PDA

View Full Version : बहनो की चर्चा



horny4sis
15-01-2011, 05:54 PM
सूत्र शुरू करने से पहले एक बात साफ साफ कहना चाहता हूँ... ये सिर्फ उन लोगो के लिए है जो अपनी बहनों को कामातुर दृष्टि से देखते हैं...

यदि आप ऐसे विचारों को घिनोना अथवा स्तरहीन समझते हैं तो कृपया इस सूत्र से दूर रहें.

व्यर्थ के उलहाने तथा व्याख्यान की कोई ज़रूरत नहीं

मेरे जैसे विचारों वाले भाई कृपया अपनी अपनी बहनो के बारे मैं अपने विचार यहाँ प्रगट करें

horny4sis
15-01-2011, 05:55 PM
सबसे पहले अपनी बात:

मैं २२ साल का लड़का हूँ... अभी पढ़ रहा हूँ ..मेरी बहन बहुत सुंदर है.. मेरे से २ साल ही बड़ी है.. आज से कर्रेब ४-५ साल पहले ही मैं उसकी तरफ आकर्षित हुआ ..

उस वक़्त मैंने स्कूल ख़तम किया था और कॉलेज मैं दाखिला लिया था.. स्वाभाविक रूप से मैं लड़कियों की तरफ किसी भी सामान्य लड़के की तरह ही आकिर्षित था... काफी सुंदर सुंदर लड़कियां थी कॉलेज मैं.. पर एक ठीक ठाक रंग रूप वाली लड़की ने ही मुझे propose किया... लड़की को भोगने के चक्कर मैं रंग रूप की तरफ किसका ध्यान जाता है.. यह सोच कर मैंने accept कर ही लिया... हमारा काम शुरू हुआ foreplay के बाद जब उसके कपडे मैं उतारे तो कुछ अच्छा नहीं लगा... छोटे छोटे से स्तन... थोडा पेट निकला हुआ.. कुछ ख़ास अच्छा नहीं लगा.. हम लोगों को नेट पे कसी कसी लड़कियों को देखने मैं जो मज़ा आता है... वैसा कुछ भी नहीं था.. मेरी तो सारी उत्तेजना ही ख़तम हो गयी.. पर अगर उस वक़्त कुछ कर न पता तो अगले दिन कॉलेज मैं मेरा मजाक तो पक्का उड़ना था.. तभी अचानक मेरे मन मैं न जाने कहाँ से यह ख्याल आया के अगर इस लड़की की जगह मेरी बहन होती तो क्या होता.. उस वक़्त से पहले बहन के बारे ये भावना कभी मेरे मन मैं नहीं आई थी.. उस वक़्त कैसे आई पता नहीं.. पर उस ख्याल से ही मुझे ऐसी उत्तेजना हुई के बता नहीं सकता.. वोह लड़की भी तौबा कर उठी...

उस घटना के बाद मेरी और भी girlfriends बनी , १-२ तो काफी सुंदर थी... पर पता नहीं जब भी सम्भोंग करता हूँ उनके साथ... बिना बहन के बारे मैं सोचे मुझसे नहीं होता... एक बार अपनी बहन के सभी कपडे चुरा कर गश्ती के पास भी गिया था.. उसको सभी कपडे पहना के जब उतार के किया... तो बहुत अच्छा लगा

बाथरूम के दरवाजे में से छेद करके अक्सर अपनी बहन को नहाते, कपडे बदलते देखता हूँ ...एक एक अंग उसका देखा हुआ है .. बहुत सही figure है उसका.. किसी भी model actress मात दे दे ... बहुत भाग्यवान होगा जो उसे भोगेगा... बस मेरी वासना उसको देखने तक ही सीमित है.. मुझे नहीं लगता के कभी मैं ऐसा कर सकूंगा... वैसे हमारा रिश्ता एक दम normal है..

akamboj2000
15-01-2011, 09:31 PM
दोस्तो ये बात मेरी किसी बहन की नही है पर मैं एक बात बताना चाहता हूँ कि जब मैने कॉलेज मे जाना शुरू किया तो एक बिलौरी आँखो वाली लड़की से मुलाकात हुई फिर हम दोनो मे बातचीत होने लगी हम काफी करीब आ गए पर एक दिन मेरा दोस्त उसके साथ बैठा था तो मैं भी वहीं चला गया तो मेरे दोस्त ने मेरा परिचय करवाया कि ये मेरी बहन है तो मुझे बहुत झटका लगा मैं जिसके इतने करीब था वो मेरे दोस्त की बहन है तो मैं आगे नही बढ़ सका वो लड़की कहती है कि तुम मुझसे पहले की तरह बात नही करते और कहती है कि मेरे भाई की चिंता मत करो पर मैं यारी मे गद्दारी नही करना चाहता क्या मुझे कोई उचित सलाह देगा

VIBHA GOYAL
15-01-2011, 09:42 PM
एक बार तो स्वाद चख ही लो
दोस्तो ये बात मेरी किसी बहन की नही है पर मैं एक बात बताना चाहता हूँ कि जब मैने कॉलेज मे जाना शुरू किया तो एक बिलौरी आँखो वाली लड़की से मुलाकात हुई फिर हम दोनो मे बातचीत होने लगी हम काफी करीब आ गए पर एक दिन मेरा दोस्त उसके साथ बैठा था तो मैं भी वहीं चला गया तो मेरे दोस्त ने मेरा परिचय करवाया कि ये मेरी बहन है तो मुझे बहुत झटका लगा मैं जिसके इतने करीब था वो मेरे दोस्त की बहन है तो मैं आगे नही बढ़ सका वो लड़की कहती है कि तुम मुझसे पहले की तरह बात नही करते और कहती है कि मेरे भाई की चिंता मत करो पर मैं यारी मे गद्दारी नही करना चाहता क्या मुझे कोई उचित सलाह देगा

akamboj2000
15-01-2011, 09:47 PM
एक बार तो स्वाद चख ही लो

मतलब विभा जी दोस्त की परवाह न करूँ

horny4sis
15-01-2011, 10:05 PM
दोस्तो ये बात मेरी किसी बहन की नही है पर मैं एक बात बताना चाहता हूँ कि जब मैने कॉलेज मे जाना शुरू किया तो एक बिलौरी आँखो वाली लड़की से मुलाकात हुई फिर हम दोनो मे बातचीत होने लगी हम काफी करीब आ गए पर एक दिन मेरा दोस्त उसके साथ बैठा था तो मैं भी वहीं चला गया तो मेरे दोस्त ने मेरा परिचय करवाया कि ये मेरी बहन है तो मुझे बहुत झटका लगा मैं जिसके इतने करीब था वो मेरे दोस्त की बहन है तो मैं आगे नही बढ़ सका वो लड़की कहती है कि तुम मुझसे पहले की तरह बात नही करते और कहती है कि मेरे भाई की चिंता मत करो पर मैं यारी मे गद्दारी नही करना चाहता क्या मुझे कोई उचित सलाह देगा
अगर दूर तक निभाने का इरादा है तो आगे अवश्य बढ़ें... परन्तु अगर लड़की तरफ सिर्फ जिस्मानी खिंचाव है तो लड़की से भी जाओगे और दोस्ती से भी

VIBHA GOYAL
15-01-2011, 10:06 PM
लडकी कि भावना का भी ख्याल करो
मतलब विभा जी दोस्त की परवाह न करूँ

akayemm
15-01-2011, 10:13 PM
पारिवारिक सम्बन्ध
मित्रों , मैं विस्मित हूं संकीर्ण/सीमित विचारों को पढ़ कर . संकीर्ण/सीमित इस लिए कि अधिकतर विचार बिना तर्क हैं . कुछ लोग चरित्र की दुहाई दे रहें हैं बिना सोचे समझे कि क्या इस मंच पर विचरण करना अच्छे चरित्र का प्रमाण है ? क्या फिर चरित्रवान होने की निशानी है वैचारिक रूप से परागामी होना ? जैसा कि इस मंच पर आने वाला हर व्यक्ति है . अभी तक किसी भी माई के लाल (अथवा लाली) ने इस प्रश्न का उत्तर नहीं दिया है कि अगर हम कहानियों में पूर्ण स्थान दे सकतें हैं और ऐसी कहानियां पढ़ सकतें हैं जो पारिवारिक संबंधों पर आधारित हैं तो ऐसे विचारों को स्थान क्यों नहीं मिल सकता इस संभाग में ? क्या ऐसी पारिवारिक संबंधों पर आधारित प्रत्येक कहानी का लेखक/लेखिका समालोचना की अपेक्षा नहीं करता/करती ? क्या वे सब तारीफ़ की आशा नहीं करते ? और क्या हम उनके प्रयासों को सराहते नहीं हैं ? और जन मानस को देखते हुए ही मंच के संचालकों ने एक विशिष्ट स्थान दिया है उन कहानियों को . क्या आप इस तथ्य को नकारना चाहते हैं ?
एक और तर्क देता हूं . क्या अन्य यौन प्रक्रिया पर आधारित कहानियां और ‘गर्म मसाला ‘ के विभिन्न सूत्र पाठकों को प्रेरित करते हैं चरित्रवान बनने के लिए ? यदि हाँ , तो ये मंच और इस जैसे लाखों और मंच भी विद्यालयों में एक आवश्यक विषय के रूप में प्रारंभ होने चाहिए , और इन्हें ‘केवल वयस्कों’ की श्रेणी में से निकाल देना चाहिए . इस प्रकार के क्रिया कलापों को दूरदर्शन के माध्यम से भी जनता में प्रचलित करना चाहिये !
इस तर्क पर पर भी विचार करें कि क्या अब तक किसी भी मंच ने सफलतापूर्वक प्रेरित किया है आपको वो करने के लिए जो आप नहीं करना चाहते थे ?
हाँ , ये तो हो सकता है कि कोई मंच सहायक सिद्ध हुआ हो आपके किसी मंतव्य को सफल करने में . और यही है इस ज्ञान प्राप्ति की आधुनिक तकनीक का कमाल !
तो क्या पारिवारिक यौन संबंधों पर टिप्पणियां पढने से ही परिवार का वातावरण दूषित हो जायेगा ? मैं हर आगंतुक से पूछता हूं , कि क्या आप ऐसा मानते हैं कि आपके सिवाय आपके किसी भी परिवार वाले को नहीं पता कि इस मंच जैसे कई मंच हैं साइबर की दुनियाँ में ? क्या उन सब जगह विचरण करने से उनके चरित्र का नाश नहीं हो रहा ? और यदि उनको नहीं पता , फिर चिंता किस बात की ? तो भला ये मंच भी उन पर कैसे असर करेगा ? और यदि ऐसे अन्य प्रकार के मंचों पर विचरण करने बाद भी उनका चरित्र सही सलामत है, तो ये बेचारा अकेला मंच कैसे बिगाड़ देगा आपके परिवार के सदस्यों का उच्च चरित्र ?
तो मित्रों ! कृपया विचारिये, गुनिये , बुद्धिमत्ता के साथ , मात्र बुराइ करने के उद्देश्य से नहीं ! क्यों कि इस संसार में सम्पूर्ण रूप से कुछ भी अच्छा या कुछ भी बुरा नहीं होता है , सब कुछ सापेक्षिक है ! --- अनिल

akamboj2000
15-01-2011, 10:13 PM
लडकी कि भावना का भी ख्याल करो

विभा जी ये तो एक के साथ छल होगा या दोस्त के साथ या उस लड़की के साथ

rajan2907
16-01-2011, 10:19 AM
yaar ek baat socho larki agar chahti hai toa tum nahi karoge wo kisi aur k pass jayegi toa tum hi kyo nahi karte.

akayemm
16-01-2011, 12:49 PM
निकट सम्बन्धियों के साथ यौन सम्बन्ध

मित्रों , मैं एक बात पर हैरान हूं . कि कोई भी मित्र इस बात पर टिप्पणी नहीं कर रहा है जो मैंने इस मंच पर प्रेषित होने वाली कहानियों के सन्दर्भ में लिखी है ! आप लोग अच्छे बुरे की दुहाई दे रहें हैं ! मैं आप सब से , मतलब सब से , पूछता हूं कि बताएं निम्न लिखित कहानियों के पढने में कौन सी भलाई है ,
१. ननद का जेठ और उसका दोस्त
२. ड्राइवर और नौकर से चुदी
३. फार्महाउस में मम्मी
४. एकाकीपन में खुश
५. नौकर से चुदवाया आदि आदि , प्रथम प्रकार में , और अब परिवार में ...
६. चचेरी बहन से प्यार
७. जीजू ने मेरी सील तोडी
८. मान भी जाओ बहु
९. भाभी के पैरों का दर्द
१०. बुआ की प्यास
११. मेरी माँ चुद गयी
१२. बारिश और दीदी ...... और कितनी कहानियां गिनवाऊं ?
क्या ये सब चरित्र निर्माण के लिए लिखी गयी हैं ? इनमें कौनसी धार्मिकता दर्शाई गयी है जिससे कि मोक्ष की प्राप्ति हो जायेगी , आपकी और आपके परिवार के सदस्यों की. ? कृपया गंभीरता से सोचिये , विवेक द्वारा न कि क्षणिक आवेश के वशीभूत हो कर ! मेरा इशारा इम्पल्सिव टिप्पणियों की ओर है !.
यदि इन दोनों प्रकार की कथाओं को स्थान मिल सकता है तो इन कथाओं से सम्बंधित भावनाओं पर किसी सूत्र रूप में वार्तालाप करने पर विरोध क्यों ? विवाद क्यों ? अतः विनम्र आग्रह है कि विरोध केवल विरोध के लिए न करे . जो भी विचार इस पटल पर रखें वे सब इस अन्तर्वासना मंच की सम्पूर्ण रूप रेखा के प्रारूप के अनुसार हों ! ऐसी मेरी हार्दिक कामना है .

शायद आप सब भूल रहें है कि इस अन्तर्वासना मच पर दो मुख्य उप मंच है एक , ‘ गर्म मसाला ‘ और दूसरा , ‘ सामान्य मंच ‘ और इस दूसरे मंच में सामान्य सामग्री के अंतर्गत हर प्रकार भली बातें होती हैं . और जहाँ वयस्क सामग्री की अनुमति नहीं है .

ऐसा प्रतीत होता है कि विरोधियों में से किसी ने भी ‘ सामान्य मंच ‘ के उप मंच के टाइटल अथवा ‘मुख्य विषय ’ तक नहीं पढ़े हैं ! ऐसे मित्रों की जानकारी के लिए बता दूं कि ये विषय हैं , मेरा भारत , विश्व दर्शन , हमारा स्वास्थ्य , साहित्य एवं ज्ञान की बातें , खेल खिलाड़ी , तकनीकी जानकारी , पाक कला , और आओ समय बिताएं
क्या विरोधीगण बताएंगे .कि क्या उन लोगों ने इन विषयों में से किसी एक पर भी विचरण किया है ? शायद कुछ लोग ‘तकनीकी जानकारी ’ जैसे पटल पर गए हों , लेकिन बाकियों पर नहीं ! - अनिल

VIBHA GOYAL
16-01-2011, 12:49 PM
सही कहा चोद लो नही तो कोई और सील खोल देगा
yaar ek baat socho larki agar chahti hai toa tum nahi karoge wo kisi aur k pass jayegi toa tum hi kyo nahi karte.

akayemm
16-01-2011, 01:17 PM
yaar ek baat socho larki agar chahti hai toa tum nahi karoge wo kisi aur k pass jayegi toa tum hi kyo nahi karte.


सही कहा चोद लो नही तो कोई और सील खोल देगाबिलकुल सही कहा , मित्रों.:salut: अन्यथा सोचिये बदनामी का कितना डर हो सकता हैं ? बाहर का मर्द या औरत गलत लाभ उठाने की चेष्टा कर सकता/सकती है . मेरा इशारा बदनाम करने और ब्लैकमेल करने के ओर है . मेरी हार्दिक शुभ कामनाएं आप दोनें के लिए हैं :lips:. - अनिल

akamboj2000
16-01-2011, 09:08 PM
yaar ek baat socho larki agar chahti hai toa tum nahi karoge wo kisi aur k pass jayegi toa tum hi kyo nahi karte.

thanks bhai ji ab bat jrur krunga

mohitdimri
17-01-2011, 06:51 AM
sahi rajan ji

draculla
17-01-2011, 05:24 PM
दोस्तो ये बात मेरी किसी बहन की नही है पर मैं एक बात बताना चाहता हूँ कि जब मैने कॉलेज मे जाना शुरू किया तो एक बिलौरी आँखो वाली लड़की से मुलाकात हुई फिर हम दोनो मे बातचीत होने लगी हम काफी करीब आ गए पर एक दिन मेरा दोस्त उसके साथ बैठा था तो मैं भी वहीं चला गया तो मेरे दोस्त ने मेरा परिचय करवाया कि ये मेरी बहन है तो मुझे बहुत झटका लगा मैं जिसके इतने करीब था वो मेरे दोस्त की बहन है तो मैं आगे नही बढ़ सका वो लड़की कहती है कि तुम मुझसे पहले की तरह बात नही करते और कहती है कि मेरे भाई की चिंता मत करो पर मैं यारी मे गद्दारी नही करना चाहता क्या मुझे कोई उचित सलाह देगा


हम दो दोस्त हमेशा एक बात कहते है."दोस्त के दो चीज पर कभी बुरी नजर मत डालो १.दोस्त की माल (girl friend) पर २.दोस्त की बहन पर "

draculla
17-01-2011, 05:27 PM
विभा जी ये तो एक के साथ छल होगा या दोस्त के साथ या उस लड़की के साथ

नहीं मित्र अभी तक जैसे हो उसी तरह रहना.यार और भी तो लडकी होगी. concentrate on other.let them go..... yaar

sanjeetspice
17-01-2011, 06:42 PM
kehte h ki girl girl ki dusman hoti h tabhi to vibha g ne kha सही कहा चोद लो नही तो कोई और सील खोल देगा

are ya us dost ki sister ko kuch mat khna socho khud ko us dost ki jaghe rakh kr

Bhawani7000
17-01-2011, 07:39 PM
निकट सम्बन्धियों के साथ यौन सम्बन्ध

मित्रों , मैं एक बात पर हैरान हूं . कि कोई भी मित्र इस बात पर टिप्पणी नहीं कर रहा है जो मैंने इस मंच पर प्रेषित होने वाली कहानियों के सन्दर्भ में लिखी है ! आप लोग अच्छे बुरे की दुहाई दे रहें हैं ! मैं आप सब से , मतलब सब से , पूछता हूं कि बताएं निम्न लिखित कहानियों के पढने में कौन सी भलाई है ,
१. ननद का जेठ और उसका दोस्त
२. ड्राइवर और नौकर से चुदी
३. फार्महाउस में मम्मी
४. एकाकीपन में खुश
५. नौकर से चुदवाया आदि आदि , प्रथम प्रकार में , और अब परिवार में ...
६. चचेरी बहन से प्यार
७. जीजू ने मेरी सील तोडी
८. मान भी जाओ बहु
९. भाभी के पैरों का दर्द
१०. बुआ की प्यास
११. मेरी माँ चुद गयी
१२. बारिश और दीदी ...... और कितनी कहानियां गिनवाऊं ?
क्या ये सब चरित्र निर्माण के लिए लिखी गयी हैं ? इनमें कौनसी धार्मिकता दर्शाई गयी है जिससे कि मोक्ष की प्राप्ति हो जायेगी , आपकी और आपके परिवार के सदस्यों की. ? कृपया गंभीरता से सोचिये , विवेक द्वारा न कि क्षणिक आवेश के वशीभूत हो कर ! मेरा इशारा इम्पल्सिव टिप्पणियों की ओर है !.
यदि इन दोनों प्रकार की कथाओं को स्थान मिल सकता है तो इन कथाओं से सम्बंधित भावनाओं पर किसी सूत्र रूप में वार्तालाप करने पर विरोध क्यों ? विवाद क्यों ? अतः विनम्र आग्रह है कि विरोध केवल विरोध के लिए न करे . जो भी विचार इस पटल पर रखें वे सब इस अन्तर्वासना मंच की सम्पूर्ण रूप रेखा के प्रारूप के अनुसार हों ! ऐसी मेरी हार्दिक कामना है .

शायद आप सब भूल रहें है कि इस अन्तर्वासना मच पर दो मुख्य उप मंच है एक , ‘ गर्म मसाला ‘ और दूसरा , ‘ सामान्य मंच ‘ और इस दूसरे मंच में सामान्य सामग्री के अंतर्गत हर प्रकार भली बातें होती हैं . और जहाँ वयस्क सामग्री की अनुमति नहीं है .

ऐसा प्रतीत होता है कि विरोधियों में से किसी ने भी ‘ सामान्य मंच ‘ के उप मंच के टाइटल अथवा ‘मुख्य विषय ’ तक नहीं पढ़े हैं ! ऐसे मित्रों की जानकारी के लिए बता दूं कि ये विषय हैं , मेरा भारत , विश्व दर्शन , हमारा स्वास्थ्य , साहित्य एवं ज्ञान की बातें , खेल खिलाड़ी , तकनीकी जानकारी , पाक कला , और आओ समय बिताएं
क्या विरोधीगण बताएंगे .कि क्या उन लोगों ने इन विषयों में से किसी एक पर भी विचरण किया है ? शायद कुछ लोग ‘तकनीकी जानकारी ’ जैसे पटल पर गए हों , लेकिन बाकियों पर नहीं ! - अनिल



प्रिय दोस्त/मित्र

निकट सम्बन्धियों में सैक्स करना गलत नहीं है वरन सैक्स से बच्चे पैदा करना गलत है। वर्तमान की है बात है हमारे ही शहर के अंदर एक भाई और बहन की सैक्स की बात चली तो लडकी ने कहा कि मैने कोई गलत काम नहीं किया भाई के साथ सैक्स कर के क्यों कि ऐसा कर के मैने अपनी इज्जत अपने सा सरुक्षित रख ली है। वो तो उसकी सहेली आ गई जिस कारण उसको पता चल गया कि वो भाई के साथ सैक्स करती है।
उस लडकी ने तो ये तक दलील दी कि इससे कोई बदनामी नहीं होती है। अगर मै बाहर किसी के साथ जा कर सैक्स करती तो हो सकता था कि आज दिनांक तक मेरा एमएमएस बन गया होता या कोई लडका मेरी आवाज या विडियो रिकाॅर्ड कर कर मेरी भावना व इज्जत के साथ खेल सकता था।
इसलिये कहा जाता है कि ‘‘जिसका काम उसी का साजे’’
डाॅ. भवानी भाई
अध्यक्ष
गांड मराओं सेवा समिति जोधपुर

praveen15231
17-01-2011, 09:23 PM
tum sahi ho ladokyan ki kami nahi hai per ache dost roj nahi milte

coolcool
17-01-2011, 09:39 PM
दोस्तो ये बात मेरी किसी बहन की नही है पर मैं एक बात बताना चाहता हूँ कि जब मैने कॉलेज मे जाना शुरू किया तो एक बिलौरी आँखो वाली लड़की से मुलाकात हुई फिर हम दोनो मे बातचीत होने लगी हम काफी करीब आ गए पर एक दिन मेरा दोस्त उसके साथ बैठा था तो मैं भी वहीं चला गया तो मेरे दोस्त ने मेरा परिचय करवाया कि ये मेरी बहन है तो मुझे बहुत झटका लगा मैं जिसके इतने करीब था वो मेरे दोस्त की बहन है तो मैं आगे नही बढ़ सका वो लड़की कहती है कि तुम मुझसे पहले की तरह बात नही करते और कहती है कि मेरे भाई की चिंता मत करो पर मैं यारी मे गद्दारी नही करना चाहता क्या मुझे कोई उचित सलाह देगा
मित्र. आपकी समस्या पढ़ी. यह सम्बन्ध बहुत ही नाजुक होते है. मेरा एक मित्र भी इसी प्रकार की समस्या में पड़ गया था और परिणिति बहुत बुरी हुई थी. लड़की ने अपने परिवार के लिए उसको छोड़ दिया था और दोस्तों के बीच वो शर्मिंदगी का पात्र बन कर रह गया था. अंततः उस प्रकरण का अंत मेरे मित्र के द्वारा आत्महत्या कर लेने के बाद हुआ था. अतः मेरी सलाह आपको यही है की उस लड़की से धीरे-२ दूरी बना लें नहीं तो परिणिति बहुत भयावह हो सकती है. वैसे भी द्रकुला जी की बात की "दोस्त के माल और बहन पर बुरी नज़र मत डालो" बहुत सार्थक. इसे गहरे से सोचे. बाकी आपकी मर्ज़ी.

sonie
18-01-2011, 05:17 PM
मैं अपने भाई से चुद्वाती हूँ - पहल भाई की तरफ से ही हुई थी मगर ऐसा नहीं था की मेरे मन में चाह नहीं थी.. कभी भाई से नहीं पूछा की कैसे और कब से उसके मन में मुझे
चोदने की चाह जगी... कल पूछूंगी... !!!

akayemm
18-01-2011, 05:52 PM
मैं अपने भाई से चुद्वाती हूँ - पहल भाई की तरफ से ही हुई थी मगर ऐसा नहीं था की मेरे मन में चाह नहीं थी..
कभी भाई से नहीं पूछा ...
कल पूछूंगी... !!!
जानेमन , इतने गज़ब के अंदाज़ में लिखती हो कि जो कोई भी बेहूदा सवाल करने का महज़ इरादा रखता हो उस साले या साली की तो अपने आप फट जाए ! :clap: और भूल जाये सवाल और सवाल करना....
... जीयो :lips:.....हज़ार बरस जीओ :salut: ....
.... और ऐसे ही तीर और गोले दागती रहो .... तुम्हारा एक स्वयं सेवक , अनिल

sanjeetspice
18-01-2011, 06:35 PM
मैं अपने भाई से चुद्वाती हूँ - पहल भाई की तरफ से ही हुई थी मगर ऐसा नहीं था की मेरे मन में चाह नहीं थी.. कभी भाई से नहीं पूछा की कैसे और कब से उसके मन में मुझे
चोदने की चाह जगी... कल पूछूंगी... !!!



sonie bto to sahi aapke bhi ne kya kha

sonie
19-01-2011, 11:46 PM
मैं अपने भाई से चुद्वाती हूँ - पहल भाई की तरफ से ही हुई थी मगर ऐसा नहीं था की मेरे मन में चाह नहीं थी.. कभी भाई से नहीं पूछा की कैसे और कब से उसके मन में मुझे
चोदने की चाह जगी... कल पूछूंगी... !!!



sonie bto to sahi aapke bhi ne kya kha

चिलमन से झांकते थे
जब गुसलखाने में होती
हिलाते थे हाथो में थाम
उनके जेहन में थी रहती
एक शाम जब सोई थी में
मीठे मीठे सपनो में खोई थी मैं
उभारों को सीने के देख रुक न सके
पैंटी के भीगे मुकाम को देख
खुद पे काबू रखे थे अब तक, रोक न सके
और फिर...
मैं नीचे थी वो ऊपर थे
मैं देती थी वो लेते थे
वो मेरे राजा भैया थे

sexy_moon
20-01-2011, 12:16 AM
bibhaji meri ek dost hai jo ki hamese har tarah ka majak karti hai yaha tak ki wo kahati hai ki alele me milo to tumhe de du.par hame dar lagata hai kya karu .rat me uski bahut yad aati hai.hath se mar deta hu par usese dar lgata hai kya karu.

sexy_moon
20-01-2011, 12:31 AM
vibhaji aapne bhi kisi o chakhaya ki nahi

pramod345
22-01-2011, 03:43 PM
main to bahan aur maa ki chudai ke liye puri tarah se sahmat hoon

raj.here74
24-01-2011, 12:22 AM
हे! सेक्सपीयर के वंशज कामुक चाँद, हिंदी में लिखने से शर्म आती है क्या ????

raj.here74
24-01-2011, 12:23 AM
bibhaji meri ek dost hai jo ki hamese har tarah ka majak karti hai yaha tak ki wo kahati hai ki alele me milo to tumhe de du.par hame dar lagata hai kya karu .rat me uski bahut yad aati hai.hath se mar deta hu par usese dar lgata hai kya karu.

हे! सेक्सपीयर के वंशज कामुक चाँद, हिंदी में लिखने से शर्म आती है क्या ????

great_brother
24-01-2011, 12:46 AM
मैं अपने भाई से चुद्वाती हूँ - पहल भाई की तरफ से ही हुई थी मगर ऐसा नहीं था की मेरे मन में चाह नहीं थी.. कभी भाई से नहीं पूछा की कैसे और कब से उसके मन में मुझे
चोदने की चाह जगी... कल पूछूंगी... !!!

सोनी बहन
आपके विचार तो बहुत क्रान्तिकारी है कुछ विस्तार से बताओ जिससे और लोगो का भी मार्गदर्शन हो सके ....:salut::bloom::salut:

sonie
24-01-2011, 11:31 PM
सोनी बहन
आपके विचार तो बहुत क्रान्तिकारी है कुछ विस्तार से बताओ जिससे और लोगो का भी मार्गदर्शन हो सके ....:salut::bloom::salut:

बड़े भैया... विचार ही नहीं क्रियाएं भी क्रांतिकारी हैं या यूं कहें की चोदनवारी हैं .... आपका सहयोग मिले तो चूतड उछाल उछाल कर क्रांति करूँ -

Farhan
24-01-2011, 11:41 PM
बड़े भैया... विचार ही नहीं क्रियाएं भी क्रांतिकारी हैं या यूं कहें की चोदनवारी हैं .... आपका सहयोग मिले तो चूतड उछाल उछाल कर क्रांति करूँ -

आप
तो
काफी
खुश
मिजाज
लगती
हैँ

kjmrva
24-01-2011, 11:44 PM
me ak ladki hu phir bhi apani bahan ke sath muje bahut maja aata he

kjmrva
24-01-2011, 11:45 PM
tumhare bhai mere pass bhejo

skumarsally
25-01-2011, 05:58 PM
tumhare bhai mere pass bhejo


mujse mil sakti ho messenger par phir real baad main

skumarsally@yahoo.co.in

sonie
26-01-2011, 01:13 PM
आप
तो
काफी
खुश
मिजाज
लगती
हैँ

मिजाज ही नहीं रखती मियाँ, भला किस काम का मिजाज
हाँ चूत रखती हूँ चूचियां भी हैं दो - बेमिशाल
मस्ती में जीती हूँ, मस्ती बांटती हूँ
मस्ती लेती हूँ, और वो भी मस्ता के लेती हूँ..

sonie
26-01-2011, 01:15 PM
me ak ladki hu phir bhi apani bahan ke sath muje bahut maja aata he

सच में बहना, एक औरत ही औरत की चूत की खास जरूरतें समझ कर उन्हें पूरा कर सकती हैं - ये छोकरे तो चूत के साथ बड़ी बेदर्दी से पेश आते हैं...

marwariladka
26-01-2011, 01:21 PM
आओं मनाये गणतंत्र दिवस ..
भाईसाब चूत और लंड तो डेली देखते हो..आज गणतंत्र दिवस मनाया जाये?...अपने मत पोस्ट करो भाइयों....
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=1119

krishna@248
26-01-2011, 01:38 PM
jarur bhai

krishna@248
26-01-2011, 01:42 PM
kya soni ji sab larke ek jaise nahi hote h

sonie
28-01-2011, 08:40 PM
kya soni ji sab larke ek jaise nahi hote h

सब लड़के एक जैसे होते हैं... सबके पास एक अदद लंड होता है... तुम क्या औरों से अलग हो या तुम्हारे पास नहीं है क्या - मेरा मतलब है लौंडा ?

marwariladka
28-01-2011, 09:12 PM
tumhare bhai mere pass bhejo
भी को क्यों मुझे ही बुला लो अपने पास

raj.here74
28-01-2011, 10:51 PM
ये हिंदी फोरम है , अंग्रेजी में लिखकर फोरम के नियमों की माँ मत चोदो | हिंदी में लिखो !

sanjeetspice
30-01-2011, 05:37 AM
सब लड़के एक जैसे होते हैं... सबके पास एक अदद लंड होता है... तुम क्या औरों से अलग हो या तुम्हारे पास नहीं है क्या - मेरा मतलब है लौंडा ?


bas kro bhai has has kr bura hal ho gya h soch smaz kr likha kro

anjoogupta
30-01-2011, 11:51 AM
सही कहा चोद लो नही तो कोई और सील खोल देगा

विभा बहन, सूत्र से हटकर एक सवाल आपसे पूछना चाहती हूँ. लडकी की सील को इतना महत्त्व क्यों दिया जाता है?
दूसरी बात, सेक्स के लिए बहन ही की चर्चा क्यों ? अन्य स्वीकार्य रिश्ते भी तो हैं जैसे : जीजा - साली, देवर-भाभी, नंदोई-सरहज , जेठ-अनुज-बहू, मित्र की पत्नी/पति, भतीजा/भतीजी, ससुर-बहू, वगेरह

machoman
03-02-2011, 06:45 PM
abe chus chus mera loura mere lund ka pakora..

sonie
04-02-2011, 08:07 PM
विभा बहन, सूत्र से हटकर एक सवाल आपसे पूछना चाहती हूँ. लडकी की सील को इतना महत्त्व क्यों दिया जाता है?
दूसरी बात, सेक्स के लिए बहन ही की चर्चा क्यों ? अन्य स्वीकार्य रिश्ते भी तो हैं जैसे : जीजा - साली, देवर-भाभी, नंदोई-सरहज , जेठ-अनुज-बहू, मित्र की पत्नी/पति, भतीजा/भतीजी, ससुर-बहू, वगेरह

प्यारी सी चुदास बहना, ये तो लड़के ही बता सकते हैं की चूत की सील तोड़ने के लिए ये लोग इतना बेकरार क्यों रहते हैं.. ???

