View Full Version : वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!....*राहुल संक्रत्यायन *
Akash78
10-09-2011, 11:31 AM
नमस्कार मित्रों ! यहाँ वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!*राहुल संक्रत्यायन *
इस पुस्तक से प्रस्तुत की जावेगी ! पुस्तक के पृष्ट ......मूलतः प्रस्तुत किये जावेंगे !पुस्तक को स्वयं इस्केन करना है ! अतः थोड़े धैर्य एवं समय की आवश्यकता होगी !
Akash78
10-09-2011, 05:29 PM
नमस्कार मित्रों ! यहाँ वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!*राहुल संक्रत्यायन * * kedarnath pande *
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आरंभिक जीवन
चित्र:Rahul S.jpg
राहुल सांकृत्यायन
राहुल सांकृत्यायन का जन्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पंदहा गाँव में ९ अप्रैल १८९३ को हुआ था। उनके बाल्यकाल का नाम केदारनाथ पाण्डेय था। उनके पिता गोवर्धन पाण्डेय एक धार्मिक विचारों वाले किसान थे। उनकी माता कुलवंती अपने माता-पिता की अकेली पुत्री थीं। दीप चंद पाठक कुलवंती के छोटे भाई थे। वह अपने माता-पिता के साथ रहती थीं। बचपन में ही इनकी माता का देहांत हो जाने के कारण इनका पालन-पोषण इनके नाना श्री राम शरण पाठक और नानी ने किया था। १८९८ में इन्हे प्राथमिक शिक्षा के लिए गाँव के ही एक मदरसे में भेजा गया। राहुल जी का विवाह बचपन में कर दिया गया। यह विवाह राहुल जी के जीवन की एक संक्रान्तिक घटना थी। जिसकी प्रतिक्रिया में राहुल जी ने किशोरावस्था में ही घर छोड़ दिया। घर से भाग कर ये एक मठ में साधु हो गए। लेकिन अपनी यायावरी स्वभाव के कारण ये वहा भी टिक नही पाये। चौदह वर्ष की अवस्था में ये कलकत्ता भाग आए। इनके मन में ज्ञान प्राप्त करने के लिए गहरा असंतोष था। इसीलिए यहाँ से वहा तक सारे भारत का भ्रमण करते रहे।
राहुल जी का समग्र जीवन ही रचनाधर्मिता की यात्रा थी। जहाँ भी वे गए वहाँ की भाषा व बोलियों को सीखा और इस तरह वहाँ के लोगों में घुलमिल कर वहाँ की संस्कृति, समाज व साहित्य का गूढ़ अध्ययन किया। राहुल सांकृत्यायन उस दौर की उपज थे जब ब्रिटिश शासन के अन्तर्गत भारतीय समाज, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और राजनीति सभी संक्रमणकालीन दौर से गुजर रहे थे। वह दौर समाज सुधारकों का था एवं काग्रेस अभी शैशवावस्था में थी। इन सब से राहुल अप्रभावित न रह सके एवं अपनी जिज्ञासु व घुमक्कड़ प्रवृत्ति के चलते घर-बार त्याग कर साधु वेषधारी सन्यासी से लेकर वेदान्ती, आर्यसमाजी व किसान नेता एवं बौद्ध भिक्षु से लेकर साम्यवादी चिन्तक तक का लम्बा सफर तय किया। सन् १९३० में श्रीलंका जाकर वे बौद्ध धर्म में दीक्षित हो गये एवं तभी से वे ‘रामोदर साधु’ से ‘राहुल’ हो गये और सांकृत्य गोत्र के कारण सांकृत्यायन कहलाये। उनकी अद्भुत तर्कशक्ति और अनुपम ज्ञान भण्डार को देखकर काशी के पंडितों ने उन्हें महापंडित की उपाधि दी एवं इस प्रकार वे केदारनाथ पाण्डे से महापंडित राहुल सांकृत्यायन हो गये। सन् १९३७ में रूस के लेनिनग्राद में एक स्कूल में उन्होंने संस्कृत अध्यापक की नौकरी कर ली और उसी दौरान ऐलेना नामक महिला से दूसरी शादी कर ली, जिससे उन्हें इगोर राहुलोविच नामक पुत्र-रत्न प्राप्त हुआ। छत्तीस भाषाओं के ज्ञाता राहुल ने उपन्यास, निबंध, कहानी, आत्मकथा, संस्मरण व जीवनी आदि विधाओं में साहित्य सृजन किया परन्तु अधिकांश साहित्य हिन्दी में ही रचा। राहुल तथ्यान्वेषी व जिज्ञासु प्रवृत्ति के थे सो उन्होंने हर धर्म के ग्रन्थों का गहन अध्ययन किया। अपनी दक्षिण भारत यात्रा के दौरान संस्कृत-ग्रन्थों, तिब्बत प्रवास के दौरान पालि-ग्रन्थों तो लाहौर यात्रा के दौरान अरबी भाषा सीखकर इस्लामी धर्म-ग्रन्थों का अध्ययन किया। निश्चितत: राहुल सांकृत्यायन की मेधा को साहित्य, अध्यात्म, ज्योतिष, विज्ञान, इतिहास, समाज शास्त्र, राजनीति, भाषा, संस्कृति, धर्म एवं दर्शन के टुकड़ों में बाँटकर नहीं देखा जा सकता वरन् समग्रतः ही देखना उचित है।
Akash78
10-09-2011, 05:32 PM
नमस्कार मित्रों ! यहाँ वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!*राहुल संक्रत्यायन * * kedarnath pande *
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'वोल्गा से गंगा' में राहुल सांकृत्यायन ने ६००० ई. पू. से १९४२ तक मानव समाज के ऐतिहासिक, आर्थिक, राजनैतिक आधारों का २० कहानियों के रूप में पूर्ण चित्रण किया है.
