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View Full Version : सेक्स



pareek76
14-06-2011, 08:25 PM
सेक्स को लेकर लोगों के मन में कई तरह भ्रांतियां हैं। इन भ्रांतियों के चलते लोग सेक्स का सही से आनंद नहीं उठा पाते हैं। हम यहां पर उन भ्रांतियों पर से पर्दा उठा रहें ताकि आप सेक्स को स्मार्ट बना सकें।

पुरुष हर 7 सेकेंड में सेक्स के बारे में सोचता है
लोगों के मन में भ्रांति है कि पुरुष हर 7वें सेकेंड में सेक्स के बारे सोचते हैं, लेकिन रिसर्च से पता चला है कि सिर्फ 14 फीसदी पुरुष दिन भर में कई बार सेक्स के बारे में सोचते हैं। 43 फीसदी महीने में कुछ दिन और 4 फीसदी तो ऐसे हैं कि जो महीना में एक बार भी सेक्स के बारे में नहीं सोचते। इसके उलट 19 फीसदी महिलाएं रोज कई बार सेक्स के बारे में सोचती है और 67 फीसदी महिलाएं हफ्ते में और सिर्फ 14 फीसदी महीनें में सेक्स के बारे में सोचती हैं।

पुल-आउट मेथड सेफ रहता है
नहीं, यह मेथड सेफ नहीं है। दरअसल, सेक्स के दौरान पुरुष का स्पर्म हल्का-हल्का कई बार में निकलते रहता है, पर उसे पता नहीं चलता है। स्पर्म की यह मात्रा आपके साथी को प्रेगनेंट करने के लिए काफी है।

ओरल सेक्स से कोई खतरा नहीं है
ओरल सेक्स से भी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड बीमारियों के फैलने का खतरा रहता है। अगर मुंह या गले में कहीं कुछ कटा होता है, तो वहां से इन बीमारियों के फैलने का खतरा होता है।

पुरुष तो हमेशा सेक्स के लिए तैयार होते हैं
ऐसा भ्रम है कि पुरुष तो सेक्स के लिए हमेशा तैयार रहता है, लेकिन ऐसा नहीं है। पुरुष भी थकता है, वह रॉबोट नहीं है। तनाव के चलते या मूड नहीं रहने के चलते वह सेक्स में रुचि नहीं दिखा सकता है। इसलिए अगर पुरुष सेक्स के लिए तैयार नहीं होता है, इसका मतलब यह नहीं है कि वह आपमें रुचि नहीं लेता है।

साइज मैटर नहीं करता है
आप अपने मन से यह भ्रम निकाल दें कि साइज से कोई फर्क पड़ता है। साइज से कुछ नहीं होता है। सबसे जरूरी चीज है अपने पार्टनर के जज्बातों का खयाल रखना। इससे सेक्स का ड्यूरेशन बढ़ता है और आप इसका खूब आनंद भी लेते हैं।

pareek76
14-06-2011, 08:26 PM
सेक्स में भरपूर संतुष्टि के लिए मस्तिष्*क और शरीर के बीच तालमेल बेहद जरूरी है। यौन सुख तभी चरम पर पहुंच सकता है जब दोनों पार्टनर शरीर और मस्तिष्*क दोनों से एकाकार हो जाएं। एक का सुख दूसरे को सुख दे और एक की संतुष्टि दूसरे की चरम संतुष्टि बन जाए।
ब्रिटेन के सेक्*स विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि आप सेक्*स में आर्गेज्*म पाना चाहते हैं तो इन चार रास्*तों से होकर गुजरें। यकीन मानिए सेक्*स का असीम आनंद आपको विभोर कर देगा।

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14-06-2011, 08:27 PM
1. सिडक्शन : सेक्स में आनंद पाने के लिए जरूरी है कि आपका पार्टनर उसके लिए मानसिक रूप से तैयार हो। इसलिए जरूरी यह है कि सबसे पहले आप अपने पार्टनर में सेक्स के लिए इच्छा जगाएं।

