PDA

View Full Version : प्रेम गुरु की कहानियों पर आपकी राय



prem guru
01-01-2011, 07:12 PM
प्रिय पाठको और पाठिकाओ,

मैंने अन्तर्वासना पर अभी तक बहुत सी कहानियां लिखी हैं. आप सभी ने
मेरी लिखी सभी कहानियाँ पसंद की हैं और उनपर अपनी राय लिखी है.
पर किसी कारणवश अन्तर्वासना सर्वर में आई खराबी के कारण पुरानी
प्रविष्ठियां पाठक नहीं पढ़ पा रहे हैं. मैं यह नया सूत्र प्रारम्भ कर रहा हूँ
जिसमें आप मेरी पुरानी कहानियों पर अपनी राय लिख सकते हैं.

मैंने अभी तक निम्नलिखित कहानियां लिखी हैं :
http://antarvasna.com/writers/premguru.html
तीन चुम्बन
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0743_ghar-me_teen-chumban-1

http://www.antarvasna.com/story.php?id=0747_ghar-me_teen-chumban-2
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0750_ghar-me_teen-chumban-3
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0754_ghar-me_teen-chumban-4
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0760_ghar-me_teen-chumban-5


उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा)
दो नम्बर का बदमाश
मेरी अनारकली
नन्दोइजी नहीं लन्दोइजी
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0781_bhabhi-aur-sali_nandoiji-nahi-landoiji-1
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0782_bhabhi-aur-sali_nandoiji-nahi-landoiji-2

क्यों हो गया ना ?
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0808_baatcheet_kyo-ho-gaya-naa

अभी ना जाओ चोद के …
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0797_padosi_abhi-na-jao-chod-ke-1
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0798_padosi_abhi-na-jao-chod-ke-2
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0801_padosi_abhi-na-jao-chod-ke-3

एक खड़े लंड की करतूत


सावन जो आग लगाएhttp://www.antarvasna.com/story.php?id=0926_ghar-me_savan-jo-aag-lagaye-1

http://www.antarvasna.com/story.php?id=0927_ghar-me_savan-jo-aag-lagaye-2


आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक
मोs…से छल किये जा … सैंयां बे-ईमान
http://www.antarvasna.com/archive2010a.html


काली टोपी लाल रुमाल
लिंगेश्वर की काल भैरवी (एक रहस्य प्रेम कथा)
हाय मेरी शुकू शू
स्वयंवर का सच
जब वी मेट
अंगूर का दाना

वैसे तो हर लेखक को अपनी कृतियाँ पसंद होती हैं पर मुझे तीन चुम्बन,
काली टोपी लाल रुमाल और लिंगेश्वर की काल भैरवी बहुत प्रिय हैं. अगर
आप इन कहानियों पर अपनी राय लिखेंगे तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी.

आभार सहित आपका
प्रेम गुरु

rudra_rng
01-01-2011, 10:46 PM
guruji... aapke dwara likhi gayi kahani lingeshwar ki kaal bharawi wakai me bht badiya kahani hai.....

merasaajan
03-01-2011, 12:38 AM
vaakai mai aap tho kamal ka lhikhte hai aapki kahaniya baar baar padhne ka maan hota hai ''mose chal kiye jaaye ''mujhe behad priy hai aapki nai kahani angur ka dana bahut rasila hai

arti86
03-01-2011, 06:24 PM
kya bataun ki kaun si kahani acchi hai hame to sari kahani acchi lagi

dev b
05-01-2011, 02:26 AM
aap k likhane ki jo shaili , wo hi kabile tarif hai , aap ki likhi sari kanhaninya achhi hai
प्रिय पाठको और पाठिकाओ,

मैंने अन्तर्वासना पर अभी तक बहुत सी कहानियां लिखी हैं. आप सभी ने
मेरी लिखी सभी कहानियाँ पसंद की हैं और उनपर अपनी राय लिखी है.
पर किसी कारणवश अन्तर्वासना सर्वर में आई खराबी के कारण पुरानी
प्रविष्ठियां पाठक नहीं पढ़ पा रहे हैं. मैं यह नया सूत्र प्रारम्भ कर रहा हूँ
जिसमें आप मेरी पुरानी कहानियों पर अपनी राय लिख सकते हैं.

मैंने अभी तक निम्नलिखित कहानियां लिखी हैं :

तीन चुम्बन
उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा)
दो नम्बर का बदमाश
मेरी अनारकली
नन्दोइजी नहीं लन्दोइजी
क्यों हो गया ना ?
अभी ना जाओ चोद के …
एक खड़े लंड की करतूत
सावन जो आग लगाए
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक
मोs…से छल किये जा … सैंयां बे-ईमान
काली टोपी लाल रुमाल
लिंगेश्वर की काल भैरवी (एक रहस्य प्रेम कथा)
हाय मेरी शुकू शू
स्वयंवर का सच
जब वी मेट
अंगूर का दाना

वैसे तो हर लेखक को अपनी कृतियाँ पसंद होती हैं पर मुझे तीन चुम्बन,
काली टोपी लाल रुमाल और लिंगेश्वर की काल भैरवी बहुत प्रिय हैं. अगर
आप इन कहानियों पर अपनी राय लिखेंगे तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी.

आभार सहित आपका
प्रेम गुरु

Bhawani7000
17-01-2011, 09:37 PM
प्रिय वो चुतिये किस्म के लोग होगे जिनको तुम्हारी घटिया तथा नकली फालतु कहानिया पसंद आती है
तुम्हारी कहानी तो मै पठना भ पसंदउ नही करता हूँ
आता जाता कुछ है नही दूसों की कहानिया चुरा कर अपनी बता कर लिख दते हो
अगर आपएक सभ्य इंसान है तो दूसरी बात कहानी मत लिखना
और हा मधुरक थये अंरतवासना और दूसरो किताबो और इंटरनेटसे कहानिया ले कर अपने नाम से बताना बंद कर दो समढे
डाॅ. भवानी भाई
अध्यक्ष
अध्यक्ष मराओ सेवा समिति जोधपुर

ritasoni
18-01-2011, 06:33 PM
Dr. Merasaajan

aapne sahi kaha aise moorkh log kewal apani heen bhaavna ke kaaran doosare lekhakon ki
kahaaniyon par apani khij nikaalte hain. Agar inko kahani pasand nahi aati to kyon padhte
hain ?? kya kisi doctor ne bataya hai ??

Prem Guruji aapk kahaniyaan likhte rahen. aapke bahut se fan hain. aise gaandoo logon ki
baaton ko andekha kar den.

Meri Niyamakon se vinati hai ki aisi previshthiyaan hataane ka prayash karen.

Rita Soni

dayajethalalgada
18-01-2011, 09:14 PM
HI MAA MAATAJI ye kya likh diya tune kamine shree shree 1008 shree premguruji ki kahaniyo ko ghtiya batata hai tune liki hi kya kabhi koi kahani maadachood kya tu jaanta nahi ki gokuldham mai sab prem bhai ki kahaniyon k kitne diwane hai taappu k papa tho premguruji ki kahaniyan pade bina kabhi meri chudai karte hi nhi aapne kunware popatlaalji bhi prem bhai ki kahaniya padh kar hi muth maarte hai aapni babita baby bhi chudwate samaye aayar ka cehra nahi dekhti are bhadve wo kaala hai isliye nahi wo chudai ka maaza premguruji ki kahaniyon k saath leti hai aur aapne ekmeev secretry bhide bhai bhi maadhvi bhaabi k saat chudai ka kaam prem bhai ki kahaniya padte huye hi samppan karte hai tujhe in sex kahaniyon ki kya samajh tu tho hijda hai tune kabhi kisi ki cudaai ki hi nahi hogi mai antarvasna k guruji ko mail karungi ki tere jaise gandmaron ka bhi dhyan rakha kare caal jaane de tu aaj raat premguru ki kahaniyaan padhta jana aur aapne vidio mastar se gaand marwa lena MAJJAA AAYEGA
DAYAJETHALALGADA
GOKULDHAM SOCITY MUMBAI

mr.kamboj
21-01-2011, 09:04 AM
प्रिय पाठको और पाठिकाओ,

मैंने अन्तर्वासना पर अभी तक बहुत सी कहानियां लिखी हैं. आप सभी ने
मेरी लिखी सभी कहानियाँ पसंद की हैं और उनपर अपनी राय लिखी है.
पर किसी कारणवश अन्तर्वासना सर्वर में आई खराबी के कारण पुरानी
प्रविष्ठियां पाठक नहीं पढ़ पा रहे हैं. मैं यह नया सूत्र प्रारम्भ कर रहा हूँ
जिसमें आप मेरी पुरानी कहानियों पर अपनी राय लिख सकते हैं.

मैंने अभी तक निम्नलिखित कहानियां लिखी हैं :

तीन चुम्बन
उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा)
दो नम्बर का बदमाश
मेरी अनारकली
नन्दोइजी नहीं लन्दोइजी
क्यों हो गया ना ?
अभी ना जाओ चोद के …
एक खड़े लंड की करतूत
सावन जो आग लगाए
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक
मोs…से छल किये जा … सैंयां बे-ईमान
काली टोपी लाल रुमाल
लिंगेश्वर की काल भैरवी (एक रहस्य प्रेम कथा)
हाय मेरी शुकू शू
स्वयंवर का सच
जब वी मेट
अंगूर का दाना

वैसे तो हर लेखक को अपनी कृतियाँ पसंद होती हैं पर मुझे तीन चुम्बन,
काली टोपी लाल रुमाल और लिंगेश्वर की काल भैरवी बहुत प्रिय हैं. अगर
आप इन कहानियों पर अपनी राय लिखेंगे तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी.

आभार सहित आपका
प्रेम गुरु

आपकी कहानियाँ अच्छी है पर जो बीच मे बकवास करते हो बड़ा गंदा लगता यार फिलोस्पी कम झाड़ा करो सारा मजा किरकिरा हो जाता है

akamboj2000
24-01-2011, 04:00 PM
प्रिय वो चुतिये किस्म के लोग होगे जिनको तुम्हारी घटिया तथा नकली फालतु कहानिया पसंद आती है
तुम्हारी कहानी तो मै पठना भ पसंदउ नही करता हूँ
आता जाता कुछ है नही दूसों की कहानिया चुरा कर अपनी बता कर लिख दते हो
अगर आपएक सभ्य इंसान है तो दूसरी बात कहानी मत लिखना
और हा मधुरक थये अंरतवासना और दूसरो किताबो और इंटरनेटसे कहानिया ले कर अपने नाम से बताना बंद कर दो समढे
डाॅ. भवानी भाई
अध्यक्ष
अध्यक्ष मराओ सेवा समिति जोधपुर

सही कहा भवानि भाई इसकी कहानिया बकवास लगती है और सभी झूठी भी है क्योंकि जिसने कहानी में खुद लिखा है कि मेरी पत्नी ने मुझे सेक्स के लिए तरसाया जिसकी जो पत्नी को सेक्स के लिए राजी नही कर सकता वो नौकरानी को घंटा चोद सकता है सब बकवास करता है

Miss Smarty Pants
25-01-2011, 12:27 PM
आप की सभी कहानियां काफी उत्कृष्ट होती हैं और सही कहूँ तो ये अन्तर्वासना मंच आपकी कहानियों की सही जगह नहीं लगती. काश आप विदेशों मैं होते और हिंदी छोड़ किसी दूसरी भाषा के लेखक होते तो आपकी आज एक अलग पहचान होती इस मंच से हट के. अफ़सोस हमारा हिंदी पाठक वर्ग अभी तक ऐसी कहानियों के प्रति खुली सोच नहीं रखता और उनकी सुन्दरता को नहीं समझ पाता. आपकी भाषा उत्कृष्ट है, शैली बढ़िया है.. और आपका हरेक क्षेत्र मैं काफी ज्ञान है.. आपको विषय का पूरा ज्ञान है इस वजह से आपकी कहानियां हवा हवाई नहीं लगती. हाँ कुछ लोगों को ये लम्बी लग सकती हैं लेकिन मेरी नज़र में उन्हें ये सोचना चाहिए की जब वो कोई चलचित्र देखते हैं सेक्स की, तब तो चाहते हैं की वे लम्बी लम्बी ज्यादा विवरण वाली हों फिर कहानियों के प्रति वही नजरिया क्यूँ न हो? कहानियो के साथ भी यही बात होती है. बस कल्पना शक्ति को थोडा और विकसित होना चाहिए.