चूँकि ये सूत्र बहन की चुदाई को लेकर है इसलिए चर्चा बहन की चूत की है.. वैसे आप चाहें तो जीजा - साली, देवर-भाभी, नंदोई-सरहज , जेठ-अनुज-बहू, मित्र की पत्नी/पति, भतीजा/भतीजी, ससुर-बहू आदि रिश्तो की बात भी कर सकती हैं.

चलिए आप ही बताएं की भाई के अलावा और किस के लंड का स्वाद चखना चाहेंगी .. वैसे बहन भाई के रिश्ते में हमउम्र होने की चांसेज ज्यादा होती हैं.. बाप बेटी, भतीजा/भतीजी, ससुर बहु में उम्र का फर्क बहुत ज्यादा हो जाता है.. वैसे मैं अपने बड़े भैया से चुद्वाती हूँ.. एक तमन्ना है की एक बार पापा से चुदवा सकूँ..

Farhan
05-02-2011, 12:00 PM
प्यारी सी चुदास बहना, ये तो लड़के ही बता सकते हैं की चूत की सील तोड़ने के लिए ये लोग इतना बेकरार क्यों रहते हैं.. ???

चूँकि ये सूत्र बहन की चुदाई को लेकर है इसलिए चर्चा बहन की चूत की है.. वैसे आप चाहें तो जीजा - साली, देवर-भाभी, नंदोई-सरहज , जेठ-अनुज-बहू, मित्र की पत्नी/पति, भतीजा/भतीजी, ससुर-बहू आदि रिश्तो की बात भी कर सकती हैं.

चलिए आप ही बताएं की भाई के अलावा और किस के लंड का स्वाद चखना चाहेंगी .. वैसे बहन भाई के रिश्ते में हमउम्र होने की चांसेज ज्यादा होती हैं.. बाप बेटी, भतीजा/भतीजी, ससुर बहु में उम्र का फर्क बहुत ज्यादा हो जाता है.. वैसे मैं अपने बड़े भैया से चुद्वाती हूँ.. एक तमन्ना है की एक बार पापा से चुदवा सकूँ..

sonie ji kamna karta hu ki apki ye murad jaldi puri ho. Aaj rat chaupal par jarur uppasthit hoieyega.

anjoogupta
05-02-2011, 02:54 PM
प्यारी सी चुदास बहना, ये तो लड़के ही बता सकते हैं की चूत की सील तोड़ने के लिए ये लोग इतना बेकरार क्यों रहते हैं.. ???

चूँकि ये सूत्र बहन की चुदाई को लेकर है इसलिए चर्चा बहन की चूत की है.. वैसे आप चाहें तो जीजा - साली, देवर-भाभी, नंदोई-सरहज , जेठ-अनुज-बहू, मित्र की पत्नी/पति, भतीजा/भतीजी, ससुर-बहू आदि रिश्तो की बात भी कर सकती हैं.

चलिए आप ही बताएं की भाई के अलावा और किस के लंड का स्वाद चखना चाहेंगी .. वैसे बहन भाई के रिश्ते में हमउम्र होने की चांसेज ज्यादा होती हैं.. बाप बेटी, भतीजा/भतीजी, ससुर बहु में उम्र का फर्क बहुत ज्यादा हो जाता है.. वैसे मैं अपने बड़े भैया से चुद्वाती हूँ.. एक तमन्ना है की एक बार पापा से चुदवा सकूँ..

ईश्वर आपकी तमन्ना जल्दी पूरी करे:clap:

akamboj2000
08-02-2011, 09:12 AM
tumhare bhai mere pass bhejo

sood to tera mai bhi dyunga bas ek aar bta de kinga si dewegi

sonie
09-02-2011, 01:24 PM
ईश्वर आपकी तमन्ना जल्दी पूरी करे:clap:[/QUOTE]

विस्वास है आपका आशीर्वाद जरुर फलेगा और मेरी चूत पापा के लंड की चोटों का स्वाद मजे ले ले कर आप लोगों को सुनाएगी..

anjoogupta
10-02-2011, 12:01 PM
ईश्वर आपकी तमन्ना जल्दी पूरी करे:clap:

विस्वास है आपका आशीर्वाद जरुर फलेगा और मेरी चूत पापा के लंड की चोटों का स्वाद मजे ले ले कर आप लोगों को सुनाएगी..[/QUOTE]

जो मीठा मीठा मज़ा जीजा के लंड से चुदवाने में है, वो दुनिया के किसी लंड में नहीं. पापा से चुदने में लगता है की ये गलत है. जीजा के साथ कोई गलत नहीं लगता.विशेषकर जब बहनों की अदला बदली करके ग्रुप सेक्स हो. अजमा कर देख लो.........में अपने जीजाजी को अपने पति से ज्यादा प्यार करती हूँ.

sushilnkt
10-02-2011, 12:12 PM
नहीं मित्र अभी तक जैसे हो उसी तरह रहना.यार और भी तो लडकी होगी. concentrate on other.let them go..... yaar

draculla ji aap ki baat pasand aye

Vckk81@gmail.com
10-02-2011, 08:33 PM
yaar ek baat socho larki agar chahti hai toa tum nahi karoge wo kisi aur k pass jayegi toa tum hi kyo nahi karte.

yes dost kon mpni bhan ko cudana cata hi mai apni bhan ko chuda chta hu

Vckk81@gmail.com
10-02-2011, 08:37 PM
ok hhjkjnj

avf00002
10-02-2011, 09:06 PM
kya baat hai dosto lagy raho maza aa raha hai or bhi apni apni sunao maza hi maza hai es duniya main ensaan se badhker bhi koi dusra udahran nahi ha to es duniya main ensan se ghatiya bhi koi exampal nahi hai ek ensaan jab uthta hai to kitna upper uth sakta ha yah baat koi nahi jaanta or jab uski sooch girti hai to kitna gir sakta hai eska andaza lagana bhi bada hi muskil hai dosto lagy raho chodo chudao laif banao

avf00002
10-02-2011, 09:23 PM
kya baat hai dosto lagy raho maza aa raha hai or bhi apni apni sunao maza hi maza hai es duniya main ensaan se badhker bhi koi dusra udahran nahi ha to es duniya main ensan se ghatiya bhi koi exampal nahi hai ek ensaan jab uthta hai to kitna upper uth sakta ha yah baat koi nahi jaanta or jab uski sooch girti hai to kitna gir sakta hai eska andaza lagana bhi bada hi muskil hai dosto lagy raho chodo chudao laif banaohttp://www.in.com (http://www.yahoo.com)

avf000082
11-02-2011, 05:09 PM
यार चुदाई अपने आप में असीम आनंद देती है माँ को चोदने की तमन्ना से इतना क्यों खफा हो रहे हो सिर्फ आनंद लो . अगर पसंद नहीं है तो जुबान बंद रखो

anjoogupta
12-02-2011, 03:40 PM
यार चुदाई अपने आप में असीम आनंद देती है माँ को चोदने की तमन्ना से इतना क्यों खफा हो रहे हो सिर्फ आनंद लो . अगर पसंद नहीं है तो जुबान बंद रखो
वाह जी वाह, आप माँ की चूत खोलो
और हम ज़बान भी न खोलें ....

av_26
14-02-2011, 04:28 PM
Yeh baat tabki he jub me college me padta tha aur meri behen school me. Ek din mene usko apne raste ke ladke se ishare karte huye dekh liya. Mene usi samy us ladke ko to do char thapad maar ke bhaga diya aur behen ko ghasite huye ghar me le gaya, raat ka samy tha is liye aur kisi ko malum nahi pada. Mene ghar jakar behen ko bhi jam ke pitai karne laga to behen rote huye boli ki tum to meri saheliyon se hi ragreliyan karte ho, meri 2-3 saheliyo ne bataya he ki tum unki chut marte ho aur mera man nahi karta kya me bhi to unke barabar ki hu. Tum meri saheliyon jitna dhyan mere pe dete to me kyo bahar ke ladke se nen matakka karti. Yeh batten sun ke mere hath ruk gaye aur mene usko us samy to laha ki abhi to tu kamre me ja, aur ainda us ladke ke sath kuch mat karna, tu kamre me chal me aata hu. Mene ghar me dekha to mere parents kahi gaye huye the function me aur der raat ko aane wale the. Me turant behen ke kamre me pahuncha aur us se kahne laga ki tu yeh baat pahle hi bata deti na, mera dhyan is tarf gaya nahi. To behen boli ki tumhara dhyan to woh nita , sita aur babita pe rahta he meri kadar hi nahi karte, jabki me unse jayda khubsurat hu, unse mast mere bobe he aur unse badi kulhe he. Mene kaha yaha hi to mara gaya gulfam ki itne paas me rahne se ghar ki chiz ka kimat samjha me nahi aati. Aur mene us ko pakad ke chumna chaluu kiya aur usko nangi karke apne lund pe bitha ke khub uske bobe masle aur phir khub uski chut me lund pilai kari. Aur is tarh se mene apni behen ki chut ki pyas bhujana shuru kar diya. Is ka parinam yeh huwa ki meri behen ne kabhi dusre ladke ko ghas nahi dali aur mere lund se hi chudwati rahi.

akash
16-02-2011, 04:34 PM
मैं और मेरी दीदी एक्साम देने के लिए अपनी मौसी के घर गए थे . मौसा जी की रेलवे में रात की ड्यूटी रहती थी मैंने मौसी को १ दिन रात में अपना पेटीकोट उठाकर सोते हुए देखा . उनकी मोटी और सफ़ेद गांड देखकर मेरे मुह में पानी आ गया था मैंने नहीं सोचा था की एक दी यही गांड छोड़ने को मिल जाएगी. १ दिन मौसी ने मुझे और दीदी को अपने ही कमरे में सुला लिया और मैं तो मौसी के बिस्तर पर ही सोया था लेकिन रेखा दीदी भी पास में ही सोयी थी मेरी मौसी जानती थी की अभी रेखा नही सोयी है फिर भी उन्होंने अपना हाथ मेरी पीथ्मे डालकर मुझे अपने ऊपर डाल लिया और मेरा नेकर सरका कर मेरा लौड़ा पकडकर अपनी छुट के दरवाजे पर रख कर पीठ को दबाया लेकिन ये क्या छुट इतनी बड़ी थी की पता ही नहीं चला की कहाँ गया और एक दो बार लौड़ा बहार भी आया मिने सोचा खुद लगा दू लेकिन इससे पहले मौसी ने ही लगा लिया...ये सब अपने कम्बल में से रेखा दीदी देख रही थी आखिर कुछ धक्को के बाद मेरा पानी मौसी की ब्लाक बस्टर चूत में निकल गया . ऐसा तीन चार दिन चला असल में वो रेखा दीदी को इशारा इ रही थी की तेरी चूत में अगर गर्मी हो तो ऐसे भी बुझा सकती है और घर जब वापिस आये तो दीदी भी जान पूछ कर मेरे पास सोने लगी और आज हम दोनों मिलकर खूब चुदाई करते हैं दीदी कहती हैं की मैं तेरी दीदी हु तेरे लौड़े की नहीं... अब तो दीदी गांड भी मरने लगी हैं क्योंकि मैंने एक दिन बताया की मौसी ने भी २-३ बार गांड मरवाई नहाते हुए...कोई भी दीदी अगर इसे पढ़ती है और जानना चाहती है की मेरी दीदी ने शुरू आत कैसे की तो मुझे मेल करके पूछ सकती है मेरा ई मेल है rajiyyer9211 रेट ऑफ़ जी मेल डोट कॉम

sushildabur
19-02-2011, 01:35 AM
wha kya mast zzez thi

samelove24
21-02-2011, 06:47 PM
sahi hi bhai jab ladki chahti hai tho koi problem nahi hona chahiye ..! {yaar ladki ki bhawanao ki kadar kar.}

prateek5800
26-02-2011, 01:53 AM
दोस्त से कराई बहिन की चुदाई

दोस्तों मेरा नाम प्रतीक है. दोस्तों में अंतरवासना का बहुत पुराना पाठक हूँ.बहुत दिनों से में अपने जीवन की कहानी आप सभी लोगो के सामने प्रस्तुत करना चाहता था पर डरता था.और लोगों की कहानियां सची है या झूटी में नहीं बता सकता पर मेरी कहानी सौ प्रतिशत सची है.

बात उन दिनों की है जब में दसवी कक्षा में पड़ता था और अपने चाचा जी के साथ रहता था.उनके घर में तीन लोग रहते थे.-चाचा,चची और उनकी बेटी जिसका नाम शशि है.वो नोंवी कक्षा में पढती थी.वो कम उम्र में ही जवान हो गयी थी.में उसका पहली झलक से ही दीवाना हो गया था.उसके व्रक्ष 34 के आस पास होंगे और गांड भी इतनी ही.पर मे उसे चोदना नहीं चाहता था. मेरा 1 दोस्त था जिसका नाम सचिन था.वो जब भी मेरे घर आता था मेरी बहिन को घूर घूर के देखता था.मुझे इस बात का पता था.पर मन ही मना में सचिन को चाहता था,और उससे चुदना चाहता था.तीन सालो तक यही सिलसिला चलता रहा.
एक बार में घर पर अकेला था तो मेने सचिन को घर पर बुला लिया और वो आ गया.वो अपने साथ ब्लू फिल्म की सीडी लाया था.हम दोनों कई बार ब्लू फिल्म देख चुके थे.मेने सीडी कम्पूटर में लगे और देखने लगे.आज मेरे अंदर लोडा लेने की वासना फूट रही थी.मुझे सीडी देख देख कर नशा सा छाने लगा.में सिसकियाँ लेने लगा.में चाहता था सचिन मुझे जम कर चोदे.अब मुझे सचिन को अपनी तरफ आकर्षित करना था.मेने हाल्फ निकर पहना हुआ था और सचिन मेरे साथ बैठा हुआ था.उसको आकर्षित करने के लिए में अपना निकर ऊपर करने लगा पर उसका ध्यान मेरी तरफ नहीं था.मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या करूँ.तभी मेरे दिमाग में एक तरकीब आई.मेने उससे चाय के लिए पुछा ,उसके हाँ बोलने पर मे चाय बनाने चला गया.अब हम बैठ कर दोनों चाय पीने लगे.तभी मेने चाय अपनी निकर पर गिरा दी.

सचिन-क्या यार प्रतीक आराम से चाय भी नहीं पी सकता.ठीक से फिल्म भी नहीं देखने देता .
मैं-सॉरी यार ,अब क्या करूँ?
सचिन-अपना निकर उतार दे नहीं तो लाल निशान पड़ जायेंगे.
में तो यहीं चाहता था.मेने अपना निकर उतार दिया और फिल्म देखने लगे.में अपना अन्डर वीअर बिलकुल ऊपर कर लिया और साथ में फिल्म देखने लगे.फिल्म देखते देखते उसे भी सेक्स चड़ने लगा.मेने उसकी जांग पर हाथ रख दिया.उसने भी अनजाने में मेरी जांग पर हाथ रख दिया.मेने उसके हाथ पर हाथ रख के ऊपर की और खिसका दिया.
अब उसे पता चल गया था.
सचिन-साले अगर तू लड़की होता तो आज मजा आ जाता.
में-बोल तो तू सही रहा है.पर क्या कर सकते हैं.
सचिन-पर तेरी जांग तो लड़की जैसी गोरी ही हैं.
में-थंक यू.
सचिन-बुरा न मनो तो एक बात बोलू?
में-बोलो.
सचिन-क्या तुम आज लड़की की कमी पूरी कर सकते हो?
में-ठीक है,लेकिन बस थोड़ी देर ,और आज के बाद कभी नहीं.
में तो ख़ुशी में पागल हुआ जा रहा था.उसने एक एक कर के मेरे सारे कपडे उतार दिये.अब मेने बस अन्डर वीअर पहना था.उसने अपनी पेंट उतारी और फिर अपनी अन्डर वीअर में से अपना 7 इंच का लोडा निकला.उसे देखते ही में पागल हो गया.उसने मेरा अन्डर वीअर भी उतार दिया और कमरे में ले गया.उसने मुझे बिस्तर पर फेका,फिर मेरे ऊपर आ गया और अपना लंड मेरे मुह में डाल दिया..में उसे चूसने लगा ,मुझे मजा आ रहा था.फिर थोड़ी देर बाद वो मेरे मूह को चोद रहा था.उसने 15 मिनट तक मेरे मूह को चोदा.
में-सचिन अब रहा नहीं जाता यार,गांड मार ले मेरी जल्दी से.
सचिन-नहीं बस में यही चाहता था,और कुछ नहीं,
में गिडगिडाने लगा,
फिर वो बोला-एक शर्त पर.
में-क्या.
सचिन-यार तेरी बहिन बहुत सेक्सी है.में उसे चोदना चाहता हूँ,तू उसमे मेरी मदद करेगा.
में-हाँ हाँ ,मेने कब मन किया.
सचिन खुश हो गया.उसने मुझे घोड़ी बनाया और तेल लगा कर घुसाने लगा.15 मिनट की मेहनत के बाद आखिर उसका पूरा लोडा मेरी गांड में था.
उसके बाद पूरे कमरे से फच फच की आवाज़ आने लगी.उसने मुझे पांच बार कुत्ते की तरह चोदा.
में उसे अपनी बहिन का लालच दे कर रोज़ चुद्ता.
अब में उसे सारी सच्चाई बता चूका था की मुझे लोडे पसंद हैं.
मेरे कहने पर उसने मुझे अपने दोस्तों से भी चुदवाया.
पर अब में उसे ज्यादा दिनों तक टाल नहीं सकता था.वो बोला-अब जब तक तू अपनी बहिन नहीं चुदवायेगा, में तुझे नहीं चोदुंगा.और मुझे मानना पड़ा.
एक दिन चाचा चाची बाहर गए हुए थे.में और मेरी बहिन घर पर अकेले थे.मेने अपने दोस्त सचिन को घर पर बुला लिया.
मेरी बहिन ने चाय बनाई और अपने कमरे मे सोने चली गयी.
कुछ समय बाद मेने जाकर देखा वो सो चुकी थी.उसने स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था.स्कर्ट chota होने के कारण उसकी जांगे दिख रही थी.
मेने सचिन से कहा की तू कमरे में चला जा में बहरा संभालता हूँ.कुछ भी होगा तो में देख लूँगा.
वो कमरे में चला गया,में खिड़की से सब देख रहा था.
वो डर रहा था, डरते डरते उसने शशि की जांगो पर हाथ रख दिया.फिर सहलाने लगा.वो अभी भी डर रहा था.फिर वो स्कर्ट के अंदर हाथ डालने लगा.
तभी मेरी बहिन जाग गयी.
सशी-सचिन भैया,आप.
सचिन-हाँ में.
शशि-आप यहाँ क्या कर रहे हो?
सचिन-शशि.में तुम्हे प्यार करता हूँ और तुम्हे किस करना चाहता हूँ.
तभी शशि ने उसे थप्पड़ मार दिया.और मुझे आवाज़ लगते हुए बाहर आई,में छुप गया.
तभी सचिन बोला-वो किसी काम से बाहर गया है,एक घंटे में आएगा.
शशि के व्यवहार में परिवर्तन आने लगा.शशि ने उसे जाने को कहा.
सचिन-बस मुझे एक किस करने दो में चला जाऊंगा.
शशि-ठीक है,पर गाल पर.उसके बाद तुम चले जाओगे.
फिर सचिन ने उसे किस करना स्टार्ट किया.और करता ही चला गया.
शशि बोली-कितने देर करोगे.
सचिन-में बस एक ही किस कर रहा हूँ न चाहे कितने भी देर तक करूँ.
शशि-हस्ते हुए ,तुम बड़े चालक हो.
सचिन ने फिर उसे चूमना स्टार्ट किया,और 5 मिनट तक चूमता रहा.अब शशि को मजा आने लगा था और वो भी उसे चूमने लगी.मुझे भी ये देख कर अच्छा लग रहा था.मुझे भी ये सब देख कर अच्छा लग रहा था.धीरे धीरे उन्होंने अपने कपडे उतरने शुरू किये.थोड़ी ही देर में वो पूरे नंगे हो गए.शशि को मेने पहली बार नंगा देखा था और देखता ही रह गया.में बाहर से ही मुट्ठी मार रहा था.वो दोनों पागलों की तरह किस कर रहे थे.सचिन ने उसे लोडा चूसने को कहा और वो तो चाहती ही येही थी.वो पागलो की तरह चूस रही थी.सचिन उसके मूह को चोदे जा रहा था.अब में भी चुदना चाहता था.तभी मेने सचिन के दोस्तों को बुला लिया जो मुझे चोदते थे.उनके नाम रवि और राजू हैं.
उनके साथ में दुसरे कमरे में जाने लगा की उन्होंने सचिन और शशि की आवाज़ सुन ली.वो बोले हम तुझे तभी चोदेंगे जब तू हमसे भी अपनी बहिन चुदवायेगा.और मुझे मानना ही था.हम तीनो मेरी बहिन के कमरे में चले गए.हमें देख कर मेरी बहिन डर गयी.
में बोला-डर मत शशि.ये भी मेरे ही दोस्त हैं.
फिर शशि की जान में जान आई.शशि फिर से उसका लोडा चूसने लगी.
रवि और राजू बोले की हम पहले तेरी बहिन को चोदेंगे.मेने कहा ठीक है.और राजू शशि के बूब्स दबाने और चूसने लगा और रवि शशि की चूत चाट रहा था.में वही बैठ कर ये देख रहा था.तीनो ने मेरी बहिन को बिस्तर पर डाला और एक एक कर के मूह चोदने लगे.अब सचिन नीचे लेट गया और शशि को अपने ऊपर लेटा लिया.धीरे धीरे सचिन का लंड शशि के अंदर जा रहा था.शशि सिसकियाँ ले रही थी.और आखिर पूरा लोडा चला ही गया.रवि ने तेल को उसकी गांड पे लगाया और अपना लोडा घुसाने लगा.शशि चिल्ला रही थी पर खुश थी.अब दोनों लोडे उसमे समां चुके थे और बड़ी जोरो से चोद रहे थे,राजू अभी भी बूब्स से खेल रहा था.तभी शशि बोली-भईय्या ,इधर आओ.में उसके पास खड़ा हो गया.उसने मेरा लोडा पकड़ा और चूसने लगी ,में ख़ुशी से पागल हुए जा रहा था.फिर पीछे से रवि हट गया और में अपनी बहिन चोदने लगा.हम चारो ने शशि को हर एंगल में चोदा.उससे अब चला भी नहीं जा रहा था.पर सचिन अब भी उसे नहीं चोद रहा था.सचिन ने उसे घोडा बनाया हुआ था.
रवि ने मुझसे भी घोडा बन्ने को कहा में खुश हो गया.अब में और मेरी बहिन घोड़ी बने हुए थे और वो तीनो बदल बदल कर हमें चोद रहे थे.फिर से उन्होंने अपने लोडे हमें चुसवाए.रवि ने थप्पड़ मार मार कर मेरी गांड लाल कर दी.पर मुझे मजा आ रहा था.फिर तीनो ने मुझे और मेरी बहिन को नीचे बिठाया और एक एक कर के अपना सारा जूस हमारे ऊपर डाल दिया,हम सब खुश थे.में और मेरी बहिन बाथरूम नहाने चले गए की तभी वो तीनो बाथरूम में आ गए,उन्होंने हमें फिर से नीचे बिठाया.में हैरान था.
फिर वो तीनो एक साथ हमारे ऊपर toilet करने लगे.हम toilet में naha चुके थे.फिर वो तीनो चले गए.tab से वो तीनो हमें चोद rahen हैं.
और हम अपने जीवन का मजा ले रहे हैं.pllllllllllssssssssssss replyyyyyy

Bhawani7000
26-02-2011, 01:03 PM
एक बार तो स्वाद चख ही लो
प्रिय विभागी आप एक स्त्री होते हुए ऐसी बात कहने पर आपको शरम आनी चाहिये

69kishor69
03-03-2011, 12:33 AM
abe jab salah diya ja raha hai to uske mante kyo nahi , aur agar nahi manana hai to salah mango bhi mat. mai to kahunga ki tum apne dil ki suno . jo dil kehta hai wahi tumhare liye behtar hoga. aur haan , agar tumhara desision agar dost ki behen ke sath nahi baat karne ka hota hai to use mera number 9135793762 de d0

anjoogupta
03-03-2011, 02:44 AM
abe jab salah diya ja raha hai to uske mante kyo nahi , aur agar nahi manana hai to salah mango bhi mat. mai to kahunga ki tum apne dil ki suno . jo dil kehta hai wahi tumhare liye behtar hoga. aur haan , agar tumhara desision agar dost ki behen ke sath nahi baat karne ka hota hai to use mera number 9135793762 de d0

हिंदी में क्यों नहीं लिखते ?

shaukeen
12-03-2011, 02:11 AM
मैं और मेरी दीदी एक्साम देने के लिए अपनी मौसी के घर गए थे . मौसा जी की रेलवे में रात की ड्यूटी रहती थी मैंने मौसी को १ दिन रात में अपना पेटीकोट उठाकर सोते हुए देखा . उनकी मोटी और सफ़ेद गांड देखकर मेरे मुह में पानी आ गया था मैंने नहीं सोचा था की एक दी यही गांड छोड़ने को मिल जाएगी. १ दिन मौसी ने मुझे और दीदी को अपने ही कमरे में सुला लिया और मैं तो मौसी के बिस्तर पर ही सोया था लेकिन रेखा दीदी भी पास में ही सोयी थी मेरी मौसी जानती थी की अभी रेखा नही सोयी है फिर भी उन्होंने अपना हाथ मेरी पीथ्मे डालकर मुझे अपने ऊपर डाल लिया और मेरा नेकर सरका कर मेरा लौड़ा पकडकर अपनी छुट के दरवाजे पर रख कर पीठ को दबाया लेकिन ये क्या छुट इतनी बड़ी थी की पता ही नहीं चला की कहाँ गया और एक दो बार लौड़ा बहार भी आया मिने सोचा खुद लगा दू लेकिन इससे पहले मौसी ने ही लगा लिया...ये सब अपने कम्बल में से रेखा दीदी देख रही थी आखिर कुछ धक्को के बाद मेरा पानी मौसी की ब्लाक बस्टर चूत में निकल गया . ऐसा तीन चार दिन चला असल में वो रेखा दीदी को इशारा इ रही थी की तेरी चूत में अगर गर्मी हो तो ऐसे भी बुझा सकती है और घर जब वापिस आये तो दीदी भी जान पूछ कर मेरे पास सोने लगी और आज हम दोनों मिलकर खूब चुदाई करते हैं दीदी कहती हैं की मैं तेरी दीदी हु तेरे लौड़े की नहीं... अब तो दीदी गांड भी मरने लगी हैं क्योंकि मैंने एक दिन बताया की मौसी ने भी २-३ बार गांड मरवाई नहाते हुए...कोई भी दीदी अगर इसे पढ़ती है और जानना चाहती है की मेरी दीदी ने शुरू आत कैसे की तो मुझे मेल करके पूछ सकती है मेरा ई मेल है rajiyyer9211 रेट ऑफ़ जी मेल डोट कॉम

isko itna secret kyon rakh rahe ho. yeh to hum sab jaana chahenge ki teri didi ne shuruaat kaise ki.

amitbanjare
15-03-2011, 01:01 AM
chodna hai to koi aur ladki khojo...aur yadi serious ho to aage badho..

g4p058
15-03-2011, 02:17 AM
kya hal hai vibha ji

BHARAT KUMAR
15-03-2011, 03:28 AM
अंग्रेजी में लिखने वालो.. सुधर जाओ..

av_8
24-03-2011, 08:50 PM
mane apni bhan ki chut mari he kisi ko mare sat apni baat shar krni ho to coolamit146@yahoo.in per chat ya mail kare

alw.yadav
24-03-2011, 08:57 PM
TERA SAWAD TO CHAKHA DE
एक बार तो स्वाद चख ही लो

alexsmith
25-03-2011, 07:53 PM
coolamit146@yahoo.in

alexsmith
25-03-2011, 07:54 PM
yaar bhai logo me bhi apni cousin sister ko chodna chahta hoon, kuch guide karo kaise chodu?

mohitdimri
15-04-2011, 04:33 PM
jab apni bahen ko chod sakte han to dost ke bahen kyo nahi chod lo nahi koi or chod dega

anuraag_bottom
25-04-2011, 03:23 PM
हे! सेक्सपीयर के वंशज कामुक चाँद, हिंदी में लिखने से शर्म आती है क्या ????

Na bhai ji pehle ye bataao roman dekh ke aapki gaand fatati hai kya?BC hogi uski koyi majboori jo usne roman mein likha.Jaise ajjkal mera PC bhi hindi ko support nahi kar raha.Ab aapki gaand ka dard hataane ke liye to main Hard disk format nahi na kar sakta.

sonie
25-04-2011, 07:59 PM
विस्वास है आपका आशीर्वाद जरुर फलेगा और मेरी चूत पापा के लंड की चोटों का स्वाद मजे ले ले कर आप लोगों को सुनाएगी..

जो मीठा मीठा मज़ा जीजा के लंड से चुदवाने में है, वो दुनिया के किसी लंड में नहीं. पापा से चुदने में लगता है की ये गलत है. जीजा के साथ कोई गलत नहीं लगता.विशेषकर जब बहनों की अदला बदली करके ग्रुप सेक्स हो. अजमा कर देख लो.........में अपने जीजाजी को अपने पति से ज्यादा प्यार करती हूँ. [/QUOTE]

काश मेरा भी कोई जीजा होता ....
जिसे देख मेरी चूत का दिल पसीजा होता
जिज्जा की जूजी से चुद्वाती
देख देख जिज्जी का दिल मचला होता

marwariladka
25-04-2011, 08:29 PM
tumhare bhai mere pass bhejo
भाई क्यं मुझे ही अजमा लो

may123
29-04-2011, 10:04 PM
मतलब विभा जी दोस्त की परवाह न करूँ
mai apni bahen ki choot chodna chahta hooo

underground
29-04-2011, 10:07 PM
hum bhi hai line me koi hume bhi ajjama ke dekhe

anjoogupta
30-04-2011, 03:49 AM
mai apni bahen ki choot chodna chahta hooo

आप बहन चोद ही क्यों बनना चाहते हैं? दूसरी लड़कियां भी तो हैं

rajaji85
08-05-2011, 10:34 AM
meri behen bahut hi desi aur mast hai yaar.....kya mast boobs hain uske.....roz subah jab wo ghar mein jhadu lagati hai to uske jhoolte boobs ke darshan ho jaate hain....bas uska KHET kaise jotun ye hi samajh nahi aa raha....kaise usse kahun ki main usko chodna chahta hoon....maine apni behen ki album apni profile mein lagai hai....mere friend bano aur usko dekh sakte ho

may123
08-05-2011, 11:00 AM
सूत्र शुरू करने से पहले एक बात साफ साफ कहना चाहता हूँ... ये सिर्फ उन लोगो के लिए है जो अपनी बहनों को कामातुर दृष्टि से देखते हैं...

यदि आप ऐसे विचारों को घिनोना अथवा स्तरहीन समझते हैं तो कृपया इस सूत्र से दूर रहें.

व्यर्थ के उलहाने तथा व्याख्यान की कोई ज़रूरत नहीं

मेरे जैसे विचारों वाले भाई कृपया अपनी अपनी बहनो के बारे मैं अपने विचार यहाँ प्रगट करें


ek dum sahi baat hai..

baheno ko CHODANE ME BAHUT MAZA HAI
CHODANA HI CHAHIYEE..
EK BAR SWAD CHAKH KAR TO DEKHIYE

rajaji85
08-05-2011, 11:03 AM
MERI BEHEN KO DEKHNA HO...TO MERE FRIEND BANO AUR ALBUM MEIN DEKH LO

rajaji85
08-05-2011, 11:03 AM
aur comment karna mat bhoolna.......ki maal kaisa laga ?

sonu soniya
12-05-2011, 05:46 PM
maini bhi meri bahen chodi hai mujase 4 sal badi hai

aslimard
17-05-2011, 10:32 AM
दोस्तों का नंगा खेल


प्रेषक : राहुल

मेरे प्यारे दोस्तो, इस कहानी को पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा प्यार !

