View Full Version : क्यूँ प्रतिबँधित किया गया
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:12 AM
प्रिय नियामक मित्रोँ शायद आप मुझसे सहमत होँगे कि किसी भी सँस्था को सुचारु ढँग से चलने के लिए उसके सदस्योँ और नियामकोँ के बीच सँवाद , भरोषा और पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए
अगर आप मुझसे सहमत हैँ तो क्रिपया जिन सदस्योँ को आप बैन करते हैँ उन्हेँ जिस कारण से बैन किया हो क्रिपया उसका उल्लेख इस सूत्र मेँ करेँ
जिस प्रविष्टी के कारण बैन लगाया हो क्रिपया उसे भी डालेँ
पहला फायदा यह होगा कि आपसी विश्वास कि भावना बढेगी,पारदर्शिता बढ़ेगी
दूसरा फायदा ये कि बाकि लोग भी कुछ सिख सकेँगे इससे
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:15 AM
पर अगर आपका जबाब यह है कि प्रबँधन जरुरी नहिँ समझता कि वो जबाब दे या फिर आप सिर्फ अपने काम से काम रखिए आदि आदि
तो मैँ विनम्रता से यहि कहूँगा कि प्रिय मित्रोँ आप एक मनोरँजक मँच चला रहे हैँ ना कि कोई दफ्तर जहाँ अपने काम से काम रखा जाता है
और अगर आप मुझसे सहमत हैँ तो ये बताएँ कि मेरे मित्र रज्जी कौर जी को क्योँ प्रतिबँधित किया गया हैं प्रविष्टी सहित
धन्यवाद
miss.dabangg
16-06-2011, 03:08 AM
प्रिय नियामक मित्रोँ शायद आप मुझसे सहमत होँगे कि किसी भी सँस्था को सुचारु ढँग से चलने के लिए उसके सदस्योँ और नियामकोँ के बीच सँवाद , भरोषा और पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए
अगर आप मुझसे सहमत हैँ तो क्रिपया जिन सदस्योँ को आप बैन करते हैँ उन्हेँ जिस कारण से बैन किया हो क्रिपया उसका उल्लेख इस सूत्र मेँ करेँ
जिस प्रविष्टी के कारण बैन लगाया हो क्रिपया उसे भी डालेँ
पहला फायदा यह होगा कि आपसी विश्वास कि भावना बढेगी,पारदर्शिता बढ़ेगी
दूसरा फायदा ये कि बाकि लोग भी कुछ सिख सकेँगे इससे
सही कहा आपने मैं भी सहमत हूँ आपकी बात से !!!! :salut::salut::salut::salut:
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 08:22 AM
नियामक मित्रोँ आपके जबाब कि प्रतिछा मेँ
BHARAT KUMAR
16-06-2011, 08:26 AM
फिर से?????
और अगर आप मुझसे सहमत हैँ तो ये बताएँ कि मेरे मित्र रज्जी कौर जी को क्योँ प्रतिबँधित किया गया हैं प्रविष्टी सहित
धन्यवाद
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 10:17 AM
क्या ये उचित नहीँ कि किसी को बैन करने से पहले एक बार सफाई देने का या माफी माँगने का मौका दिया जाए
क्या जिसपे अपराध साबित होता है वह अपना पछ एक बार भी नहिँ रख सकता
क्या प्रबँधन का यह कर्तव्य नहीँ कि सँबधित सदस्य को बैन करने से पहले चेतावनि दे कि इस गलती कि माफी माँगे अन्यथा बैन किया जा सकता है
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 10:27 AM
नियामक मित्रोँ ,बैन होने के बाद सदस्योँ को अनुमान लगाना पङता है कि शायद इस गलति कि सजा हो या फिर शायद उस गलती कि या फिर ठिक से कुछ समझ मे नही आता
क्या सिर्फ anapropriate language कहने से कर्तव्योँ कि इति हो जाती है
BHARAT KUMAR
16-06-2011, 10:28 AM
भाई सुबह सुबह क्यूँ परेशान हो रहे हो!क्या बात हो गयी! आप खुद भी तो कुछ बताओ!
नियामक मित्रोँ ,बैन होने के बाद सदस्..
क्या सिर्फ anapropriate language कहने से कर्तव्योँ कि इति हो जाती है
Chandrshekhar
16-06-2011, 10:34 AM
प्रिय नियामक मित्रोँ शायद आप मुझसे सहमत होँगे कि किसी भी सँस्था को सुचारु ढँग से चलने के लिए उसके सदस्योँ और नियामकोँ के बीच सँवाद , भरोषा और पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए
अगर आप मुझसे सहमत हैँ तो क्रिपया जिन सदस्योँ को आप बैन करते हैँ उन्हेँ जिस कारण से बैन किया हो क्रिपया उसका उल्लेख इस सूत्र मेँ करेँ
जिस प्रविष्टी के कारण बैन लगाया हो क्रिपया उसे भी डालेँ
पहला फायदा यह होगा कि आपसी विश्वास कि भावना बढेगी,पारदर्शिता बढ़ेगी
दूसरा फायदा ये कि बाकि लोग भी कुछ सिख सकेँगे इससे
जी अब नियम भी आप ही बनाए...और उसे लागू भी खुद ही करे....आप ही फोरम को चलाए....इस तरह के सूत्रों से कोई फायदा होने वाला नही, बेकार मैं विवाद ही फेलेगा....
underground
16-06-2011, 10:37 AM
dear aap jo bhi ya to aap bhi ban hone wale ho ya apka ye sutr bhi band hone wala hai isliye ek rai deta hu chup chaap raho jo ho raha hai hone do
Chandrshekhar
16-06-2011, 10:42 AM
नियामक मित्रोँ ,बैन होने के बाद सदस्योँ को अनुमान लगाना पङता है कि शायद इस गलति कि सजा हो या फिर शायद उस गलती कि या फिर ठिक से कुछ समझ मे नही आता
क्या सिर्फ anapropriate language कहने से कर्तव्योँ कि इति हो जाती है
जी मित्र सारे सदस्यों की मनो भावना और मन की स्थिति को फोरम मैं केवल आप ही समझ सकते है, सदस्य का अनुमान लगा रहे है, सोच रहे है, आप ही समझ सकते है....कर्तव्योँ का पालन केसे हो आप ही बता सकते है...आपको कोटि कोटि नमस्कार....
marwariladka
16-06-2011, 10:46 AM
मित्र मेरे ख्याल से...
यहाँ पर किसी भी सदस्य को बेन करने से पहले उसे PM किया जाता है और उसे प्रविष्टी के सम्बंधित स्पस्तीकरण माँगा जाता है..
अगर उचित स्पस्तीकरण मिलता है तो उसे बेन नहीं किया जाता...
राजजी कौर जी को बेन करने के अनेक कारण हो सकते हैं...
१-वो अंग्रेजी में लिखती थी हमेशा
२-नियामको से टकराव हमेसा
३-किसी और फोरम के बारे में अन्तर्वासना पर चर्चा...
इत्यादि
अब असल कारण तो में नहीं बता पाउँगा...परन्तु ऐसा है के उन्हें भी स्पस्तीकरण का मौका जरुर दिया गया होगा....
क्या ये उचित नहीँ कि किसी को बैन करने से पहले एक बार सफाई देने का या माफी माँगने का मौका दिया जाए
क्या जिसपे अपराध साबित होता है वह अपना पछ एक बार भी नहिँ रख सकता
क्या प्रबँधन का यह कर्तव्य नहीँ कि सँबधित सदस्य को बैन करने से पहले चेतावनि दे कि इस गलती कि माफी माँगे अन्यथा बैन किया जा सकता है
marwariladka
16-06-2011, 10:48 AM
इसका क्या मतलब है के जो होना है होने दो....और आप क्या कहना चाहते हैं के यहाँ पर बिना कारण के किसी को बेन किया जाता है?...
ऐसा नहीं है...यहाँ पर बिना किसी ठोस कारण के किसी को बेन नहीं किया जाता....हाँ यह बात अलग है के हर किसी को वह कारण नहीं पता होता..परन्तु बेन करने वाले और बेन होने वाले को वोह कारण पता होता है...
dear aap jo bhi ya to aap bhi ban hone wale ho ya apka ye sutr bhi band hone wala hai isliye ek rai deta hu chup chaap raho jo ho raha hai hone do
marwariladka
16-06-2011, 10:50 AM
जहाँ तक inapropriate language का सवाल है...वो सिर्फ infraction में दीखता है...बाकी उस सदस्य को PM जरुर किया गया होगा उनके प्रविष्टी के सम्बन्ध में.....इसलिए आप इस चक्कर में ना पड़े..और यह गलत भावना भी ना पालें के स्पस्तीकरण का मौका नहीं मिला...
