View Full Version : !!प्यार की खामोशी!!
King_khan
14-01-2011, 08:31 PM
एक लड़का लड़की को देखने के लिए हर
रोज़ उसके CD के शोरूम से एक नई CD खरीदता था ,
एक दिन लड़के को लगा की लड़की उसे कभी नहीं चाहेगी और वो मर गया .
कुछ दिन लड़का शोरूम पे नहीं आया
तब वो लड़की उसके घर गयी , तो पता चला की वो मर
गया है , तब लड़के की माँ ने उस लड़की को लड़के का कमरा
दिखाया , लड़की ने देखा की वो cd's भी सील्पैक थी , तब
लड़की बहुत रोई क्योकि लड़की हर रोज़ उसमे एक लव लैटर
रखती थी .......
draculla
15-01-2011, 07:06 AM
क्या कहूँ सुन्दर ... मार्मिक ....कुछ समझ में नहीं आ रहा है.
मेरी ओर से + रेप मेरे पास तो आप के लिए इतना ही है.
sanjeetspice
17-01-2011, 06:27 PM
mai bhi kuch ase hi krne ki soch rha hu
एक लड़का लड़की को देखने के लिए हर
रोज़ उसके CD के शोरूम से एक नई CD खरीदता था ,
एक दिन लड़के को लगा की लड़की उसे कभी नहीं चाहेगी और वो मर गया .
कुछ दिन लड़का शोरूम पे नहीं आया
तब वो लड़की उसके घर गयी , तो पता चला की वो मर
गया है , तब लड़के की माँ ने उस लड़की को लड़के का कमरा
दिखाया , लड़की ने देखा की वो cd's भी सील्पैक थी , तब
लड़की बहुत रोई क्योकि लड़की हर रोज़ उसमे एक लव लैटर
रखती थी .......
आह को चाहिये एक उम्र असर होने तक
कौन जीता है तेरे जुल्फ के सर होने तक .......!
काश नज़रों की जुबान पढ़ने की सलाहियत उनमें होती ,
सनम के दर से आशिक यूँ रुसवा तो न होता ......!
बहुत अच्छे दोस्त, दिल को छु लिया आपने
sanjeetspice
20-01-2011, 02:22 PM
bhiti acche friend kya mast likha h maza aagya
to be cont...... प्यार की खामोशी rekhe plz
Ranveer
20-01-2011, 06:00 PM
बेहतरीन .....क्या दर्द ऐसे भी आतें हैं
smsboy
20-01-2011, 09:55 PM
प्यार क्या है
प्यार वो है: जब माँ रात में आती है और कहती है बेटा आई लव यू
प्यार वो है: जब मै काम से लोटता हू और पापा कहते है, बेटा लेट होने वाला था तो काल कर देता
प्यार वो है: जब भाभी कहती है ओए हीरो कोई लडकी वडकी पटाई की नहीं
प्यार वो है: जब बहन कहती है की भाई मेरी शादी के बाद मुझसे झगड़ा कौन करेगा
प्यार वो है: जब मेरा मुड खराब होता है और बहन कहती है की चल कही घुमाने चलते है
प्यार वो है: जब मेरे बेस्ट फ्रेंड मुझे काल करते है और कहते है की कमीने तेरे बिना दिल नहीं लगता
King_khan
21-01-2011, 01:37 PM
प्यार क्या है
प्यार वो है: जब माँ रात में आती है और कहती है बेटा आई लव यू
प्यार वो है: जब मै काम से लोटता हू और पापा कहते है, बेटा लेट होने वाला था तो काल कर देता
प्यार वो है: जब भाभी कहती है ओए हीरो कोई लडकी वडकी पटाई की नहीं
प्यार वो है: जब बहन कहती है की भाई मेरी शादी के बाद मुझसे झगड़ा कौन करेगा
प्यार वो है: जब मेरा मुड खराब होता है और बहन कहती है की चल कही घुमाने चलते है
प्यार वो है: जब मेरे बेस्ट फ्रेंड मुझे काल करते है और कहते है की कमीने तेरे बिना दिल नहीं लगता
बहुत ही सुन्दर
प्यार की परिभाषा
Pooja1990 QUEEN
25-01-2011, 12:19 PM
sikandar ji par aaj kal ka pyar khamosh nahi hota. gala phad ke chillane lagta hai. i l o v e u.. . . . . ghfe
Prince of India
25-01-2011, 12:24 PM
प्यार क्या है
प्यार वो है: जब माँ रात में आती है और कहती है बेटा आई लव यू
प्यार वो है: जब मै काम से लोटता हू और पापा कहते है, बेटा लेट होने वाला था तो काल कर देता
प्यार वो है: जब भाभी कहती है ओए हीरो कोई लडकी वडकी पटाई की नहीं
प्यार वो है: जब बहन कहती है की भाई मेरी शादी के बाद मुझसे झगड़ा कौन करेगा
प्यार वो है: जब मेरा मुड खराब होता है और बहन कहती है की चल कही घुमाने चलते है
प्यार वो है: जब मेरे बेस्ट फ्रेंड मुझे काल करते है और कहते है की कमीने तेरे बिना दिल नहीं लगता
emotional कर दिया मित्र अति सुन्दर
sagar -
31-01-2011, 02:42 PM
एक लड़का लड़की को देखने के लिए हर
रोज़ उसके CD के शोरूम से एक नई CD खरीदता था ,
एक दिन लड़के को लगा की लड़की उसे कभी नहीं चाहेगी और वो मर गया .
कुछ दिन लड़का शोरूम पे नहीं आया
तब वो लड़की उसके घर गयी , तो पता चला की वो मर
गया है , तब लड़के की माँ ने उस लड़की को लड़के का कमरा
दिखाया , लड़की ने देखा की वो cd's भी सील्पैक थी , तब
लड़की बहुत रोई क्योकि लड़की हर रोज़ उसमे एक लव लैटर
रखती थी .......
