View Full Version : सपनों का सच !!!!
Mr.alone
18-11-2011, 05:03 PM
हर इंसान स्वप्न देखता है। कुछ हमें याद रहते हैं और कुछ भूल जाते हैं। यदि आप अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं, किसी कार्य को कुद्गालता से कर सकते हैं तो आप स्वप्न देखते हैं। सपने हमारे मानसिक संतुलन को बनाये रखने में सहायता करते हैं। यदि हम स्वप्न न देखें तो हमारा मस्तिष्क इतने विचारों से भर जाएगा की हम सोचने समझने की शक्ति खो देंगे। स्वप्नों को समझने के लिए हमें अपने चित्त को समझना होगा। मद्गाहूर मनोचिकित्सक, कार्ल गुस्ताव जंग, ने चित्त को तीन भागों में बांटा है सचेत वैयक्तिक अचेत मन और सामूहिक अचेत मन। सोचने, समझने, महसूस करने का कार्य सचेत मन से करते हैं। किन्तु हमारे कई अव्यक्त विचार व भावनाएं, जीवन के अनुभव, भय आदि अचेत मन में रहते हैं जो जाने अनजाने हमारे व्यक्तित्व को निर्धारित करते हैं।
Raman46
18-11-2011, 05:07 PM
हर इंसान स्वप्न देखता है। कुछ हमें याद रहते हैं और कुछ भूल जाते हैं। यदि आप अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं, किसी कार्य को कुद्गालता से कर सकते हैं तो आप स्वप्न देखते हैं। सपने हमारे मानसिक संतुलन को बनाये रखने में सहायता करते हैं। यदि हम स्वप्न न देखें तो हमारा मस्तिष्क इतने विचारों से भर जाएगा की हम सोचने समझने की शक्ति खो देंगे। स्वप्नों को समझने के लिए हमें अपने चित्त को समझना होगा। मद्गाहूर मनोचिकित्सक, कार्ल गुस्ताव जंग, ने चित्त को तीन भागों में बांटा है सचेत वैयक्तिक अचेत मन और सामूहिक अचेत मन। सोचने, समझने, महसूस करने का कार्य सचेत मन से करते हैं। किन्तु हमारे कई अव्यक्त विचार व भावनाएं, जीवन के अनुभव, भय आदि अचेत मन में रहते हैं जो जाने अनजाने हमारे व्यक्तित्व को निर्धारित करते हैं।
मित्र हमसफ़र जी बहुत ही सुन्दर विषय को चुना है आप ने / आशा है इसे जारी रखेंगे / धन्यवाद
Mr.alone
18-11-2011, 05:10 PM
मनोचिकित्सक फ्रायड का ऐसा मानना है कि हमारे स्वप्न अचेत मन के विचारों को व्यक्त करते हैं। लेकिन स्वप्न इसके अतिरिक्त और भी कई उद्देद्गयों के लिए उपयोग किये जा सकते हैं। हमें हमारे जीवन के कई प्रद्गनों का उत्तर इनमें मिल सकता है। स्वप्न संकेतों की भाषा बोलते हैं जिसे समझने के लिए हमें उन संकेतों को समझना पड़ता है। इन्हें समझने का सबसे अच्छा तरीका है स्वप्न को लिखना। आप जिस प्रद्गन का उत्तर चाहते हैं या जीवन की किसी स्थिति को समझना चाहते हैं तो रात को सोने से पहले अपने प्रद्गन को मन में या बोलकर स्पष्ट कीजिये। आपने जो स्वप्न देखा उसे उठते ही सबसे पहले संक्षेप में लिखिए। फिर बारीकियां जो आपको याद हों वह लिखिए। यदि आपको स्वप्न याद न रहते हों, तो सोने से पहले यह भी बोलिए कि आपको स्वप्न याद रहें। हमारा मस्तिष्क बहुत ही विचित्र यंत्र है। हम जैसा सोचते हैं वह वैसे ही काम करने लगता है। यही आधार है रेकी जैसी कई चिकित्सा पद्धतियों का। स्वप्न लिखने से हमें उसकी बहुत सी बारीकियों का पता चलेगा जो शायद केवल मनन करने से न पता चले। जरूरी नहीं कि हमें एक ही बार में पूर्ण उत्तर मिल जाये।
Mr.alone
18-11-2011, 05:15 PM
ऐसा भी होता है कि कई स्वप्न एक ही जवाब के अलग-अलग हिस्से हों। स्वप्नों की सांकेतिक भाषा को समझने के लिए हमें निष्पक्षता से उन संकेतों और अपने विचारों को समझना होगा। आजकल स्वप्न विद्गलेषण विद्गोषज्ञ हमारी सहायता भी कर सकते हैं। क्योंकि वे एक निष्पक्ष विद्गलेषण कर सकते हैं व कई संकेतों को समझने की क्षमता रखते हैं। आजकल स्वप्न समझने के कई स्रोत हैं। किन्तु सामान्यतः यह संकेत बहुत ही व्यक्तिगत होते हैं और हर स्थिति में अलग अर्थ भी हो सकता है। जैसे नौजवान के लिए गाड़ी आजादी का सूचक हो सकती है, लेकिन यदि किसी की गाड़ी से कोई दुर्घटना हो चुकी हो, उसके लिए गाड़ी एक भयानक याद भी हो सकती है। इसलिए हमारे स्वप्नों को समझने के लिए हमसे बेहतर कोई नहीं। कुछ स्वप्न बहुत सरल होते हैं जो आसानी से समझ आ जाते हैं। किन्तु कुछ जटिल भी होते हैं।
Mr.alone
18-11-2011, 05:19 PM
मित्र हमसफ़र जी बहुत ही सुन्दर विषय को चुना है आप ने / आशा है इसे जारी रखेंगे / धन्यवाद
दोस्त .. यदि सूत्र पसंद किया जायेगा तो अवश्य जारी रहेगा !
