद भी। तुम्हारे होंठ लाल गुलाब के रंग के हैं। वह भी लाल है या...?" मैंने हिम्मत करके कहा।
बात को कह भी दिया जाए और रोक भी दिया जाए ये अंदाज़ काबिले तारीफ़ है ये शब्दों का चयन
मुझे एक मजेदार खयाल आया- जिस तरह पूजा के बाद मिट्टी की मूर्ति में देवता की प्राणप्रतिष्ठा होती है उसी तरह आज इस कमरे में भी अक्षत कौमार्य की पूजा के बाद स्त्रीत्व की प्राणप्रतिष्ठा होगी। क्या उन्हें इतनी महत्वपूर्ण बात का गुमान भी है।
बस दुआ है ऐसे ही लिखते रहें और हमें आपकी लेकिन से लिखे शब्द गुदगुदाते रहें

prafullkumar
20-05-2012, 09:03 PM
premguru aur shagan kumar ke bad antervasna me Leeladhar Jee ki kahaniyan sawagat yogya hai.Leeladhar Jee ki kahani post kijiya.Dhanyavaad