नियामक मित्रोँ ,बैन होने के बाद सदस्योँ को अनुमान लगाना पङता है कि शायद इस गलति कि सजा हो या फिर शायद उस गलती कि या फिर ठिक से कुछ समझ मे नही आता
क्या सिर्फ anapropriate language कहने से कर्तव्योँ कि इति हो जाती है
gumnamm
16-06-2011, 10:56 AM
पर अगर आपका जबाब यह है कि प्रबँधन जरुरी नहिँ समझता कि वो जबाब दे या फिर आप सिर्फ अपने काम से काम रखिए आदि आदि
तो मैँ विनम्रता से यहि कहूँगा कि प्रिय मित्रोँ आप एक मनोरँजक मँच चला रहे हैँ ना कि कोई दफ्तर जहाँ अपने काम से काम रखा जाता है
और अगर आप मुझसे सहमत हैँ तो ये बताएँ कि मेरे मित्र रज्जी कौर जी को क्योँ प्रतिबँधित किया गया हैं प्रविष्टी सहित
धन्यवाद
क्या यह सही है कि पूर्व प्रतिबंधित रज्जी कौर आपके आश्वासन पर फिर से बहाल की गई.
आपने उनके अच्छे आचरण की जिम्मेदारी ली थी.
क्या आपने सदस्या रज्जी कौर को जिम्मेदार आचरण के लिए समझाया ?
यदि हाँ तो आप बिना सदस्या रज्जी कौर से यह पूछे कि उन्होंने पिछले दिनों कौन कौन सी प्रविष्टियाँ की हैं उनको गैर जिम्मेदार प्रविष्टियों/संदेश के लिए क्यों अकेला छोड़ा ?
और यदि आपने सदस्या रज्जी कौर को जिम्मेदार आचरण के लिए नहीं समझाया तो आपने उनकी जिम्मेदारी क्यों ली थी.
हर बात के लिए प्रबंधन सदस्यों को जिम्मेदार ठहराना कहाँ तक सही है ?
मैंने आपसे कितने ही बार पूछा कि क्या आपने फोरम के नियम पढ़े हैं ?? इस का जवाब मुझे आज तक किसी भी आपके जवाब में प्राप्त नहीं हुआ है.
बिना फोरम के नियम पढ़े कोई भी सदस्य कहीं भी गलती कर सकता है लेकिन फिर भी अक्सर सदस्य बिना नियम पढ़े ही फोरम भ्रमण करते हैं, यहाँ तक कि आप भी. क्या आप फोरम के नियमों से ऊपर हैं ??
आप क्यों किसी अन्य सदस्यों के बैन होने और उनके बैन के कारण जानने के लिए इतने उत्सुक हैं ??
सदस्या रज्जी कौर स्पष्ट रूप से एक नियम उल्लंघन कर रही थी वो यह कि वे सक्षम होते हुए भी हिंदी के स्थान पर रोमन में प्रविष्टियाँ कर रही थी. क्या आपने जिम्मेदारी लेने के बाद उनको सख्ती से हिंदी लिखने के लिए कहा, जबकि नियम में स्पष्ट है कि किसी भी सदस्य की पहली २० प्रविष्टियाँ ही रोमन में स्वीकार की जाती हैं.
आप पहले भी फोरम पर विवाद करते रहे हैं, आपके सही आचरण करने के आश्वासन पर आपको फोरम पर कार्य करने हेतु अंतिम मौका दिया गया था लेकिन आप इस सूत्र द्वारा यह सिद्ध कर रहे हैं कि आप गुटबाजी एवं विवाद करने में विश्वास रखते हैं. क्यों ना आप पर नियमानुसार कार्यवाही कर दी जाये ??
gumnamm
16-06-2011, 11:02 AM
http://antarvasna.com/forum/member.php?u=13&tab=visitor_messaging&page=1#visitor_messaging
kaise ho varisth niyamak. bina shikayat ke khud se hi bias hokar karwahi ki tumne is baar.
kis baat ka badla le rahe ho kya? hahaha
फोरम के वरिष्ठ नियामक से किस भाषा में बात की गई है जरा देख लीजिये.
यदि किसी सदस्य की जिम्मेदारी ली जाती है तो उस पर पूरी निगाह रखनी चाहिए थी अन्यथा किस प्रकार की जिम्मेदारी ली गई थी ??
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 11:05 AM
जी मित्र सारे सदस्यों की मनो भावना और मन की स्थिति को फोरम मैं केवल आप ही समझ सकते है, सदस्य का अनुमान लगा रहे है, सोच रहे है, आप ही समझ सकते है....कर्तव्योँ का पालन केसे हो आप ही बता सकते है...आपको कोटि कोटि नमस्कार....
मित्र अगर आप कुछ विशेष है तो बात अलग है मै अपने जैसे आम सदस्योँ कि मनोदशा कि बात कर रहा था
ये मेरा निजि अनुभव भी था क्योँकि मै गुजर चुका हुँ इनसे
पर क्या आप भी गुजरे है अगर नहीँ तो मुझे नहि लगता कि आपके पास कुछ सार्थक कहने को होगा
सूत्र पे आने का धन्यवाद
marwariladka
16-06-2011, 11:08 AM
santyen जी की प्रविष्टी dekho मित्र....उसके बाद भी क्या आपको इस सूत्र का auchitya दीखता है?
मित्र अगर आप कुछ विशेष है तो बात अलग है मै अपने जैसे आम सदस्योँ कि मनोदशा कि बात कर रहा था
ये मेरा निजि अनुभव भी था क्योँकि मै गुजर चुका हुँ इनसे
पर क्या आप भी गुजरे है अगर नहीँ तो मुझे नहि लगता कि आपके पास कुछ सार्थक कहने को होगा
सूत्र पे आने का धन्यवाद
Chandrshekhar
16-06-2011, 11:11 AM
मित्र अगर आप कुछ विशेष है तो बात अलग है मै अपने जैसे आम सदस्योँ कि मनोदशा कि बात कर रहा था
ये मेरा निजि अनुभव भी था क्योँकि मै गुजर चुका हुँ इनसे
पर क्या आप भी गुजरे है अगर नहीँ तो मुझे नहि लगता कि आपके पास कुछ सार्थक कहने को होगा
सूत्र पे आने का धन्यवाद
दूसरे किसी सदस्यों की वेक्तिग्त मनोदशा पे आपको बोलने का कोई अधिकार नही है.....ये सदस्यों की निजता का हनन है, आप अपने बारे मैं लिखए...दूसरे सदस्यों की मनोदशा से आपको कोई मतलब नही होना चाहिए....
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 11:19 AM
क्या यह सही है कि पूर्व प्रतिबंधित रज्जी कौर आपके आश्वासन पर फिर से बहाल की गई.
आपने उनके अच्छे आचरण की जिम्मेदारी ली थी.
क्या आपने सदस्या रज्जी कौर को जिम्मेदार आचरण के लिए समझाया ?
यदि हाँ तो आप बिना सदस्या रज्जी कौर से यह पूछे कि उन्होंने पिछले दिनों कौन कौन सी प्रविष्टियाँ की हैं उनको गैर जिम्मेदार प्रविष्टियों/संदेश के लिए क्यों अकेला छोड़ा ?
और यदि आपने सदस्या रज्जी कौर को जिम्मेदार आचरण के लिए नहीं समझाया तो आपने उनकी जिम्मेदारी क्यों ली थी.
हर बात के लिए प्रबंधन सदस्यों को जिम्मेदार ठहराना कहाँ तक सही है ?
मैंने आपसे कितने ही बार पूछा कि क्या आपने फोरम के नियम पढ़े हैं ?? इस का जवाब मुझे आज तक किसी भी आपके जवाब में प्राप्त नहीं हुआ है.
बिना फोरम के नियम पढ़े कोई भी सदस्य कहीं भी गलती कर सकता है लेकिन फिर भी अक्सर सदस्य बिना नियम पढ़े ही फोरम भ्रमण करते हैं, यहाँ तक कि आप भी. क्या आप फोरम के नियमों से ऊपर हैं ??
आप क्यों किसी अन्य सदस्यों के बैन होने और उनके बैन के कारण जानने के लिए इतने उत्सुक हैं ??
सदस्या रज्जी कौर स्पष्ट रूप से एक नियम उल्लंघन कर रही थी वो यह कि वे सक्षम होते हुए भी हिंदी के स्थान पर रोमन में प्रविष्टियाँ कर रही थी. क्या आपने जिम्मेदारी लेने के बाद उनको सख्ती से हिंदी लिखने के लिए कहा, जबकि नियम में स्पष्ट है कि किसी भी सदस्य की पहली २० प्रविष्टियाँ ही रोमन में स्वीकार की जाती हैं.
आप पहले भी फोरम पर विवाद करते रहे हैं, आपके सही आचरण करने के आश्वासन पर आपको फोरम पर कार्य करने हेतु अंतिम मौका दिया गया था लेकिन आप इस सूत्र द्वारा यह सिद्ध कर रहे हैं कि आप गुटबाजी एवं विवाद करने में विश्वास रखते हैं. क्यों ना आप पर नियमानुसार कार्यवाही कर दी जाये ??