राहुल सांकृत्यायन जिन्हें महापंडित की उपाधि दी जाती है, हिन्दी के एक प्रमुख साहित्यकार (http://www.apnihindi.com/) थे । वे एक प्रतिष्ठित बहुभाषाविद् थे और बीसवीं सदी के पूर्वार्ध में उन्होंने यात्रा वृतांत/यात्रा साहित्य तथा विश्व-दर्शन के क्षेत्र में साहित्यिक योगदान किए । वह हिंदी यात्रा सहित्य के पितामह कहे जाते हैं। बौद्ध धर्म (http://www.apnihindi.com/search/label/%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A 4%BF%E0%A4%95) पर उनका शोध हिन्दी साहित्य में युगान्तरकारी माना जाता है, जिसके लिए उन्होंने तिब्बत से लेकर श्रीलंका तक भ्रमण किया था । इसके अलावा उन्होंने मध्य-एशिया तथा कॉकेशस भ्रमण पर भी यात्रा वृतांत (http://www.apnihindi.com/search/label/%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A 4%BE-%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A 4%A4) लिखे जो साहित्यिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं ।
२१वीं सदी के इस दौर में जब संचार-क्रान्ति के साधनों ने समग्र विश्व को एक ‘ग्लोबल विलेज’ में परिवर्तित कर दिया हो एवं इण्टरनेट द्वारा ज्ञान का समूचा संसार क्षण भर में एक क्लिक पर सामने उपलब्ध हो, ऐसे में यह अनुमान लगाना कि कोई व्यक्ति दुर्लभ ग्रन्थों की खोज में हजारों मील दूर पहाड़ों व नदियों के बीच भटकने के बाद, उन ग्रन्थों को खच्चरों पर लादकर अपने देश में लाए, रोमांचक लगता है। पर ऐसे ही थे भारतीय मनीषा के अग्रणी विचारक, साम्यवादी चिन्तक, सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत, सार्वदेशिक दृष्टि एवं घुमक्कड़ी प्रवृत्ति के महान् पुरूष राहुल सांकृत्यायन।
राहुल सांकृत्यायन के जीवन का मूलमंत्र ही घुमक्कड़ी यानी गतिशीलता रही है। घुमक्कड़ी उनके लिए वृत्ति नहीं वरन् धर्म था। आधुनिक हिन्दी साहित्य में राहुल सांकृत्यायन एक यात्राकार, इतिहासविद्, तत्वान्वेषी, युगपरिवर्तनकार साहित्यकार के रूप में जाने जाते है ।
राहुल सांकृत्यायन की इस पुस्तक को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें . (http://www.apnihindi.com/search/label/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2%20%E 0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4% A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8)
http://adf.ly/633927/http://www.megaupload.com/?d=K7PO0V13
http://adf.ly/633927/http://www.multiupload.com/BIXNBEPZCI
फाइल का आकार: 14 Mb
Akash78
10-09-2011, 05:36 PM
नमस्कार मित्रों ! यहाँ वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!*राहुल संक्रत्यायन * * kedarnath pande *
208720
Akash78
10-09-2011, 05:43 PM
नमस्कार मित्रों ! यहाँ वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!*राहुल संक्रत्यायन * * kedarnath pande *
208723
Akash78
10-09-2011, 05:50 PM
मित्रो ! कुल २० कहानिया है ! कोशिश की जाएगी की आप सभी कहानियों का लुत्फ़ उठा सके !!
208725
Akash78
10-09-2011, 06:02 PM
अतिथि सदस्यों से निवेदन है ..की कहानी पड़ने हेतु वे फोरम में कृपया अपना रजिस्ट्रेशन कर ले !