Mr.alone
18-11-2011, 05:42 PM
हमने जो स्वप्न लिखे हैं, उन्हें कुछ दिन बाद पढने पर हमें एक पैटर्न नजर आएगा। उस पैटर्न का विद्गलेषण एक बहुत ही सटीक व पूर्ण उत्तर दे सकता है। उदाहरण के लिये, एक व्यक्ति कुछ समय से बीमार था और उसका इलाज चल रहा था। एक दिन उसने स्वप्न देखा कि एक चिड़िया उसके घर में फंस गई है और बाहर निकलने के लिए पंख फड़फड़ा रही है। लेकिन जैसे ही वह चिड़िया घर से बाहर निकली, नीचे गिर गयी। उस व्यक्ति ने देखा कि वह चिड़िया इतनी कमजोर थी कि वह उड़ नहीं पा रही थी। इस स्वप्न का मतलब था कि वह व्यक्ति अपनी बीमारी से बहुत PARESHAAN हो गया था व बाहर जाना चाहता था। लेकिन वह बहुत कमजोर भी हो गया था। उसे पूर्णतया से ठीक होने के लिए अभी और कुछ दिन चिकित्सा की आवद्गयकता थी ।
Mr.alone
18-11-2011, 05:44 PM
इस प्रकार स्वप्न हमारे मन के प्रद्गनों के उत्तर दे कर हमें कई बार कई कार्यों के प्रति सचेत भी कर सकते हैं। इसलिए अपने स्वप्नों को समझना आना चाहिए और यह एक बहुत ही रोचक कार्य भी है। कौन नहीं चाहता कि उसके पास एक खुद का मार्गदर्द्गान करने का स्रोत हो। सपने देखना और समझना अपने आप को समझने जैसा है। हम जितना अपने आप को समझेंगे, हमारा जीवन उतना ही सरल और सकारात्मक होगा।
Mr.alone
18-11-2011, 05:47 PM
शुभाशुभ स्वप्नों के पुराणोक्त फल जागृतावस्था में देखे, सुने एवं अनुभूत प्रसंगों की पुनरावृत्ति, सुषुप्तावस्था में मनुष्य को किसी न किसी रूप में एवं कभी-कभी बिना किसी तारतम्य के, शुभ और अशुभ स्वप्न के रूप में, दिग्दर्शित होती है, जिससे स्वप्न दृष्टा स्वप्न में ही आह्लादित, भयभीत और विस्मित होता है। वैज्ञानिक, या चिकित्सकीय दृष्टि से मानसिक उद्विग्नता, पाचन विकार, थकान, चिंता एवं आह्लाद के आधिक्य पर भी स्वप्न आधारित होते हैं। बहरहाल, शुभ स्वप्नों से शुभ कार्यों के अधिकाधिक प्रयास से कार्यसिद्धि में संलग्न होने का संकेत मिलता है और अशुभ स्वप्नों में आगामी संभावित दुखद स्थिति के प्रति सचेत रहने की नसीहत लेना विद्वानों द्वारा श्रेयष्कर बताया गया है।
Mr.alone
18-11-2011, 05:50 PM
तदनुसार - लक्षण स्वप्न शुभाशुभ, कह्यो, मत्स्य भगवान। शुभ प्रयासरत, अशुभ से होंहि सचेत सुजान॥ श्री मत्स्य पुराण के 242 वें अध्याय में बताया गया है कि सतयुग में जब भगवान अनंत जगदीश्वर ने मत्स्यावतार लिया था, तो मनु महाराज ने उनसे मनुष्य द्वारा देखे गये शुभाशुभ स्वप्न फल का वृत्तांत बताने का आग्रह किया था। मनु महराज ने, अपनी जिज्ञासा शांत करने हेतु, मत्स्य भगवान से पूछा कि हे भगवान! यात्रा, या अनुष्ठान के पूर्व, या वैसे भी सामान्यतया जो अनेक प्रकार के स्वप्न मनुष्य को समय-समय पर दिखायी देते हैं, उनके शुभाशुभ फल क्या होते हैं, बताने की कृपा करें.