1 जी बिलकुल सहि है जिम्मेदारि लि थि
2 बाकि सवालोँ का जबाब ये कि अच्छी चीजेँ रातोरात नहि घटति
मेहनत लगति है और थोङा वक्त लगता है और प्रबँधन से सहयोग कि जरुरत भी पडति है
3 आप ने क्या उस सदस्य को एक बार भी आप से खेद प्रकट करने का मौका दिया क्या ये अहम कि तुष्टि नहिँ
4 अगर सारि सम्सया का हल आपको मेरे बेन होने मे दिखता है तो पहले तो इस नजरिये कि तारीफ करुँगा और फिर कहूँगा कि जरुर करेँ पर id मिटा देँ पर एक सूत्र माँ को छोङकर बाकि को मिटा दे
मुझे आपसे कोई शिकायत नहि
gumnamm
16-06-2011, 11:21 AM
मित्र अगर आप कुछ विशेष है तो बात अलग है मै अपने जैसे आम सदस्योँ कि मनोदशा कि बात कर रहा था
ये मेरा निजि अनुभव भी था क्योँकि मै गुजर चुका हुँ इनसे
पर क्या आप भी गुजरे है अगर नहीँ तो मुझे नहि लगता कि आपके पास कुछ सार्थक कहने को होगा
सूत्र पे आने का धन्यवाद
कोई भी आम सदस्य यहाँ विवाद नहीं करता है, कुल मिलकर ४-६ सदस्य हैं जो अक्सर ही फोरम पर विवाद करके अन्य सदस्यों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं, अक्सर ही शिकायत विभाग उनके लिए शिकायतों का एक पिटारा साबित होते रहे हैं. अनेक बार समझाने पर भी जब सदस्य अपने व्यवहार को सही नहीं करता है तो मजबूरन सदस्य पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करनी होती है, फोरम प्रबंधन स्वयम अपने सदस्यों की महत्ता समझता है लेकिन दूसरे सदस्यों के हनन की कीमत पर नहीं. किसी सदस्य को समझाने पर कितना समय दिया जा सकता है और उसके ना समझने पर फोरम की अस्थिरता एवं अन्य सभी सदस्यों के अहम को ठेस लगने के लिए यूं ही नहीं छोड़ा जा सकता है.
gumnamm
16-06-2011, 11:25 AM
1 जी बिलकुल सहि है जिम्मेदारि लि थि
2 बाकि सवालोँ का जबाब ये कि अच्छी चीजेँ रातोरात नहि घटति
मेहनत लगति है और थोङा वक्त लगता है और प्रबँधन से सहयोग कि जरुरत भी पडति है
3 आप ने क्या उस सदस्य को एक बार भी आप से खेद प्रकट करने का मौका दिया क्या ये अहम कि तुष्टि नहिँ
4 अगर सारि सम्सया का हल आपको मेरे बेन होने मे दिखता है तो पहले तो इस नजरिये कि तारीफ करुँगा और फिर कहूँगा कि जरुर करेँ पर id मिटा देँ पर एक सूत्र माँ को छोङकर बाकि को मिटा दे
मुझे आपसे कोई शिकायत नहि
आप सहित फोरम के सभी सदस्यों से एक सवाल :::
क्या यह एक जिम्मेदार सदस्य का जवाब हो सकता है जो हर प्रकार से अपना पल्ला झाड कर प्रबंधन सदस्यों पर अपनी गलती थोप दे.
१. इन तीन दिनों में आपने सदस्या रज्जी को समझाने में कितना वक्त दिया और किस किस बात के लिए समझाया ?
२. आप अपने बैन की बात क्यों कर रहे हैं जबकि मैंने आपके बैन के लिए कोई शब्द प्रयुक्त किया ही नहीं है.
आप फोरम प्रबंधन को क्या सिद्ध करना चाहते हैं ??
gumnamm
16-06-2011, 11:31 AM
hahaha tum sach mein bachhe hi ho. jaao bahar jaakar khelo..
alelelele niyamak ji aa gaye.. chalo jhab log namaste kalo hahaha
फोरम के एक अन्य नियामक हेतु की गई सदस्या रज्जी कौर द्वारा प्रविष्टि.
दिनांक १४-०६-२०११ समय ११:४७ दिन में, सूत्र चौपाल पर
यहाँ मैं इन्वोल्व नहीं हूँ, अब आप बताइये कि इसे क्या कहेंगे ??
क्या यह कटाक्ष साबित नहीं करता कि सदस्या रज्जी कौर किस उद्द्येश्य से यहाँ आती हैं ??
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 11:32 AM
चाँद जी अनजाने मे हो
लेकिन आप भि यहाँ सभि कि वकालत कर रहे है फर्क इतना कि मुझे लग रहा है मै सहि और आपको लग रहा है कि आप
जरा apne coments को दुबारा पढे
मोबाइल है तो सिरफ जरुरी का हि उतर दे पाउँगा
अगर यहाँ रहा तो आपको सभी जबाब मिल जाएगा पर अभी थोङा धैर्य रखे मित्र
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 11:40 AM
आप सहित फोरम के सभी सदस्यों से एक सवाल :::
क्या यह एक जिम्मेदार सदस्य का जवाब हो सकता है जो हर प्रकार से अपना पल्ला झाड कर प्रबंधन सदस्यों पर अपनी गलती थोप दे.
१. इन तीन दिनों में आपने सदस्या रज्जी को समझाने में कितना वक्त दिया और किस किस बात के लिए समझाया ?
२. आप अपने बैन की बात क्यों कर रहे हैं जबकि मैंने आपके बैन के लिए कोई शब्द प्रयुक्त किया ही नहीं है.
आप फोरम प्रबंधन को क्या सिद्ध करना चाहते हैं ??
1 जब अधिकार बडे होँ तो कर्तव्य भी ज्यादा होता है बङे भाई तो ज्यादा चीजे आपकि मोहताज है अपने अधिकारोँ के अँदर मै सिरफ सर पटक सकता हूँ
2 आपने कहा था कि क्यूँ न आपपे कारवाहि कि जाए तब मैने बैन कि बात कि
3 यहि सिद्द करना चाहता हुँ कि बिना प्रबँधन के सहयोग के अच्छा बदलाव नहि आ सकता
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 11:47 AM
फोरम के एक अन्य नियामक हेतु की गई सदस्या रज्जी कौर द्वारा प्रविष्टि.
दिनांक १४-०६-२०११ समय ११:४७ दिन में, सूत्र चौपाल पर
यहाँ मैं इन्वोल्व नहीं हूँ, अब आप बताइये कि इसे क्या कहेंगे ??
क्या यह कटाक्ष साबित नहीं करता कि सदस्या रज्जी कौर किस उद्द्येश्य से यहाँ आती हैं ??
agar main kisi mahila sadasay ko ashlil pm karta hun to unke samne kubul bhi karta hun aur sabhi ke samne jawab bhi deta hun par har koi mere jaisa nahi
usi tarah koi mahila chup rah jati hai par koi mauka milne par bhadas nikalne se nahi chukti
to ektarfa nirnay lene se kaise hoga
(roman mein last coment hai maf karein
Chandrshekhar
16-06-2011, 11:54 AM
agar main kisi mahila sadasay ko ashlil pm karta hun to unke samne kubul bhi karta hun aur sabhi ke samne jawab bhi deta hun par har koi mere jaisa nahi
usi tarah koi mahila chup rah jati hai par koi mauka milne par bhadas nikalne se nahi chukti
to ektarfa nirnay lene se kaise hoga
(roman mein last coment hai maf karein
मित्र अगर ये बात आप ने स्वीकार की है तो मेरा निवेदन है की आप दूसरे सदस्यों की मनोदशा का अनुमान लगा के उन्हें अपनी तरह मत समझे....
Ranveer
16-06-2011, 12:00 PM
बीच में टपकने की जुर्रत कर रहां हूँ क्षमा करें |
प्रबंधन से गुजारिश करूंगा की इस मामले में किसी प्रश्न का उतर न दें |
कोई आवश्यकता नहीं है की बैन किये सदस्यों का स्पष्टीकरण दिया जाए |
यदि कोई सदस्य बैन हुआ है तो निश्चित है की उसने कुछ न कुछ नियमभंग किया ही होगा |
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:03 PM
कोई भी आम सदस्य यहाँ विवाद नहीं करता है, कुल मिलकर ४-६ सदस्य हैं जो अक्सर ही फोरम पर विवाद करके अन्य सदस्यों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं, अक्सर ही शिकायत विभाग उनके लिए शिकायतों का एक पिटारा साबित होते रहे हैं. अनेक बार समझाने पर भी जब सदस्य अपने व्यवहार को सही नहीं करता है तो मजबूरन सदस्य पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करनी होती है, फोरम प्रबंधन स्वयम अपने सदस्यों की महत्ता समझता है लेकिन दूसरे सदस्यों के हनन की कीमत पर नहीं. किसी सदस्य को समझाने पर कितना समय दिया जा सकता है और उसके ना समझने पर फोरम की अस्थिरता एवं अन्य सभी सदस्यों के अहम को ठेस लगने के लिए यूं ही नहीं छोड़ा जा सकता है.