वो कहानी ही क्या जिसमें हकीकत ना हो !

दोस्तों मेरा नाम राहुल ह मेरी उम्र २० साल ह देखने मैं क्यूट हु मुझे मेरे एक दोस्त ने अन्तर्वासना
साईट के बारे मैं बताया मैंने यहाँ बहुत साड़ी कहानिया पढ़ी मुझे कुछ कहानिया बहुत आछि लगी
दोस्तों मेरे साथ कुछ दिन पहले एक बहुत बुरा हादसा हुआ था अंतर वासना पे आने के बाद
मुझे भी उस हादसे के बारे मैं बताने का ख़याल आया

मेरी एक बेहें ह वो मुझसे २ साल बड़ी ह उसका नाम शालू है


दोस्तों आप सब तोह जानते ही ह की एक सेक्सी लड़की के भाई के लिए जिंदगी मैं कितनी मुश्किले
होती ह हमारी कालोनी के सारे लड़के मेरे बेहेन के पिछिए पड़े थी रोज़ मेरी बेहेन को छेड़ते थे
तोह उन लडको से बचने के लिए मैंने कुछ गुंडों से दोस्ती कर ली जब कोई मेरी बेहेन को
छेड़ता तोह मैं आपने दोस्तों को बता देता वो उनकी पिटाई कर देते पर बेहेन को बचाने के चक्कर मैं
मैं बुरी संगत मैं पड गया मैं नशा करने लगा बिअर सिगरेट पिने लगा धीरे धीरे मेरी बेहेन की दोस्ती
भी हम लोगो से हो गयी वो ही हमारी गेंग मैं आ गयी हमने आपनी गेंग का नाम भी रख लिया
पंगा गेंग मेरी बेहेन भी पूरी तरह बिगड़ गयी वो भी नशा करने लगी
एक बार हम ने गोवा गए ऑफिस टूर का बहाना बनके रात को ८ बजे मैं गोवा पहुँच गए होटल
में कमरा भी ले लिया रात को हम सब ने शराब पि फिर हमने

तास खेला हारने वाले को जितने वाले की बात मान नि पड़ेगी पहली गेम में शालू हार गयी विजय ने
शालू को कपडे उतार ने को कहा शर्त के अनुसार मेरी बेहेन को नंगा होना पड़ा विजय दुबारा जीत गया
उसने अनिल को नंगा करवा दिया धीरे सब नंगे हो गए फिर विजय ने शालू से आपना लौड़ा चुस्वाया
शालू बिलकुल ब्लू फिल्म की एक्ट्रेस की तरह विजय का लण्ड चूसने लगी ये सब देख कर हम पागल हो गए
हम सब शालू खीच ने लगे कभी विजय शालू को उट्ठा के ले जाता उसके मुह में आपना लण्ड दे देता
अनिल ने शालू को खीचा बाथरूम में ले गया शालू की चुत मारने लगा
विजय उनके पीछे चला गया

फिर विजय मेरी बेहेन की चूची दबाने लगा में उसको रोक नही पाया कियों की में भी पुरे

जोश में था में भी आपना लण्ड सहलाने लगा फिर विजय मेरी बेहेन को बेड पे
ले गया हम तीनो भी चले गए अनिल ने शालू के हाथ में आपना लण्ड दिया और
विजय ने शालू के मुह में राजू चुत चाटने लगा शालू पुरे जोश में आ
गयी फिर राजू ने आपना लण्ड शालू की चुत में
घुसा दिया में ये सब देख के मुठ मार रहा था शालू चिला ने लगी
मर्र्र्रर्र्र्रर गयीईईईईइ ओछ्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह ओह्ह्हह्ह आराम से हरामी फट जाईगी ओह्ह्ह्हह्हह्ह्ह नाआआआ
जैसी आवाजे कमरे में गूंजने लगी


चोदो चोदो कुत्तो मुझे चोदो बहुत दिनों से पियासी हु चोदो
अनिल बोला रंडी हम भी तुझे चोदना चाहते थी पर राहुल की वजह से हिम्मत नही हुई
आज मोका मिला हैं खूब छोड़ेंगे तुझे फिर अनिल ने आपना ८ इंच का लण्ड
शालू की चुत में घुसा दिया शालू जोर से चिलयी अह्ह्ह ओह्ह्ह मर गयी
फिर उन तीनो ने पूरी रात मेरी बेहेन को छोड़ा में भी मुत्थ मार के सो गया
सुबह होश में आये तोह हम सब नंगे थी शालू बाथरूम में रो रही थी
राजू शालू को मनाके बहार लाया हम सब ने नशे में बहुत बड़ी गलती कर दी थी
पर हम दोस्त ह दोस्तों में सब शेयर कर सकते ह इसमें क्या प्रॉब्लम हैं
फिर जब भी हमको मोका मिलता हम शालू को छोड़ लेते

दोस्तों आशा ह आपको मेरा ताश का नंगा खेल पसंद आया होगा
आप मेरे खेल की तारीफ मेल कर सकते हैं मुझे इंतज़ार रहेगा

pangagang2@ymail.com

indreamsofyou
18-05-2011, 01:24 AM
sach kah rahe ho dost.....bahen ko chodne ka anand hi nirala hai....

virgin
18-05-2011, 02:07 AM
meri behen bahut hi desi aur mast hai yaar.....kya mast boobs hain uske.....roz subah jab wo ghar mein jhadu lagati hai to uske jhoolte boobs ke darshan ho jaate hain....bas uska KHET kaise jotun ye hi samajh nahi aa raha....kaise usse kahun ki main usko chodna chahta hoon....maine apni behen ki album apni profile mein lagai hai....mere friend bano aur usko dekh sakte ho


भिया जी इस फोरम पर हिंदी में ही लिखें

SUMITK070
09-06-2011, 02:45 PM
behan ko chodne ka maza kuch aur he hai

SUMITK070
09-06-2011, 02:57 PM
में भी अपनी बहिन को चोदता हु सुच में बहिन को छोड़ने का मज़ा कुछ और ही है

mjumbo
10-06-2011, 11:57 AM
दोस्तो ये बात मेरी किसी बहन की नही है पर मैं एक बात बताना चाहता हूँ कि जब मैने कॉलेज मे जाना शुरू किया तो एक बिलौरी आँखो वाली लड़की से मुलाकात हुई फिर हम दोनो मे बातचीत होने लगी हम काफी करीब आ गए पर एक दिन मेरा दोस्त उसके साथ बैठा था तो मैं भी वहीं चला गया तो मेरे दोस्त ने मेरा परिचय करवाया कि ये मेरी बहन है तो मुझे बहुत झटका लगा मैं जिसके इतने करीब था वो मेरे दोस्त की बहन है तो मैं आगे नही बढ़ सका वो लड़की कहती है कि तुम मुझसे पहले की तरह बात नही करते और कहती है कि मेरे भाई की चिंता मत करो पर मैं यारी मे गद्दारी नही करना चाहता क्या मुझे कोई उचित सलाह देगा

dekho yar mai sabase pahale ye clear kar du ke mai agyamyagam bahut hi pasand karata hu aur is vishay mai101% shamil hu.
par dekho dost wo tumhare dost ki bahan hai.dost banana koi bachoo ka khel nahi hota.kabhi kabhi sage sambandho se bhi dosi bahut mayane rakhati hai.
dost ke liye koi ladaki chodani pade to chodo par mere yar ladaki ke liye kabhi dost mat chodo.dosti ke mayane bahut alag hote hai.tum dost ke sath gaddari nahi karana chahte ye bahut hi sahi bat hai.jindagi mai sab kuch khona par kisi dost ko mat khona.agar wo ladaki mil gayi to ek dost ko kho doge par ek dost rahega to 100 ladakiya bhi milaegi aur janam bhar ki dosti bhi.
mere dil mai merehar dost ke liye yahi bhavan hoti hai.par yar tum dosti par vishwas nahi rakhate to jarur us ladaki ko chodo. byeeeeeeeeee

mjumbo
10-06-2011, 12:04 PM
जो मीठा मीठा मज़ा जीजा के लंड से चुदवाने में है, वो दुनिया के किसी लंड में नहीं. पापा से चुदने में लगता है की ये गलत है. जीजा के साथ कोई गलत नहीं लगता.विशेषकर जब बहनों की अदला बदली करके ग्रुप सेक्स हो. अजमा कर देख लो.........में अपने जीजाजी को अपने पति से ज्यादा प्यार करती हूँ.

काश मेरा भी कोई जीजा होता ....
जिसे देख मेरी चूत का दिल पसीजा होता

yar soni mujhe abhi isi waqt apana jij man lo.dekho yar kuch rishte khoon ke rishto se badhakar hote hai .tumhari kasam mai tumhare sath aisa hi rishta jivan bhar ke liye kayam kar lunga.
tumhara pyara jiju

जिज्जा की जूजी से चुद्वाती
देख देख जिज्जी का दिल मचला होता
[/QUOTE]

ENIGMA-
14-06-2011, 08:32 PM
bahan ko chodoge to tumhari biwi ko kaun chodega
badi nainsafi hai ye to

anilparnami
14-06-2011, 09:12 PM
maza aa gaya

SUMITK070
16-06-2011, 03:29 PM
कुछ बी कहो बहिन को चोदने का मज़ा कुछ और हे है

abcl42
16-06-2011, 06:19 PM
विभा बहन, सूत्र से हटकर एक सवाल आपसे पूछना चाहती हूँ. लडकी की सील को इतना महत्त्व क्यों दिया जाता है?
दूसरी बात, सेक्स के लिए बहन ही की चर्चा क्यों ? अन्य स्वीकार्य रिश्ते भी तो हैं जैसे : जीजा - साली, देवर-भाभी, नंदोई-सरहज , जेठ-अनुज-बहू, मित्र की पत्नी/पति, भतीजा/भतीजी, ससुर-बहू, वगेरह

अंजू गुप्ता जी बहुत खूब बहिन की ही चर्चा क्यूँ साली के साथ सेक्स करने में बहुत मजा है, सलहज (साले की बीवी ) मामी से भी सेक्स किया जाता है क्यूंकि आसानी से मिल जाता है

abcl42
16-06-2011, 06:27 PM
meri behen bahut hi desi aur mast hai yaar.....kya mast boobs hain uske.....roz subah jab wo ghar mein jhadu lagati hai to uske jhoolte boobs ke darshan ho jaate hain....bas uska KHET kaise jotun ye hi samajh nahi aa raha....kaise usse kahun ki main usko chodna chahta hoon....maine apni behen ki album apni profile mein lagai hai....mere friend bano aur usko dekh sakte ho


बहिन को चोदना बहुत असान है थोडा सा प्रयास करो बहिन मान जाएगी, और एक बात बता दूँ बहिन को ऐसा मौका अगर मिल गया कि कोई अफ्फैर हो गया तो फिर तुम्हारा पत्ता कट जायेगा, हिम्मत न हारो लगे रहो अगर तरीका जानने कि इच्छा है तो मुझे मेल करना बता दूंगा (abcl42@yahoo.com)

abcl42
16-06-2011, 06:35 PM
मैं और मेरी दीदी एक्साम देने के लिए अपनी मौसी के घर गए थे . मौसा जी की रेलवे में रात की ड्यूटी रहती थी मैंने मौसी को १ दिन रात में अपना पेटीकोट उठाकर सोते हुए देखा . उनकी मोटी और सफ़ेद गांड देखकर मेरे मुह में पानी आ गया था मैंने नहीं सोचा था की एक दी यही गांड छोड़ने को मिल जाएगी. १ दिन मौसी ने मुझे और दीदी को अपने ही कमरे में सुला लिया और मैं तो मौसी के बिस्तर पर ही सोया था लेकिन रेखा दीदी भी पास में ही सोयी थी मेरी मौसी जानती थी की अभी रेखा नही सोयी है फिर भी उन्होंने अपना हाथ मेरी पीथ्मे डालकर मुझे अपने ऊपर डाल लिया और मेरा नेकर सरका कर मेरा लौड़ा पकडकर अपनी छुट के दरवाजे पर रख कर पीठ को दबाया लेकिन ये क्या छुट इतनी बड़ी थी की पता ही नहीं चला की कहाँ गया और एक दो बार लौड़ा बहार भी आया मिने सोचा खुद लगा दू लेकिन इससे पहले मौसी ने ही लगा लिया...ये सब अपने कम्बल में से रेखा दीदी देख रही थी आखिर कुछ धक्को के बाद मेरा पानी मौसी की ब्लाक बस्टर चूत में निकल गया . ऐसा तीन चार दिन चला असल में वो रेखा दीदी को इशारा इ रही थी की तेरी चूत में अगर गर्मी हो तो ऐसे भी बुझा सकती है और घर जब वापिस आये तो दीदी भी जान पूछ कर मेरे पास सोने लगी और आज हम दोनों मिलकर खूब चुदाई करते हैं दीदी कहती हैं की मैं तेरी दीदी हु तेरे लौड़े की नहीं... अब तो दीदी गांड भी मरने लगी हैं क्योंकि मैंने एक दिन बताया की मौसी ने भी २-३ बार गांड मरवाई नहाते हुए...कोई भी दीदी अगर इसे पढ़ती है और जानना चाहती है की मेरी दीदी ने शुरू आत कैसे की तो मुझे मेल करके पूछ सकती है मेरा ई मेल है rajiyyer9211 रेट ऑफ़ जी मेल डोट कॉम
मित्र ये बहुत अच्छा वाकया आपने लिखा है, बहने अपने भाई को जानती है और विस्वास करती हैं बहुत अच्छा लगा मैं भी अपना अनुभव लिखूंगा

SUMITK070
18-06-2011, 03:35 PM
यार मुझे तो समाज में नहीं आता बहन को चोधने में बुरे क्या है

SUMITK070
18-06-2011, 03:40 PM
में तो kehta हु हर भाई बहिन को जिस्मानी रिश्ते रह्खने chaiye

abcl42
18-06-2011, 03:42 PM
में तो kehta हु हर भाई बहिन को जिस्मानी रिश्ते रह्खने chaiye


आप भी कुछ लिखिए अपने अनुभव, मैं भी लिखने वाला हूँ

SUMITK070
19-06-2011, 09:37 PM
jaror kya janna chohoge aap

SUMITK070
19-06-2011, 09:44 PM
me aur meri behan ka romance with proof

abcl42
20-06-2011, 05:55 PM
jaror kya janna chohoge aap

sumitko 70 आपको सादर नमस्कार, क्या जानना चाहूँगा मैं आपसे, आप स्वयं समझते हैं . अपने जो ये फोटो पोस्ट किये हैं इसके लिए धन्यवाद /
मेरे मन में एक बात है जो मैं लिखना चाहता हूँ, बहिन के साथ मैं सेक्स कर लूँ यहाँ तक तो मुझे बात समझ में आती है / लेकिन कोई भी अपनी बहिन को दुसरे से सेक्स करवा देगा, बहिन की मर्जी के खिलाफ, ये बात मेरी समझ से बाहेर है, आप इस बात से सहमत हैं या नहीं जरा साफ साफ बताइयेगा / लेकिन मैं कभी ये हिम्मत नहीं कर सकता की अपनी बहिन को किसी दुसरे से चुदवा दूँ चाहे फिर मुझे कोई कितना लालच क्यूँ न दे. लोगों ने लिखा है की बहिन की अदला बदली हो जाती है, ये बात मेरे गले नहीं उतरती /
आपको शुभ कामनाएं आपकी बहिन काफी खुबसूरत है, लेकिन ये फोटो किसने खिचे थे, आप और आपकी बहिन के ये पोज देखने वाला और फोटो खीचने वाला तीसरा व्यक्ति कौन हो सकता है/ बताइयेगा/
हमेशा सभी को वो बात जानने की इच्छा होती है जो नई हो/ जैसे शुरुआत कैसे हुई, कैसे सब कुछ शुरू हुआ, कब ख़तम हुआ/ जरा विस्तार से बताइयेगा/ धन्यवाद

abcl42
20-06-2011, 06:12 PM
आकाश जी ने एक किस्सा लिखा है की वे अपनी मौसी के यहाँ गए अपनी बहिन के साथ, वहां पर मौसी ने आकाश जी को अपने बिस्तर पर लिटाया और रात में अपने साथ सेक्स करवाया, ये सब बहिन देखती रही क्यूंकि वो जग रही थी, जब वे अपने घर वापिस आये तो भाई बहिन ने भी आपस में शुरू कर दिया, ये बिलकुल सही लगता है और ऐसा हुआ होगा / ऐसे ही शुरात किस तरेह हुई ये बातें हर एक की अलग अलग होती है / पढना अच्छा लगता है/
मेरी शुरआत तो बिलकुल अलग तरीके से हुई जरा टाइप कर लूँ फिर सब के सामने रखूँगा / सुमितको 70 जी आप समझ गए होंगे की हम क्या जानना चाहते हैं आप से/

abcl42
20-06-2011, 06:56 PM
काफी अच्छा खान पान और रहन सहन मेरा है मै सब से बड़ा अकेला भाई हूँ और मेरी तीन सगी तीन चचेरी बहने है जो घर में एक साथ रहती है मैं लिख सकता हूँ की मेरी कुल मिला कर छ बहने हैं मेरी एक सगी बहिन और एक चचेरी बहिन बराबर आयु की हैं और दोनों मुझ से लगभग डेढ़ दो साल छोटी हैं मैं उन्हें बहिन नंबर एक और दो लिख रहा हूँ ( चचेरी बहिन नंबर एक है और सगी बहिन नंबर - दो है उम्र के हिसाब से ) आप को बता दूँ बहिन नंबर तीन मेरी चचेरी बहिन है जो मुझ से तीन साल छोटी है बहिन नंबर चार मेरी सगी बहिन है जो मुझ से चार साल छोटी है/ बहिन नंबर पांच और छ काफी छोटी है . मेरे चाचा ने बेटे की आस में और मेरे पिता ने दुसरे बेटे की आस में, ये तीसरी लड़की औलाद काफी देर में पैदा की/ मेरा संयुक्त परिवार है चाचा के बच्चे और हम सब एक साथ ही रहते रहे है शहर में, चाचा चाची गाँव में रहते है खेती बारी देखते है, पिताजी शहर में रहते हैं बच्चे शहर में पढ़ते है/

मेरे घर में तेल मालिश का बहुत प्रचलन है, बचपन से हम सभी ने देखा है की मेरे पिता जी मेरी माँ से हर सन्डे को कमरे में मालिश करवाते हैं, मेरी माँ बहुत स्वस्थ है और वे सभी बच्चो की भी मालिश करती थी, धीरे धीरे लड़कियों (या बहनों ) की मालिश अम्मा ने बंद कर दी / लड़कियों को जरा कम महत्व दिया जाता है / एक बात साफ कर दूँ मालिश को बुरा नहीं समझा जाता / मेरे बाबा जी बहुत बड़े हाकिम थे और वे ही बहुत कीमती मालिश का तेल घर में लाते थे. उनकी मालिश तो मरते दम तक नौकर चाकर करते रहे / मेरी मालिश तो मेरे पिता और बाबा ने भी बचपन में की थी, मै घर में सबसे प्यारा लाडला लड़का हूँ और वंश चलने वाला अकेला हूँ चाचा के कोई लड़का नहीं हुआ / हम सब बच्चे इसे सामान्य बात मानते थे की पापा की मालिश अम्मा कर रही हैं और कमरा बंद है/
आगे की कहानी कल पोस्ट करूँगा

abcl42
20-06-2011, 07:12 PM
ये जीवन के राज है जो यहाँ पर खोलने का दिल है फिर भी बहुत कुछ छिपा है,

abcl42
20-06-2011, 07:24 PM
ये जीवन के राज है जो यहाँ पर खोलने का दिल है फिर भी बहुत कुछ छिपा है
आप देखेंगे की मै किसी की बहिन या माँ के लिए कोई गन्दा कमेन्ट नहीं पोस्ट करता हूँ , इसलिए की मेरा ये मानना है की अगर मैं अपनी बहिन के साथ सेक्स relation बना लिया इसका मतलब ये नहीं की वो सब के साथ बना सकती है और सब के लिए मैं अपनी बहिन को हाजिर कर दूंगा, और मेरी बहिन रंडी हो गयी है, ये ठीक नहीं है/
मेरी गुजारिश है बहनों ने अगेर कुछ खुद किया हो दूसरों के साथ सेक्स किया हो उसकी चर्चा कर सकते हैं, अगर कोई सदस्य अपने आप लिख रहा है की मेरी बहिन दूसरों के साथ सोती है वगेरा वगेरा ये उस सदस्य की अपनी मर्जी है लेकिन मेरा ऐसा मानना है मेरी बहिन पर दूसरा कोई गन्दी टिपण्णी करे ये अच्छा नहीं लगता क्यूंकि मै भी ये नहीं करता
आप भी ऐसा नहीं करें ये मेरी appeal / रिक्वेस्ट है/ सोच अपनी अपनी है आगे आप की मर्जी. धन्यवाद

SUMITK070
21-06-2011, 03:05 PM
ye to apni apne vichar rakhne ka tarrika hai

SUMITK070
21-06-2011, 03:09 PM
ablc42 ye teesra shaksh mera ek dost hai jisne ye tasveer li hai

sexy_moon
21-06-2011, 03:29 PM
me aur meri behan ka romance with proof

tumhari bahan to mast mal hai yaar ek din ke liye dila do yaar.

SUMITK070
21-06-2011, 03:39 PM
tumhari behan ko b bhejna parega mere paas

SUMITK070
21-06-2011, 03:40 PM
teri behan mera bistar garam karegi tabhi meri behan tere paas bhejunga

sexy_moon
21-06-2011, 04:22 PM
विस्वास है आपका आशीर्वाद जरुर फलेगा और मेरी चूत पापा के लंड की चोटों का स्वाद मजे ले ले कर आप लोगों को सुनाएगी..

जो मीठा मीठा मज़ा जीजा के लंड से चुदवाने में है, वो दुनिया के किसी लंड में नहीं. पापा से चुदने में लगता है की ये गलत है. जीजा के साथ कोई गलत नहीं लगता.विशेषकर जब बहनों की अदला बदली करके ग्रुप सेक्स हो. अजमा कर देख लो.........में अपने जीजाजी को अपने पति से ज्यादा प्यार करती हूँ. [/QUOTE]
aap

sexy_moon
21-06-2011, 04:24 PM
विस्वास है आपका आशीर्वाद जरुर फलेगा और मेरी चूत पापा के लंड की चोटों का स्वाद मजे ले ले कर आप लोगों को सुनाएगी..

जो मीठा मीठा मज़ा जीजा के लंड से चुदवाने में है, वो दुनिया के किसी लंड में नहीं. पापा से चुदने में लगता है की ये गलत है. जीजा के साथ कोई गलत नहीं लगता.विशेषकर जब बहनों की अदला बदली करके ग्रुप सेक्स हो. अजमा कर देख लो.........में अपने जीजाजी को अपने पति से ज्यादा प्यार करती हूँ. [/QUOTE]
aap thik kah rahi hai bindas chudai ke liye jija ji se majedar koi nahi

sexy_moon
21-06-2011, 04:31 PM
me aur meri behan ka romance with proof


ise to koi bhi codana chahega bhai ko to aur maoka milega

sexy_moon
21-06-2011, 04:33 PM
me aur meri behan ka romance with proof

ye ladaki mujhe mil jaye to jab tak ye nagi bhag na jaye tab tak choduga

SUMITK070
21-06-2011, 09:06 PM
मेरी बहिन का एक और धमाकेदार फोटो

abcl42
22-06-2011, 12:31 PM
SUMITKO70 बहुत अच्छा चित्र है धन्यवाद लगता है ये बहिन आपसे छोटी थी

srijan4fullmasti
23-06-2011, 11:14 AM
मेरी बहिन का एक और धमाकेदार फोटो

सब सही है यार .....बहनों को चोदने में कोई बुराई नहीं है .....बुर को चोदने में कैसी बुराई . पर मुझे ये नहीं समझ में आता की आपलोग झूठ क्यों लिखते हो ....... सुमित साहब ने जो अपनी बहन की तथाकथित तस्वीर यहाँ भेजी है ओह नकली है ....इस लड़की की चुदाई वाली कई तस्वीरें मेरे पास पहले से मौजूद है ....यार यह सही नहीं है ..... लोगो को बरगलाओ मत ...सच बया करो ...कर सकते हो तो अपनी बहन की सच्ची तस्वीर पोस्ट करो..... नहीं कर सकते तो मत करो ...पर झूठा प्रपंच तो मत करो यार......

abcl42
23-06-2011, 12:47 PM
सब सही है यार .....बहनों को चोदने में कोई बुराई नहीं है .....बुर को चोदने में कैसी बुराई . पर मुझे ये नहीं समझ में आता की आपलोग झूठ क्यों लिखते हो ....... सुमित साहब ने जो अपनी बहन की तथाकथित तस्वीर यहाँ भेजी है ओह नकली है ....इस लड़की की चुदाई वाली कई तस्वीरें मेरे पास पहले से मौजूद है ....यार यह सही नहीं है ..... लोगो को बरगलाओ मत ...सच बया करो ...कर सकते हो तो अपनी बहन की सच्ची तस्वीर पोस्ट करो..... नहीं कर सकते तो मत करो ...पर झूठा प्रपंच तो मत करो यार......

सच में ये फोटो आपने नेट पर देखी है srijan जी, ये बात जानकर तो मुझे भी झटका लगा, किसी दूसरी लड़की को बहिन बना कर पेश कर देना लोगों को बेवकूफ बनाना है मैंने पूछा भी था की ये बहिन की फोटो खिचे किसने तो सुमित जी लिखा था की मेरे एक दोस्त ने खीचे थे फोटो, बहिन के साथ सेक्स में दोस्त भी बीच में था, मैं समझता हूँ की सब गलत था, अरे यार करना है ये आपकी मर्जी है बाते भी आपने लिखी ये आपकी मर्जी है लेकिन फोटो तो पहचान में आ जाता है, चलो गलती माफ़ करो srijan जी,
srijan जी, सचाई सब के सामने लाने के लिए धन्यवाद

SUMITK070
24-06-2011, 03:07 PM
mere koi jooth nahi bola hai
mene hamari pics 3 sites par post kiye hai
jisme ek antarvasna b hai

abcl42
25-06-2011, 03:36 PM
SUMITK070 जी मैं आपकी बात मन लेता हूँ ये सच्चे फोटो हैं, आप अपनी बातें आगे लिखें और अगर और फोटो हों तो उनको भी इस साईट पर डालें धन्यवाद

SUMITK070
26-06-2011, 09:09 PM
THANKYOU ABCL42

SUMITK070
26-06-2011, 09:09 PM
BATAIYE AAP KYA JANNA CHATE HAI

abcl42
27-06-2011, 11:19 PM
BATAIYE AAP KYA JANNA CHATE HAI

हमेशा सभी को वो बात जानने की इच्छा होती है जो नई हो/ जैसे शुरुआत कैसे हुई, कैसे सब कुछ शुरू हुआ, कब ख़तम हुआ/ जरा विस्तार से बताइयेगा/ धन्यवाद

pyasinadi
04-07-2011, 09:12 AM
BAHAN KO BHOBGO MAGAR DOSTON KE SAATH SHARE MAT KARO. PACHHTAOGE

raj3570
08-07-2011, 01:20 AM
mai the chodna chahta hu

abcl42
14-07-2011, 02:11 PM
अगम्यगाम्य फोरम पर हर सूत्र के लिए कुछ ऐसे नियम जो प्रत्येक सदस्य आदर करे / मानेi /
मेरा ऐसा मानना है की इस फोरम पर हम उन बांतो को शेयर करते हैं जिन्हें खुल कर समाज में नहीं बोल सकते मेरा एक विनम्र निवेदन है कि केवल इसी सूत्र में नहीं बल्कि अन्य सूत्रों में भी जहाँ पर पारिवारिक संबंधों पर चर्चा होती है सदस्य कुछ सामान्य शिष्टाचार का पालन करें /

१. मुझे भी तेरी बहिन या माँ कि चोदना है, मै तेरी बहिन की चुदाई करना चाहता हूँ मुझे उसका नम्बर दे इत्यादि सब ओछी प्रवत्ति हैं / किसी ने स्वयं अगर अपनी बहिन के साथ सम्बन्ध बना लिया उसका मतलब ये नहीं है की उसकी बहिन सब के लिए उपलब्ध है या हाजिर है या फिर सब उसकी बहिन को चोदने के हक़दार हो गए हैं / प्लीज इसे मत लिखे जब तक स्वयं पोस्ट करने वाला या वाली ये न कहे की कोई है मेरी बहिन को चोदने वाला .
२. उपदेश देना अच्छा है, सब जानते हैं कि कुछ रिश्ते ऐसे हैं जहाँ सेक्स वर्जित है, लेकिन फिर भी अगर किसी कारन वश ये रिश्ते हो गए और कोई सदस्य उन रिश्तों कि चर्चा यहाँ पर करता है ये उसका अधिकार है / प्लीज ऐसे उपदेश न दो / उसे जलील न करो या गाली न दो/ अगर आपको अच्छा नहीं लग रहा है तो प्लीज मत पढो /
३. ये बात मान कर चलना चाहिए कि सभी सदस्य समान आदर के अधिकारी हैं, हम सब एक दुसरे की इज्जत करें /

४. ये भी सब लोग मान कर चले कि जिन लोगों ने पारिवारिक संबंधो पर लिखा है या लिख रहे हैं वे सब भी इसी समाज में रह रहे हैं और बाहर कि दुनिया से नहीं हैं / सामाजिक नियम और तौर तरीके उन्हें भी मालूम हैं / ऐसी बातें न लिखे जिससे ये लगे कि जिन सदस्यों ने इन संबंधों पर कुछ लिखा है वे बिलकुल असामाजिक और अपराधी हैं /
आशा है इन स्वयं निर्मित नियमो का पालन सभी सदस्य करेंगे धन्यवाद

abcl42
14-07-2011, 06:41 PM
आप अपनी रसीली बातें आप इसी मंच ( अगम्यागमन ) के सूत्र " आओ कुछ रसीली बातें करें " पर भी पोस्ट कर सकते हैं जिसमे किसी प्रकार की रसीली बातें हो सकती है - जैसे पहली बार सेक्स कैसे किया, क्या क्या अच्छा लगता है, कैसे अच्छी चुदाई होती है, अगर बहिन के साथ किया तो मौका कैसे हाथ लगा, वगेरा वगेरा

rakesh_m1961
15-07-2011, 07:04 AM
nice kya..........

raambharose
15-07-2011, 11:40 AM
Gauri 27 years old married. And her hubby is working in Dubai. She is a typical south Indian girl with a sexy body 36-30-40. Every man will get horny on seeing her Ass. She look like the famous model “Elke the stallion”. She is a jolly type girl who use take every matter very easily. She has never created a problem with me...

abcl42
15-07-2011, 06:05 PM
Gauri 27 years old married. And her hubby is working in Dubai. She is a typical south Indian girl with a sexy body 36-30-40. Every man will get horny on seeing her Ass. She look like the famous model “Elke the stallion”. She is a jolly type girl who use take every matter very easily. She has never created a problem with me...