Mr.alone
18-11-2011, 05:53 PM
यथा- स्वप्नाखयानं कथं देव गमने प्रत्युपस्थिते। दृश्यंते विविधाकाराः कशं तेषां फलं भवेत्॥ मत्स्य भगवान ने स्वप्नों के फलीभूत होने की अवधि के विषय में बताते हुये कहा :
रात्रि के प्रथम प्रहर में देखे गये स्वप्न का फल एक संवत्सर में अवश्य मिलता है।
दूसरे प्रहर में देखे गये स्वप्न का फल 6 माह में प्राप्त होता है।
तीसरे पहर में देखे गये स्वप्न का फल 3 माह में प्राप्त होता है।
चौथे पहर में जो स्वप्न दिखायी देता है, उसका फल 1 माह में निश्चित ही प्राप्त होता है।
अरुणोदय, अर्थात सूर्योदय की बेला में देखे गये स्वप्न का फल 10 दिन में प्राप्त होता है।
यदि एक ही रात में शुभ स्वप्न और दुःस्वप्न दोनों ही देखे जाएं, तो उनमें बाद वाला स्वप्न ही फलदायी माना जाना चाहिए, अर्थात् बाद वाले स्वप्न फल के आधार पर मार्गदर्शन करना चाहिए। क्योंकि बाद वाला स्वप्न फलीभूत होता है, अतः यदि रात्रि में शुभ स्वप्न दिखायी दे, तो उसके बाद सोना नहीं चाहिए।
Mr.alone
18-11-2011, 05:55 PM
शुभ स्वप्नों के फल बताते हुए श्री मत्स्य भगवान ने मनु महाराज को बताया कि पर्वत, राजप्रासाद, हाथी, घोड़ा, बैल आदि पर आरोहण हितकारी होता है तथा जिन वृक्षों के पुष्प श्वेत, या शुभ हों, उनपर चढ़ना शुभकारी है। नाभि में वृक्ष एवं घास-फूस उगना तथा अपने शरीर में बहुत सी भुजाएं देखना, या अनेक शिर, या मस्तक देखना, फलों को दान करते देखना, उद्भिजों के दर्शन, सुंदर, शुभ अर्थात् श्वेत माला धारण करना, श्वेत वस्त्र पहनना, चंद्रमा, सूर्य और ताराओं को हाथ से पकड़ना, या उनके परिमार्जन का स्वप्न दिखायी देना, इंद्र धनुष को हृदय से लगाना, या उसे ऊपर उठाने का स्वप्न दिखायी देना और पृथ्वी, या समुद्र को निगल लेना एवं शत्रुओं का वध करना, ऐसे स्वप्न देखना सर्वथा शुभ होता है।
Mr.alone
18-11-2011, 05:57 PM
इसके अतिरिक्त भी जो स्वप्न शुभ होते हैं, वे निम्न हैं :
मत्स्य भगवान ने, मनु महाराज से स्वप्नों के शुभ फलों की चर्चा करते हुए, बताया कि स्वप्न में संग्राम, वाद-विवाद में विजय, जुए के खेल में जीतना, कच्चा मांस खाना, मछली खाना, खून दिखाई देना, या रुधिर से नहाते हुए दिखाई देना, सुरापान, रक्तपान, अथवा दुग्धपान, अपनी आंतों से पृथ्वी को बांधते हुए देखना, निर्मल नभ देखना, भैंस, गाय, सिंहनी, हथिनी, या घोड़ी के थन में मुंह लगा कर दूध पीना, देवता, गुरु और ब्राह्मण को प्रसन्न देखना सभी शुभ फलदायी एवं शुभ सूचक होते हैं।
Mr.alone
18-11-2011, 06:05 PM
और भी अधिक शुभ स्वप्नों के फल मनु महाराज को बताते हुए श्री मत्स्य भगवान ने कहा कि राजन ! गौवों के सींग से स्रवित जल, या चंद्रमा से गिरते हुए जल से स्नान का स्वप्न सर्वथा शुभ एवं राज्य की प्राप्ति कराने वाला होता है। राज्यारोहण का स्वप्न, मस्तक कटने का स्वप्न, अपनी मृत्यु, प्रज्ज्वलित अग्नि देखना, घर में लगी आग का स्वप्न देखना, राज्य चिह्नों की प्राप्ति, वीणा वादन, या श्रवण, जल में तैरना, दुरूह स्थानों को पार करना, घर में हस्तिनी, घोड़ी तथा गौ का प्रसव देखना, घोड़े की सवारी करते देखना, स्वयं को रोते देखना आदि स्वप्न शुभ और मंगल शकुन के द्योतक होते हैं। इसके अतिरिक्त सुंदरियों की प्राप्ति तथा उनका आलिंगन, जंजीर में स्वयं को बंधा देखना, शरीर में मल का लेप देखना, जो राजा मौजूद हैं, उन्हें स्वप्न में देखना, मित्रों को स्वप्न में देखना, देवताओं का दर्शन, निर्मल जल देखने के स्वप्न भी सर्वथा शुभकारी होते हैं, जिससे बिना प्रयास के धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है तथा रुग्ण व्यक्ति रोगमुक्त हो जाता है।
Mr.alone
18-11-2011, 06:09 PM