मित्र मुझे फौरम पे विवाद के पैसे नहिँ मिलते आपकि तरह मै भी फोरम का हितैषी हुँ
आप अपने स्तर पर और मै अपने स्तर पर प्रयास कर रहा हूँ
आपसे थोङा वक्त ही तो माँग रहा हूँ ताकी मेरे प्रयासोँ का कोई मतलब पैदा हो सके
आगे आपकि इच्छा
gumnamm
16-06-2011, 12:04 PM
agar main kisi mahila sadasay ko ashlil pm karta hun to unke samne kubul bhi karta hun aur sabhi ke samne jawab bhi deta hun par har koi mere jaisa nahi
usi tarah koi mahila chup rah jati hai par koi mauka milne par bhadas nikalne se nahi chukti
to ektarfa nirnay lene se kaise hoga
(roman mein last coment hai maf karein
आप किसी नियामक पर गंभीर आक्षेप लगा रहे हैं (परोक्ष या सीधे रूप में)
आप सदस्या राजजी कौर जी से बात कर लीजिये और यह सिद्ध कीजिये कि इन नियामक द्वारा सदस्या को कोई गलत संदेश दिया गया है.
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:10 PM
बीच में टपकने की जुर्रत कर रहां हूँ क्षमा करें |
प्रबंधन से गुजारिश करूंगा की इस मामले में किसी प्रश्न का उतर न दें |
कोई आवश्यकता नहीं है की बैन किये सदस्यों का स्पष्टीकरण दिया जाए |
यदि कोई सदस्य बैन हुआ है तो निश्चित है की उसने कुछ न कुछ नियमभंग किया ही होगा |
क्या कुशल प्रबँधन को भि वकिल कि जरुरत पङ गयी
स्वसथ चर्चा के हिमायति मित्र क्यो आप आँखे मुँदने कि बात कर रहे है
gumnamm
16-06-2011, 12:11 PM
बीच में टपकने की जुर्रत कर रहां हूँ क्षमा करें |
प्रबंधन से गुजारिश करूंगा की इस मामले में किसी प्रश्न का उतर न दें |
कोई आवश्यकता नहीं है की बैन किये सदस्यों का स्पष्टीकरण दिया जाए |
यदि कोई सदस्य बैन हुआ है तो निश्चित है की उसने कुछ न कुछ नियमभंग किया ही होगा |
मैं किसी बैन किये गए सदस्य के लिए स्पष्टीकरण नहीं दे रहा हूँ अपितु सदस्य शास्वत भरद्वाज जी को मौका दे रहा हूँ कि वे स्वयं को सही साबित करें. इनके द्वारा किसी और फोरम सदस्य को इन्होने फोरम सहयोग से कुछ अलग गलत ही लिखकर भेजा है.
यहाँ ये या तो अपनी गलती स्वीकार करेंगे कि इन्होने वह कार्य गलत किया था एवं भविष्य में ये फोरम के नियम का पालन करेंगे या प्रबंधन सर्वसम्मति से जो भी निर्णय लेगा.
मित्र मुझे फौरम पे विवाद के पैसे नहिँ मिलते आपकि तरह मै भी फोरम का हितैषी हुँ
आप अपने स्तर पर और मै अपने स्तर पर प्रयास कर रहा हूँ
आपसे थोङा वक्त ही तो माँग रहा हूँ ताकी मेरे प्रयासोँ का कोई मतलब पैदा हो सके
आगे आपकि इच्छा
gumnamm
16-06-2011, 12:13 PM
क्या कुशल प्रबँधन को भि वकिल कि जरुरत पङ गयी
स्वसथ चर्चा के हिमायति मित्र क्यो आप आँखे मुँदने कि बात कर रहे है
प्रबंधन पर एक और गलत आक्षेप .....
आप सिद्ध करेंगे कि प्रबन्धन के कहने पर इन्होने यह वक्तव्य दिया है ??
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:17 PM
प्रिय सँत जी क्रिपया उस गलति को आप PM कर दे या यहि पर खुलासा कर दे
जैसा आप चाहेँ
और मेरि गलतियोँ को मेरे अच्छे प्रयासोँ से अलग कर के देखेँ
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:20 PM
प्रबंधन पर एक और गलत आक्षेप .....
आप सिद्ध करेंगे कि प्रबन्धन के कहने पर इन्होने यह वक्तव्य दिया है ??
ji tabse isi sawal ka wait kar raha tha jawab hindi mein dunga
gumnamm
16-06-2011, 12:26 PM
प्रिय सँत जी क्रिपया उस गलति को आप PM कर दे या यहि पर खुलासा कर दे
जैसा आप चाहेँ
और मेरि गलतियोँ को मेरे अच्छे प्रयासोँ से अलग कर के देखेँ
आपके द्वारा मुझे दी गई धमकी आज भी मेरे पास सुरक्षित है प्रिय बन्धु, मैं अपने किसी भी संदेश की कॉपी किये बिना उसे मिटाता नहीं हूँ.
बेहतर होगा कि आप सोच समझ कर अपनी टिप्पणी करें.
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:31 PM
सँत जि आप माने या ना माने लेकिन सदसयोँ के साथ साथ नियामकोँ भि कइ id operate करते हैँ
सारे फसाद कि जङ यहि भ्रम है
ईसको तो रोका नहिँ जा सकता पर पारद्रशिता बढाई जा सकति है इसलिए ये सुत्र मँच पर आया
मित्र रणविर अभि हाल तक नियामक थे तो वाकई अब ये नियामक नहि है कहना मुश्किल है तो आम सदसय ये कयूँ नहि सोच सकता कि ताजा नियामक प्रबँधन कि वकालत कर रहा है
चुकि आप खुद नियामक है तो आप के सब खुला है पर आम सदसय तो अनुमानो के सहारे विवश है
Ranveer
16-06-2011, 12:32 PM
क्या कुशल प्रबँधन को भि वकिल कि जरुरत पङ गयी
स्वसथ चर्चा के हिमायति मित्र क्यो आप आँखे मुँदने कि बात कर रहे है
मै एक सामान्य सदस्य मात्र हूँ |
और ऐसा कहने के लिए एक सदस्य की हैसियत रखता हूँ |
आख मुंदने की बात नहीं कर रहा |
नियम केवल आपकी सुविधा के लिए नहीं अपितु सभी सदस्यों की सुविधा के लिए है |
फिर केवल आपको क्यूँ आपति है ?
ji tabse isi sawal ka wait kar raha tha jawab hindi mein dunga
इंतज़ार है ....
gumnamm
16-06-2011, 12:35 PM
सदस्य शाश्वत भरद्वाज जी के लिए प्रस्तुत
gumnamm
16-06-2011, 12:42 PM
एक सुबूत तो ये रहा आपके सामने.......
और दूसरा सुबूत आपने खुद सीधे मुझे ही व्यक्तिगत संदेश में धमकी दी थी जब आप nomad609 के नाम से लोगिन हुआ करते थे, उसे मुझे ढूँढना पड़ेगा.
आपको यह याद होना चाहिए. यदि आप अब भी इंकार करते हैं तो मुझे सिर्फ आवश्यक कार्यवाही के लिए ही जाना होगा. फोरम के पीठ में एक और घाव के लिए मैं इन्तजार नहीं कर सकता. यदि आप इसे ही अपनी फोरम सहायता कहते हैं तो हमें इस प्रकार की कोई सहायता किसी भी सदस्य से नहीं चाहिए.
आपने अब तक भी फोरम नियम के पढने और उनके अनुसार अपने आचरण करने हेतु नहीं लिखा है.
marwariladka
16-06-2011, 12:42 PM
अब फसे सास्वत जी....क्यों भाई यह गुटबाजी नहीं है तो क्या है?....
सदस्य शाश्वत भरद्वाज जी के लिए प्रस्तुत
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:42 PM
आपके द्वारा मुझे दी गई धमकी आज भी मेरे पास सुरक्षित है प्रिय बन्धु, मैं अपने किसी भी संदेश की कॉपी किये बिना उसे मिटाता नहीं हूँ.
बेहतर होगा कि आप सोच समझ कर अपनी टिप्पणी करें.
प्रिय मित्र फूल मुझपे चढेगे तो पत्थर भी तो मुझे हि लगेगे
कया आपने मेरे अचछे ळाले PM भि SAVE करके रखे है
मुझे एतराज नहि मित्र आप यहाँ प्रसारित कर सकते है यहाँ
बस एक सलाह कि ये देखे कि कोइ करता कया है
बोलना कइ बार परिसिथतियो पर निरभर रहता है
वैषे रजजि जि ने खेद जताया और गलति मानि तभी मै ये सुत्र बनाया कल भि बना सकता था अगर वो गलति नहि मानति तो मै अपने सुत्रो पे वयस्त होना जयादा पसँद करता
gumnamm
16-06-2011, 12:43 PM
सँत जि आप माने या ना माने लेकिन सदसयोँ के साथ साथ नियामकोँ भि कइ id operate करते हैँ
सारे फसाद कि जङ यहि भ्रम है
ईसको तो रोका नहिँ जा सकता पर पारद्रशिता बढाई जा सकति है इसलिए ये सुत्र मँच पर आया
मित्र रणविर अभि हाल तक नियामक थे तो वाकई अब ये नियामक नहि है कहना मुश्किल है तो आम सदसय ये कयूँ नहि सोच सकता कि ताजा नियामक प्रबँधन कि वकालत कर रहा है
चुकि आप खुद नियामक है तो आप के सब खुला है पर आम सदसय तो अनुमानो के सहारे विवश है
आप बेशक अनुमानों के सहारे काम करते होंगे लेकिन मैं ठोस सुबूत के साथ काम करता हूँ बन्धु ..........
marwariladka
16-06-2011, 12:44 PM
एक बात बताइए साश्वत भाई...जब राजजी जी ने आपसे माफ़ी मंगली...तो वो नियामक जी से क्यों माफ़ी नहीं माग पाई?...