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14-06-2011, 08:28 PM
2. सेनसेशन : यौन क्रिया का आनंद उठाने के लिए जरूरी है कि इसमें दोनो पार्टनर की सारी इंद्रिया शामिल हों। मस्तिष्*क के साथ-साथ शरीर का हर अंग यौन उत्*तेजना के अनुरूप कार्य करे और सेक्*स सुख को महसूस करे। इससे सेक्*स में गति आती है और उत्*तेजना बढ़ते-बढ़ते आनंद के स्*तर तक पहुंच जाता है।

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14-06-2011, 08:30 PM
3. सरेंडर : जब आपको लगे की आपका पार्टनर आपकी सहमति और समर्पण चाहता है तो उसके सामने अपने आप को समर्पित कर दें। यदि दोनों एक साथ यौन क्रिया को अंजाम देते रहेंगे तो किसी को सच्*चा सुख नहीं मिलेगा। इसलिए संपूर्ण यौन क्रिया में रुक-रुक कर ड्राइवर की सीट बदलते रहें। एक जब ड्राइवर हो तो दूसरा केवल दर्शक बनकर खुद को उसके हाथों में समर्पित कर दे।

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14-06-2011, 08:30 PM
4.रिफलैक्शन : यौन क्रिया के दौरान यह भी जरूरी है कि आप अपनी इच्*छाओं, भावनाओं व सुख को खुल कर अपने साथी से बांटें। उदाहरण के लिए एक-दूसरे को बताएं कि कब अच्*छा लग रहा है, कब ठहरने का मन है, कब सेक्*स में गति बढ़ाने की इच्*छा हो रही है...वगैरह-वगैरह। इससे दोनों को असीम सुख मिलेगा।

pareek76
14-06-2011, 08:32 PM
अच्*छी सेहत के लिए अच्*छा सेक्*स लाइफ बेहद जरूरी है। यदि किसी कपल का सेक्*स लाइफ बहुत बुरा है तो वह कई तरह की मानसिक व शारीरिक परेशानियों से ही जूझता रहता है। पति-पत्*नी के बीच अच्*छा सेक्*स लाइफ न होने के कारण अक्*सर उनके बीच छोटी-छोटी बातों पर कलह, झगड़े होते रहते हैं, जो आगे चलकर अलगाव और तलाक तक में बदल जाते हैं।


व्*यस्*त जीवन, कामकाज की दौड़ व थकान की वजह से आज अधिकांश कपल के सेक्*स लाइफ में गुणवत्*ता नहीं रही हैा अच्*छा सेक्*स लाइफ का मतलब घंटे भर का संभोग नहीं है, बल्कि वह क्षणिक सुख ही पर्याप्*त है जो पति-पत्*नी को मानसिक तनाव व शारीरिक थकान से मुक्*त कर जीवन में स्*फूर्ति का बोध कराता है। जरूरी है सेक्*स लाइफ में थोड़ा तब्*दीली लाने की न कि इसे रूटीन वर्क बनाने की।

स्त्रियों का सेक्*स ड्राइव उनके हार्मोन पर निर्भर करता है। हर महीने पीरियड शुरू और पीरियड समाप्*त होने के अलावा अंडोत्*सर्ग (पीरियड शुरू होने के 14 वें दिन ) के समय उनके अंदर सेक्*स की इच्*छा प्रबल होती है। उस वक्*त उनकी योनी से तरल पदार्थ का स्राव भी होता है, जिससे संभोग का पल कष्*टप्रद की जगह सुखद हो जाता है। लेकिन दांपत्*य को रूटीन मानकर जीने वाली पति-पत्*नी को इस काल का खास अहसास ही नहीं रह पाता है। आइए बताते हैं यहां सेक्*स लाइफ को मजेदार बनाने के लिए महत्*वपूर्ण सुझाव, जिसे अपनाकर हर कपल अपने रिश्*ते को हमेशा के लिए तरोताजा रख सकते है।