बहुत ही मार्मिक कहानी हे ब्रो इस को सुन कर पत्थर दिल इंसान भी पिघल जायेगा !
surendra patel
07-02-2011, 12:55 AM
ati-uttam wah-wah kya khub likha mere dost ar9505 aise hi likhate raho dil ko chho gae
sanjeetspice
08-02-2011, 12:37 AM
bhai kuch or bhi to batio pyar kya hai
Noctis Lucis
10-02-2011, 06:13 PM
एक लड़का लड़की को देखने के लिए हर
रोज़ उसके CD के शोरूम से एक नई CD खरीदता था ,
एक दिन लड़के को लगा की लड़की उसे कभी नहीं चाहेगी और वो मर गया .
कुछ दिन लड़का शोरूम पे नहीं आया
तब वो लड़की उसके घर गयी , तो पता चला की वो मर
गया है , तब लड़के की माँ ने उस लड़की को लड़के का कमरा
दिखाया , लड़की ने देखा की वो cd's भी सील्पैक थी , तब
लड़की बहुत रोई क्योकि लड़की हर रोज़ उसमे एक लव लैटर
रखती थी .......
33871
काश मैं और कुछ कह पाता !!!!
:salut:
Ranveer
24-02-2011, 08:54 PM
दोस्तों ....लगता है सूत्रधार इस सूत्र को बनाकर भूल गएँ हैं...हालाकिं उन्होंने बहुत ही ज़ोरदार विषय का चयन किया था.....क्यों न इस सूत्र को दर्द भरे शेरों - शायरी के सूत्र के रूप में परिवर्तन कर दें ...आपलोगों का क्या विचार है .:)
miss sexon
25-02-2011, 04:39 PM
मै भी ढूढने में थका नहीं..
उसे ढूढा मैंने गली गली ..
कोई छोड़ी मैंने जगह नहीं...
सब ने कहा उसे भूल जा ..
दिल ने कहा वो बुरा नहीं..
भूला दूँ उसे मै भी अगर ..
फिर फर्क हममे रहा नहीं..
मिले नहीं तो क्या हुआ..
मेरे दिल से तो जुदा नहीं..
miss sexon
25-02-2011, 04:45 PM
तेरी याद में ज़रा आँखे भिगो लूँ
उदास रात की तन्हाई में सो लूँ
अकेले गम का बोझ अब संभलता नहीं
अगर तू मिल जाये..
तो तुझसे लिपटकर रो लूँ
Raja rangila
28-02-2011, 08:26 PM
प्यार क्या है
प्यार वो है: जब माँ रात में आती है और कहती है बेटा आई लव यू
प्यार वो है: जब मै काम से लोटता हू और पापा कहते है, बेटा लेट होने वाला था तो काल कर देता
प्यार वो है: जब भाभी कहती है ओए हीरो कोई लडकी वडकी पटाई की नहीं
प्यार वो है: जब बहन कहती है की भाई मेरी शादी के बाद मुझसे झगड़ा कौन करेगा
प्यार वो है: जब मेरा मुड खराब होता है और बहन कहती है की चल कही घुमाने चलते है
प्यार वो है: जब मेरे बेस्ट फ्रेंड मुझे काल करते है और कहते है की कमीने तेरे बिना दिल नहीं लगता
आपने कितनी सरलता , सहजता और खूबसूरती से गूढ़ और रहस्यमय प्रेम को शब्दोँ मेँ पिरोकर अभिव्यक्त कर दिया । शायद प्यार इसी को कहते हैँ जहाँ ख़ुद के लिये न कोई कामना है न कोई लालसा । उसमेँ तो सिर्फ़ और सिर्फ़ अपने प्रिय के लिये शुभ की , मंगल की हूक उठती है क्योँकि प्यार समर्पण है , त्याग है , बलिदान है । प्यार तो अपने प्रिय की खुशियाँ ही बटोरता है अपना वज़ूद तो भुला ही देता है । इसमेँ आत्मीयता है आकर्षण नहीँ । आकर्षण तो क्षणभंगुर है शाश्वत नहीँ जबकि प्यार अजर है , अमर है , शाश्वत है । प्यार कोई देह नही , आत्मा की विशाल गहराईयोँ से उपजा एक जज़्बा है जो हमेँ उदात्त भावनाओँ के साथ जीना सिखाता है ।
King_khan
02-03-2011, 03:08 AM
what is the real love...? so i tell u a sweet love story....एक चिड़िया को एक सफ़ेद गुलाब से प्यार हो गया , उसने गुलाब को propose किया गुलाब ने जवाब दिया की जिस दिन मै लाल हो जाऊंगा उस दिन से प्यार करूँगा ...!! जवाब सुनने के बाद चिड़िया गुलाब के आस पास काँटों में लोटने लगी और उसके खून से गुलाब लाल हो गया , ये देख गुलाब ने उससे कहा वो भी उसे प्यार करता है पर तब तक चिड़िया मर चुकी थी ....!!
Rihan Hasan
04-03-2011, 10:12 AM
बेहतरीन सूत्र है दोस्त
मेरी तरफ से + रेप कबूल करे
love431
04-03-2011, 10:15 AM
बेहतरीन सूत्र है दोस्त
Rihan Hasan
04-03-2011, 10:21 AM
एक लड़की एक गली से गुजरा करती थी!
मुख पर उसके नक़ाब हुआ करता था!
एक लड़के की नज़र उस पर हुआ करती थी!
लड़का उस पर मरता था शायद मोहब्बत करता था!
लड़का लड़की से अक्सर कहा करता था!
तू ये नकाब हटा दे और अपना चाँद सा मुखड़ा दिखा दे!
लड़की ने नकाब न हटाया!
लड़का लड़की का चाँद सा मुखड़ा देख न पाया!
धीरे धीरे उल्फतें बढ़ने लगी!
फिर कुछ ऐसा हुआ!