मत्स्य भगवान ने विभिन्न स्वप्नों के अशुभ फलों की ओर इंगित करते हुए मनु महाराज से कहा कि हे राजन! स्वप्न में नाभि के अतिरिक्त, शरीर के अन्य अंगों में घास, फूस, पेड़-पौधे उगे हुए देखना, सिर पर कांसे को कुटता देखना, मुंडन देखना, अपने को नग्न देखना, स्वयं को मैले कपड़े पहने हुए देखना, तेल लगाना, कीचड़ में धंसना, या कीचड़ लिपटा देखना, ऊंचे स्थान से गिरना, झूला झूलना, कीचड़ और लोहा आदि एकत्रित करना, घोड़ों को मारना, लाल फूलों के पेड़ पर चढ़ना, या लाल पुष्पों के पेड़ों का मंडल, सूअर, भालू, गधे और ऊंटों की सवारी करना, पक्षियों का भोजन करना, मछली, तेल और खिचड़ी खाना, नृत्य करना, हंसना, विवाह एवं गाना-बजाना देखना, बीणा के अलावा अन्य वाद्यों को बजाना, जल स्रोत में नहाने जाना, गोबर लगा कर जल स्नान, कीचड़युक्त उथले जल में नहाना, माता के उदर में प्रवेश करना, चिता पर चढ़ना, इंद्र पताका का गिरना, चंद्रमा एवं सूर्य को गिरते देखना, अंतरिक्ष में उल्का पिंडों के उत्पात आदि स्वप्न में देखना सर्वथा अशुभ है।
Mr.alone
18-11-2011, 06:11 PM
री मत्स्य भगवान्, स्वप्नों के अशुभ फलों के विषय में मनु महाराज को बताते हुए पुनः कहते हैं कि देवता! राजा और गुरुजनों को क्रोध करते देखना, स्वप्न में कुमारी कन्याओं का आलिंगन करना, पुरुषों का मैथुन करना, अपने शरीर का नाश, कै-दस्त करते स्वयं को देखना, स्वप्न में दक्षिण दिशा की यात्रा करना, अपने को किसी व्याधि से ग्रस्त देखना, फलों और पुष्पों को नष्ट होते देखना, घरों को गिरते देखना, घरों में लिपाई, पुताई, सफाई होते देखना, पिशाच, मांसाहारी पशुओं, बानर, भालू एवं मनुष्यों के साथ क्रीड़ा करना, शत्रु से पराजित होना, या शत्रु की ओर से प्रस्तुत किसी विपत्ति से ग्रस्त होना, स्वयं को मलिन वस्त्र स्वयं पहने देखना, या वैसे ही वस्त्र पहने स्त्री के साथ क्रीड़ा करना, तेल पीना, या तेल से स्नान करना, लाल पुष्प, या लाल चंदन धारण करने का स्वप्न देखना आदि सब दुःस्वप्न हैं।
Mr.alone
18-11-2011, 06:17 PM
ऐसे दुःस्वप्नों को देखने के बाद तुरंत सो जाने से, या अन्य लोगों को ऐसे दुःस्वप्न बता देने से उनका दुष्प्रभाव कम हो जाता है। दुःस्वप्नों के दुष्प्रभाव के शमन का उपाय बताते हुये मत्स्य भगवान मनु महाराज से कहते है : कलकस्नानं तिलैर्होमो ब्रह्मणानां च पूजनम्। स्तुतिश्च वासुदेवस्य तथातस्यैव पूजनम्॥ नागेंद्रमोक्ष श्रवणं ज्ञेयं दुःस्वप्नाशनम्॥ अर्थात, ऐसे दुःस्वप्न देखने पर कल्क स्नान करना चाहिए, तिल की समिधा से हवन कर के ब्राह्मणों का पूजन, सत्कार करना चाहिए। भगवान वासुदेव की स्तुति (पूजन द्वादश अक्षरमंत्र ' ˙ Om नमो भगवते वासुदेवाय' का जप) करनी चाहिए और गजेंद्र मोक्ष कथा का पाठ, या श्रवण करना चाहिए। इनसे दुःस्वप्नों के दुष्प्रभाव का शमन होता है।
Mr.alone
18-11-2011, 06:21 PM
बहुत बढ़िया सूत्र है लगे रहो .............मित्र
सुक्रिया मित्र ..... शेष फिर.... नमस्कार
Pooja1990 QUEEN
18-11-2011, 08:29 PM
रेपो कबूल करे mitra.......एक और अच्छा सूत्र
Raman46
18-11-2011, 11:40 PM
रेपो कबूल करे mitra.......एक और अच्छा सूत्र
हाई पूजा जी मजा आया न सपनो की दुनिया में / कैसा लगा आप को ये सपना / मुझे तो बड़ा मजा आ रहा है दोस्त
Mr.alone
19-11-2011, 12:06 AM
रेपो कबूल करे mitra.......एक और अच्छा सूत्र
थैंक्स पूजा मेरा बड़ा वाला मिला की नहीं , पहुँचाया तो था !, कैसा लगा ये तो बताओ !
swami ji
19-11-2011, 10:08 AM
थोडा सरल शब्दों में होना चाहिए भाई ,,,
Mr.alone
19-11-2011, 12:10 PM
थोडा सरल शब्दों में होना चाहिए भाई ,,,
नमस्कार मित्र , अब आगे की कारवाही सुरु करते है(मतलब सूत्र को आगे बढ़ाते हें ) .. आपके अनुसार सरल शब्दों मैं... जहाँ समस्या हो अवस्य लिखे. आपका स्वागत है...
swami ji
19-11-2011, 12:23 PM
नमस्कार मित्र , अब आगे की कारवाही सुरु करते है(मतलब सूत्र को आगे बढ़ाते हें ) .. आपके अनुसार सरल शब्दों मैं... जहाँ समस्या हो अवस्य लिखे. आपका स्वागत है...धन्वाद दोस्त ,,,,,
Mr.alone
19-11-2011, 12:27 PM
क्या है स्वप्न का विज्ञान ?