क्या उन्हें इस बात का अभिमान है के वो नियामकों से माफ़ी नहीं मांगेंगे?
ऐसे नहीं चलता मेरे मित्र......कृपया हर चीज़ के लिए पारदर्शिता दिखाएँ..और राजजी जी के सारे PM (जिसमे उन्होंने ने माफ़ी मांगी है ) वो अभी आप स्क्रीनशॉट के साथ पेस्ट करे...
प्रिय मित्र फूल मुझपे चढेगे तो पत्थर भी तो मुझे हि लगेगे
कया आपने मेरे अचछे ळाले PM भि SAVE करके रखे है
मुझे एतराज नहि मित्र आप यहाँ प्रसारित कर सकते है यहाँ
बस एक सलाह कि ये देखे कि कोइ करता कया है
बोलना कइ बार परिसिथतियो पर निरभर रहता है
वैषे रजजि जि ने खेद जताया और गलति मानि तभी मै ये सुत्र बनाया कल भि बना सकता था अगर वो गलति नहि मानति तो मै अपने सुत्रो पे वयस्त होना जयादा पसँद करता
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:48 PM
kripya us saboot ko pravisti ke rup mein badalkar dal sakte hain kyunki photo nahi dekh pa raha
sant ji niyamak hai to aapke pas sabot hote hain isiliye aap saboot pe garv kar rahe hain mitr
marwariladka
16-06-2011, 12:50 PM
फिजूल के तर्क ना करो मित्र....अगर आप सुबूत पेश कर सकते हो तो करो...वरना चुप हो जाओ....
kripya us saboot ko pravisti ke rup mein badalkar dal sakte hain kyunki photo nahi dekh pa raha
sant ji niyamak hai to aapke pas sabot hote hain isiliye aap saboot pe garv kar rahe hain mitr
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 12:51 PM
मित्र मारवाङि जी उनहोने SANT जि से हि माफि माँगने कि बात कि थि पर बैन है तो ये सँभव नहि
Kamal Ji
16-06-2011, 12:51 PM
शास्वत भाई जी कियों किसी के लिए अपनी दुर्गति करवा रहे हो.
आप को बड़े भिया संत जी ने आपको देखो कितने मौके दिए हैं .
और आप इन सब को नजर अंदाज़ कर रहे हो आखिर कियों ?
कियों बहस बहस किये जा रहे हो?
मेरे बीच में बोलने कि आप और बड़े भैया जी मेरी इस ध्रष्टता को क्षमा करें.
शास्वत भाई जी.................
झुकता व्ही है जिसमे जान होती है, अकड मुर्दे की पहचान होती है.
यह कहीं पढ़ा था.
gumnamm
16-06-2011, 12:53 PM
kripya us saboot ko pravisti ke rup mein badalkar dal sakte hain kyunki photo nahi dekh pa raha
sant ji niyamak hai to aapke pas sabot hote hain isiliye aap saboot pe garv kar rahe hain mitr
sahi kaha mitr
abhi ranvir ko mere karan niyamak pad se haath dhona pada.to sabhi niyamak log naraz chal rahe hain.
sanyten ki har tarah ki durgati already kar chuka hun.
ek pathfinder se banti hai apni aur coolcool se
ye sab to yahan chalta hi rahta hai.so dont worry
marwariladka
16-06-2011, 12:56 PM
यार अगर माफ़ी ही मंगनी थी तो दूसरी ID से (जिस id से आपको PM किया है) उसी ID से माफ़ी मांग लेती....
मित्र मारवाङि जी उनहोने SANT जि से हि माफि माँगने कि बात कि थि पर बैन है तो ये सँभव नहि
gumnamm
16-06-2011, 12:58 PM
मित्र मारवाङि जी उनहोने SANT जि से हि माफि माँगने कि बात कि थि पर बैन है तो ये सँभव नहि
आश्चर्य है आप जैसे गुणवान सदस्य ऐसा कह रहे हैं अन्यथा आपसे ज्ञान में कहीं कम भी नयी आईडी बना कर अपनी गलती स्वीकार कर लेते हैं.
gumnamm
16-06-2011, 12:59 PM
मैं किसी सदस्य पर लगातार समय व्यर्थ नहीं कर सकता
मैं अंतिम रूप से आपके स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा हूँ.
उसके पश्चात् अंतिम कार्यवाही कर दी जाएगी........
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 01:01 PM
iski safai pathfinder ji ko de chuka hun
kisi ne mujh se yah sab sunne ke liye bahut prayas kiye
mahila hokar bhi bina mange apni id de di, chat pe bulane lagi
kisi ki mehnat ko nawazana to padta hi hai mitr
marwariladka
16-06-2011, 01:03 PM
क्या मतलब है आपका?स्पष्ट रूप से बताओ यार...आप तो बेकार में सूत्र को इधर उधर भटका रहे हो यार..जो बोलना है खुल्लम खुल्ला बोलो और आखिरी बार कोई ढंग का जवाब दो यार..
iski safai pathfinder ji ko de chuka hun
kisi ne mujh se yah sab sunne ke liye bahut prayas kiye
mahila hokar bhi bina mange apni id de di, chat pe bulane lagi
kisi ki mehnat ko nawazana to padta hi hai mitr
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 01:03 PM
सहि कह रहे हो मित्र
पर ये अचछा नहि कि जिस ID ने गलति कि वहि माफि माँगे
marwariladka
16-06-2011, 01:05 PM
यार कैसी बातें कर रहे हो..क्झुद कह रहे हो बेन है इसलिए माफ़ी नहीं मांग पा रही....
उनसे कहो के खुद दूसरी id से माफ़ी मंगले उसके पश्चात अगर प्रबंधन को लगा के उनका स्पस्तीकरण यथार्थ है तो उनकी id खुद ही बेन मुक्त हो जाएगी...
सहि कह रहे हो मित्र
पर ये अचछा नहि कि जिस ID ने गलति कि वहि माफि माँगे
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 01:08 PM
मैं किसी सदस्य पर लगातार समय व्यर्थ नहीं कर सकता
मैं अंतिम रूप से आपके स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा हूँ.
उसके पश्चात् अंतिम कार्यवाही कर दी जाएगी........
कैसा सपसटिकरण आप तो नियामक है मेरे पम भि आप पढ सकते है
आपके सामने तो कुछ भि असपसट नहि होना चाहिए मित्र
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 01:12 PM
battery low
jald hi milunga doston
SHASWAT_BHARDWAJ
16-06-2011, 01:12 PM
battery low par mera nahi mob ka
jald hi milunga doston
gumnamm
16-06-2011, 01:15 PM
१. आप लगातार गुमराह कर रहे हैं.
२. आप लगातार सुबूतों को नजर अंदाज कर रहे हैं.
३. आप ने किसी नियामक पर महिला सदस्य को अनैतिक संदेश देने का आरोप लगाया है और उसे सिद्ध नहीं कर रहे हैं.
४. आप पर किसी नियामक के लिए गंभीर टिप्पणी करने के सुबूत सामने हैं, आप फोरम प्रबन्धन के विरुद्ध साजिश रचने में शामिल हैं.
आप पर बहुत समय लगाया जा चुका है अतः आपको बिना कोई अन्य मौका दिए आप पर पूर्ण बैन किया जाता है.
sandy_sexpremi
16-06-2011, 02:10 PM
क्या यह सही है कि पूर्व प्रतिबंधित रज्जी कौर आपके आश्वासन पर फिर से बहाल की गई.
आपने उनके अच्छे आचरण की जिम्मेदारी ली थी.
क्या आपने सदस्या रज्जी कौर को जिम्मेदार आचरण के लिए समझाया ?
यदि हाँ तो आप बिना सदस्या रज्जी कौर से यह पूछे कि उन्होंने पिछले दिनों कौन कौन सी प्रविष्टियाँ की हैं उनको गैर जिम्मेदार प्रविष्टियों/संदेश के लिए क्यों अकेला छोड़ा ?
और यदि आपने सदस्या रज्जी कौर को जिम्मेदार आचरण के लिए नहीं समझाया तो आपने उनकी जिम्मेदारी क्यों ली थी.
हर बात के लिए प्रबंधन सदस्यों को जिम्मेदार ठहराना कहाँ तक सही है ?
मैंने आपसे कितने ही बार पूछा कि क्या आपने फोरम के नियम पढ़े हैं ?? इस का जवाब मुझे आज तक किसी भी आपके जवाब में प्राप्त नहीं हुआ है.