लड़का लड़की को ७ दिन तक न मिला!
लड़की परेशान रहने लगी!
जैसे तैसे लड़की लड़के के घर पहुंची!
तब पड़ोसियों ने अपना फ़र्ज़ निभाया!
लड़की को लड़के की कब्र पर पहुंचाया!
कब्र पर जा कर लड़की रोने लगी!
तब कब्र से आवाज आई!
वक़्त वक़्त की बात है!
कल तेरे चेहरे पर नकाब था आज मेरे चेहरे पर नकाब है..........
love431
04-03-2011, 11:11 AM
मेरा ग़म ही आखिर मेरे काम आया
मेरा ग़म ही आखिर मेरे काम आया
आज बहुत रोया के आराम आया
मेरा ग़म ही आखिर मेरे काम आया
लाख छुपाया इस जमाने से
लाख छुपाया इस जमाने से
मेरी ग़ज़ल में आखिर तेरा नाम आया
आज बहुत रोया के आराम आया
मेरा ग़म ही आखिर मेरे काम आया
छोड़ दी कब की ज़िन्दगी हमने
छोड़ दी कब की ज़िन्दगी हमने
छोड़ के जबसे शहर तेरा अपने गाँव आया
आज बहुत रोया के आराम आया
मेरा ग़म ही आखिर मेरे काम आया
सो रहे थे चैन से कबर में
सो रहे थे चैन से कबर में
उठ गए सर पे अचानक जो तेरा पाँव आया
आज बहुत रोया के आराम आया
मेरा ग़म ही आखिर मेरे काम आया
हषर का दिन है आज जश्न मन
बाँध के सर पे कफ़न देखो आज तेरा प्यार आया
आज बहुत रोया के आराम आया
मेरा ग़म ही आखिर मेरे काम आया
मेरा ग़म ही आखिर मेरे काम आया
SUNIL1107
05-03-2011, 09:58 PM
सूत्र बनाकर सूत्रधार गायब हो गया भाई ! मात्र एक दो प्रविष्टियों के लिए सूत्र का निर्माण करना कहाँ तक उचित है !
Ranveer
20-06-2011, 09:03 PM
एक लड़का लड़की को देखने के लिए हर
रोज़ उसके CD के शोरूम से एक नई CD खरीदता था ,
एक दिन लड़के को लगा की लड़की उसे कभी नहीं चाहेगी और वो मर गया .
कुछ दिन लड़का शोरूम पे नहीं आया
तब वो लड़की उसके घर गयी , तो पता चला की वो मर
गया है , तब लड़के की माँ ने उस लड़की को लड़के का कमरा
दिखाया , लड़की ने देखा की वो cd's भी सील्पैक थी , तब
लड़की बहुत रोई क्योकि लड़की हर रोज़ उसमे एक लव लैटर
रखती थी .......
मुझे इतनी भी सज़ा ना दे,
मेरे प्यार की इंतहा ना ले…
रुक जा ए चाँद थम जा ज़रा,
दो घड़ी मुझे भी निहार ले…
मैं टूट कर बिखर चली,
मेरी ख़ाक को यूँ हवा ना दे…
दो बोल तुझसे सुन सकूँ कभी,
मैं इंतज़ार मे सदा रही…
तू चल पड़ा मुझे छोड कर,
दीवार सी मैं खड़ी रही…
सहम गयी हूँ बस इस बात से,
कहीं मुझको तू भुला ना दे…
ये क्या किया तूने ए दिल बता,
प्यार तूने क्यों किया भला…
कैसे कहे अब ये मेरी ज़ुबान,
इक बार तो मुझको गले लगा…
ख़ामोशी की ये आदत कही,
मुझे बेजुबान ही बना ना दे…
King_khan
10-08-2011, 10:24 AM
ये आवाज कैसी है
जो दिल पर दस्तक देती है
क्यो भला फिर सुनूँ मैं कुछ ?
जब कोई आहट होती है.
तुम्हारी सांसो की आवाज
या है एक वो अहसास,
भर देता है जब जीवन
फिर अब है क्यो ये क्रंदन?
दूर कभी होती है जब
आवाज कही सन्नाटे में
ऐसे दूर हुई है वो
क्या लौटेगी ????
फिर कभी इस गली
न जाने कब कैसे होगा?
उन कदमो का इस दर तक आके
फिर यूही अचानक कभी
आकर दस्तक देना
और ये पूछना......
क्या मैं आ सकती हूँ ????
इस दालान से गुजर के
तेरे दिल तक जा सकता हूँ ..
Ranveer
10-08-2011, 11:33 PM
एक लड़की एक गली से गुजरा करती थी!
मुख पर उसके नक़ाब हुआ करता था!
एक लड़के की नज़र उस पर हुआ करती थी!
लड़का उस पर मरता था शायद मोहब्बत करता था!
लड़का लड़की से अक्सर कहा करता था!
तू ये नकाब हटा दे और अपना चाँद सा मुखड़ा दिखा दे!
लड़की ने नकाब न हटाया!
लड़का लड़की का चाँद सा मुखड़ा देख न पाया!
धीरे धीरे उल्फतें बढ़ने लगी!
फिर कुछ ऐसा हुआ!
लड़का लड़की को ७ दिन तक न मिला!
लड़की परेशान रहने लगी!
जैसे तैसे लड़की लड़के के घर पहुंची!
तब पड़ोसियों ने अपना फ़र्ज़ निभाया!
लड़की को लड़के की कब्र पर पहुंचाया!
कब्र पर जा कर लड़की रोने लगी!
तब कब्र से आवाज आई!
वक़्त वक़्त की बात है!
कल तेरे चेहरे पर नकाब था आज मेरे चेहरे पर नकाब है..........