आदि काल से ही मानव मस्तिष्क अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने के प्रयत्नों में सक्रिय है। परंतु जब किसी भी कारण इसकी कुछ अधूरी इच्छाएं पूर्ण नहीं हो पाती (जो कि मस्तिष्क के किसी कोने में जाग्रत अवस्था में रहती है) तो वह स्वप्न का रूप ले लती हैं। आधुनिक विज्ञान में पाश्चात्य विचारक सिगमंड फ्रायड ने इस विषय में कहा है कि ''स्वप्न'' मानव की दबी हुई इच्छाओं का प्रकाशन करते हैं जिनको हमने अपनी जाग्रत अवस्था में कभी-कभी विचारा होता है। अर्थात स्वप्न हमारी वो इच्छाएं हैं जो किसी भी प्रकार के भय से जाग्रत् अवस्था में पूर्ण नहीं हो पाती हैं व स्वप्नों में साकार होकर हमें मानसिक संतुष्टि व तृप्ति देती है।
Mr.alone
19-11-2011, 12:34 PM
सपने या स्वप्न आते क्यों है?
इस प्रश्न का कोई ठोस प्रामाणिक उत्तर आज तक खोजा नहीं जा सका है। प्रायः यह माना जाता है कि स्वप्न या सपने आने का एक कारण 'नींद' भी हो सकता है। विज्ञान मानता है कि नींद का हमारे मस्तिष्क में होने वाले उन परिवर्तनों से संबंध होता है, जो सीखने और याददाश्त बढ़ाने के साथ-साथ मांस पेशियों को भी आराम पहुंचाने में सहायक होते हैं। इस नींद की ही अवस्था में न्यूरॉन (मस्तिष्क की कोशिकाएं) पुनः सक्रिय हो जाती हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार आर ई एम अर्थात् रैपिड आई मुवमेंट कहा जाता है। (जिसमें अधिकतर सपने आते हैं) इसमें शरीर शिथिल परंतु आंखें तेजी से घूमती रहती हैं और मस्तिष्क जाग्रत अवस्था से भी ज्यादा गतिशील होता है। इस आर ई एम की अवधि 10 से 20 मिनट की होती है तथा प्रत्येक व्यक्ति एक रात में चार से छह बार आर ई एम नींद लेता है। यह स्थिति नींद आने के लगभग 1.30 घंटे अर्थात 90 मिनट बाद आती है। इस आधार पर गणना करें तो रात्रि का अंतिम प्रहर आर ई एम का ही समय होता है (यदि व्यक्ति समान्यतः 10 बजे रात सोता है तो ) जिससे सपनों के आने की संभावना बढ़ जाती है।
Mr.alone
19-11-2011, 12:37 PM
सपने बनते कैसे है :
दिन भर विभिन्न स्रोतों से हमारे मस्तिष्क को स्फुरण (सिगनल) मिलते रहते हैं। प्राथमिकता के आधार पर हमारा मस्तिष्क हमसे पहले उधर ध्यान दिलवाता है जिसे करना अति जरूरी होता है, और जिन स्फुरण संदेशों की आवश्यकता तुरंत नहीं होती उन्हें वह अपने में दर्ज कर लेता है। इसके अलावा प्रतिदिन बहुत सी भावनाओं का भी हम पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। जो भावनाएं हम किसी कारण वश दबा लेते हैं (गुस्सा आदि) वह भी हमारे अवचेतन मस्तिष्क में दर्ज हो जाती हैं। रात को जब शरीर आराम कर रहा होता है मस्तिष्क अपना काम कर रहा होता है। (इस दौरान हमें चेतनावस्था में कोई स्कुरण संकेत भावनाएं आदि नहीं मिल रही होती) उस समय मस्तिष्क दिन भर मिले संकेतों को लेकर सक्रिय होता है जिनसे स्वप्न प्रदर्शित होते हैं। यह वह स्वप्न होते हैं जो मस्तिष्क को दिनभर मिले स्फुरण, भावनाओं को दर्शाते हैं जिन्हें दिनमें हमने किसी कारण वश रोक लिया था। जब तक यह प्रदर्शित नहीं हो पाता तब तक बार-बार नजर आता रहता है तथा इन पर नियंत्रण चाहकर भी नहीं किया जा सकता।
Mr.alone
19-11-2011, 12:48 PM
स्वप्न व शकुन से भविष्य में होने वाली घटनाओं का ज्ञान
धन लाभ "
अग्नि हाथ में लेना, आग लगना, कीड़े-मकोड़े देखना, आम का पेड़ देखना, पके हुए आम देखना या खाना, चंदन देखना, अनार फल प्राप्ति, मंदिर पर चढ़ना, दूध पीना, दफन विधि, शौच का जाना या लगना देखना, हाथी दिखना या हाथी पर सवार होना। व्यवसाय, नौकैकैकरी, भाग्योदेदेदय आग जलाते हुए देखना, अन्न दर्शन, अश्व, ऐनक देखना, कीड़े-मकोड़े बदन पर रेंगना, कड़वी चीज खाना, केला खाना या देखना, किसी को रोते हुए देखना, किसी का कत्ल करना, कुत्ते को मौत के घाट उतार देना, नमकीन/नमक खाना, चंदन लेप, गेहुं देखना, गो माता देखना, घोड़ा साज श्रृंगार किया हुआ देखना, घंटा की आवाज, मकान देखना, चंद्रकोट देखना, छाता खोलना, पहाड़ पर चढ़ना या घूमना, नयी तलवार देखना, घी पीना या मिलना, देवता, मूर्ती, धार्मिक कार्य, फुलवारी, फूल का पौधा देखना, भारद्वाज पक्षी देखना, पकोड़े खाना या देखना, प्रेत देखना, खुद रोते हुए देखना, रेस का घोड़ा, राजा, लड्डू खाना, बतक, बैल, युद्ध-लड़ाई में कत्ल होना, श्रीफल नारियल का प्रसाद मिलना देखना, सिगरेट पीना, जननेंद्रिय देखना, आसमान देखना। विवाह/स्त्री प्राप्ति विवाह सौखय खरगोश पर बैठना, तितली देखना, नवयौवना, पान खाना, बर्फ देखना, मछली देखना, लहंगा देखना, शिशु देखना, अंगूठी देखना, नारियल देना, मुर्गी देखना, गुलाबी चीजें देखना, गोल गोल देखना। सत्ती प्रा्राप्ति सौखैखय अंडा खाना, कैद होना, इमली खाना, तरबूज का खेत देखना, रस्सी से बांधना, जंजीर से बांधना, इंद्रिय देखना।
