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मेरा पहला अनुभव

दोस्तों, मैने बचपन से काफी सारी कहानियां पढ़ी हैं और पढ़ने के बाद जो सीखा और सीख कर जो किया वो आज आप लोगों से बताने जा रहा हूं सबसे पहले मेरा नाम प्रेम है अभी मैं ३३ साल का हूं बात तकरीबन १९ साल पहले की है जब मैं मस्त राम की किताबें खूब पढ़ा करता था और मेरा लंड हमेशा चूत के लिये तड़पा करता था लेकिन मैं मुठ मार कर काम चला लिया करता था मेरे घर में मेरी मम्मी पापा के अलावा दो छोटे भाई और एक सबसे छोटी बहन थी

उन्ही दिनो मेरे घर मेरी मौसी आई हुई थी उनकी गोद में एक साल का एक लड़का था मैं और मेरे भाई बहन सब एक साथ ही सोते थे कारण हमारे घर में केवल दो रूम थै इस लिये मौसी जी भी हम लोगों के साथ सोने लगी रात को मौसी जी जब अपने बच्चे को दूध पिलाती और दूध पिलाने के बाद नींद में अपनी चूची खुली छोड़ देतीं तब रात को मैं आहिस्ते २ उनकी चूची दबाता और मुठ मार लेता मैं नहीं जानता उनको पता चला कि नहीं लेकिन वो मेरे घर २ महीने रहीं और इस बीच मेरा ये रोज का काम रहा।

मेरे लंड का भाग्य जागा करीब एक साल बाद जब मेरे मामा जी मुझे लेने आये। उनका नेपाल में कैन्टीन था और मेरे मामा जी बिल्कुल अंगूठा छाप थे मेरे पापा ने मामा जी के साथ मुझे भेज दिया और मैं वहां कैन्टीन चलाने लगा एक सप्ताह बाद मेरी मामी जी मुझे फिल्म दिखाने ले गई मेरी मामी जी वैसे तो काली थी लेकिन कटिंग बढ़ियां था छरहरा पतला बदन देखने से बिल्कुल नही लगती थी कि ५ बच्चों की मां हैं उनकी ३ लड़की और २ लड़के थे बड़ी लड़की तो चुदवाने लायक हो गई थी खेर मामी के साथ मैं फिल्म देखने लगे और देखते हुए मेरी कोहनी न जाने कैसे मामी जी की चूची से सट गयी मुझे जब एहसास हुआ तो मैं आहिस्ते आहिस्ते कोहनी को उनकी चूची पर रगड़ने लगा लेकिन मामी जी कुछ नहीं बोली फिर मैने साहस करके अपना बाजु खुजाने के बहाने उनकी चूची छूने लगा जब फिर भी कुछ नहीं बोली तो मैने उनकी एक चूची पकड़ ही ली और उसे दबाने लगा।

प्रकाशित: मंगलवार 16 अगस्त 2011 11:52 pm

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