गमें इश्क में आपके चूर होकर
तडपता है दिल मेरा मजबूर होकर॥
मुझे मेरे दिल ने कहीं का न छोड़ा
रहा तेरी आँखों में मशहूर होकर॥
अगर जख्में दिल का दावा न हुआ
तो रह जाएँगे जख्म नासूर होकर॥
कि अरबावे उल्फत तुम कहला रही हो
सितम ढाना रह गया है तेरा दस्तूर होकर॥
है रंगीन कितनी मेरे दिल की दुनिया
तेरी यादों से आज पुरनूर होकर ॥
है जिसके दिल में जज्बात ऐ मोहब्बत
बड़ा आदमी है वो मजदुर होकर॥
कहाँ जाओगी हमेशा पास रहती हो
तुम मेरी निगाहें से भी दूर होकर ॥
King_khan
19-11-2011, 10:31 PM
क्यूँ हूँ और अब क्या हूँ मैं
दिल की एक सदा हूँ मैं
कभी हूँ मैं दास्ताँ-ए-मोहब्बत
कभी रंजिशों की वजह हूँ मैं
जो मिल के है बिछड़ी न फिर से मिली जो
ऐसी ही मंजिलों का पता हूँ मैं
खबर तो है मशहूर तेरे शहर में
की अरसों से खुद से जुदा हूँ मैं
दफन हूँ कही मैं सन्नाटे जैसा
कहीं राख से उठता धुँआ हूँ मैं
क्यूँ हूँ और अब क्या हूँ मैं
क्या कहूँ बस बेवजाह हूँ मैं
King_khan
19-11-2011, 11:51 PM
काफी पुरानी बात है । पड़ोस में रहने वाले 22 साल के एक नौजवान ने आत्महत्या कर ली थी। शाम का वक्त था जब उसके घर से पहली चीख गूंजी। उसके बाद तो रुदन की अनवरत धारा बह चली। हमें घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया। रात में बाबूजी को अम्मा से कहते सुना बहुत हिकारत भरे स्वर में- “ साले को जवानी चढ़ी थी। आशिकी कर रहे थे जनाब। फिल्म देख देख कर ये लोग मुहब्बत करने लगते हैं। मां-बाप, घर द्वार सब भूलभाल कर ये किस चाह में पड़ जाते हैं कि अपना सबकुछ बौना लगने लगता है।”
वह लड़का हमारे पड़ोस में रहने वाली एक लड़की से प्रेम करता था। उनका अंतरजातीय प्रेम रास नहीं आया परिवार वालों को। बंदिशें बढ़ीं और एक दिन दोनों घर छोड़कर भाग निकले। दो तीन महीने बीते थे कि कहीं से लड़की के घर वालों को उनका ठिकाना मालूम हो गया। बताने की जरूरत नहीं कि लड़की सवर्ण् थी। जीप में भरकर उसके घरवाले गए उन्हें पकड़ने।
अगले दिन मुहल्ले के कुंए पर उस लड़की को सबके सामने नहलाया गया। मेरे मन में महिलाओं की सबसे क्रूर छवि वही है जब चार महिलाएं मिलकर कुंए पर उस लड़की की मांग में लगा सिंदूर धो रही थीं। वह चीख रही थी। चिल्ला रही थी और हर संभव प्रतिरोध कर रही थी. एक महीने बाद आननफानन में उसकी शादी कर दी गई।
‘शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका प्रेमी लौट आया। वह बहुत उदास रहता, उसकी आंखों में देखकर लगता वहां आंसुओं की कोई नदी ठहरी हुई है । कुछ दिन बीते और उसने उसी नदी में डूबकर जान दे दी। उसने फांसी लगा ली।
तब बहुत अचरज लगता था कि कैसे कोई अजनबी आपके जीवन में इतनी गहरी पैठ बना लेता है कि आप उसके लिए जीने मरने लगते हैं। प्यार करना बहुत ग्लैमरस काम था उन दिनों। हम अपनी किशोरावस्था में उन साथियों को बड़े रश्क से देखते जिनकी अपनी गलर्फ्रैंड थीं।
हमारे लिए वे नायक थे। हम अपने आपको उनके सामने बौना महसूस करते। हम तो उनके साथ कोई खेल बिना खेले ही हार जाते थे। क्योंकि हमें पता था कि कुछ तो बात है इसमें तभी तो वह खूबसूरत सी लड़की जो मुझे देखती भी नहीं वह इसकी साइकिल पर बैठने में गुरेज नहीं करती इतना ही नहीं इसके लिए चाकलेट तक खरीदकर लाती है। अपनी पाकेट मनी के पैसे से ।
वह लड़की अब भी अपने मायके आती है। उसके दो बच्चे हैं। पता नहीं वह अपने प्रेमी के घर की ओर देखती भी है अथवा नहीं लेकिन उसकी सिक्कों सी खनखनाती हंसी की आवाज अब कभी सुनाई नहीं देती।
Rajeev
20-11-2011, 12:26 PM
बहुत ही बढ़िया सूत्र है खान भाई रेपो++ स्वीकार करे!