But my dear Raam bharose Ji, Is she your sister or sister in law ?

abcl42
16-07-2011, 04:05 PM
दोस्तों एक नया सूत्र है "आओ कुछ रसीली बातें करें " इस सूत्र पर आयें अपने कुछ रसीले किस्से पोस्ट करें
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=7239
धन्यवाद आपका दोस्त - ऐबीसीएल

abcl42
26-07-2011, 03:39 PM
नया सूत्र "भाई बहेन की एक कहानी" का भ्रमण करे
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=7487

vijaykumarverma
26-07-2011, 07:44 PM
मिजाज ही नहीं रखती मियाँ, भला किस काम का मिजाज
हाँ चूत रखती हूँ चूचियां भी हैं दो - बेमिशाल
मस्ती में जीती हूँ, मस्ती बांटती हूँ
मस्ती लेती हूँ, और वो भी मस्ता के लेती हूँ..

kaya baat hai maja aa gaya

Rajjoo
01-08-2011, 03:24 PM
meri behan bahut maal hai maal..36 inch k doodh hai uske...jab dabao to bada maja a jata hai..aj tak bas galti se h daba paya hu...mai usko chodna chahta hu...vo b bahut maje dilaegi..mai chahta hu ki uske kapde apne haatho se h utaar kar usse us h ke ghar me chodu..daba daba k...vo meri cousin hai...mai to uski maa ko b shodna chahta hu..vo bahut k baday momo vaali hai..mai apni behan ka doodh b peena chahta hu...

aakhir behan k sath sex karne me burai hkya hai..vo b to apne boyfrnd se apne h ghar me chud chuki hai bahut baar agar m chod dunga tio kya fark padega...maine apni ek aunty k b doodh dabae hai bahut baar...kabi uski bra utaar deta tha to kbi salwaar ka naada khol deta tha unke doodh to 40 inch k hai..mai unhe chod to nahi poata par unke nahane se pehle unke bra me muth maar deta hu taki jab vo pehne to mera muth unke ddodhe par lag jaaye..
khair abhi behna ki baat ho rai hai..mai uski photo b upload karunga ..uske doodh ki...kya gajab lagte hai..soch raha hu k usse gadi sikhane k bahane uske boobs dabao..kuch dino me uske ghar jaunga condom lekar..kya koi bta sakta hai k aisi kya davai khilau k vo behosh ho jae taki m usse chod pau aram se..fir m uski nangi photo b aram se kheech lunga n aap sabko mail kar dunga..meri help karo to mai apko puri chudai ki muvie mail karunga...

meri email id hai..
mari.jane222@gmail.com

rakesh_m1961
07-08-2011, 07:49 AM
very nice....laga raho

gitaa0
15-08-2011, 04:05 PM
कहानी बहत गरम है

harish0758
22-08-2011, 03:05 PM
bhai ye avyagaman sector to bahut mazedar hai

SUMITK070
22-08-2011, 03:08 PM
बहिन को अगर मज़े से चोदना हो तो घोरी बना कर छोड़ो इस से बहिन छोड़ने का मज़ा बढ़ जाता है

Rajjoo
28-08-2011, 05:56 PM
koi meri behan ko nai chodna chahta kya?????

super_boy00007
28-08-2011, 06:35 PM
मैंने रेपो शुरु करने के लिए अन्तर्वासना पर मै भी हू अन्ना नाम का एक अभियान शुरु किया है आप सबके लिए
क्रप्या ज्यादा से ज्यादा मात्रा में रेपो फिर से शुरु करो (http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=8311&p=454523#post454523) नामक मेरे सूत्र में समर्थन देकर मेरा अनसन सफल करे

stranger216
28-08-2011, 07:13 PM
दोस्तो ये बात मेरी किसी बहन की नही है पर मैं एक बात बताना चाहता हूँ कि जब मैने कॉलेज मे जाना शुरू किया तो एक बिलौरी आँखो वाली लड़की से मुलाकात हुई फिर हम दोनो मे बातचीत होने लगी हम काफी करीब आ गए पर एक दिन मेरा दोस्त उसके साथ बैठा था तो मैं भी वहीं चला गया तो मेरे दोस्त ने मेरा परिचय करवाया कि ये मेरी बहन है तो मुझे बहुत झटका लगा मैं जिसके इतने करीब था वो मेरे दोस्त की बहन है तो मैं आगे नही बढ़ सका वो लड़की कहती है कि तुम मुझसे पहले की तरह बात नही करते और कहती है कि मेरे भाई की चिंता मत करो पर मैं यारी मे गद्दारी नही करना चाहता क्या मुझे कोई उचित सलाह देगा
dost kisi aur ladki ko patao. jaldi usko bhulne ki koshish karo. ya usi ko kaho kisi se friendship karwaye.atleast use dost to bana hi sakte ho

komal sharma
28-08-2011, 08:11 PM
सब बकवास बाते है और सब पागल बन रहे है यहाँ

nhwtonk
29-08-2011, 10:05 AM
eSa vkids fopkjksa ls iwjh rjg ls lger gwWa A ekuuh; lnL;ksa dks dqN f'k"Vkpkj dk Hkh /;ku j[kuk pkfg,A

pyasa009
01-09-2011, 03:23 AM
kyu nahi add de do

pyasa009
01-09-2011, 03:24 AM
koi meri behan ko nai chodna chahta kya?????

add.. de do ya mail me pyasa009@yahoo.com

abcl42
09-09-2011, 08:43 PM
सब बकवास बाते है और सब पागल बन रहे है यहाँ

नहीं कोमल जी कुछ तो सच्चाई होगी, कुछ बढ़ा चढ़ा कर बताना तो बनता है जब फोरम पर आये हैं ?

av_8
20-09-2011, 12:10 PM
:right:hi mera nam amit he me delhi me rhta hu ..
mane ek baar jab ghar per koi nahi ta tab apni real sister ko milk me nind ki goli di ti jab wo so gai ti tab mane uski chut ek dam pass se daki ti mane uski chut todi si chati bbhi ti or uski chut me ugli bhi dali ti or apna lund uske muh per lgya per mane uski us time chut nahi mari per ab jab bhi mare ko moka milta he to me usko innd ki goli deta hu or mazza krta hu aager abhi bhut kuh he aap mare ko mail ya chat kar skte he mera id he coolamit@yahoo.in:left:

delhi.escorts339
26-09-2011, 11:29 PM
mere uncle ki beti hai wo bahut khubsurat hai or me use chodkar bahanchod banna chahta hu,, please help how to fuck her.. ??

Deep Bidhan
26-09-2011, 11:52 PM
thok de beta

vickyarora1
04-10-2011, 05:19 PM
yar mein bhi apni behan ko nahate dekha karta tha.

areader
15-10-2011, 02:44 AM
बहनो के इस सूत्र पर कहानियां ना लिखे . कहानियों के लिए तो अंतरवासना का कथा माध्यम तो है ही.
मेरे ख्याल में इस सूत्र पर जिन बहन भाइयो के आपस मे समाबंध है मिलकर आपस से सिर्फ अपने यह विचार रखे की जब समाबंध बने थे और समय बीतने के बाद जब की हालात बादल जाते हैम तो अब कैसा लगता है. यदि आपके बेटा बेटी आपस मे समाबंध बनाये तो कैसा लगेगा. या आप उन्हें ऐसे समाबंध बननाने के लिए प्रेरित करेगेम. क्या आप अपनी बेटी की सील खुद तोड़ना चाहेंगे या अपने बेटे से तुड़वाना पसंद करेंगे. ऐसे प्रशनों पर लोग अपने विचार दे तो यह सूत्र ठीक रहेगा.

akash
15-10-2011, 06:30 AM
agar koi brother, sach me willing hai ki real sis ko kaise chode to mujhse mile, kyki, kaise meri sis roz lund ke ooper khud baith ti hai...aur raat me khud jaga leti hai, 2-2 baar karne k liye...chudate hue bhi kya kya bolti hai.... ravikr1811@gmail.com

amitsehrawat
15-10-2011, 03:02 PM
yes call me *****90295

bad33365
19-10-2011, 11:31 PM
sahi baat hai.. bahan ko to chodna hi chahiye

bad33365
19-10-2011, 11:33 PM
haa yaar.. benchod banne me bahut maza hai..

bad33365
19-10-2011, 11:34 PM
mai bhi meri ek shadi shuda bahen ko khub chodna chahta hu.. kya karu?

arun0009
11-11-2011, 11:05 PM
सेक्स के मजे लेने चाहिए सेक्स किसी के सात भी किया जा सकता है .और जो नेतिकता की बात करता है वो इस मंच पर आता ही क्यों है ...दोनों को राजी होना चाहिए

lotus1782
12-11-2011, 03:20 PM
बहुत बढ़िया सूत्र है

akash
14-11-2011, 06:41 AM
mai bhi meri ek shadi shuda bahen ko khub chodna chahta hu.. kya karu?

dear tum mujhse contact karo, tarika main bataunga , kyki main apni ko 4-5 saal se chod raha huin, shadi se pahle bhi choda, aur ab shadi ke baad to usne sharm hi chhod di hai, ab gaand marwane me bhi koi sankoch nahi karti... ravikr1811@gmail.com

Badtameez
14-11-2011, 07:50 AM
अपनी मां बहन को चोदकर जो सोचते हैं नेक काम करते हैं।
हम उन मादरचोदो और बहनचोदो को प्रणाम करते है॥

akash
14-11-2011, 09:54 AM
अपनी मां बहन को चोदकर जो सोचते हैं नेक काम करते हैं।
हम उन मादरचोदो और बहनचोदो को प्रणाम करते है॥
chut to chudne k liye hi hai, dosto, tum bahan samajhkar chhod denge, to koi aur chodega ....aakhir pyas to bujhegi...aise kitne bahane hain jo chudati hain ghar me bhaaya se, lekin bate bahar nahi aati ...fir bhi unki izzat te samaj me bani rahti hai

Badtameez
14-11-2011, 10:12 AM
chut to chudne k liye hi hai, dosto, tum bahan samajhkar chhod denge, to koi aur chodega ....aakhir pyas to bujhegi...aise kitne bahane hain jo chudati hain ghar me bhaaya se, lekin bate bahar nahi aati ...fir bhi unki izzat te samaj me bani rahti hai
भाई ऐसी भी वासना नहीं होनी चाहिऐ

av_8
24-11-2011, 05:03 PM
hi mera nam amit he me delhi me rhta hu ..
mane ek baar jab ghar per koi nahi ta tab apni real sister ko milk me nind ki goli di ti jab wo so gai ti tab mane uski chut ek dam pass se daki ti mane uski chut todi si chati bbhi ti or uski chut me ugli bhi dali ti or apna lund uske muh per lgya per mane uski us time chut nahi mari per ab jab bhi mare ko moka milta he to me usko innd ki goli deta hu or mazza krta hu aager abhi bhut kuh he aap mare ko mail ya chat kar skte he mera id he coolamit@yahoo.in

SUMITK070
29-11-2011, 07:24 PM
ham apni behan ko kisi aur se kyo chudne de itne naamard bhi nahi hum k koi hamari behan chod le aur hum bus muh taakte rehae

Mukesh1789
29-11-2011, 08:42 PM
264950x//zxx/zx?
xz/x?XZX

kharghar
08-12-2011, 11:51 PM
ham apni behan ko kisi aur se kyo chudne de itne naamard bhi nahi hum k koi hamari behan chod le aur hum bus muh taakte rehae

तमाम सामाजिक मूल्यों को रौंद कर, पारिवारिक मूल्यों को मिट्टी में मिला कर, सभी संस्कारों का गला घोंटकर उनकी ह्त्या कर के, इन्सेस्ट के विरुद्ध वैज्ञानिक तथ्यों को अनदेखा कर के अपने घर में अपनी बहन/ बहनों से यौन सम्बन्ध बनाने में कौन सी मर्दानगी है? जिसे मर्दानगी समझ रहे हो वह हद दर्जे की वैचारिक और चारित्रिक नामर्दगी है. इस तरह की मर्दानगी केवल मुट्ठी भर घरों में जहां बहने भी दुर्भाग्य से अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं कर सकती में ही चलती होंगी, वह भी कुछ समय के लिए. दुनिया की कोई लड़की इतनी बुद्धू नहीं होती कि वह असली मर्दानगी का मतलब नहीं समझ सके. थोड़े समय बेवकूफी करने के बाद कोई भी लड़की जान जाती है कि असली मर्दानगी पुरुष के अच्छे संसकारों में, उसके बौद्धिक स्तर में, उसके शैक्षणिक स्तर में, ऊसकी योग्यता में, ऊसकी कमाने की क्षमता में होती है. अगर अपने आप को इस तरह की झूठी मर्दानगी में उलझाए रखोगे तो आपकी बहन/ बहने भी बहुत जल्दी आपको गन्ने की तरह चूस कर छिलके की तरह फेंक देगी और किसी असली मर्द के साथ हो लेगी. कुछ भी योग्यता है और मर्दानगी है तो घर के बाहर की लड़कियों पर बताइये, कितने पानी में हो पता चल जाएगा.

अपनी माँ से भी कभी पूछना कि क्या उनके भाई/ भाइयों ने भी ऐसी मर्दानगी बताई थी और उनके साथ यौन सम्बन्ध बनाए थे? अपने पिता से भी पूछ लेना कि क्या इस तरह की मर्दानगी का स्वाद चख चुकी लड़की को उन्होंने अपनी पत्नी और तुमाहरी माँ बनाया है?

akash
09-12-2011, 06:41 AM
तू बस कर यार ये शब्द अपने पास रख सिर्फ बोलने से आदमी सामाजिक नहीं हो जाता है हो सकता है तुम्हारी बहन तुमसे न चुदाकर किसी और से चुदा रही हो फिर जब आग बुझानी ही है तो घर क घर में क्या नुकसान है न ही समाज में कोई बदनामी होगी और चूत की आग भी बुझती रहेगी भाई मेरी तो चुदती है और यहाँ तक की गांड भी मरवाने लगी आजकल....ravikr1811@gmail.com




[QUOTE=kharghar;714538][FONT=tahoma][SIZE=3][COLOR=#0000ff]तमाम सामाजिक मूल्यों को रौंद कर, पारिवारिक मूल्यों को मिट्टी में मिला कर, स

kharghar
09-12-2011, 12:51 PM
[QUOTE=akash;तू बस कर यार ये शब्द अपने पास रख सिर्फ बोलने से आदमी सामाजिक नहीं हो जाता है हो सकता है तुम्हारी बहन तुमसे न चुदाकर किसी और से चुदा रही हो फिर जब आग बुझानी ही है तो घर क घर में क्या नुकसान है न ही समाज में कोई बदनामी होगी और चूत की आग भी बुझती रहेगी भाई मेरी तो चुदती है और यहाँ तक की गांड भी मरवाने लगी आजकल....ravikr1811@gmail.com]मुझे अपने शब्द अपने पास रखने की सलाह देने के बजाय तू अपने शब्द अपने पास क्यों नहीं रखता? सच्चाई और वास्तिविकता को बोलने से अगर आदमी सामाजिक नहीं होता तो क्या तेरी और तेरी बहन की तरह व्यभिचारी, विवेकहीन और चरित्रहीन हो जाने से आदमी सामाजिक हो जाता है? ना मैं और ना मेरी बहन तेरे और तेरी बहन की तरह चरित्रहीन हैं या थे जिन्हें अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण रखना नहीं आता हो. एक तरफ तू लिखता है कि "जब आग बुझानी ही है तो घर क घर में क्या नुकसान है न ही समाज में कोई बदनामी होगी", अर्थात तू भी मानता है और स्वीकार करता है कि नाजायज यौन संबंधों को सामाजिक स्वीकृति नहीं है. तू और तेरी बहन जैसे मुट्ठी भर लोग अपनी चरित्रहीनता और व्यभिचार का गुणगान नहीं करोगे तो समाज पर बहूत बड़ा उपकार होगा.तू और तेरी बहन जैसे लोग कितने मुट्ठी भर हैं यह जानना हो तो प्रसिद्ध magazine "INDIA TODAY" के December 5, 2011 में छपे INDIA TODAY-NIELSEN द्वारा कराए SEX-2011 Survey को पढ़ ले. Page 60 पर प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार "10% men and 5% women have experienced incest. 69% men say 'by choice'. इसका मतलब है केवल ६.९% पुरुष स्वेच्छा से इन्सेस्ट करते हैं. सर्वविदित है कि बहुत ज्यादा प्रतिशत लड़कियों/ औरतों के साथ उनकी इच्छा के विरुद्ध इन्सेस्ट यौन सम्बन्ध बनाए जाते हैं. स्वेच्छा से इन्सेस्ट सम्बन्ध बनाने वाली लड़कियों/ स्त्रियों की संख्या समभ्वतः २% से भी कम होगी. इतने मुट्ठी भर लोग समाज के इतने बड़े भाग को इस तरह की बातें लिखने की हिमाकत करतें है यह अपने आप में हास्यास्पद है.

Bhawani7000
16-12-2011, 07:10 AM
तमाम सामाजिक मूल्यों को रौंद कर, पारिवारिक मूल्यों को मिट्टी में मिला कर, सभी संस्कारों का गला घोंटकर उनकी ह्त्या कर के, इन्सेस्ट के विरुद्ध वैज्ञानिक तथ्यों को अनदेखा कर के अपने घर में अपनी बहन/ बहनों से यौन सम्बन्ध बनाने में कौन सी मर्दानगी है? जिसे मर्दानगी समझ रहे हो वह हद दर्जे की वैचारिक और चारित्रिक नामर्दगी है. इस तरह की मर्दानगी केवल मुट्ठी भर घरों में जहां बहने भी दुर्भाग्य से अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं कर सकती में ही चलती होंगी, वह भी कुछ समय के लिए. दुनिया की कोई लड़की इतनी बुद्धू नहीं होती कि वह असली मर्दानगी का मतलब नहीं समझ सके. थोड़े समय बेवकूफी करने के बाद कोई भी लड़की जान जाती है कि असली मर्दानगी पुरुष के अच्छे संसकारों में, उसके बौद्धिक स्तर में, उसके शैक्षणिक स्तर में, ऊसकी योग्यता में, ऊसकी कमाने की क्षमता में होती है. अगर अपने आप को इस तरह की झूठी मर्दानगी में उलझाए रखोगे तो आपकी बहन/ बहने भी बहुत जल्दी आपको गन्ने की तरह चूस कर छिलके की तरह फेंक देगी और किसी असली मर्द के साथ हो लेगी. कुछ भी योग्यता है और मर्दानगी है तो घर के बाहर की लड़कियों पर बताइये, कितने पानी में हो पता चल जाएगा.

अपनी माँ से भी कभी पूछना कि क्या उनके भाई/ भाइयों ने भी ऐसी मर्दानगी बताई थी और उनके साथ यौन सम्बन्ध बनाए थे? अपने पिता से भी पूछ लेना कि क्या इस तरह की मर्दानगी का स्वाद चख चुकी लड़की को उन्होंने अपनी पत्नी और तुमाहरी माँ बनाया है?

प्रिय मित्र
पहले सूत्र की शुरूआत पर िलख जाचुका है कि अगर आप इस कृत्य को घणाहीन समझते है तो कृपया सूत्र का भ्ज्ञ्रमण ना करे

आप नाही की वाहद विवाद को इस सूत्र मेंघसीट रहे है
अगर ना पसंद हो तो कोइ अनुचित टिप्पणी ना करे

kharghar
16-12-2011, 05:25 PM
प्रिय मित्र पहले सूत्र की शुरूआत पर िलख जाचुका है कि अगर आप इस कृत्य को घणाहीन समझते है तो कृपया सूत्र का भ्ज्ञ्रमण ना करे आप नाही की वाहद विवाद को इस सूत्र मेंघसीट रहे है अगर ना पसंद हो तो कोइ अनुचित टिप्पणी ना करे प्रिय मित्र इस तरह की चेतावनी लगा देने से किसी को भी कोई भी बेबुनियादी और अनुचित बातें लिखने का या वक्तव्य देने का अधिकार नहीं मिल जाता. अन्तर्वासना के विभिन्न सूत्रों पर बहुत सारे सदस्यों ने इन्सेस्ट के बारें में अपने अनुभव और विचार वक्त किए हैं, मैंने कभी भी इन वक्तव्यों पर या विचारों पर किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बना कर उत्तर तब तक नहीं दिया जब तक किसी ने कोई ऐसा विचार या वक्तव्य दिया जो बिलकुल अनुचित हो या जो इन्सेस्ट में अलिप्त समाज के अत्यंत बड़े वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुचाए या उनका मजाक उडाए. जिस महाशय ने अपने घर में अपनी बहन के साथ यौन सम्बन्ध बनाने को मर्दानगी का कृत्य बताया उसे उन्हें संबोंधित करके उसका जवाब देना जरुरी लगा क्योंकी इस तरह के वक्तव्य देना बिल्कुल गलत है.

Bhawani7000
16-12-2011, 06:53 PM
प्रिय मित्र इस तरह की चेतावनी लगा देने से किसी को भी कोई भी बेबुनियादी और अनुचित बातें लिखने का या वक्तव्य देने का अधिकार नहीं मिल जाता. अन्तर्वासना के विभिन्न सूत्रों पर बहुत सारे सदस्यों ने इन्सेस्ट के बारें में अपने अनुभव और विचार वक्त किए हैं, मैंने कभी भी इन वक्तव्यों पर या विचारों पर किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बना कर उत्तर तब तक नहीं दिया जब तक किसी ने कोई ऐसा विचार या वक्तव्य दिया जो बिलकुल अनुचित हो या जो इन्सेस्ट में अलिप्त समाज के अत्यंत बड़े वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुचाए या उनका मजाक उडाए. जिस महाशय ने अपने घर में अपनी बहन के साथ यौन सम्बन्ध बनाने को मर्दानगी का कृत्य बताया उसे उन्हें संबोंधित करके उसका जवाब देना जरुरी लगा क्योंकी इस तरह के वक्तव्य देना बिल्कुल गलत है.

प्रिय मित्र यही होता है मै आपकी बात से सहमत हू लेकिन ऐसा करने वाले करते ही इसमें क्या हुआ आपका या हमको ये बहुत ही घणित कार्य लगता है क्यों कि हमारे संस्कार ऐसे है आप अगर ये सोचे की हम हमारे भाई या किसी रिश्ते में भाई/बहन के साथ तो ये अतुल्नीय व बडी शर्म व गंदी बात है जो हम अपने जीवन में कभी सोच भी नही सकते है क्यों कि अगर इज्ज्त बचाने वाला खुद ही इज्जत लूट डाले तो फिर क्या फायदा। अपनी बहन के साथ यौन सम्बन्ध बनाने को तो हम भी मर्दानगी की संख्यानही देते है। लेकिन यह भी बात सत्य है इन्टरनेट पर बहुत सारे ऐसे लोग है जिन्होने अपनी बहन के साथ और काफी ऐसी लडकिया जिन्होने अपने भाई के साथ सम्बन्ध बनाये है। हमने 2.3 बार ऐसे लोगो का विडियो भी देखा है जिन्होने अपना फेस तो जाहिर नहीं किया लेकिन आईडी बता कर इस कार्य को अंजाम दिया।

अगर हमारी बातो से आपके दिल को ढेस पहुंची हो तो हम एवं हमारी सेवा समिति आपसे तहे दिल से क्षमा प्रार्थी है।

डॉ. भवानी
गांड मराओ सेवा समिति
जोधपुर

Ramesh4321
21-12-2011, 12:39 AM
mein bhi bahan ki chudai ke liye sahmat hun

Ramesh4321
21-12-2011, 12:42 AM
kiya aap mein upya batenge

abcl42
22-12-2011, 01:10 AM
प्रिय मित्र यही होता है मै आपकी बात से सहमत हू लेकिन ऐसा करने वाले करते ही इसमें क्या हुआ आपका या हमको ये बहुत ही घणित कार्य लगता है क्यों कि हमारे संस्कार ऐसे है आप अगर ये सोचे की हम हमारे भाई या किसी रिश्ते में भाई/बहन के साथ तो ये अतुल्नीय व बडी शर्म व गंदी बात है जो हम अपने जीवन में कभी सोच भी नही सकते है क्यों कि अगर इज्ज्त बचाने वाला खुद ही इज्जत लूट डाले तो फिर क्या फायदा। अपनी बहन के साथ यौन सम्बन्ध बनाने को तो हम भी मर्दानगी की संख्यानही देते है। लेकिन यह भी बात सत्य है इन्टरनेट पर बहुत सारे ऐसे लोग है जिन्होने अपनी बहन के साथ और काफी ऐसी लडकिया जिन्होने अपने भाई के साथ सम्बन्ध बनाये है। हमने 2.3 बार ऐसे लोगो का विडियो भी देखा है जिन्होने अपना फेस तो जाहिर नहीं किया लेकिन आईडी बता कर इस कार्य को अंजाम दिया।

अगर हमारी बातो से आपके दिल को ढेस पहुंची हो तो हम एवं हमारी सेवा समिति आपसे तहे दिल से क्षमा प्रार्थी है।

डॉ. भवानी
गांड मराओ सेवा समिति
जोधपुर
हम सब इस साईट पर आनंद और मनोरंजन के लिए आते हैं, इन्सेस्ट उत्तेजक विषय है इसे सुन कर की रोमांच होता है इसकी बातों से आनंद आता है हम जिसमे मैं भी हूँ इसका मजा लेते हैं, मैं एक बात पढ़ कर आश्चर्य चकित हूँ की जोधपुर में ये सेवा समिति कहाँ पर है और किस प्रकार की सेवा ये समिति करती है ( हा हा हा ) नाम ही काफी है, धन्यवाद

abcl42
22-12-2011, 01:18 AM
युवा अवस्था में कभी कभी इस प्रकार के सम्बन्ध परिस्थिति और परिवेश के कारन बन जाते हैं, वर्जित संबंधो को समाज मान्यता नहीं देता इसीलिए ये छुपे रहते हैं लेकिन मैं यह दावे के साथ कह सकता हूँ इस प्रकार के सम्बन्ध अब बढ़ रहे हैं, कहीं सहमती से और कहीं असहमति से, इन संबंधो को खुले तौर पर उचित कहना अभी समाज में मान्य नहीं है, लेकिन बड़े और दबंग लोग खुले सम्बन्ध भी रखते है,

sandeepsingh25
23-12-2011, 02:08 PM
मिजाज ही नहीं रखती मियाँ, भला किस काम का मिजाज
हाँ चूत रखती हूँ चूचियां भी हैं दो - बेमिशाल
मस्ती में जीती हूँ, मस्ती बांटती हूँ
मस्ती लेती हूँ, और वो भी मस्ता के लेती हूँ..

toda masti mujh par bhi daliye na soniya ji dan karne se badta hai ghatha nahi

shaukeen
23-12-2011, 07:33 PM
[QUOTE=akash;तू बस कर यार ये शब्द अपने पास रख सिर्फ बोलने से आदमी सामाजिक नहीं हो जाता है हो सकता है तुम्हारी बहन तुमसे न चुदाकर किसी और से चुदा रही हो फिर जब आग बुझानी ही है तो घर क घर में क्या नुकसान है न ही समाज में कोई बदनामी होगी और चूत की आग भी बुझती रहेगी भाई मेरी तो चुदती है और यहाँ तक की गांड भी मरवाने लगी आजकल....ravikr1811@gmail.com]मुझे अपने शब्द अपने पास रखने की सलाह देने के बजाय तू अपने शब्द अपने पास क्यों नहीं रखता? सच्चाई और वास्तिविकता को बोलने से अगर आदमी सामाजिक नहीं होता तो क्या तेरी और तेरी बहन की तरह व्यभिचारी, विवेकहीन और चरित्रहीन हो जाने से आदमी सामाजिक हो जाता है? ना मैं और ना मेरी बहन तेरे और तेरी बहन की तरह चरित्रहीन हैं या थे जिन्हें अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण रखना नहीं आता हो. एक तरफ तू लिखता है कि "जब आग बुझानी ही है तो घर क घर में क्या नुकसान है न ही समाज में कोई बदनामी होगी", अर्थात तू भी मानता है और स्वीकार करता है कि नाजायज यौन संबंधों को सामाजिक स्वीकृति नहीं है. तू और तेरी बहन जैसे मुट्ठी भर लोग अपनी चरित्रहीनता और व्यभिचार का गुणगान नहीं करोगे तो समाज पर बहूत बड़ा उपकार होगा.तू और तेरी बहन जैसे लोग कितने मुट्ठी भर हैं यह जानना हो तो प्रसिद्ध magazine "INDIA TODAY" के December 5, 2011 में छपे INDIA TODAY-NIELSEN द्वारा कराए SEX-2011 Survey को पढ़ ले. Page 60 पर प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार "10% men and 5% women have experienced incest. 69% men say 'by choice'. इसका मतलब है केवल ६.९% पुरुष स्वेच्छा से इन्सेस्ट करते हैं. सर्वविदित है कि बहुत ज्यादा प्रतिशत लड़कियों/ औरतों के साथ उनकी इच्छा के विरुद्ध इन्सेस्ट यौन सम्बन्ध बनाए जाते हैं. स्वेच्छा से इन्सेस्ट सम्बन्ध बनाने वाली लड़कियों/ स्त्रियों की संख्या समभ्वतः २% से भी कम होगी. इतने मुट्ठी भर लोग समाज के इतने बड़े भाग को इस तरह की बातें लिखने की हिमाकत करतें है यह अपने आप में हास्यास्पद है.

6.9% पुरुष और २% स्त्रियाँ भी लगभग १० लाख की आबादी बनाते हैं. यह छोटी संख्या नहीं है. स्वयं आपके अनुसार यह आबादी वो है जो कि सहमति से इन्सेस्ट करते हैं. इनको इन्सेस्ट के लिए प्रेरित करने हेतु कौन सी परिस्थितियाँ जिम्मेदार हैं इसका विश्लेषण बहुत मुश्किल है, परन्तु ऐसे रिश्ते अगर हो जाते हैं तो उनकी वजह से किसी को धिक्कारने के स्थान पर ऐसे प्रयास करे जिससे वो लोग स्वस्थ संबंधों की ओर अग्रसर होने की कोशिश करें. आत्मग्लानी पैदा होने पर वीभत्स परिणाम हो सकते हैं, वैसे इन्सेस्ट के लिए मानव की शरीर रचना ही जिम्मेदार होती है. जो यौनकाल के आगमन पर उसे विपरीत सेक्स की ओर आकर्षित करती है और ऐसे विपरीत सेक्स सबसे अधिक अपने निकट सम्बन्धी ही होते हैं. ऐसे संबंधों के लिए उमड़े प्यार को दबाये रखकर अधिकाँश लोग ऐसी उम्र मैं प्रवेश कर जाते जहाँ वो अपने आप पर नियंत्रण रख सकें परन्तु कुछ लोग ऐसी दबी हुई कामनाओं के वशीभूत होकर इन्सेस्ट में लीन हो जाते है.

kharghar
24-12-2011, 11:55 PM
[QUOTE=kharghar;715115]

6.9% पुरुष और २% स्त्रियाँ भी लगभग १० लाख की आबादी बनाते हैं. यह छोटी संख्या नहीं है. स्वयं आपके अनुसार यह आबादी वो है जो कि सहमति से इन्सेस्ट करते हैं. इनको इन्सेस्ट के लिए प्रेरित करने हेतु कौन सी परिस्थितियाँ जिम्मेदार हैं इसका विश्लेषण बहुत मुश्किल है, परन्तु ऐसे रिश्ते अगर हो जाते हैं तो उनकी वजह से किसी को धिक्कारने के स्थान पर ऐसे प्रयास करे जिससे वो लोग स्वस्थ संबंधों की ओर अग्रसर होने की कोशिश करें. आत्मग्लानी पैदा होने पर वीभत्स परिणाम हो सकते हैं, वैसे इन्सेस्ट के लिए मानव की शरीर रचना ही जिम्मेदार होती है. जो यौनकाल के आगमन पर उसे विपरीत सेक्स की ओर आकर्षित करती है और ऐसे विपरीत सेक्स सबसे अधिक अपने निकट सम्बन्धी ही होते हैं. ऐसे संबंधों के लिए उमड़े प्यार को दबाये रखकर अधिकाँश लोग ऐसी उम्र मैं प्रवेश कर जाते जहाँ वो अपने आप पर नियंत्रण रख सकें परन्तु कुछ लोग ऐसी दबी हुई कामनाओं के वशीभूत होकर इन्सेस्ट में लीन हो जाते है.

प्रिय मित्र, सामाजिक व्यवस्था, सामाजिक नियमों और सामाजिक मान्याताओं को तोड़ने वाले, विरोध करने वाले या विपथगामी (deviant) विचारधारा/ जीवनशैली अपनाने वालों के अनुपात का मूल्यांकन समाज में उनके प्रतिशत द्वारा ही किया जाता है, न की उनकी विशुद्ध संख्या (absolute numbers) से. आज जब भारत की जन संख्या १२० करोड़ से अधिक हो चुकी है और विश्व की जन संख्या ७०० करोड़ से अधिक हो चुकी है तो १% से भी कम छोटे समुदाय में भारत में ही उनकी संख्या लाखों में और विश्व में उससे लगभग सात गुनी हो जाती है. लाखों में संख्या हो जाने से इस तरह के किसी भी समुदाय का सम्बन्ध सूचक (relative) अनुपात कभी बड़ा नहीं हो जाता. भारत में और विश्व में चोर-उच्चकों की संख्या, वेश्याओं की संख्या, माओवादियों की संख्या, भिखारियों की संख्या भी लाखों में है, उसके कारण उनके तौर तरीके, चरित्र या आचरण को उचित या न्याय संगत नहीं ठहराया जा सकता. आज भी पुरे विश्व में तानाशाही/ फ़ासीवादी व्यवस्था का समर्थन करने वाले, रंगभेद नीति का समर्थन करने वाले, skin heads इत्यादी लाखों की संख्या में होंगे, परन्तु इस तरह की विचारधारा का समर्थन करने वाला समुदाय कितना छोटा है यह उनके विश्व जन संख्या में प्रतिशत के द्वारा बताया जाता है, उनकी विशुद्ध संख्या से नहीं.