pareek76
14-06-2011, 08:44 PM
यौन सुख का वास्*तविक अनुभव शरीर से अधिक मस्तिष्*क को उद्वेलित करता है। गंध, स्*पर्श, कंपन, आर्गेज्*म या चरमोत्*कर्ष की अनुभूति सबसे पहले मस्तिष्*क को होती है। मस्तिष्*क को नए तरह का खुराक देने के लिए अपने महिला साथी की आंख पर पट्टी बांध कर आप एक खेल से यौन क्रीड़ा की शुरूआत कर सकते हैं। आंखों पर पट्टी बांधकर साथी के संवेदनशील अंगों को सहलाएं और आहिस्*ता-आहिस्*ता उसके कपड़ों को उतारें। आंखों पर पट्टी बंधे होने की वजह से उसे पता नहीं चलेगा कि आगे आप उसके किस अंग पर हाथ या जीभ फिराने वाले हैं, किस अंग का कपड़ा हटाने वाले हैं। इससे उसके मस्तिष्*क को एक रोमांचक उत्*तेजना का अनुभव होगा। साथी को सहलाने के लिए मोर या किसी चिडि़या के पंख का भी इस्*तेमाल कर सकते हैं, यह अलग तरह से गुदगुदाएगा। जीभ, हाथों की अंगुलियां या पंख स्*त्री की तंत्रिका तंत्र को बेहद उत्*तेजित कर देगा और उसे अधिक संवेदनशील बना देगा, जिससे उसके न्*यूरॉन्*स में तीव्रता महसूस होगी और वह संभोग के लिए मचल उठेगी। यही खेल स्*त्री भी अपने पुरुष साथी की आंखों पर पट्टी बांध कर खेल सकती है और उसके संवेदनशील अंगों को गुदगुदाकर उत्*तेजना के चरम पर पहुंचा सकती है। इससे सेक्*स लाइफ में नयापन आएगा।

pareek76
14-06-2011, 08:45 PM
आपको हमेशा लगता है कि आप अपने साथी के सुख के बारे में सबकुछ जानते हैं, लेकिन यह सच नहीं है। अच्*छा तो यह हो सेक्*स में एक स्*त्री शिक्षक बन जाए और पुरुष एक आज्ञाकारी छात्र की तरह उसके सिर्फ निर्देशों का पालन करे। शिक्षक की भूमिका में मौजूद स्*त्री साथी जो-जो कहे, छात्र की भूमिका में मौजूद पुरुष साथी वह-वह करता चला जाए। संवेदना के चरम पहुंची अपनी स्*त्री साथी चदि चाहती है कि पुरुष अपनी जीभ से उसके संवेदनशील अंगों को सहलाए, चाटे या गुगुदाए तो पुरुष सिर्फ उसके कहे अनुसार अपनी जीभ चलाए। यदि वह चाहे कि पुरुष बीच-बीच में रुक जाए तो उसे रुकना चाहिए न कि अपनी उत्*तेजना के वशीभूत होकर प्*यार को युद्ध की तरह बनाए। वह चाहे कि आप उसके अंगों से खेलें तो आप खेलें यदि वह चाहे कि आप सीधे संभोग में उतर जाएं तो आप उतर जाएं। प्*यार हमेशा दूसरे की भावना को समझने में है न कि अपनी भावना उस पर थोपने में। भूमिका की अदला-बदली करते रहना चाहिए, जिससे संबंध प्रगाढ़ और स्*वस्*थ्*य बनते हैं।