NaKShtR
20-11-2011, 12:48 PM
शुक्रिया खान साहिब
dev b
20-11-2011, 12:50 PM
अच्छा सूत्र है ...मित्र ..बधाई
nitin9935
20-11-2011, 12:55 PM
खान भाई आपने दिल को छू लिया
काफी पुरानी बात है । पड़ोस में रहने वाले 22 साल के एक नौजवान ने आत्महत्या कर ली थी। शाम का वक्त था जब उसके घर से पहली चीख गूंजी। उसके बाद तो रुदन की अनवरत धारा बह चली। हमें घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया। रात में बाबूजी को अम्मा से कहते सुना बहुत हिकारत भरे स्वर में- “ साले को जवानी चढ़ी थी। आशिकी कर रहे थे जनाब। फिल्म देख देख कर ये लोग मुहब्बत करने लगते हैं। मां-बाप, घर द्वार सब भूलभाल कर ये किस चाह में पड़ जाते हैं कि अपना सबकुछ बौना लगने लगता है।”
वह लड़का हमारे पड़ोस में रहने वाली एक लड़की से प्रेम करता था। उनका अंतरजातीय प्रेम रास नहीं आया परिवार वालों को। बंदिशें बढ़ीं और एक दिन दोनों घर छोड़कर भाग निकले। दो तीन महीने बीते थे कि कहीं से लड़की के घर वालों को उनका ठिकाना मालूम हो गया। बताने की जरूरत नहीं कि लड़की सवर्ण् थी। जीप में भरकर उसके घरवाले गए उन्हें पकड़ने।
अगले दिन मुहल्ले के कुंए पर उस लड़की को सबके सामने नहलाया गया। मेरे मन में महिलाओं की सबसे क्रूर छवि वही है जब चार महिलाएं मिलकर कुंए पर उस लड़की की मांग में लगा सिंदूर धो रही थीं। वह चीख रही थी। चिल्ला रही थी और हर संभव प्रतिरोध कर रही थी. एक महीने बाद आननफानन में उसकी शादी कर दी गई।
‘शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका प्रेमी लौट आया। वह बहुत उदास रहता, उसकी आंखों में देखकर लगता वहां आंसुओं की कोई नदी ठहरी हुई है । कुछ दिन बीते और उसने उसी नदी में डूबकर जान दे दी। उसने फांसी लगा ली।
तब बहुत अचरज लगता था कि कैसे कोई अजनबी आपके जीवन में इतनी गहरी पैठ बना लेता है कि आप उसके लिए जीने मरने लगते हैं। प्यार करना बहुत ग्लैमरस काम था उन दिनों। हम अपनी किशोरावस्था में उन साथियों को बड़े रश्क से देखते जिनकी अपनी गलर्फ्रैंड थीं।
हमारे लिए वे नायक थे। हम अपने आपको उनके सामने बौना महसूस करते। हम तो उनके साथ कोई खेल बिना खेले ही हार जाते थे। क्योंकि हमें पता था कि कुछ तो बात है इसमें तभी तो वह खूबसूरत सी लड़की जो मुझे देखती भी नहीं वह इसकी साइकिल पर बैठने में गुरेज नहीं करती इतना ही नहीं इसके लिए चाकलेट तक खरीदकर लाती है। अपनी पाकेट मनी के पैसे से ।
वह लड़की अब भी अपने मायके आती है। उसके दो बच्चे हैं। पता नहीं वह अपने प्रेमी के घर की ओर देखती भी है अथवा नहीं लेकिन उसकी सिक्कों सी खनखनाती हंसी की आवाज अब कभी सुनाई नहीं देती।
Krish13
20-11-2011, 01:07 PM
बहुत बढ़िया खान भाई आपकी बातोँ ने दिल को छू लिया..........
मेरी तरफ से ++रेपो स्वीकार करोँ॥
swami ji
20-11-2011, 01:15 PM
बहोत खूब किंग खान भाई ,,,,
Devil khan
20-11-2011, 07:52 PM
भाई इस सूत्र की तारीफ़ के लिए मेरे पास शब्द नहीं है ...........प्यार के एहसाश उसके अपनेपन की याद दिला दिया खान भाई ...........आपके इस कार्य के लिए रेपो बड़ा तुच्छ सा लगता है .......फ्हिर भी काबुल करे .......सुक्रिया मित्र
swami ji
21-11-2011, 09:46 AM
दिल का दर्द केसे बताये किसी को यारो
सब नमक लगते हे ,,,
स्वामी ....राजवीर ....
Raman46
21-11-2011, 01:52 PM
प्यार की खामोशी एक मार्मिक कहानी है दिल में उतर जाने लायक / सिकंदर भाई साहब का एक और बेतरीन सूत्र / भाई जान आप इसके बधाई के पात्र है /आशा करूँगा इस सूत्र को प्रगतिशील रखेंगे / हम सब आप के साथ है / सलाम आप को मित्र ...रमण
Raman46
21-11-2011, 01:58 PM
प्यार क्या है
प्यार वो है: जब माँ रात में आती है और कहती है बेटा आई लव यू
प्यार वो है: जब मै काम से लोटता हू और पापा कहते है, बेटा लेट होने वाला था तो काल कर देता
प्यार वो है: जब भाभी कहती है ओए हीरो कोई लडकी वडकी पटाई की नहीं
प्यार वो है: जब बहन कहती है की भाई मेरी शादी के बाद मुझसे झगड़ा कौन करेगा
प्यार वो है: जब मेरा मुड खराब होता है और बहन कहती है की चल कही घुमाने चलते है
प्यार वो है: जब मेरे बेस्ट फ्रेंड मुझे काल करते है और कहते है की कमीने तेरे बिना दिल नहीं लगता
दोस्त ! बेहतरीन विचार है आपके / वास्तव में ये ही सत्य है, हर घर में हर दिल में / एक सच्चा प्यार अमिट...........शुक्रिया दोस्त तथा धन्यबाद
love birds
21-11-2011, 05:14 PM
king khan bhai apka sutr wakie कबीले तारीफ है इसका किन सब्दो में धन्यवाद किया जाये पता नहीं मगर मैं आपको आज के सरे इनाम अपनी तरफ से आपको भेट करता हू अपने तो बसमार ही डाला दोस्त वैसे तो हम भी प्यार के पुजारी है इसकी कद्र करते है मगर इसका गम भी सहा है भाई इसका दर्द बड़ा मीठा होता है भाई जो सहे वो ही जाने
आपको फिर से तहे दिल से धन्यवाद
love birds
21-11-2011, 05:15 PM
भाई आज तक मैंने कोई भी सूत्र पूरा नहीं पढ़ा है मगर आज जरुर टाइम निकल कर इसे पूरा पढूंगा चाहे जो भी हो भाई
Teach Guru
23-11-2011, 08:13 AM
बहुत गहरी अभिव्यक्ती है, मज़ा आ गया|
monieda
23-11-2011, 11:25 PM
आत्महत्या करना कायरता है |
.........