आपने लिखा "परन्तु ऐसे रिश्ते अगर हो जाते हैं तो उनकी वजह से किसी को धिक्कारने के स्थान पर ऐसे प्रयास करे जिससे वो लोग स्वस्थ संबंधों की ओर अग्रसर होने की कोशिश करें". विचार अच्छा है, परन्तु मित्र ताली कभी एक हाथ से नहीं बजती. मैं मंच के किसी अन्य सूत्र पर भी यह लिख चुका हूँ, इन्सेस्ट सेक्स का कडा विरोधी होने के बावजूद मैंने इन्सेस्ट में लिप्त किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत रूप से तब तक विरोध नहीं किया जब तक किसी ने नितांत अतार्किक बात या वक्तव्य नहीं दिया या इन्सेस्ट को अत्यंत अतार्किक दलील के सहारे, झूठे/ अधूरे/ तोड़-मरोड़ कर पेश किए तथ्यों के आधार पर उचित ठहराने का प्रयाश नहीं किया. मित्र, गलती से इन्सेस्ट सेक्स करने और इन्सेस्ट सेक्स में कोई बुराई नहीं है इस सोच के साथ इन्सेस्ट सेक्स करने और उसे उचित ठहराने का प्रयाश करने में बहुत अंतर होता है. इस मंच के विभ्भिन सूत्रों पर लिखे कुछ वक्तव्य मैं पेश कर रहा हूँ:
१) bahen ko chodne jaisa anand world me nahi. behn ko chod kar dekho. aap anand se pagal ho jayenge.
२) rishto me chudai se zyada suraksha aur zyada anand milta hai.isase rishton me nazdikiya aur prem badhata hai .
३) चुदाई का कोई रिश्ता नहीं होती , एक ही रिश्ता होती है मज़ा , जिंदगी में मज़ा करना सुखद जिंदगी जीने का तरीका है
४) bahen ko chodna koi mushkil kam nahi. par ma ko chodne ke liye patana mushkil hai. agar pata liyato aur chod dala to aapke jaisa sukhi insan world me nahi. mummy ko dosto ke sath milkar chode to bahut maja ata hai. mai bayan nahi kar sakta.
५) चुदाई अपने आप में असीम आनंद देती है चाहे बहन को चोदो या माँ को
६) सेक्स को परिवार से जोड़कर देखना ही गलत है, सेक्स एक भूख है जो जिसके साथ भी मिट जाये अछि बात है, लड़का का रिश्ता जो भी हो
७) chut to chudne k liye hi hai, dosto, tum bahan samajhkar chhod denge, to koi aur chodega ....aakhir pyas to bujhegi...aise kitne bahane hain jo chudati hain ghar me bhaaya se, lekin bate bahar nahi aati ...fir bhi unki izzat te samaj me bani rahti है
८) haa yaar.. benchod banne me bahut maza hai..
9) sahi baat hai.. bahan ko to chodna hi chahiye

अब आप बताइए की इस तरह की विचारधारा रखने वालों को आप किस तरह के प्रयाश कर के उन्हें स्वस्थ संबंधों की ओर अग्रसर करेंगे? यहाँ यह बताना भी अत्यंत आवश्यक है कि मेरे जिस पोस्ट को आपने उद्घृत किया है वह पोस्ट मुझे क्यों लिखना पडा. एक महाशय ने वक्तव्य लिखा था:
"ham apni behan ko kisi aur se kyo chudne de itne naamard bhi nahi hum k koi hamari behan chod le aur hum bus muh taakte रहे". इस तरह के वक्तव्य का मेरे द्वारा विरोध करना ना केवल न्यायोचित था, जरुरी भी था. इस वक्तव्य के विरोध में लिखे मेरे पोस्ट पर जो प्रतिक्रया की गई वह पोस्ट भी आप पढ़िए; उसके उत्तर में जो पोस्ट लिखा गया वह आप पढ़िए और फिर मुझे बताइए कि मैंने जो लिखा वह जरुरी था या नहीं.

abcl42
25-12-2011, 07:47 PM
प्रिय मित्र Kharghar जी आप की पोस्ट पढ़ कर काफी जानकारी मिलती रहती है , एक अन्य सूत्र पर भी आपका पोस्ट पढ़ा था , यह तो निशित है की आप अन्तर्वासना फोरम के नियमित सदस्य है और आप की सूत्रों की जानकारी काफी अच्छी है, आप जब भी कुछ लिखते है तो पूरा रिसर्च करने बाद, पुरे सूत्र में कहाँ पर क्या पोस्ट है यह सब भ्रमण करने के बाद ही पता चल पाता है , आप न केवल भ्रमण करते है बल्कि उनको एकत्र कर अपने जवाब में शामिल करते हैं. यदि आपको आनंद न आये तो आप ऐसा क्यों करेंगे . आप को बहुत धन्यवाद /

कृपया एक बात सच्चाई से लिखियेगा - आपको अन्तर्वासना फोरम पर भ्रमण करने में ( विशेष रूप से अगम्यगाम्य सूत्र पर ) आपको आनंद आता है अथवा नहीं ? - आपको इन्सेस्ट सेक्स की बातें पढ़ कर उत्तेजना होती है अथवा नहीं ? आप इस पोस्ट का उत्तर दे अथवा न दें मानव व्यवहार को थोडा बहुत मैं भी जानता हूँ, जिस कार्य में व्यक्ति को आनंद नहीं आता वोह उस कार्य में अपना समय नहीं लगाता .
इन प्रश्नों का मेरा उत्तर तो हाँ में ही है, मैं ये स्वीकार करता हूँ की मुझे फोरम पर आनंद आता है, इन्सेस्ट उत्तेजक है और इसे पढने में आनंद आता है (वास्तविक में यह सम्बन्ध स्थायी नहीं हो सकते)

kharghar
26-12-2011, 12:13 AM
प्रिय मित्र Kharghar जी आप की पोस्ट पढ़ कर काफी जानकारी मिलती रहती है , एक अन्य सूत्र पर भी आपका पोस्ट पढ़ा था , यह तो निशित है की आप अन्तर्वासना फोरम के नियमित सदस्य है और आप की सूत्रों की जानकारी काफी अच्छी है, आप जब भी कुछ लिखते है तो पूरा रिसर्च करने बाद, पुरे सूत्र में कहाँ पर क्या पोस्ट है यह सब भ्रमण करने के बाद ही पता चल पाता है , आप न केवल भ्रमण करते है बल्कि उनको एकत्र कर अपने जवाब में शामिल करते हैं. यदि आपको आनंद न आये तो आप ऐसा क्यों करेंगे . आप को बहुत धन्यवाद /

कृपया एक बात सच्चाई से लिखियेगा - आपको अन्तर्वासना फोरम पर भ्रमण करने में ( विशेष रूप से अगम्यगाम्य सूत्र पर ) आपको आनंद आता है अथवा नहीं ? - आपको इन्सेस्ट सेक्स की बातें पढ़ कर उत्तेजना होती है अथवा नहीं ? आप इस पोस्ट का उत्तर दे अथवा न दें मानव व्यवहार को थोडा बहुत मैं भी जानता हूँ, जिस कार्य में व्यक्ति को आनंद नहीं आता वोह उस कार्य में अपना समय नहीं लगाता .
इन प्रश्नों का मेरा उत्तर तो हाँ में ही है, मैं ये स्वीकार करता हूँ की मुझे फोरम पर आनंद आता है, इन्सेस्ट उत्तेजक है और इसे पढने में आनंद आता है (वास्तविक में यह सम्बन्ध स्थायी नहीं हो सकते)

प्रिय मित्र, सबसे पहले तो मैं आभार प्रकट करना चाहता हूँ कि आपको मेरे पोस्ट जानकारी देने वाले लगे. मैं आत्म प्रशंसा का कोई प्रयाश नहीं करना चाहता, परन्तु यह सच है कि मैं जहाँ तक हो सके जरुरी शोध किए बिना पोस्ट नहीं लिखता. शायद इससे भी ज्यादा महत्तवपूर्ण मैं इस बात को समझता हूँ कि जब कोई भी व्यक्ति सत्य, तर्क, विवेक और दृढ़ निश्चय से निर्भयता से कोई बात लिखता है तो गलत नहीं हो सकता.

बहुत सारे सदस्यों ने कुतूहलता पूर्वक तो कुछ सदस्यों ने क्रोध पूर्वक और कुछ सदस्यों ने काफी अश्लीलता पूर्वक मुझे और मेरे जैसे अन्य इन्सेस्ट के विरोधियों से पूछा है कि हम इन सूत्रों का भ्रमण क्यों करते हैं. मुझेअगम्यागमन सूत्र का भ्रमण करने में कोई आनंद नहीं आता, हां इन्सेस्ट का समर्थन करने वालों के तर्क और सोचने के तरीके से दुःख जरूर होता है. मैं इस बात को पहले भी लिख चुका हूँ कि मैं और मेरी पत्नी जिस जीवन शैली या विचारधारा से हम सहमत नहीं हैं उनके तर्क और विचारों को जानने का प्रयत्न जरूर करते हैं; क्योंकी यह जाने बिना हम यह नहीं जान सकते कि हमारे अनुसार वे क्यों गलत हैं या क्यों हम उस विचारधारा या जीवनशैली को गलत मानते हैं. यूरोप में जब मैं देश की अहम् रक्षा परियोजना के हेतु काम कर रहा था तो मैंने मेरी team के कुछ सदस्यों को skin heads द्वारा हमें निशाना बना कर किए बम विस्फोट से बाल-बाल बचते देखा है, उसके बावजूद मैंने skin heads से बात कर के उनकी विचारधारा को जानने का, विदेशियों से वे क्यों अपनी संस्कृति पर ख़तरा मानते हैं यह जानने का प्रयत्न किया; इसका मतलब यह नहीं था कि मैं उनके तौर-तरीके या विचारशैली को सही समझता हूँ. मुझे इन्सेस्ट सेक्स के बारे में पढ़ कर कोई उत्तेजना नहीं होती. मैं इन्सेस्ट के विरोध में अपनी बात को शालीनता से बताना चाहता हूँ, जब तक कोई मुझे मजबूर ना करे मैं सभी को आदरपूर्वक संबोधित करता हूँ; परन्तु अगर कोई अश्लील भाषा पर उतर आए या आदरपूर्वक संबोधन करने की स्वस्थ परम्परा को भूल जाए तो उसे उपयुक्त उत्तर उसी की भाषा में देना भी मैं जानता हूँ. वैसे मैं एक बात और बताना चाहता हूँ, हिंदी में लिखने का मैं बिलकुल आदी नहीं हूँ ना मुझे ज्यादा अच्छी हिंदी आती है, परन्तु जहाँ तक हो सके हिंदी में लिखने का प्रयत्न जरूर करता हूँ; मैं नहीं जानता कितनी त्रुटियाँ रह जाती हे.

mtl.shah
26-12-2011, 05:40 AM
आप बहन चोद ही क्यों बनना चाहते हैं?

mtl.shah
26-12-2011, 08:06 AM
में भी अपनी भाई से चुदती हु. क्योकि ये उन का हक़ है. कयोकी वो हमारी छोटी-छोटी बातो का इतना ख्याल रखते है. और हम चुदाते वक्त किसी और से चुदा लेती है. क्या उन का हमारे उपर कोई हक़ नहीं होता. जब हम जवान होती है तो हमारे साथ-साथ वो भी जवान होते है .वो भी जवानी की आग मे जलते है. उनहे भी हमारे जिस्म की और जवानी की भूख होती है . और हम लडकिय भी कितनी आसानी से अपनी जवानी का नायाब तोहफा किसी सड़क छाप या आवारा लडके के ऊपर लुटा देती है. और वही आवारा लड़का बाद मे हमे जबरदस्ती खुद भी और अपने दोस्तों से भी चुदवाता है .और बदनामी का दर भी हमेशा बना रहता है.और दूसरी और हमारे भाई हमे और हमारे बूब्स दूर से ही देखकर बस हमारे नाम की दिन-रात मुठ मारते रहते है .कितनी अफ़सोस की बात है की जीस भाई के साथ हमारा खून का रिश्ता होता है और जो हमे माँ बाप के बाद सबसे करीबी होता है. उसे ही हम हमारी जवानी की फसल से दूर रखते है .हमारी जवानी के फल उसे खिलाना तो दूर हम उनहे अपने फलो को चखने तक नहीं देते. हमे किसी चीज की जरुरत होती है तो हम उनसे हक़ से मागती है. तो के हमारा काम नहीं है की हम उनकी जरुरत को समजे, और क्या भाई का लंड लंड नहीं होता . उससे चुदने पैर मज़ा नहीं आती. मे तो कहती हु की हमें हमारा पहला बच्चा भी हमे हमारे भाई के लंड से ही पेदा करना चाहिए. और हमे शादी भी तभी करना चाहिए जब तक हमारी चुद का हमारे भाई के लंड से चुद-चुद कर भोसड़ा न हो जाये.
और अंत मे इस मंच के विभ्भिन सूत्रों पर लिखे कुछ वक्तव्य मैं पेश कर रही हूँ:
१) bahen ko chodne jaisa anand world me nahi. behn ko chod kar dekho. aap anand se pagal ho jayenge.
२)rishto me chudai se zyada suraksha aur zyada anand milta hai.isase rishton me nazdikiya aur prem badhata hai .
३)चुदाई का कोई रिश्ता नहीं होती , एक ही रिश्ता होती है मज़ा , जिंदगी में मज़ा करना सुखद जिंदगी जीने का तरीका है
४) bahen ko chodna koi mushkil kam nahi. par ma ko chodne ke liye patana mushkil hai. agar pata liyato aur chod dala to aapke jaisa sukhi insan world me nahi. mummy ko dosto ke sath milkar chode to bahut maja ata hai. mai bayan nahi kar sakta.
५) चुदाई अपने आप में असीम आनंद देती है चाहे बहन को चोदो या माँ को
६) सेक्स को परिवार से जोड़कर देखना ही गलत है, सेक्स एक भूख है जो जिसके साथ भी मिट जाये अछि बात है, लड़का का रिश्ता जो भी हो
७) chut to chudne k liye hi hai, dosto, tum bahan samajhkar chhod denge, to koi aur chodega ....aakhir pyas to bujhegi...aise kitne bahane hain jo chudati hain ghar me bhaaya se, lekin bate bahar nahi aati ...fir bhi unki izzat te samaj me bani rahti है
८) haa yaar.. benchod banne me bahut maza hai..
9) sahi baat hai.. bahan ko to chodna hi chahiye . :bloom::lips::bloom:

Anjali_Trivedi
27-12-2011, 03:23 PM
में भी अपनी भाई से चुदती हु. क्योकि ये उन का हक़ है. कयोकी वो हमारी छोटी-छोटी बातो का इतना ख्याल रखते है. और हम चुदाते वक्त किसी और से चुदा लेती है. क्या उन का हमारे उपर कोई हक़ नहीं होता. जब हम जवान होती है तो हमारे साथ-साथ वो भी जवान होते है .वो भी जवानी की आग मे जलते है. उनहे भी हमारे जिस्म की और जवानी की भूख होती है . और हम लडकिय भी कितनी आसानी से अपनी जवानी का नायाब तोहफा किसी सड़क छाप या आवारा लडके के ऊपर लुटा देती है. और वही आवारा लड़का बाद मे हमे जबरदस्ती खुद भी और अपने दोस्तों से भी चुदवाता है .और बदनामी का दर भी हमेशा बना रहता है.और दूसरी और हमारे भाई हमे और हमारे बूब्स दूर से ही देखकर बस हमारे नाम की दिन-रात मुठ मारते रहते है .कितनी अफ़सोस की बात है की जीस भाई के साथ हमारा खून का रिश्ता होता है और जो हमे माँ बाप के बाद सबसे करीबी होता है. उसे ही हम हमारी जवानी की फसल से दूर रखते है .हमारी जवानी के फल उसे खिलाना तो दूर हम उनहे अपने फलो को चखने तक नहीं देते. हमे किसी चीज की जरुरत होती है तो हम उनसे हक़ से मागती है. तो के हमारा काम नहीं है की हम उनकी जरुरत को समजे, और क्या भाई का लंड लंड नहीं होता . उससे चुदने पैर मज़ा नहीं आती. मे तो कहती हु की हमें हमारा पहला बच्चा भी हमे हमारे भाई के लंड से ही पेदा करना चाहिए. और हमे शादी भी तभी करना चाहिए जब तक हमारी चुद का हमारे भाई के लंड से चुद-चुद कर भोसड़ा न हो जाये. --------------------------------- ८)[/B] haa yaar.. benchod banne me bahut maza hai.. 9) sahi baat hai.. bahan ko to chodna hi chahiye . :bloom::lips::bloom:[/FONT] इस मंच पर आज तक मैंने ऐसे बहुत से सदस्यों के पोस्ट पढ़े जिनसे साफ़ पता चल जाता है कि अपने आप को स्त्री बताने वाले यह सदस्य वास्तव में पुरुष हैं. अभी हाल में एक सदस्य ने तो खुलकर इस बात को स्वीकारा भी. mtl.shah के प्रोफाइल से भी एक पुरुष अपने आप को स्त्री बताने की नाकामयाब कोशिश कर रहा है. मेरे अनुसार Fantasies और वास्तविकता में जो अंतर करना नहीं जानते, अपनी इच्छाओं को जो पुरी नहीं कर पाए चाहे वे कितनी ही गलत, गैर-कानूनी, असामाजिक और चरित्रहीनता को उजागर करने वाली क्यों ना हो, या जो इस तरह के कर्मों को और उससे उत्त्पन्न हुई अपराध भावना से त्रस्त हें वे लोग ही इस तरह के हथकंडे अपनाते है. मैं mtl.shah महोदय से कुछ प्रश्न पूछना चाहती हूँ: १) "और हम चुदाते वक्त किसी और से चुदा लेती है. क्या उन का हमारे उपर कोई हक़ नहीं होता. जब हम जवान होती है तो हमारे साथ-साथ वो भी जवान होते है .वो भी जवानी की आग मे जलते है. उनहे भी हमारे जिस्म की और जवानी की भूख होती है . और हम लडकिय भी कितनी आसानी से अपनी जवानी का नायाब तोहफा किसी सड़क छाप या आवारा लडके के ऊपर लुटा देती है". महोदय, आज भी इस देश की लड़कियों/ स्त्रियों का बहुमत अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण करना जानता है, इस तरह के असामाजिक कर्म में लिप्त नहीं है. आप बहन/ बहनों को जैसी चाहते हो वैसी बहन/ बहने तो शायद २% परिवार में ही मिलेगी (अभी हाल में ही श्री kharghar ने INDIA TODAY में छपे sex survey-2011 का हवाला दे कर इसे बहुत तर्कपूर्ण तरीके से बताया है). यहाँ यह समझना बहुत जरुरी है कि premarital sex में लिप्त लड़कियों का प्रतिशत जरूर इससे काफी बड़ा होगा, पर यहाँ चर्चा इन्सेस्ट की हो रही है. २) जिस तरह से आप महाशय बताने का प्रयत्न कर रहे हो कि आप कितनी अच्छी तरह से अपनी बहन की जरूरतों का ध्यान रखते हो, तो क्या अन्य सभी भाई ऐसा नहीं करते? जब सभी घरों में आपके जैसे अछे भाई हैं तो आपकी बहन किसी ऐरे-गैरे से यौन सम्बन्ध, यदि यौन की उसकी इच्छा पर उसे नियंत्रण नहीं भी है, क्यों बनायगी? इसी तर्क को अगर मैं थोड़ा आगे ले जाऊ, तो हर घर में जब आपके जैसे शालीन! भाई है तो सड़क छाप आवारा लडके आयेगे कहाँ से? महोदय, वास्तविकता तो यह है कि अधिकतर घरों में संस्कारी और चरित्रवान लडके और लडकियां रहती हैं, लड़कियों को आपके जैसे सड़क छाप आवारा लड़कों से बचने की जरुरत है. ३) महाशय, क्या आप यह बताने का कष्ट करेंगे कि जिन घरों में केवल एक बेटा या बेटी होती है, या जिन घरों में केवल दो भाई या दो बहने होती है, वहाँ क्या होगा? ४) "मे तो कहती हु की हमें हमारा पहला बच्चा भी हमे हमारे भाई के लंड से ही पेदा करना चाहिए. और हमे शादी भी तभी करना चाहिए जब तक हमारी चुद का हमारे भाई के लंड से चुद-चुद कर भोसड़ा न हो जाये". महोदय, आप विवाह भी अपनी बहन से ही क्यों नहीं कर लेते? बेटी की जरूरतों का ध्यान तो एक पिता भी रखता है और बेटे की जरूरतों का ध्यान माँ भी रखती है, आपके तर्क के अनुसार तो बेटी पर पिता का और पुत्र पर माँ का पहला हक्क होना चाहिए. शायद आपकी माँ ने आपको बताया होगा कि आपके सद्विचारों का अनुकरण कर के उन्होंने तुम्हारे मामा/ मामाओं से ही तुम्हे या तुम्हारी बहन को जन्म दिया था.

abcl42
27-12-2011, 09:29 PM
प्रिय मित्र, सबसे पहले तो मैं आभार प्रकट करना चाहता हूँ कि आपको मेरे पोस्ट जानकारी देने वाले लगे. मैं आत्म प्रशंसा का कोई प्रयाश नहीं करना चाहता, परन्तु यह सच है कि मैं जहाँ तक हो सके जरुरी शोध किए बिना पोस्ट नहीं लिखता. शायद इससे भी ज्यादा महत्तवपूर्ण मैं इस बात को समझता हूँ कि जब कोई भी व्यक्ति सत्य, तर्क, विवेक और दृढ़ निश्चय से निर्भयता से कोई बात लिखता है तो गलत नहीं हो सकता.

बहुत सारे सदस्यों ने कुतूहलता पूर्वक तो कुछ सदस्यों ने क्रोध पूर्वक और कुछ सदस्यों ने काफी अश्लीलता पूर्वक मुझे और मेरे जैसे अन्य इन्सेस्ट के विरोधियों से पूछा है कि हम इन सूत्रों का भ्रमण क्यों करते हैं. मुझेअगम्यागमन सूत्र का भ्रमण करने में कोई आनंद नहीं आता, हां इन्सेस्ट का समर्थन करने वालों के तर्क और सोचने के तरीके से दुःख जरूर होता है. मैं इस बात को पहले भी लिख चुका हूँ कि मैं और मेरी पत्नी जिस जीवन शैली या विचारधारा से हम सहमत नहीं हैं उनके तर्क और विचारों को जानने का प्रयत्न जरूर करते हैं; क्योंकी यह जाने बिना हम यह नहीं जान सकते कि हमारे अनुसार वे क्यों गलत हैं या क्यों हम उस विचारधारा या जीवनशैली को गलत मानते हैं. यूरोप में जब मैं देश की अहम् रक्षा परियोजना के हेतु काम कर रहा था तो मैंने मेरी team के कुछ सदस्यों को skin heads द्वारा हमें निशाना बना कर किए बम विस्फोट से बाल-बाल बचते देखा है, उसके बावजूद मैंने skin heads से बात कर के उनकी विचारधारा को जानने का, विदेशियों से वे क्यों अपनी संस्कृति पर ख़तरा मानते हैं यह जानने का प्रयत्न किया; इसका मतलब यह नहीं था कि मैं उनके तौर-तरीके या विचारशैली को सही समझता हूँ. मुझे इन्सेस्ट सेक्स के बारे में पढ़ कर कोई उत्तेजना नहीं होती. मैं इन्सेस्ट के विरोध में अपनी बात को शालीनता से बताना चाहता हूँ, जब तक कोई मुझे मजबूर ना करे मैं सभी को आदरपूर्वक संबोधित करता हूँ; परन्तु अगर कोई अश्लील भाषा पर उतर आए या आदरपूर्वक संबोधन करने की स्वस्थ परम्परा को भूल जाए तो उसे उपयुक्त उत्तर उसी की भाषा में देना भी मैं जानता हूँ. वैसे मैं एक बात और बताना चाहता हूँ, हिंदी में लिखने का मैं बिलकुल आदी नहीं हूँ ना मुझे ज्यादा अच्छी हिंदी आती है, परन्तु जहाँ तक हो सके हिंदी में लिखने का प्रयत्न जरूर करता हूँ; मैं नहीं जानता कितनी त्रुटियाँ रह जाती हे.

आपके त्वरित उत्तर के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, skin heads की क्या मान्यता है और किस प्रकार ये अपना विरोध प्रकट करते है जरा विस्तार से लिखिए,

abcl42
27-12-2011, 09:37 PM
इस मंच पर आज तक मैंने ऐसे बहुत से सदस्यों के पोस्ट पढ़े जिनसे साफ़ पता चल जाता है कि अपने आप को स्त्री बताने वाले यह सदस्य वास्तव में पुरुष हैं. अभी हाल में एक सदस्य ने तो खुलकर इस बात को स्वीकारा भी. mtl.shah के प्रोफाइल से भी एक पुरुष अपने आप को स्त्री बताने की नाकामयाब कोशिश कर रहा है. मेरे अनुसार Fantasies और वास्तविकता में जो अंतर करना नहीं जानते, अपनी इच्छाओं को जो पुरी नहीं कर पाए चाहे वे कितनी ही गलत, गैर-कानूनी, असामाजिक और चरित्रहीनता को उजागर करने वाली क्यों ना हो, या जो इस तरह के कर्मों को और उससे उत्त्पन्न हुई अपराध भावना से त्रस्त हें वे लोग ही इस तरह के हथकंडे अपनाते है. मैं mtl.shah महोदय से कुछ प्रश्न पूछना चाहती हूँ: १) "और हम चुदाते वक्त किसी और से चुदा लेती है. क्या उन का हमारे उपर कोई हक़ नहीं होता. जब हम जवान होती है तो हमारे साथ-साथ वो भी जवान होते है .वो भी जवानी की आग मे जलते है. उनहे भी हमारे जिस्म की और जवानी की भूख होती है . और हम लडकिय भी कितनी आसानी से अपनी जवानी का नायाब तोहफा किसी सड़क छाप या आवारा लडके के ऊपर लुटा देती है". महोदय, आज भी इस देश की लड़कियों/ स्त्रियों का बहुमत अपनी यौन इच्छाओं पर नियंत्रण करना जानता है, इस तरह के असामाजिक कर्म में लिप्त नहीं है. आप बहन/ बहनों को जैसी चाहते हो वैसी बहन/ बहने तो शायद २% परिवार में ही मिलेगी (अभी हाल में ही श्री kharghar ने INDIA TODAY में छपे sex survey-2011 का हवाला दे कर इसे बहुत तर्कपूर्ण तरीके से बताया है). यहाँ यह समझना बहुत जरुरी है कि premarital sex में लिप्त लड़कियों का प्रतिशत जरूर इससे काफी बड़ा होगा, पर यहाँ चर्चा इन्सेस्ट की हो रही है. २) जिस तरह से आप महाशय बताने का प्रयत्न कर रहे हो कि आप कितनी अच्छी तरह से अपनी बहन की जरूरतों का ध्यान रखते हो, तो क्या अन्य सभी भाई ऐसा नहीं करते? जब सभी घरों में आपके जैसे अछे भाई हैं तो आपकी बहन किसी ऐरे-गैरे से यौन सम्बन्ध, यदि यौन की उसकी इच्छा पर उसे नियंत्रण नहीं भी है, क्यों बनायगी? इसी तर्क को अगर मैं थोड़ा आगे ले जाऊ, तो हर घर में जब आपके जैसे शालीन! भाई है तो सड़क छाप आवारा लडके आयेगे कहाँ से? महोदय, वास्तविकता तो यह है कि अधिकतर घरों में संस्कारी और चरित्रवान लडके और लडकियां रहती हैं, लड़कियों को आपके जैसे सड़क छाप आवारा लड़कों से बचने की जरुरत है. ३) महाशय, क्या आप यह बताने का कष्ट करेंगे कि जिन घरों में केवल एक बेटा या बेटी होती है, या जिन घरों में केवल दो भाई या दो बहने होती है, वहाँ क्या होगा? ४) "मे तो कहती हु की हमें हमारा पहला बच्चा भी हमे हमारे भाई के लंड से ही पेदा करना चाहिए. और हमे शादी भी तभी करना चाहिए जब तक हमारी चुद का हमारे भाई के लंड से चुद-चुद कर भोसड़ा न हो जाये". महोदय, आप विवाह भी अपनी बहन से ही क्यों नहीं कर लेते? बेटी की जरूरतों का ध्यान तो एक पिता भी रखता है और बेटे की जरूरतों का ध्यान माँ भी रखती है, आपके तर्क के अनुसार तो बेटी पर पिता का और पुत्र पर माँ का पहला हक्क होना चाहिए. शायद आपकी माँ ने आपको बताया होगा कि आपके सद्विचारों का अनुकरण कर के उन्होंने तुम्हारे मामा/ मामाओं से ही तुम्हे या तुम्हारी बहन को जन्म दिया था.

अंजलि त्रिवेदी जी, ये जानते हुए, की ये प्रोफाइल एक पुरुष की है आप समझ गयी होंगी की ये फंटेसी है (कल्पना लोक की कहानी ) कोई बहन जो वास्तव में अपने भाई से सम्बन्ध रख चुकी हो वो भी ऐसे नहीं लिख सकती

kharghar
28-12-2011, 12:46 AM
आपके त्वरित उत्तर के लिए बहुत बहुत धन्यवाद, skin heads की क्या मान्यता है और किस प्रकार ये अपना विरोध प्रकट करते है जरा विस्तार से लिखिए,

वैसे यह विषय इस मंच पर चल रहे इस सूत्र से बिल्कुल भिन्न है, परन्तु आप ने पूछा तो मैं कुछ जानकारी दे रहा हूँ. हिंदी में लिखने में बहुत मेहनत करनी पड़ती और समय भी लगता जो अभी मरे पास नहीं है, अंग्रेजी में लिखने के लिए क्षमा चाहता हूँ.

The skinhead style first emerged as part of a non-racist and multiracial scene. White skinheads took on a persona that reflected admiration for and kinship with a new generation of working-class West Indian immigrants into the United Kingdom. Like the Jamaican immigrants of the time, the first skinheads were clean-cut, neat, and sharp-looking compared to the shaggier youth styles of the period.


Many early white skinheads were vaguely nationalistic and "proud to be British," but their deepest loyalties lay with their childhood chums and the local soccer team, not the "white race," as professed by today's racist skinheads. While known for their youthful aggression, petty criminality, and soccer stadium violence, this activity was seen as borne out of economic hardship and a general spirit of bully-boy rebellion — not blind race hatred.

But a split between racist and non-racist skinheads was apparent and began deepening soon after the style was born. By the early '70s, skinhead attacks on South Asian immigrants in London — the infamous sport of "Paki bashing" — had become an international news story. These violent skinheads had not yet acquired the trappings of neo-Nazi costumes and ideology, but they were already acting like Hitler's goon squads, the brown shirts.

During the early to mid-'70s, England's skinheads went into temporary decline. They experienced a revival in 1976, when a new generation of skinheads started earning a fresh reputation for violence through attacks on punks, gay men and lesbians, and immigrants.

Fueling these attacks and cementing the new racist skinhead identity was increasing association with two neofascist political parties, the National Front and the British Movement. The latter, founded by long-time neo-Nazi Colin Jordan in 1968, did the most to stamp a swastika on the racist sector of the skinhead movement. The British Movement ran candidates in the 1974 U.K. general elections who espoused neo-Nazi ideas and wore swastikas while handing out party literature featuring the image and words of Adolf Hitler. In 1975, the British Movement gained a charismatic leader in the form of Michael McLaughlin, who reached out to the racist skinheads and appealed to their sensibilities and skills by emphasizing violence and street-level hate.

Between the arrival of Michael McLaughlin in 1975 and the election of Margaret Thatcher as British prime minister in 1979, the first hardcore neo-Nazi skinheads were born. By the late 1970s, the mass media, and subsequently the general public, had largely come to view the skinhead subculture as one that promotes racism and neo-Nazism. The white power and neo-Nazi skinhead subculture eventually spread to North America, Europe and other areas of the world.

As of today, skinheads are engaged in lot of violent attacks on immigrants and Asian races because of economic considerations, racial considerations and above all since they think that their nationality and culture is being threatened due to these ethnic minorities and immigrants. Surprisingly, though Russia suffered most in their fight against Nazis, today there are at least 50,000 skinheads in Russia, which account for around 50% of total skinheads, and their ideology is almost diametrically opposite to what the generation of Russians fought for some 70 years ago.

