View Full Version : प्यार और सेक्स ---सेक्स से पहले प्यार या प्यार से पहले सेक्स ?
dev b
12-01-2011, 07:38 PM
प्रिय मित्रो यंहा पर सभी मित्र आपस में प्यार और सेक्स के बारे में वार्ता लाप कर सकते हे-----पहले इंसान को प्यार होता और उस के बाद सेक्स की इक्षा होती हे या फिर सेक्स के बाद प्यार जाग्रत होता हे .........सभी सम्मानित मित्र कृपया शालीन भाषा का प्रयोग करे ............आप का अपना देव भारद्वाज ::lips::kiss::girl::bed:
dev b
12-01-2011, 08:16 PM
प्रिय मित्रो यंहा पर सभी मित्र आपस में प्यार और सेक्स के बारे में वार्ता लाप कर सकते हे-----पहले इंसान को प्यार होता और उस के बाद सेक्स की इक्षा होती हे या फिर सेक्स के बाद प्यार जाग्रत होता हे .........सभी सम्मानित मित्र कृपया शालीन भाषा का प्रयोग करे ............आप का अपना देव भारद्वाज ::lips::kiss::girl::bed:
मित्रो प्यार १ ऐसा सुंदर अहसास हे जो दो दिलो को मिलाता है , वो दो दिल प्रेमी प्रेमिका , भाई बहन . माँ बेटा या फिर मित्र या भक्त और भगवान् के भी हो सकते हे प्यार से दुनिया की किसी वास्तु को ही नहीं भगवान् को भी पाया जा सकता है
tm007
12-01-2011, 08:51 PM
प्यार और सेक्स एक ही सिक्के के दो पहलु हैं
जो आपने कहा वैह प्यार नहीं किन्तु सम्मान है अन्तर्वासना पर प्यार का मतलब सेक्स हे है - धन्यवाद
dev b
12-01-2011, 09:18 PM
प्यार और सेक्स एक ही सिक्के के दो पहलु हैं
जो आपने कहा वैह प्यार नहीं किन्तु सम्मान है अन्तर्वासना पर प्यार का मतलब सेक्स हे है - धन्यवाद
प्यार का मतलब सेक्स कैसे हो सकता है मित्र ?
Dr.Ashusingh
12-01-2011, 10:20 PM
Dev bilkul sahi kaha....jayada na kahte huye mai bas sirf itna kahunga " Ek male kisi female se payar kerta hai sex kerne ke liye Jabki vahi female kisi male se sex kerti hai sirf payar pane ke liye."
dev b
12-01-2011, 10:31 PM
Dev bilkul sahi kaha....jayada na kahte huye mai bas sirf itna kahunga " Ek male kisi female se payar kerta hai sex kerne ke liye Jabki vahi female kisi male se sex kerti hai sirf payar pane ke liye."
आशु जी मै आप से सहमत हु , कोईभी लड़की प्यार पाने के लिए लड़के से सेक्स करती है, जब की लड़के के मामले में अधिकतर ऐसा नहीं
Yadav
12-01-2011, 10:40 PM
मित्र सेक्स ही प्यार की मन्जिल है
dev b
12-01-2011, 11:30 PM
ये बात मेल पर लागु है मित्र , परन्तु फेमाले प्यार पाने के लिए सेक्स करती है , क्या मै सही हु मित्रो ?
मित्र सेक्स ही प्यार की मन्जिल है
tm007
13-01-2011, 07:50 PM
स्त्री हो या पुरुष सभी को सम्भोग में ही आनंद आता है और असली प्यार वासना तृप्ति के बाद ही होता है
सम्भोग से पहले असली प्यार किताबी बातें हैं
dev b
13-01-2011, 08:12 PM
स्त्री हो या पुरुष सभी को सम्भोग में ही आनंद आता है और असली प्यार वासना तृप्ति के बाद ही होता है
सम्भोग से पहले असली प्यार किताबी बातें हैं
मित्र ये सत्य है क़ि सम्भोग में मजा है और ये मजा स्त्री और पुरुष दोनो को ही आता है . परन्तु मित्र स्त्री ज्यादा भावनात्मक होती है ,लडकियों के लिए प्यार ज्यादा महत्व रखता है . इसीलिये वो सम्भोग के द्वारा प्यार पाना चाहती है . मेरा लड्किन्यो से अनुरोध है वे अपनी राय दे क़ि क्या मै सही हूँ
Dr.Ashusingh
13-01-2011, 08:50 PM
स्त्री हो या पुरुष सभी को सम्भोग में ही आनंद आता है और असली प्यार वासना तृप्ति के बाद ही होता है
सम्भोग से पहले असली प्यार किताबी बातें हैं
..तुम जो भी हो मेल या फीमेल..पर दोस्त..मॆ खुद अपनी बात बता रहा हू..मेरी एक दोस्त हॆ...हम दोनो 5 सालो से एक दूसरे को प्यार करते हे..पर आज तक केवल प्यार ही हॆ...शारीरिक समब्न्ध कभी नही.....आईन्दा ये कभी मत कहना की सम्भोग से पहले असली प्यार किताबी बातें हैं
dev b
13-01-2011, 08:57 PM
डोक्टर साहब मै आप से पूरी तरह से सहमत हूँ मेरे विचार से ......love is god........