मुझे दिल की खता पर, 'यास' शर्माना नहीं आता
पराया जुर्म अपने नाम, लिखवाना नहीं आता
बुरा हो पाए-सरकस का, जिन्हें थकना नहीं आता
कभी गुमराह होकर, राह में आना नहीं आता
मुझे ऐ नाखुदा! आखिर, किसी को मुंह दिखाना है
बहाना करके, तनहा पार उतर जाना आनाही आता
मुसीबत का पहाड़, आखिर किसी दिन कट ही जाएगा
मुझे सर मार तेशे से, मर जाना नहीं आता
असीरौ, शौके आज़ादी, मुझे भी गुदगुदाता है
मगर चादर से बाहर, पाँव फैलाना नहीं आता
दिले-बेहौसला है इक ज़रा सी टीस का मेहमां
वो आंसू क्या पीएगा, जिसको गम खाना नहीं आता
-------------- मिर्ज़ा वाजिद हुसैन चंगेजी 'यास'
पाए-सरकस = आज्ञाकारी पैर | नाखुदा = नाविक | तेशे = पत्थर काटने वाली कुदाल |
असीरौ = कैदियों | शौके-आज़ादी = स्वतंत्रता का शौक | दिले-बेहौसला - उत्साहरहित हृदय |
man-vakil
24-11-2011, 01:09 AM
मत रहा करो युहीं खामोश,
इस प्यार में,ऐ मेरे दोस्त,
जब तक दर्द को जुबाँ ना मिले,
कोई दवा-ए हिकमत नहीं करता /....
aawara
27-11-2011, 01:21 AM
काफी पुरानी बात है । पड़ोस में रहने वाले 22 साल के एक नौजवान ने आत्महत्या कर ली थी। शाम का वक्त था जब उसके घर से पहली चीख गूंजी। उसके बाद तो रुदन की अनवरत धारा बह चली। हमें घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया। रात में बाबूजी को अम्मा से कहते सुना बहुत हिकारत भरे स्वर में- “ साले को जवानी चढ़ी थी। आशिकी कर रहे थे जनाब। फिल्म देख देख कर ये लोग मुहब्बत करने लगते हैं। मां-बाप, घर द्वार सब भूलभाल कर ये किस चाह में पड़ जाते हैं कि अपना सबकुछ बौना लगने लगता है।”
वह लड़का हमारे पड़ोस में रहने वाली एक लड़की से प्रेम करता था। उनका अंतरजातीय प्रेम रास नहीं आया परिवार वालों को। बंदिशें बढ़ीं और एक दिन दोनों घर छोड़कर भाग निकले। दो तीन महीने बीते थे कि कहीं से लड़की के घर वालों को उनका ठिकाना मालूम हो गया। बताने की जरूरत नहीं कि लड़की सवर्ण् थी। जीप में भरकर उसके घरवाले गए उन्हें पकड़ने।
अगले दिन मुहल्ले के कुंए पर उस लड़की को सबके सामने नहलाया गया। मेरे मन में महिलाओं की सबसे क्रूर छवि वही है जब चार महिलाएं मिलकर कुंए पर उस लड़की की मांग में लगा सिंदूर धो रही थीं। वह चीख रही थी। चिल्ला रही थी और हर संभव प्रतिरोध कर रही थी. एक महीने बाद आननफानन में उसकी शादी कर दी गई।
ख़ुद को सूरज का तरफ़दार बनाने के लिए
लोग निकले पड़ते हैं चराग़ों को बुझाने के लिए
King_khan
27-11-2011, 10:30 AM
बहुत ही बढ़िया सूत्र है खान भाई रेपो++ स्वीकार करे!
शुक्रिया खान साहिब
अच्छा सूत्र है ...मित्र ..बधाई
खान भाई आपने दिल को छू लिया
बहुत बढ़िया खान भाई आपकी बातोँ ने दिल को छू लिया..........
मेरी तरफ से ++रेपो स्वीकार करोँ॥
बहोत खूब किंग खान भाई ,,,,
भाई इस सूत्र की तारीफ़ के लिए मेरे पास शब्द नहीं है ...........प्यार के एहसाश उसके अपनेपन की याद दिला दिया खान भाई ...........आपके इस कार्य के लिए रेपो बड़ा तुच्छ सा लगता है .......फ्हिर भी काबुल करे .......सुक्रिया मित्र
दिल का दर्द केसे बताये किसी को यारो
सब नमक लगते हे ,,,
स्वामी ....राजवीर ....
प्यार की खामोशी एक मार्मिक कहानी है दिल में उतर जाने लायक / सिकंदर भाई साहब का एक और बेतरीन सूत्र / भाई जान आप इसके बधाई के पात्र है /आशा करूँगा इस सूत्र को प्रगतिशील रखेंगे / हम सब आप के साथ है / सलाम आप को मित्र ...रमण
king khan bhai apka sutr wakie कबीले तारीफ है इसका किन सब्दो में धन्यवाद किया जाये पता नहीं मगर मैं आपको आज के सरे इनाम अपनी तरफ से आपको भेट करता हू अपने तो बसमार ही डाला दोस्त वैसे तो हम भी प्यार के पुजारी है इसकी कद्र करते है मगर इसका गम भी सहा है भाई इसका दर्द बड़ा मीठा होता है भाई जो सहे वो ही जाने
आपको फिर से तहे दिल से धन्यवाद
भाई आज तक मैंने कोई भी सूत्र पूरा नहीं पढ़ा है मगर आज जरुर टाइम निकल कर इसे पूरा पढूंगा चाहे जो भी हो भाई
बहुत गहरी अभिव्यक्ती है, मज़ा आ गया|
आत्महत्या करना कायरता है |
.........