MASTRAAM
28-12-2011, 11:44 PM
में भी अपनी भाई से चुदती हु. क्योकि ये उन का हक़ है. कयोकी वो हमारी छोटी-छोटी बातो का इतना ख्याल रखते है. और हम चुदाते वक्त किसी और से चुदा लेती है. क्या उन का हमारे उपर कोई हक़ नहीं होता. जब हम जवान होती है तो हमारे साथ-साथ वो भी जवान होते है .वो भी जवानी की आग मे जलते है. उनहे भी हमारे जिस्म की और जवानी की भूख होती है . और हम लडकिय भी कितनी आसानी से अपनी जवानी का नायाब तोहफा किसी सड़क छाप या आवारा लडके के ऊपर लुटा देती है. और वही आवारा लड़का बाद मे हमे जबरदस्ती खुद भी और अपने दोस्तों से भी चुदवाता है .और बदनामी का दर भी हमेशा बना रहता है.और दूसरी और हमारे भाई हमे और हमारे बूब्स दूर से ही देखकर बस हमारे नाम की दिन-रात मुठ मारते रहते है .कितनी अफ़सोस की बात है की जीस भाई के साथ हमारा खून का रिश्ता होता है और जो हमे माँ बाप के बाद सबसे करीबी होता है. उसे ही हम हमारी जवानी की फसल से दूर रखते है .हमारी जवानी के फल उसे खिलाना तो दूर हम उनहे अपने फलो को चखने तक नहीं देते. हमे किसी चीज की जरुरत होती है तो हम उनसे हक़ से मागती है. तो के हमारा काम नहीं है की हम उनकी जरुरत को समजे, और क्या भाई का लंड लंड नहीं होता . उससे चुदने पैर मज़ा नहीं आती. मे तो कहती हु की हमें हमारा पहला बच्चा भी हमे हमारे भाई के लंड से ही पेदा करना चाहिए. और हमे शादी भी तभी करना चाहिए जब तक हमारी चुद का हमारे भाई के लंड से चुद-चुद कर भोसड़ा न हो जाये.

आप पक्की चुद्दक्कड़ सामान लगाती है | जिस तरह आपने अपनी छिनाल होने का सबूत पेश किया है उसको देखकर मुझे आश्चर्य होता है .आज तक मैंने आप जैसी चूत्वाली नहीं देखी | कृपया अपने चूत के हमें भी दर्शन कराओ ...हम उसे अगरबत्ती दिखाकर पूजा करेंगे ..साथ में विशेष चुदाई वाला भजन भी गायेंगे | दुआ करेंगे की तुम जैसी लडकियां पैदा होती रहें और इस संसार का कल्याण करती रहें ....ये बन्दा अपना लंड झुकाकर सलाम करता है | आपका भाई कितना किस्मतवाला है की उसके घर में उसकी बहने उससे रोज चुदवाती है ...एक हम हैं ...हमारी किस्मत तो गधे के लंड से लिखी गयी है इसीलिए यहाँ पर बैठकर माँ – बहनों को चोदने को बुरा कह रहें हैं | कृपया हमें भी अपना भाई बना लें ....

abcl42
28-12-2011, 11:48 PM
Dear Friend Kharghar ji, Thanks for writing on skinheads., It is like aparthed (rangbhed). racism on the basis of origin of a man, As you have mentioned
'As of today, skinheads are engaged in lot of violent attacks on immigrants and Asian races because of economic considerations,'. Really it is against huminity and civilisation. Thanks

abcl42
29-12-2011, 10:09 PM
आप पक्की चुद्दक्कड़ सामान लगाती है | जिस तरह आपने अपनी छिनाल होने का सबूत पेश किया है उसको देखकर मुझे आश्चर्य होता है .आज तक मैंने आप जैसी चूत्वाली नहीं देखी | कृपया अपने चूत के हमें भी दर्शन कराओ ...हम उसे अगरबत्ती दिखाकर पूजा करेंगे ..साथ में विशेष चुदाई वाला भजन भी गायेंगे | दुआ करेंगे की तुम जैसी लडकियां पैदा होती रहें और इस संसार का कल्याण करती रहें ....ये बन्दा अपना लंड झुकाकर सलाम करता है | आपका भाई कितना किस्मतवाला है की उसके घर में उसकी बहने उससे रोज चुदवाती है ...एक हम हैं ...हमारी किस्मत तो गधे के लंड से लिखी गयी है इसीलिए यहाँ पर बैठकर माँ – बहनों को चोदने को बुरा कह रहें हैं | कृपया हमें भी अपना भाई बना लें ....
मित्र मस्तराम जी जो पोस्ट मित्र mtl.shah जी ने की है , उस पर आपका जवाब अति उत्तम लगा, लेकिन आप ये जानते हुए भी की श्रीमान mtl.shah जी स्त्री नहीं है अतः आप की इच्छा वे पूरी नहीं कर सकते / सकती, आपकी प्रार्थना पूरी नहीं हो पायेगी. लेकिन आपके जवाब से पूरा मजा आ गया धन्यवाद

Ratan.raj
01-01-2012, 11:44 PM
Mai to samajta hu ki sex ke mamle me rishte nahi dekhna chaiye.

encee
02-01-2012, 05:55 AM
[QUOTE=kharghar;

Anjali_Trivedi जी और KHARGHAR जी मैं एक प्रश्न आप लोगों से पूछना चाहता हूँ कि कृपया बताएं कि जब आप अपने teenage से गुजरे थे तो सबसे पहले आपके मन में सेक्स को लेकर क्या विचार आये थे? किस प्रकार से सेक्स की जानकारी आपको सबसे पहले मिली थी.? और जब सेक्स के विचारों ने आप को घेरा था तो उत्तेजना में आप के ख्यालों में कौन आया.? मैं यह प्रश्न एक परिपक्व मस्तिष्क वाले व्यक्ति से नहीं पूछ रहा हूँ. वरन यौन संधि काल से गुजरने वाले व्यक्ति से पूछ रहा हूँ जिसे सेक्स का अधकचरा ज्ञान ही मिल पाता है और ऐसे ज्ञान में केवल विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षण ही उत्तेजना का स्रोत होता है. शायद आप के मन में भी आकर्षण हुआ होगा. परन्तु आपके संस्कारों ने आपको अपने आप पर नियंत्रण रखने में सहायता की होगी. और यह सच है कि प्रतिबंधित रिश्तों के साथ सेक्स न करने के संस्कार ही हमें अपनी कल्पनाओं को हकीकत में बदलने से रोकने में सहयोग भी करते हैं. लेकिन फिर भी कुछ लोग अपने पर नियाब्न्त्रण नहीं रख पाते हैं और इन्सेस्ट में लीन हो जाते हैं.
में स्वयं स्वीकार करता हूँ कि मेरे मन में मेरी बहनों के प्रति अपनी किशोरावस्था में विशेष आकर्षण था. क्योंकि मैंने १३ साल की आयु में जिस किताब को पढ़ा था वोह मस्तराम की किताब थी और पहली कहानी ही भाई बहन के संबंधों पर थी. परन्तु में यह भी स्वीकार करता हूँ कि यह आकर्षण केवल फंतासी ही था और समय के साथ साथ यह आकर्षण समाप्त हो गया.
मेरा यह भी मानना हैं कि ऐसे रिश्ते किशोरावस्था में ही सर्वाधिक होते हैं. और आयु बढ़ने के बाद कम होते चले जाते हैं. लेकिन फिर भी ऐसे रिश्ते क्यूं होते हैं? शायद किशोरावस्था की दबी हुई कामनाएं हमारी सोच को प्रभावित कर देती है या आधुनिक समाज का खुलापन या शायद कुछ और.
वैसे Anjali_Trivedi जी और KHARGHAR जी आप दोनों ही बधाई के पात्र हैं क्योंकि आपके द्वारा प्रस्तुत विश्लेषण तर्कपूर्ण होते हैं केवल गाली का उत्तर गाली नहीं. दूसरी और तर्क देकर जो लोग इन्सेस्ट को उचित ठहराने का प्रयास करते हैं वह केवल बचकाने प्रयास ही होते हैं. उदाहरण के लिए कुछ लोग किसी समाज की परंपरा का सहारा लेते हैं तो कुछ लोग पौराणिक चरित्रों का. जब कि ऐसे रिश्ते बनाने के लिय लोग शायद ही कभी इन परम्पराओं या चरित्रों से प्रेरित हुए हों. यह तो सीधा सीधा शरीर विज्ञानं का खेल है. लेकिन मेरा अभी भी मानना है कि ऐसे रिश्ते अगर परिस्थितिवश बन भी जाते हैं तो इसके पात्रों को उलाहना देने के बजाय उन्हें मानसिक सुद्रढ़ता की और प्रेरित किया जाए तो उचित है

abcl42
04-01-2012, 08:46 PM
[QUOTE=kharghar;

Anjali_Trivedi जी और KHARGHAR जी मैं एक प्रश्न आप लोगों से पूछना चाहता हूँ कि कृपया बताएं कि जब आप अपने teenage से गुजरे थे तो सबसे पहले आपके मन में सेक्स को लेकर क्या विचार आये थे? किस प्रकार से सेक्स की जानकारी आपको सबसे पहले मिली थी.? और जब सेक्स के विचारों ने आप को घेरा था तो उत्तेजना में आप के ख्यालों में कौन आया.? मैं यह प्रश्न एक परिपक्व मस्तिष्क वाले व्यक्ति से नहीं पूछ रहा हूँ. वरन यौन संधि काल से गुजरने वाले व्यक्ति से पूछ रहा हूँ जिसे सेक्स का अधकचरा ज्ञान ही मिल पाता है और ऐसे ज्ञान में केवल विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षण ही उत्तेजना का स्रोत होता है. शायद आप के मन में भी आकर्षण हुआ होगा. परन्तु आपके संस्कारों ने आपको अपने आप पर नियंत्रण रखने में सहायता की होगी. और यह सच है कि प्रतिबंधित रिश्तों के साथ सेक्स न करने के संस्कार ही हमें अपनी कल्पनाओं को हकीकत में बदलने से रोकने में सहयोग भी करते हैं. लेकिन फिर भी कुछ लोग अपने पर नियाब्न्त्रण नहीं रख पाते हैं और इन्सेस्ट में लीन हो जाते हैं.
में स्वयं स्वीकार करता हूँ कि मेरे मन में मेरी बहनों के प्रति अपनी किशोरावस्था में विशेष आकर्षण था. क्योंकि मैंने १३ साल की आयु में जिस किताब को पढ़ा था वोह मस्तराम की किताब थी और पहली कहानी ही भाई बहन के संबंधों पर थी. परन्तु में यह भी स्वीकार करता हूँ कि यह आकर्षण केवल फंतासी ही था और समय के साथ साथ यह आकर्षण समाप्त हो गया.
मेरा यह भी मानना हैं कि ऐसे रिश्ते किशोरावस्था में ही सर्वाधिक होते हैं. और आयु बढ़ने के बाद कम होते चले जाते हैं. लेकिन फिर भी ऐसे रिश्ते क्यूं होते हैं? शायद किशोरावस्था की दबी हुई कामनाएं हमारी सोच को प्रभावित कर देती है या आधुनिक समाज का खुलापन या शायद कुछ और.
वैसे Anjali_Trivedi जी और KHARGHAR जी आप दोनों ही बधाई के पात्र हैं क्योंकि आपके द्वारा प्रस्तुत विश्लेषण तर्कपूर्ण होते हैं केवल गाली का उत्तर गाली नहीं. दूसरी और तर्क देकर जो लोग इन्सेस्ट को उचित ठहराने का प्रयास करते हैं वह केवल बचकाने प्रयास ही होते हैं. उदाहरण के लिए कुछ लोग किसी समाज की परंपरा का सहारा लेते हैं तो कुछ लोग पौराणिक चरित्रों का. जब कि ऐसे रिश्ते बनाने के लिय लोग शायद ही कभी इन परम्पराओं या चरित्रों से प्रेरित हुए हों. यह तो सीधा सीधा शरीर विज्ञानं का खेल है. लेकिन मेरा अभी भी मानना है कि ऐसे रिश्ते अगर परिस्थितिवश बन भी जाते हैं तो इसके पात्रों को उलाहना देने के बजाय उन्हें मानसिक सुद्रढ़ता की और प्रेरित किया जाए तो उचित है

मित्र encee द्वारा कही बातों में सच्चाई है, किशोरावस्था में दुसरे (opposite ) सेक्स के प्रति आकर्षण स्वाभाविक है और कभी कभी परिस्थिति और वातावरण के कारन किशोर बाहेक जाते हैं, गलती ही जाती है, लेकिन ये क्षणिक होती है अर्थात स्थाई नहीं होती, ये कहना भी गलत है की इन ( प्रतिबंधित ) संबंधो के बाद अपराध बोध या मनुष्य में कुंठा आ जाती है, ये क्षणिक सम्बन्ध समय के साथ हवा में लुप्त हो जाते हैं,

kharghar
06-01-2012, 11:44 PM
[QUOTE=kharghar;

Anjali_Trivediजी और KHARGHARजी मैं एक प्रश्न आप लोगों से पूछना चाहता हूँ कि कृपया बताएं कि जब आप अपने teenage से गुजरे थे तो सबसे पहले आपके मन में सेक्स को लेकर क्या विचार आये थे? -----------------------लेकिन मेरा अभी भी मानना है कि ऐसे रिश्ते अगर परिस्थितिवश बन भी जाते हैं तो इसके पात्रों को उलाहना देने के बजाय उन्हें मानसिक सुद्रढ़ता की और प्रेरित किया जाए तो उचित है

प्रिय मित्र encee, सबसे पहले तो मैं आपको एक बहुत ही अच्छा पोस्ट लिखने के लिए बधाई देना चाहता हूँ, पढ़ कर बहुत प्रसन्नता हुई. पोस्ट तो ५-६ दिन पहले पढ़ा था परन्तु काम में इतना व्यस्त था कि उत्तर तुरंत नहीं दे सका.
किशोरावस्था से गुजरते हुए मेरे मन में शायद वही विचार आये जो किसी भी अन्य लडके के मन में आते हैं, सबसे पहले तो शारीर में आ रहे बदलावों के कारण जन्मी उत्सुकता, हो रहे बदलावों के कारण कभी कभी जन्मा भय, विपरीत लिंग के प्रति जन्मा आकर्षण, यौन शिक्षा के अभाव में और सही मार्गदर्शन के अभाव में कुछ हद तक इस आकर्षण के कारण अपराध बोध, इन सभी अनुभवों से मैं गुजरा हूँ. जहाँ तक सेक्स की जानकारी का सवाल हे तो वह तो मुझे ज्यादातर अच्छे स्टार के magazines, विज्ञान की किताबों वगेरह से ही मिला; माता-पिता दोने शिक्षा के क्षेत्र में कॉलेज में lecturer थे तो केवल अच्छे स्तर का साहित्य ही घर में आता था. engineering की शिक्षा प्राप्त करने तक माता-पिता के साथ रहता था तो मस्तराम जैसा साहित्य या अन्य किसी तरह के pornographic साहित्य को कभी पढ़ने का अवसर नहीं मिला. आपने जो अन्य प्रश्न पूछे हैं उनका जवाब आपको "आपकी राय : पारिवारिक सेक्स के बारे में" सूत्र में दिनांक १४/७/२०११ को लिखे मेरे पोस्ट में मिल जाएगे जिसका प्रसंगोचित हिस्सा मैं यहाँ दे रहा हूँ:
"सबसे पहले मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मैंने कभी पारिवारिक सदस्यों से शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाये और न कभी बनाना चाहता हूँ. इसमे "अंगूर खट्टें हैं" जैसी कोई बात नहीं है, मैंने या मेरे किसी परिवार के सदस्य ने यह रास्ता अपनाना सही नहीं समझा. वैसे भी ताली दो हाथों से बजती है, यदि मेरे परिवार के किसी सदस्य की इस तरह की इच्छा हुई भी हो तो कम से कम मेरे साथ तो इस तरह का कोई रिश्ता नहीं बन सकता था. मैं यह कभी नहीं कहूँगा कि बचपन से जवानी की तरफ के सफ़र मैं, खास कर वयसंधि के मुकाम पर, मैंने कभी अपनी बहनों को, अपनी माँ को, मेरे रिश्ते कि अन्य जवान या middle aged औरतों को कामुक दृष्टी से नहीं देखा या कभी उनको पात्र बना कर sexual fantasies नहीं की. यह तो एक मानसिक तौर और शारीरिक तौर से सामान्य लड़के या लड़की के बड़े होने के दरम्यान होने वाली सामान्य प्रक्रिया है, इसे झुठलाना बिलकुल गलत है. फर्क यह है कि वयस्क होने के दरम्यान होने वाली इस प्रक्रिया को, मन मैं उठने वालीं इन इच्छाओं को समझना, उन्हें स्वीकार करते हुए अपने मन पर संतुलन रखना और उन्हें क्षणिक सुख और शरीर में हो रहे उस समय के बदलावों को संतुष्ट करने वाली मीठी कल्पनाओं तक सिमित रखना. मैं इस दरम्यान पारिवारिक सदस्यों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने वाले या वयस्कता को पार करने के बाद भी उन्हें कायम रखने वाले देवियों/ सज्जनों को अपराधी नहीं समझता, न मैं उन्हें कोई भाषण देना चाहता हूँ. मैं इसे समाज के एक छोटे वर्ग के रूप मैं देखता हूँ जो पूर्ण नग्नता (nudist ) या समलैंगिक संबंधों को अपनाने वाले समाज के छोटे वर्ग की तरह है. इस तरह की जीवन राह चुनने वालों के अपने तर्क और उन्हें चुनने की उनकी आजादी को मैं स्वीकार करता हूँ. परन्तु मैं यह भी अपेक्षा करता हूँ कि इस तरह कि राह पर चलने वाले, चाहे उसे अपनाने के जो भी कारण हों, कम से कम इस बात को स्वीकार करें कि वे समाज के एक छोटे हिस्से को represent करतें हैं. मेरा विरोध अपनी चुनी हुई राह को यह स्वीकार किए बिना गलत तरह के तर्कों से उसे सही बताने के उनके प्रयासों से है."
आपने लिखा " लेकिन मेरा अभी भी मानना है कि ऐसे रिश्ते अगर परिस्थितिवश बन भी जाते हैं तो इसके पात्रों को उलाहना देने के बजाय उन्हें मानसिक सुद्रढ़ता की और प्रेरित किया जाए तो उचित है." मित्र, मैं आपकी बात से सहमत तो हूँ परन्तु यह केवल तभी संभव है जब इस तरह का रिश्ता बनाने वाले व्यक्ति को यह एहसास हो कि जो हुआ वह गलत था, उसके मन में इस बात का दुःख और पछतावा हो. मैं यह बात दावे के साथ कह सकता हूँ कि सेक्स सम्बन्धी अपराध या नाजायज रिश्ता बनाने वाला कोई भी व्यक्ति जो आत्मग्लानी अनुभव करता है, जिसे अपनी गलती का एहसास है, वह कभी उस रिश्ते या उस तरह के व्यवहार या काम को सही ठहराने का प्रयत्न नहीं करता; ना अपने अनुभव को कभी graphic detail में वर्णित करता है. समस्या यह है कि इस मंच पर या तो लोग अपने काल्पनिक रिश्तों का वर्णन कर रहे है, या अपनी कल्पनाओं को सच्चाई बताने का भोंडा प्रयत्न कर रहे हैं या उन्हें अपने किए का कोई पछतावा ही नहीं है.

bulbul
07-01-2012, 12:13 PM
MERI BEHEN KO DEKHNA HO...TO MERE FRIEND BANO AUR ALBUM MEIN DEKH LO

Friend Banney ko taiyar hoon

bulbul
07-01-2012, 12:23 PM
Re: बहनो की चर्चा
koi meri behan ko nai chodna chahta kya????? [/B]

Kab Se Taiyar Baithey hain

MASTRAAM
07-01-2012, 04:03 PM
Re: बहनो की चर्चा
koi meri behan ko nai chodna chahta kya????? [/B]

Kab Se Taiyar Baithey hain

हम सब मिलकर चोदना चाहतें हैं ...कितना लोगे ?

raj_kumar8741
07-01-2012, 04:06 PM
me chahta hu bhai,

MASTRAAM
07-01-2012, 04:20 PM
एक प्रश्न आप लोगों से पूछना चाहता हूँ कि कृपया बताएं कि जब आप अपने teenage से गुजरे थे तो सबसे पहले आपके मन में सेक्स को लेकर क्या विचार आये थे? .........
.....
गाली का उत्तर गाली नहीं.

encee जी
आप काफी पुराने और समझदार सदस्य हैं .....आपको वापस देखकर खुशी हुई |
आपने गाली की बात की तो यहाँ बताना चाहूँगा की निजी जीवन में शायद ही हमलोग अश्लील शब्दों का प्रयोग करतें हैं | गाली -गलौज करना तो दूर की बात है | मेरा मानना है की इस तरह के व्यस्क फोरम अपने अंतर्मन का कचरा निकालने के लिए उपयुक्त हैं | हमारे दिमाग में कुछ बुराइयां भी मौजूद होतीं हैं जिन्हें इस तरह से निकाला जा सकता है | इस फोरम पर हम असली नाम से नहीं होते तो शराफत और नैतिकता दिखाने के कोई मायने नहीं हैं | ये गाली गलौज तो महज मज़े और आनद के लिए है |
आपने कहा की किशोरावस्था में हम गलतियाँ करतें हैं तो उस पर खारगर जी का जवाब से मै संतुष्ट हूँ |

encee
07-01-2012, 04:27 PM
[QUOTE=encee;782097]

प्रिय मित्र encee, सबसे पहले तो मैं आपको एक बहुत ही अच्छा पोस्ट लिखने के लिए बधाई देना चाहता हूँ, पढ़ कर बहुत प्रसन्नता हुई. पोस्ट तो ५-६ दिन पहले पढ़ा था परन्तु काम में इतना व्यस्त था कि उत्तर तुरंत नहीं दे सका.
किशोरावस्था से गुजरते हुए मेरे मन में शायद वही विचार आये जो किसी भी अन्य लडके के मन में आते हैं, सबसे पहले तो शारीर में आ रहे बदलावों के कारण जन्मी उत्सुकता, हो रहे बदलावों के कारण कभी कभी जन्मा भय, विपरीत लिंग के प्रति जन्मा आकर्षण, यौन शिक्षा के अभाव में और सही मार्गदर्शन के अभाव में कुछ हद तक इस आकर्षण के कारण अपराध बोध, इन सभी अनुभवों से मैं गुजरा हूँ. जहाँ तक सेक्स की जानकारी का सवाल हे तो वह तो मुझे ज्यादातर अच्छे स्टार के magazines, विज्ञान की किताबों वगेरह से ही मिला; माता-पिता दोने शिक्षा के क्षेत्र में कॉलेज में lecturer थे तो केवल अच्छे स्तर का साहित्य ही घर में आता था. engineering की शिक्षा प्राप्त करने तक माता-पिता के साथ रहता था तो मस्तराम जैसा साहित्य या अन्य किसी तरह के pornographic साहित्य को कभी पढ़ने का अवसर नहीं मिला. आपने जो अन्य प्रश्न पूछे हैं उनका जवाब आपको "आपकी राय : पारिवारिक सेक्स के बारे में" सूत्र में दिनांक १४/७/२०११ को लिखे मेरे पोस्ट में मिल जाएगे जिसका प्रसंगोचित हिस्सा मैं यहाँ दे रहा हूँ:
"सबसे पहले मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि मैंने कभी पारिवारिक सदस्यों से शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाये और न कभी बनाना चाहता हूँ. इसमे "अंगूर खट्टें हैं" जैसी कोई बात नहीं है, मैंने या मेरे किसी परिवार के सदस्य ने यह रास्ता अपनाना सही नहीं समझा. वैसे भी ताली दो हाथों से बजती है, यदि मेरे परिवार के किसी सदस्य की इस तरह की इच्छा हुई भी हो तो कम से कम मेरे साथ तो इस तरह का कोई रिश्ता नहीं बन सकता था. मैं यह कभी नहीं कहूँगा कि बचपन से जवानी की तरफ के सफ़र मैं, खास कर वयसंधि के मुकाम पर, मैंने कभी अपनी बहनों को, अपनी माँ को, मेरे रिश्ते कि अन्य जवान या middle aged औरतों को कामुक दृष्टी से नहीं देखा या कभी उनको पात्र बना कर sexual fantasies नहीं की. यह तो एक मानसिक तौर और शारीरिक तौर से सामान्य लड़के या लड़की के बड़े होने के दरम्यान होने वाली सामान्य प्रक्रिया है, इसे झुठलाना बिलकुल गलत है. फर्क यह है कि वयस्क होने के दरम्यान होने वाली इस प्रक्रिया को, मन मैं उठने वालीं इन इच्छाओं को समझना, उन्हें स्वीकार करते हुए अपने मन पर संतुलन रखना और उन्हें क्षणिक सुख और शरीर में हो रहे उस समय के बदलावों को संतुष्ट करने वाली मीठी कल्पनाओं तक सिमित रखना. मैं इस दरम्यान पारिवारिक सदस्यों के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने वाले या वयस्कता को पार करने के बाद भी उन्हें कायम रखने वाले देवियों/ सज्जनों को अपराधी नहीं समझता, न मैं उन्हें कोई भाषण देना चाहता हूँ. मैं इसे समाज के एक छोटे वर्ग के रूप मैं देखता हूँ जो पूर्ण नग्नता (nudist ) या समलैंगिक संबंधों को अपनाने वाले समाज के छोटे वर्ग की तरह है. इस तरह की जीवन राह चुनने वालों के अपने तर्क और उन्हें चुनने की उनकी आजादी को मैं स्वीकार करता हूँ. परन्तु मैं यह भी अपेक्षा करता हूँ कि इस तरह कि राह पर चलने वाले, चाहे उसे अपनाने के जो भी कारण हों, कम से कम इस बात को स्वीकार करें कि वे समाज के एक छोटे हिस्से को represent करतें हैं. मेरा विरोध अपनी चुनी हुई राह को यह स्वीकार किए बिना गलत तरह के तर्कों से उसे सही बताने के उनके प्रयासों से है."
आपने लिखा " लेकिन मेरा अभी भी मानना है कि ऐसे रिश्ते अगर परिस्थितिवश बन भी जाते हैं तो इसके पात्रों को उलाहना देने के बजाय उन्हें मानसिक सुद्रढ़ता की और प्रेरित किया जाए तो उचित है." मित्र, मैं आपकी बात से सहमत तो हूँ परन्तु यह केवल तभी संभव है जब इस तरह का रिश्ता बनाने वाले व्यक्ति को यह एहसास हो कि जो हुआ वह गलत था, उसके मन में इस बात का दुःख और पछतावा हो. मैं यह बात दावे के साथ कह सकता हूँ कि सेक्स सम्बन्धी अपराध या नाजायज रिश्ता बनाने वाला कोई भी व्यक्ति जो आत्मग्लानी अनुभव करता है, जिसे अपनी गलती का एहसास है, वह कभी उस रिश्ते या उस तरह के व्यवहार या काम को सही ठहराने का प्रयत्न नहीं करता; ना अपने अनुभव को कभी graphic detail में वर्णित करता है. समस्या यह है कि इस मंच पर या तो लोग अपने काल्पनिक रिश्तों का वर्णन कर रहे है, या अपनी कल्पनाओं को सच्चाई बताने का भोंडा प्रयत्न कर रहे हैं या उन्हें अपने किए का कोई पछतावा ही नहीं है.




आपका बहुत बहुत धन्यवाद्. मैं तो करीब करीब यह मान बैठा था कि अब आप लोग अगम्यागमन के फोरम में आयेंगे ही नहीं. आपने मेरे पत्र को तवज्जो दी इसके लिए एक बार फिर से आपका हार्दिक धन्यवाद्. मेरा भी पत्र लिखने का ऐसा कोई उद्देश्य नहीं है कि मैं कल्पना को सच्चाई बताने वालों के आंसू पोंछने का प्रयास करूँ. मैं आप के साथ मिल कर उन पाठकों तक भी पहुंचना चाहता हूँ जो ऐसे संबंधों के कारण किसी कुंठा में जी रहे हैं. इस तथ्य को आप भी स्वीकार करेंगे कि केवल "अपने अनुभव को कभी graphic detail में वर्णित वाले या अपने काल्पनिक रिश्तों का वर्णन करने वाले या अपनी कल्पनाओं को सच्चाई बताने का भोंडा प्रयत्न करने वाले" ही इस फोरम के पाठक नहीं हैं.

abcl42
07-01-2012, 05:20 PM
मित्र आज एक अछे संत की कथा टी वी पर देख रहा था , उनका एक उपदेश मुझे बहुत प्रभाव शाली लगा, मनुष्य के प्रमुख चार शत्रु हैं - काम क्रोध लोभ और मोह , इन चारो कि काफी अछि व्याख्या उन्होंने की और कहा की भैया ये काम तो अछे अछे लोगो को नाही छोड़ता इससे बहुत होसियार रहने की जरुरत है , संक्षिप्त में लिख रहा हूँ - भैया एकन्त में अपनी पत्नी के अलावा युवा अवस्था को प्राप्त हो चुकी अपनी बेटी के साथ भी न रहो , ये काम इन्द्रिय कभी कभी अछे संस्कारी पुरुषों पर भी हाबी हो जाती है भूल हो जाती है , एकांत में स्त्री के साथ रहन छोड़ दो, केवल अपनी पत्नी के साथ रह सकते हो/ मुझे बाहुत प्रभाव शाली लगा

lovegar
08-01-2012, 06:47 PM
meri buva ki beti muje hardam kahati hai ki tum bahut acche lag rahe ho aur mujse bahut close rahati hai i think vo mughse pyar karti hai mai use chodana chata hu koi aisa idea batao na jisase muje pata chale ki vo mujse pyar karti hai ya nahi.plese jaldi batao

encee
10-01-2012, 05:41 AM
encee जी
आप काफी पुराने और समझदार सदस्य हैं .....आपको वापस देखकर खुशी हुई |
आपने गाली की बात की तो यहाँ बताना चाहूँगा की निजी जीवन में शायद ही हमलोग अश्लील शब्दों का प्रयोग करतें हैं | गाली -गलौज करना तो दूर की बात है | मेरा मानना है की इस तरह के व्यस्क फोरम अपने अंतर्मन का कचरा निकालने के लिए उपयुक्त हैं | हमारे दिमाग में कुछ बुराइयां भी मौजूद होतीं हैं जिन्हें इस तरह से निकाला जा सकता है | इस फोरम पर हम असली नाम से नहीं होते तो शराफत और नैतिकता दिखाने के कोई मायने नहीं हैं | ये गाली गलौज तो महज मज़े और आनद के लिए है |
आपने कहा की किशोरावस्था में हम गलतियाँ करतें हैं तो उस पर खारगर जी का जवाब से मै संतुष्ट हूँ |




धन्यवाद् मित्र. वैसे यह स्थान शानदार बनता जा रहा है. आपका यह कहना कि यहाँ हम लोग अपने मन का कचरा भी बाहर निकालते हैं काफी मजेदार दृष्टिकोण है. लेकिन अपनी बहनों को इस फोरम में परोसने वाले कौन सा कचरा निकालना चाह रहे हैं यह मेरी समझ में बिलकुल नहीं आ रहा है.