आपकी सबसे अच्छी कहानी मुझे "तीन चुम्बन" लगती है. उसे पढ़ के कोई भी भावनाओं में बह सकता है. और इसमें हास्य भी सुन्दर है. आपकी नयी कहानी इमानदारी से कहूँ तो थोड़ी typed लगती है. लेकिन उसके कुछ हिस्से भी अच्छे बन पड़े हैं. जैसे बाथरूम वाला दृश्य मुझे अच्छा लगा और natural भी.:clap:

वैसे आपकी कहानियों में एक बात खटकती है की आप शारीरिक वर्णन तो १४-१५ साल की किशोरियों का करते हैं परन्तु उन्हें tag लगा देते हैं १८ का! मैंने नहीं सुना किसी लड़की की पिक्की पे बाल १८ की उम्र में आते हुए... इस स्थिति में तो डॉक्टर को दिखाना पड़ेगा..;)

Tabbu
29-01-2011, 09:54 AM
good bos sahi bola aapne
adhiktar story bakwas hai
waise m bhi ek bkwas bhejne wali hu
i m sorry

Tabbu
29-01-2011, 09:58 AM
abe ye tarif karna kha se sikha hai

jackxx
29-01-2011, 11:32 PM
अबे प्रेम गुरु तू इतनी लम्बी कहानिया क्यों लिखता है?
थोड़ी छोटी लिखा कर..
और कहानियो में इतना झूठ मत बोला कर :d

slimsima
01-02-2011, 11:43 AM
प्रिय पाठको और पाठिकाओ,

मैंने अन्तर्वासना पर अभी तक बहुत सी कहानियां लिखी हैं. आप सभी ने
मेरी लिखी सभी कहानियाँ पसंद की हैं और उनपर अपनी राय लिखी है.
पर किसी कारणवश अन्तर्वासना सर्वर में आई खराबी के कारण पुरानी
प्रविष्ठियां पाठक नहीं पढ़ पा रहे हैं. मैं यह नया सूत्र प्रारम्भ कर रहा हूँ
जिसमें आप मेरी पुरानी कहानियों पर अपनी राय लिख सकते हैं.

मैंने अभी तक निम्नलिखित कहानियां लिखी हैं :

तीन चुम्बन
उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा)
दो नम्बर का बदमाश
मेरी अनारकली
नन्दोइजी नहीं लन्दोइजी
क्यों हो गया ना ?
अभी ना जाओ चोद के …
एक खड़े लंड की करतूत
सावन जो आग लगाए
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक
मोs…से छल किये जा … सैंयां बे-ईमान
काली टोपी लाल रुमाल
लिंगेश्वर की काल भैरवी (एक रहस्य प्रेम कथा)
हाय मेरी शुकू शू
स्वयंवर का सच
जब वी मेट
अंगूर का दाना

वैसे तो हर लेखक को अपनी कृतियाँ पसंद होती हैं पर मुझे तीन चुम्बन,
काली टोपी लाल रुमाल और लिंगेश्वर की काल भैरवी बहुत प्रिय हैं. अगर
आप इन कहानियों पर अपनी राय लिखेंगे तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी.

आभार सहित आपका
प्रेम गुरु

prem guruji
maine jab se antarvasna ki kahaniya padna shuru kiya hai aap mere priye lekhk rahe ho aapki kahaniya sexy hote huye bhi kabhi ceep nahi hoti mai tho kai kai baar aapki kahaniyan padti hu aap pyar (sex)karne ka jo andaz bayan karte hai wo kaamal hota hai aap ki kahani kaali topi ne tho meri aankho mai aansu hi la diye the aapki lingeshwar ki kaal bhairwi bhi aashcaryjank kahani thi mere vicaar mai wo antarvasna ki ultimet kahani thi usse behtar kahani ab is sit par koi dusri nahi aa sakti aapki abhi prkashit kahani ''kammo badnaam hui 'kanhi se bhi aapke star ki kahani nahi lagti hai aaisi ghtiya kahaniyan na likha kare aap antarvasna k sabse aacche lekhk hai aisi kahaniyan aapki image ko nuksaan pahucaati hai kripya jaldi se aapke star ki badhiya kahani preshit kare jo basant ki aane waali ritu ko aur bhi rangin kar de
sima

gpsgill
01-02-2011, 03:00 PM
All fucking lies

prem guru
01-02-2011, 06:09 PM
धन्यवाद सीमा

आपने मेरी कहानियों की जी खोल कर प्रसंशा की. मेरी कोशिश रहती है की मैं
अपनी हर कहानी में कुछ नया लिखूं. "कम्मो बदनाम हुयी" कहानी मेरी एक
ई मित्र ने मुझे भेजी थी. मैंने उसे केवल संशोधित ही किया है.

मैं भविष्य में आपके अमूल्य सुझावों का ध्यान रखूँगा. आप इसी तरह अपनी
राय लिखती रहें.

प्रेम गुरु

akamboj2000
02-02-2011, 01:54 PM
धन्यवाद सीमा

आपने मेरी कहानियों की जी खोल कर प्रसंशा की. मेरी कोशिश रहती है की मैं
अपनी हर कहानी में कुछ नया लिखूं. "कम्मो बदनाम हुयी" कहानी मेरी एक
ई मित्र ने मुझे भेजी थी. मैंने उसे केवल संशोधित ही किया है.

मैं भविष्य में आपके अमूल्य सुझावों का ध्यान रखूँगा. आप इसी तरह अपनी
राय लिखती रहें.

प्रेम गुरु


पता नही क्यो मुझे वो कहानी बड़ी चूतिया लगी

kusumrani
15-04-2011, 11:01 AM
अभी तक पढ़ी गयी कहानियों में सबसे सुन्दर कहानी है /वास्तविकता से भरपूर एवं सहज ढंग से कही गयी कहानी है

punjaban rajji kaur
15-04-2011, 10:35 PM
khud ki tareef sunkar to reply kar dete ho ...

jinhe acchi nahi lagi unko bhi to reply karo!

india.remix
18-04-2011, 06:47 PM
wah prem bhai wah, kya kahani likhi hai. jabarjast, rehasya aur romanch se bharpur. utkrat words ka sagar, aur knowledge ki bharmaar, tips se bharpur, dil pe vaar kia hai jalim. superb story.

vaise jaha tak samajhne ki baat hai, thoda boht to me janta hu, jo bate aapko professor ne batai thi, usse aap impress ho gaye, aur vo apke avchetan man ke andar apni chap chod gai, aur hamara avchetan man jo hota hai na, boht shaktishali hota hai, usi ki vajah se hame siddhiya milti hai aur usi ke karan, hamari sixth sense chalti hai, jo hame aane vale samay ke bare me savdhan karti hai, aur jo apne avchetan man to control kar sakta hai, vo aane vale khatre ko pehle hi pehchan leta hai,.

ab dusre hisse me chalte hai, professor sahab ki bato ne apke avchetan man ko jagrat kar dia, vaise aapke upri man me Saloni hi saloni chal raha tha, but apka avchetan man un bato ke bare me boht kuch chal raha tha, so vo aur shaktishali hota gaya, ye baat ham sab jante hai ki kuch insaan aise bhi hai jinke pass aisi sidhiya hai jisse vo atmao ko bhi dekh aur unse baat kar sakte hai. ab aap sochte hai ki apko siddhi mili kaise? to prem bahi, jaisa ki maine kaha, ki siddhi tabhi milti hai jab apka acvhetan man shakti shali hota hai, aur vo hota hai Adhyatm se, aur yaha par, aapke avchetan man ne khud adhyatm ko use kia aur khud ko shaktishali bana lia & aur shaktishali banata gaya banata gaya.

aur prachin kaal me aise rishi bhi the jo Samay yara kar sakte the, aur aaj, me aapko congratulate karta hu ki aaj ke samay me ye aapke sath hua, ye ek naya anubhav hai, you are lucky, barah haal, ye siddhiya jitni shaktishali hoti hai, utni hi khatarnaak bhi hoti hai, jiski vajah se aap apni death ke karib pohch gaye the, aur ye baat me sure hokar kehta hu, ki agar aap vaha mar jate, to aap reality me bhi mare jate. but thank God you were safe.

ab aap sochte honge ki aap vaha pohche kaise? jab apke avchetan man itna shaktishali ho gaya ki aap aatmao ko bhi dekh sake, to aapko veerbhan dikhai dia. aur jaisa ki ham sab jante hai, prakrati bhavishya ko khud set karti hai. usi tarah aapke avchetan man ne veerbhan ko ek guide ke roop me aapke pass bheja, taki uski madad se aap vo sab jaan paye jo aap janna chahte the, kyunki aapko sex me boht ruchi hai, isliye aapka avchetan man us jagah ki tarah aur aakarshit hua, aur fir aapke avchetan man ne aapko karagaar me utarne ko utsuk kia aur aap poch gaye niche, aur chahvash aap aage chale gaye aur kyunki is samay aapka avchetan man apni shakti ki shikhar par tha, uske bad jab aapne veerbhan ko avaj lagai, uske chand samay bad aap apne hoshohavas me nai the, aur aapke avchetan man ne fir aapko us jagah me khud ko dekhna shuru kar dia, aapko yaad hoga ki aapne kuch aisa kaha tha ki aapki Madhur aapse naraj ho gai thi, vo avaj bhi aapke andar ki avaj thi. aur usne fir se aapke avchetan man pe chaap chod di, ab aage, jin jin ko aa[ jante the, aapke avchetan man ne usko hi raja rani etc ko lekar dekhna shuru kar dia, aur aapne clerk ko bhi dekha tha, ab me aapko yaad dilata hu ki us clerk ne aapko kafi wait karvaya tha, aur aapne likha tha ki aap jante hai ki vo kitne kaainyaan hote hai. meri ek baat ka javab doge? jab aapne rajasi kapde pehn rakhe the, to aapke pass mobile kaha se hoga? that not mean ki aapne kapde change kiye, but aap to ek jagah jad ho chuke the aur aapka avchetan man us jagah me khud ko talashne laga, as example, jab ham sote hai aur night me kisi ladki ke sath sex karte hai to subah hamara underwear gila hota hai, kaise? hamare avchetan man ki vajah se. isi tarah vo malaye aapke paas aai.

aur jaha tak aapne apni wife ko dekha, that means, you really love your wife, aur aap chahte ho ki har janam me vo aapko mile, vaise aap sochoge ki aapne to seal todi thi, to mere kapdo me khun ya virya kyu nai tha. to ispar comment ye karunga ki yeme nai keh sakta coz aapne uske baad kapde change kiye the aur aapke hisab se ek raat ke lagbhag aap vaha the. ab aap bologe ki me to bas vaha ek ghanta tha, to me yahi kahunga ki avchetan man jo bhi karta hai, boht teji se karta hai aur ye baat aapko samjhane ki jaroorat nai hai kyunki aap khud samajhdaar hai.


aapko meri theory kaisi lagi, mujhe bataiyega jaroor. aur kuch saval ho to puch lijiyega, vaise mujhe lagta nai hai ki koi saval hoga, jaha tak me janta hu, aapki tarah mene bhi sab kuch sover kia hai.


your friend
Ajay Chauhan

slimsima
28-04-2011, 06:19 PM
अचानक बाथरूम का दरवाज़ा थोडा सा खुला और मधुर ने अपनी मुंडी बाहर निकल कर मुझे आलमारी से नया तौलिया निकाल कर लेन को कहा . मुझे पता है आज वो मुझे अपने साथ बाथरूम के अन्दर तो बिलकुल नहीं आने देगी और कम से कम एक घंटा तो बाथरूम में जरुर लगाएगी क्यों की पिछली रात हमने 2.०० बजे तक प्रेम युद्ध जो किया था . आप सोच रहे होंगे ऐसा क्या था पिछली रात में . ओह … आप नहीं जानते १० नोवंबर हमारी शादी की वर्ष गाँठ आती है तो हम सारी रात एक दूसरे की बाहों में लिपटे प्रेम युद्ध करते रहते हैं .

