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View Full Version : राखी पर्व पर विशेष (आपकी नज़र मेँ रक्षा बन्धन का महत्व)



Mr_perfect
11-08-2011, 09:23 PM
13 अगस्त 2011

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रक्षा बंधन का पर्व एक ऎसा पर्व है, जो धर्म और वर्ग के भेद से परे भाई - बहन के स्नेह की अटूट डोर का प्रतीक है। बहन द्वारा भाई को राखी बांधने से दोनों के मध्य विश्वास और प्रेम का जो रिश्ता बनता है, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। रक्षा बंधन की पर्व का सबसे खूबसूरत पहलू यही है कि यह पर्व धर्म ओर जाति के बंधनों को नहीं मानता। अपने इसी गुण के
कारण आज इस पर्व की सराहना पूरी दुनिया में की जाती है। जब भी कोई कार्य शुभ समय में किया जाता है, तो उस कार्य की शुभता में वृद्धि होती है. भाई- बहन के रिश्ते को अटूट बनाने के लिये इस राखी बांधने का कार्य शुभ मुहूर्त समय में करना चाहिए।
http://luckyji.com/wp-content/uploads/2009/08/rakhi-raksha-bandhan.jpg

Mr_perfect
11-08-2011, 09:31 PM
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
रक्षा- बंधन का पावन पर्व भद्रा रहित समय में मनाना शुभ रहता है। 13 अगस्त, 2011, शनिवार के दिन दोपहर का समय राखी बांधने के लिये समय शुभ रहेगा। इस
दिन भद्रा का समय 12:07 मिनट तक रहेगा। इसलिये भद्रा के समाप्त होने के बाद राखी बांधी जा सकती है। शुभ समय 12:07 से शुरु होकर 13:50 मिनट तक रहेगा। सामान्यत: उतरी भारत जिसमें पंजाब, दिल्ली, हरियाणा आदि में प्रात: काल में ही राखी बांधने का शुभ कार्य किया जाता है. परम्परा वश अगर किसी व्यक्ति को परिस्थितिवश भद्रा-काल में ही रक्षा बंधन का कार्य करना हों, तो भद्रा मुख को छोड़कर भद्रा-पुच्छ काल में रक्षा - बंधन का कार्य करना शुभ रहता है। शास्त्रों के
अनुसार में भद्रा के पुच्छ काल में कार्य करने से कार्यसिद्धि और विजय प्राप्त होती है। परन्तु भद्रा के पुच्छ काल समय का प्रयोग शुभ कार्यों के के लिये विशेष परिस्थितियों में
ही किया जाना चाहिए।

Mr_perfect
11-08-2011, 09:38 PM
भद्रा काल विचार
13 अगस्त 2011 के दिन भद्रा सुबह 12:07 मिनट तक रहेगी। इस दिन इस अवधि से पूर्व
बहनों का भाईयों को राखी बांधना उचित नहीं रहेगा।
13 अगस्त, 2011 के दिन भद्रामुख काल 08:59 से लेकर 11:04 मिनट तक रहेगा।
अत: इस भद्रा मुख काल का त्याग करना चाहिए। भद्रा का पुच्छ काल 13 अगस्त, 2011 के दिन 07:44 से लेकर 08:59 तक रहेगा। इस अवधि में यह कार्य किया जा सकता है।

Mr_perfect
11-08-2011, 09:47 PM
बहन के प्रति भाईयों के
दायित्वों का बोध कराने का पर्व
वेद शास्त्रों के अनुसार रक्षिका को आज के आधुनिक समय में राखी के नाम से जाना जाता है। रक्षा सूत्र को सामान्य बोलचाल की भाषा में
राखी कहा जाता है। इसका अर्थ
रक्षा करना, रक्षा को तत्पर रहना या रक्षा करने का वचन देने से है। श्रावण मास की पूर्णिमा का महत्व इस बात से और बढ़ जाता है कि इस दिन पाप पर पुण्य, कुकर्म पर सत्कर्म और कष्टों के उपर सज्जनों का विजय हासिल करने के प्रयासों का आरंभ हो जाता है। जो व्यक्ति अपने शत्रुओं या प्रतियोगियों को परास्त करना चाहता है उसे इस दिन वरूण देव की पूजा करनी चाहिए। दक्षिण भारत में इस दिन न केवल हिन्दू वरन् मुसलमान, सिक्ख और ईसाई सभी समुद्र तट पर नारियल और पुष्प चढ़ाना शुभ समझा जाता है नारियल
को भगवान शिव का रुप माना गया है। नारियल में तीन आंखे होती है। तथा भगवान शिव की भी तीन आंखे है।
धागे से जुडे अन्य संस्कार
हिन्दू धर्म में प्रत्येक पूजा कार्य में हाथ में कलावा ( धागा ) बांधने का विधान है। यह धागा व्यक्ति के उपनयन संस्कार से लेकर उसके अन्तिम संस्कार तक
सभी संस्करों में बांधा जाता है। राखी का धागा भावनात्मक एकता का प्रतीक है। स्नेह व विश्वास की डोर है। धागे से संपादित होने वाले संस्कारों में उपनयन संस्कार, विवाह और
रक्षा बंधन प्रमुख है। पुरातन काल से वृक्षों को रक्षा सूत्र बांधने की परंपरा है। बरगद के वृक्ष को स्त्रियां धागा लपेटकर रोली, अक्षत, चंदन, धूप और दीप दिखाकर पूजा कर अपने
पति के दीर्घायु होने की कामना करती है। आंवले के पेड़ पर धागा लपेटने के पीछे मान्यता है कि इससे उनका परिवार धन धान्य से परिपूर्ण होगा।
वह भाइयों को इतनी शक्ति देता है कि वह अपनी बहन की रक्षा करने में समर्थ हो सके। श्रवण का प्रतीक राखी का यह त्यौहार धीरे-धीरे राजस्थान के अलावा अन्य कई प्रदेशों में भी प्रचलित हुआ और सोन, सोना अथवा सरमन नाम से जाना गया।