Mr.alone
19-11-2011, 12:56 PM
स्वास्थ्य लाभ - आयु वृद्धि/ रोगेग मुक्ति अर्थी देखना, आंवला खाना, आत्म हत्या करना, ईमली का पेड़ देखना, चोट लगना, ज्वर पीड़ित, गड्ढ़े देखना, तैरते देखना, दवाई पीना, दरिया में नहाना, दाह संस्कार देखना, नाखून काटना, बादाम देखना, सेब देखना, बिस्तर बिछाना, आसमान में उड़ना, बाल सफेद होना, चांद देखना, पांव खाना, रोटी, ब्रेड खाना, टैंक में से पानी पीना या नहाना।
प्रव्रव्रवास - यात्रा किरानी में बैठकर नदी पार करना, पैर देखना, समुद्र, दरिया देखना, स्कूटर चलाना, हरा रंग देखना, कन्या देखना, घड़ी देखना, घाट पर नहाना, धनुष खींचना, पूल देखना, बकरी देखना, स्वयं को भूखा देखना ।
Mr.alone
19-11-2011, 12:59 PM
अशुभ स्वप्न धन हानि, धन नाश, आसमान से गिरना, बाल काटना या गिरना, दांत का गिरना, नदी के पानी को बांध डालना, बाढ़ देखना, सूर्यास्त देखना, जूआ खेलना, जेब कटना, डाकू देखना, पेड़ काटना, झाड़ू लगाना, लाल रंग देखना।
व्यवसाय हानि कबाब खाना, घोडे़ पर से गिरना, नाला बंद देखना, धुआं देखना, प्यासा होना, नाव में बैठना, पत्थर देखना, बिल्ली देखना, बारात देखना, यंत्र देखना, विवाह देखना, आसमान में धन देखना, सूखा जंगल, बाल गिरना, कपास रुई प्राप्ति, अंधेरा, उल्लू देखना, बादल देखना, लोहा देखना।
Mr.alone
19-11-2011, 01:01 PM
पत्नी से कलह, विरह, दुःख कैंची चलना, कोयला देखना, छूरी मारना, टिकट लेना, तलाक होते देखना, घोड़ा गाड़ी देखना, थप्पड़ मारना, बूढ़ी औरत देखना, वर्षा देखना, मिर्च खाना, सेहरा देखना, शिकार करना, अंगूठी बेचना, बरतन मांजना, खून देखना, स्त्री का दूध पीना, चांदी के जेवर देखना।
रोग, मृत्यु, आपत्ति अतिथि देखना, अंधेरा देखना, आलू देखना, ऑपरेशन देखना, उल्लू देखना, कोढ़ी देखना, ग्रहण देखना, गर्भपात, डॉक्टर देखना, तर्पण करते देखना, वर्षगांठ मनाना, सुंदर वस्त्र देखना, शीशा टूटना, जमीन खोदना, फिसल जाना, चंद्रास्त, भोजन करना, सूखा जंगल, आंख में काजल या सुरमा लगाना, तेल की मालिश करना, तारे/ग्रह गिरना, दीप बुझना, शराब पीना, पीपल के पेड़ पर चढ़ना।
Mr.alone
19-11-2011, 01:06 PM
बुरे स्वप्न देखने से मन बेचैन होता है, दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं। उस समय किए जाने वाले कुछ उपाय निम्न हैं : भगवान शंकर के मंदिर में 8 पान के बीड़े रखना और रुद्राभिषेक करना। श्री दुर्गासप्तशती का पाठ करना। रात्रि सूक्त का पुरश्चरण करना वारणास्यों दक्षिणे भागे कुक्करोनाम वै द्विजेः यस्य स्मरण मात्रेण दुःस्वप्न सुस्वप्न भवेत्। एक सफेद कागज पर स्वप्न का पूरा विवरण लिखकर उस कागज को आग लगाना। शकुनुनुन औरैरैर अपशकुनुनुन कोई भी कार्य शुरू करते समय कुछ घटना या संकेत दिखना, सामने आना, आवाज सुनना, गिरना, अप्रिय घटना होना, किसी का आगमन, रास्ता काटना आदि घटना को शकुन और अपशकुन कहते हैं। कार्य सिद्धि के शकुनुनुन दो से ज्यादा ब्राह्मण आना, घोड़ा हाथी आना, लाल रंग का बैल रस्सी से बांधना, सफेद बैल, भेड़, बंदर, हिरण, गाय बछड़ा के साथ, शूद्र, वैश्य, ब्राह्मण, क्षत्रिय, सुहागन कन्या का सामने आना। पक्षी मोर, बोलने वाला, तोता, तीतर, हंस, कोकिला। प्रेत यात्रा रूदन रहित, धोबी धुले हुए वस्त्र लेकर चलता हुआ, औरत पानी भरा कलश लेकर चलती हुई, प्रवासी बस, घोड़ागाड़ी सवार हुए, वेश्या, बारांगना का मिलना, फल, अन्न, दही, दूध, घी, मांस, सुरा, मद्य, गायन, वादन, मंगलवाद्य सुनना।
Mr.alone
19-11-2011, 01:10 PM