आलमारी खोल कर जैसे ही मैंने दूसरे कपड़ों के नीचे रखे तौलिये को बाहर खींचा तो उसके नीचे दबी एक काले जिल्द वाली दिअरी नीचे गिर पड़ी . मुझे बड़ी हैरानी हुयी , मैंने पहले इस दिअरी को कभी नहीं देखा था . मैंने उत्सुकतावश उसका pahala prishth खोला .

अन्दर लिखा था “मधुर प्रेम मिलन ” और Diary के बीच एक गुलाब का सूखा फूल भी दबा था .

slimsima
28-04-2011, 06:20 PM
मित्रों ये अंश प्रेमगुरू एक की अप्रकाशित कहानी के हे जो में जल्दी ही अन्तर्वासना पर प्रेषित करुँगी

slimsima
29-04-2011, 03:15 PM
जीप से फार्म हाउस पहुँचने में हमें कोई आधा घंटा लगा होगा। पूरे खेत में सरसों और चने की फसल अपने यौवन पर थी। खेत में दो छोटे छोटे कमरे बने थे और साथ में एक झोपड़ी सी भी थे जिसके पास पेड़ के नीचे 2-3 पशु बंधे थे। पास ही 4-5 मुर्गियाँ घूम रही थी। हमारी गाड़ी देख कर झोपड़ी से 3-4 बच्चे और एक औरत निकल कर बाहर आ गए। औरत की उम्र कोई 25-26 की रही होगी। नाक नक्स तीखे थे और रंग गोरा तो नहीं था पर सांवला भी नहीं कहा जा सकता था। उसने घाघरा और कुर्ती पहन रखी थी और सर पर लूगड़ी (राजस्थानी ओढनी) ओढ़ रखी थी। इन कपड़ों में उसके नितंब और उरोज भरे पूरे लग रहे थे।



“घणी खम्मा शाहजी” उस औरत ने अपनी ओढनी का पल्लू थोड़ा सा सरकाते हुए कहा।



“अरी....कम्मो! देख आज बहूजी आई हैं खेत देखने”

“घनी खम्मा बहूजी....आओ पधारो सा” कम्मो ने मुस्कुराते हुए हमारा स्वागत किया।

“वो....गोपी कहाँ है ?” जगन ने कम्मो से पूछा

“जी ओ पास रै गाम गया परा ए” (वो पास के गाँव गए हैं)

“क्यूँ ?”

“वो आज रात सूँ रानी गरम होर बोलने लाग गी तो बस्ती ऊँ झोटा ल्याण रै वास्ते गया परा ए...”



“ओ.... अच्छा ठीक है” जगन ने मुस्कुराते हुए मेरी ओर देखा और फिर कम्मो से बोला “तू बहूजी को अंदर लेजा और हाँ... इनकी अच्छे से देख भाल करियो.. हमारे यहाँ पहली बार आई हैं खातिर में कोई कमी ना रहे” कहते हुए जगन पेड़ के नीचे बंधे पशुओं की ओर चला गया।



रानी और झोटे का क्या चक्कर था मुझे समझ नहीं आया। मैं और कम्मो कमरे में आ गए।

Saroz
02-05-2011, 12:33 PM
आप मेरे पसंदीदा लेखक रहे हैं,,, मुझे तीन चुम्बन,
काली टोपी लाल रुमाल और लिंगेश्वर की काल भैरवी बहुत प्रिय हैं. अगर
आप उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा) कहानी के बारे में एक लिंक दे. मैं आप का आभारी हमेशा के लिए होगा

slimsima
02-05-2011, 01:46 PM
जीप से फार्म हाउस पहुँचने में हमें कोई आधा घंटा लगा होगा। पूरे खेत में सरसों और चने की फसल अपने यौवन पर थी। खेत में दो छोटे छोटे कमरे बने थे और साथ में एक झोपड़ी सी भी थे जिसके पास पेड़ के नीचे 2-3 पशु बंधे थे। पास ही 4-5 मुर्गियाँ घूम रही थी। हमारी गाड़ी देख कर झोपड़ी से 3-4 बच्चे और एक औरत निकल कर बाहर आ गए। औरत की उम्र कोई 25-26 की रही होगी। नाक नक्स तीखे थे और रंग गोरा तो नहीं था पर सांवला भी नहीं कहा जा सकता था। उसने घाघरा और कुर्ती पहन रखी थी और सर पर लूगड़ी (राजस्थानी ओढनी) ओढ़ रखी थी। इन कपड़ों में उसके नितंब और उरोज भरे पूरे लग रहे थे।



“घणी खम्मा शाहजी” उस औरत ने अपनी ओढनी का पल्लू थोड़ा सा सरकाते हुए कहा।



“अरी....कम्मो! देख आज बहूजी आई हैं खेत देखने”

“घनी खम्मा बहूजी....आओ पधारो सा” कम्मो ने मुस्कुराते हुए हमारा स्वागत किया।

“वो....गोपी कहाँ है ?” जगन ने कम्मो से पूछा

“जी ओ पास रै गाम गया परा ए” (वो पास के गाँव गए हैं)

“क्यूँ ?”

“वो आज रात सूँ रानी गरम होर बोलने लाग गी तो बस्ती ऊँ झोटा ल्याण रै वास्ते गया परा ए...”



“ओ.... अच्छा ठीक है” जगन ने मुस्कुराते हुए मेरी ओर देखा और फिर कम्मो से बोला “तू बहूजी को अंदर लेजा और हाँ... इनकी अच्छे से देख भाल करियो.. हमारे यहाँ पहली बार आई हैं खातिर में कोई कमी ना रहे” कहते हुए जगन पेड़ के नीचे बंधे पशुओं की ओर चला गया।



रानी और झोटे का क्या चक्कर था मुझे समझ नहीं आया। मैं और कम्मो कमरे में आ गए।
दोस्तों मेरी इस प्रविष्ठी पर किसी ने मुझे नेगेटिव साख दिया और कहा की प्रेम्गुरु की चापलूसी बंद करू
में अपने उस मित्र से कहना चाहती हु की ये थो अपनी अपनी पसंद होती मुझे प्रेम गुरु की कहानिया बेहद पसंद हे किसी के नेगेटिव साख देने से क्या फरक पड़ता हे आप से एक निवेदन हे बस आपसे एक ही निवेदन हे की मित्र आप फोरम के लिए गलत शब्दों का प्रयोग न करें

slimsima
02-05-2011, 02:06 PM
आप मेरे पसंदीदा लेखक रहे हैं,,, मुझे तीन चुम्बन,
काली टोपी लाल रुमाल और लिंगेश्वर की काल भैरवी बहुत प्रिय हैं. अगर
आप उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा) कहानी के बारे में एक लिंक दे. मैं आप का आभारी हमेशा के लिए होगा

दोस्त आप प्रेम गुरु की सभी कहानियां ''WWW.PREMGURU.tk'' नामक वेब साईट पर पढ़ सकते हे

slimsima
02-05-2011, 09:27 PM
“ओह... आप भी.... वो... इसको अब निगोड़ी जवानी चढ आई है। पिया मिलन रै वास्ते बावली हुयी जा रई है” कह कर कम्मो खिलखिला कर हँसने लगी तो मेरी भी हंसी निकल गयी।

“अच्छा यह पिया मिलन कैसे करेगी ?”
“आप अभी थोड़ी देर में देख लीज्यो झोटा इसके ऊपर चढ कर जब अपनी गाज़र इसकी फुदकणी में डालेगा तो इसकी गर्मी निकाल देवेगा”
-----प्रेम गुरु की ये नई आने वाली कहानी के कुछ अंश

slimsima
06-05-2011, 10:15 PM
अचानक उनके हाथ में चोली की डोर आ गयी . मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगा . उनका दूसरा हाथ मेरे कूल्हों पर और कभी कभी मेरी जंगों के बीच भी फिर रहा था . मेरी तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था . मैं इस बार कोई विरोध नहीं करना चाहती थी . जिअसे ही उन्होंने डोरी को खींचा दोनों अमृत कलस स्वतंत्र हो गए . उन्होंने चोली को निकाल फेंका . मैंने मारे शर्म के उन्हें कस कर अपनी बाहों में भींच लिया .

उनका मुंह अब मेरे अमृत कलसों के ठीक बीच लगा था . उन्होंने मेरे नर्म उरोजों पर हलके से अपने होंठों और गालों को फिराया तो मेरे स्तनाग्र (चूचक ) तो अहंकारी होकर इतने अकड़ गए जैसे कोई भाले की नोक हों . चने के दाने जैसे चूचक तो गुलाबी से रक्तिम हो गए . मुझे लगा मेरी लाडो में जैसे खलबली सी मचने लगी है . ऐसा पहले तो कभी नहीं हुआ था .
--------------------------------प्रेम गुरु की आने वाली कहानी मधुर प्रेम मिलन के कुछ अंश

Chandrshekhar
06-05-2011, 10:38 PM
अचानक उनके हाथ में चोली की डोर आ गयी . स्वतंत्र हो गए . उन्होंने चोली को निकाल फेंका . मैंने मारे शर्म के उन्हें कस कर अपनी बाहों में भींच लिया .

