View Full Version : अधूरापन ज़रूरी है जीने के लिए ............
bhavna singh
13-08-2011, 01:02 PM
दोस्तों आज मैं आपको यह बताते हुए काफ़ी अच्छा feel कर रही हूँ कि आज मै आपको NCR के एक Post Graduate College में पढाने वाली एक सम्माननीय Lecturer के द्वारा लिखा एक बहुत ही interesting write-up आपके साथ share कर रही हूँ :
bhavna singh
13-08-2011, 01:05 PM
Title : अधूरापन ज़रूरी है जीने के लिए....
Authored By: Mrs. Shikha Mishra
Profession: Lecturer ( Psychology)
bhavna singh
13-08-2011, 01:07 PM
अधूरापन शब्द सुनते ही मन में एक negative thought आ जाती है. क्योंकि यह शब्द अपने आप में जीवन की किसी कमी को दर्शाता है. पर सोचिये कि अगर ये थोड़ी सी कमी जीवन में ना हो तो जीवन खत्म सा नहीं हो जायेगा?
bhavna singh
13-08-2011, 01:09 PM
अगर आप ध्यान दीजिए तो आदमी को काम करने के लिए प्रेरित ही यह कमी करती है. कोई भी कदम, हम इस खालीपन को भरने की दिशा में ही उठाते हैं.Psychologists का कहना है कि मनुष्य के अंदर कुछ जन्मजात शक्तियां होती हैं जो उसे किसी भी नकारात्मक भाव से दूर जाने और available options में से best option चुनने के लिए प्रेरित करती हैं. कोई भी चीज़ जो life में असंतुलन लाती है , आदमी उसे संतुलन की दिशा में ले जाने की कोशिश करता है.
bhavna singh
13-08-2011, 01:10 PM
अगर कमी ना हो तो ज़रूरत नहीं होगी, ज़रूरत नहीं होगी तो आकर्षण नहीं होगा, और अगर आकर्षण नहीं होगा तो लक्ष्य भी नहीं होगा. अगर भूख ना लगे तो खाने की तरफ जाने का सवाल ही नहीं पैदा होता. इसलिए अपने जीवन की किसी भी कमी को negative ढंग से देखना सही नहीं है. असल बात तो ये है कि ये कमी या अधूरापन हमारे लिए एक प्रेरक का काम करता है.
bhavna singh
13-08-2011, 01:12 PM
कमियां सबके जीवन में होती हैं बस उसके रूप और स्तर अलग-अलग होते हैं. और इस दुनिया का हर काम उसी कमी को पूरा करने के लिए किया जाता रहा है और किया जाता रहेगा. चाहे जैसा भी व्यवहार हो , रोज का काम हो, office जाना हो, प्रेम सम्बन्ध हो या किसी से नए रिश्ते बनान हो सारे काम जीवन के उस खालीपन को भरने कि दिशा में किये जाते है. हाँ, ये ज़रूर हो सकता है कि कुछ लोग उस कमी के पूरा हो जाने के बाद भी उसकी बेहतरी के लिए काम करते रहते हैं.
aawara
13-08-2011, 01:13 PM
बहुत अच्छा सूत्र है ,लगे रहिये ............................
वैसे , आवारापन भी जरुरी है जीने के लिए .........................
bhavna singh
13-08-2011, 01:13 PM
आप किसी भी घटना को ले लीजिए आज़ादी की लड़ाई, कोई क्रांति ,छोटे अपराध, बड़े अपराध या कोई परोपकार, हर काम किसी न किसी अधूरेपन को दूर करने के लिए हैं.कई शोधों से तो ये तक proof हो चुका है कि व्यक्ति किस तरह के कपड़े पहनता है, किस तरह कि किताब पढता है, किस तरह का कार्यक्रम देखना पसंद करता है और कैसी संस्था से जुड़ा है ये सब अपने जीवन की उस कमी को दूर करने से सम्बंधित है.
bhavna singh
13-08-2011, 01:16 PM
महान psychologist Maslow(मैस्लो) ने कहा है कि व्यक्ति का जीवन पांच प्रकार कि ज़रूरतों के आस – पास घूमता है.
http://antarvasna.com/forum/attachment.php?attachmentid=188386&stc=1&d=1313221543
bhavna singh
13-08-2011, 01:19 PM
पहली मौलिक ज़रूरतें; भूख, प्यास और सेक्स की.
दूसरी सुरक्षा की
तीसरी संबंधों या प्रेम की ,
चौथी आत्मा-सम्मान की
और पांचवी आत्मसिद्धि (self-actualization) की जिसमे व्यक्ति अपनी क्षमताओं का पूरा प्रयोग करता है.
bhavna singh
13-08-2011, 01:22 PM
बहुत अच्छा सूत्र है ,लगे रहिये ............................
वैसे , आवारापन भी जरुरी है जीने के लिए .........................