यह आज से ३६१ पीडी पहले की कथा है ! उस वक़्त हिंद , इरान और यूरोप की सारी जातीया एक कबीले के रूप में थी ! मानवता का प्रारंभिक काल था !
अतिथि सदस्यों से निवेदन है ..की कहानी पड़ने हेतु वे फोरम में कृपया अपना रजिस्ट्रेशन कर ले !
निशा !!
208728208730
dev b
10-09-2011, 06:33 PM
शानदार सूत्र है मित्र ...वाह वाह वाह
Akash78
10-09-2011, 06:51 PM
शानदार सूत्र है मित्र ...वाह वाह वाह
सूत्र भ्रमण के लिए धन्यवाद मित्र !
Akash78
10-09-2011, 06:52 PM
शानदार सूत्र है मित्र ...वाह वाह वाह
सूत्र भ्रमण के लिए धन्यवाद मित्र !
Akash78
10-09-2011, 06:56 PM
अतिथि सदस्यों से निवेदन है ..की कहानी पड़ने हेतु वे फोरम में कृपया अपना रजिस्ट्रेशन कर ले !
निशा !!
208742208749
Teach Guru
10-09-2011, 07:04 PM
बहुत बढिया जानकारी वर्धक सूत्र , लगे रहो मित्र ......
Akash78
10-09-2011, 07:11 PM
बहुत बढिया जानकारी वर्धक सूत्र , लगे रहो मित्र ......
सूत्र भ्रमण के लिए धन्यवाद मित्र !
पाठको से निवेदन है कृपया पेज नम्बर के अनुसार पड़ें !
राहुल सांकृत्यायन
चित्र:Rahulbaba.JPG
महापंडित राहुल सांकृत्यायन
उपनाम: केदारनाथ पाण्डेय
जन्म: ९ अप्रैल, १८९३
ग्राम पंदहा, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत
मृत्यु: १४ अप्रैल, १९६३
दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल, भारत
कार्यक्षेत्र: बहुभाषाविद्, अग्रणी विचारक, साम्यवादी चिन्तक, यात्राकार, इतिहासविद्, तत्वान्वेषी, युगपरिवर्तनकार साहित्यकार
राष्ट्रीयता: भारतीय
भाषा: हिन्दी
काल: आधुनिक काल
विधा: यात्रा वृतांत, कहानियाँ, आत्मकथा, जीवनियाँ
विषय: यात्रा वृतांत
प्रमुख कृति(याँ): वोल्गा से गंगा, मेरी जीवन यात्रा
इनसे प्रभावित: नागार्जुन, गुणाकर मुले (शिष्य), माधव कुमार नेपाल, विद्यानिवास मिश्र, हजारीप्रसाद द्विवेदी
Akash78
10-09-2011, 07:20 PM
अतिथि सदस्यों से निवेदन है ..की कहानी पड़ने हेतु वे फोरम में कृपया अपना रजिस्ट्रेशन कर ले !
निशा !!
208765
पड़ने के लिए संलग्न 208765 पर क्लिक करे !
Akash78
10-09-2011, 07:35 PM
निशा !!
208795
Akash78
10-09-2011, 07:46 PM
वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!.
.निशा !!
208783
Akash78
10-09-2011, 07:47 PM
वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!.
.निशा !!
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Akash78
11-09-2011, 03:21 PM
.निशा !!
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Akash78
11-09-2011, 03:28 PM
वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!..*राहुल सांक्रत्यायन *
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Akash78
11-09-2011, 03:46 PM
वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!..*राहुल सांक्रत्यायन *
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Akash78
11-09-2011, 03:49 PM
वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!..*राहुल सांक्रत्यायन *
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Akash78
11-09-2011, 03:52 PM
वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!..*राहुल सांक्रत्यायन *
209255
Akash78
11-09-2011, 03:56 PM
वोल्गा से गंगा ! .की कहानिया !!..*राहुल सांक्रत्यायन *
209261
Akash78
11-09-2011, 04:06 PM
मित्रो ! इसी के साथ ''वोल्गा से गंगा '' की यह प्रथम कहानी समाप्त होती है ! कहानी कैसी लगी आपकी प्रतिक्रियाओ का इन्तेजार है !
शीघ्र ही दूसरी कहानी ''दिवा '' {३५०० इसवी पूर्व } ..अलगी कड़ी में प्रस्तुत की जावेगी !
Akash78
15-09-2011, 01:33 PM
वोल्गा से गंगा' में राहुल सांकृत्यायन ने ६००० ई. पू. से १९४२ तक मानव समाज के ऐतिहासिक, आर्थिक, राजनैतिक आधारों का २० कहानियों के रूप में पूर्ण चित्रण किया है.