उनका मुंह अब मेरे अमृत कलसों के ठीक बीच लगा था . उन्होंने मेरे नर्म उरोजों पर हलके से अपने होंठों और गालों को फिराया तो मेरे स्तनाग्र (चूचक ) तो अहंकारी होकर इतने अकड़ गए जैसे कोई भाले की नोक हों . चने के दाने जैसे चूचक तो गुलाबी से रक्तिम हो गए . मुझे लगा मेरी लाडो में जैसे खलबली सी मचने लगी है . ऐसा पहले तो कभी नहीं हुआ था .
--------------------------------प्रेम गुरु की आने वाली कहानी मधुर प्रेम मिलन के कुछ अंश
सह नियामका जी जी नमस्कार सच मैं प्रेम्गुरु की कहानी बहुत ही रोचक है, लेखन कला भी उच्च कोटि की है. किर्पया मुझे इनकी कहानी जो भी अन्तर्वासना पे प्रकाशित हुयी है उनकी लिंक देने की किरपा की जाय.

punjaban rajji kaur
06-05-2011, 11:04 PM
maine diye hain wo negative, kyunki jo member forum chhodkar bhag jata hai uski advertisement karne se kya fayda. aur forum ke bare mein kuch nahi bola tha! sirf tumhe hi likha tha ho kuch bhi likha tha.

dont make it a big deal now


दोस्तों मेरी इस प्रविष्ठी पर किसी ने मुझे नेगेटिव साख दिया और कहा की प्रेम्गुरु की चापलूसी बंद करू
में अपने उस मित्र से कहना चाहती हु की ये थो अपनी अपनी पसंद होती मुझे प्रेम गुरु की कहानिया बेहद पसंद हे किसी के नेगेटिव साख देने से क्या फरक पड़ता हे आप से एक निवेदन हे बस आपसे एक ही निवेदन हे की मित्र आप फोरम के लिए गलत शब्दों का प्रयोग न करें

slimsima
07-05-2011, 04:13 PM
सह नियामका जी जी नमस्कार सच मैं प्रेम्गुरु की कहानी बहुत ही रोचक है, लेखन कला भी उच्च कोटि की है. किर्पया मुझे इनकी कहानी जो भी अन्तर्वासना पे प्रकाशित हुयी है उनकी लिंक देने की किरपा की जाय.

चाँद जी में आपको निम्न कहानियों के लिंक दे रही हु
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1526_kamvali_angoor-ka-dana-1
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1527_kamvali_angoor-ka-dana-2
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1529_kamvali_angoor-ka-dana-4
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1530_kamvali_angoor-ka-dana-5
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1531_kamvali_angoor-ka-dana-6
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1532_kamvali_angoor-ka-dana-7
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1533_kamvali_angoor-ka-dana-8
कहानी नंबर 2
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1148_dosti_kali-topi-lal-rumal-1
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1149_dosti_kali-topi-lal-rumal-2
कहानी 3
मै आपको पेज का लिंक दे रही हु उसमे से कहानी तीन चुम्बन और नंदोई जी नहीं लंदोई जी और दो नुम्बर का बदमाश पढ़ ले
http://www.antarvasna.com/archive2009b.html

slimsima
07-05-2011, 04:22 PM
maine diye hain wo negative, kyunki jo member forum chhodkar bhag jata hai uski advertisement karne se kya fayda. aur forum ke bare mein kuch nahi bola tha! sirf tumhe hi likha tha ho kuch bhi likha tha.

dont make it a big deal nowसवागतम राजी कौर जी मैंने आपको अपनी मित्र सूचि में शामिल कर लिया हे अब आप मुझे पुरे हक के साथ नेगेटिव साख दे सकती हे आपने अपने रेपुटेशन में कहा हे की में प्रेम गुरु की चापलूसी बंद कर दू तो दोस्त आपने शायद कभी उनकी कहानियां पढ़ी ही नहीं वो एक बहुत अछे लेखक हे आप ऊपर की एक प्रविष्ठी में दिए गए लिंक पर उनकी कहानिया पड़े आपको पसंद आएगी
अन्तर्वासना कहानियों के विभाग में प्रेम गुरु और शगन कुमार की कहानियों का एक बहुत बड़ा पाठक वर्ग हे जंहा प्रेम गुरु अन्तर्वासना छोड़ कर जा चुके हे वन्ही शगन कुमार की मृत्यु हो चुकी हे और कहानियों के जरिये ही सदस्य फोरम से जुड़ते हे ये तो आप मानेंगी ही
आप मेरे किसी भी गलत कार्य और प्रविष्टि पर नेगेटिव दे मुझे उनका इंतज़ार रहेगा

Chandrshekhar
07-05-2011, 04:24 PM
चाँद जी में आपको निम्न कहानियों के लिंक दे रही हु
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1526_kamvali_angoor-ka-dana-1
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1527_kamvali_angoor-ka-dana-2
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1529_kamvali_angoor-ka-dana-4
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1530_kamvali_angoor-ka-dana-5
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1531_kamvali_angoor-ka-dana-6


http://www.antarvasna.com/story.php?id=1532_kamvali_angoor-ka-dana-7
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1533_kamvali_angoor-ka-dana-8
कहानी नंबर 2
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1148_dosti_kali-topi-lal-rumal-1
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1149_dosti_kali-topi-lal-rumal-2
कहानी 3
मै आपको पेज का लिंक दे रही हु उसमे से कहानी तीन चुम्बन और नंदोई जी नहीं लंदोई जी और दो नुम्बर का बदमाश पढ़ ले
http://www.antarvasna.com/archive2009b.html

जी आपका धन्यवाद, वेसे तो मेरी स्टोरी मैं कोई रूचि नही है, पर जब आपने यहाँ प्रेम गुरु की एक स्टोरी पोस्ट की तो उसे रीड करके उनकी लेखन कला और शब्दों की चयन्ता (वो भी बिना मादकता खोये हुए ) का मैं कायल हो गया. धन्यवाद.

rajkartiksharma
08-05-2011, 01:42 PM
प्रेम गुरु मेरे प्रेरणा स्त्रोत है, ये उन्ही का प्रयास था की आज मुझे भी लोग अन्तर्वासना पर जानते है... मेरी कुछ कहानियों को प्रेम जी ने सम्पादित किया और उन्होंने मुझे प्रोत्साहित किया और आज मेरी कई कहानियाँ अन्तर्वासना पर है.. प्रेम जी का हार्दिक धन्यवाद

slimsima
14-05-2011, 10:23 PM
एक हुश्न बेपर्दा हुआ और ये वादियाँ महक गयी
चाँद शर्मा गया और कायनात खिल गयी
तुम्हारे रूप की कशिश ही कुछ ऐसी है
जिसने भी देखा बस यही कहा :

ख़्वाबों में ही देखा था किसी हुस्न पारी को ,
किसे खबर थी की वो जमीन पर भी उतर आएगी
किसी को मिलेगा उम्र भर का साथ उसका
और उसकी तकदीर बदल जायेगी .

amit.vasna
17-05-2011, 02:23 AM
धन्यवाद सीमा

आपने मेरी कहानियों की जी खोल कर प्रसंशा की. मेरी कोशिश रहती है की मैं
अपनी हर कहानी में कुछ नया लिखूं. "कम्मो बदनाम हुयी" कहानी मेरी एक
ई मित्र ने मुझे भेजी थी. मैंने उसे केवल संशोधित ही किया है.

मैं भविष्य में आपके अमूल्य सुझावों का ध्यान रखूँगा. आप इसी तरह अपनी
राय लिखती रहें.

प्रेम गुरु

aapki kahaniya kafi acchi hai. aur me forum se jura v tha to keval aur keval aapke aangur ka dana story ko padh kar.....
mujhe aapki 1 baat bahut acchi lagi ki aapne apne uper hue kisi v bure comment ka jawab nhi diya aur keval acche comment ka hi reply diya hai......
pata nhi aapne kis karan se forum ko chora.......
nizi karan ho to koi baat nhi par agar kisi ki baat buri lagne par chora hai to aap galat hain.
har kisi ki apni pasand hoti hai aur aap sabhi ko khush nhi kar sakte. isliye kripya biti tahi bisaar de aage ki sudh le
agar aap dubara wapas aayenge to kai logon ko khusi hogi.

Black Pearl
19-05-2011, 07:32 PM
good stoory to prem gury

neeru
10-06-2011, 09:42 AM
Prem

Tum kahaan ho. mere mails ka jawaab kyon nahi de rahe. Meri kahnai bhji Sima ne post ki he.
Kam se kam ek baar apane baare men bata to do kya huaa he...


... tumhaari Neeru neeruben2u@yahoo.com

slimsima
10-06-2011, 11:40 AM
मुझे नहीं मालूम जी पर आप की भेजी हुई कहानिया अन्तर्वासना पर प्रकाशंके लिए उन्होंने सम्पादित की थी जो मेरे पास हे में भेजती रहूंगी

sushilnkt
10-06-2011, 11:43 AM
आप का सदा इंतजार रहे गा कहानियो को लेकर

slimsima
15-06-2011, 07:54 PM
Simaji,

Meri kahani "Huyi chaudi chane ke khet men" ko Antarvasana ke paathakon ke
liye bhejane ke liye aapka bahut bahut dhanyawaad.

Kay aapko pata hai aajkal Prem Guru kahaan hain aur kya kar rahe hain ? wo aajkal
kisi bhi mail ka jawaab nahi dete ? agar aap ko koi bhi jaankaari ho to mujhe bhi
bataayen. maine 2 aur kahaniyaan bhi unko bheji thi.

Ek baat aapko batana chaahti hoon. mera gmail ka ID pata nahi kyon nahi khul raha.
maine bahut try kiya. Meri saari kahniyon men yahi ID diya huaa tha. aap Antarvasana
ki niyamak hain kya aap meri madad karengi ?

Meri 3 kaahniyon men mera purana id diya huaa hai. kripaya
uski jagah [email] karwa den to aapki kripa hogi. kahaaniyaan
is prakaar hain :

Abhi naa jaao chod kar
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0801_padosi_abhi-na-jao-chod-ke-3


Jab we met
http://www.antarvasna.com/story.php?id=1433_ghar-me_jab-we-met-2



Huyi chaus=di chane ke khet men

http://www.antarvasna.com/story.php?id=1722_koi-mil-gaya_chaudi-hui-chane-ke-khet-me-5





Ek baar aapka fir se dhanyawaad.



Neeru Ben Patel

karunyajat
17-06-2011, 01:19 AM
mujhe ek mast chut ki jarurat hai call kare .................

karunyajat
17-06-2011, 01:20 AM
any girl plz phone sex...................... muje call boy ban ne ki tips dooooooooooo

slimsima
17-06-2011, 06:10 PM
Neeru Ben ne mujhe ek mail bhja tha aapke liye :

हुई चौड़ी चने के खेत में....

मैं (निर्मला बेन पटेल) सबसे पहले प्रेम गुरु और सीमा भारद्वाज का धन्यवाद करना चाहूंगी
जिनके प्रयाश से मेरी उपरोक्त कहानी अन्तर्वासना पर प्रकाशित हो पायी. मैं अन्तर्वासना के
प्रशासक और सभी पाठकों का भी धन्यवाद करती हूँ. आप सभी ने प्रेमगुरु द्वारा रचित मेरी
इस कहानी को बहुत पसंद किया. इस कहानी के बारे में मुझे 4-5 दिन पहले तक लगभग
900 मेल्स मिल चुके थे.

मैं आप सभी के मेल्स का जवाब देना तो चाहती थी पर पता नहीं मेरे मेल में क्या गड़बड़
हो गयी है अब वह खुल नहीं रहा है ? इसीलिए मैंनेD बनाया है

आप सभी मुझे इसी ID पर मेल्स कर सकते हैं. इस सूत्र में कहानी पर अपनी राय लिखेंगे
तो मुझे ख़ुशी होगी. मैंने प्रेम गुरु को अपनी दो अन्य कहानियां भी भेजी थी. मैं सीमा जी
से अनुरोध करुँगी कि मेरी उन कहानियों को भी आप सभी के लिए जल्दी ही प्रकाशित करवा
दें.