Badtameez
10-01-2012, 09:55 AM
Re: बहनो की चर्चा
koi meri behan ko nai chodna chahta kya????? [/B]

Kab Se Taiyar Baithey hain

यार कैसे भाई हो? भाई के नाम पर कलंक लगते हो मित्र।

avf000043
31-01-2012, 03:33 PM
kya yaar ye sub baate bakvash hain main nahi mantha ki tumne apni sister ke sath kiya hoga joot bool rahe ho aap ager baat such hain tho aap mujko ye baat mere phone per bata ker dikhooooooooooooooo ????????????????

manish.eiffel
31-01-2012, 08:05 PM
bhai yeah kaam main bhi ker chuka hoon, apni pyari behna ko kai baar nangi nahate hue dekha hai, mast maal hai saali.
per topic yeah nahi hai ki humari behene kaise hain.... topic yeah hai ki behan ko apne bistar tak kaise laya jaye, ... to bhai main yeah kaam ker chuka hoon..... pls contact me at devendrapratapsingh005@gmail.com,

or apni beheno ke kamsin badan ke baare mein bhi discuss kerenge ;)

manish.eiffel
31-01-2012, 08:11 PM
bhai tere cell per ek msg kiya hai..pls call me back

rajryl
01-02-2012, 12:17 PM
hello dosto me apni bat karna chata hu mene apni bahen ko ek bar kapde badlte deka tha bahoot sexy lag rahi thi tab se use chodne ka man kar raha hu usne kai bar mujhe uske boobs gurte huye dekha he par kuch nahi kaha pleas ap salah de kya mujhe kosis karni chahiye

avf000043
01-02-2012, 12:25 PM
[QUOTE=MASTRAAM;801647]

main be chodna chata hu aap ki sister ko aap ke sath dono milker teri sister ki chut ko faadh denge ok tumeri sister ko meri taraf se muahahaahah

manish.eiffel
01-02-2012, 02:51 PM
bhai i will tell you how to seduce your sister, tu mujhe add ker (manish.eiffel@gmail.com) or (devendrapratapsingh005@gmail.com) main thuje bataoonga ki behno ko kaise chodte hain ..... tu chinta met ker teri behan tere bistar per zaroor aayegi ..

rajryl
01-02-2012, 03:45 PM
tnx bro for help

bhai i will tell you how to seduce your sister, tu mujhe add ker (manish.eiffel@gmail.com) or (devendrapratapsingh005@gmail.com) main thuje bataoonga ki behno ko kaise chodte hain ..... tu chinta met ker teri behan tere bistar per zaroor aayegi ..

abcl42
02-02-2012, 07:34 PM
kya yaar ye sub baate bakvash hain main nahi mantha ki tumne apni sister ke sath kiya hoga joot bool rahe ho aap ager baat such hain tho aap mujko ye baat mere phone per bata ker dikhooooooooooooooo ????????????????



मित्र, बहुत दमदार हैं आप, अपना मोबाइल नम्बर भी आपने दे रखा है, कहीं आपके पास उसकी कॉल न आ जाये जिसकी आपको उम्मीद न हो

naughty420
12-02-2012, 09:15 PM
सबसे पहले अपनी बात:

मैं २२ साल का लड़का हूँ... अभी पढ़ रहा हूँ ..मेरी बहन बहुत सुंदर है.. मेरे से २ साल ही बड़ी है.. आज से कर्रेब ४-५ साल पहले ही मैं उसकी तरफ आकर्षित हुआ ..

उस वक़्त मैंने स्कूल ख़तम किया था और कॉलेज मैं दाखिला लिया था.. स्वाभाविक रूप से मैं लड़कियों की तरफ किसी भी सामान्य लड़के की तरह ही आकिर्षित था... काफी सुंदर सुंदर लड़कियां थी कॉलेज मैं.. पर एक ठीक ठाक रंग रूप वाली लड़की ने ही मुझे propose किया... लड़की को भोगने के चक्कर मैं रंग रूप की तरफ किसका ध्यान जाता है.. यह सोच कर मैंने accept कर ही लिया... हमारा काम शुरू हुआ foreplay के बाद जब उसके कपडे मैं उतारे तो कुछ अच्छा नहीं लगा... छोटे छोटे से स्तन... थोडा पेट निकला हुआ.. कुछ ख़ास अच्छा नहीं लगा.. हम लोगों को नेट पे कसी कसी लड़कियों को देखने मैं जो मज़ा आता है... वैसा कुछ भी नहीं था.. मेरी तो सारी उत्तेजना ही ख़तम हो गयी.. पर अगर उस वक़्त कुछ कर न पता तो अगले दिन कॉलेज मैं मेरा मजाक तो पक्का उड़ना था.. तभी अचानक मेरे मन मैं न जाने कहाँ से यह ख्याल आया के अगर इस लड़की की जगह मेरी बहन होती तो क्या होता.. उस वक़्त से पहले बहन के बारे ये भावना कभी मेरे मन मैं नहीं आई थी.. उस वक़्त कैसे आई पता नहीं.. पर उस ख्याल से ही मुझे ऐसी उत्तेजना हुई के बता नहीं सकता.. वोह लड़की भी तौबा कर उठी...

उस घटना के बाद मेरी और भी girlfriends बनी , १-२ तो काफी सुंदर थी... पर पता नहीं जब भी सम्भोंग करता हूँ उनके साथ... बिना बहन के बारे मैं सोचे मुझसे नहीं होता... एक बार अपनी बहन के सभी कपडे चुरा कर गश्ती के पास भी गिया था.. उसको सभी कपडे पहना के जब उतार के किया... तो बहुत अच्छा लगा

बाथरूम के दरवाजे में से छेद करके अक्सर अपनी बहन को नहाते, कपडे बदलते देखता हूँ ...एक एक अंग उसका देखा हुआ है .. बहुत सही figure है उसका.. किसी भी model actress मात दे दे ... बहुत भाग्यवान होगा जो उसे भोगेगा... बस मेरी वासना उसको देखने तक ही सीमित है.. मुझे नहीं लगता के कभी मैं ऐसा कर सकूंगा... वैसे हमारा रिश्ता एक दम normal है..

भाई तुम्हारा हल भी बिलकुल मेरे जैसा है मैं भी बहन की छुट और गंद देखने के अलवा कुछ नि कर पता हु

naughty420
12-02-2012, 09:17 PM
एक बार तो स्वाद चख ही लो

विभा जी नमस्कार मैं आपके विचारो से बहोत सहमत हु:tuta-dil:

naughty420
12-02-2012, 10:18 PM
hello dosto me apni bat karna chata hu mene apni bahen ko ek bar kapde badlte deka tha bahoot sexy lag rahi thi tab se use chodne ka man kar raha hu usne kai bar mujhe uske boobs gurte huye dekha he par kuch nahi kaha pleas ap salah de kya mujhe kosis karni chahiye

मुझे व् अपनी बहन के बारे में बात करनी हई
mujhe add karo aur fir apni bahan ki bate karenge ge comeflywidsam@gamil.com:bed:

laxmimam
14-02-2012, 01:40 PM
:cherries::tuta-dil:
चिलमन से झांकते थे
जब गुसलखाने में होती
हिलाते थे हाथो में थाम
उनके जेहन में थी रहती
एक शाम जब सोई थी में
मीठे मीठे सपनो में खोई थी मैं
उभारों को सीने के देख रुक न सके
पैंटी के भीगे मुकाम को देख
खुद पे काबू रखे थे अब तक, रोक न सके
और फिर...
मैं नीचे थी वो ऊपर थे
मैं देती थी वो लेते थे
वो मेरे राजा भैया थे

laxmimam
14-02-2012, 01:41 PM
BHAIYA SE CHODVANE KA MAJA HI ALAG HAI VO DHIRE 2 LETE HAI

laxmimam
14-02-2012, 01:50 PM
I AM AGREE WITH YOU & I WANT TO BE U

naughty420
14-02-2012, 02:52 PM
I AM AGREE WITH YOU & I WANT TO BE U

नमस्कार लक्ष्मी मैडम मैं भी भाई बहन की चुदाई को जायज समझता हु

rohan123456789
14-02-2012, 04:11 PM
ye dost ke sath chal nahi hoga .. aap usko pyar nahi karoge to vo apni vasna kisi aur se thandi karva legi.. aapk sath pyar se sex ko enjoy bhi karegi aur safe bhi rahegi .. aap bhi usko puri respect de aur bhog kare .. bhogne ka matlab randibaji nahi hota.. pyar karna bhi hota hai..

jeetraj
17-02-2012, 11:30 PM
ओर चुदाई करे

kingrana
17-02-2012, 11:44 PM
accha hua beta tune profyl me apni asli pic. nahi lagai or lagana bhi mat... varana me tujhe dhoond k jaan se maar daalunga.............

varshasoni1561
18-02-2012, 11:30 PM
right aap sahi kah rahi ho
जो मीठा मीठा मज़ा जीजा के लंड से चुदवाने में है, वो दुनिया के किसी लंड में नहीं. पापा से चुदने में लगता है की ये गलत है. जीजा के साथ कोई गलत नहीं लगता.विशेषकर जब बहनों की अदला बदली करके ग्रुप सेक्स हो. अजमा कर देख लो.........में अपने जीजाजी को अपने पति से ज्यादा प्यार करती हूँ.
aap[/QUOTE]

Lookmaan
01-04-2012, 10:06 AM
नमस्कार लक्ष्मी मैडम मैं भी भाई बहन की चुदाई को जायज समझता हुओये यार तू क्या बक रहया है यार| मेरी बाहनेँ बाहौत छोटी हैँ नाही तौ मै अपनी बाहेँ तूझे डे देता और तेरी बाहेँ को मैन चोड लेटा और तू पाप से बच जाता पर अफसोस.....

jony14
03-04-2012, 01:13 AM
Mene apni sis ke saat sew kiYA HAI..

meenarp1
07-04-2012, 10:05 PM
मेरानाम meena है मेरा छ्होटा भाईदासवी मैं पढ़ता है वह गोरा चित्ता और क़रीब मेरे ही बराबर लंबा भी है मैं इस समय 19 की हूँ और वह 15 का. मुझे भय्या के गुलाबी हूनत बहुत प्यारे लगते हैं दिल करता हैकी बस चबा लूं. पापा गुल्फ़ मैं है और माँ गोवेर्नमेंटजॉब मैं माँ जब जॉब की वजह से कहीं बाहर जाती तू घर मैं बस हम दो भाई बहन ही रह जाते थे. मेरे भाई का नामअमित है और वह मुझे दीदी कहता है एक बार माँ कुच्छ दीनो के लिए बाहर गयी थी. उनकीएलेक्टीओं दूत्य लग गयी थी. माँ को एक हफ़्ते बाद आना था. रात मैं दिननेर के बादकुच्छ देर ट्व देखा फिर अपने-अपने कमरे मैं सोनेके लिए चले गाये
क़रीबएक आध घंटे बाद प्यास लगने की वजह से मेरी नींद खुल गयी अपनी सीदे तबले पैर बोट्थले देखा तो वह ख़ाली थी. मैं उठकरकित्चें मैं पानी पीने गयी तू लौटते समय देखाकी अमित के कमरे की लिघ्ट ओं और दरवाज़ा भी तोड़ा सा खुला था. मुझे लगा की शायद वह लिघ्ट ओफ़्फ़ करना भूल गया हैमैं ही बंद कर देती हूँ. मैं चुपके से उसके कमरेमैं गयी लेकिन अंदर का नज़ारा हैरान मैं हैरान हो गयी
अमितएक हाथ मैं कोई द पकड़कर उसे पार् रहा था और दूसरे हाथ से अपने ताने हुए लंड को पकड़कर मूट मार रहा था. मैं कभीसोच भी नही सकती की इतना मासूम लगने वाला दासवीका यह छ्ोक्रा ऐसा भी कर सकता है मैं दूं साढ़े चुपचाप खड़ी उसकी हरकत देखती रही, लेकिन शायद उसे मेरी उपस्थिति का आभासहो गया. उसने मेरी तरफ़ मुँह फेरा औरदरवाज़ेपैर मुझे खड़ा हैरान चौंक गया. वह बस मुझे देखता रहा और कुच्छ भी ना बोल पाया. फिर उसने मुँह फैर कर द टाकिएे केनीचे छ्छूपा दी. मुझे भी समझ ना आया की क्याकरूँ. मेरे दिल मैं यह ख़्याल आया की कल से यह लड़का मुझसे शरमायगा और बात करने से भी कत्राएगा. घर मैं इसके अलावाऔर कोई है भी नही जिससे मेरा मनन बहालता. मुझेअपने दिन याद आए. मैं और मेरा एक काज़ीन इसी उमर के थे जबसे हमने मज़ा लेना शुरू किया था तू इसमे कौन सी बड़ी बातअगर यह मूट मार रहा था.
मैंधीरे-धीरे उसके पास गयी और उसके कंधे पैर हाथ रखकर उसके पास ही बैठ गयी वह चुपचाप रहा. रहा. मैने उसके कंधों कोदबाते हुए कहा, "अरे यार अगर यही करना था तू काम से काम दरवाज़ा तू बंद करलिया होता." वह कुच्छ नही बोला, बसमुँह दूसरी तरफ़ किए रहा.रहा. मैने अपने हाथों से उसका मुँह अपनी तरफ़ किया और बोली "अभी से ये मज़ा लेनाशुरू कर दिया. कोई बात नही मैं जाती हूँ तू अपना मज़ा पूरा कर ले. लेकिन ज़रा एह द तूदिखा." मैने टाकिएे के नीचे से द निकल ली. एह हिंदी मैं लिखे मास्ट्रँ की द थी.मेरा काज़ीन भी बहुत सी मास्ट्रँ की किताबे लताथा और हम दोनो ही मज़े लेने के लिए साथ-साथ पढ़ते थे. छुड़ाई के समय द के ड्िओलग बोलकर एक दूसरे का जोश बढ़ते थे.
जबमैं द उसे देकर बाहर जाने के लिए उठी तू वह पहली बार बोला, "दीदी सारा मज़ा तू आपने ख़राब कर दिया, अब क्या मज़ा करूँगा." "अरेअगर तुमने दरवाज़ा बंद किया होता तू मैंआती ही नही." "औुए अगर आपने देख लिया था तू चुपचाप चली जाती."
अगर मैं बहस मैं जीतना चाहती तू आसानी से जीत जातीलेकिन मेरा वह काज़ीन क़रीब 6 मोन्तससे नहीं आया था इसलिए मैं भी किसी से मज़ा लेना चाहती ही थी. अमित मेरा छ्होटा भाई था और बहुत ही सेक्ष्य लगता था इसलिए मैनेसोचा की अगर घर मैं ही मज़ा मिल जाए तू बाहर जाने कीक्या ज़रूरत. फिर अमित का लौड़ा अभी कुंवारा था. मैं कुंवारे लंड का मज़ा पहली बार लेती इसलिए मैने कहा, "चल अगर मैने तेरा मज़ा ख़राब किया है तू मैं ही तेरा मज़ा वापस कर देती हूँ."फिर मैं पलंग पैर बैठ गयी और उसे चित लिटाया औरउसके मुरझाए लंड को अपनी मुती मैं लिया. उसने बचने की कोशिश की पैर मैने लंड को पकड़ लिया था. अब मेरे भाई कोयक़ीन हो चुका

meenarp1
07-04-2012, 10:05 PM
थाकी मैं उसका राज़ नही खोलूँगीइसलिए उसने अपनी टांगे खोल दी ताकि मैं उसका लंड ठीक से पकड़ सकूँ. मैने उसके लंड को बहुत हिलायादुलाया लेकिन वह खड़ा ही नही हूवा. वह बड़ी मायूसीके साथ बोला "देखा दीदी अब खड़ा ही नही हो रहा है
"अरे क्या बात करतेहो. अभी तुमने अपनी बहन का कमाल कहाँ देखा है मैं अभी अपने प्यारे भाई का लंड खड़ा करदूँगी." ऐसा कह मैं भी उसकी बगल मैं ही लेट गयी मैं उसका लंड सहलने लगी और उससे दपर्ने को कहा. "दीदी मुझे शरम आती है "साले अपना लंड बहन के हाथ मैं देते शरमनही आई." मैने ताना मारते हुवेकहा"ला मैं परहती हूँ." और मैने उसके हाथ से द ले ली. मैने एक स्टोरय निकली जिसमे भाई बहन के डियलोग थे. औरउससे कहा, "मैं लड़की वालाबोलूँगी और तुम लड़के वाला.मैने पहले परा, "अरे राजा मेरीचूचियों का रस तू बहुत पी लिया अब अपनाबनाना शाके भी तू टास्ते करओ."
"अभी लो रानी पैर मैंडरता हूँ इसलिए की मेरा लंड बहुत बड़ा है तुम्हारी नाज़ुक कसी छूट मैं कैसे जाएगा."
औरइतना पारकर हुंदोनो ही मुस्करा दिए क्योंकि यहा हालत बिल्कुल उल्टे थे. मैं उसकी बड़ी बहन थी और मेरी छूट बड़ी थीऔर उसका लंड छ्होटा था. वह शर्मा गया लेकिन थोड़ीसी परहाय के बाद ही उसके लंड मैं जान भर गयी और वह टन्णकर क़रीब 6 इंच का लंबा और 1.5 का मोटा हो गया. मैने उसके हाथ से किताबलेकर कहा, "अब इस किताब की कोई ज़रूरत नही. देख अब तेरा खड़ा होगया है तू बस दिल मैं सोच ले की तू किसी कीछोड़ रहा है और मैं तेरी मूट मार देती हूँ."
मैंअब उसके लंड की मूट मार रही थी और वह मज़ा ले रहा था. बीच बीच मैं सिसकारियाँ भी भरता था. एकाएक उसने छूटड़ उठाकर लंडऊपर की ऊर तेला और बोला, "बस दीदी" और उसके लंड ने गाढ़ा पानी फैंक दिया जोमेरी हथेली पैर गिरा. मैं उसके लंड केरसको उसके लंड पैर लगती उसी तरह सहलती रही और कहा, "क्यों भय्या मज़ा आया?"
"सच दीदी बहुत मज़ाआया." "अच्छा यह बता की ख़्यालों मैं किसकी ले रहे थे?"
"दीदीशरम आती है बाद मैं बतौँगा." इतना कह उसने टाकिएे मैं मुँह छ्छूपा लिया.
"अच्छा चल अब सो जा नींद अच्छी आएगी. और आगे से जब येकरना हो तू दरवाज़ा बंद कर लिया करना.""अब क्या करना दरवाज़ा बंद करके दीदी तुमने तू सब देख ही लिया है
"चल शैतान कही के."मैने उसके गाल पैर हल्की सी छपत मारी और उसके हौंा. को चूमा. मैं और क़िसस करना चाहती थी पैर आगे के लिएछ्छोड़ कर वापस अपने कमरे मैं आई. अपनी शलवार कमीज़उतर कर निघटय पहनने लगी तू देखा की मेरी पंतय बुरी तरह भीगी हिई है अमित के लंड का पानी निकलते-निकलते मेरीछूट ने भी पानी छ्छोड़ दिया था. अपना हाथ पंतय मैंडालकर अपनी छूट सहलने लगी का स्पर्श पाकर मेरी छूट फिर से सिसकने लगी और मेरा पूरा हाथ गीला हो गया. छूट की आगबुझाने का कोई रास्ता नही था सिवा अपनी उंगली के.मैं बेद पैर लेट गयी अमित के लंड के साथ खेलने से मैं बहुत एक्शसीतेड थी और अपनी प्यास बुझाने के लिए अपनी बीचवाली उंगली जड़ तक छूट मैं डाल दी. टाकिएे को सीनेसे

meenarp1
07-04-2012, 10:06 PM
कसकरभींचा और जांघो के बीच दूसरा तकिया दबा आँखे बंद की और अमित के लंड को याद करके उंगलीअंदर बाहर करने लगी इतनी मस्ती छ्छादी थी कीक्या बताए, मनन कर रहा था की अभीजाकर अमित का लंड अपनी छूट मैं डलवा ले. उंगली से छूट की प्यास और बार्ह गयी इसलिएउंगली निकल टाकिएे को छूट के ऊपर दबा औंधे मुँहलेटकर धक्के लगाने लगी बहुत देर बाद छूट ने पानी छ्छोड़ा और मैं वैसे ही सो गयी
सुबहउठी तू पूरा बदन अंबुझी प्यास की वजह से सुलग रहा था. लाख रग़ाद लो टाकिएे पैर लेकिन छूट मैं लंड घुसकर जो मज़ादेता है उसका कहना ही क्या. बेद पा लेते हुवे मैं सोचती रही की अमित के कुंवारे लंडको कैसे अपनी छूट का रास्ता दिखाया जाए. फिरउठकर तैयार हुई. अमित भी सचूल जाने को तैयार था. नाश्ते की तबले हुंदोनोआमने-सामने थे. नज़रे मिलते हीरात की याद ताज़ा हो गयी और हुंदोनो मुस्करा दिए अमित मुझसे कुच्छ शर्मा रहा था की कहीं मैं उसेछ्छेद ना दूं. मुझे लगा की अगर अभी कुच्छ बोलूँगी तू वह बिदक जाएगा इसलिए चाहते हुए भी नाबोली.
चलतेसमय मैने कहा, "चलो आज तुम्हे अपनेस्कूटेर पैर सचूल छ्छोड़ दूं."वहफ़ौरन तय्यार हो गया और मेरे पीच्े बैठ गया. वह तोड़ा स्कूछता हूवा मुझसे अलग बैठा था. वह पीछे की स्टेपनी पकड़े था.मैने स्पीड से स्कूटेर चलाया तू उसका बालंसे बिगड़ गया और संभालने के लिए उसने मेरीकमर पकड़ ली. मैं बोली, "कसकर पकड़ लो शर्मा क्यों रहे हो?"
"अच्छा दीदी" औरउसने मुझे कसकर कमर से पकड़ लिया और मुझसे छिपक सा गया. उसका लंड कड़ा हो गया था और वहअपनी जांघो के बीच मेरे छूटड़ को जकड़े था. "क्या रात वाली बात याद आ रही है अमित?" "दीदी रात की तू बातही मत करो. कहीं ऐसा नाहो की मैं सचूल मैं भी शुरू हो जौन." "अच्छा तू बहुत मज़ा आया रात मैं "हाँ दीदीइतना मज़ा ज़िंदगी मैं कभी नही आया. काश कलकी रात कभी ख़तम ना होती. आपके जाने के बाद मेरा फिर खड़ा हो गया था पैर आपके हाथ मैं जो बात थी वो कहाँ. ऐसे ही सोगया."

meenarp1
07-04-2012, 10:07 PM
"तू मुझे बुला लियाहोता. अब तू हम तुम दोस्त हैं एक दूसरे के काम आ सकते हैं "तू फिर दीदी आज राक काप्रोग्राम पक्का." "चल हट केवल अपने बारे मैं ही सोचता है ये नही पूछता कीमेरी हालत कैसी है मुझे तू किसी चीज़ की ज़रूरतनही है चल मैं आज नही आती तेरे पास." "अरे आप तू नाराज़ हो गयी दीदी. आप जैसा कहेंगी वैसा ही करूँगा.मुझे तू कुच्छ भी पता नही अब आप ही को मुझे सबसीखना होगा."
तबतक उसका सचूल आ गया था. मैने स्कूटेर रोका और वह उतरने के बाद मुझे देखने लगा लेकिन मैं उसपर नज़र डाले बग़ैर आगे चलदी. स्कूटेर के शीशे मैं देखा की वह मायूस सासचूल मैं जा रहा है मैं मनन ही मनन बहुत ख़ुश हुई की चलो अपने दिल की बात का इशारा तू उसे दे ही दिया.
शामको मैं अपने कॉल्लेगे से जल्दी ही वापस आ गयी थी. अमित 2 बजे वापस आया तू मुझे घर पैर देखकर हैरान रह गया. मुझेलेता देखकर बोला, "दीदी आपकी तबीयत तू ठीक है "ठीक ही समझो, तुम बताओ कुच्छ हॉमेवोर्क मिला है क्या?" "दीदी कल सुंदय है ही. वैसे कल रात का काफ़ीहॉमेवोर्क बचा हूवा है मैने हँसी दबाते हुवे कहा, "क्यो पूरा तू करवा दिया था. वैसे भीतुमको यह सब नही करना चाहिए. सेहत पैर असर पड़ता है कोईलड़की पता लो, आजकल की लड़किया भीइस काम मैं काफ़ी इंटेरेस्टेड रहती हैं "दीदीआप तू ऐसे कह रही हैं जैसे लड़कियाँ मेरे लिए शलवार नीचे और कमीज़ ऊपर किए तय्यार है की आओ पंतखोलकर मेरी ले लो." "नही ऐसी बात नहीहै लड़की पतनी आनी चाहिए."
फिर मैं उठकर नाश्ता बनाने लगी मनन मैं सोच रही थी कीकैसे इस कुंवारे लंड को लड़की पटकर छोड़नासीख़ाओं. लूंच तबले पैर उससे पूच्हा, "अच्छा यह बता तेरी किसी लड़की से दोस्ती है"हाँ दीदी सुधा से." "कहाँ तक "बस बातें करते हैं और सचूल मैं साथ ही बैठते हैं मैनेसीधी बात करने के लिए कहा, "कभी उसकी लेने का मनन करता है "दीदी आप कैसी बातकरती हैं वह शर्मा गया तू मैं बोली, "इसमे शर्माने की क्या बात है मूतही तू तो रोज़ मारताहै ख़्यालो मैं कभी सुधा की ली है या नही सच बता." "लेकिनदीदी ख़्यालो मैं लेने से क्या होता है "तूइसका मतलब है की तू उसकी असल मैं लेना चाहता है मैने कहा.
"उससे ज़्यादा तू और एक हैजिसकी मैं लेना चाहता हूँ, जो मुझे बहुत ही अच्छी लगती है "जिसकी कल रात ख़्यालो मैं ली थी?" उसने सर हिलाकर हाँ कर दिया पैर मेरे बार-बार पूच्ह्ने पैर भी उसने नाम नहीबताया. इतना ज़रूर कहा की उसकी छुड़ाई कर लेने के बाद हीउसका नाम सबसे पहले मुझे बताएगा. मैने

meenarp1
07-04-2012, 10:07 PM
ज़्यादानही पूच्हा क्योंकि मेरी छूट फिरसे गीली होने लगी थी. मैं चाहती थी की इससे पहले की मेरी छूट लंड के लिए बेचैन हो वह ख़ुद मेरीछूट मैं अपना लंड डालने के लिए गिदगिड़ाए. मैंचाहती थी की वह लंड हाथ मैं लेकर मेरी मिन्नत करे की दीदी बस एक बार छोड़ने दो. मेरा दिमाग़ ठीक से काम नही कर रहाथा इसलिए बोली, "अच्छा चल कपड़े बदल कर आ मैं भी बदलती हूँ."
वहअपनी उनिफ़ोर्म चांगे करने गया और मैने भी प्लान के मुताबिक़ अपनी शलवार कमीज़ उतर दी. फिर ब्रा और पंतय भी उतर दीक्योंकि पाटने के मदमस्त मौक़े पैर ये दिक्कत करते. अपना देसी पेट्टीकोत और ढीलाब्लौसे ही ऐसे मौक़े पैर सही रहते हैं जब बिस्तर पैर लेटो तू पेट्टीकोत अपने आप आसानी सेघुटनो तक आ जाता है और थोड़ी कोशिश सेहीऔर ऊपर आ जाता है जहाँ तक ब्लौसे का सवाल है तू तोड़ा सा झुको तू सारा माल छ्छालाक कर बाहर आ जाता है बस यही सोचकर मैनेपेट्टीकोत और ब्लौसे पहना था.
वहसिर्फ़ प्यजमा और बनियाँ पहनकर आ गया. उसका गोरा चित्ता चिकना बदन मदमस्त करने वाला लग रहा था. एकाएक मुझे एक ईड़ियाआया. मैं बोली, "मेरी कमर मैं तोड़ा दर्द हो रहा है ज़रा बल्म लगा दे."यह बेद पैर लेतने का पेरफ़ेक्ट बहाना था औरमैं बिस्तर पैर पेट के बल लेट गयी मैने पेट्टीकोत तोड़ा ढीला बाँधा था इसलिए लेट्टे ही वह नीचे खिसक गया और मेरेकुटड़ो के बीच की दरार दिखाए देने लगी लेट्टे ही मैने हाथ भी ऊपर कर लिए जिससे ब्लौसेभी ऊपर हो गया और उसे मालिश करने के लिए ज़्यादाजगह मिल गयी वह मेरे पास बैठकर मेरी कमर पैर ईओडेक्श( पाईं बल्म) लगाकर धीरे धीरे मालिश करने लगा. उसकास्पर्श(तौछ) बड़ा ही सेक्ष्य था और मेरे पूरे बदन मैं सिहरन सी दौड़ गयी थोड़ी देर बादमैने करवत लेकर अमित की ऊर मुँह कर लिया और उसकीजाँघ पैर हाथ रखकर ठीक से बैठने को कहा. करवत लेने से मेरी चूचियाँ ब्लौसे के ऊपर से आधी से ज़्यादा बाहर निकल आईथी. उसकी जाँघ पैर हाथ रखे रखे ही मैने पहलेकी बात आगे बरहाय, "तुझे पता है की लड़कीकैसे पटाया जाता है
"अरे दीदी अभी तू मैंबच्चा हूँ. ये सब आप बताएँगी तब मालूम होगा मुझे." ईओडेक्श लगाने के दौरान मेरा ब्लौसे ऊपरखींच गया था जिसकी वजह से मेरी गोलाईयाँ नीचेसे भी झाँक रही थी. मैने देखा की वह एकतक मेरी चूचियों को घूर रहा है उसके कहने के अंदाज़ से भी मालूम हो गया कीवह इस सिलसिले मैं ज़्यादा बात करना छह रह है

meenarp1
07-04-2012, 10:08 PM
"अरे यार लड़की पाटनेके लिए पहले ऊपर ऊपर से हाथ फेरना पड़ता है ये मालूम करने के लिए की वह बुरा तू नहीमानेगी." "पैर कैसे दीदी." उसने पूच्हा और अपने पैर ऊपर किए. मैने तोड़ाखिसक कर उसके लिए जगह बनाई और कहा,"देख जब लड़की से हाथ मिलाओ तू उसको ज़्यादादेर तक पकड़ कर रखो, देखो कब तक नहीछ्छुड़ती है और जब पीछे सेउसकी आँख बंद कर के पूच्हो की मैं कौन हूँ तू अपना केला धीरे से उसके पीच्े लगा दो. जब कान मैं कुच्छबोलो तू अपना गाल उसके गाल पैर रग़ाद दो. वोअगर इन सब बातों का बुरा नही मानती तू आगे की सोचो."
अमितबड़े ध्यान से सुन रहा था. वह बोला,"दीदीसुधा तू इन सब का कोई बुरा नही मानती जबकि मैनेकभी ये सोचकर नही किया था. कभी कभी तू उसकी कमर मैं हाथ डाल देता हूँ पैर वह कुच्छ नही कहती.""तब तू यार छ्होक्री तय्यार है और अबतू उसके साथ दूसरा खेल शुरू कर." "कौन सा दीदी?" "बातों वाला. यानी कभी उसके संटरो की तारीफ़करके देख क्या कहती है अगर मुस्करकार बुरा मानतीहै तू समझ ले की पाटने मैं ज़्यादा देर नही लगेगी."
"पैर दीदी उसके तूबहुत छ्होटे-छ्होटे संटरे हैं तारीफ़ के काबिल तू आपके है वह बोला और शरमकार मुँह छ्छूपा लिया.मुझे तू इसी घड़ी का इंतेज़र था. मैनेउसकाचेहरा पकड़कर अपनी ऊर घूमते हुवे कहा, "मैंतुझे लड़की पटना सीखा रही हूँ और तू मुझी पैरनज़रे जमाए है
"नही दीदी सच मैं आपकीचूचियाँ बहुत प्यारी है बहुत दिल करता है और उसने मेरी कमर मैं एक हाथ डाल दिया."अरे क्या करने को दिल करता है ये तू बता." मैने इतलकर पूच्हा.
"इनको सहलने का औरइनका रस पीने का." अब उसके हौसले बुलंद हो चुके थे और उसे यक़ीन था की अब मैं उसकी बात काबुरा नही मनूंगी. "तू कल रात बोलता. तेरीमूट मरते हुवे इनको तेरे मुँह मैं लगा देती. मेरा कुच्छ घिस तू नही जाता. चल आज जब तेरी मूट मरूंगी तू उस वक़्तअपनी मुराद पूरी कर लेना." इतना कह उसकेप्यजमा मैं हाथ डालकर उसका लंड पकड़ लिया जु पूरी तरह से टन गया था. "अरे ये तू अभी से तय्यार है
तभीवह आगे को झुका और अपना चेहरा मेरे सीने मैं छ्छूपा लिया. मैने उसको बानहो मैं भरकर अपने क़रीब लिटा लिया और कस केदबा लिया. ऐसा करने से मेरी छूट उसके लंड पैरदब्ने लगी उसने भी मेरी गार्दन मैं हाथ दल मुझे दबा लिया. तभी मुझे लगा की वो ब्लौसे के ऊपर से ही मेरी लेफ्ट चूचिको चूस रहा है मैने उससे कहा "अरे येक्या कर रहा है मेरा ब्लौसे ख़राब हो जाएगा."