बिना फोरम के नियम पढ़े कोई भी सदस्य कहीं भी गलती कर सकता है लेकिन फिर भी अक्सर सदस्य बिना नियम पढ़े ही फोरम भ्रमण करते हैं, यहाँ तक कि आप भी. क्या आप फोरम के नियमों से ऊपर हैं ??
आप क्यों किसी अन्य सदस्यों के बैन होने और उनके बैन के कारण जानने के लिए इतने उत्सुक हैं ??
सदस्या रज्जी कौर स्पष्ट रूप से एक नियम उल्लंघन कर रही थी वो यह कि वे सक्षम होते हुए भी हिंदी के स्थान पर रोमन में प्रविष्टियाँ कर रही थी. क्या आपने जिम्मेदारी लेने के बाद उनको सख्ती से हिंदी लिखने के लिए कहा, जबकि नियम में स्पष्ट है कि किसी भी सदस्य की पहली २० प्रविष्टियाँ ही रोमन में स्वीकार की जाती हैं.
आप पहले भी फोरम पर विवाद करते रहे हैं, आपके सही आचरण करने के आश्वासन पर आपको फोरम पर कार्य करने हेतु अंतिम मौका दिया गया था लेकिन आप इस सूत्र द्वारा यह सिद्ध कर रहे हैं कि आप गुटबाजी एवं विवाद करने में विश्वास रखते हैं. क्यों ना आप पर नियमानुसार कार्यवाही कर दी जाये ??
आप बिलकुल सही कह रहे है नियामक जी......... जो जुर्म करेगा उसे सजा जरूर मिलने चाहिए ......
sandy_sexpremi
16-06-2011, 02:11 PM
iski safai pathfinder ji ko de chuka hun
kisi ne mujh se yah sab sunne ke liye bahut prayas kiye
mahila hokar bhi bina mange apni id de di, chat pe bulane lagi
kisi ki mehnat ko nawazana to padta hi hai mitr
आप पुन्ह अंग्रेजी मैं लिखकर अपना जुर्म बड़ा रहे है.
gulluu
16-06-2011, 03:18 PM
प्रबंधन के लिए एक मुफ्त की सलाह - क्योंकि किसी भी सदस्य को बैन करना प्रबंधन का विशेषाधिकार है इसलिए किसी भी बैन किये गए सदस्य को लेकर चर्चा या सूत्र बनाना ही बैन कर देना चाहिए और ऐसा नियमों में जोड़ देना चाहिए |
जब प्रबंधन द्वारा मुफ्त में लोगो को मनोरंजन उपलब्ध करवाया जा रहा है और कोई सदस्यता शुल्क नहीं लिया जाता तो सदस्य मनोरंजन करने के स्थान पर राजनीती क्यों करते हैं ,ये समझ से परे हैं .
loveboy27
16-06-2011, 03:33 PM
सही कहा आपने मैं भी सहमत हूँ आपकी बात से !!!!
ChachaChoudhary
16-06-2011, 03:45 PM
गुस्ताखी माफ़
क्या मैं कुछ अर्ज़ करूँ ????
एक छोटी सी सलाह अगर
फोरम का सॉफ्टवेर इस बात की इजाजत दे
कि जिस सदस्य को बेन किया जाये
वो लोगिन तो कर सके .......
लेकिन किसी सूत्र में प्रविष्टि ना कर सके
और अपनी बात प्रबंधन तक
पहुँचाने के लिए व्यक्तिगत संदेस
केवल नियामको को भेज सके
या फिर कोई एक ऐसा सूत्र केवल
उसी में वो अपना पक्ष रख सके
अगर उस सूत्र को देखने पर कोई अन्य सदस्य
अपने विचार देना चाहे तो केवल व्यक्तिगत सन्देश के द्वारा नियामक
को दे सकते हो
यानि वो सूत्र केवल नियामक और प्रतिबंधित सदस्य के बीच एक मंच का कार्य करे
अगर कोई अन्य सदस्य उस सूत्र में प्रविष्टि करता है तो स्वत ही बेन हो जाये
या फिर ऐसा कुछ नियम बना दिया जाये कि अन्य सदस्य अगर उसमे प्रविष्टि करेंगे
तो बिना किसी चेतावनी के उन्हें बेन किया जा सकता है
ये केवल एक सुझाव है
प्रबंधन माने या ना माने
आपके ऊपर है
gumnamm
16-06-2011, 03:55 PM
एक छोटी सी सलाह अगर
फोरम का सॉफ्टवेर इस बात की इजाजत दे
कि जिस सदस्य को बेन किया जाये
वो लोगिन तो कर सके .......
लेकिन किसी सूत्र में प्रविष्टि ना कर सके
और अपनी बात प्रबंधन तक
पहुँचाने के लिए व्यक्तिगत संदेस
केवल नियामको को भेज सके
अपने विचार देना चाहे तो केवल व्यक्तिगत सन्देश के द्वारा नियामक
को दे सकते हो
चाचाजी आपकी दी हुई सलाह पर तो फोरम पहले ही कार्य कर रहा है
लेकिन इसमें कुछ लिमिट है. आपकी जो पंक्तियाँ मैंने चुनी हैं वे अब भी कार्य करती हैं. लेकिन अति-संवेदनशील होने पर सदस्य को अंत में बैन कर ही दिया जाता है.
अब भी यदि सदस्य अपनी गलती को एक नई आईडी बना कर स्वीकार कर ले तो प्रबंधन विचार-विमर्श द्वारा एक और मौका भी दे देता है.
ChachaChoudhary
16-06-2011, 04:02 PM
इस सुझाव के बारे में क्या विचार है
कम से कम इस प्रकार के निर्थक सूत्र तो नहीं बनेगे
नहीं तो हर कोई इस प्रकार से नए सूत्र कि रचना करने लगेगा
और प्रबंधन का समय भी बर्बाद होने से बचेगा
कोई एक ऐसा सूत्र केवल
उसी में वो अपना पक्ष रख सके
अगर उस सूत्र को देखने पर कोई अन्य सदस्य
अपने विचार देना चाहे तो केवल व्यक्तिगत सन्देश के द्वारा नियामक
को दे सकते हो
यानि वो सूत्र केवल नियामक और प्रतिबंधित सदस्य के बीच एक मंच का कार्य करे
अगर कोई अन्य सदस्य उस सूत्र में प्रविष्टि करता है तो स्वत ही बेन हो जाये
या फिर ऐसा कुछ नियम बना दिया जाये कि अन्य सदस्य अगर उसमे प्रविष्टि करेंगे
तो बिना किसी चेतावनी के उन्हें बेन किया जा सकता है
[/SIZE]
ENIGMA-
16-06-2011, 07:51 PM
साजिद जि पर मैने कौई आरोप नहि लगाया फिर भी अगर कोइ गलति हुई है तो सबके सामने मित्र साजिद से तहे दिल से माफि माँगता हूँ मेरा सिरफ ये मतलब था कि अगर कोई महिला किसी सदसय किसि पुरुष सदसय से बार बार गलत भाषा मेँ बात करति है तो अकसर कारण अशलिल PM हि होते है
कयोकि कई महिला सदसय आज भि मुझसे बाते नहि करति
शायद rply करने कि जलदि मे मै सहि वाक्योँ का चुनाव नहि कर पाया तो थोङि गैरसमझ आप लोगोँ से भी हुयी पर साजिद मित्र का अपराध मुझसे हो तो गया
मित्र साजिद अपने इस अग्यानि मित्र को माफ कर दो
प्रिय सँत जी अब तो इस ID को मिटाकर मुक्ति दो मुझे भाई
जिन मित्रोँ का अपराध हुआ हो विशेषकर pathfinder,coolcool,chanddanapur,ranvir sabhi se sacche hriday se maafi mangta hun
Ranveer
16-06-2011, 08:04 PM
main mtech iit gua ka student hun dost
kacha ghada hun ye jankar meri harek galti ko bhula dena
par tum ek biswast aur kabil insan ho
thnks for being my frnd
ye real mein aakhiriwala alvida hai
maje karo dost
एक बार फिर क्षमा किया दोस्त |:drunk_buddys:
draculla
16-06-2011, 08:06 PM
क्या ये उचित नहीँ कि किसी को बैन करने से पहले एक बार सफाई देने का या माफी माँगने का मौका दिया जाए
क्या जिसपे अपराध साबित होता है वह अपना पछ एक बार भी नहिँ रख सकता
क्या प्रबँधन का यह कर्तव्य नहीँ कि सँबधित सदस्य को बैन करने से पहले चेतावनि दे कि इस गलती कि माफी माँगे अन्यथा बैन किया जा सकता है
मित्र आपके द्वारा बताई गयी प्रक्रिया परोक्ष रूप से होती है/
हर सदस्य से किसी भी वाक्य को कहने का कारण अवश्य पूछा जाता है/
यदि वह सदस्य अपनी बात रखने में असफल होता है तभी उन पर प्रतिबन्ध लगाया जाता है/
draculla
16-06-2011, 08:21 PM
मित्र अगर आप कुछ विशेष है तो बात अलग है मै अपने जैसे आम सदस्योँ कि मनोदशा कि बात कर रहा था
ये मेरा निजि अनुभव भी था क्योँकि मै गुजर चुका हुँ इनसे
पर क्या आप भी गुजरे है अगर नहीँ तो मुझे नहि लगता कि आपके पास कुछ सार्थक कहने को होगा
सूत्र पे आने का धन्यवाद
मित्र इस बात से मैं सहमत नहीं हूँ/
किसी की मनोदशा समजहने के लिए बेन होना जरुरी नहीं है/
कुछ सदस्य अपनी गलती समझकर और आगे से गलती नहीं दोहराने का वादा कर के बेन होने से बच जाते हैं/
कुछ सदस्य ऐसा नहीं कर पते हैं/जिसके कारण उन्हें बेन होना पडता है/
draculla
16-06-2011, 08:30 PM
1 जी बिलकुल सहि है जिम्मेदारि लि थि
2 बाकि सवालोँ का जबाब ये कि अच्छी चीजेँ रातोरात नहि घटति
मेहनत लगति है और थोङा वक्त लगता है और प्रबँधन से सहयोग कि जरुरत भी पडति है
3 आप ने क्या उस सदस्य को एक बार भी आप से खेद प्रकट करने का मौका दिया क्या ये अहम कि तुष्टि नहिँ
4 अगर सारि सम्सया का हल आपको मेरे बेन होने मे दिखता है तो पहले तो इस नजरिये कि तारीफ करुँगा और फिर कहूँगा कि जरुर करेँ पर id मिटा देँ पर एक सूत्र माँ को छोङकर बाकि को मिटा दे
मुझे आपसे कोई शिकायत नहि
मित्र आपसे मेरा सवाल क्या आप रज्जी जी को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं?