आप सभी का एक बार फिर से धन्यवाद.

आपकी नीरू बेन पटेल [email]

vasna4u
18-06-2011, 11:42 AM
लिंगेश्वर की काल भैरवी वाकई मैं बड़ी धांसू कहानी है बॉस

awara.desi
19-08-2011, 12:55 AM
I like your stories Prem guru... & I want chat with you....

Regards

slimsima
21-12-2011, 11:39 PM
मित्रो प्रेम गुरु की नई कहानी '' गांड मारे सैया हमारो '' जल्दी ही अन्तर्वासना पर प्रकाशित होने वाली हे

Rated R
22-12-2011, 10:54 AM
मित्रो प्रेम गुरु की नई कहानी '' गांड मारे सैया हमारो '' जल्दी ही अन्तर्वासना पर प्रकाशित होने वाली हे

इसके हीरो प्रेमगुरु ही होंगे..
या किसी और की कहानी को अपने शब्दों में कहेंगे? (जैसे हाय मेरी शुकु शु)

slimsima
22-12-2011, 10:51 PM
गलत गलत गलत
इस कहानी में आ रही हे सबकी च्हेती आंटी ....अरे नहीं (आंटी मत कहो न) भाबी ???????
निर्मला बेन पटेल उर्फ़ नीरू बेन

faqrudeen
23-12-2011, 02:53 AM
कहानिया अछि हुआ करती थी इनकी. अब पता नहीं कब भेजेंगे नयी कहानी.

slimsima
23-12-2011, 06:42 PM
कहानिया अछि हुआ करती थी इनकी. अब पता नहीं कब भेजेंगे नयी कहानी.

जल्दी ही प्रेम जी की ३ नई कहानिया अन्तर्वासना पर प्रकाशित होने वाली हे
१)गांड मारे सिया हमारो
२)दूसरी सुहागरात
३)तीसरी कसम (प्रेम गुरु की अंतिम कहानी )

Rated R
24-12-2011, 03:20 PM
@slimsima
अंतिम कहानी क्यूँ?
क्या उन्होंने लिखना छोड़ दिया है?

slimsima
24-12-2011, 09:22 PM
@slimsima
अंतिम कहानी क्यूँ?
क्या उन्होंने लिखना छोड़ दिया है?

हाँ उन्होंने करीब करीब १ साल से लेखन कार्य नहीं किया हे मेरे द्वारा प्रेषित कहानिया उन्होंने मुझे हिंदी बदलने के लिए भेजी थी जो अब में प्रेषित करती रहती हु तीसरी कसम कहानी अभी कुछ दिनों पूर्व मुझे प्रेषित की हे जिसमे उन्होंने अपने प्रशंसको को ये बताया हे की उन्होंने लेखन क्यों छोड़ दिया http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=1521

slimsima
26-12-2011, 06:01 PM
प्रेम तो कहता है की कोई भी स्त्री पूर्ण समर्पित तभी बनती है जब पति की हर इच्छा पूरी कर दे . कई बार प्रेम मेरे नितम्बों के बीच अपना हाथ और अंगुलियाँ फिराता रहता है . कभी कभी तो महारानी (मुझे क्षमा करना मैं गांड जैसा गन्दा शब्द प्रयोग नहीं कर सकती ) के मुंह पर भी अंगुली फिराता रहता है . उसने सीधे तौर पर तो नहीं कहा पर बातों बातों में कई बार उसका आनंद ले लेने के बाबत कहा था . उसने बताया की प्रेम आश्रम वाले गुरूजी कहते हैं की ‘जिस आदमी ने अपनी खूबसूरत पत्नी की गांड नहीं मारी उसका यह जीवन तो व्यर्थ ही गया समझो वो तो मानो जिया ही नहीं ’

'''दूसरी सुहाग रात से साभार '''

Saroz
29-12-2011, 04:17 PM
आपकी कहानियां बहुत अच्छी होती है.... आपका बहुत- बहुत धन्यवाद्
उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा)इस कहानी का मुझे लिंक चाहिए कृपया मुझे देने का कष्ट करे

Rated R
29-12-2011, 04:21 PM
आपकी कहानियां बहुत अच्छी होती है.... आपका बहुत- बहुत धन्यवाद्
उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा)इस कहानी का मुझे लिंक चाहिए कृपया मुझे देने का कष्ट करे

http://www.antarvasna.com/story.php?id=0839_fantasy_us-rat-ki-bat-1
http://www.antarvasna.com/story.php?id=0840_fantasy_us-rat-ki-bat-2

Saroz
29-12-2011, 04:56 PM
प्रेम गुरुजी आप लिखना छोड़ रहे हैं.... इस बात का मुझे बहुत दुःख है..
क्योकि अन्तर्वासना पर आप ही ऐसे लेखक है जिसकी मै कहानिया पहली बार पढ़ा और तब से अभी तक इसका दीवाना हूँ....
अब तो मै अन्तर्वासना फोरम को भी ज्वाइन किया.... इसके लिए प्रेरनासुत्र केवल आप हैं.. मेरा ये पोस्ट आप पढ़े या न पढ़े मगर मै दिल से आपको "प्रेम गुरु" मानता हूँ. आप कहानिया लिखे या न लिखे मगर मैं अन्तर्वासना पर जब भी कहानी विभाग को लोगिन करूँगा तो मेरी आँखे केवल आपकी कहानियां ही धुन्धेंगी...

आपको मेरे तरफ से प्यार भरा नमस्कार तथा नए वर्ष २०१२ की हार्दिक सुभ कामनाएं....
-सरोज

amol05
29-12-2011, 05:08 PM
प्रेम गुरु की कहानियाँ में वास्तविक आनंद होता है सभी कहानिया १ से बाद कर १ है और दिल्ली में हुयी "मेला मित्र दा" में भी इनको याद किया गया

slimsima
29-12-2011, 07:17 PM
आप सभी का शुक्रिया प्रेम गुरु की कहानियो को सराहने के लिए

onepolitician
30-12-2011, 02:28 AM
प्रेमगुरु ने लिखना छोड़ा बहुत बुरा लगा, हमारी विनति है अगर कुछ समस्या नहीं हो तोह कभी कभी एखादी कहानी डाल भी दे.

Saroz
30-12-2011, 09:07 AM
प्रेम गुरु ऐसे लेखक है जो हमारे समक्ष सेक्सी कहानियों के असभ्य भाषा को भी अपनी खुबसूरत लेखनी के माध्यम से साहित्यिक रूप दिया......
मुझे पता नहीं आप लोगो में से अधिकतर क्यों उनके लिए अपशब्द भाषा का प्रयोग करते है????

प्रशासक महोदय को अपनी जिमेदारी बखूबी निभानी चाहिए....

slimsima
30-12-2011, 10:08 AM
हाँ अच्छे कार्य की आलोचना तो होती ही रहती हे मित्र

slimsima
30-12-2011, 10:10 AM
प्रेमगुरु ने लिखना छोड़ा बहुत बुरा लगा, हमारी विनति है अगर कुछ समस्या नहीं हो तोह कभी कभी एखादी कहानी डाल भी दे.

आपका धन्यवाद मित्र आपने प्रेमगुरु कोपुनह कहानिया लिखने हेतु आग्रह किया उसके लिए रेपो स्वीकार करे

swami ji
30-12-2011, 10:17 AM
प्रेम गुरु की कहानी आची हे पर बहोत लंबी होने के कारन उसमे जो रोचकता हे वो नहीं रहेती ,एस लिए जोकहानी लिखे वो थोड़ी छोटी लिखे ,,,,,

slimsima
30-12-2011, 11:08 AM
आपकी बात सही हे कहानिया लम्बी तो होती हे पर प्रेमगुरु का उद्द्देशे पाठकों को केवल व्यस्क मनोरंजन ही प्रदान करना नहीं था बल्कि वे कई नविन जानकारियाँ भी अपनी कहानियों में प्रदान करते थे जिससे पाठक लाभान्वित होते थे उनकी ये ही विशेषता उनको अन्य लेखकों से पृथक करती थी (इस तरह की जानकारियाँ एक अन्य लेखक शगन कुमार भी दिया करते थे )

Saroz
30-12-2011, 09:28 PM
आपकी बात सही हे कहानिया लम्बी तो होती हे पर प्रेमगुरु का उद्द्देशे पाठकों को केवल व्यस्क मनोरंजन ही प्रदान करना नहीं था बल्कि वे कई नविन जानकारियाँ भी अपनी कहानियों में प्रदान करते थे जिससे पाठक लाभान्वित होते थे उनकी ये ही विशेषता उनको अन्य लेखकों से पृथक करती थी (इस तरह की जानकारियाँ एक अन्य लेखक शगन कुमार भी दिया करते थे )

आपने बिलकुल सही कहा महाशया.... प्रेम गुरु कि कहानियो में सेक्स मनोरंजन के साथ साथ सेक्स कि अनमोल जानकारियां भी रहती है...उनकी बहुत सी कहानिया आज भी मै बार बार पढ़ता हूँ..... और हर बार एक अलग अनुभव होता है.....
मेरी मंगेतर से जब मै मिलता हूँ तो वो पूछती है कि आप इतने अच्छे तरीके से चुम्बन लेना कहाँ से सीखे है?
मैं अपनी बड़ाई नहीं कर रहा हूँ परन्तु मैंने जो कुछ उनकी कहानियों से सिखा है वो बता रहा हूँ....
नए वर्ष में मै यही आशा करता हूँ कि उनके तरफ से सकारात्मक जवाब आये....


शुभ कामनाओं सहित
-सरोज

slimsima
11-01-2012, 12:01 AM
आज प्रेम गुरु जी का जन्म दिन हे आपको बहुत बहुत बधाई

faqrudeen
11-01-2012, 02:02 AM
इंतज़ार रहेगा प्रिय
जल्दी ही प्रेम जी की ३ नई कहानिया अन्तर्वासना पर प्रकाशित होने वाली हे
१)गांड मारे सिया हमारो
२)दूसरी सुहागरात
३)तीसरी कसम (प्रेम गुरु की अंतिम कहानी )

slimsima
11-01-2012, 11:14 AM
मित्रो आज अन्तर्वासना पर प्रेम गुरु की नई कहानी'' दूसरी सुहागरात'' के दो भाग प्रकाशित किये गए हे आप उन्हें पढ़े और अपनी राय यंहा ज़रूर लिखे
http://www.antarvasna.com/story.php?id=2074_general_dusari-suhagrat-1
http://www.antarvasna.com/story.php?id=2075_general_dusari-suhagrat-2

Rated R
11-01-2012, 11:23 AM
आज प्रेम गुरु जी का जन्म दिन हे आपको बहुत बहुत बधाई

मेरी तरफ से भी उनको हार्दिक बधाई...
अभी कहानी पढता हूँ..

onepolitician
11-01-2012, 11:50 AM
प्रेम गुरु जी बहुत बहुत बधाई

Saroz
11-01-2012, 05:06 PM
आज प्रेम गुरु जी का जन्म दिन हे आपको बहुत बहुत बधाई

मेरे तरफ से भी......