meenarp1
07-04-2012, 10:08 PM
उसनेझट से मेरा ब्लौसे ऊपर किया और निपपले मुँह मैं लेकर चूसना शुरू कर दिया. मैं उसकी हिम्मत की दाद दिए बग़ैर नहीरह सकी. वह मेरे साथ पूरी तरह से आज़ाद हो गयाथा. अब यह मेरे ऊपर था की मैं उसको कितनी आज़ादी देती हूँ. अगर मैं उसे आगे कुच्छ करने देती तू इसका मतलब था की मैंज़्यादा बेकरार हूँ छुड़वाने के लिए और अगरउसे माना करती तू उसका मूड ख़राब हो जाता और शायद फिर वह मुझसे बात भी ना करे. इसलिए मैने बीच का रास्ता लिया औरबनावती ग़ुस्से से बोली, "अरे ये क्या तू तो ज़बरदस्ती करने लगा. तुझे शरम नहीआती."
"ओह् दीदी आपने तू कहाथा की मेरा ब्लौसे मत ख़राब कर. रस पीने को तू माना नही किया था इसलिए मैने ब्लौसे को ऊपरउठा दिया." उसकी नज़र मेरी लेफ्ट चूचि पैरही थी जो की ब्लौसे से बाहर थी. वह अपने को और नही रोक सका और फिर से मेरी चूचि को मुँह मैं ले ली और छ्ोसने लगा.मुझे भी मज़ा आ रहा था और मेरी प्यास इन्कर्ेसए कर रहिति. कुच्छ देर बाद मैने ज़बरदस्तीउसका मुँह लेफ्ट चूचि से हटाया और रिघ्त चूचिकी तरफ़ लाते हुवे बोली, "अरे साले ये दो होतीहैं और दोइनो मैं बराबर का मज़ा होता है
उसनेरिघ्त मम्मे को भी ब्लौसे से बाहर किया और उसका निपपले मुँह मैं लेकर चुभलने लगा और साथ ही एक हाथ से वह मेरी लेफ्टचूचि को सहलने लगा. कुच्छ देर बाद मेरा मननउसके गुलाबी हूँतो को छूमे को करने लगा तू मैने उससे कहा, "कभी किसी को क़िसस किया है "नही दीदी पैर सुनाहै की इसमे बहुत मज़ा आता है
"बिल्कुल ठीक सुना हैपैर क़िसस ठीक से करना आना चाहिए."
"कैसे?"
उसनेपूछा और मेरी चूचि से मुँह हटा लिया. अब मेरी दोनो चूचियाँ ब्लौसे से आज़ाद खुली हवा मैं तनी थी लेकिन मैने उन्हेछ्छूपाया नही बल्कि अपना मुँह उसके मुँह केपास लेजाकर अपने हूनत उसके हूनत पैर रख दिए फिर धीरे से अपने हूनत से उसके हूनत खोलकर उन्हे प्यार से चूसने लगी क़रीबदो मिनुटे तक उसके हूनत चूस्ती रही फिर बोली.
"ऐसे."

meenarp1
07-04-2012, 10:09 PM
वहबहुत एक्शसीतेड हो गया था. इससे पहले की मैं उसे बोलूं की वह भी एक बार्किस्स करने की प्रकटिसे कर ले, वह ख़ुद ही बोला, "दीदी मैं भी करूँआपको एक बार?" "कर ले." मैनेमुस्कराते हुवे कहा.
अमितने मेरी ही स्टयले मैं मुझे क़िसस किया. मेरे हूँतो को चूस्ते समय उसका सीना मेरे सीने पैर आकर दबाव डाल रहा थाजिससे मेरी मस्ती दोगुनी हो गयी थी. उसका क़िसस ख़तम करने के बाद मैने उसे अपने ऊपर सेहटाया और बानहो मैं लेकर फिर से उसके हूनत चूसनेलगी इस बार मैं तोड़ा ज़्यादा जोश से उसे चूस रही थी. उसने मेरी एक चूचि पकड़ ली थी और उसे कस कसकर दबा रहा था.मैने अपनी कमर आगे करके छूट उसके लंड पैर दबाई.लंड तू एकदम तनकर ईरों रोड हो गया था. छुड़वाने का एकदम सही मौक़ा था पैर मैं चाहती थी की वह मुझसे छोड़ने के लिएभीख मांगे और मैं उसपर एहसान करके उसेछोड़नेकी इज़ाज़त दूं.
मैंबोली, "चल अब बहुत हो गया, ला अब तेरी मूट मार दूं.""दीदी एक रेक़ुएस्ट करूँ?" "क्या?" मैने पूच्हा."लेकिन रेक़ुएस्ट ऐसी होनी चाहिए कीमुझे बुरा ना लगे."
ऐसा लग रहा था की वह मेरी बात ही नही सुन रहा है बसअपनी कहे जा रहा है वह बोला, "दीदीमैने सुना है की अंदर डालने मैं बहुत मज़ा आता है डालने वाले को भी और डलवाने वाले को भी. मैं भी एक बार अंदर डालनाचाहता हूँ."
"नहीं अमित तुम मेरेछ्होटे भाई हो और मैं तुम्हारी बड़ी बहन." "दीदी मैं आपकी लूंगा नही बस अंदर डालने दीजिए.""अरे यार तू फिर लेने मैं क्या बचा.""दीदी बस अंदर डालकर देखूँगा की कैसा लगता है छोदुँगा नही प्लेआसए दीदी."
मैने उसपर एहसान करते हुवे कहा, "तुम मेरे भाई हो इसलिए मैं तुम्हारी बात को माना नही कर सकती पैर मेरी एक शर्त है तुमको बतानाहोगा की अक्सर ख़्यालो मैं किसकी छोड़ते हो?" और मैं बेद पैर पैर फैलाकर चित्त लेट गयी और उसेघुटने के बल अपने ऊपर बैठने को कहा. वह बैठा तू उसके प्यजमाके ज़रबंद को खोलकर प्यजमा नीचे कर दिया. उसका लंडतनकर खड़ा था. मैने उसकी बाँह पकड़ कर उसे अपने ऊपर कोहनी के बल लीयता लिया जिससे उसका पूरा वज़न उसके घुटनो औरकोहनी पैर आ गया. वह अब और नही रुक सकता था. उसनेमेरी एक चूचि को मुँह मैं भर लिया जो की ब्लौसे से बाहर थी. मैं उसे अभी और छ्छेड़ना छाती थी. "सुन अमितब्लौसे ऊपर होने से चुभ रहा है ऐसा कर इसको नीचे करकेमेरे संटरे ढांप दे." "नही दीदी मैं इसे खोल देता हूँ." और उसने ब्लौसे के बुट्तों खोल दिया.अब मेरी दोनो चूचिया पूरी नंगी थी. उसने लपककर दोनोको क़ब्ज़े मैं कर लिया. अब एक चूचि उसके मुँह मैं थी और दूसरी को वह मसल रहा था. वह मेरी चूचियों का मज़ालेने

meenarp1
07-04-2012, 10:10 PM
लगाऔर मैने अपना पेट्टीकोत ऊपर करके उसके लंड कोहाथ से पकड़ कर अपनी गीली छूट पैर रग़ादना शुरू कर दिया. कुच्छ देर बाद लंड को छूट के मुँह पैररखकर बोली, "ले अब तेरे चाकू कोअपने खर्बूजे पैर रख दियाहै पैर अंदर आने से पहले उसका नाम बता जिसकी तू बहुत दिन से छोड़ना चाहता है और जिसे याद करके मूटमारता है
वहमेरी चूचियों को पकड़कर मेरे ऊपर झुक गया और अपने हूनत मेरे हूनत पैर रख दिए मैं भी अपना मुँह खोलकर उसके हूनत चूसनेलगी कुच्छ देर बाद मैने कहा,"हाँ तू मेरे प्यारे भाई अब बता तेरे सपनो कीरानी कौन है
"दीदी आप बुरा मतमानिएगा पैर मैने आज तक जितनी भी मूट मारी है सिर्फ़ आपको ख़्यालो मैं रखकर."
"हाय भय्या तू कितनाबेसरम है अपनी बड़ी बहन के बारे मैं ऐसा सोचता था." "ओह् दीदी मैं क्या करूँ आप बहुतख़ूबसूरत और सेक्ष्य है मैं तू कब से अप्पकी चूचियों का रस पीना चाहता था और आपकीछ्होट मैं लंड डालना चाहता था. आज दिल की आरज़ूपूरी हुई." और फिर उसने शरमकार आँखे बंद करके धीरे से अपना लंड मेरी छूट मैं डाला और वादे के मुताबिक़चुपचाप लेट गया.
"अरे तू मुझे इतनाचाहता है मैने तू कभी सोचा भी नही था की घर मैं ही एक लंड मेरे लिए तड़प रहा है पहले बोलाहोता तू पहले ही तुझे मैका दे देती." औरमैने धीरे-धीरे उसकी पीठ सहलनी शुरू कर दी. बीच-बीच मैं उसकी गांड भी दबा देती.
"दीदी मेरी किस्मत देखिए कितनी झांतु है जिस छ्होट केलिए तड़प रहा था उसी छूट मैं लंड पड़ा है पैरछोड़ नही सकता. पैर फिर भी लग रहा है की स्वर्ग मैं हूँ." वह खुल कर लंड छ्होट

meenarp1
07-04-2012, 10:11 PM
बोलरहा था पैर मैने बुरा नही माना. "अच्छा दीदी अब वायदे के मुताबिक़ बाहर निकलता हूँ." औरवह लंड बाहर निकालने को तय्यार हूवा.
मैंतू सोच रही थी की वह अब छूट मैं लंड का धक्का लगाना शुरू करेगा लेकिन यह तू ठीक उल्टा कर रहा था. मुझे उसपर बड़ीदया आई. साथ ही अच्छा भी लगा की वायदे का पक्काहै अब मेरा फ़र्ज़ बनता था की मैं उसकी वफ़ादारी का इनाम अपनी छूट छुड़वकर दूं. इसलिए उससे बोली, "अरे यार तूने मेरी छूटकी अपने ख़्यालो मैं इतनी पूजा की है और तुमने अपनावादा भी निभाया इसलिए मैं अपने प्यारे भाई का दिल नही तूडूंगी. चल अगर तू अपनी बहन को छोड़कर बाहंचोड़बनना ही चाहता है तू छोड़ ले अपनी जवान बड़ीबहन की छूट."
मैनेजानकार इतने गंदे वॉर्ड्स उसे किए थे पैर वह बुरा ना मानकर ख़ुश होता हूवा बोला, "सच दीदी." और फ़ौरन मेरी छूट मैंअपना लंड ढकाधक पैलने लगा की कहीं मैं अपना इरादाना बदल दूं.
"तू हबूत किस्मत वालाहै अमित." मैं उसके कुंवारे लंड की छुड़ाई का मज़ा लेते हुवे बोली."क्यों दीदी?" "अरे म्यार तू अपनीज़िंदगी की पहली छुड़ाई अपनीही बहन की कर रहा है और उसी बहन की जिसकी तू जाने क़ब्से छोड़ना चाहता था."
"हाँ दीदी मुझे तू अबभी यक़ीन नही आ रहा है लगता है सपने मैं छोड़ रहा हूँ जैसे रोज़ आपको छोड़ता था." फिर वहमेरी एक चूचि को मुँह मैं दबा कर चूसने लगा.उसके धाक्को की रफ़्तार अभी भी काम नही हुई थी. मैं भी काफ़ी दीनो के बाद छुड़ रही थी इसलिए मैं भी छुड़ाई कापूरा मज़ा ले रही थी.

meenarp1
07-04-2012, 10:12 PM
वहएक पल रुका फिर लंड को गहराई तक ठीक से पैल्कर ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. वह अब झड़ने वाला था. मैं भी सातवे आसमानपैर पहुँच गयी थी और नीचे से कमर उठा-उठाकर उसकेधाक्को का जवाब दे रही थी. उसने मेरी चूचि छ्छोड़कर मेरे हूँतो की मुँह मैं ले लिया जो की मुझे हमेशा अच्छा लगताथा. मुझे चूमटे हुए कसकस्कर दो चार धक्के दिएऔर और "हाए meenaमेरी जान" कहते हुवे झड़कर मेरे ऊपर छिपक गया. मैने भी नीचे से दो चार धक्के दिए और"हाए मेरे राजा कहते हुवे झाड़ गयी
छुड़ाईके जोश ने हुंदोनो को निढाल कर दिया था. हुंदोनो कुच्छ देर तक यूँ ही एक दूसरे से चिपके रहे. कुच्छ देर बाद मैनेउससे पूच्ह, "क्यों मज़ा आया मेरे बाहंचोड़ भाई को अपनी बहन की छूट छोड़नेमैं उसका लंड अभी भी मेरी छूट मैं था.उसनेमुझे कसकर अपनी बानहो मैं जकदकर अपने लंड को मेरी छूट पैर कसकर दबाया और बोला, "बहुत मज़ा आया दीदी.यक़ीन नही होता की मैने अपनी बहन को छोड़ा है और बाहंचोड़ बन गया हूँ." "तू क्या मैनेतेरी मूट मारी है "नही दीदी यह बात नहीहै "तू क्या तुझे अब अफ़सोस लग रहा है अपनी बहन को छोड़कर बाहंचोड़ बनने का."
"नही दीदी ये बात भीनही है मुझे तू बड़ा ही मज़ा आया बाहंचोड़ बनने मैं मनन तू कर रह की बासस अब सिर्फ़ अपनीदीदी की जवानी का रास ही पीटा रहो. हाय दीदी बल्कि मैं तू सोच रहा हूँ की भगवान नेमुझे सिर्फ़ एक बहन क्यों दी. अगर एक दो औरहोती तू सबको छोड़ता. दीदी मैं तू एह सोच रहा हूँ की यह कैसे छुड़ाई हुई की पूरी तरह से छोड़ लिया लेकिन छूट देखीभी नही."
"कोई बात नही मज़ा तूपूरा लिया ना?" "हाँ दीदी मज़ा तूख़ूब आया." "तू घबराता क्यों हैअब तू तूने अपनी बहन छोड़ ही ली है अब सब कुच्छ तुझे दिखाओँगी. जब तक माँ नही आती मैं घर पैरनंगी ही रहूंगी और तुझे अपनी छूट भी चात्वाओंगी और तेरा लंड भी चूसूंगी. बहुत मज़ा आताहै "सच दीदी?" "हाँ. अच्छा एक बातय है तू इस बात का अफ़सोस ना करकी तेरे सिर्फ़ एक ही बहन है मैं तेरे लिए औरछूट का जुगाड़ कर दूँगी.."
"नही दीदी अपनी बहन कोछोड़ने मैं मज़ा ही अनोखा है बाहर क्या मज़ा आएगा?"

jeetraj
08-04-2012, 09:59 PM
maine apni uncle ki ladki ko choda hai behut maza aata hai

abcl42
14-04-2012, 08:30 PM
मित्रो इस थ्रेड पर रसीली बातों का मजा लें
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=7239&page=26&p=1092621&posted=1#post1092621

vijay1710
14-04-2012, 09:11 PM
me hun na...........

yessachin
15-04-2012, 05:21 PM
सच में बहना, एक औरत ही औरत की चूत की खास जरूरतें समझ कर उन्हें पूरा कर सकती हैं - ये छोकरे तो चूत के साथ बड़ी बेदर्दी से पेश आते हैं...
hum ladk hi to apki pussy shnat kar saket hai

prateek5800
15-04-2012, 11:14 PM
दोस्त से कराई बहिन की चुदाई

दोस्तों मेरा नाम प्रतीक है. दोस्तों में अंतरवासना का बहुत पुराना पाठक हूँ.बहुत दिनों से में अपने जीवन की कहानी आप सभी लोगो के सामने प्रस्तुत करना चाहता था पर डरता था.और लोगों की कहानियां सची है या झूटी में नहीं बता सकता पर मेरी कहानी सौ प्रतिशत सची है.

बात उन दिनों की है जब में दसवी कक्षा में पड़ता था और अपने चाचा जी के साथ रहता था.उनके घर में तीन लोग रहते थे.-चाचा,चची और उनकी बेटी जिसका नाम शशि है.वो नोंवी कक्षा में पढती थी.वो कम उम्र में ही जवान हो गयी थी.में उसका पहली झलक से ही दीवाना हो गया था.उसके व्रक्ष 34 के आस पास होंगे और गांड भी इतनी ही.पर मे उसे चोदना नहीं चाहता था. मेरा 1 दोस्त था जिसका नाम सचिन था.वो जब भी मेरे घर आता था मेरी बहिन को घूर घूर के देखता था.मुझे इस बात का पता था.पर मन ही मना में सचिन को चाहता था,और उससे चुदना चाहता था.तीन सालो तक यही सिलसिला चलता रहा.
एक बार में घर पर अकेला था तो मेने सचिन को घर पर बुला लिया और वो आ गया.वो अपने साथ ब्लू फिल्म की सीडी लाया था.हम दोनों कई बार ब्लू फिल्म देख चुके थे.मेने सीडी कम्पूटर में लगे और देखने लगे.आज मेरे अंदर लोडा लेने की वासना फूट रही थी.मुझे सीडी देख देख कर नशा सा छाने लगा.में सिसकियाँ लेने लगा.में चाहता था सचिन मुझे जम कर चोदे.अब मुझे सचिन को अपनी तरफ आकर्षित करना था.मेने हाल्फ निकर पहना हुआ था और सचिन मेरे साथ बैठा हुआ था.उसको आकर्षित करने के लिए में अपना निकर ऊपर करने लगा पर उसका ध्यान मेरी तरफ नहीं था.मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था की क्या करूँ.तभी मेरे दिमाग में एक तरकीब आई.मेने उससे चाय के लिए पुछा ,उसके हाँ बोलने पर मे चाय बनाने चला गया.अब हम बैठ कर दोनों चाय पीने लगे.तभी मेने चाय अपनी निकर पर गिरा दी.

सचिन-क्या यार प्रतीक आराम से चाय भी नहीं पी सकता.ठीक से फिल्म भी नहीं देखने देता .
मैं-सॉरी यार ,अब क्या करूँ?
सचिन-अपना निकर उतार दे नहीं तो लाल निशान पड़ जायेंगे.
में तो यहीं चाहता था.मेने अपना निकर उतार दिया और फिल्म देखने लगे.में अपना अन्डर वीअर बिलकुल ऊपर कर लिया और साथ में फिल्म देखने लगे.फिल्म देखते देखते उसे भी सेक्स चड़ने लगा.मेने उसकी जांग पर हाथ रख दिया.उसने भी अनजाने में मेरी जांग पर हाथ रख दिया.मेने उसके हाथ पर हाथ रख के ऊपर की और खिसका दिया.
अब उसे पता चल गया था.
सचिन-साले अगर तू लड़की होता तो आज मजा आ जाता.
में-बोल तो तू सही रहा है.पर क्या कर सकते हैं.
सचिन-पर तेरी जांग तो लड़की जैसी गोरी ही हैं.
में-थंक यू.
सचिन-बुरा न मनो तो एक बात बोलू?
में-बोलो.
सचिन-क्या तुम आज लड़की की कमी पूरी कर सकते हो?
में-ठीक है,लेकिन बस थोड़ी देर ,और आज के बाद कभी नहीं.
में तो ख़ुशी में पागल हुआ जा रहा था.उसने एक एक कर के मेरे सारे कपडे उतार दिये.अब मेने बस अन्डर वीअर पहना था.उसने अपनी पेंट उतारी और फिर अपनी अन्डर वीअर में से अपना 7 इंच का लोडा निकला.उसे देखते ही में पागल हो गया.उसने मेरा अन्डर वीअर भी उतार दिया और कमरे में ले गया.उसने मुझे बिस्तर पर फेका,फिर मेरे ऊपर आ गया और अपना लंड मेरे मुह में डाल दिया..में उसे चूसने लगा ,मुझे मजा आ रहा था.फिर थोड़ी देर बाद वो मेरे मूह को चोद रहा था.उसने 15 मिनट तक मेरे मूह को चोदा.
में-सचिन अब रहा नहीं जाता यार,गांड मार ले मेरी जल्दी से.
सचिन-नहीं बस में यही चाहता था,और कुछ नहीं,
में गिडगिडाने लगा,
फिर वो बोला-एक शर्त पर.
में-क्या.
सचिन-यार तेरी बहिन बहुत सेक्सी है.में उसे चोदना चाहता हूँ,तू उसमे मेरी मदद करेगा.
में-हाँ हाँ ,मेने कब मन किया.
सचिन खुश हो गया.उसने मुझे घोड़ी बनाया और तेल लगा कर घुसाने लगा.15 मिनट की मेहनत के बाद आखिर उसका पूरा लोडा मेरी गांड में था.
उसके बाद पूरे कमरे से फच फच की आवाज़ आने लगी.उसने मुझे पांच बार कुत्ते की तरह चोदा.
में उसे अपनी बहिन का लालच दे कर रोज़ चुद्ता.
अब में उसे सारी सच्चाई बता चूका था की मुझे लोडे पसंद हैं.
मेरे कहने पर उसने मुझे अपने दोस्तों से भी चुदवाया.
पर अब में उसे ज्यादा दिनों तक टाल नहीं सकता था.वो बोला-अब जब तक तू अपनी बहिन नहीं चुदवायेगा, में तुझे नहीं चोदुंगा.और मुझे मानना पड़ा.
एक दिन चाचा चाची बाहर गए हुए थे.में और मेरी बहिन घर पर अकेले थे.मेने अपने दोस्त सचिन को घर पर बुला लिया.
मेरी बहिन ने चाय बनाई और अपने कमरे मे सोने चली गयी.
कुछ समय बाद मेने जाकर देखा वो सो चुकी थी.उसने स्कर्ट और टॉप पहना हुआ था.स्कर्ट chota होने के कारण उसकी जांगे दिख रही थी.
मेने सचिन से कहा की तू कमरे में चला जा में बहरा संभालता हूँ.कुछ भी होगा तो में देख लूँगा.
वो कमरे में चला गया,में खिड़की से सब देख रहा था.
वो डर रहा था, डरते डरते उसने शशि की जांगो पर हाथ रख दिया.फिर सहलाने लगा.वो अभी भी डर रहा था.फिर वो स्कर्ट के अंदर हाथ डालने लगा.
तभी मेरी बहिन जाग गयी.
सशी-सचिन भैया,आप.
सचिन-हाँ में.
शशि-आप यहाँ क्या कर रहे हो?
सचिन-शशि.में तुम्हे प्यार करता हूँ और तुम्हे किस करना चाहता हूँ.
तभी शशि ने उसे थप्पड़ मार दिया.और मुझे आवाज़ लगते हुए बाहर आई,में छुप गया.
तभी सचिन बोला-वो किसी काम से बाहर गया है,एक घंटे में आएगा.
शशि के व्यवहार में परिवर्तन आने लगा.शशि ने उसे जाने को कहा.
सचिन-बस मुझे एक किस करने दो में चला जाऊंगा.
शशि-ठीक है,पर गाल पर.उसके बाद तुम चले जाओगे.
फिर सचिन ने उसे किस करना स्टार्ट किया.और करता ही चला गया.
शशि बोली-कितने देर करोगे.
सचिन-में बस एक ही किस कर रहा हूँ न चाहे कितने भी देर तक करूँ.
शशि-हस्ते हुए ,तुम बड़े चालक हो.
सचिन ने फिर उसे चूमना स्टार्ट किया,और 5 मिनट तक चूमता रहा.अब शशि को मजा आने लगा था और वो भी उसे चूमने लगी.मुझे भी ये देख कर अच्छा लग रहा था.मुझे भी ये सब देख कर अच्छा लग रहा था.धीरे धीरे उन्होंने अपने कपडे उतरने शुरू किये.थोड़ी ही देर में वो पूरे नंगे हो गए.शशि को मेने पहली बार नंगा देखा था और देखता ही रह गया.में बाहर से ही मुट्ठी मार रहा था.वो दोनों पागलों की तरह किस कर रहे थे.सचिन ने उसे लोडा चूसने को कहा और वो तो चाहती ही येही थी.वो पागलो की तरह चूस रही थी.सचिन उसके मूह को चोदे जा रहा था.अब में भी चुदना चाहता था.तभी मेने सचिन के दोस्तों को बुला लिया जो मुझे चोदते थे.उनके नाम रवि और राजू हैं.
उनके साथ में दुसरे कमरे में जाने लगा की उन्होंने सचिन और शशि की आवाज़ सुन ली.वो बोले हम तुझे तभी चोदेंगे जब तू हमसे भी अपनी बहिन चुदवायेगा.और मुझे मानना ही था.हम तीनो मेरी बहिन के कमरे में चले गए.हमें देख कर मेरी बहिन डर गयी.
में बोला-डर मत शशि.ये भी मेरे ही दोस्त हैं.
फिर शशि की जान में जान आई.शशि फिर से उसका लोडा चूसने लगी.
रवि और राजू बोले की हम पहले तेरी बहिन को चोदेंगे.मेने कहा ठीक है.और राजू शशि के बूब्स दबाने और चूसने लगा और रवि शशि की चूत चाट रहा था.में वही बैठ कर ये देख रहा था.तीनो ने मेरी बहिन को बिस्तर पर डाला और एक एक कर के मूह चोदने लगे.अब सचिन नीचे लेट गया और शशि को अपने ऊपर लेटा लिया.धीरे धीरे सचिन का लंड शशि के अंदर जा रहा था.शशि सिसकियाँ ले रही थी.और आखिर पूरा लोडा चला ही गया.रवि ने तेल को उसकी गांड पे लगाया और अपना लोडा घुसाने लगा.शशि चिल्ला रही थी पर खुश थी.अब दोनों लोडे उसमे समां चुके थे और बड़ी जोरो से चोद रहे थे,राजू अभी भी बूब्स से खेल रहा था.तभी शशि बोली-भईय्या ,इधर आओ.में उसके पास खड़ा हो गया.उसने मेरा लोडा पकड़ा और चूसने लगी ,में ख़ुशी से पागल हुए जा रहा था.फिर पीछे से रवि हट गया और में अपनी बहिन चोदने लगा.हम चारो ने शशि को हर एंगल में चोदा.उससे अब चला भी नहीं जा रहा था.पर सचिन अब भी उसे नहीं चोद रहा था.सचिन ने उसे घोडा बनाया हुआ था.
रवि ने मुझसे भी घोडा बन्ने को कहा में खुश हो गया.अब में और मेरी बहिन घोड़ी बने हुए थे और वो तीनो बदल बदल कर हमें चोद रहे थे.फिर से उन्होंने अपने लोडे हमें चुसवाए.रवि ने थप्पड़ मार मार कर मेरी गांड लाल कर दी.पर मुझे मजा आ रहा था.फिर तीनो ने मुझे और मेरी बहिन को नीचे बिठाया और एक एक कर के अपना सारा जूस हमारे ऊपर डाल दिया,हम सब खुश थे.में और मेरी बहिन बाथरूम नहाने चले गए की तभी वो तीनो बाथरूम में आ गए,उन्होंने हमें फिर से नीचे बिठाया.में हैरान था.
फिर वो तीनो एक साथ हमारे ऊपर toilet करने लगे.हम toilet में naha चुके थे.फिर वो तीनो चले गए.tab से वो तीनो हमें चोद rahen हैं.
और हम अपने जीवन का मजा ले रहे हैं.pllllllllllssssssssssss replyyyyyy

abcl42
16-04-2012, 10:57 PM
वहएक पल रुका फिर लंड को गहराई तक ठीक से पैल्कर ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. वहअब झड़ने वाला था. मैं भी सातवे आसमानपैर पहुँच गयी थी और नीचे से कमर उठा-उठाकरउसकेधाक्को का जवाब दे रही थी. उसने मेरी चूचि छ्छोड़कर मेरे हूँतो की मुँह मैंले लिया जो की मुझे हमेशा अच्छा लगताथा. मुझे चूमटे हुए कसकस्कर दो चार धक्केदिएऔर और "हाए meenaमेरी जान" कहते हुवे झड़कर मेरे ऊपर छिपक गया. मैनेभी नीचे से दो चार धक्के दिए और"हाए मेरे राजा कहते हुवे झाड़ गयी
छुड़ाईके जोश ने हुंदोनो को निढाल कर दिया था. हुंदोनो कुच्छ देर तक यूँ ही एकदूसरे से चिपके रहे. कुच्छ देर बाद मैनेउससे पूच्ह, "क्यों मज़ा आया मेरेबाहंचोड़ भाई को अपनी बहन की छूट छोड़नेमैं उसका लंड अभी भी मेरी छूट मैं था.उसनेमुझे कसकर अपनी बानहो मैं जकदकर अपने लंड को मेरी छूट पैर कसकर दबाया और बोला, "बहुत मज़ा आया दीदी.यक़ीन नही होता की मैने अपनी बहन को छोड़ा है और बाहंचोड़बन गया हूँ." "तू क्या मैनेतेरी मूट मारी है "नही दीदी यह बातनहीहै "तू क्या तुझे अब अफ़सोस लग रहा है अपनी बहन को छोड़कर बाहंचोड़ बननेका."
"नही दीदी ये बात भीनही है मुझे तू बड़ा ही मज़ा आया बाहंचोड़ बनने मैंमनन तू कर रह की बासस अब सिर्फ़ अपनीदीदी की जवानी का रास ही पीटा रहो. हाय दीदीबल्कि मैं तू सोच रहा हूँ की भगवान नेमुझे सिर्फ़ एक बहन क्यों दी. अगर एक दोऔरहोती तू सबको छोड़ता. दीदी मैं तू एह सोच रहा हूँ की यह कैसे छुड़ाई हुई कीपूरी तरह से छोड़ लिया लेकिन छूट देखीभी नही."
"कोई बात नही मज़ा तूपूरा लिया ना?" "हाँ दीदी मज़ा तूख़ूब आया." "तू घबराता क्यों हैअब तू तूने अपनी बहन छोड़ ही ली है अब सब कुच्छ तुझेदिखाओँगी. जब तक माँ नही आती मैं घर पैरनंगी ही रहूंगी और तुझे अपनी छूट भी चात्वाओंगीऔर तेरा लंड भी चूसूंगी. बहुत मज़ा आताहै "सच दीदी?" "हाँ. अच्छाएक बातय है तू इस बात का अफ़सोस ना करकी तेरे सिर्फ़ एक ही बहन है मैं तेरे लिएऔरछूट का जुगाड़ कर दूँगी.."
"नही दीदी अपनी बहन कोछोड़ने मैं मज़ा ही अनोखा है बाहर क्या मज़ा आएगा?"


मीना जी किस्सा तो बहुत लाजवाब है अब जरा प्लीज सच लिखो की कितना सच है और कितना बढा कर लिख है

valentineus80
16-04-2012, 11:51 PM
एक बार तो स्वाद चख ही लो

Vibhaji kya aap apna swad hume ek bar chakaogi...

caprirahul
18-05-2012, 03:32 PM
babli if u viewing this thread then plz contact me

caprirahul
18-05-2012, 03:37 PM
बोलरहा था पैर मैने बुरा नही माना. "अच्छा दीदी अब वायदेके मुताबिक़ बाहर निकलता हूँ." औरवह लंड बाहर निकालने को तय्यार हूवा.
मैंतू सोच रही थी की वह अब छूट मैं लंड का धक्का लगाना शुरू करेगा लेकिन यह तूठीक उल्टा कर रहा था. मुझे उसपर बड़ीदया आई. साथ ही अच्छा भी लगा की वायदे कापक्काहै अब मेरा फ़र्ज़ बनता था की मैं उसकी वफ़ादारी का इनाम अपनी छूट छुड़वकरदूं. इसलिए उससे बोली, "अरे यार तूने मेरी छूटकी अपने ख़्यालो मैं इतनी पूजाकी है और तुमने अपनावादा भी निभाया इसलिए मैं अपने प्यारे भाई का दिल नही तूडूंगी.चल अगर तू अपनी बहन को छोड़कर बाहंचोड़बनना ही चाहता है तू छोड़ ले अपनी जवानबड़ीबहन की छूट."
मैनेजानकार इतने गंदे वॉर्ड्स उसे किए थे पैर वह बुरा ना मानकर ख़ुश होता हूवाबोला, "सच दीदी." और फ़ौरन मेरी छूट मैंअपना लंड ढकाधक पैलने लगा कीकहीं मैं अपना इरादाना बदल दूं.
"तू हबूत किस्मत वालाहै अमित." मैं उसके कुंवारे लंड की छुड़ाई कामज़ा लेते हुवे बोली."क्यों दीदी?" "अरे म्यार तू अपनीज़िंदगीकी पहली छुड़ाई अपनीही बहन की कर रहा है और उसी बहन की जिसकी तू जाने क़ब्से छोड़नाचाहता था."
"हाँ दीदी मुझे तू अबभी यक़ीन नही आ रहा है लगता है सपने मैं छोड़ रहा हूँजैसे रोज़ आपको छोड़ता था." फिर वहमेरी एक चूचि को मुँह मैं दबा कर चूसनेलगा.उसके धाक्को की रफ़्तार अभी भी काम नही हुई थी. मैं भी काफ़ी दीनो के बादछुड़ रही थी इसलिए मैं भी छुड़ाई कापूरा मज़ा ले रही थी.


mast kahani likhi hai
tum kitni baar chud chuki ho