Mr_perfect
11-08-2011, 10:10 PM
इस बार राखी का पर्व शनिवार को है तो जाहिर है सभी भाईयोँ ने बहनोँ को देने के लिए कुछ न कुछ तोहफोँ का बन्दोबस्त कर लिया होगा। सभी को इस पर्व का इंतजार रहता है। भाई बहन के बीच प्रगाढ़ प्रेम के प्रतीक इस त्योहार का आपके लिए क्या महत्व है कृप्या यहाँ बताएँ। मुझे तो इस पर्व का बड़ी उत्सुक्ता से इंतजार रहता है क्योँकि एक तो इस दिन भाई बहन के प्रेम को बल मिलता है दूसरा इस दिन बहुत सारी मिठाई खाने को मिलती है।;-)
http://vedic-astrosolutions.com/wp-content/uploads/2010/08/sweets1.jpg
मिठाईऽऽऽऽ
यमऽ यमऽऽ
_____________

guruji
12-08-2011, 07:31 AM
राखी के पावन अवसर पर नया स्माईली
:rakhi:

Mr_perfect
12-08-2011, 08:18 AM
राखी के पावन अवसर पर नया स्माईली
:rakhi:

बढ़िया कार्य गुरु जी
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Marcus Fenix
12-08-2011, 08:28 AM
भद्रा काल विचार
13 अगस्त 2011 के दिन भद्रा सुबह 12:07 मिनट तक रहेगी। इस दिन इस अवधि से पूर्व
बहनों का भाईयों को राखी बांधना उचित नहीं रहेगा।
13 अगस्त, 2011 के दिन भद्रामुख काल 08:59 से लेकर 11:04 मिनट तक रहेगा।
अत: इस भद्रा मुख काल का त्याग करना चाहिए। भद्रा का पुच्छ काल 13 अगस्त, 2011 के दिन 07:44 से लेकर 08:59 तक रहेगा। इस अवधि में यह कार्य किया जा सकता है।

भद्रा OR पुच्छ काल bhi smjha do

Marcus Fenix
12-08-2011, 08:28 AM
राखी के पावन अवसर पर नया स्माईली
:rakhi:

thnx Admin .......

badboy123455
12-08-2011, 09:25 AM
:rakhi::rakhi::rakhi:

Mr_perfect
12-08-2011, 06:27 PM
भद्रा OR पुच्छ काल bhi smjha do

बताआ है मित्र
_____________

Mr_perfect
13-08-2011, 06:34 AM
राखी के त्योहार की सभी को ढेरोँ शुभ कामनाएँ
:rakhi:
:rakhi:
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Kamal Ji
13-08-2011, 07:37 AM
राखी के त्योहार की सभी को ढेरोँ मंगल कामनाएँ


http://Raksha-Bandhan--1.jpg (63.4 KB)

Chandrshekhar
13-08-2011, 08:35 AM
:rakhi:मित्रो आप सबसे निवेदन है की किसी भी बहन से राखी सच्चे मन से बंधवाये, ओर ताउम्र उसको निभाये , ये नहीं कर सकते तो उनसे माफी मांगते हुवे राखी ना बँधवाये , बहनो से भी ऐसी ही अपील है, राखी के बंधन को हमेशा निभाये, भाई का हमेशा ख्याल रखे ॥ झूठ मूठ राखी बांध के या बँधवा के पवित्र रिश्ते ओर पावन पर्व का अपमान ना करे ॥ :rakhi:

man-vakil
13-08-2011, 05:04 PM
कुछ रेशम के धागे है जो बाँधते है , प्रेम का एक सच्चा नाता,
वो छोटी बहन या बड़ी दीदी के संग अविरल स्नेह को जगाता,
कलाई पर बंधकर जो ना जाने कैसे मन की गहराई को पाते,
जो व्यापारिकता से हटकर , भाई बहन के रिश्तों को सजाते,
जब वो दूर हो जाती तो कैसे मेरे नेत्रों से बहने लगती अश्रु धारा,
जिस बहन के संग खेला, कैसे भुला दूँ वो रिश्ता प्यारा हमारा,
आज फिर उसी रिश्तों को मज़बूत करने का फिर वो दिन है आया,
सदा नमन है उस देव तुल्य को जिसने रक्षा बंधन का दिन है बनाया......
======मन वकील

palak_baroda
13-08-2011, 08:26 PM
कुछ रेशम के धागे है जो बाँधते है , प्रेम का एक सच्चा नाता,
वो छोटी बहन या बड़ी दीदी के संग अविरल स्नेह को जगाता,
कलाई पर बंधकर जो ना जाने कैसे मन की गहराई को पाते,
जो व्यापारिकता से हटकर , भाई बहन के रिश्तों को सजाते,
जब वो दूर हो जाती तो कैसे मेरे नेत्रों से बहने लगती अश्रु धारा,
जिस बहन के संग खेला, कैसे भुला दूँ वो रिश्ता प्यारा हमारा,
आज फिर उसी रिश्तों को मज़बूत करने का फिर वो दिन है आया,
सदा नमन है उस देव तुल्य को जिसने रक्षा बंधन का दिन है बनाया......
======मन वकील

राखी के त्योहार की सभी को ढेरोँ शुभ कामनाएँ