315850

totaram
11-01-2012, 09:38 PM
प्रेम गुरु जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाईयाँ… और आपकी लेखनी के बारे में क्या कहूं… आपकी सारी कहानियाँ अतिउत्तम होती हैं। आपकी "दूसरी सुहागरात" अभी तक की सर्वश्रेस्ठ कहानी है अंतर्वासना पर्… रेपो स्वीकार करें… धन्यवाद! ईश्वर आपको सुखी रखे!!!

slimsima
13-01-2012, 11:50 AM
प्रेम गुरु की कहानी ''दूसरी सुहाग रात '' की सभी कड़ियाँ अन्तर्वासना पर प्रकाशित हो चुकी हे कृपया अपनी राय ज़रूर लिखिए मित्रों

sushilnkt
13-01-2012, 11:58 AM
प्रेम नाम ही काफी हे .. इस शब्द से ही मन के तार में कुछ कुछ होने लगता हे

madhuu
01-02-2012, 10:28 PM
प्रेम गुरु की लेखनी मे कुछ ऎसी बात है, जो सेक्स से बढ कर है, वो शरीर को आत्मा की गहराई से जोडते है, मै उनका मुकाबला " ब्लादिमिर नोबोकोव " के महान उपन्यास " लोलिता " और डी. एच. लारेन्स के उपन्यास " लेडी चेटर्ली'ज़ लवर " से करना चाहुन्गा ।ऎसा महान साहित्यकार यदि साहित्य से नाता तोडना चाहे तो ये हमारे लिये दुखद क्षण है,

slimsima
03-02-2012, 06:48 PM
मित्रो प्रेम गुरु की अंतिम रचना ''तीसरी कसम '' जल्दी ही अन्तर्वासना कहानियों के विभाग मै प्रकाशित होगी आप सभी उसे पढ़े और अपनी राय इस सूत्र पर लिखिए उसी कहानी का एक छोटा सा अंश

slimsima
03-02-2012, 06:50 PM
यह कोई नयी बात नहीं थी। मुझे इस किस्म के बहुत से मेल्स आते ही रहते हैं। "जब वी मेट" कहानी के बाद तो बहुत से लड़कों ने लड़की के नाम से बने आई डी से मुझे मेल करके संपर्क बढाने का प्रयाश किया था। मेरा ख़याल था कि यह भी कोई सिरफिरा लड़का होगा और मुझे बेवजह परेशान कर रहा है। शायद वह सोचता होगा कि मैं किसी लड़की के नाम से बने आई दी से आये मेल का जवाब जल्दी दूंगा। हो सकता है उसे किसी लड़की या आंटी को पटाने के कुछ नुस्खे (टिप्स) चाहिए होंगे या फिर उसे भी किसी लड़की या आंटी का मेल आई डी या फोन नंबर चाहिए होगा ताकि वो भी कहानियों की तरह उनके साथ मज़े कर सके। मैंने उसके मेल का कोई जवाब नहीं दिया। पर जब उसके 3-4 मेल्स और आये तो आखिर मैंने उसे जवाब दिया :

Saroz
03-02-2012, 09:26 PM
मित्रो प्रेम गुरु की अंतिम रचना ''तीसरी कसम '' जल्दी ही अन्तर्वासना कहानियों के विभाग मै प्रकाशित होगी आप सभी उसे पढ़े और अपनी राय इस सूत्र पर लिखिए उसी कहानी का एक छोटा सा अंश


यह कोई नयी बात नहीं थी। मुझे इस किस्म के बहुत से मेल्स आते ही रहते हैं। "जब वी मेट" कहानी के बाद तो बहुत से लड़कों ने लड़की के नाम से बने आई डी से मुझे मेल करके संपर्क बढाने का प्रयाश किया था। मेरा ख़याल था कि यह भी कोई सिरफिरा लड़का होगा और मुझे बेवजह परेशान कर रहा है। शायद वह सोचता होगा कि मैं किसी लड़की के नाम से बने आई दी से आये मेल का जवाब जल्दी दूंगा। हो सकता है उसे किसी लड़की या आंटी को पटाने के कुछ नुस्खे (टिप्स) चाहिए होंगे या फिर उसे भी किसी लड़की या आंटी का मेल आई डी या फोन नंबर चाहिए होगा ताकि वो भी कहानियों की तरह उनके साथ मज़े कर सके। मैंने उसके मेल का कोई जवाब नहीं दिया। पर जब उसके 3-4 मेल्स और आये तो आखिर मैंने उसे जवाब दिया :
Waiting mam....zzzzzzz
कब प्रकाशित होगा.....???

slimsima
04-02-2012, 12:08 AM
ये तो गुरूजी ही जानते होंगे

sonusexy
04-02-2012, 07:45 PM
ये बंधू अब दर्शन देंगे की नहीं सेक्सी सीमा

guruji
04-02-2012, 08:49 PM
Waiting mam....zzzzzzz
कब प्रकाशित होगा.....???

मित्र, अभी शायद 8-10 दिन और लग जाएँ !

groopji
05-02-2012, 01:54 PM
मित्र, अभी शायद 8-10 दिन और लग जाएँ !


गुरूजी महाराज,

मुझे आपसे शिकायत है की आप आज कल फॉरम पर जो इधर उधर घूम कर उत्साहवर्धन करते थे वो आज कल बहुत कम कर दिया है

क्या आप आजकल ज्यादा व्यस्त हो गए है या फिर और कोई कारण है

कृपया एक जानकारी और देने का कष्ट कीजिए


देशमुख जी की सभी साइटों का लिंक चाहिए ................

धन्यवाद

Rated R
05-02-2012, 03:55 PM
गुरूजी महाराज,

मुझे आपसे शिकायत है की आप आज कल फॉरम पर जो इधर उधर घूम कर उत्साहवर्धन करते थे वो आज कल बहुत कम कर दिया है

क्या आप आजकल ज्यादा व्यस्त हो गए है या फिर और कोई कारण है

कृपया एक जानकारी और देने का कष्ट कीजिए


देशमुख जी की सभी साइटों का लिंक चाहिए ................

धन्यवाद

माफ़ करिए आपने आग्रह गुरूजी से किया था .. लेकिन मैंने लिंक दे दिया है...
http://indianpornempire.com/

madhuu
07-02-2012, 09:35 PM
भाई भवानी, कहानी का अर्थ ही कल्पना होता है , यदि आपकॊ प्रेम गुरू की कहानिया पसन्द नही है तो पढते क्यॊ हो, कोइ कहानी खुद लिख कर हमे पढाऒ तो जाने
प्रिय वो चुतिये किस्म के लोग होगे जिनको तुम्हारी घटिया तथा नकली फालतु कहानिया पसंद आती है
तुम्हारी कहानी तो मै पठना भ पसंदउ नही करता हूँ
आता जाता कुछ है नही दूसों की कहानिया चुरा कर अपनी बता कर लिख दते हो
अगर आपएक सभ्य इंसान है तो दूसरी बात कहानी मत लिखना
और हा मधुरक थये अंरतवासना और दूसरो किताबो और इंटरनेटसे कहानिया ले कर अपने नाम से बताना बंद कर दो समढे
डाॅ. भवानी भाई
अध्यक्ष
अध्यक्ष मराओ सेवा समिति जोधपुर

slimsima
17-02-2012, 04:42 PM
तीन चुम्बन से तीसरी कसम तक -प्रेम गुरु

प्रेम गुरु एको अस्ति ना भूतो ना भविष्यति।
प्रिय पाठको,
मैंने प्रेम गुरु की बहुत सी कहानियों को हिंदी में अनुवादित किया था और उनकी अंतिम रचना तीसरीकसम

को भी हिंदी में अनुवादित करने का अवसर मुझे मिला। आप सभी ने अन्य कहानियों की तरह इस कहानी को

भी बहुत पसंद किया। तीन चुम्बन (मिक्की/सिमरन) से लेकर तीसरी कसम (दूसरी सिमरन) तक का प्रेम गुरु की

कहानियों का यह दौर यहीं ख़त्म होता है।


प्रेम गुरु के बारे में मैं अधिक कुछ नहीं जानती पर आप सभी इस बात से सहमत होंगे की वे एक अच्छे

लेखक ही नहीं अछे मित्र, नए लेखकों के प्रेरणा स्रोत, मार्गदर्शक, और अच्छे इंसान भी हैं। उनको भुला

पाना बहुत मुस्किल होगा। किसी के मिलन से बढ़कर उसकी जुदाई अधिक कष्टकारक होती है। सभी पाठक

उनकी लिखी कहानियों को लम्बे समय तक याद करेंगे।
प्रेम गुरु ने अब तक अन्तर्वासना के लिए २०-२५ कहानियां लिखी हैं. काम कथा होते हुए भी
इन कहानियों में कहें भी फूहड़पन या गंदगी नहीं दिखाई देती. इनकी कहानियां केवल सेक्स अपर
ही नहीं है बल्कि काम जीवन की बहुत सी बारीकियां, जानकारी और समाज के अनेजों आयामों
को लिए होती है.

मैं उनकी कुछ प्रसिद्ध कहानियां नीचे दे रही हूँ जिन्हें पाठकों ने बहुत पसंद किया :


तीन चुम्बन
उस रात की बात (एक रहस्य प्रेम कथा)
दो नम्बर का बदमाश
मेरी अनारकली
अभी ना जाओ चोद के …

सावन जो आग लगाए
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक
मोs…से छल किये जा … सैंयां बे-ईमान
काली टोपी लाल रुमाल
लिंगेश्वर की काल भैरवी (एक रहस्य प्रेम कथा)
अंगूर का दाना
मधुर प्रेम मिलन
दूसरी सुहागरात
प्रेम गुरु का जाना निश्चित ही अन्तर्वासना के पाठकों के लिए बहुत बड़ी क्षति है. ऐसे लेखक
सदियों के बाद ही पैदा होते हैं. मैं अन्तर्वासना के तमाम पाठकों से विनीति करूंगी कि आप सभी

इस सुत्र में अपनी राय जरुर लिखें और प्रेम गुरु से कहें कि वो

कहानियाँ लिखना बंद ना करें और फिर से लिखना शुरू करें। यही उसकी प्रेयाशियों के लिए सच्ची

श्रधांजली होगी।

Rated R
17-02-2012, 07:19 PM
तीसरी कसम बहुत ही मादक कहानी है...
लेकिन मुझे तो इस कहानी के अंतिम भाग का इंतज़ार है...शायद कुछ ऐसा पढने को मिले जो अविस्मरनीय बन जाए...!!