अशुभ शकुनु गंजा आदमी, विधवा, हिजड़ा, गर्दभ, बिल्ली, तेली, हजाम, सुनार, मंदिर की पुजारिन मार्ग में मिलना, नंगा ब्राह्मण, सन्यासी मिलना। अशुभ शकुन देखना, 20 कदम पीछे हटना या पीछे मुड़कर दूसरे रास्ते से जाना। भगवान श्रीकृष्ण जब मथुरा की तरफ जा रहे थे उनको शुभ शकुन हुआ और जब पैदा हुए तब कंस को अपशकुन का सामना करना पड़ा। भगवान रामचंद्र को वनवास जाते समय कुछ अपशकुन हुए। जब भरत ननीहाल से अयोध्या की तरफ प्रस्थान कर रहे थे तो उनको अपशकुन का सामना करना पड़ा। जब रावण प्रभू रामचंद्र के साथ युद्ध करने निकले तब मंदोदरी को अपशकुन हुआ जिसके बारे में रामायण में लिखा है। जब दुर्योधन पैदा हुआ तभी अपशकुन हुए। जब कोई कार्य का प्रारंभ करते समय शुभ शकुन हों तो कार्य संपन्न होते हैं। कोयल की आवाज, गाय और बछड़ा दिखाई देना। कुंवारी कन्या का झुंड नज़र आना। अशुभ शकुन- गर्दभ, कुत्ता, उल्लू लोमड़ी की आवाज, हिजड़े और गंजा आदमी, विधवा सामने आना। इन अपशकुनों से कार्य में विघ्न बाधा आती है।
Mr.alone
19-11-2011, 01:11 PM
जब कोई कार्य संपन्न करने जा रहे हों तो भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए। तुलसी पत्ते चबाना, इलायची खाते हुए श्री श्री श्री उच्चारण करना अपशकुन के प्रभाव को रोकता है। इसके अतिरिक्त उल्टे रास्ते चलना फिर मार्गस्थ होना भी एक उपाय बताया गया है। निम्न मंत्र का उच्चारण करना चाहिए- वारणास्यां दक्षिण भागे कुकुशे नाम वै द्विजः। तस्य स्मरण मात्रेन भवेत दुःशकुनं शुभं शकुन भवेत्। जब कोई कार्य संपंपंपन्न करने जा रहे हों तो भगवान विष्णु का स्मरण करना चाहिए। तुलुसी पत्ते चबाना, इलायची खाते हुए श्री श्री श्री उच्चारण करना अपशकुन के प्रभाव को रोकता है।
Mr.alone
19-11-2011, 01:12 PM
दोस्तों आज के लिए काफी है, शेष फिर या समय मिलने के बाद.... तब के लिए नमस्कार
Mr.alone
20-11-2011, 03:51 PM
स्वप्न जो धन दिलाते हैं
1. स्वप्न मे कोई देवता दिखाई दे तो लाभ के साथ-साथ सफलता मिलती है।
Mr.alone
20-11-2011, 03:56 PM
2. स्वप्न में कोई व्यक्ति गौमाता के दर्शन करता है यह अत्यन्त शुभ होता है। उस व्यक्ति को यश, वैभव एवं परिवार वृद्घि का लाभ मिलता
है।
Mr.alone
20-11-2011, 03:57 PM
3. स्वप्न में गाय का दूध दोहना धन प्राप्त का सूचक है।
Mr.alone
20-11-2011, 03:59 PM
4. सफेद घोडे का दिखाई देना-सुन्दर भाग्य के साथ-साथ धन की प्राप्ति कराता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:06 PM
5. स्वप्न में चूहों का दिखाई देना उत्तम भाग्य का प्रतीक माना जाता है जो धन प्रदायक है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:07 PM
6. स्वप्न में नीलकण्ठ या सारस दिखता है उसे राज सम्मान के साथ-साथ धन लाभ भी होता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:08 PM
7. स्वप्न में क्रोंच पक्षी दिखने पर अनायास धन प्राप्त होती है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:09 PM
8. यदि मरी हुई चिडया दिखाई दे तो अनायास ही धन लाभ होता है।
sushilnkt
20-11-2011, 04:09 PM
क्या एक दिन में पेसे वाला बनुगा
मेने सपने में तो ये ही देखा था
जो मागु गा वो मिल जाएगा एक दिन
Mr.alone
20-11-2011, 04:10 PM
9. स्वप्न में तोते को खाता हुआ देखना प्रचूर मात्रा में धनप्राप्त माना जाता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:11 PM
10. स्वप्न में यदि घोंघा दिखाई दे तो व्यक्ति के वेतन में वृद्घि तथा व्यापार में लाभ होता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:14 PM
11. स्वप्न में सफेद चीटियाँ धन लाभ कराती हं।
Mr.alone
20-11-2011, 04:15 PM
12. स्वप्न में काले बिच्छू का दिखना धन दिलवाता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:17 PM
13. स्वप्न में नेवले का दिखाई देना स्वर्णाभूषण की प्राप्त करवाता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:19 PM
14. मधुमक्खी का छत्ता देखना शुभ शकुन है जो धन प्रदायक है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:20 PM
15. सर्प को फन उठाये हुये स्वप्न में देखना धन प्राप्त का सूचक होता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:21 PM
16. सर्प यदि बिल में जाता या आता हुआ दिखाई दे तो यह अनायास धन प्राप्त का सूचक होता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:22 PM
17. स्वप्न में आम का बाग देखना या बाग में घूमना अनायास धन की प्राप्त करवाता है
Raman46
20-11-2011, 04:22 PM
13. स्वप्न में नेवले का दिखाई देना स्वर्णाभूषण की प्राप्त करवाता है।