..तुम जो भी हो मेल या फीमेल..पर दोस्त..मॆ खुद अपनी बात बता रहा हू..मेरी एक दोस्त हॆ...हम दोनो 5 सालो से एक दूसरे को प्यार करते हे..पर आज तक केवल प्यार ही हॆ...शारीरिक समब्न्ध कभी नही.....आईन्दा ये कभी मत कहना की सम्भोग से पहले असली प्यार किताबी बातें हैं
Miss Smarty Pants
14-01-2011, 02:15 AM
स्त्री हो या पुरुष सेक्स प्यार की एक अभिव्यक्ति है और कुछ नहीं. सेक्स के बिना भी प्यार हो सकता है और प्यार के बिना भी सेक्स. या सेक्स प्यार को जन्म दे सकता है और नहीं भी, यही बात प्यार पे भी लागू होती है. हाँ वैसे एक लड़की के रूप में मैं ये जरूर कह सकती हूँ की लड़कियों के लिए मानसिक कनेक्शन सेक्स के लिए कभी कभी जरूरी होता है लेकिन ये एक जरूरत नहीं. हमारे समाज में जहाँ लड़कियों का प्यार के नाम पे जिस चीज से सबसे फहले संपर्क होता है वो है सुहागरात को पति के साथ सेक्स तो क्या हम कह सकते है की उन लड़कियों को अपने पति से बाद में प्यार नहीं होता क्यूंकि प्यार होने से पहले उन्होंने सेक्स कर लिया?:nono: वही कुछ लोग प्यार करते हैं लेकिन उनको इसे प्रकट करने को सेक्स की जरूरत नहीं होती उनकी संतुष्टि बस उस प्यार के एहसास में ही छिपी होती है. मेरे ख्याल से दोनों अलग अलग चीजें हैं लेकिन एक दुसरे से सम्बंधित भी है कई मायनों में...:)
dev b
14-01-2011, 02:16 AM
प्रिय मित्र l
लगता है क़ि आप असली प्यार क़ि ताकत से अन भिज्ञ हो
स्त्री हो या पुरुष सभी को सम्भोग में ही आनंद आता है और असली प्यार वासना तृप्ति के बाद ही होता है
सम्भोग से पहले असली प्यार किताबी बातें हैं
dev b
14-01-2011, 02:18 AM
आप ने ठीक बोला मित्र
स्त्री हो या पुरुष सेक्स प्यार की एक अभिव्यक्ति है और कुछ नहीं. सेक्स के बिना भी प्यार हो सकता है और प्यार के बिना भी सेक्स. या सेक्स प्यार को जन्म दे सकता है और नहीं भी, यही बात प्यार पे भी लागू होती है. हाँ वैसे एक लड़की के रूप में मैं ये जरूर कह सकती हूँ की लड़कियों के लिए मानसिक कनेक्शन सेक्स के लिए कभी कभी जरूरी होता है लेकिन ये एक जरूरत नहीं. हमारे समाज में जहाँ लड़कियों का प्यार के नाम पे जिस चीज से सबसे फहले संपर्क होता है वो है सुहागरात को पति के साथ सेक्स तो क्या हम कह सकते है की उन लड़कियों को अपने पति से बाद में प्यार नहीं होता क्यूंकि प्यार होने से पहले उन्होंने सेक्स कर लिया?:nono: वही कुछ लोग प्यार करते हैं लेकिन उनको इसे प्रकट करने को सेक्स की जरूरत नहीं होती उनकी संतुष्टि बस उस प्यार के एहसास में ही छिपी होती है. मेरे ख्याल से दोनों अलग अलग चीजें हैं लेकिन एक दुसरे से सम्बंधित भी है कई मायनों में...:)
tm007
14-01-2011, 02:17 PM
डोक्टर साहब जो आप ५ सालों से कर रहें हैं वह प्यार नहीं दोस्ती है
सम्भोग स्त्री एवं पुरुष के बीच सबसे प्रगाड़ सम्बन्ध है सम्भोग दो जिस्मों का ही नहीं किन्तु आत्मा से आत्मा का मिलन है
एक स्त्री एवं पुरुष के बीच सच्चा प्यार केवल किताबी बातें है सम्भोग एवं तृप्ति ही अंतिम सत्य है आप माने या न माने सत्य-सत्य हे रहेगा
dev b
16-01-2011, 02:10 AM
मित्र आप आप कृपया नाराज ना हो . ये ठीक है की जवानी मे सम्भोग का बहुत महत्व है , ये भी हो सकता है की सम्भोग से प्यार भी प्रगाढ़ हो . परन्तु मित्र उम्र के उस पड़ाव में जब उस के शारीरिक अंग शिथिल पद जाते है तब क्या स्त्री और पुरुष का प्यार सचा नहीं होता?इस लिए मित्र सचा प्यार किताबी बाते नहीं है .......आप का देव भारद्वाज