Farhan
19-02-2012, 08:54 PM
प्रेम गुरु जी की कलि टोपी लाल रुमाल मुझे बहुत पसंद आई थी मुझे प्रेम गुरु जी से बढ़िया लेखक अन्तर्वासना पर कोई दूसरा नही लगता क्या कोई बता सकता है उन्होंने कहानिया लिखनी बंद क्यों कर दी उनकी कमी खलती है

slimsima
19-02-2012, 11:32 PM
http://www.antarvasna.com/forum/showthread.php?t=1521

Farhan
19-02-2012, 11:37 PM
http://www.antarvasna.com/forum/showthread.php?t=1521


ये तो बहुत बुरा हुआ उनके साथ उनकी कमी बहुत खलती है कहानियो में

MASTRAAM
20-02-2012, 05:07 PM
मुझे लगता है कि ये प्रेमगुरु एक पढे लिखे इंसान हैँ जो विदेशी सेक्स साहित्य को देशी स्टाईल मे पिरो देँते है । आम हिदी पाठक वर्ग को ये नया लगता है । फिर भी ईस तरह की नकल करने की कला सबके पास नही होती ।
कँही कँही पर अपनी संवेदनशील अनुभवोँ को कहानी मे शामिल कर देँते हैँ जिससे रचना बिल्कुल देशी लगने लगती है ।
इनकी तीन चुम्बत एक अच्छी रचना है ।

Rated R
22-02-2012, 05:09 PM
ओह...आज कहानी का अंत पढ़ा ...
इसे पलक का भोलापन कहा जाए या कुछ और...कुछ पता नहीं...!!!!!!!!!

slimsima
22-02-2012, 05:19 PM
मुझे भी कहानी का अंत थोडा अजीब ही लगा हे पूर्ण सच्चाई क्या हे ये प्रेम गुरु के अतिरिक्त कोन जान सकता हे भला

हम तो बस ये उम्मीद कर सकते हे की वे कहानिया लिखना फिर से शुरू कर दे

guruji
22-02-2012, 09:45 PM
प्रेम गुरु की कहानी " तीसरी कसम " मुझे एक सामान्य कहानी लगी। प्रेम गुरु की पूर्व प्रकाशित कहानियों से निम्न स्तर की !
एक आम तन-लोलुप पुरुष एक भोली भाली षोड्शी को सही राह दिखाने की बजाए अपनी हवस का शिकार बना लेता है और फ़िर अपनी तुच्छ सी मजबूरियाँ दर्शा कर पाठकों की सहानुभूति प्राप्त करना चाहता है।
यह पात्र की हवस ही थी कि उसने मासूम नवयौवना के आमंत्रण को स्वीकार किया और उसके साथ सम्भोग किया। कन्या को परिणाम की भयावहता का बोध नहीं था पर पुरुष तो जानता था कि इस असुरक्षित सम्भोग का परिणाम इतना कष्टकारी हो सकता है।

apki.rashmi
22-02-2012, 10:16 PM
Acchi kahaniyan hai. maine abhi hi padhni shuru ki hai. guruji kripya likhna band na karo.

apki.rashmi
22-02-2012, 10:40 PM
प्रेम गुरु की कहानी " तीसरी कसम " मुझे एक सामान्य कहानी लगी। प्रेम गुरु की पूर्व प्रकाशित कहानियों से निम्न स्तर की !
एक आम तन-लोलुप पुरुष एक भोली भाली षोड्शी को सही राह दिखाने की बजाए अपनी हवस का शिकार बना लेता है और फ़िर अपनी तुच्छ सी मजबूरियाँ दर्शा कर पाठकों की सहानुभूति प्राप्त करना चाहता है।
यह पात्र की हवस ही थी कि उसने मासूम नवयौवना के आमंत्रण को स्वीकार किया और उसके साथ सम्भोग किया। कन्या को परिणाम की भयावहता का बोध नहीं था पर पुरुष तो जानता था कि इस असुरक्षित सम्भोग का परिणाम इतना कष्टकारी हो सकता है।

:up:
... is bat se main purntah sahmat hu. agar ye sirf kahani hai to ant badlna chahiye. sacchai hai to guruji ki bat sahi hai. ladkiyaon ko ladke sirf bhog ki vastu ki mantae hain. maje liye fir apni majburi ka rona. Hindi likhne par bhiaaj nahi show ho rahi. malum nahi kyun. sorry.
:right::BangHead::left:

apki.rashmi
22-02-2012, 10:42 PM
Acchi kahaniyan hai. maine abhi hi padhni shuru ki hai. guruji kripya likhna band na karo.

... yeh bina puri kahani padhe likha tha.

usha chauhan
23-02-2012, 11:05 AM
प्रेम गुरु की यह कहानी उनकी वासना की कहानी हे न की प्रेम की एस तरह के वासना के पुजारी एस समाज के लिए कलंक हे जो की अपनी वासना के लिए एक मासूम लड़की की बलि ले ली एस तरह के लोगो को फांसी दे देनी चाहिए

Rated R
23-02-2012, 03:15 PM
प्रेम गुरु की कहानी " तीसरी कसम " मुझे एक सामान्य कहानी लगी। प्रेम गुरु की पूर्व प्रकाशित कहानियों से निम्न स्तर की !
एक आम तन-लोलुप पुरुष एक भोली भाली षोड्शी को सही राह दिखाने की बजाए अपनी हवस का शिकार बना लेता है और फ़िर अपनी तुच्छ सी मजबूरियाँ दर्शा कर पाठकों की सहानुभूति प्राप्त करना चाहता है।
यह पात्र की हवस ही थी कि उसने मासूम नवयौवना के आमंत्रण को स्वीकार किया और उसके साथ सम्भोग किया। कन्या को परिणाम की भयावहता का बोध नहीं था पर पुरुष तो जानता था कि इस असुरक्षित सम्भोग का परिणाम इतना कष्टकारी हो सकता है।

मैं भी यहाँ यही लिखने आया था..~~

लड़की तो मासूम और नादान थी पर पुरुष तो तजुर्बेदार और शादीशुदा था.. अपनी औरत के पीठ पीछे गुलछर्रे उड़ाना और उसे धोखा देना मानवता नहीं है..
ये तो अपने हवस की पूर्ति के लिए किसी की जान लेने के बराबर है,इसलिए वो अब किसी भी सहानुभूति या इज्जत के हकदार नहीं है...!!

rajeshmeena
23-02-2012, 07:58 PM
Mai Rajesh meena, Rajasthan ke Tonk jile se hu. Maine abhi abhi Prem Guru ki antim rachana "Teesri Kasam" padhi. Kahani dil ko chhu gayi. Palak ki maut ke baare mai padhkar kaafi dukh huaa. Sath hi Prem Guru ab kahaniya nahi likhenge, ye padhkar bhi bahut dukh huaa. Mujhe apki kahaniya bahut achchhi lagti hai. Aapne palak se kiya ak vada toda, to kya aap apni ye kasam nahi tod sakte ki aap kahaniya nahi likhenge?
Kya aap apne pathko ki sirf yado me hi simatkar rah jayenge.?
Kya aap apne pathko ki bhavanao ko dhyan me rakhkar fir se kahaniya likhenge?
Mera to apse yahi nivedan hai ki, aap fir se likhe.
Aapke sukhi bhavishy ki kamnao ke sath.
Rajesh meena.

MASTRAAM
23-02-2012, 10:20 PM
अगर कहानी सच्ची है तो लेखक सहानुभूति का पात्र नही है । इस स्थिति मे ये एक बेकार कहानी कहलाएगी । परन्तु मुझे नही लगता कि एसा कुछ है । कहानी न लिखने की और वजह होगी । कहानी के माध्यम से ऐसी वजह बताना तो सरासर बचपना है ।
दूसरी बात है कि लेखक कइ बार कहानी के अंत के लिए कन्फयूज दिखता है ।
कुल मिलाकर एसा लगता है कि सिमरन , मिक्की , पलक लेखक के कल्पना की उपज हैँ ।
फिर भी अर्न्तवासना की अन्य कहानियोँ से अच्छी ही है ।

pkslibra
26-02-2012, 11:29 PM
सुना और प्रेम गुरु का लिखा सन्देश पढ़ा भी की अब ये महाशय कहानियां लिखना बंद कर रहें है अच्छा है अब उबाऊ, झूठी और चोरी की कहानियों से छुटकारा मिल जायेगा central 41

Saroz
27-02-2012, 09:29 AM
बहुत ही मार्मिक कहानी...
मेरी तो आखो से आँसू आ गए.. प्रेम गुरु कि अंतिम रचना बिलकुल मजेदार, कमोतेजक...मै चाहूँगा कि आप फिर से कहानियां लिखिए गुरु...
आभार सहित...

Vrinda
27-02-2012, 09:51 AM
मैं भी यहाँ यही लिखने आया था..~~

लड़की तो मासूम और नादान थी पर पुरुष तो तजुर्बेदार और शादीशुदा था.. अपनी औरत के पीठ पीछे गुलछर्रे उड़ाना और उसे धोखा देना मानवता नहीं है..
ये तो अपने हवस की पूर्ति के लिए किसी की जान लेने के बराबर है,इसलिए वो अब किसी भी सहानुभूति या इज्जत के हकदार नहीं है...!!

मैं भी आपकी और गुरूजी की बात से सहमत हूँ.. की एक नवयोवना, और न के बारबार जानकारी रखने वाली बालिका के साथ सम्भोग अनुचित और मन को कुंठित कर देने वाला है.. इसके पहले दो भाग पड़ने से ही मन में रोष समां गया.. गुस्से के कारण मैंने इसे आगे ना पढ़ने का निर्णय लिया.. क्यूंकि इसे आगे पड़कर इसपर प्रतिक्रया करना.. ऐसी कुकृत्य को बढ़ावा देने जैसा ही है.. हालाँकि ये लेखक की मन की उपज भी हो सकती है पर.. ऐसी सोच मात्र आना भी अपने आप में एक वृकृति है... मैं इसकी कड़ी आलोचना करती हू.. मानती हू की लड़की की मर्जी से ही शायद हुआ हो... पर १८ से कम उम्र की लड़की की मर्जी भी मर्जी नहीं कहलाई जाती.. उसे बलात्कार ही माना जाता है...!!!

आप सभी पाठकों से अनुरोध है कहानी पढकर इस से शिक्षा ना लें ..!!! और अपने आपको ऐसे कुकर्म से दूर रखें.. वरना आप स्वयम को कभी माफ नहीं कर पाएंगे... !!!

Saroz
28-02-2012, 03:11 PM
मैं भी आपकी और गुरूजी की बात से सहमत हूँ.. की एक नवयोवना, और न के बारबार जानकारी रखने वाली बालिका के साथ सम्भोग अनुचित और मन को कुंठित कर देने वाला है.. इसके पहले दो भाग पड़ने से ही मन में रोष समां गया.. गुस्से के कारण मैंने इसे आगे ना पढ़ने का निर्णय लिया.. क्यूंकि इसे आगे पड़कर इसपर प्रतिक्रया करना.. ऐसी कुकृत्य को बढ़ावा देने जैसा ही है.. हालाँकि ये लेखक की मन की उपज भी हो सकती है पर.. ऐसी सोच मात्र आना भी अपने आप में एक वृकृति है... मैं इसकी कड़ी आलोचना करती हू.. मानती हू की लड़की की मर्जी से ही शायद हुआ हो... पर १८ से कम उम्र की लड़की की मर्जी भी मर्जी नहीं कहलाई जाती.. उसे बलात्कार ही माना जाता है...!!!

आप सभी पाठकों से अनुरोध है कहानी पढकर इस से शिक्षा ना लें ..!!! और अपने आपको ऐसे कुकर्म से दूर रखें.. वरना आप स्वयम को कभी माफ नहीं कर पाएंगे... !!!

आपने सायद पूरी कहानी नहीं पढ़ा इसलिए ऐसी बाते कर रही है... विसे इस बात का खुलासा तो पहले भाग में ही है...



"तुम घुमा फिरा कर क्या पूछना चाहती हो साफ़ बोलो ना?" मैं किसी तरह उससे पीछा छुड़ाना चाहता था।

"ओके सर, वो.. वो... 18-19 साल की लड़की के वक्ष का आकार कितना होना चाहिए?"

"तुम्हारी उम्र कितनी है?"

"मैं 13 सितम्बर को पूरी 18 की हो गई हूँ !"