ये आपकी अपनी सोंच पर निर्भर करता है
bhavna singh
13-08-2011, 01:23 PM
ज़रूरी नहीं की हम अपने जीवन में Maslow’s Hierarchy of needs में बताई गयी सारी stages तक पहुँच पाएं और हर कमी को दूर कर पाएं, पर प्रयास ज़रूर करते हैं.
bhavna singh
13-08-2011, 01:24 PM
कई घटनाएँ ऐसी सुनने में आती हैं जहाँ लोगों ने अपने जीवन की कमियों को अपनी ताकत में बदला हैं और जिसके कारण पूरी दुनियां उन्हें जानती है जिसमे Albert Einstein और Abraham Lincoln का नाम सबसे ऊपर आता है.
bhavna singh
13-08-2011, 01:27 PM
Albert Einstein जन्म से ही learning disability का शिकार थे , वह चार साल तक बोल नहीं पाते थे और नौ साल तक उन्हें पढ़ना नहीं आता था. College Entrance के पहले attempt में वो fail भी हो गए थे. पर फिर भी उन्होंने जो कर दिखाया वह अतुलनीय है.
bhavna singh
13-08-2011, 01:29 PM
Abraham Lincoln ने अपने जीवन में health से related कई problems face कीं. उन्होंने अपने जीवन में कई बार हार का मुंह देखा यहाँ तक की एक बार उनका nervous break-down भी हो गया,पर फिर भी वे 52 साल की उम्र में अमेरिका के सोलहवें राष्ट्रपति बने.
bhavna singh
13-08-2011, 01:31 PM
सच ही है अगर इंसान चाहे तो अपने जीवन के अधूरेपन को ही अपनी प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत
बना सकता है .
bhavna singh
13-08-2011, 01:31 PM
जो अधूरापन हमें जीवन में कुछ कर गुजरने की प्रेरणा दे , भला वह negative कैसे हो सकता है.
bhavna singh
13-08-2011, 01:32 PM
“ज़रा सोचिये! कि अगर ये थोडा सा अधूरापन हमारे जीवन में न हो तो जीवन कितना अधूरा हो जाये !!!!”
bhavna singh
13-08-2011, 01:48 PM
We are grateful to Mrs.Shikha Mishra for sharing this good quality and thoughtful HINDI article
aawara
13-08-2011, 10:42 PM
क्या गाँव, क्या शहर, होंडा का नाम सबने सुना हैं, पर यह बहुत कम लोगों नें सुना होगा कि कम्पनी के संस्थापक सोइचिरो होंडा ने जब टोयोटा कम्पनी में नौकरी के लिये इंटरव्यू दिया, तो इसमें वे फेल हो गये। उनका जीवन संघर्ष आज के युवाओं के लिए प्रेरक हैं। वे बहुत ही गरीब परिवार से थे। उनके पिता लोहार थे। साइकिल रिपेयर करने की दुकान थी। खुद होंडा को कोई औपचारिक शिक्षा नहीं मिली। वे 16 वर्ष की उम्र में टोक्यो पहुंचे। एक कम्पनी में अप्रेंटिशशिप के लिए आवेदन दिया। उनकी उम्र एक वर्ष कम थी, इसीलिए एक वर्ष तक मालिक के घर में काम करना पड़ा। अप्रेंटिशशिप के बाद नौकरी नहीं मिलने पर उन्हें अपने गाँव वापस लौटना पड़ा। वहाँ उन्होने स्कूटर रिपेयरिंग का कम शुरू किया।
फिर धीरे-धीरे अपना पार्ट्स बनाया व बाद में पूरी मोटरसाइकल बना दी। आज उनकी कम्पनी दुनियाँ की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। 32 देशो में 109 उत्पादन केंद्र हैं। तीन डिपार्टमेंट हैं - टू व्हीलर, फॉर व्हीलर व पावर प्रॉडक्ट का। अब आज के युवा कल्पना करें कि नौकरी न मिलने पर उन्होने आत्मघाती कदम उठाया होता, को क्या आज अच्छी टेक्नालजी के लिए दुनियाँ में पहचान बनाने वाली होंडा मोटरसाइकिले चला पाते। होंडा ने कम्पनी का दर्शन भी शानदार तय किया। कम्पनी की तीन खुशियाँ हैं - उच्च क्वालिटी के उत्पादन की खुशी, उच्च क्वालिटी के प्रॉडक्ट की बिक्री की खुशी व खरीदने की खुशी। कॉलेज में फेल होना, जिन्दगी में फेल होना नहीं है। जिन्दगी आकाश जैसी है, जहां एक रास्ता बंद होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। हजारो दूसरे रास्ते हैं, जहां आप भी अपनी छाप छोड़ सकते है।
Dark Rider
13-08-2011, 10:51 PM
आवारा जी आपने अच्छे प्रेणना दायक विचार रखे शुक्रिया आपका
redraj
14-08-2011, 08:36 AM
भावना जी अति उत्तम प्रोत्सा्हन दयी लेखन था मै भी इस बात से सहमत हु के जब अधुरे ना रगे तो पुरे होने कि कोशिश कैसे करेन्गे बहुत बहुत धन्यवाद
arun kumar gupta
11-11-2011, 11:24 AM
sahi baat hai...
lotus1782
12-11-2011, 02:59 PM
अच्छी जानकारी भरा सूत्र है
बहुत बढ़िया सूत्र है
viv1234
12-11-2011, 10:37 PM
bahut badiya sutra hain pls continue:book:
अच्छी जानकारी भरा सूत्र है
बहुत बढ़िया सूत्र है
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