मैं रज्जी की बहुत इज्जत करता हूँ/मुझे भी उनके बेन होने पर दुःख होता है/
इनके ही क्यों इस बार तो मेरे बहुत सारे दोस्त बेन हो चुके है/
आपको बता नहीं सकता की फोरम पर कितना सुनापण लगता है उनके अनुपस्तिथि में/
लेकिन रज्जी जी बार बार रोमन में लिखती है/
उनके नाम के साथ तो सजा भी जुड़ गया है/जिसे देखना मुझे अच्छा नहीं लगता है/लेकिन मेरे ख्याल से उसे हटाने की उन्होंने कभी कोशिश नहीं की/
उनके बारे में आप ज्यादा से ज्यादा उनकी पोस्ट पढ़कर जान सकते हैं/
मित्र आपका हर पोस्ट और सूत्र फोरम की संपत्ति है/
यह आपका होते हुए भी पूर्ण रूप से आपका नहीं है/
एक छोटी सी बात के लिए आप अपना सूत्र मिटने को बोल रहे हैं/
यदि रज्जी जी वो वाकई में अपनी गलती का एहसास होता तो वे जरुर माफ़ी मांग लेती/
आप उनकी बात रखने के चक्कर में खुद भी बेन हो गए/
यह बहुत ही बुरी घटना है/ना ही आप समझा सके और ना समझ सके!
ENIGMA-
16-06-2011, 09:47 PM
SANYTEN JI आप ने जिस हिम्मत कि बात कि थी वो मैने दिखा दि मित्र अब आप कि बारि
अब मेरि id बेन कर देँ क्यूँकि फिर किसी को rply कर दूँगा तो कोई मतलब नहि इन सबका अब
kripya seriously lein
marwariladka
16-06-2011, 09:49 PM
क्या चाहते हो यार आप?....आप की समस्या क्या है?
SANYTEN JI आप ने जिस हिम्मत कि बात कि थी वो मैने दिखा दि मित्र अब आप कि बारि
अब मेरि id बेन कर देँ क्यूँकि फिर किसी को rply कर दूँगा तो कोई मतलब नहि इन सबका अब
kripya seriously lein
ENIGMA-
17-06-2011, 07:21 AM
क्या चाहते हो यार आप?....आप की समस्या क्या है?
ये मै हूँ दोस्त SHASWAT
underground
17-06-2011, 12:29 PM
yaha kuch nahi hone wala
gumnamm
17-06-2011, 03:39 PM
मैं रज्जी की बहुत इज्जत करता हूँ/मुझे भी उनके बेन होने पर दुःख होता है/
इनके ही क्यों इस बार तो मेरे बहुत सारे दोस्त बेन हो चुके है/
आपको बता नहीं सकता की फोरम पर कितना सुनापण लगता है उनके अनुपस्तिथि में/
[/B]
फोरम पर विवाद अथवा नियम भंग की सूचना पर जिन्होंने भी अपना स्पष्टीकरण दिया या खेद व्यक्त किया उन पर आगे कोई कार्यवाही नहीं की गई.
बैन होने के बाद भी जिन किन्ही सदस्य के खेद अथवा उचित स्पष्टीकरण अन्य सदस्यों अथवा किसी नयी आईडी के मार्फ़त आते हैं उन पर आगे के बैन निरस्त कर दिए जाते हैं.
सिर्फ उन्ही पर बैन जारी रहता है जो ना तो कोई स्पष्टीकरण देते हैं और ना ही खेद व्यक्त करते हैं. यदि कहीं कोई गलती हुई है तो आपसी सामंजस्य से सुधारी जा सकती है.
फोरम प्रबंधन इस बारे में खुले ख़यालात रखता है. इसलिए यदि कोई बैन सदस्य वापस आना चाहता है तो इस वादे के साथ कि वे फोरम नियमों का उचित रूप से पालन करेंगे, फोरम पर पुनः अपनी आईडी से लोगिन कर पाएंगे. उनका फिर से स्वागत है
ENIGMA-
17-06-2011, 09:11 PM
सँत जी क्यूँ मुझसे फिर किसी का अपराध कराने पर तुले हो मुझे ये दया नही चाहिए या तो ये समझ लो कि ये मँच मेरे काबिल नही या ये समझ लो कि मै इस मँच के काबिल नहीँ
मै दो खास मित्रोँ कि वजह से यहाँ पर defenceive मुद्रा मे हूँ ये मेरा मूल स्वभाव नहि ईसलिए ज्यादा देर तक निराधार आरोपो पर चुप नहीँ रह पाउँगा और हो सकता है कुछ सदसयोँ को अच्छा खासा गम दे जाउँ जब मैने किसी सदसय से जयादा बात तक नहि कि क्या कोइ सदसय यह दावा कर सकता है कि मैने किसी से मित्रता करने के भरषक प्रयास किये जब नहि तो गुट बनाने कि कया बात है क्या मैने किसी से भी कोई मद्द माँगी
सब चीज सँवाद या विवाद अकेले दम पर करता हूँ
ईससे पहले कि फोरम फिर से अशाँत हो मै जाना पसँद करुँगा और मुझे जाने दो
pujasingh
17-06-2011, 10:08 PM
सँत जी क्यूँ मुझसे फिर किसी का अपराध कराने पर तुले हो मुझे ये दया नही चाहिए या तो ये समझ लो कि ये मँच मेरे काबिल नही या ये समझ लो कि मै इस मँच के काबिल नहीँ
मै दो खास मित्रोँ कि वजह से यहाँ पर defenceive मुद्रा मे हूँ ये मेरा मूल स्वभाव नहि ईसलिए ज्यादा देर तक निराधार आरोपो पर चुप नहीँ रह पाउँगा और हो सकता है कुछ सदसयोँ को अच्छा खासा गम दे जाउँ जब मैने किसी सदसय से जयादा बात तक नहि कि क्या कोइ सदसय यह दावा कर सकता है कि मैने किसी से मित्रता करने के भरषक प्रयास किये जब नहि तो गुट बनाने कि कया बात है क्या मैने किसी से भी कोई मद्द माँगी
सब चीज सँवाद या विवाद अकेले दम पर करता हूँ
ईससे पहले कि फोरम फिर से अशाँत हो मै जाना पसँद करुँगा और मुझे जाने दो
कुछ समझ नही आया
draculla
17-06-2011, 10:26 PM
सँत जी क्यूँ मुझसे फिर किसी का अपराध कराने पर तुले हो मुझे ये दया नही चाहिए या तो ये समझ लो कि ये मँच मेरे काबिल नही या ये समझ लो कि मै इस मँच के काबिल नहीँ
मै दो खास मित्रोँ कि वजह से यहाँ पर defenceive मुद्रा मे हूँ ये मेरा मूल स्वभाव नहि ईसलिए ज्यादा देर तक निराधार आरोपो पर चुप नहीँ रह पाउँगा और हो सकता है कुछ सदसयोँ को अच्छा खासा गम दे जाउँ जब मैने किसी सदसय से जयादा बात तक नहि कि क्या कोइ सदसय यह दावा कर सकता है कि मैने किसी से मित्रता करने के भरषक प्रयास किये जब नहि तो गुट बनाने कि कया बात है क्या मैने किसी से भी कोई मद्द माँगी
सब चीज सँवाद या विवाद अकेले दम पर करता हूँ
ईससे पहले कि फोरम फिर से अशाँत हो मै जाना पसँद करुँगा और मुझे जाने दो
क्या आपको किसी ने पकड़ के रखा है!