डोक्टर साहब जो आप ५ सालों से कर रहें हैं वह प्यार नहीं दोस्ती है
सम्भोग स्त्री एवं पुरुष के बीच सबसे प्रगाड़ सम्बन्ध है सम्भोग दो जिस्मों का ही नहीं किन्तु आत्मा से आत्मा का मिलन है
एक स्त्री एवं पुरुष के बीच सच्चा प्यार केवल किताबी बातें है सम्भोग एवं तृप्ति ही अंतिम सत्य है आप माने या न माने सत्य-सत्य हे रहेगा
Awara.ladka
16-01-2011, 02:14 AM
प्रिय मित्रो यंहा पर सभी मित्र आपस में प्यार और सेक्स के बारे में वार्ता लाप कर सकते हे-----पहले इंसान को प्यार होता और उस के बाद सेक्स की इक्षा होती हे या फिर सेक्स के बाद प्यार जाग्रत होता हे .........सभी सम्मानित मित्र कृपया शालीन भाषा का प्रयोग करे ............आप का अपना देव भारद्वाज ::lips::kiss::girl::bed:
bina sex k kya tu pyar kar sakta hai????????????
प्रेम को परिभाषित करना अत्यन्त कठिन है , यदि हम वासना को प्रेम समझते हैं तो शारीर की दुर्बलता अथवा, वृद्धावस्था में शारीरिक प्रेम कम हो जाता है , परन्तु प्रेम की प्रगाढता कम नहीं होती बल्कि और बढती जाती है
प्रेम वस्तुतः आत्मा की अनुभूति है जिसे शारीरिक संबंद्ध अभिव्यक्ति प्रदान करते है , प्रेम अभिव्यक्ति से बलवान और स्थायी होता है . प्रेम की महत्ता जीवन में प्रतिदिन है. जीवन की उत्पति से मृत्यु तक प्रेम सर्वोपरी है .
विवाह वो बंधन है जो दो शरीरों का मिलन सामाजिक नियमों के अनुरूप करने की तथा संतान प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है . प्रेम इस बंधन में बांध कर किया जाये ये जरुरी नहीं . यदि प्रेम विवाह में परिणित हो तो अत्यन्त उत्तम , यदि नहीं तो भी उसे झुटलाया नहीं जा सकता , तथा शारीरिक भूख को प्रेम का नाम देना उचित नहीं है .
..तुम जो भी हो मेल या फीमेल..पर दोस्त..मॆ खुद अपनी बात बता रहा हू..मेरी एक दोस्त हॆ...हम दोनो 5 सालो से एक दूसरे को प्यार करते हे..पर आज तक केवल प्यार ही हॆ...शारीरिक समब्न्ध कभी नही.....आईन्दा ये कभी मत कहना की सम्भोग से पहले असली प्यार किताबी बातें हैं
मैं आपसे पूर्णतः सहमत हूँ , मेरा व्यक्तिगत दृष्टिकोण यही है
मैने अपने जीवन में आज तक अक्षरशः इसका पालन किया है
और मैं बहुत संतुष्ट तथा प्रसन्न हूँ ,यह जानकार की आप भी इसी विचार के हैं
Pooja1990 QUEEN
16-01-2011, 02:58 PM
jab aap sex ke liye pyar karte hai. to jhote pyar se kya fayda. pyar ko sex se jodna thik nahi hai. ek kutta b sex karta hai use kya pyar kahoge. pyar ki jagah sex nahi le sakta. or sex ki pyar :wwp
dev b
16-01-2011, 03:07 PM
प्रिय मित्र हमारा उद्देश्य दोनों को जड़ने का नहीं बल्कि दोनों की महत्ता के बारे विचार -विमर्श करना है , में आप के विचार से सहमत हूँ प्रिय मित्र
jab aap sex ke liye pyar karte hai. to jhote pyar se kya fayda. pyar ko sex se jodna thik nahi hai. ek kutta b sex karta hai use kya pyar kahoge. pyar ki jagah sex nahi le sakta. or sex ki pyar :wwp
v1979p
25-01-2011, 06:31 PM
प्रेम हमेशा बढ़ता है, जबकि वासना समय के साथ-साथ घटती-बढ़ती रहती है।