बहुत ही अच्छी जानकारी उपलब्धय करा रहे हैं सपनो के बारे में हमसफ़र जी भाई /शुक्रिया
Mr.alone
20-11-2011, 04:23 PM
18. स्वप्न में कदम्ब के वृक्ष को देखना बहुत ही शुभ होता है जो व्यक्ति को धन-दौलत निरोगी काया मान सम्मान एवं राजसम्मान की प्राप्त करवाता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:24 PM
बहुत ही अच्छी जानकारी उपलब्धय करा रहे हैं सपनो के बारे में हमसफ़र जी भाई /शुक्रिया
19. यदि हाथ की छोटी अंगुली में अंगूठी पहनें तो अनायास ही धन की प्राप्त।
Mr.alone
20-11-2011, 04:28 PM
20. स्वप्न में कानों में कुण्डल धारण करना शुभ शकुन होता है जो धन प्राप्त कराता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:28 PM
21. स्वप्न में नर्तकी नृत्य करती दिखाई दें तो यह धन प्रदायक है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:30 PM
22. सफेद चूडियां देखना धन आगमन का सूचक है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:31 PM
24. स्वप्न में किसान को देखना धन लाभ कराता है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:32 PM
23. स्वप्न से कुमुद-कुमुदनी को देखना धनदायक होता है।
25. स्वप्न में गौ, हाथी, अश्व, महल, पर्वत और वृक्ष पर चढ़ना भोजन करना तथा रोना धन प्रदायक कहा गया है।
Mr.alone
20-11-2011, 04:40 PM
26. स्वप्न में युद्घ में घायल शरीर दिखाई दें तो धनदायक।
27. हाथी, राजा, वृषभ, धेनु, स्वर्ण अन्न, दीपक, फल, पुष्प, कन्या, छत्र, ध्वज और रथ के दर्शन धन और कीर्ति की प्राप्त करवाते हैं अग्नि, पान मंदिर, श्वेत धान्य, गौ दुग्ध, घी, फल वाले वृक्ष और सर्प धन प्राप्त के सूचक होते हैं।
28. आंवला और कमल धन प्रदायक होते हैं।
Mr.alone
20-11-2011, 04:46 PM
आकाश की ओर उड़ना ...............लम्बी यात्रा हो
सुर्य को देखना ..................किसी महात्मा के दर्शन होना
बादल देखना .....................तरक्की हो
घोड़े पर चढ़ना . ...................व्यापार मे उन्नति होना
शीशा मे मुह देखना ....................स्त्री से प्रेम देखना
उँचे से गिरना ........................हानि हो, कष्ट होना
बाग फुलवारी देखना .....................खुशी प्राप्त हो
बारात देखना .......................रंज हो, स्त्री देखे तो दुख हो
पानी बरसता देखना ....................अनाज मन्दा
सिर के कटे बाल देखना ..................कर्ज से छुटकारा मिले
पखाना देखना ......................धन का लाभ हो
सफेद बाल देखना .....................आयु बढ़े
पहाड़ चढ़ना ........................उन्नति प्राप्त हो
शरीर मे पखाना लगना ...................काफी धन मिले
पखाना खाना ........................पुर्ण धनवान होना, खजाना मिले
पखाना करना .........................धन प्राप्त हो
फूल देखना ..........................प्रेमी मिले
छाती देखना .........................स्त्री वश मे हो
पानी पीना .........................व्यापार मे लाभ होना
पान खाना ..........................सुन्दर स्त्री मिले
पानी मे डुबना ........................अच्छे काम करें
हरी तरकारी देखना ............... ......प्रसन्नता प्राप्त हो
हंसता देखना..........................रंज प्राप्त हो
रोते देखना ..........................प्रसन्नत ा मिले
जहाज देख्नना ........... ..........दूर की यात्रा हो
झण्डा देखना .........................धर्म की वृद्धि हो
जवाहरात देखना .......................आशायें पूर्ण हो
स्त्री प्रसंग ..........................धन की प्राप्ति हो
लड़ाई करना ........................प्रसन्नत प्राप्त हो
जुआ खेलना ........................व्यापार मे लाभ हो
चन्द्रमा देखना.......................प्रत िष्ठा प्राप्त होना
नदी मे तैरता देखना ................... कष्ट दूर हो
badboy123455
20-11-2011, 05:30 PM
ऐसा एक सूत्र शायद बना हे एक बार देख लीजिए मित्रवर
http://antarvasna.com/forum/showthread.php?t=3015
dev b
20-11-2011, 06:18 PM
.....अच्छा सूत्र....repo+++
Chandrshekhar
23-11-2011, 11:38 PM
मित्र स्वप्न मैं अपने आप को विदेश मैं घूमते देखना किस बात का इशारा है ...धन्यवाद
Powered by vBulletin® Version 4.1.12 Copyright © 2012 vBulletin Solutions, Inc. All rights reserved.