pareek76
14-06-2011, 08:46 PM
हमारा शरीर एक ऊर्जा भट्ठी है और सेक्*सुअल हार्मोंस ईंधन। कामुकता के क्षणों में पूरे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह होने लगता है। ऊर्जा के प्रवाह को संतुलित करने और एक बेहतर सेक्*स लाइफ को इंज्*वाय करने से पूर्व अपने साथी के शरीर का मसाज करें, बीच-बीच में उसके अंगों को कामुकता भरे अंदाज में सहलाते भी जाएं और थोड़ी सेक्*सी बातें भी करते जाएं। इससे रिश्*तों में नयापन आएगा। सेक्*सुअल तनाव से अकड़े शरीर में मसाज एक शिथिलता आएगी, संवेदनशीलता जगेगी और फिर लंबे समय तक दोनों संभोग में डूबे रह सकते हैं। कई पुरुषों को शीघ्र पतन की शिकायत रहती है। यदि वह अपने स्*त्री साथी को बेहतर मसाज देते है तो उनके मस्तिष्*क में चल रहा संभोग का तनाव दूर होता चला जाता है, वह साथी के एक-एक अंग से नए सिरे से परिचित होते चले जाते हैं, जिससे उत्*तेजना गिरती है और सेक्*सी बातों से एक-दूसरे से थोड़े खुल भी जाते हैं। इससे संभोग के पल को लंबा करने में बेहद मदद मिलती है और दोनों को ऑर्गेज्*म हासिल होता है।

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14-06-2011, 08:48 PM
बेहतर सेक्*स के लिए सेक्*सी अंडरगार्मेंट का भी बड़ा योगदान रहता है। महिलाओं के सेक्*सी, डिजाइनर व रंग-बिरंगे लिंगरी पर पुरुष रीझ जाते हैं और संभोग से पहले काफी देर तक बस लिंगरी में मौजूद अपने साथी को निहारते चले जाते हैं। इससे महिलाओं को बेहद खुशी मिलती है, गर्व का अहसास होता है और पुरुषों की उत्*तेजना बढ़ती चली जाती है। अमेरिका के पूर्व राष्*ट्रपति बिल क्लिंटन तो मोनिका लेविंस्*की से घंटो उसके पैंटी पर ही बात करते रह जाते थे। मोनिका ने तो उनकी याद में संभोग के बाद वीर्य वाला पैंटी अभी तक संभालकर रखा है, जो बाद में सबूत के तौर पर पेश भी किया था। इसी तरह पुरुष भी यदि डिजायनर अंडरगार्मेंट पहनते हैं तो महिलाओं की उत्*तेजना वृद्धि में यह सहायक साबित होता है।

यही नहीं, सेक्*स के लिए तय रातों में पुरुष व महिला दोनों ढीले ढाले वस्*त्र पहनें तो यह और भी बेहतर होता है। दोनों जब एक-दूसरे के वस्*त्र हरण का प्रयास करते हैं और वह आसानी से हटता चला जाता है तो सेक्*स के खेल में मजा आने लगता है। वहीं तंग वस्*त्र शरीर से अलग होने में समय लेता है, जिससे उत्*तेजना के क्षण में कई बार झुंझलाहट पैदा हो जाती है तो गुणवत्*तापूर्ण यौन क्रिया को प्रभावित करती है।

pareek76
14-06-2011, 08:49 PM
अपने पार्टनर से अपनी कामुकता भरी कल्*पनाओं को साझा करें। इससे यौन उत्*तेजना में वृद्धि होती है। यदि आपकी यौन कल्*पना को वास्*तविक धरातल पर उतारने में साथी की मदद मिल जाती है तो हर वक्*त चलने वाले बिना वजह से ख्*याली पुलाव पकाने से भी मुक्ति मिलती है। ऐसा ख्*याली पुलाव महिलाओं के दिमाग में कम, पुरुषों के दिमाग में ज्*यादा पकता रहता है। हां, ध्*यान रखें आपका पार्टनर या आपकी पत्*नी कोई पोर्न स्*टार नहीं है, जिससे आप पोर्न एक्*ट्रेस की तरह व्*यवहार की उम्*मीद करें। पोर्न एक्*सट्रेस की उत्*तेजनाएं नकली होती है,* जिसके एवज में उसे धन मिलता है। पत्*नी से आपको प्*यार, संवेदनशीलता और सुरक्षा मिलती है।