यदि यह आप चाहते हैं की आपके सारे सूत्र मिटने के बाद ही जायेगें तो आप वह बात भूल जाइये/
मैंने आपको कल भी बताया था और आज भी बता रहा हूँ की आपके द्वारा बनाये गए सूत्र आपके होते हुए भी आपके नहीं है/
यह पूरी तरह से फोरम की संपत्ति है/यदि आपका मूड झगड़ने का ही हो तो आप को कौन रोक सकता है/
हर दिन नयी ID बनाइये और विवाद कीजिये/ऐसा पहले भी कुछ सदस्य कर चुके है/लेकिन वे थककर बंद कर देते हैं/
यदि आपको वाकई में यहाँ अच्छा नहीं लग रहा है तो आपको यहाँ से विदाई ले ही ली चाहिए/
मैं प्रबंधन से निवेदन करूँगा की वे इस सूत्र को बंद कर दें/
से सूत्र खुला रहकर सिर्फ विवाद ही पैदा करेगा/
Ranveer
17-06-2011, 10:31 PM
फोरम पर विवाद अथवा नियम भंग की सूचना पर जिन्होंने भी अपना स्पष्टीकरण दिया या खेद व्यक्त किया उन पर आगे कोई कार्यवाही नहीं की गई.
बैन होने के बाद भी जिन किन्ही सदस्य के खेद अथवा उचित स्पष्टीकरण अन्य सदस्यों अथवा किसी नयी आईडी के मार्फ़त आते हैं उन पर आगे के बैन निरस्त कर दिए जाते हैं.
सिर्फ उन्ही पर बैन जारी रहता है जो ना तो कोई स्पष्टीकरण देते हैं और ना ही खेद व्यक्त करते हैं. यदि कहीं कोई गलती हुई है तो आपसी सामंजस्य से सुधारी जा सकती है.
फोरम प्रबंधन इस बारे में खुले ख़यालात रखता है. इसलिए यदि कोई बैन सदस्य वापस आना चाहता है तो इस वादे के साथ कि वे फोरम नियमों का उचित रूप से पालन करेंगे, फोरम पर पुनः अपनी आईडी से लोगिन कर पाएंगे. उनका फिर से स्वागत है
यहाँ पर ये भी देखा जाना आवश्यक है कि सदस्य को पूर्व में कितनी बार चेतावनी दी गयी है जिसका उसने पालन किया है |
ENIGMA-
17-06-2011, 11:51 PM
शास्वत भाई जी कियों किसी के लिए अपनी दुर्गति करवा रहे हो.
आप को बड़े भिया संत जी ने आपको देखो कितने मौके दिए हैं .
और आप इन सब को नजर अंदाज़ कर रहे हो आखिर कियों ?
कियों बहस बहस किये जा रहे हो?
मेरे बीच में बोलने कि आप और बड़े भैया जी मेरी इस ध्रष्टता को क्षमा करें.
शास्वत भाई जी.................
झुकता व्ही है जिसमे जान होती है, अकड मुर्दे की पहचान होती है.
यह कहीं पढ़ा था.
प्रिय अनु जी आभार कि आप मेरा भला सोचति हैँ दो बातेँ कहूँगा आपसे
1 जे न मित्र दुख होहि दुखारि
तिनहि विलोकत पातक भारी
2 मुर्दोँ कि अकङ मे उनकि लाचारी छुपी होती है और जीवित लोगोँ के अकङ मेँ उनकी खुद्दारी छुपी होती है
ENIGMA-
18-06-2011, 12:11 AM
बिलकुल सहि कहा रणवीर जी ने आप मुझे कई चेतावनी दे चुके है और आप देख सकते है कि कोई सुधार नही है मुझमे
इसलिए जल्द से जल्द उचित कार्यवाही करेँ
Ranveer
18-06-2011, 10:25 AM
बिलकुल सहि कहा रणवीर जी ने आप मुझे कई चेतावनी दे चुके है और आप देख सकते है कि कोई सुधार नही है मुझमे
इसलिए जल्द से जल्द उचित कार्यवाही करेँ
दोस्त ..
आपकी बातों से यही प्रतीत हो रहा है की आप नौटंकी कर रहे हो और इस फोरम को छोड़कर नहीं जाने वाले |
वैसे चिंता मत करो हम भी तुम्हारे नौटंकी का मज़ा ही लें रहें हैं ..तो यही कहूंगा कि चालू रहो |
Chandrshekhar
18-06-2011, 10:31 AM
दोस्त ..
आपकी बातों से यही प्रतीत हो रहा है की आप नौटंकी कर रहे हो और इस फोरम को छोड़कर नहीं जाने वाले |
वैसे चिंता मत करो हम भी तुम्हारे नौटंकी का मज़ा ही लें रहें हैं ..तो यही कहूंगा कि चालू रहो |
इनकी नोटकी से भरपूर मनोरन्जन न्ये तरह का मिल रहा है, मजा आ गया॥
draculla
18-06-2011, 10:34 AM
प्रिय अनु जी आभार कि आप मेरा भला सोचति हैँ दो बातेँ कहूँगा आपसे
1 जे न मित्र दुख होहि दुखारि
तिनहि विलोकत पातक भारी
2 मुर्दोँ कि अकङ मे उनकि लाचारी छुपी होती है और जीवित लोगोँ के अकङ मेँ उनकी खुद्दारी छुपी होती है
दोस्त ..
आपकी बातों से यही प्रतीत हो रहा है की आप नौटंकी कर रहे हो और इस फोरम को छोड़कर नहीं जाने वाले |
वैसे चिंता मत करो हम भी तुम्हारे नौटंकी का मज़ा ही लें रहें हैं ..तो यही कहूंगा कि चालू रहो |
मुझे भी ऐसा ही लगता है/
इनके पास करने को कुछ है नहीं तो ऐसी उठ पटांग बाते करके अटेंसन पा रहे हैं/
क्यूँ अपना नाम ऐसे सदस्य में छपवाने की कोशिश कर रहे हैं/
जिनके बेकार के जिद्दी स्वभाव के लिए याद किया जाता हैं/
gumnamm
18-06-2011, 11:51 AM
सँत जी क्यूँ मुझसे फिर किसी का अपराध कराने पर तुले हो मुझे ये दया नही चाहिए या तो ये समझ लो कि ये मँच मेरे काबिल नही या ये समझ लो कि मै इस मँच के काबिल नहीँ
मै दो खास मित्रोँ कि वजह से यहाँ पर defenceive मुद्रा मे हूँ ये मेरा मूल स्वभाव नहि ईसलिए ज्यादा देर तक निराधार आरोपो पर चुप नहीँ रह पाउँगा और हो सकता है कुछ सदसयोँ को अच्छा खासा गम दे जाउँ जब मैने किसी सदसय से जयादा बात तक नहि कि क्या कोइ सदसय यह दावा कर सकता है कि मैने किसी से मित्रता करने के भरषक प्रयास किये जब नहि तो गुट बनाने कि कया बात है क्या मैने किसी से भी कोई मद्द माँगी
सब चीज सँवाद या विवाद अकेले दम पर करता हूँ
ईससे पहले कि फोरम फिर से अशाँत हो मै जाना पसँद करुँगा और मुझे जाने दो
अर्थात आप ये धमकी देना चाहते हैं कि
१. आपकी हर उचित/अनुचित बात मानी जाये वर्ना आप मनमानी करेंगे.
२. आपको किसने कहा था कि आप एक नयी आईडी बना कर फिर से फोरम पर लोगिन करें.
३. आपको किसने कहा था कि आप फोरम पर एक भी आईडी बना कर फोरम को अस्थिर करने की कोशिश करें, प्रबंधन से अपनी पुरानी गलतियाँ की माफ़ी मांगे और नियम विरुद्ध सूत्र बना कर फोरम का वातावरण खराब करने की कोशिश करें.
४. यदि आप का स्वभाव शांत रहने का नहीं है तो आप अच्छी तरह समझ लीजिये कि फोरम पर विवाद नियम विरुद्ध हैं और नियम के अनुसार कार्यवाही करने के लिए फोरम प्रबंधन हर तरह से सक्षम है.
५. यदि आप इस मंच को अपने काबिल नहीं मानते हैं तो बार बार नयी आईडी बना कर यहाँ क्यों आते हैं ? क्यों इस फोरम पर आने का मोह आप नहीं छोड़ पा रहे हैं ? यहाँ आपको किसी ने पकड़ कर नहीं रख रखा है, यदि आप फोरम के नियम विरुद्ध कार्य करेंगे तो उसी के अनुसार कार्यवाही भी आप पर कर दी जाएगी.
६. आपके वक्तव्य आपको गलत व्यक्ति सिद्ध करने के लिए स्वतः पार्यप्त हैं.
७. यहाँ फोरम पर सिर्फ उन्ही सदस्यों/व्यक्तियों की भरपूर इज्जत की जाती है जो अपने व्यवहार से इसे पाना जानते हैं.
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