राहुल सांकृत्यायन जिन्हें महापंडित की उपाधि दी जाती है, हिन्दी के एक प्रमुख साहित्यकार थे । वे एक प्रतिष्ठित बहुभाषाविद् थे और बीसवीं सदी के पूर्वार्ध में उन्होंने यात्रा वृतांत/यात्रा साहित्य तथा विश्व-दर्शन के क्षेत्र में साहित्यिक योगदान किए । वह हिंदी यात्रा सहित्य के पितामह कहे जाते हैं। बौद्ध धर्म पर उनका शोध हिन्दी साहित्य में युगान्तरकारी माना जाता है, जिसके लिए उन्होंने तिब्बत से लेकर श्रीलंका तक भ्रमण किया था । इसके अलावा उन्होंने मध्य-एशिया तथा कॉकेशस भ्रमण पर भी यात्रा वृतांत लिखे जो साहित्यिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं ।
२१वीं सदी के इस दौर में जब संचार-क्रान्ति के साधनों ने समग्र विश्व को एक ‘ग्लोबल विलेज’ में परिवर्तित कर दिया हो एवं इण्टरनेट द्वारा ज्ञान का समूचा संसार क्षण भर में एक क्लिक पर सामने उपलब्ध हो, ऐसे में यह अनुमान लगाना कि कोई व्यक्ति दुर्लभ ग्रन्थों की खोज में हजारों मील दूर पहाड़ों व नदियों के बीच भटकने के बाद, उन ग्रन्थों को खच्चरों पर लादकर अपने देश में लाए, रोमांचक लगता है। पर ऐसे ही थे भारतीय मनीषा के अग्रणी विचारक, साम्यवादी चिन्तक, सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत, सार्वदेशिक दृष्टि एवं घुमक्कड़ी प्रवृत्ति के महान् पुरूष राहुल सांकृत्यायन।
राहुल सांकृत्यायन के जीवन का मूलमंत्र ही घुमक्कड़ी यानी गतिशीलता रही है। घुमक्कड़ी उनके लिए वृत्ति नहीं वरन् धर्म था। आधुनिक हिन्दी साहित्य में राहुल सांकृत्यायन एक यात्राकार, इतिहासविद्, तत्वान्वेषी, युगपरिवर्तनकार साहित्यकार के रूप में जाने जाते है ।
राहुल सांकृत्यायन की यह पुस्तक डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें .
http://adf.ly/633927/http://www.multiupload.com/BIXNBEPZCI
http://www.apnihindi.com/2011/09/blog-post_2052.html
फाइल का आकार: 14 Mb
Akash78
15-09-2011, 01:58 PM
नमस्कार मित्रों ! यह पुस्तक अब नेट पर उपलब्ध है जो पाठक इसे पढ़ना चाहे .लिंक दे दि गई है ....नियामकों से निवेदन है की इस सूत्र को बंद कर दिया जावे !..सूत्र भ्रमण के लिए सभी मित्रों का एक बार फिर शुक्रिया !
धन्यवाद !!
आकाश 78
15.09.2011
Akash78
15-09-2011, 02:02 PM
राहुल सांकृत्यायन की इस पुस्तक को डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें . (http://www.apnihindi.com/search/label/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%B2%20%E 0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%83%E0%A4% A4%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%A8)
आकाश 78
Bye to all my dear Friends .
Teach Guru
17-09-2011, 07:11 AM
ज्ञानवर्धक सूत्र, लगे रहो मित्र |
GForce
12-10-2011, 10:11 PM
वामपंथी संत कहे जाने वाले यायावर दार्शनिक की इस अतुलनीय कृति की प्रस्तुति के लिए मैं आपका अन्तःस्थल से आभारी हूं, बन्धु ! आपके लिए अनंत मंगल-कामनाएं !
Akash78
13-10-2011, 08:02 PM
वामपंथी संत कहे जाने वाले यायावर दार्शनिक की इस अतुलनीय कृति की प्रस्तुति के लिए मैं आपका अन्तःस्थल से आभारी हूं, बन्धु ! आपके लिए अनंत मंगल-कामनाएं !
धन्यवाद बंधु ! यह पुस्तक अब नेट पर उपलब्ध है अतः आगे की कहानियाँ प्रस्तुत नहीं की जा रही है ........जो पाठक इसे पढ़ना चाहे .लिंक दे दि गई है ....नियामकों से निवेदन है की इस सूत्र को बंद कर दिया जावे !..सूत्र भ्रमण के लिए सभी मित्रों का एक बार फिर शुक्रिया !
धन्यवाद !!
आकाश 78
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