यौन विशेषज्ञों का मानना है कि कामुक कल्*पनाओं को शेयर करने से पति-पत्*नी को एक-दूसरे को समझने में मदद मिलती है और इससे एक्*स्*ट्रा मैरिटल अफेयर पर रोक लगता है। जब पुरुष को घर में ही गुणवत्*तापूर्ण सेक्*स मिल रहा हो तो वह बाहर मुंह मारने से हमेशा बचेगा।

pareek76
14-06-2011, 08:52 PM
अपने दोस्*तों के साथ आपने बहुत बार ताश, कैरम या चेस खेला होगा। लेकिन बिस्*तर पर इस खेल का अपना मजा है। बिस्*तर पर इन खेलों को खेलने के लिए स्*त्री पुरुष पहले एक-दूसरे का वस्*त्र अपनी हाथों से हटा कर एक-दूसरे को पूरी तरह से नग्*न कर दें। नंगी अवस्*था में साथ-साथ ड्रिंक, कोल्*डड्रिंक या चाय-काफी के साथ ताश, कैरम, चेस या फिर घर के अंदर टेबल टेनिस हो तो उसे खेलें। खेल-खेल के बीच एक-दूसरे को निहारते रहें और जीत पर दूसरे साथी को चूमते और नितंब पर हाथ मारकर एक-दूसरे को शाबासी देते रहें। अंत में हारने वाले को जीतने वाले की हर बात माननी होगी। नग्*नावस्*था में देर तक कोई खेल खेलने से पति-पत्*नी के बीच की शर्म व झिझक बहुत हद तक दूर हो जाती है और फिर जीतने वाले को एक गुणवत्*तापूर्ण सेक्*स नाइट का ईनाम मिल सकता है।

pareek76
14-06-2011, 08:53 PM
जब स्*त्री पुरुष सेक्*स से गुजर रहें तो एक-दूसरे से यह पूछते भी चलें कि तुम्*हें कैसा लग रहा है। यकीन मानिए, एक की खुशी दूसरे को खुशी देगा। संभोग के पल में एक्टिव पार्टनर पैसिव पार्टनर से यह पूछ सकता है कि दर्द भी हो रहा है, मजा आ रहा है, कितना अंदर गया, जलन तो नहीं हो रही, कैसा लग रहा है, मुख मैथुन करूं, योनी के संकुचन से एक बार लिंग पर दबाव तो बनाओ, वीर्य निकलने को हो तो बाहर निकल जाना, बदमाश कहीं के, ऐसे कहीं करते हैं- यौन क्रिया के दौरान ऐसी कई बातें दोनों को एक-दूसरे को समझने, सेक्*सुअल स्*ट्रोक को कम या ज्*यादा करने और चरमोत्*कर्ष पर एक-दूसरे को पहुंचाने में बहुत मददगार साबित होती है। सेक्*स के दौरान इस तरह एक-दूसरे से बातचीत करने से सेक्*स एक खूबसूरत क्रीड़ा बन जाती है न कि युद्ध का मैदान- जैसा की अधिकांश शादीशुदा जोड़े में देखा गया है।

pareek76
14-06-2011, 08:53 PM
एक ही तरह से संभोग करने से यौन क्रिया नीरस, उबाऊ और पुरुषों के लिए सिर्फ वीर्यपात तक सीमित होकर रह जाती है। स्*त्री एक तरह से सिर्फ बलात्*कार की शिकार होती रहती, उसकी इच्*छा नहीं पूछी जाती और अधिकांश स्*त्री दो-तीन बच्*चे जनने के बाद भी चर्मोत्*कर्ष या आर्गेज्*म का मतलब नहीं समझती। वात्*स्*यायन ने संभोग के 64 आसनों का उल्*लेख किया है। सब आसन सभी के लिए नहीं है, लेकिन कुछ आसन तो ऐसे हैं ही कि उसे हर स्*त्री पुरुष अपना कर सेक्*सुअल लाइफ को रोमांचक बना सकता है। आधीआबादी के अंतरंग खंड के कामसूत्र उपखंड में ऐसे कई आसनों को आधुनिक नजरिए से समझाया गया है।
संभोग में अक्*सर पुरुष ऊपर व स्*त्री नीचे होती है। लेकिन कभी स्*त्री ऊपर आ सकती है, वह स्*ट्रोक को नियंत्रित कर सकती है, दंपत्ति बैठकर संभोग कर सकते हैं, लेटी हुई स्*त्री की योनी में पुरुष पीछे से लिंग का प्रवेश करा सकता है-ऐसे कई आसन हैं जिसे अपनाकर कोई भी स्*त्री पुरुष यौन क्रिया की खूबसूरती को ताउम्र बनाए रख सकते हैं।