अब मेरे चौंकने की बारी थी। आप समझ ही गए होंगे आज से 18 साल पहले 13 सितम्बर के ही दिन मेरी सिमरन और 3 साल पहले मेरी मिक्की इस दुनिया से चली गई थी। कितना विचित्र संयोग था पलक का जन्म इसी तारीख को हुआ था। हे लिंग महादेव ! कहीं सिमरन ने ही पलक के रूप में दूसरा जन्म तो नहीं ले लिया?

fakeidfornonsense
28-02-2012, 08:03 PM
मित्रो,

प्रेम गुरु की सारी कहानिया आप बीती होती है। अर्थात वो ये दिखते है की ये सब उनके साथ हुआ। अब सवाल ये उठता है की क्या प्रेम गुरु अपनी पत्नी को, जो की उनकी खुशी के लिए गुदा मैथुन के लिए भी तैयार हो गई , धोका नहीं दे रहे। नौकरनी, पड़ोसन, साली , अंजान लड़की किसी को तो नहीं छोड़ा । और ऊपर से तुर्रा ये की मे तो सिमरन की याद मे कर रहा था। अरे सिमरन ने कब कहा की इन सब के साथ संभोग करो। बेचारी पलक को गर्भवती कर के गायब हो गए । बहाना घरवाली के सेवा का। अरे पहले तो रोज उसके साथ चैटिंग और फोन और बाद मे बिलकुल अवॉइड ...... अरे प्रेमगुरु अगर मर्द का बच्चा है तो स्वीकार करे की शुरू से आखिर तक आप सिर्फ वासना के पुजारी रहे है। न की प्रेम के । प्रेम त्याग मांगता है भोग नहीं।

तो दोस्त अपने गलत कामो को justify करने के लिए मरे लोगो का नाम और भावना का दुरुपयोग मेरी निगाह मे छमया नहीं है।

MASTRAAM
28-02-2012, 11:41 PM
आपने बहुत गहरी बात कही है ।
प्रेमगुरु " वासनागुरु " अधिक प्रतीत होतेँ हैँ।

फिर भी , एक लेखक को हमने खो दिया ।
जिनकी कहानियाँ पढकर हम लौडा हिलाया करते थे ।

Noctis Lucis
29-02-2012, 11:38 AM
आपने बहुत गहरी बात कही है ।
प्रेमगुरु " वासनागुरु " अधिक प्रतीत होतेँ हैँ।

फिर भी , एक लेखक को हमने खो दिया ।
जिनकी कहानियाँ पढकर हम लौडा हिलाया करते थे ।
हा हा हा मस्तु , पढाई पर ध्यान दे :)

pkslibra
01-03-2012, 12:15 AM
प्रेम गुरु असल में एक मानसिक रूप से विकृत व्यक्ति था या है जो विकृत कहानिया ही लिख सकता है इस की इस रचना से यही साबित होता है सिमरन और मिक्की इसकी विकृत मानसिकता की शिकार हुई होंगी .

Vrinda
01-03-2012, 09:04 AM
आपने सायद पूरी कहानी नहीं पढ़ा इसलिए ऐसी बाते कर रही है... विसे इस बात का खुलासा तो पहले भाग में ही है...

कहानी खूब अच्छे से पढ़ी है कम से कम पहले दो भाग तो पढ़े ही हैं.. पर जिस तरह की बातें पलक ने की ऐसे में उसकी आयु १८ प्रतीत नहीं होती.. और कोई भी १८ वर्षीय लड़की की जानकारी इतनी कम नहीं होती ऐसे में उस बच्ची की बैटन से अबोधपन झलकता है..!!!

और ये भी जरूरी नहीं की कहानी की हर बात सच हो.. चूँकि साईट की कहानियो का ये नियम है कहानी १८ साल से कम उम्र के किशोर किशोरियो पर नहीं होनी चाहहिये तो हो सकता है मजबूरन वश पलक की उम्र को बढ़ा दिया गया हो..

और ये भी जरूरी नहीं की १८ साल तक उसमें पूरी समझ आई हो ऐसे नासमझ नव योवना के साथ सम्भोग अनुचित है.. कम से कम युवती को उसके परिणाम की जान कारी तो हों ही चहिये जैसे की असुरक्षित यों संबंधो के बाद होने वाली बीमारियों से और असुरक्षित यों सम्बन्ध से होने वाले भ्रूण से भी..!!! ये सब पलक शायद नहीं जान टी थी.. तो क्या आप इसे उचित समझती हैं...???

MASTRAAM
15-03-2012, 12:26 AM
तीन चुम्बन
उस रात की बात
दो नम्बर का बदमाश
मेरी अनारकली
अभी ना जाओ ..
सावन जो आग लगाए
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक
मोs…से छल किये जा … सैंयां बे-ईमान
काली टोपी लाल रुमाल
लिंगेश्वर की काल भैरवी
अंगूर का दाना
मधुर प्रेम मिलन
दूसरी सुहागरात

अपनी आरजू के मोती , बिखरे मिले यहाँ-वहाँ
कुछ चुनने चला था पर राहेँ भटक गयीँ


क्या कोई बन्दा नही है जो इस कमी को पूरा कर सके ?

Lookmaan
01-04-2012, 03:26 PM
सब कहानियोँ का श्रेय मस्तराम को जाता है

slimsima
12-04-2012, 01:26 AM
प्रेम गुरु की कहानी का लिंक

http://antarvasna.com/writers/premguru.html (http://antarvasna.com/writers/premguru.html)

draculla
12-04-2012, 01:47 PM
प्रेम गुरु की कहानी का लिंक

http://www.antarvasna.com/archive/2010a.html (http://www.antarvasna.com/archive/2010a.html)

सीमा जी इस लिंक में तो २०१० की सभी कहानियां दिख रही है!

The Unique
12-04-2012, 02:05 PM
मुझे भी प्रेमगुरु कहानीयाँ बहुत अच्छी लगती है। सच मेँ उनका लिखने का स्टाईल एकदम UNIQUE है। मेरी तरफ प्रेमगुरु और उनकी Unique कहानियोँ को सलाम।

slimsima
12-04-2012, 02:40 PM
अंगूर का दाना कहानी प्रेम गुरु की हे

guruji
12-04-2012, 09:13 PM
http://antarvasna.com/writers/premguru.html

nihal1504
06-05-2012, 10:03 PM
मैं आपका फेन हूँ गुरु जी...मैं आपका फेन हूँ गुरु जी...

Nisar ali
07-05-2012, 05:29 PM
aapki kahani achi lagi

Nisar ali
07-05-2012, 05:31 PM
पता नहीं किस जादू से बंधी मैं बावरी हुई उनके होंठों को जोर जोर से चूमने लगी। आज मैंने जाना कि क्यों सरिता सागर से मिलने भागी जा रही है ? क्यों बादल पर्वतों की ओर दौड़ रहे हैं। क्यों परवाने अपनी जान की परवाह किये बिना शमा की ओर दौड़े चले आते हैं, पपीहरा पी कहाँ पी कहाँ की रट क्यों लगाए है।

Nisar ali
07-05-2012, 05:41 PM
me antarvasna ka naya pathak hu mene prem guru ki kahaniya padhi jo bahut achi lagi. unki tulna aur kisi se nahi ki ja sakti,bahut shaandar bhasha ka namoona pesh kiya, ab ye kahani nahi likhte sunnkar bahut dukh hua, unki kahani aise lagti hai jaise such me aapke saath ho raha hai, unbelieveable

Nisar ali
07-05-2012, 05:42 PM
जिसके लिए विश्वामित्र और नारद जैसे महा-ऋषियों का मन डोल गया वो पल अब मेरे सामने आने वाला था। पहले सुनहरे रोएँ नज़र आये और फिर दो भागो में बटा बुर का पहला नज़ारा- रक्तिम चीरा बाहरी होंठ मोटे और सुर्ख लाल गुलाबी रंगत लिए छोटे होंठ कुछ श्यामलता लिए दोनों आपस में प्रगाढ़ सहेलियों की तरह चिपके हुए और उसके नीचे सुनहरी रंग का गोल गोल गांड का छेद। आह… मैं तो बस इस दिलकश नजारे को देख कर अपनी सुध बुध ही खो बैठा।

Nisar ali
07-05-2012, 05:43 PM
prem aap dubara kahaniya likhna shuru karo plz

Nisar ali
07-05-2012, 05:44 PM
मैं डिब्बे से नीचे उतर आया। गाड़ी चल पड़ी थी। खिड़की से मिक्की का एक हाथ हिलाता हुआ नज़र आ रहा था। मुझे लगा कि उसका हाथ कुछ धुंधला सा होता जा रहा है। शायद मेरी छलछलाती आँखों के कारण। इस से पहले कि वो कतरे नीचे गिरते मैंने अपनी जेब से वोही रेशमी रुमाल निकाला जो मिक्की ने मुझे गिफ्ट किया था और हमारे मधुर मिलन के प्रेम रस से भीगा था, मैंने अपने आंसू पोंछ लिए।

madhuu
08-05-2012, 03:25 PM
मैं भी आपकी और गुरूजी की बात से सहमत हूँ.. की एक नवयोवना, और न के बारबार जानकारी रखने वाली बालिका के साथ सम्भोग अनुचित और मन को कुंठित कर देने वाला है.. इसके पहले दो भाग पड़ने से ही मन में रोष समां गया.. गुस्से के कारण मैंने इसे आगे ना पढ़ने का निर्णय लिया.. क्यूंकि इसे आगे पड़कर इसपर प्रतिक्रया करना.. ऐसी कुकृत्य को बढ़ावा देने जैसा ही है.. हालाँकि ये लेखक की मन की उपज भी हो सकती है पर.. ऐसी सोच मात्र आना भी अपने आप में एक वृकृति है... मैं इसकी कड़ी आलोचना करती हू.. मानती हू की लड़की की मर्जी से ही शायद हुआ हो... पर १८ से कम उम्र की लड़की की मर्जी भी मर्जी नहीं कहलाई जाती.. उसे बलात्कार ही माना जाता है...!!!

आप सभी पाठकों से अनुरोध है कहानी पढकर इस से शिक्षा ना लें ..!!! और अपने आपको ऐसे कुकर्म से दूर रखें.. वरना आप स्वयम को कभी माफ नहीं कर पाएंगे... !!!व्रन्दा जी, अभी तक भारत मे १६ वर्ष से छोटी लडकी के साथ सम्भोग ही बलात्कार की परिभाषा मे आता है, चाहे उस की रजामन्दी से ही हो

१६ वर्ष या उससे बडी लडकी के साथ उसकी स्वतन्त्र इच्छा से सम्भोग अपराध नही है

madhuu
08-05-2012, 03:27 PM
जिसके लिए विश्वामित्र और नारद जैसे महा-ऋषियों का मन डोल गया वो पल अब मेरे सामने आने वाला था। पहले सुनहरे रोएँ नज़र आये और फिर दो भागो में बटा बुर का पहला नज़ारा- रक्तिम चीरा बाहरी होंठ मोटे और सुर्ख लाल गुलाबी रंगत लिए छोटे होंठ कुछ श्यामलता लिए दोनों आपस में प्रगाढ़ सहेलियों की तरह चिपके हुए और उसके नीचे सुनहरी रंग का गोल गोल गांड का छेद। आह… मैं तो बस इस दिलकश नजारे को देख कर अपनी सुध बुध ही खो बैठा।
बेहद खूबसूरत वर्णन है, निसार भाई ।
मज़ा आ गया