मुझे दिल की खता पर, 'यास' शर्माना नहीं आता
पराया जुर्म अपने नाम, लिखवाना नहीं आता
बुरा हो पाए-सरकस का, जिन्हें थकना नहीं आता
कभी गुमराह होकर, राह में आना नहीं आता
मुझे ऐ नाखुदा! आखिर, किसी को मुंह दिखाना है
बहाना करके, तनहा पार उतर जाना आनाही आता
मुसीबत का पहाड़, आखिर किसी दिन कट ही जाएगा
मुझे सर मार तेशे से, मर जाना नहीं आता
असीरौ, शौके आज़ादी, मुझे भी गुदगुदाता है
मगर चादर से बाहर, पाँव फैलाना नहीं आता
दिले-बेहौसला है इक ज़रा सी टीस का मेहमां
वो आंसू क्या पीएगा, जिसको गम खाना नहीं आता
-------------- मिर्ज़ा वाजिद हुसैन चंगेजी 'यास'
पाए-सरकस = आज्ञाकारी पैर | नाखुदा = नाविक | तेशे = पत्थर काटने वाली कुदाल |
असीरौ = कैदियों | शौके-आज़ादी = स्वतंत्रता का शौक | दिले-बेहौसला - उत्साहरहित हृदय |
मत रहा करो युहीं खामोश,
इस प्यार में,ऐ मेरे दोस्त,
जब तक दर्द को जुबाँ ना मिले,
कोई दवा-ए हिकमत नहीं करता /....
ख़ुद को सूरज का तरफ़दार बनाने के लिए
लोग निकले पड़ते हैं चराग़ों को बुझाने के लिए
आप सभी दोस्तों का बहुत बहुत शुक्रिया |
King_khan
27-11-2011, 10:31 AM
ख़ामोशी.............
लम्बी ख़ामोशी................
चलो अब इसका मज़ा भी चख लें..............
तुझसे होते हुए कई शब्दों को सुना मैंने ,
कुछ शहद की तरह मीठे थे
और
कुछ नीम की तरह कडवे............
कुछ में तेरे प्यार की खुशबू महकती थी
तो कुछ यूँ लगता था
जैसे कोई अजनबी ने राह चलते हुए पुकारा हो ..........
कुछ को समझ पाया
और कुछ उड़ते गए यूँ ही हवा में.........
शायद यही गलती हुई मुझसे...........
शायद उनको भी समझना जरुरी था...........
पर...............
अब जो हालात बन चुके हैं
दरम्यान अपने
शायद उन्ही शब्दों का नतीजा हैं..............
अब केवल ख़ामोशी सुनती है दोनों तरफ.........
अब शब्द गुफ्तगू करते नहीं आपस में.............
NaKShtR
27-11-2011, 01:21 PM
गम की बारिश ने भी तेरे नक्श को धोया नहीं
तूने मुझको खो दिया, मैंने तुझे खोया नहीं
नींद का हल्का गुलाबी सा खुमार आंखों में था
यूँ लगा जैसे वो शब को देर तक सोया नहीं
हर तरफ़ दीवार-ओ-दर और उनमें आँखों का हुजूम
कह सके जो दिल की हालत वो लबे-गोया नहीं
जुर्म आदम ने किया और नस्ले-आदम को सजा
काटा हूँ जिंदगी भर मैंने जो बोया नहीं
जानता हूँ एक ऐसे शख्स को मैं भी 'मुनीर'
गम से पत्थर हो गया लेकिन कभी रोया नहीं
aawara
27-11-2011, 11:33 PM
जहाँ के खेल में सब एक जैसे हम को लगते हैं
ये बाज़ी किसने जीती है, ये बाज़ी किसने हारी है
monieda
28-11-2011, 12:25 AM
उनसे हमें कुछ काम नहीं है
दिल को मगर आराम नहीं है
मेरी तबाही मेरा मुकद्दर है
आप के कुछ इल्जाम नहीं है
इश्क है ऐसा आलम जिसमे
सुबह नहीं है शाम नहीं है
हुस्न के जलवे मांगने वालों
इश्क की दौलत आम नहीं है
हमको न अपना कह के पुकारो
यह तो हमारा नाम नहीं है
इतना भी क्या 'शेरी' से तकल्लुफ
ऐसा तो वो बदनाम नहीं है
---------- मुहम्मद असगर खां 'शेरी' भोपाली
monieda
28-11-2011, 12:26 AM
करीब मौत खड़ी है, ज़रा ठहर जाओ
फ़िज़ा से आँख लड़ी है, ज़रा ठहर जाओ
थकी थकी सी फिज़ाएँ, बुझे बुझे से तारे हैं
बड़ी उदास घड़ी है, ज़रा ठहर जाओ
नहीं उम्मीद कि हम, आज की सहर देखें
ये रात हम पे कड़ी है, ज़रा ठहर जाओ
अभी न जाओ कि तारों का दिल धड़कता है
तमाम रात पडी है, ज़रा ठहर जाओ
फिर इसके बाद कभी हम न तुमको रोकेंगे
लबों पे सांस अड़ी है, ज़रा ठहर जाओ
दमे फिराक में जी भर के तुझे देख तो लूं
ये फैसले की घड़ी है, ज़रा ठहर जाओ
---------- सैफुद्दीन 'सैफ' अमृतसरी
फ़िज़ा - वातावरण | सहर - सुबह | दमे फिराक - बिछुड़ने का समय |
King_khan
30-11-2011, 10:11 PM
आज हर पल तक पहुंची रात
न जाने कहां खो गई रात,
मेरी और तेरी कोई नई बात
फ़िर से तन्हा कर गई रात,
सुबह से शाम के आते-आते
तेरी याद मे गुजर गई रात,
अब तो हर रात गम सी है
एक गम से खुशी तक पहुंची रात,
न हो कोई दोस्त मेरा जहान मे
मेरे खामोशी के पल तक सिमटी रात.
love birds
07-12-2011, 02:41 PM
मित्र सूत्र रुक क्यों गया इसे आगे बढाओ
lotus1782
07-12-2011, 03:02 PM
बहुत बढ़िया सर जी .................................