- वास्तविक प्रेम कभी बदले के लिये नहीं होता, जबकि वासना की यदि पूर्ति न हो तो वह तत्काल क्रोध में बदल जाती है।
- प्रेम में मन और भावनाओं की नजदीकी अहम होती है, जबकि वासना में शारीरिक समीपता का आकर्षण प्रबल होता है।
- मदद, माफी, प्रोत्साहन, त्याग और आन्तरिक प्रसन्नता ये सभी प्रेम का परिवार हैँ।
- क्रोध, चिड़चिड़ाहट, डर, भय, रोग, घ्रणा और आत्मग्लानी ये सभी वासना के सगे संबंधी हैं।
Ranveer
25-01-2011, 06:43 PM
वासना से थोड़ी देर के लिए शारीरिक सुख मिलता है....और प्रेम से मानसिक संतुष्टि ....दोनों क्रिया मनुष्य के लिए आवश्यक है ..दोनों एक दुसरे के पूरक हैं..ये दोनों मिलकर ही प्यार कहलाता है....यहाँ पर प्यार दो प्रेमी के बीच वाला प्यार है...
dev b
26-01-2011, 12:20 PM
मै आप सहमत हु मित्र
प्रेम हमेशा बढ़ता है, जबकि वासना समय के साथ-साथ घटती-बढ़ती रहती है।
- वास्तविक प्रेम कभी बदले के लिये नहीं होता, जबकि वासना की यदि पूर्ति न हो तो वह तत्काल क्रोध में बदल जाती है।
- प्रेम में मन और भावनाओं की नजदीकी अहम होती है, जबकि वासना में शारीरिक समीपता का आकर्षण प्रबल होता है।
- मदद, माफी, प्रोत्साहन, त्याग और आन्तरिक प्रसन्नता ये सभी प्रेम का परिवार हैँ।
- क्रोध, चिड़चिड़ाहट, डर, भय, रोग, घ्रणा और आत्मग्लानी ये सभी वासना के सगे संबंधी हैं।
dev b
26-01-2011, 12:25 PM
[प्रिय मित्र हम जिस के साथ सेक्स करे जरुरी नहीं की उस को प्यार भी करते हो . और जन्हा प्यार हो जरुरी नहीं की वंहा सेक्स भी हो .......हां शादी के बाद दोनो मिल कर चलते है ....QUOTE=ranzsa;31805]वासना से थोड़ी देर के लिए शारीरिक सुख मिलता है....और प्रेम से मानसिक संतुष्टि ....दोनों क्रिया मनुष्य के लिए आवश्यक है ..दोनों एक दुसरे के पूरक हैं..ये दोनों मिलकर ही प्यार कहलाता है....यहाँ पर प्यार दो प्रेमी के बीच वाला प्यार है...[/QUOTE]
dev b
28-03-2011, 07:39 AM
बिलकुल मित्र मै आप से सहमत हु जँहा प्यार सेक्स के लिए होता है ...वंहा निश्चित ही प्यार झूठा होगा ...मेरे विचार से शादी से पहले का जो लड़का , लड़की तरफ सेक्स की वजह से आकर्षित होता है , हो सकता है की वो धीरे धीरे बाद में प्यार में बदल जाए .....परन्तु शादी के बाद उम्र बढ़ने के साथ धीरे -धीरे सेक्स में कमी आती है और प्यार बरकरार रहता है ....हो सकता है की प्यार उम्र के साथ बढे ही ..परन्तु कम नहीं होता .........आप सभी के क्या विचार है मित्रो ?
jab aap sex ke liye pyar karte hai. to jhote pyar se kya fayda. pyar ko sex se jodna thik nahi hai. ek kutta b sex karta hai use kya pyar kahoge. pyar ki jagah sex nahi le sakta. or sex ki pyar :wwp
Raja44
30-03-2011, 05:52 AM
Mere hisab se ye dono ek hi sikke ke do pahloo he.sex me burai kya he jise aap pyar karte he usake sath sex karke ke bhi dekh lo ki wo layak he ya nahi
dev b
30-03-2011, 02:58 PM
बिलकुल मित्र ..मै आप से सहमत हु ....अगर पार्टनर की सहमति हो तो बुराई नहीं है
Mere hisab se ye dono ek hi sikke ke do pahloo he.sex me burai kya he jise aap pyar karte he usake sath sex karke ke bhi dekh lo ki wo layak he ya nahi
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