pareek76
14-06-2011, 08:56 PM
बाजार में चर्मोत्*कर्ष पर पहुंचाने के लिए बड़े ब्रांड के कई क्रीम, जेली आदि उपलब्*ध हैं। पुरुषों के शीघ्र पतन को रोकने के लिए कई तरह की दवाएं और कॉक रिंग उपलब्*ध हैं। वाइब्रेटर कंडोम तक भारतीय बाजार में आ चुका है। यौन क्रिया को रोमांचक बनाने के लिए इन सभी का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए किसी अच्*छे सेक्*स विशेषज्ञ से सलाह ले लें तो और बेहतर रहता है।

pareek76
14-06-2011, 08:57 PM
हमेशा बेडरूम में ही यौन क्रिया को न दोहराएं, इससे सेक्*स जीवन में एक निश्चित समय के बाद नीरसता आने लगती है। बाथ टब में, शॉवर के नीचे, घर में जब कोई न हो तो कुर्सी, टेबल, बेंच या घर के किसी कोने में दीवार की की मदद से खड़े होकर संभोग किया जा सकता है। साल में एक बार छुट्टी लेकर बाहर जरूर जाएं और जाएं तो नए जगह पर यौन क्रिया करने से न चूकें। भले ही आपकी शादी को 20-25 साल हो चुके हों, लेकिन नए जगह पर जाते ही यौन क्रिया को मन जरूर मचलेगा, क्*योंकि यह माहौल बदलने का असर होता हैा

pareek76
16-06-2011, 03:30 PM
प्रविस्ठी पसंद आने पर (*) का बटन दबा कर +१ Reputation जरूर दे

pareek76
16-06-2011, 03:45 PM
हाल ही में हुए सर्वे में पाया गया है कि लिप टू लिप किस (होंटो से होंट सटा कर चुंबन लेना) पुरूषों को ज्यादा उत्तेजित करता है। किस के दौरान पुरुषों में हारमोनल परिवर्तन होते हैं। इससे पुरुषों के सारे तनाव दूर हो जाते हैं।
15 युवक-युवतियों पर किए गए सर्वेक्षण में किस से पहले और बाद में ऑक्सीटॉनिक और कोर्टीसोल हारमोन के स्*तर को जांचा गया। किस के बाद पुरुषों में ऑक्सीटॉनिक हार्मोंस का स्तर बढा हुआ पाया गया।
इस सर्वे से स्*पष्*ट हुआ है कि ऑक्सीटॉन हार्मोन एक दूसरे को करीब आने की इच्छा को जगाता है। साथ ही इसके कारण तनाव पैदा करने वाले हार्मोन के स्तर में भी गिरावट आती है।

Poorangyan
24-07-2011, 08:52 PM
आज पहली बार पढ़ा है आपका लिखा - इस सूत्र में और एक अन्य सूत्र में. अब रोज़ पढना पड़ेगा. जहाँ सब लोग चित्र दिखाने में लगे रहते हैं (मैं भी), वहीँ आप गंभीर, रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी देते हैं. लिखने में इतना समय लगाते हैं पर अफ़सोस, जवाब/प्रतिक्रिया बहुत कम लोग देते हैं. पर आप अपना कार्य करते रहें.

Poorangyan
24-07-2011, 09:00 PM
एक बात और. आपके शब्दों में से कुछ के आगे asterix लगा होता है. यह समस्या मेरे साथ भी हुई है. कहीं और टाइप करके यहाँ पेस्ट करने पर अक्सर ऐसा होता है.