Lovely.indian
11-12-2011, 07:25 AM
एक लड़का था. एक अन्धी लडकी से प्यार करता था. एक दिन उस लडके ने अपनी प्रेमिका से कहा के तुम मुझ से शादी कर लो. लडके की प्रेमिका उस लडकी ने उत्तर दिया के पहले मेरी आँखें ठीक हो जाएँ, मेरे को दिखने लग जाये बाद में हम शादी कर लेंगे. इस के कुछ दिन बाद लडके ने उस लडकी को बताया के एक हस्पताल में किसी सज्जन ने उसके लिए आँखे दान करी हैं. आपरेशन किया गया. लडकी को दिखने लग गया. लडकी किया देखती है के उस प्रेमी अँधा है.
लडके ने वही शादी वाली बात दोहराई तो उस लडकी ने यह कह कर मना कर दिया के मैं किसी अन्धे लडके से शादी नहीं कर सकती. इतनी बात सुन कर लडके ने आत्महत्या कर ली. उसके पास से एक पत्र प्राप्त हुआ. जिस पर उसने उस लडकी को सम्बोधित होकर केवल इतना ही लिखा था के
मैं जा रहा हूँ प्रिये लेकिन मेरी आँखों का ख्याल रखना.
Raja44
18-12-2011, 04:20 AM
किंग खान साहब आपने तो हमेँ भी कुछ याद दिला दिया
sultania
19-12-2011, 01:57 AM
काफी पुरानी बात है । पड़ोस में रहने वाले 22 साल के एक नौजवान ने आत्महत्या कर ली थी। शाम का वक्त था जब उसके घर से पहली चीख गूंजी। उसके बाद तो रुदन की अनवरत धारा बह चली। हमें घर से बाहर निकलने नहीं दिया गया। रात में बाबूजी को अम्मा से कहते सुना बहुत हिकारत भरे स्वर में- “ साले को जवानी चढ़ी थी। आशिकी कर रहे थे जनाब। फिल्म देख देख कर ये लोग मुहब्बत करने लगते हैं। मां-बाप, घर द्वार सब भूलभाल कर ये किस चाह में पड़ जाते हैं कि अपना सबकुछ बौना लगने लगता है।”
वह लड़का हमारे पड़ोस में रहने वाली एक लड़की से प्रेम करता था। उनका अंतरजातीय प्रेम रास नहीं आया परिवार वालों को। बंदिशें बढ़ीं और एक दिन दोनों घर छोड़कर भाग निकले। दो तीन महीने बीते थे कि कहीं से लड़की के घर वालों को उनका ठिकाना मालूम हो गया। बताने की जरूरत नहीं कि लड़की सवर्ण् थी। जीप में भरकर उसके घरवाले गए उन्हें पकड़ने।
अगले दिन मुहल्ले के कुंए पर उस लड़की को सबके सामने नहलाया गया। मेरे मन में महिलाओं की सबसे क्रूर छवि वही है जब चार महिलाएं मिलकर कुंए पर उस लड़की की मांग में लगा सिंदूर धो रही थीं। वह चीख रही थी। चिल्ला रही थी और हर संभव प्रतिरोध कर रही थी. एक महीने बाद आननफानन में उसकी शादी कर दी गई।
‘शादी के कुछ ही दिनों बाद उसका प्रेमी लौट आया। वह बहुत उदास रहता, उसकी आंखों में देखकर लगता वहां आंसुओं की कोई नदी ठहरी हुई है । कुछ दिन बीते और उसने उसी नदी में डूबकर जान दे दी। उसने फांसी लगा ली।
तब बहुत अचरज लगता था कि कैसे कोई अजनबी आपके जीवन में इतनी गहरी पैठ बना लेता है कि आप उसके लिए जीने मरने लगते हैं। प्यार करना बहुत ग्लैमरस काम था उन दिनों। हम अपनी किशोरावस्था में उन साथियों को बड़े रश्क से देखते जिनकी अपनी गलर्फ्रैंड थीं।
हमारे लिए वे नायक थे। हम अपने आपको उनके सामने बौना महसूस करते। हम तो उनके साथ कोई खेल बिना खेले ही हार जाते थे। क्योंकि हमें पता था कि कुछ तो बात है इसमें तभी तो वह खूबसूरत सी लड़की जो मुझे देखती भी नहीं वह इसकी साइकिल पर बैठने में गुरेज नहीं करती इतना ही नहीं इसके लिए चाकलेट तक खरीदकर लाती है। अपनी पाकेट मनी के पैसे से ।
वह लड़की अब भी अपने मायके आती है। उसके दो बच्चे हैं। पता नहीं वह अपने प्रेमी के घर की ओर देखती भी है अथवा नहीं लेकिन उसकी सिक्कों सी खनखनाती हंसी की आवाज अब कभी सुनाई नहीं देती।
महोदय बहुत अच्छे, कॉपी पेस्ट करके केवल बीच मैं स्पेस मारने से ये पोस्ट आपके ही दुवारा लिखी गयी सुध हिन्दी लगती है,
कृपया कॉपी पेस्ट मारते समय ये बता दे की ये नेट से ली गयी है
Ranveer
01-05-2012, 01:21 AM
इंसान तमाम नाकामियोँ और खतरोँ के बावजूद प्रेम क्यूँ करता है ?
शायद इसिलिए क्योँकि प्रेम उसे एक मुक्कमल इंसान बनाता है ।
जिगर मुरादाबादी का एक मशहूर शेर है -
" इश्क जब तक न कर चुके रुसवा ,
आदमी काम का नहीँ होता । "
Powered by vBulletin® Version 4.1.12 Copyright © 2012 vBulletin Solutions, Inc. All rights reserved.